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  • हम एक ठो गलती काम किए… बंगाल में पीएम मोदी को 10 रुपये की झालमुड़ी खिलाने वाले को किस बात का मलाल है?

    हम एक ठो गलती काम किए… बंगाल में पीएम मोदी को 10 रुपये की झालमुड़ी खिलाने वाले को किस बात का मलाल है?

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल के झारग्राम शहर में झालमुड़ी की दुकान लगाने वाले विक्रम ने सपने भी नहीं सोचा था कि एक दिन देश के प्रधानमंत्री उसके पास 10 रुपये की झालमुड़ी खाने आएंगे. अब वह काफी खुश हैं. पीएम ने उनसे 10 मिनट तक बातचीत की. वीडियो टीवी चैनलों पर छाया हुआ है. सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है.
    आम ग्राहकों की तरह दुकानदार विक्रम ने पीएम से यह भी पूछा कि आप प्याज तो खाते हैं न? हालांकि उसे अब एक बात का मलाल है.

    पीएम के जाने के बाद मीडिया ने उसे घेर लिया. विक्रम ने बताया कि पीएम जब आए थे तब क्या-क्या बातचीत हुई. झालमुड़ी वाले ने बताया कि पीएम ने कहा झालमुड़ी बनाओ. मैं पैसे नहीं मांग रहा था, लेकिन वह बोले कि नहीं-नहीं कितना हुआ? फिर पैसा हम रख लिए. मेरी मम्मी और पापा का नाम पूछे. पूछे कि कहां के रहने वाले हैं. मैंने कहा कि मैं बिहार का हूं. बोले- बिहार में कहां? मैंने बताया कि गया का हूं. मैंने बताया कि गरीबी के कारण 9वीं तक ही पढ़ पाया. पीएम ने पूछा कि कितने का रोजगार कर लेते हो. दुकानदार विक्रम साव ने बताया हजार-1200 रुपये का.
    झालमुड़ी वाले को मलाल किस बात का है?

    हां, विक्रम ने बताया कि पीएम ने कुछ भी राजनीतिक बातचीत नहीं की.

    आगे उन्होंने अफसोस या कहिए इस बात का मलाल जाहिर किया कि वह यही गलती कर गए कि कोई सिग्नेचर (पीएम का) नहीं लिए. विक्रम बोले, ‘हम एक ठो यही गलती काम किए. कोई सिग्नेचर-उग्नेचर नहीं लिए.’

    आगे आप वीडियो में देखिए कि पीएम कैसे झालमुड़ी की दुकान पर आते हैं, ऑर्डर करते हैं, प्याज के लिए दुकानदार पूछता है, पीएम 10 रुपये देते हैं और बाद में दुकानदार की तारीफ करने के साथ ही महिलाओं के साथ झालमुड़ी बांटकर खाते हैं.

    विक्रम के पिता का नाम उत्तम और माता का नाम सुनीता देवी है. उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री मेरी दुकान में आए, मसाला-मुड़ी खाए, यही बड़ी बात है.

    हां, वीडियो के आखिर में देखिए. पीएम बगल में खड़ी एक महिला को झालमुड़ी खिलाने के लिए हाथ पर रखते हैं. वह प्रणाम की मुद्रा में झालमुड़ी लेती हैं और कहती हैं कि प्रसाद है सर. इसके बाद वह झालमुड़ी को अपने सिर पर चढ़ा लेती हैं. इसी तरह आसपास खड़ी महिलाएं पीएम के हाथों झालमुड़ी खाकर काफी खुश दिखीं.
  • बंगाल में रैलियों के बीच देसी अंदाज में दिखे PM मोदी…. स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का लुत्फ उठाया

    बंगाल में रैलियों के बीच देसी अंदाज में दिखे PM मोदी…. स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का लुत्फ उठाया


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनावी रैलियों (Election Rallies) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का देसी अंदाज देखने को मिला. पीएम मोदी ने रविवार को झाड़ग्राम में अपना काफिला रुकवाया और वहां के मशहूर स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ (Famous street food ‘Jhalmuri’) का लुत्फ उठाया.

