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  • कटरा में घेराबंदी कर वाहन पकड़ा, ड्राइवर बोला- ठेकेदार की है शराब

    कटरा में घेराबंदी कर वाहन पकड़ा, ड्राइवर बोला- ठेकेदार की है शराब


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले में अवैध शराब के परिवहन और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। कटरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर एक स्कॉर्पियो वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। इस कार्रवाई में वाहन चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वाहन और शराब दोनों को कब्जे में लेकर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस को यह कार्रवाई एक पुख्ता मुखबिर सूचना के आधार पर मिली। सूचना में बताया गया था कि एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन में बड़ी मात्रा में शराब लोड कर उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कटरा क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी।

    कुछ समय बाद एक स्कॉर्पियो वाहन तेजी से गुजरता हुआ दिखाई दिया, जिसे पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। वाहन को घेराबंदी कर जब रोका गया तो चालक शुरुआत में हड़बड़ाया, लेकिन तलाशी लेने पर पूरा मामला सामने आ गया। वाहन के अंदर 25 पेटी शराब रखी हुई मिली, जिसे अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था।

    पुलिस ने मौके पर ही शराब को जब्त कर लिया और वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान सिद्धार्थ सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कॉर्पियो वाहन का नंबर MP 17 CC 8377 है। बरामद शराब की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 12 हजार रुपये आंकी गई है।

    इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक पूछताछ में गिरफ्तार चालक ने दावा किया है कि यह शराब एक ठेकेदार की है और उसे केवल परिवहन के लिए वाहन उपलब्ध कराया गया था। हालांकि पुलिस इस बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।

    एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि पुलिस इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रही है। चालक के बयान के आधार पर शराब के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध कारोबार की पुष्टि होती है, तो संबंधित सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने यह भी बताया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। समय-समय पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर ऐसे मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सूरत में अवैध शराब के कारोबार को बढ़ने नहीं दिया जाएगा और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

    फिलहाल पुलिस जब्त वाहन और शराब को कब्जे में लेकर आगे की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए पुलिस टीम सक्रिय हो गई है।

  • रफ्तार का नशा पड़ा भारी, 200 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर बनाई रील, डिजिटल सुरागों ने पहुंचाया सलाखों तक

    रफ्तार का नशा पड़ा भारी, 200 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर बनाई रील, डिजिटल सुरागों ने पहुंचाया सलाखों तक

    नई दिल्ली सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की चाहत कई बार लोगों को ऐसे कदम उठाने के लिए प्रेरित कर देती है, जिनका परिणाम गंभीर हो सकता है। तेज रफ्तार, स्टंट और वायरल होने की होड़ के बीच सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती जा रही है। ताजा मामले में एक युवक द्वारा रिंग रोड पर अत्यधिक रफ्तार से लग्जरी कार चलाने और उसका वीडियो साझा करने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है।

    जानकारी के अनुसार युवक ने एक हाई-स्पीड मार्ग पर अपनी लग्जरी कार को बेहद तेज रफ्तार में दौड़ाया। बताया जा रहा है कि वाहन की गति सामान्य सीमा से कहीं अधिक थी और इसी दौरान ड्राइविंग से जुड़ा वीडियो रिकॉर्ड किया गया। बाद में इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

    वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जतानी शुरू कर दी। तेज रफ्तार में वाहन चलाना केवल चालक के लिए ही नहीं बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी वजह से वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं।

    मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल गतिविधियों का सहारा लिया गया। पुलिस ने सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य तकनीकी संकेतों के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा की गई सामग्री कई बार जांच में अहम भूमिका निभाती है और कानून से बच निकलना आसान नहीं होता।

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से वाहन और घटना से जुड़े तथ्यों को स्वीकार किया। इसके बाद कार्रवाई के तहत संबंधित वाहन को भी जब्त कर लिया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि सोशल मीडिया पर कुछ अलग दिखाने की होड़ किस हद तक लोगों को जोखिम उठाने के लिए प्रेरित कर रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कें स्टंट या लोकप्रियता पाने का मंच नहीं हैं। यातायात नियम केवल व्यवस्था बनाए रखने के लिए नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए जाते हैं। तेज रफ्तार से जुड़ी घटनाएं पहले भी कई दर्दनाक हादसों का कारण बन चुकी हैं, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

