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  • पश्चिम एशिया संकट के बीच LPG-PNG और पेट्रोलियम उत्पादों की समीक्षा, PM मोदी ने ली CCS की बैठक

    पश्चिम एशिया संकट के बीच LPG-PNG और पेट्रोलियम उत्पादों की समीक्षा, PM मोदी ने ली CCS की बैठक


    नई दिल्ली।
    ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-US War) के बीच बुधवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) (Cabinet Committee on Security – CCS) की बैठक हुई। इस बैठक में एलपीजी, पीएनजी, पेट्रोलियम उत्पादों पर जानकारी दी गई। पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई यह दूसरी ऐसी बैठक थी, जिसमें ईरान युद्ध के बीच देश में उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई।

    पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में अपडेट दिया गया। LPG की खरीद के लिए स्रोतों में विविधता लाई जा रही है, जिसके तहत विभिन्न देशों से नई आपूर्ति शुरू की गई है।

    पीएमओ के बयान के अनुसार, बैठक में बताया गया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों का विस्तार करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। गर्मियों के चरम महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए गए हैं। जैसे कि 7-8 GW क्षमता वाले गैस-आधारित बिजली संयंत्रों को ‘गैस पूलिंग मैकेनिज्म’ से छूट देना, और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयला पहुंचाने के लिए ‘रेक’ (मालगाड़ियों) की संख्या बढ़ाना आदि। यह भी बताया गया कि लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) भी विभिन्न देशों से मंगाई जा रही है। सचिव ने आगे बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, और इसकी जमाखोरी तथा कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए ‘एंटी-डायवर्जन’ (गलत इस्तेमाल रोकने वाले) उपायों को नियमित रूप से लागू किया जा रहा है।


    ‘छापेमारी और सख्त कार्रवाई करके रोकें कालाबाजारी’

    इसके अलावा, बैठक में कृषि, नागरिक उड्डयन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा की गई। उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे कि मांग को पूरा करने के लिए यूरिया का उत्पादन बनाए रखना, और डीएपी उर्वरकों की आपूर्ति के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करना। राज्य सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे निगरानी, ​​छापेमारी और सख्त कार्रवाई के माध्यम से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और गलत इस्तेमाल पर अंकुश लगाएं।


    बुनियादी जरूरतों की उपलब्धता का लिया जायजा

    प्रधानमंत्री मोदी ने आम आदमी की बुनियादी जरूरतों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ तथा रबी मौसमों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने गलत सूचना और अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही जानकारी का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करें।


    पिछली बैठक में क्या हुआ था

    एक हफ्ते पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए सीसीएस की एक बैठक की अध्यक्षता की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा राहत उपायों पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दी थी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली,निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और सभी प्रभावित क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में इसके अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई थी।

  • PM मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री से की बात… ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर पर जोर

    PM मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री से की बात… ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर पर जोर


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को नीदरलैंड (Netherlands) के अपने समकक्ष रॉब जेटेन (PM Rob Jetten) से फोन पर बात की, जिसमें सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, व्यापार और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता को शीघ्र बहाल किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा कि उन्होंने और जेटेन ने भारत-नीदरलैंड संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमने सेमीकंडक्टर, वृहद जल परियोजनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन समेत विभिन्न क्षेत्रों में हमारी साझेदारी की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। मोदी ने कहा कि हमने पश्चिम एशिया के हालात पर भी विचार-विमर्श किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता शीघ्र बहाल किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    वहीं, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत के साथ हमारे संबंध और भी मजबूत हो रहे हैं। इस साल की शुरुआत में यूरोपीय संघ और भारत ने एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, तथा नीदरलैंड और भारत रक्षा, जल प्रबंधन, नवाचार और व्यापार सहित एक रणनीतिक साझेदारी विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखते हुए, अब हमारे सहयोग को मजबूत करने का समय है।

    जेटेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मैंने आज फोन पर बातचीत में इस विषय पर चर्चा की। मैं जल्द ही नीदरलैंड में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं, ताकि हम इन मुद्दों पर आगे और चर्चा कर सकें। जनवरी में प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय संघ के नेतृत्व के बीच हुई शिखर वार्ता के बाद भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिया।