    जब पीएम मोदी का काफिला झाड़ग्राम की एक छोटी सी दुकान के पास रुका और खुद प्रधानमंत्री गाड़ी से उतरकर झालमुड़ी के स्टाल की ओर बढ़े, तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें घेर लिया.

    प्रधानमंत्री ने इस पल की तस्वीरें और वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर भी शेयर किए. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘रविवार की व्यस्तता के बीच पश्चिम बंगाल में चार जनसभाओं के दौरान, मैंने झाड़ग्राम में कुछ स्वादिष्ट मसालेदार झालमुड़ी का स्वाद चखा.’


    पीएम मोदी और दुकानदार के बीच हुई बातचीत

    पीएम मोदी- भाई, हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ. कितने का होता है आपका झालमुड़ी
    दुकानदार- आप कितने का खाएंगे?
    पीएम मोदी- अच्छे वाला कितने का होता है?
    दुकानदार- 10 या 20 रुपए.
    पीएम मोदी- हां जो भी है बना दो.
    दुकानदार- झाल थोड़ा खाएंगे आप?
    पीएम मोदी- हां खाएंगे बिल्कुल खाएंगे. कितना, 10 रुपए देना है, नहीं भाई ऐसा नहीं.
    दुकानदार- प्याज खाते हैं सर आप?
    पीएम मोदी- हां प्याज खाते हैं, बस दिमाग नहीं खाते.
    दुकानदार- आपसे मिलकर हमें बहुत खुशी हुई।

    प्रधानमंत्री ने अपनी जेब से पैसे निकाले और दुकानदार को दिए तो दुकानदार हिचक रहा था. लेकिन पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि वो पैसे ले. इसके बाद पीएम मोदी ने वहां मौजूद लोगों के साथ मिलकर झालमुड़ी खाई।


    नमक नहीं खाते प्रधानमंत्री

    दुकानदार ने जब पूछा कि क्या वो झालमुड़ी में सबकुछ डालें, तो पीएम मोदी ने अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए जवाब दिया, ‘निमक (नमक) को छोड़कर सब कुछ.’ उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कारणों से वो नमक नहीं खा रहे हैं।

    बता दें कि पीएम मोदी ने आज बंगाल के पुरुलिया, मेदिनीपुर और बांकुड़ा में विशाल जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्हें टीएमसी पर जमकर निशाना साधा और दावा किया कि इस बार बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है।

  • आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, महिला आरक्षण पर कर सकते हैं बात

    आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, महिला आरक्षण पर कर सकते हैं बात


    नई दिल्ली ।  हालांकि उनके संबोधन का विषय अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि वे महिला आरक्षण और संसद में हालिया घटनाक्रम पर अपनी बात रख सकते हैं। दरअसल सरकार लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक लेकर आई थी जो पारित नहीं हो सका। इसी पृष्ठभूमि में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा सकते हैं।

    कैबिनेट बैठक में विपक्ष पर निशाना

    आज हुई कैबिनेट बैठक में भी इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर ‘दोषी’ होने और महिलाओं के लिए आरक्षण बिल का समर्थन न करके महिलाओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने विपक्ष के इस रवैये को एक गलती बताया और चेतावनी दी है कि भविष्य में उन्हें इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मैसेज देश के हर गांव तक पहुंचाया जाना चाहिए कि विपक्ष महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच रखता है.

    पिछले दशकों में क्यों नहीं मिला आरक्षण?

