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शाहपुर में सनसनीखेज खुलासा: दोहरे हत्याकांड के आरोपी दबोचे गए, अवैध शराब विवाद में की थी हत्या
नई दिल्ली।सागर (शाहपुर/सानौधा) मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले दो युवकों पर बेरहमी से लाठी-रॉड से हमला किया और बाद में पूरे मामले को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की।घटना 8 मई की रात की है, जब नीलेश अहिरवार, अंशुल यादव और उनके तीन अन्य साथियों ने सूरज अहिरवार और नीरज प्रजापति पर हमला कर दिया। आरोपियों को शक था कि दोनों युवक अवैध शराब बेचते हैं। इसी शक के चलते पहले विवाद हुआ और फिर बात हिंसक झगड़े में बदल गई। हमले में नीरज प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सूरज ने दो दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे छिपाने की कोशिश भी की। उन्होंने नीरज के शव को क्षतिग्रस्त बाइक के साथ सड़क किनारे फेंक दिया ताकि यह घटना किसी सड़क दुर्घटना जैसी लगे। इतना ही नहीं, पुलिस को भ्रमित करने के लिए अपनी बोलेरो गाड़ी को भी जानबूझकर खंती में उतार दिया गया। लेकिन पुलिस की गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नीलेश अहिरवार को उसके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान वह भागने की कोशिश में गिर पड़ा, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। वहीं दूसरा आरोपी अंशुल यादव को अमोदा तिराहे के पास उस समय पकड़ा गया जब वह फरार होने की तैयारी में था और परिजनों से मिलने आया था। दोनों आरोपियों से पूछताछ में वारदात में इस्तेमाल लाठी-रॉड भी बरामद कर ली गई है।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी नीलेश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ पहले से 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे जिला बदर भी किया जा चुका है। वहीं अंशुल यादव के खिलाफ भी मारपीट का मामला दर्ज है।इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने चक्काजाम किया और शराब दुकान में आगजनी की भी घटना सामने आई थी। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों भगवत पटेल, छोटू उर्फ हर्ष सिंह और अभिषेक पटेल की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। -

सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा
नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी।लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाई
जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी।सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप
शनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई।मरने से पहले दिए आरोपियों के नाम
अस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं।शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवाल
दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। -

सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़; पुलिस ने 42 लाख से अधिक की अवैध राशि वाले बैंक खाते किए फ्रीज
नई दिल्ली। खेल के मौजूदा रोमांच के बीच सट्टेबाजी के अवैध धंधे के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम ने इस ऑपरेशन के तहत क्षेत्र के ही रहने वाले चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी कथित तौर पर लंबे समय से एक सुनियोजित तरीके से इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि यह गिरोह न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग के खेल में भी गहराई से शामिल था।जांच के दौरान अधिकारियों को आरोपियों के बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि अवैध सट्टेबाजी से अर्जित की गई लगभग 42.3 लाख रुपये की राशि वाले विभिन्न बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। इन खातों में जमा रकम का स्रोत और लेनदेन का तरीका बेहद संदिग्ध पाया गया है, जिसकी अब बारीकी से वित्तीय ऑडिट की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम केवल सट्टेबाजी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे वैध बनाने के लिए कई डिजिटल रास्तों और जटिल वित्तीय माध्यमों का उपयोग किया गया था।
गिरफ्तारी के दौरान मौके से सट्टेबाजी के संचालन में उपयोग किए जाने वाले भारी मात्रा में उपकरण भी बरामद किए गए हैं। इनमें 11 अत्याधुनिक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और हजारों की नकद राशि शामिल है। जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस गिरोह के तार विदेश से जुड़े हुए हैं। एक मुख्य संदिग्ध, जिसके खाड़ी देशों में छिपे होने का संदेह है, इस पूरे रैकेट के सरगना के रूप में उभरा है। वह अंतरराष्ट्रीय ऐप्स के जरिए लोगों को मैचों पर सट्टा लगाने के लिए आकर्षित करता था और अवैध चैनलों के जरिए लेनदेन को अंजाम देता था।
मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए अब जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सुराग मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी इस प्रकरण में शामिल किया जा सकता है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों और सहयोगियों के बैंक खातों की भी गहन पड़ताल कर रही है ताकि इस अवैध संपत्ति के पूरे जाल का खुलासा किया जा सके। गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और उन पर पहले से ही जुआ अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।
इस बड़ी कार्रवाई ने उन अपराधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो तकनीक की आड़ में सट्टेबाजी का काला कारोबार चला रहे थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले किसी भी अवैध वित्तीय लेनदेन पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे सट्टेबाजी के इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के कई और चेहरों से नकाब उतर सकता है।
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विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार
विदिशा । मध्यप्रदेश के विदिशा में सिविल लाइन थाना पुलिस ने जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से नगदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल सहित करीब 4.44 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। इस कार्रवाई से शहर में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने का स्पष्ट संदेश गया है।मुखबिर की सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि बालाजी पैराडाइज कॉलोनी के पीछे स्थित खाली जमीन पर कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 11 आरोपी जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।मोबाइल, बाइक और नगदी बरामद
छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में नगदी बरामद की। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 4 लाख 44 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गौरव साहू, रवि बघेल, अक्षय खान, आसिफ खान, तौफीक खान, दिनेश मालवीय, गौरव सूर्यवंशी, इशान खान, आशीष लोधी, रानू सिलावट और साजिद खान शामिल हैं। ये सभी शहर के अलग-अलग इलाकों जैसे शिव नगर, पुरनपुरा, बजरिया और बेस दरवाजा के निवासी बताए जा रहे हैं।पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन में की गई। साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आशुतोष सिंह राजपूत की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।अवैध गतिविधियों पर सख्ती जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और अपराध पर नियंत्रण करना है। -

उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल
उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए गंभीर गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।जानकारी के अनुसार, यह घटना 29 मार्च को मढ़ीवाह क्षेत्र में हुई थी। पीड़ित किशोरी अपने परिचित युवक के साथ जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर गई थी। वहां पास के जंगल में पहले से मौजूद आरोपियों ने सुनसान इलाके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर किशोरी के साथ आए युवक को भी पीटा गया।
घटना के तुरंत बाद दोनों पीड़ितों ने किसी तरह वहां से निकलकर घर लौटे। भय और मानसिक आघात के कारण मामला तुरंत सामने नहीं आ सका। लगभग पांच दिन बाद पीड़ित परिवार ने हिम्मत जुटाकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। त्वरित कार्रवाई में मनीष बैगा, विशाल बैगा, हरिपाल बैगा और सूरज बैगा सहित एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।सोमवार को एसडीओपी पुन्नू सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस पूरी तत्परता के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गई थी और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। -

ग्वालियर में चूरन नोट गैंग का खुलासा: 10 गुना मुनाफे का झांसा देकर लोगों से ठगी, आरोपी गिरफ्तार
ग्वालियर। शहर में नकली नोट के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर चूरन नोट गैंग का पर्दाफाश हुआ है। महाराजपुरा थाना पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया, जो एक डेयरी व्यवसायी को 30 लाख रुपये के नकली नोट देने पहुंचा था।
10 गुना मुनाफे का लालच देकर फंसाता था आरोपीगिरफ्तार आरोपी आजाद अली लोगों को 1 रुपये के बदले 10 रुपये देने का लालच देता था। वह खुद को नकली नोटों का बड़ा कारोबारी बताकर दावा करता था कि उसके नोट असली जैसे ही हैं और आसानी से बाजार में चल जाते हैं।
पहले असली नोट देकर जीतता था भरोसापीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी शुरुआत में 500, 200 और 100 रुपये के असली नोट देता था और उन्हें नकली बताता था। जब ये नोट बाजार में आसानी से चल जाते, तो लोगों को उसकी बात पर यकीन हो जाता और वे बड़ी डील के लिए तैयार हो जाते।असली के बीच चिल्ड्रन बैंक नोट छिपाकर देता था माल
पुलिस के अनुसार, आरोपी असली नोटों की गड्डियों के ऊपर एक-दो असली नोट लगाकर नीचे चिल्ड्रन बैंक चूरन नोट रख देता था और इसी तरह लोगों को ठगता था।3 लाख के बदले 30 लाख की डील
दतिया के डेयरी कारोबारी सोनू पाल को भी आरोपी ने इसी तरह फंसाया। व्हाट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क कर उसने 3 लाख के बदले 30 लाख देने का झांसा दिया। भरोसा बनाने के लिए पहले असली नोट दिए और बाद में 40 हजार रुपये एडवांस भी ले लिया।शक हुआ तो पुलिस को दी सूचना
जब कारोबारी को संदेह हुआ, तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को दीनदयाल नगर के टाइगर चौक पर बैग के साथ पकड़ लिया।
बैग खोलते ही सामने आया सचतलाशी के दौरान पुलिस को 500, 200 और 100 रुपये की कुल 20 गड्डियां मिलीं। हर गड्डी में ऊपर असली नोट और नीचे चिल्ड्रन बैंक के नोट भरे हुए थे। पुलिस ने 500 की 13, 200 की 5 और 100 की 2 गड्डियां जब्त की हैं।नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पहले भी कई लोगों को इसी तरह ठग चुका है। फिलहाल पुलिस उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। -

