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  • PM मोदी अगले माह जाएंगे यूरोप दौरे पर… रास्ते में कुछ समय UAE में रुकेंगे!

    PM मोदी अगले माह जाएंगे यूरोप दौरे पर… रास्ते में कुछ समय UAE में रुकेंगे!


    दुबई।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अगले महीने संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates.- UAE) की एक संक्षिप्त यात्रा कर सकते हैं। अपनी आगामी यूरोप यात्रा (Europe trip) के दौरान पीएम मोदी बीच रास्ते में कुछ समय के लिए यूएई में रुकेंगे, जहां उनकी यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (President Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan.- MBZ) के साथ द्विपक्षीय वार्ता होने की उम्मीद है। वर्तमान में इस यात्रा की रूपरेखा तैयार की जा रही है और अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।


    यूरोप दौरे के बीच यूएई में पड़ाव

    प्रधानमंत्री मोदी 15 से 20 मई तक चार यूरोपीय देशों- नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड और इटली की अहम यात्रा पर रहेंगे। इस दौरे का मुख्य आकर्षण ओस्लो (नॉर्वे) में होने वाला ‘भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ होगा। इस साल की शुरुआत में यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद पीएम मोदी की यह पहली यूरोप यात्रा होगी।


    संकट के बीच निरंतर उच्च-स्तरीय वार्ताएं

    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय दौरों का सिलसिला लगातार जारी है। अगर पीएम मोदी यूएई पहुंचते हैं, तो यह इसी कड़ी का नवीनतम हिस्सा होगा। इससे पहले यूएई के राष्ट्रपति (MBZ) एक दिवसीय यात्रा पर भारत आए थे, जहां उन्होंने पीएम मोदी के साथ वार्ता की।

    मार्च में ईरान युद्ध के बीच, यूएई की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल-हाशिमी ने भारत का दौरा किया। अप्रैल (11-12) में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई का दौरा किया। उन्होंने राष्ट्रपति MBZ से मुलाकात कर पीएम मोदी का एक निजी संदेश उन्हें सौंपा। इसके अलावा, उन्होंने यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की।

    पिछले सप्ताह ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने यूएई जाकर राष्ट्रपति MBZ से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर अहम चर्चा हुई।


    तेजी से बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंध

    पिछले एक दशक में भारत और यूएई के संबंधों में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। दोनों देशों ने आर्थिक, सुरक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी साझेदारी को काफी मजबूत किया है। वर्ष 2021 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ा दिया था। यूएई भारत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है। 2025 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देशों का लक्ष्य 2032 तक इस व्यापार को दोगुना करना है। यूएई ऊर्जा, बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत में सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक बन गया है।


    ऊर्जा क्षेत्र में गहराता सहयोग (एलएनजी और ओपेक)

    ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से दोनों देशों के बीच हाल ही में कई बड़े कदम उठाए गए हैं। जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान 10 साल का तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आपूर्ति समझौता हुआ था। इसके तहत, यूएई 2028 से शुरू होकर अगले 10 वर्षों तक भारत को $3 बिलियन तक की एलएनजी की आपूर्ति करेगा।

    यूएई ने तेल निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) से बाहर निकलने का फैसला किया है। इसके बाद यह उम्मीद की जा रही है कि यूएई अपने तेल उत्पादन में भारी वृद्धि करेगा, जिससे भारत और यूएई के बीच ऊर्जा संबंध और अधिक मजबूत होंगे। संक्षेप में कहें तो, पीएम मोदी की यह संभावित यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश न केवल व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं, बल्कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक-दूसरे के मजबूत रणनीतिक साझेदार भी बने हुए हैं।

  • सिक्किम दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने खेला मैच, आज कई बड़ी परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास

    सिक्किम दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने खेला मैच, आज कई बड़ी परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास

    नई दिल्ली। सिक्किम की स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बेहद ऊर्जावान और अनूठे अवतार में नजर आए। गंगटोक की ठंडी और ताजी सुबह में प्रधानमंत्री ने प्रोटोकॉल से हटकर स्थानीय बच्चों और युवाओं के साथ फुटबॉल के मैदान पर समय बिताया। स्पोर्ट्स जैकेट पहने प्रधानमंत्री ने न केवल गेंद पर अपने हाथ आजमाए, बल्कि युवाओं के साथ मैदान की दौड़ भी लगाई।

    खेल के प्रति प्रधानमंत्री का यह समर्पण और उनका ‘सुपर एनर्जेटिक’ अंदाज़ वहां मौजूद खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया। प्रधानमंत्री ने इस पल को यादगार बताते हुए युवाओं की असीमित ऊर्जा की जमकर सराहना की।

    प्रधानमंत्री का यह दो दिवसीय दौरा केवल खेल और उत्साह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिक्किम के भविष्य की नई इबारत लिखने वाला है। आज के विशेष कार्यक्रम में वे राज्य के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उपहार देंगे। इन योजनाओं का मुख्य केंद्र शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी है।

    गंगटोक के पलजोर स्टेडियम से प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और राज्य के पहले मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ सिक्किम विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का भी लोकार्पण करेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के 160 स्कूलों को आधुनिक आईटी सुविधाओं से लैस कर बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा।

    सिक्किम की दुर्गम भौगोलिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बड़ा निवेश किया जा रहा है। तीस्ता नदी पर दो विशाल स्टील आर्च पुलों का निर्माण शुरू होगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए यात्रा सुगम हो सकेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद और सोवा रिग्पा अस्पतालों की आधारशिला रखी जाएगी।

    इसके अलावा, पर्यटन और पर्यावरण को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आधुनिक ऑर्किड सेंटर और कैलाश मानसरोवर यात्रा की नई सुविधाओं का उद्घाटन भी प्रस्तावित है। कृषि क्षेत्र में किसानों की समृद्धि के लिए नए प्रोसेसिंग प्लांट और खेल प्रतिभाओं के लिए इनडोर क्रिकेट स्टेडियम जैसी सुविधाएं सिक्किम के समग्र विकास को एक नई गति प्रदान करेंगी।

  • पश्चिम बंगाल में गरजे मोदी, घुसपैठियों को दी चेतावनी…… बोले- दूसरे फेज से पहले देश छोड़ दो वरना….

    पश्चिम बंगाल में गरजे मोदी, घुसपैठियों को दी चेतावनी…… बोले- दूसरे फेज से पहले देश छोड़ दो वरना….


    कोलकाता।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दूसरे चरण के मतदान से पहले घुसपैठियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मैं घुसपैठियों को चेतावनी देता हूं कि वे बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले देश को छोड़ दें, वरना परिणाम आने के बाद उन्हें बाहर निकाल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव के पहले चरण में तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) का अहंकार चकनाचूर हो गया, दूसरे चरण में भाजपा की जीत सुनिश्चित होगी।

    पीएम मोदी ने चुनावी रैली में कहा, ”तृणमूल कांग्रेस के शासन में छोटे से छोटा नेता और गुंडे भी खुद को सरकार समझते हैं। भाजपा को वोट दीजिए, मैं आपको तृणमूल कांग्रेस के ‘महा जंगलराज’ से मुक्ति दिलाऊंगा। तृणमूल कांग्रेस की ‘निर्मम सरकार’ बंगाल की महिलाओं पर अत्याचार करने वाले गुंडों के साथ खड़ी है। अब यह कहने का समय आ गया है कि इसे और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”संदेशखलि के पीड़ित एवं आर जी कर अस्पताल की पीड़िता की मां को चुनाव में टिकट देने के फैसले में बंगाल की महिलाओं के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता झलकती है। बंगाल की नई भाजपा सरकार महिलाओं के साथ बलात्कार और उन्हें प्रताड़ित करने वाले बदमाशों को चार मई के बाद न्याय के कठघरे में लाएगी।” वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि मैं मतुआ नामशुद्र समुदाय के सदस्यों के समक्ष यह प्रतिज्ञा करता हूं कि उन्हें सीएए के माध्यम से नागरिकता प्राप्त होगी।

    इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार राज्य सचिवालय से नहीं बल्कि पार्टी द्वारा संरक्षित गुंडों और अपराधियों द्वारा चलाई जा रही है। चुनाव प्रचार समाप्त होने से एक दिन पहले, हुगली जिले के आरामबाग में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार चलाने के लिए टीएमसी की ”असामाजिक तत्वों पर निर्भरता” के कारण अक्सर कलकत्ता उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा है। मोदी ने कहा, ”टीएमसी की ‘निर्मम सरकार’ नबान्न (राज्य सचिवालय) से नहीं चलती। इसे गुंडे और अपराधी चलाते हैं, और सरकार को पटरी पर लाने के लिए उच्च न्यायालय और देश की शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी है।”

    उन्होंने वादा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के कार्यान्वयन को मंजूरी दी जाएगी। ममता बनर्जी प्रशासन की विश्वसनीयता ”पूरी तरह से खत्म” होने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि केवल भाजपा ही ऐसी सरकार बना सकती है जो राज्य के लोगों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करेगी। राज्य के आलू किसानों की ”दुर्दशा” के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि टीएमसी सरकार से जुड़ा ‘सिंडिकेट राज’ उपज को कम दाम पर खरीदकर कहीं और ऊंचे दाम पर बेचता है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासनकाल में राज्य भर में महिलाओं के खिलाफ हिंसक अपराध अपने चरम पर पहुंच गए। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर ”अपराधियों को संरक्षण देने” का आरोप लगाया, जिसके चलते अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

  • बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल

    बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तर 24 परगना जिले (North 24 Parganas district) में रविवार रात को भारी हिंसा भड़क गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। मामले में जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress- TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस संघर्ष में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।

    हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।

    इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी के लोगों ने भाजपा के कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के मुताबिक, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके घर लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ (CISF) जवान के बाएं पैर में गोली लग गई।

    दूसरी ओर, भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता शांति से झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के व्यक्तियों ने उनके कार्यकर्ता बिट्टू के साथ मारपीट की और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।

    प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। जगद्दल और भाटपारा इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है ताकि हिंसा और न बढ़े। पुलिस ने बमबाजी और झड़पों के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।

  • अमेरिका में फायरिंग घटना पर पीएम मोदी का सख्त संदेश, बोले- लोकतंत्र में हिंसा अस्वीकार्य

    अमेरिका में फायरिंग घटना पर पीएम मोदी का सख्त संदेश, बोले- लोकतंत्र में हिंसा अस्वीकार्य

    नई दिल्ली। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में उस समय अचानक तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी की घटना सामने आई। यह घटना एक होटल में आयोजित डिनर कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां देश के शीर्ष नेतृत्व और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था तुरंत सक्रिय हो गई।

    जैसे ही गोली चलने की आवाज सुनाई दी, सुरक्षा बलों ने बिना किसी देरी के कार्रवाई शुरू कर दी और मौजूद सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। कुछ ही समय में स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया और संदिग्ध को भी मौके से पकड़ लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर अकेले ही इस घटना को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था और उसके पास हथियार भी मौजूद थे। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गंभीरता से की जा रही है ताकि इसके पीछे की वजहों का पता लगाया जा सके।

    इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह जानकर राहत मिली कि सभी प्रमुख व्यक्ति सुरक्षित हैं। उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना भी की।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं की एक स्वर में निंदा की जानी चाहिए क्योंकि लोकतंत्र संवाद और विचारों के आदान-प्रदान पर आधारित होता है, न कि भय और हिंसा पर।