    हाल के वर्षों में सोशल मीडिया और रील संस्कृति ने नई संभावनाएं तो दी हैं, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। कानून एजेंसियां लगातार यह संदेश दे रही हैं कि ऑनलाइन लोकप्रियता के लिए सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। यह घटना उन लोगों के लिए भी एक सीख मानी जा रही है जो कुछ मिनटों की प्रसिद्धि के लिए नियमों और सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं।

  • गोविंदपुरी हत्याकांड का आरोपी सौरभ एनकाउंटर में घायल, पुलिस की जवाबी फायरिंग में हुआ गिरफ्तार

    गोविंदपुरी हत्याकांड का आरोपी सौरभ एनकाउंटर में घायल, पुलिस की जवाबी फायरिंग में हुआ गिरफ्तार

    नई दिल्ली । राजधानी Delhi के दक्षिण-पूर्वी इलाके गोविंदपुरी में हुए मां-बेटे के सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे आरोपी सौरभ को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी घटना शनिवार को उस समय सामने आई जब पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी घाटी पार्क क्षेत्र में छिपा हुआ है और उसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। पुलिस टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन स्थिति अचानक हिंसक हो गई।

    पुलिस के अनुसार जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, आरोपी ने सरेंडर करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। उसने पुलिस टीम पर लगातार कई राउंड गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में जा लगी और वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने तुरंत उसे काबू में लेकर हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया।

    यह मामला 20 मई को सामने आया था, जब गोविंदपुरी इलाके में मां और बेटे की हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया था। वारदात के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को उसके लोकेशन का सुराग मिला, जिसके बाद यह मुठभेड़ हुई।

    सूत्रों के अनुसार घटना के समय आरोपी घाटी पार्क में बैठा हुआ था और संदिग्ध अवस्था में था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर प्रवृत्ति का है और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। मुठभेड़ के दौरान बरामद हथियार और कारतूस भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियार कहां से आया और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।

    घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अब उससे विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के पीछे की असली वजह और पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस जघन्य अपराध में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    इस कार्रवाई के बाद इलाके में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे गंभीर मामलों में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • लखनऊ सैलून मैनेजर सुसाइड केस: रत्ना सिंह मामले में बड़ा एक्शन, मालिक की पत्नी मुंबई से गिरफ्तार

    लखनऊ सैलून मैनेजर सुसाइड केस: रत्ना सिंह मामले में बड़ा एक्शन, मालिक की पत्नी मुंबई से गिरफ्तार


    नई दिल्ली। लखनऊ में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह आत्महत्या मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। इस मामले में लगातार नए खुलासे और पुलिस कार्रवाई सामने आ रही है। गोरखपुर की रहने वाली 32 वर्षीय रत्ना सिंह लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित मानसून सैलून में मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी।

    आत्महत्या से पहले रत्ना सिंह ने 26 सेकंड का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने सैलून मालिक शरद सिंह, उनकी पत्नी पल्लवी जोशी समेत कुछ अन्य लोगों पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया।

    परिजनों ने आरोप लगाया कि रत्ना सिंह को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गईं और उन्होंने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर न्याय की मांग की, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया।

    मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शरद सिंह सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उनकी पत्नी पल्लवी जोशी को मुंबई से हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है और जांच जारी है।

    कार्रवाई के तहत संबंधित सैलून और उससे जुड़े प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई की है। साथ ही आरोपियों की संपत्तियों पर भी बुलडोजर एक्शन लिया गया है, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई है।

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रत्ना सिंह पर लंबे समय से दबाव बनाया जा रहा था। वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस मामले में एक होटल मैनेजर को पहले ही देवरिया से गिरफ्तार किया जा चुका था।

    रत्ना सिंह के पिता रेलवे कर्मचारी हैं और परिवार का राजनीतिक व सामाजिक जुड़ाव भी बताया जा रहा है। परिजनों ने सभी दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और सभी डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। यह मामला न केवल लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • शाहपुर में सनसनीखेज खुलासा: दोहरे हत्याकांड के आरोपी दबोचे गए, अवैध शराब विवाद में की थी हत्या