  • केरल विधानसभा चुनाव 2026: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे रोड शो और रैली, राज्य में त्रिकोणीय मुकाबला

    केरल विधानसभा चुनाव 2026: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे रोड शो और रैली, राज्य में त्रिकोणीय मुकाबला


    नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम। केरल में विधानसभा चुनाव प्रचार अपने चरम पर है और राजनीतिक हलकों में चुनावी गतिविधियों का शोर हर तरफ सुनाई दे रहा है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल के पलक्कड़ और त्रिशूर में चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उन्होंने इस मौके पर कहा कि केरल के लोगों के बीच रहने का उन्हें बेसब्री से इंतजार है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि आज शाम वह पलक्कड़ में एक रैली को संबोधित करेंगे और उसके बाद त्रिशूर में रोड शो में हिस्सा लेंगे। मोदी ने कहा कि केरल में आम माहौल एनडीए के पक्ष में है और लोग एलडीएफ और यूडीएफ के कुशासन से नाखुश हैं। यह स्पष्ट संदेश है कि भाजपा इस बार केरल में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

    केरल चुनाव में राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। राज्य भर में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता सक्रिय रूप से रैलियों और चुनावी कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी रविवार को पलक्कड़ जिले की चार विधानसभा सीटों पर चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। यह दिखाता है कि चुनावी माहौल तेज और प्रतिस्पर्धात्मक है।

    इस बार केरल विधानसभा चुनाव में कुल 140 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। वोटिंग 9 अप्रैल 2026 को होगी और मतों की गिनती और परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। केरल विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 23 मई को समाप्त होने वाला है। भारतीय निर्वाचन आयोग की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, इस चुनाव में 2.71 करोड़ मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करने के पात्र हैं।

    राजनीतिक विश्लेषक बता रहे हैं कि इस बार केरल में त्रिकोणीय मुकाबला है, जिसमें माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए आमने-सामने हैं। एलडीएफ सत्ता बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रहा है, यूडीएफ वापसी की कोशिश में है और भाजपा को पहली बार बड़ी सफलता की उम्मीद है।

    पिछले चुनावों की बात करें तो 2021 में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतीं, कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ को 41 सीटें मिलीं और भाजपा को कोई सीट नहीं मिली थी। 2016 में भाजपा ने पहली बार केवल एक सीट जीती थी। इस बार भाजपा की रणनीति और प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भागीदारी एनडीए की स्थिति मजबूत करने के लिए अहम मानी जा रही है।

    चुनावी माहौल हर तरफ उत्साही है। प्रधानमंत्री मोदी की पलक्कड़ और त्रिशूर की रैलियां राज्य में एनडीए के प्रचार अभियान को और गति देंगी। राजनीतिक दल हर क्षेत्र में मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं और जनता के बीच चुनावी मुद्दों पर बहस चल रही है। राज्य में त्रिकोणीय मुकाबले और जनता की बढ़ती भागीदारी के बीच आगामी चुनावों के परिणाम पर सभी की नजर है।

  • पीएम मोदी ने 'मन की बात' में सराहा मछुआरों का महत्व, बंदरगाह और नवाचार से बढ़े आत्मनिर्भर प्रयास

    पीएम मोदी ने 'मन की बात' में सराहा मछुआरों का महत्व, बंदरगाह और नवाचार से बढ़े आत्मनिर्भर प्रयास


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी में देश के मछुआरों के योगदान को सराहा और उन्हें केवल समुद्र के योद्धा नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बताया। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे मछुआरे भाई-बहन हर दिन सुबह होने से पहले समुद्र की लहरों से जूझते हैं और अपने परिवार के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में जुट जाते हैं। उन्होंने बताया कि आज उनके जीवन को आसान बनाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। बंदरगाहों का विकास, मछुआरों के लिए बीमा और तकनीक के उपयोग से उनकी मेहनत का फल अब अधिक सुरक्षित और बेहतर ढंग से मिल रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समुद्र में मछुआरों की गतिविधियों पर मौसम का बड़ा प्रभाव पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए तकनीक का इस्तेमाल करके उन्हें पूरी मदद दी जा रही है। इससे मत्स्य पालन क्षेत्र में न केवल समृद्धि आई है बल्कि नवाचार के नए द्वार भी खुले हैं। समुद्री शैवाल और मछली पालन के क्षेत्र में नए तरीके अपनाकर मछुआरे आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