    इस घटना पर अन्य देशों के नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और इसे बेहद गंभीर बताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है। सभी ने इस बात पर सहमति जताई है कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा और स्थिरता के लिए चुनौती बन सकती हैं।

    उधर, अमेरिकी नेतृत्व की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी गई है और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई है। बताया गया है कि हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में हैं और जांच एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं।

    फिलहाल इस पूरे मामले में जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे असली उद्देश्य क्या था और इसमें कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में पीएम मोदी का संबोधन, बड़ी भीड़ और स्थानीय उत्साह के बीच चुनावी गतिविधियों में तेजी

    पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में पीएम मोदी का संबोधन, बड़ी भीड़ और स्थानीय उत्साह के बीच चुनावी गतिविधियों में तेजी


    नई दिल्ली। बारुईपुर पश्चिम बंगाल में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दूसरे चरण के तहत एक जनसभा को संबोधित किया। पूरे क्षेत्र में सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियों का वातावरण देखने को मिला और जैसे जैसे समय आगे बढ़ा, सभा स्थल पर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती गई। स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती सुनिश्चित की गई ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई और गर्मी को देखते हुए लोगों के लिए पानी तथा प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं का भी प्रबंध किया गया।

    सभा स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने राजनीतिक माहौल को और अधिक सक्रिय बना दिया। दूरदराज के क्षेत्रों से भी लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि वे इस चुनाव को राज्य के भविष्य से जोड़कर देख रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि विकास की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। भीड़ में मौजूद लोगों ने यह भी बताया कि वे प्रधानमंत्री के विचारों और कार्यशैली से प्रभावित हैं और उन्हें विश्वास है कि उनके नेतृत्व में विकास की गति को मजबूती मिल सकती है।

    कार्यक्रम के दौरान एक भावनात्मक दृश्य भी सामने आया जब एक स्थानीय नागरिक प्रधानमंत्री के लिए बांग्ला भाषा में लिखी गई एक पुस्तक लेकर पहुंचा। उसने बताया कि इस पुस्तक में प्रधानमंत्री के कार्यों और उनसे जुड़ी जन अपेक्षाओं का वर्णन किया गया है। उसका कहना था कि यह एक व्यक्तिगत प्रयास है जिसमें उसने अपने विचार और अनुभव शामिल किए हैं। उसने यह भी उम्मीद जताई कि यह संदेश किसी माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंच सकेगा। इस पहल ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और माहौल में एक अलग तरह की भावनात्मक जुड़ाव की भावना दिखाई दी।

    स्थानीय लोगों के बीच राजनीतिक चर्चाओं का माहौल भी काफी सक्रिय रहा। कई लोगों ने कहा कि राज्य में विकास और स्थिरता की आवश्यकता है और इसके लिए बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था जरूरी है। कुछ नागरिकों का मानना था कि पिछले वर्षों में कई स्तरों पर सुधार की आवश्यकता महसूस हुई है और अब वे एक स्थिर और विकासोन्मुखी शासन की उम्मीद कर रहे हैं। इसके साथ ही लोगों ने यह भी कहा कि चुनावी माहौल अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण दिखाई दे रहा है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।

    सभा में मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि वे नियमित रूप से सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक भाषणों को देखते और सुनते हैं, जिससे उन्हें नीतियों और योजनाओं को समझने में मदद मिलती है। उनके अनुसार इस तरह की जनसभाएं जनता और नेतृत्व के बीच संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

    बारुईपुर की यह जनसभा क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बनी रही और बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने चुनावी माहौल को और अधिक सक्रिय बना दिया।

  • पश्चिम बंगाल चुनाव: पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, विकास और सुशासन पर उठाए सवाल