    शाहपुर में सनसनीखेज खुलासा: दोहरे हत्याकांड के आरोपी दबोचे गए, अवैध शराब विवाद में की थी हत्या


    नई दिल्ली।सागर (शाहपुर/सानौधा) मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले दो युवकों पर बेरहमी से लाठी-रॉड से हमला किया और बाद में पूरे मामले को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की।
    घटना 8 मई की रात की है, जब नीलेश अहिरवार, अंशुल यादव और उनके तीन अन्य साथियों ने सूरज अहिरवार और नीरज प्रजापति पर हमला कर दिया। आरोपियों को शक था कि दोनों युवक अवैध शराब बेचते हैं। इसी शक के चलते पहले विवाद हुआ और फिर बात हिंसक झगड़े में बदल गई। हमले में नीरज प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सूरज ने दो दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे छिपाने की कोशिश भी की। उन्होंने नीरज के शव को क्षतिग्रस्त बाइक के साथ सड़क किनारे फेंक दिया ताकि यह घटना किसी सड़क दुर्घटना जैसी लगे। इतना ही नहीं, पुलिस को भ्रमित करने के लिए अपनी बोलेरो गाड़ी को भी जानबूझकर खंती में उतार दिया गया। लेकिन पुलिस की गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नीलेश अहिरवार को उसके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान वह भागने की कोशिश में गिर पड़ा, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। वहीं दूसरा आरोपी अंशुल यादव को अमोदा तिराहे के पास उस समय पकड़ा गया जब वह फरार होने की तैयारी में था और परिजनों से मिलने आया था। दोनों आरोपियों से पूछताछ में वारदात में इस्तेमाल लाठी-रॉड भी बरामद कर ली गई है।
    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी नीलेश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ पहले से 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे जिला बदर भी किया जा चुका है। वहीं अंशुल यादव के खिलाफ भी मारपीट का मामला दर्ज है।
    इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने चक्काजाम किया और शराब दुकान में आगजनी की भी घटना सामने आई थी। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों  भगवत पटेल, छोटू उर्फ हर्ष सिंह और अभिषेक पटेल  की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

  • नोएडा में पिज्जा शॉप पर बड़ा बवाल: थूककर खाना बनाने का आरोप, मालिक गिरफ्तार; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    नोएडा में पिज्जा शॉप पर बड़ा बवाल: थूककर खाना बनाने का आरोप, मालिक गिरफ्तार; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप



    नई दिल्ली। नोएडा के सेक्टर-22 स्थित चौड़ा गांव में एक पिज्जा शॉप को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दुकान पर काम करने वाले शख्स मुजम्मिल पर पिज्जा तैयार करने के दौरान कथित तौर पर अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में गुस्सा भड़क गया और लोगों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया।

    जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो में मुजम्मिल नाम का व्यक्ति पिज्जा तैयार करते समय संदिग्ध हरकत करता दिखाई दे रहा है। हालांकि आरोपी का दावा है कि वह आटे से धूल हटाने के लिए फूंक मार रहा था, लेकिन वीडियो के आधार पर स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

    मामला बढ़ने पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष है और वे खाद्य सुरक्षा व स्वच्छता नियमों के सख्त पालन की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अगर कोई दोषी पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी।

  • सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा

    सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी।

    लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाई

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी।

    सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

    शनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई।

    मरने से पहले दिए आरोपियों के नाम

    अस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं।

    शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवाल

    दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

  • सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़; पुलिस ने 42 लाख से अधिक की अवैध राशि वाले बैंक खाते किए फ्रीज

    सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़; पुलिस ने 42 लाख से अधिक की अवैध राशि वाले बैंक खाते किए फ्रीज


    नई दिल्ली। खेल के मौजूदा रोमांच के बीच सट्टेबाजी के अवैध धंधे के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम ने इस ऑपरेशन के तहत क्षेत्र के ही रहने वाले चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी कथित तौर पर लंबे समय से एक सुनियोजित तरीके से इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि यह गिरोह न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग के खेल में भी गहराई से शामिल था।