    पीएम मोदी ने ओडिशा की सुजाता भूयान की कहानी साझा की। सुजाता जी एक गृहणी थीं लेकिन उन्होंने कुछ नया करके अपने परिवार की मदद करना चाहा। उन्होंने हीराकुंड जलाशय में मछली पालन शुरू किया। शुरुआती दिनों में मौसम, मछलियों का खाना और घर की जिम्मेदारियों के संतुलन जैसी कई चुनौतियां थीं, लेकिन उनका हौसला अडिग था। केवल दो-तीन वर्षों में उनका प्रयास फलता-फूलता उद्योग बन गया। उनकी सफलता अब समुदाय की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

    लक्षद्वीप के मिनीकॉय की हाव्वा गुलजार ने भी मछली उद्योग में अपनी अद्भुत संकल्प-शक्ति दिखाई। वह पहले एक फिश प्रोसेसिंग यूनिट चलाती थीं, लेकिन उन्होंने बेहतर प्रबंधन और बिक्री के लिए कोल्ड स्टोरेज यूनिट लगाने का निर्णय लिया। आज इसी योजना से उनका कारोबार और मजबूत हुआ और वे बेहतर प्लानिंग के साथ मछली उद्योग चला पा रही हैं।

    पीएम मोदी ने बेलगावी के शिवलिंग सतप्पा हुद्दार के प्रयास का भी उल्लेख किया। उन्होंने पारंपरिक खेती से अलग तालाब-खेत का निर्माण किया और प्रशिक्षण प्राप्त कर मछलियों की बिक्री से अच्छा लाभ कमाया। वहीं समुद्री शैवाल की खेती करने वाले कई लोग इस क्षेत्र में अच्छा व्यवसाय कर रहे हैं और इससे लाभ कमा रहे हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में इस तरह के कई प्रेरक प्रयास हो रहे हैं। मछुआरों के इन प्रयासों से न केवल उनके जीवन में बदलाव आया है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हुई है। उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र में कार्यरत सभी लोगों की सराहना की और कहा कि उनका योगदान आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

  • पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर… PM मोदी ने बताई वजह

    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर… PM मोदी ने बताई वजह


    नई दिल्ली।
    मिडिल ईस्ट (Middle East) में करीब एक महीने से भीषण संघर्ष जारी है। अमेरिका और इजरायल (America and Israel.) जैसे देश तेहरान पर रोज मिसाइल हमले कर रहे हैं। ईरान भी इसका माकूल जवाब दे रहा है। इस सैन्य संघर्ष का सीधा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर दिखा है, जहां से कच्चे तेल के जहाज गुजरते हैं। भारत भी इसी रूट से खाड़ी देशों से तेल आयात करता है। पहले की तुलना में जहाजों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई है। इसके बावजूद, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) शनिवार को जब उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर रहे थे तब उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आई उथल-पुथल पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि आखिर भारत में ईंधन की कीमतें कैसे स्थिर है।


    एथेनॉल मिश्रण से मिली राहत

    उन्होंने कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल मिश्रण को एक अहम रणनीति बताया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति लागू नहीं होती तो भारत को हर साल अतिरिक्त 4.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल आयात करना पड़ता, जो करीब 700 करोड़ लीटर के बराबर है। उन्होंने किसानों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से इस वैश्विक संकट के समय देश को बड़ी राहत मिली है।


    किसानों की भी बढ़ी आमदनी

    पीएम मोदी ने बताया कि एथेनॉल उत्पादन ने न केवल देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि की है। इस पहल के चलते भारत को लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। जेवर क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना उत्पादक इलाकों के करीब है, जहां से एथेनॉल उत्पादन के लिए कच्चा माल आसानी से उपलब्ध होता है।

    प्रधानमंत्री ने हाल ही में संसद में दिए अपने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने बताया था कि पिछले एक दशक में एथेनॉल ब्लेंडिंग 1-1.5 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है। भारत ने 2025 में ही 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E20) का लक्ष्य हासिल कर लिया, जो निर्धारित समय से पहले की उपलब्धि है।