    विपक्षी दलों पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि वे वास्तव में महिलाओं के पक्ष में थे तो पिछले कई दशकों में उन्होंने आरक्षण लागू क्यों नहीं किया। उन्होंने इसे विपक्ष की नीयत पर सवाल खड़ा करने वाला मुद्दा बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने संकेत दिए कि महिला आरक्षण का विरोध करने का राजनीतिक परिणाम विपक्ष को भुगतना पड़ सकता है। उनके अनुसार जनता इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है और इसका असर चुनावी माहौल पर पड़ना तय है।

    गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश

    उन्होंने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि इस मुद्दे को देश के हर गांव तक पहुंचाया जाए। साथ ही कहा कि जनता के बीच जाकर यह बताया जाए कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार और विपक्ष की सोच में क्या अंतर है।

  • PM मोदी का वैश्विक लोकप्रियता में दबदबा कायम… सर्वे में शीर्ष पर बरकरार…

    PM मोदी का वैश्विक लोकप्रियता में दबदबा कायम… सर्वे में शीर्ष पर बरकरार…


    नई दिल्ली।
    वैश्विक लोकप्रियता सर्वे (Global Popularity Survey) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अभी भी शीर्ष पर बरकरार हैं। अमेरिकी ओपिनियन रिसर्च इंस्टीट्यूट मॉर्निंग कंसल्ट की ओर से जारी हालिया सर्वेक्षण के नतीजों में यह बात सामने आई है। सर्वे में यह भी कहा गया कि वैश्विक राजनीति में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का दबदबा साबित कर दिया है। करीब 24 लोकतांत्रिक देशों में किए गए इस सर्वे में शामिल 70 फीसदी लोगों ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

    सर्वेक्षण के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ अन्य वैश्विक नेताओं की तुलना में काफी ऊंचा है। वहीं, दूसरी ओर जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज इस मामले में पिछड़ गए हैं, उन्हें दुनिया का सबसे अलोकप्रिय नेता आंका गया है। इस सूची में दूसरे स्थान पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग (63 फीसदी) और तीसरे स्थान पर चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबिस (55 फीसदी) रहे। लेकिन मोदी शीर्ष पर रहे।
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    मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे में यह भी कहा गया कि एक ओर जहां भारतीय प्रधानमंत्री की वैश्विक स्वीकार्यता और मजबूत हो रही है। वहीं, यूरोप के प्रमुख देशों के नेताओं को जनता के विरोध और अविश्वास का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति की लोकप्रियता का स्तर भी गिर गया है।

    मैक्रों और ट्रंप की स्थिति
    लोकप्रियता के मामले में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों दूसरे सबसे अलोकप्रिय नेता हैं, जिनसे 75% जनता असंतुष्ट है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सूची में नीचे से 10वें स्थान पर हैं। ईरान के साथ संघर्ष जैसी चुनौतियों के बावजूद, लगभग 38% अमेरिकियों ने ट्रंप के कामकाज का समर्थन किया है। बता दें, 2025 में दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग लगभग 47-51% के बीच थी। अप्रैल 2026 तक इसका स्तर -18 के पास पहुंच गया, जिससे वे आधुनिक समय के सबसे कम लोकप्रिय राष्ट्रपतियों में से एक बन गए।

  • जलियांवाला बाग शहीदों को राष्ट्रपति और पीएम ने दी श्रद्धांजलि, बताया अमर बलिदान

    जलियांवाला बाग शहीदों को राष्ट्रपति और पीएम ने दी श्रद्धांजलि, बताया अमर बलिदान

    नई दिल्ली। देशभर में आज जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके अद्वितीय बलिदान को भावपूर्ण स्मरण के साथ नमन किया गया। इस अवसर पर द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी ने शहीदों को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा को मजबूत करने वाला एक अमर अध्याय है।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि जलियांवाला बाग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों का बलिदान देश के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना ने स्वतंत्रता के प्रति देशवासियों में नई चेतना और दृढ़ संकल्प का संचार किया, जिसने पूरे राष्ट्र को एकजुट किया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र सदैव इन शहीदों का ऋणी रहेगा और उनकी देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों का साहस और त्याग भारतीयों की अदम्य भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उन वीरों ने जिस दृढ़ता के साथ अत्याचार का सामना किया, वह आज भी देशवासियों को न्याय, स्वतंत्रता और गरिमा के मूल्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उस समय की क्रूर घटनाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और देश में जागरूकता तथा संघर्ष की भावना को और मजबूत किया। उन्होंने समाज को एकजुट रहने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश भी दिया।