    जांच के दौरान अधिकारियों को आरोपियों के बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि अवैध सट्टेबाजी से अर्जित की गई लगभग 42.3 लाख रुपये की राशि वाले विभिन्न बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। इन खातों में जमा रकम का स्रोत और लेनदेन का तरीका बेहद संदिग्ध पाया गया है, जिसकी अब बारीकी से वित्तीय ऑडिट की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम केवल सट्टेबाजी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे वैध बनाने के लिए कई डिजिटल रास्तों और जटिल वित्तीय माध्यमों का उपयोग किया गया था।

    गिरफ्तारी के दौरान मौके से सट्टेबाजी के संचालन में उपयोग किए जाने वाले भारी मात्रा में उपकरण भी बरामद किए गए हैं। इनमें 11 अत्याधुनिक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और हजारों की नकद राशि शामिल है। जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस गिरोह के तार विदेश से जुड़े हुए हैं। एक मुख्य संदिग्ध, जिसके खाड़ी देशों में छिपे होने का संदेह है, इस पूरे रैकेट के सरगना के रूप में उभरा है। वह अंतरराष्ट्रीय ऐप्स के जरिए लोगों को मैचों पर सट्टा लगाने के लिए आकर्षित करता था और अवैध चैनलों के जरिए लेनदेन को अंजाम देता था।

    मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए अब जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सुराग मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी इस प्रकरण में शामिल किया जा सकता है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों और सहयोगियों के बैंक खातों की भी गहन पड़ताल कर रही है ताकि इस अवैध संपत्ति के पूरे जाल का खुलासा किया जा सके। गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और उन पर पहले से ही जुआ अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।

    इस बड़ी कार्रवाई ने उन अपराधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो तकनीक की आड़ में सट्टेबाजी का काला कारोबार चला रहे थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले किसी भी अवैध वित्तीय लेनदेन पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे सट्टेबाजी के इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के कई और चेहरों से नकाब उतर सकता है।

  • विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार

    विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार


    विदिशा  मध्यप्रदेश के विदिशा में सिविल लाइन थाना पुलिस ने जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से नगदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल सहित करीब 4.44 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। इस कार्रवाई से शहर में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने का स्पष्ट संदेश गया है।

    मुखबिर की सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

    पुलिस को सूचना मिली थी कि बालाजी पैराडाइज कॉलोनी के पीछे स्थित खाली जमीन पर कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 11 आरोपी जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।

    मोबाइल, बाइक और नगदी बरामद

    छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में नगदी बरामद की। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 4 लाख 44 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गौरव साहू, रवि बघेल, अक्षय खान, आसिफ खान, तौफीक खान, दिनेश मालवीय, गौरव सूर्यवंशी, इशान खान, आशीष लोधी, रानू सिलावट और साजिद खान शामिल हैं। ये सभी शहर के अलग-अलग इलाकों जैसे शिव नगर, पुरनपुरा, बजरिया और बेस दरवाजा के निवासी बताए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन में की गई। साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आशुतोष सिंह राजपूत की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

    अवैध गतिविधियों पर सख्ती जारी

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और अपराध पर नियंत्रण करना है।

  • उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल

    उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल


    उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए गंभीर गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना 29 मार्च को मढ़ीवाह क्षेत्र में हुई थी। पीड़ित किशोरी अपने परिचित युवक के साथ जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर गई थी। वहां पास के जंगल में पहले से मौजूद आरोपियों ने सुनसान इलाके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर किशोरी के साथ आए युवक को भी पीटा गया।

    घटना के तुरंत बाद दोनों पीड़ितों ने किसी तरह वहां से निकलकर घर लौटे। भय और मानसिक आघात के कारण मामला तुरंत सामने नहीं आ सका। लगभग पांच दिन बाद पीड़ित परिवार ने हिम्मत जुटाकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। त्वरित कार्रवाई में मनीष बैगा, विशाल बैगा, हरिपाल बैगा और सूरज बैगा सहित एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

    सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।सोमवार को एसडीओपी पुन्नू सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस पूरी तत्परता के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गई थी और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।