    विद्युतीकरण से भी लाभ

    उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे के विद्युतीकरण से हर साल लगभग 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हो रही है, जबकि मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से भी ईंधन की खपत कम हुई है। वर्तमान में भारत की एथेनॉल उत्पादन क्षमता लगभग 2,000 करोड़ लीटर है, जिसमें से 1,000 करोड़ लीटर से अधिक पेट्रोल में मिलाया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि ईरान से जुड़े संघर्ष और इजरायल-अमेरिका के साथ जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके बावजूद भारत सरकार ने ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की है ताकि आम जनता पर कीमतों का अतिरिक्त बोझ न पड़े। उन्होंने कहा, “हम भी युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से ईंधन आयात करते हैं। हर देश इस चुनौती से निपटने के लिए कदम उठा रहा है और हम भी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।” आपको बता दें कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में इसका सीधा असर देखने को नहीं मिला है।

    प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय एकता की भी अपील की। उन्होंने कहा कि यह एक वैश्विक संकट है और इससे निपटने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया कि ऐसे संवेदनशील समय में गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचें।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह

    प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह


    नई दिल्ली:जेवर एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश की किस्मत बदलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता उत्साह के साथ मौजूद थे। उद्घाटन के मौके पर लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और एयरपोर्ट के निर्माण को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    बुलंदशहर से आए एक भाजपा कार्यकर्ता ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण आसपास के जिलों में विकास के नए अवसर लेकर आया है। होटल सेक्टर, व्यापारिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। युवाओं और स्थानीय लोगों में उत्साह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में जनता ने कार्यक्रम में हिस्सा लेकर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देने का संकल्प जताया।

    एक अन्य भाजपा समर्थक ने कहा कि पहले तो हम इस क्षेत्र में ऐसे एयरपोर्ट की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल और मार्गदर्शन में जेवर में एयरपोर्ट का निर्माण संभव हुआ। यह क्षेत्रीय विकास के लिए एक अनमोल सौगात है। उन्होंने बताया कि यह न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाएगा।

    स्थानीय नागरिकों ने भी जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन को ऐतिहासिक दिन बताया। उनका मानना है कि एयरपोर्ट के निर्माण से यहां के लोग नए अवसरों का लाभ उठाएंगे। उनकी कमाई में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। एयरपोर्ट के आने से न केवल व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।

    एक युवा कार्यकर्ता ने कहा कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल एक तोहफा है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल नोएडा और गौतम बुद्ध नगर को बल्कि आस-पास के जिलों को भी रोजगार, निवेश और बेहतर जीवन स्तर के अवसर देगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट की शुरूआत से उत्तर प्रदेश का लॉजिस्टिक नेटवर्क मजबूत होगा। यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय व्यापार और हवाई यात्रा के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान देगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, व्यवसाय और निवेश के अवसर बढ़ेंगे, वहीं प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नया मुकाम मिलेगा।

    इस उद्घाटन के मौके पर जनता और कार्यकर्ताओं ने उत्साह और उम्मीद के साथ यह संदेश दिया कि जेवर एयरपोर्ट प्रदेश में विकास, अवसर और ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है।

  • PM मोदी आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक

    PM मोदी आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों (Chief Ministers) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing.) के जरिये आज शाम बातचीत करेंगे। खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष (West Asia crisis) शुरू होने के बाद पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बार बैठक होगी। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग-अलग बैठक करेगा।

    केंद्र सरकार के सूत्रों ने बताया, प्रधानमंत्री शुक्रवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों से जुड़ेंगे और इस दौरान संकट से निपटने में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा भी होगी। इस पहल का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना से प्रेरित होकर सरकार के प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है।

    प्रधानमंत्री मोदी ईरान संघर्ष से उत्पन्न संकट पर लगातार सक्रिय हैं। सोमवार को उन्होंने लोकसभा सांसदों को इस बारे में सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी जबकि मंगलवार को राज्यसभा को इस बारे में संबोधित किया। बुधवार को सर्वदलीय बैठक में उनके वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्ष के सभी दलों के सवालों के जवाब दिए। चूंकि तेल-गैस की आपूर्ति से निपटने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिए इस बारे में अब मोदी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।