    इस अवसर पर अमित शाह ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह घटना औपनिवेशिक शासन की क्रूरता का सबसे भयावह उदाहरण थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि इस घटना ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और देश में क्रांतिकारी चेतना को बढ़ाया।

    उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के बाद देश में स्वतंत्रता की लौ और तेज हुई, जिसने भगत सिंह और ऊधम सिंह जैसे अनेक महान क्रांतिकारियों को प्रेरित किया।जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है, जिसने देश कोएकजुट कर स्वतंत्रता संग्राम को नई गति दी। यह घटना आज भी साहस, बलिदान और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक मानी जाती है और हर पीढ़ी को प्रेरित करती है।

  • हंगरी चुनाव में टिस्जा पार्टी की निर्णायक जीत पर पीएम मोदी ने दी बधाई..

    हंगरी चुनाव में टिस्जा पार्टी की निर्णायक जीत पर पीएम मोदी ने दी बधाई..


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हंगरी के संसदीय चुनावों में पीटर मग्यार और उनकी टिस्जा पार्टी की निर्णायक जीत पर उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए भारत और हंगरी के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। यह चुनाव परिणाम हंगरी की राजनीति में एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है, जहां लंबे समय से सत्ता में रही सरकार को हार का सामना करना पड़ा और देश में नई राजनीतिक दिशा का मार्ग प्रशस्त हुआ।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत और हंगरी के बीच संबंध सदैव गहरी मित्रता, साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित रहे हैं। उन्होंने नई सरकार के साथ मिलकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि भारत यूरोपीय संघ के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों को और अधिक गति मिलेगी।

    हंगरी के हालिया चुनावों में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जो वहां की जनता की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। परिणाम आने के बाद देश की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है और सत्ता परिवर्तन को विशेषज्ञ यूरोपीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देख रहे हैं।

    विश्लेषकों के अनुसार इस चुनाव परिणाम का प्रभाव केवल हंगरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर यूरोपीय संघ की नीतियों और वैश्विक राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। नए नेतृत्व से यह उम्मीद की जा रही है कि वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संतुलन और सहयोग को प्राथमिकता देगा।

    भारत और हंगरी के संबंध लंबे समय से स्थिर और सौहार्दपूर्ण रहे हैं। राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग की निरंतरता बनी रही है। अब नई सरकार के गठन के साथ यह अपेक्षा की जा रही है कि व्यापार, तकनीक, शिक्षा और वैश्विक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश को दोनों देशों के बीच भविष्य में मजबूत कूटनीतिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

  • PM मोदी के देहरादून दौरे से पहले आतंकी साजिश का खुलासा… ISI एजेंट गिरफ्तार

    PM मोदी के देहरादून दौरे से पहले आतंकी साजिश का खुलासा… ISI एजेंट गिरफ्तार


    नई दिल्ली।
    दिल्ली-देहरादून ऐक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) के उद्घाटन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आगामी 14 अप्रैल को देहरादून (Dehradun) दौरा करने वाले हैं। इससे महज 4 दिन पहले देहरादून में आईएसआई एजेंट (ISI Agent) गिरफ्तार हुआ है। उत्तराखंड एसटीएफ (Uttarakhand STF) ने ऑपरेशन प्रहार के तहत आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। प्रेमनगर में रहने वाला 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप देश विरोधी गतिविधियों में गिरफ्तार हुआ है। बताया जा रहा है कि देहरादून में गाड़ियों की धुलाई करने वाला विक्रांत पाक आतंकी और आईएसआई एजेंट शहजाज भट्टी से संपर्क में था।

    एसटीएफ आईजी नीलेश आनंद भरणे और एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप निवासी झाझरा, प्रेमनगर तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) की दून में जड़ें मजबूत कर रहा था। वह किसी बड़ी घटना की तैयारी में था। उसके पास से .32 बोर की इटेलियन मार्क पिस्टल, सात कारतूस और एक स्प्रे पेंट बरामद हुआ है।


    एक महीने से विक्रांत पर पैनी नजर

    एक माह से एसटीएफ विक्रांत की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। विक्रांत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने की बात कहने वाले आतंकी संगठन की सोशल मीडिया पोस्ट से प्रभावित होकर उनके जाल में फंसा था।