रतलाम में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, एमडीएमए फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त
भोपाल । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने दो दिनों के भीतर लगातार बड़ी कार्रवाई करते हुए न केवल ड्रग तस्करों को पकड़ा, बल्कि एक संगठित सिंथेटिक ड्रग निर्माण नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में थाना रिंगनोद और पिपलोदा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एमडी और ब्राउन शुगर सहित भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया गया।पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही थी एमडीएमए फैक्ट्री
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मंगलवार को थाना पिपलोदा क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा में छापेमारी कर अवैध एमडी (एमडीएमए) निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। यह फैक्ट्री एक पोल्ट्री फार्म की आड़ में संचालित की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 175 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ, 200 ग्राम तैयार एमडीएमए, गैस सिलेंडर, हीट गन, स्टोव सहित ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण जब्त किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत 24 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है।मुख्य सरगना गिरफ्तार, अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ाव
इस मामले में मुख्य आरोपी जमशेद खान उर्फ जमशेद लाला उर्फ जमशेद सेठ को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का सरगना है और उसके खिलाफ कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ड्रग बनाने के लिए रसायनों की आपूर्ति राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र से की जा रही थी। साथ ही घटना से पहले बड़ी मात्रा में एमडी की सप्लाई भी की जा चुकी थी।फोरलेन पर घेराबंदी कर 500 ग्राम एमडी जब्त
इसी कार्रवाई के तहत एक अन्य मामले में पुलिस चौकी माननखेड़ा, थाना रिंगनोद ने मुखबिर सूचना के आधार पर फोरलेन रोड पर घेराबंदी की। इस दौरान बोलेरो पिकअप वाहन से 500 ग्राम एमडी ड्रग्स (कीमत लगभग 50 लाख रुपए) जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन (कीमत करीब 5 लाख रुपए) भी जब्त किया। इस कार्रवाई में कुल लगभग 55 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई।ब्राउन शुगर के साथ एक और आरोपी पकड़ा गया
इसी दिन एक अन्य कार्रवाई में थाना रिंगनोद पुलिस ने 100 ग्राम ब्राउन शुगर (कीमत करीब 1 लाख रुपए) के साथ एक आरोपी को मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार किया। आरोपी से कुल 1 लाख 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की गई।उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी रतलाम जिले में एमडीएमए निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया जा चुका है। इससे साफ है कि क्षेत्र में संगठित ड्रग नेटवर्क सक्रिय रहा है, जिस पर मध्य प्रदेश पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
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श्रीरामपुर में रामनवमी जुलूस बना निशाना मस्जिद के पास पथराव से बिगड़ा माहौल
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान उस समय अचानक तनाव फैल गया जब जुलूस पर पथराव की घटना सामने आई यह घटना गुरुवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है जब श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ जुलूस में शामिल होकर भजन कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थेजानकारी के अनुसार जुलूस जब सय्यद बाबा चौक से होते हुए एक स्थानीय मस्जिद के पास पहुंचा तभी अचानक मस्जिद के पीछे की ओर से कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया इस अप्रत्याशित पथराव से जुलूस में अफरा तफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे इस घटना में तीन लोग घायल हो गए जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है घायल व्यक्ति को तुरंत श्रीरामपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार जारी है
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया हालांकि स्थिति को बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाल लिया पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की इसके बाद स्थिति धीरे धीरे सामान्य हुई
पुलिस ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए मस्जिद के मौलाना सहित 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी गई है अधिकारियों के अनुसार घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है जिनमें धारा 190 191(1) 191(2) 192 110 और 118(1) शामिल हैं इन धाराओं के तहत आरोपियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी
घटना के बाद पूरे श्रीरामपुर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है
गौरतलब है कि श्रीरामपुर में हर वर्ष रामनवमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है इस अवसर पर शहर में विशाल जुलूस निकाला जाता है जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं और पूरे शहर में मेले जैसा माहौल रहता है हालांकि इस बार हुई इस घटना ने उत्सव के माहौल को कुछ समय के लिए प्रभावित जरूर किया लेकिन प्रशासन की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और शहर में शांति बनी हुई है पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी
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पुलिस का सख्त अभियान, अवैध खनन करते पांच वाहन पकड़े
मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने अवैध रूप से रेत और पत्थर का खनन तथा परिवहन कर रहे पांच आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से पांच ट्रैक्टरट्रालियां जप्त की हैं। इस कार्रवाई से अवैध खनन माफिया में हड़कंप मच गया है।पुलिस सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ के निर्देशों पर की गई। उन्होंने जिले के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर उनके वाहनों को जप्त किया जाए।
इसी क्रम में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस द्वारा सघन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी और रेत तथा पत्थर का अवैध परिवहन कर रहे ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ा। जांच के दौरान यह पाया गया कि इन वाहनों के पास खनन और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं थे, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें जप्त कर लिया गया।
पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो इन ट्रैक्टर-ट्रालियों के माध्यम से अवैध खनन सामग्री का परिवहन कर रहे थे। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन गतिविधियों के पीछे किसी बड़े नेटवर्क या माफिया गिरोह की संलिप्तता तो नहीं है।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन न केवल शासन को राजस्व की हानि पहुंचाता है बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है। नदियों और खनिज संसाधनों के अनियंत्रित दोहन से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है, जिसका असर लंबे समय तक देखने को मिलता है।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी थाना प्रभारी नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखें और ऐसी गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करें।
इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया है कि प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ पूरी तरह सख्त है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
पुलिस का यह अभियान न केवल अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग के लिए भी आवश्यक है। आने वाले समय में इस तरह की और भी कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिससे अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा।