    पीएम मोदी लगातार यह कहते रहे हैं कि ईरान संघर्ष से पैदा संकट लंबा खिंच सकता है। उन्होंने यह आशंका भी जताई है कि संकट की स्थिति में कुछ तत्व इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं और इससे निपटने में राज्यों को सख्त कदम उठाने होंगे। लोकसभा में अपने संबोधन में भी उन्होंने इस बात पर जोर दिया था।


    भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार

    इससे पहले सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

  • खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच, पीएम मोदी को धन्यवाद: दिलीप तिर्की

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच, पीएम मोदी को धन्यवाद: दिलीप तिर्की


    नई दिल्ली। ‘छत्तीसगढ़ में बुधवार से ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ (केआईटीजी) का आगाज हो गया है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने केआईटीजी को आदिवासी समुदाय के खिलाड़ियों को प्रेरित करने का एक बेहतरीन मंच बताया है।

    हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “छत्तीसगढ़ में पहली बार खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स का आयोजन हो रहा है, जिसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार का धन्यवाद देना चाहता हूं। इन आदिवासी खिलाड़ियों के पास प्रतिभा है। इनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार मंच है। साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की सेलेक्शन कमेटी यहां आ रही है, जो श्रेष्ठ खिलाड़ियों को सेलेक्ट करेगी। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए धन्यवाद देना चाहूंगा, जो चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा आदिवासी बच्चे खेलों में आगे बढ़ें। ये बच्चे ओलंपिक 2036 में खेलें। इस सोच के साथ खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। इन खेलों से आदिवासी बच्चों में आत्मविश्वास जागेगा।”

    उन्होंने कहा, “स्पोर्ट्स हमारे समाज को बेहतर बनाने में मदद करता है। हमारा यूथ कई बार मुख्यधारा से हट जाता है। कई बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते, वह राह भटक जाते हैं, लेकिन खेल एक ऐसी गतिविधि है, जिसके जरिए उन्हें आगे बढ़ाया जा सकता है। आदिवासी खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटा के तहत नौकरी भी मिली है। स्पोर्ट्स ने आदिवासी बच्चों को आगे बढ़ने में मदद की है।”

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 9 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे। प्रदर्शनी खेलों में मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता में लगभग 3,800 प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। यह आयोजन 3 अप्रैल को समाप्त होगा। ये खेल तीन शहरों- रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित किए जाएंगे।

    मेजबान छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम का इन खेलों में सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व होगा। इनमें से प्रत्येक राज्य के 100 से अधिक एथलीट हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला एथलीट्स का अनुपात लगभग बराबर होगा।

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में कुल 106 गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। सबसे ज्यादा 34 मेडल एथलेटिक्स में होंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), भारोत्तोलन (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। हॉकी और फुटबॉल दो टीम खेल हैं, और ये दोनों ही रायपुर में खेले जाएंगे। एथलेटिक्स इवेंट जगदलपुर में होंगे, जबकि सरगुजा में कुश्ती प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

  • PM मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर श्रीलंका के राष्ट्रपति से की फोन पर बात, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

    PM मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर श्रीलंका के राष्ट्रपति से की फोन पर बात, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा?


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके (Sri Lankan President Anura Kumara Dissanayake) से मंगलवार को फोन पर बातचीत की। इस चर्चा में पश्चिम एशिया (West Asia.) की बदलती स्थिति पर विस्तार से विचार विमर्श हुआ। खासतौर पर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहे असर को लेकर गहरी चिंता जताई गई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। बातचीत के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच ऊर्जा सहयोग से जुड़ी प्रमुख पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई।

    दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने का फैसला किया। क्षेत्रीय सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। यह सहयोग दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जाएगा। भारत और श्रीलंका को निकट और विश्वसनीय साझेदार बताया गया। दोनों नेताओं ने साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।