    स्लीपर सेल तैयार करने की जिम्मेदारी

    टीटीएच एक नया आतंकी संगठन है। इसका मकसद स्लीपर सेल तैयार कर दहशत फैलाना है। इसका सरगना भट्टी आईएसआई से जुड़ा है। पुलिस द्वारा बताया गया है कि विक्रांत को दिल्ली तक स्लीपर सेल तैयार करने की जिम्मेदारी मिली थी। उससे अक्सर पाक में बैठे आका पूछते थे कि दिल्ली की दूरी कितनी है।


    केंद्रीय-सैन्य संस्थानों के वीडियो आतंकी संगठन को भेजे

    आरोपी देहरादून के केंद्रीय, सैन्य, पुलिस और प्रशासनिक संस्थानों के वीडियो और लोकेशन आतंकी संगठन को भेज चुका था। दिल्ली और मुंबई में भी वारदात करने की बात संगठन ने विक्रांत से की। उसके संपर्क में आए लोगों की जांच की जा रही है।

  • पहली बार भारत दौरे पर आएंगे ऑस्ट्रिया के चांसलर, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

    पहली बार भारत दौरे पर आएंगे ऑस्ट्रिया के चांसलर, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

    नई दिल्‍ली। भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिस्टियन स्टॉकर अगले सप्ताह भारत की पहली आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। वह 14 से 17 अप्रैल तक भारत में रहेंगे और इस दौरान कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे।

    यात्रा के दौरान स्टॉकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। उनके साथ ऑस्ट्रिया के कई मंत्री और कारोबारी प्रतिनिधि भी आएंगे।

    यात्रा का उद्देश्य

    विदेश मंत्रालय के अनुसार यह स्टॉकर की पहली एशिया यात्रा होगी। इस दौरान दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने तथा बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।

    पहले भी हुई उच्चस्तरीय मुलाकात

    साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया का दौरा किया था। उस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को नई दिशा देने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

    भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों का इतिहास

    दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध 1949 में स्थापित हुए थे। 1970 के दशक में ऑस्ट्रिया के नेता ब्रूनो कैरिस्की की भारत यात्रा के बाद रिश्तों में नई गति आई। हाल के वर्षों में मशीनरी, इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल, स्टील, मेटल और केमिकल क्षेत्र में सहयोग बढ़ा है।

    इसके अलावा दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में भी साथ काम करने पर सहमत हो चुके हैं। यह यात्रा इन सहयोगों को और आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • बिहार के बक्सर में PM मोदी पर हमले की साजिश….1 गिरफ्तार, दुश्मन देशों के संपर्क में था आरोपी

    बिहार के बक्सर में PM मोदी पर हमले की साजिश….1 गिरफ्तार, दुश्मन देशों के संपर्क में था आरोपी


    पटना।
    बिहार (Bihar) के बक्सर (Buxar) से पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सुरक्षा में सेंध पहुंचाने और हमले की साजिश में शामिल युवक अमन तिवारी (Aman Tiwari) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके लैपटॉप से विदेशी(दुश्मन देशों की) एजेंसियों को मैसेज भेजने का सबूत मिले हैं। उसकी गिरफ्तारी सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पड़री गांव से हुई है। इस मामले में पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जिसमें सिमरी के युवक के लैपटॉप से मैसेज मिला।

    पुलिस के अनुसार रुपये की चाहत में सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पड़री गांव निवासी अमन तिवारी ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को मैसेज भेजा था। गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई। पुलिस के अनुसार बुधवार की दोपहर अमन किसी के घर पूजा कराने के लिए अपने पिता को छोड़ घर लौटा था। जिस वक्त वह घर में खाना खा रहा था‌ ठीक उसी वक्त पुलिस पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। एसपी शुभम आर्य ने बताया कि अमन के साथ तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद दो को छोड़ दिया गया जबकि सबूत मिलने के बाद अमन को गिरफ्तार कर लिया गया।