    पश्चिम बंगाल चुनाव: पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, विकास और सुशासन पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राज्य का राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है, जहां मतदान के साथ-साथ चुनावी सभाओं में नेताओं के तीखे बयान चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। इसी क्रम में कृष्णानगर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने राजनीतिक व्यंग्य, विकास के मुद्दों और जनता के मूड को मिलाकर कई अहम बातें कहीं, जिससे सभा में मौजूद लोगों में उत्साह देखा गया।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उन्होंने हाल ही में झालमुड़ी का स्वाद लिया है, लेकिन उसकी ‘झाल’ यानी तीखापन तृणमूल कांग्रेस को महसूस हो रहा है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया और लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में बदलाव की लहर साफ दिखाई दे रही है और जनता बड़ी संख्या में मतदान कर रही है, जो लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है।

    अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने दावा किया कि पिछले कई वर्षों की तुलना में इस बार चुनावी माहौल अधिक शांतिपूर्ण रहा है और हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और चुनावी व्यवस्था की सराहना की और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और लोग खुलकर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास को लेकर भी कई सवाल उठाए और कहा कि पिछले वर्षों में रोजगार, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वादों के बावजूद औद्योगिक विकास प्रभावित हुआ है और इसका सीधा असर युवाओं और कामकाजी वर्ग पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कई उद्योग और रोजगार के अवसर कमजोर हुए हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ा है।

    अपने संबोधन में उन्होंने विभिन्न वर्गों जैसे किसान, मजदूर, युवा, शिक्षक, दुकानदार और अन्य नागरिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी लोग बेहतर शासन और सुरक्षित वातावरण की उम्मीद में मतदान कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता परिवर्तन के मूड में है और चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिखेंगे।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता हर वर्ग को साथ लेकर विकास करना है और वे ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सुशासन और विकास को लेकर एक नई शुरुआत की जरूरत है, जिसे जनता इस चुनाव में अवसर दे सकती है।

    अपने भाषण के अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का उपयोग सोच-समझकर करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अधिक मतदान यह दर्शाता है कि जनता बदलाव चाहती है और यह बदलाव आने वाले समय में राज्य की दिशा तय करेगा।

  • PM मोदी अगले माह जाएंगे एक सप्ताह के विदेश दौरे पर…. इन देशों की करेंगे यात्रा

    PM मोदी अगले माह जाएंगे एक सप्ताह के विदेश दौरे पर…. इन देशों की करेंगे यात्रा


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अगले महीने यानी मई (May) के मध्य में यूरोप की एक सप्ताह की महत्वपूर्ण यात्रा पर जाने वाले हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ (European Union-EU) के साथ व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करना तथा महाद्वीप के साथ भारत की बढ़ती भागीदारी को नई दिशा देना है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ताबड़तोड़ विदेश दौरा करेंगे। वे नॉर्वे, नीदरलैंड और इटली जाएंगे।


    नॉर्वे का दौरा: तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और EFTA पर जोर

    WION की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का एक प्रमुख पड़ाव नॉर्वे की राजधानी ओस्लो होगा, जहां वे तीसरे ‘भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता भी शामिल होंगे। इससे पहले यह सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित हो चुका है।

    नॉर्वे ‘यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ’ (EFTA) का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। अक्टूबर 2025 में लागू हुए ‘भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते’ के बाद इस दौरे की अहमियत काफी बढ़ गई है।


    भारत को क्या मिलेगा?

    इस समझौते के तहत EFTA देशों ने अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है, जिससे देश में लगभग 10 लाख नए रोजगार पैदा होने का लक्ष्य है। साथ ही, इससे कपड़ा, चमड़ा और खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार खुलेंगे।

    ओस्लो में होने वाली द्विपक्षीय वार्ताओं में हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी), जलवायु परिवर्तन, ‘ब्लू इकॉनमी’, इनोवेशन, डिजिटलीकरण और आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग पर विस्तार से चर्चा होगी।