    एनर्जी सप्लाई पर हुई चर्चा

    वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में हो रही बाधाओं से निपटने के लिए रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। यह साझेदारी दोनों देशों की सुरक्षा और विकास के लिए अहम है। इस चर्चा से भारत-श्रीलंका संबंधों में नई ऊर्जा मिली है। दोनों पक्षों ने भविष्य में भी नियमित संपर्क बनाए रखने और व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया। क्षेत्रीय शांति और प्रगति के लिए यह साझा प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    भारत और श्रीलंका के संबंध बेहद पुराने हैं, जो सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत पर आधारित हैं। श्रीलंकाई गृहयुद्ध और भारतीय शांति सेना (IPKF) के हस्तक्षेप से तनाव बढ़ा, लेकिन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने आर्थिक सहयोग को मजबूत किया। बीते वर्षों में, श्रीलंकाई आर्थिक संकट में भारत ने लगभग 4 अरब डॉलर की सहायता (क्रेडिट लाइन, करेंसी स्वैप, ईंधन और खाद्य सामग्री) देकर पड़ोस प्रथम नीति का सबूत दिया। कोविड महामारी में ऑक्सीजन और वैक्सीन सहायता भी प्रदान की गई। हाल के वर्षों में उच्चस्तरीय यात्राओं, रक्षा समझौते, ऊर्जा कनेक्टिविटी, डिजिटल भुगतान और व्यापार से संबंध नई ऊंचाई पर पहुंचे हैं।

  • UPA सरकार ने नहीं की देश की चिंता… कांग्रेस पर बरसे PM मोदी, मिडिल ईस्ट तनाव पर की खुलकर बात

    UPA सरकार ने नहीं की देश की चिंता… कांग्रेस पर बरसे PM मोदी, मिडिल ईस्ट तनाव पर की खुलकर बात


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को एक निजी न्यूज चैनल के शिखर सम्मेलन में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार (UPA Government) ने देश की चिंता नहीं, बल्कि अपनी सत्ता बचाने की फिक्र में रहकर गलत फैसले लिए। पीएम मोदी ने विशेष रूप से यूपीए काल में जारी किए गए तेल बांडों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए आने वाली पीढ़ियों पर भारी वित्तीय बोझ डाला। वहीं मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने अपने पत्ते खोले और साफ-साफ बताया कि वे किसके साथ हैं।


    कांग्रेस पर जमकर बरसे

    प्रधानमंत्री ने बताया कि 2004 से 2010 के बीच कांग्रेस सरकार ने 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बांड जारी किए थे। उन्होंने कहा कि उस समय पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें संकट में थीं, लेकिन कांग्रेस देश की नहीं, अपनी सत्ता की चिंता कर रही थी। पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हवाले से कहा कि उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि यह फैसला गलत था और इससे आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ पड़ेगा।

    पीएम मोदी ने ‘रिमोट कंट्रोल’ से सरकार चलाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग दूर से सरकार चला रहे थे, उन्होंने सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय लिया, क्योंकि उस समय कोई जवाबदेही नहीं थी। उन्होंने खुलासा किया कि इन बांडों का भुगतान 2020 के बाद शुरू हुआ और ब्याज सहित कुल राशि 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस के इस ‘पाप’ को धोने का काम किया है, जिसकी कीमत कम नहीं रही।


    कई गुटों में बंटी है दुनिया

    वैश्विक परिदृश्य पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया कई गुटों में बंटी हुई है, लेकिन भारत ने मजबूत और व्यापक साझेदारियां बनाई हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष के बावजूद ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं के बीच भारत ने खाड़ी देशों से लेकर वैश्विक पश्चिम और दक्षिण तक सभी के साथ विश्वसनीय साझेदारी कायम की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पूछते हैं कि हम किसके साथ हैं? मेरा जवाब है- हम भारत के साथ हैं। हम भारत के हितों, शांति और संवाद के साथ हैं।

    पीएम मोदी ने आगे कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला लड़खड़ा रही है, लेकिन भारत ने विविधीकरण और लचीलेपन का मॉडल पेश किया है। ऊर्जा, उर्वरक और आवश्यक वस्तुओं के मामले में सरकार ने नागरिकों को न्यूनतम परेशानी देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। कोरोना महामारी के बाद से लगातार चुनौतियां आईं, लेकिन 140 करोड़ भारतीयों के एकजुट प्रयास से देश हर विपदा से पार पा रहा है।

    उन्होंने हाल की 23 दिनों की उथल-पुथल का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध जैसी स्थिति में भी भारत ने अपनी कूटनीति, निर्णय क्षमता और संकट प्रबंधन की ताकत दिखाई है। दुनिया भारत की नीति और रणनीति से आश्चर्यचकित है। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि भारत प्रगति, विकास और विश्वास के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहा है।