    एसपी ने कहा कि पीएम से संबंधित कोई मैसेज हैक नहीं हुआ है। अमन काफी समय से विदेशी एजेंसियों के संपर्क में था। रुपये के डिमांड के साथ अंतराष्ट्रीय एजेंसी को मैसेज भेजा था कि वह पीएम की सुरक्षा को हानि पहुंचा सकता है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से संपर्क कर गोपनीय जानकारी के बदले रुपये की मांग कर रहा था। उसके मोबाइल और लैपटॉप को पुलिस ने जब्त कर खंगाला, तो रुपये के डिमांड से संबंधित मैसेज मिला।

    एसपी ने बताया कि अमन तिवारी ने वर्ष 2021 में कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी दी थी। इस मामले में कोलकाता और बक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद गुरुवार को पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस के अनुसार आरोपित के घर से लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।

    अमन की गिरफ्तारी के बाद उसके गांव में गुरुवार को सन्नाटा पसरा रहा। युवक की करतूत से सभी ग्रामीण हैरान नजर आ रहे हैं। एसपी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अमन के संपर्क में और कौन कौन लोग हैं और उसका संपर्क किन एजेंसियों से हैं। अमन का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। उसकी नजह में और कौन-कौन वीआईपी हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

  • पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस BJP में शामिल…. बोले- PM मोदी ने सौंपी 2036 ओलंपिक की जिम्मेदारी

    पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस BJP में शामिल…. बोले- PM मोदी ने सौंपी 2036 ओलंपिक की जिम्मेदारी


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में इसी महीने होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) से पहले सियासत में और ज्यादा गर्माहट बढ़ गई है। ऐसे में अब भारत के पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस (Former Indian Tennis star Leander Paes) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मुझे युवाओं और खेल के लिए काम करने का एक स्पष्ट दृष्टिकोण दिया। उन्होंने मुझे 2036 ओलंपिक गेम्स के लिए भारत की दावेदारी से जुड़ी जिम्मेदारी दी है। मुझे इस देश में ओलंपिक लाने के लिए एक टीम के साथ कड़ी मेहनत करनी है। पेस ने यह बात शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत के दौरान कही।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने उन्हें युवाओं और खेलों के लिए काम करने का साफ विजन दिया है। अब उनका लक्ष्य है कि एक मजबूत टीम के साथ मिलकर भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी दिलाई जाए। पेस ने कहा कि अगर भारत ओलंपिक की मेजबानी करता है, तो इससे देश की पहचान दुनिया में और मजबूत होगी और खेलों को बढ़ावा मिलेगा।


    राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी में भी योगदान की चार- पेस

    पेस ने आगे कहा कि वह 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी में भी योगदान देना चाहते हैं, खासकर अहमदाबाद में होने वाले संभावित आयोजन के लिए। इसके साथ ही उन्होंने अपने गृह राज्य पश्चिम बंगाल में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।


    खुद को बताया बंगाली बॉय

    इस दौरान खुद को बंगाली बॉय बताते हुए पेस ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इंडोर टेनिस स्टेडियम और अच्छी खेल सुविधाओं की कमी है। उनका सपना है कि आने वाले 20 वर्षों में वे देश के 25 करोड़ बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं और उन्हें खेलों से जोड़ें।


    पेस ने इन देशों का दिया उदाहारण

    पेस यह भी कहा कि भारत को खेलों में आगे बढ़ने के लिए मजबूत स्पोर्ट्स कल्चर अपनाना होगा। पेस ने उदाहरण देते हुए बताया कि अमेरिका, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिसा और ब्रिटेन जैसे देश, जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं, वही ओलंपिक में भी सबसे ज्यादा पदक जीतते हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत को भी खेलों के बुनियादी ढांचे, ट्रेनिंग और जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने में निवेश करना होगा। पेस के मुताबिक, खेल और खेल शिक्षा भारत को एक नई ताकत बना सकते हैं और युवा खिलाड़ियों का विकास देश के ओलंपिक सपने को पूरा करने में सबसे अहम भूमिका निभाएगा।