    नीदरलैंड दौरा: कृषि और तकनीक पर फोकस

    ओस्लो के बाद प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड जाएंगे। यहां उनकी पिछली यात्रा 2017 में हुई थी। द हेग (नीदरलैंड) जल प्रबंधन, कृषि, तकनीक और आतंकवाद विरोधी प्रयासों में भारत का एक प्रमुख भागीदार रहा है। पिछले साल कुछ कारणों से टल गए कार्यक्रमों और बैठकों की तारीखों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत किया जा सके।


    इटली और वेटिकन सिटी: पहली द्विपक्षीय यात्रा

    प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में इटली भी शामिल है। यह उनकी इटली की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। हालांकि वे 2021 में G20 शिखर सम्मेलन और 2024 में G7 आउटरीच के लिए रोम जा चुके हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी चर्चा का मुख्य केंद्र रक्षा, ऊर्जा और निवेश से जुड़े मुद्दे होंगे।


    पोप से मुलाकात संभव

    इस बात की भी प्रबल संभावना है कि पीएम मोदी वेटिकन सिटी का दौरा करें और ईसाई धर्मगुरु पोप से मुलाकात करें।


    ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन

    मई का यह यूरोप दौरा 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुए 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के ठीक बाद हो रहा है। उस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता पीएम मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने की थी।

    उसमें ‘भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA)’ पर बातचीत पूरी होने की ऐतिहासिक घोषणा की गई थी। साथ ही, एक नई ‘सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी’ और ‘टुवर्ड्स 2030’ संयुक्त रणनीतिक एजेंडा भी तय किया गया था।


    मई यात्रा का लक्ष्य

    इस दौरे से FTA को तेजी से लागू करने, सप्लाई चेन को विविधतापूर्ण बनाने और स्वच्छ तकनीक (क्लीन टेक) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।


    आगामी कार्यक्रम: फ्रांस में G7 सम्मेलन

    यूरोप के साथ इस सघन कूटनीति के क्रम में, प्रधानमंत्री मोदी जून के महीने में फ्रांस भी जाएंगे, जहां वे G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। भारत को 2019 से लगातार इस प्रभावशाली समूह के आउटरीच कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाता रहा है, जो वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है।

  • लोगों को खूब भा रहा PM मोदी का झालमुड़ी वीडियो….इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ और फेसबुक पर 9 करोड़ व्यूज़

    लोगों को खूब भा रहा PM मोदी का झालमुड़ी वीडियो….इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ और फेसबुक पर 9 करोड़ व्यूज़


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में चार जनसभाओं के बीच झालमुड़ी (Jhalmuri) की एक दुकान पर जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर इसे 10 करोड़ बार और फेसबुक पर लगभग नौ करोड़ बार देखा जा चुका है। सूत्रों ने यह भी बताया कि “झालमुड़ी” के लिए गूगल सर्च पिछले 22 वर्षों में सबसे अधिक है। पीएम मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव प्रचार दौरे के दौरान अचानक रुके और झाड़ग्राम में लोकप्रिय बंगाली स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का स्वाद लिया। झालमुड़ी मुरमुरे, हरी मिर्च और अन्य मसालों से बनाया जाती है।

    एक सूत्र ने बताया, ”प्रधानमंत्री मोदी के पश्चिम बंगाल में झालमुड़ी की एक दुकान पर जाने के वीडियो को इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर 10 करोड़ बार और फेसबुक पर लगभग नौ करोड़ बार देखा गया।” मोदी ने झालमुड़ी का स्वाद लिया और बाद में उसकी तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तीन पोस्ट किये जिसमें उन्होंने अपने दौरे का एक वीडियो भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ”एक व्यस्त रविवार को पश्चिम बंगाल में चार सार्वजनिक सभाओं के बीच, मैंने झाड़ग्राम में स्वादिष्ट मसालेदार मुरमुरे (झालमुड़ी) का आनंद लिया।”


    ममता बोलीं- ये नौटंकी था

    दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि झाड़ग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अचानक “झालमुरी” खरीदने के लिए रुकना सिर्फ एक “नौटंकी” था। बीरभूम जिले के मुरारई विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, “चुनाव प्रचार के दौरान जब प्रधानमंत्री बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक झालमुरी खरीदने के लिए रुके थे, तो उस समय वहां कैमरे कैसे मौजूद थे?” उन्होंने कहा कि ये पूरा घटनाक्रम पहले से तय था।


    पीएम ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था

    प्रधानमंत्री ने रविवार को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह झाड़ग्राम की एक साधारण-सी दुकान से ‘झालमुरी’ खरीदते दिखाई दे रहे थे। इस दौरान उनके सुरक्षाकर्मी भी साथ थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि मोदी ‘झालमुरी’ के लिए दुकानदार को भुगतान करते हैं और जब ​​दुकानदार रुपये लेने से इनकार करता है, तो वह जोर देकर कहते हैं कि उसे रुपये स्वीकार करने चाहिए। पूरे घटनाक्रम की सहजता पर सवाल उठाते हुए ममता ने कहा, “वहां कैमरे पहले से ही लगा दिए गए थे। एसपीजी (प्रधानमंत्री को निकट सुरक्षा प्रदान करने वाला बल) ने पूरी व्यवस्था की थी।”


    जेब में 10 रुपये का नोट रखे देखा गया था

    उन्होंने दावा किया, “प्रधानमंत्री को अपनी जेब में 10 रुपये का नोट रखे देखा गया था। क्या यह विश्वास करने लायक है? यह सब नौटंकी है।” ममता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर “विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय से निर्दलीय उम्मीदवारों को मैदान में उतारने में कुछ गद्दारों की गुप्त रूप से मदद करने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मेरे इलाके भाबानीपुर में भी ऐसा ही हुआ है। वे मुर्शिदाबाद और मालदा से आए हैं।” ममता ने कहा, “उन्होंने (भाजपा नेताओं) धर्म का व्यवसायीकरण कर दिया है। मैं मानवता का सम्मान करती हूं। मैं धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखती हूं। मैं हर धर्म, जाति, पंथ और भाषा का सम्मान करती हूं। लेकिन जिन्होंने अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात किया है, हमारी पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें जनता अस्वीकार कर देगी।”

  • सम्राट चौधरी आज दिल्ली प्रवास पर…. CM बनने के बाद पहली बार PM मोदी से मिलेंगे

    सम्राट चौधरी आज दिल्ली प्रवास पर…. CM बनने के बाद पहली बार PM मोदी से मिलेंगे


    पटना।
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) आज दिल्ली जाने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मिलने दिल्ली जा रहे हैं। सीएम बनने के बाद वे पहली बार पीएम से मिलने वाले हैं। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ली थी। उनके साथ जदयू के विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) और बिजेंद्र यादव (Bijendra Yadav) ने भी मंत्री पद की शपथ ली। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सम्राट चौधरी आज दिन में दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं।

    बिहार में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनी है। सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम के शामिल होने की चर्चा चली थी। लेकिन, पीएम नहीं आए। माना जा रहा है कि सीएम के रूप में औपचारिक मुकालात और प्रदेश के विकास कार्यों की रणनीति को लेकर मुख्यमंत्री पीएम से मिलने जा रहे हैं। राजनैतिक और सरकार के दृष्टिकोण से दोनों नेताओं की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।

    संसद में महिला आरक्षण बिल गिर जाने के कारण बीजेपी और एनडीए के सभी दल विपक्षी कांग्रेस, राजद, सपा, टीएमसी पर हमलावर हैं। विपक्ष को महिला विरोधी साबित करने के अभियान में बिहार एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जा रहा है। सोमवार को पटना में जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें सम्राट चौधरी ने महिलाओं को संबोधित किया। माना जा रहा है कि इस मामले में आगे की रणनीति पर पीएम सीएम मीटिंग में चर्चा होगी।