Tag: Police Investigation

  • शिवपुरी में सड़क हादसे ने छीन ली एक जिंदगी, सत्संग से लौट रहे युवक को अज्ञात वाहन ने कुचला, पुलिस ने दर्ज किया केस

    शिवपुरी में सड़क हादसे ने छीन ली एक जिंदगी, सत्संग से लौट रहे युवक को अज्ञात वाहन ने कुचला, पुलिस ने दर्ज किया केस


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई। मृतक की पहचान 38 वर्षीय देशराज अहिरवार निवासी बांसगढ़ थाना करैरा के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक देशराज बदरवास में आयोजित सत्संग में शामिल होने के बाद बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान शनिवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर रायश्री कट के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि वाहन का पहिया उनके शरीर के ऊपर से निकल गया। हादसे में देशराज की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
    हादसे की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। शुरुआती जानकारी के अनुसार दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस अज्ञात वाहन चालक का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
    पुलिस ने इस मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अब जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किस वाहन से हुआ और दुर्घटना के समय चालक किस दिशा में जा रहा था। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर वाहन की पहचान करने में जुटी है। चालक का पता चलने के बाद दुर्घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। खासकर कट और मोड़ वाले स्थानों पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। हालांकि देशराज के साथ हुए हादसे की वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह सामने आया है कि सत्संग से लौटते समय उनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी और इस दुर्घटना में उनकी जान चली गई।
    देशराज की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह सत्संग में शामिल होकर घर लौट रहे थे लेकिन रास्ते में हुई दुर्घटना ने उनकी जिंदगी खत्म कर दी। पुलिस अब हादसे में शामिल वाहन और उसके चालक की पहचान करने पर ध्यान दे रही है। जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

  • सरकारी दस्तावेजों तक पहुंचने के लिए तोड़ा गया ताला? कोलारस के पुराने भवन में आग से मचा हड़कंप, साजिश के एंगल से जांच

    सरकारी दस्तावेजों तक पहुंचने के लिए तोड़ा गया ताला? कोलारस के पुराने भवन में आग से मचा हड़कंप, साजिश के एंगल से जांच


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस नगर परिषद के पुराने भवन में शुक्रवार रात आग लगने से सरकारी रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आग इतनी गंभीर थी कि उस पर काबू पाने में समय लगा। जानकारी के मुताबिक रात करीब ढाई बजे आग बुझाई जा सकी। घटना के बाद पुराने भवन में रखे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को हुए नुकसान का मामला सामने आया है। वहीं भवन के दरवाजे का ताला टूटा मिलने से आग लगने की वजह को लेकर संदेह गहरा गया है।
    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुराने भवन में आग लगने की घटना सामान्य हादसा भी हो सकती है लेकिन ताला टूटा मिलने के कारण जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि आग किसी ने लगाई या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था। कोलारस थाना पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
    जानकारी के मुताबिक कोलारस नगर परिषद का कार्यालय वर्ष 2014-15 में जगतपुर चौराहे के पास नए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद से नगर परिषद का नियमित कामकाज नए कार्यालय से संचालित हो रहा है। इससे पहले नगर परिषद का काम पुराने भवन से होता था। नगर पंचायत के समय से लेकर वर्ष 2013 तक के रिकॉर्ड पुराने भवन के परिषद हॉल में रखे हुए थे। आग लगने से इसी स्थान पर रखे सरकारी दस्तावेज प्रभावित हुए हैं। हालांकि कितने रिकॉर्ड पूरी तरह नष्ट हुए हैं और कितने दस्तावेजों को आंशिक नुकसान पहुंचा है इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
    पुराने सरकारी रिकॉर्ड प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इनमें पुराने निर्णयों और कार्यालयीन कार्यवाही से जुड़े दस्तावेज शामिल होने की संभावना रहती है। ऐसे में आग की घटना के बाद रिकॉर्ड के नुकसान का आकलन करना भी जरूरी होगा। संबंधित विभाग को यह पता लगाना होगा कि कौन-कौन से दस्तावेज प्रभावित हुए हैं और क्या उनकी प्रतियां किसी अन्य कार्यालय या डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं।
    भवन का ताला टूटा मिलने के बाद इस घटना में किसी की भूमिका होने की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। हालांकि केवल ताला टूटा मिलना अपने आप में साजिश का प्रमाण नहीं है। जांच के दौरान पुलिस को यह पता लगाना होगा कि भवन में प्रवेश कैसे हुआ और आग किन परिस्थितियों में लगी। घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्य और अन्य उपलब्ध जानकारी जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
    कोलारस थाना पुलिस फिलहाल आग लगने की घटना को हादसे और संभावित साजिश दोनों एंगल से देख रही है। आग लगने का कारण स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि घटना दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक गतिविधि थी। फिलहाल सरकारी रिकॉर्ड को हुए नुकसान और पुराने भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • सड़क पर हंसिया लेकर मचाया हंगामा, दो भाइयों से गाली-गलौज और हमले की कोशिश, साथी बाइक लेकर फरार

    सड़क पर हंसिया लेकर मचाया हंगामा, दो भाइयों से गाली-गलौज और हमले की कोशिश, साथी बाइक लेकर फरार


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के कोर्ट रोड स्थित दुर्गा टॉकीज के पास बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाथ में हंसिया लेकर पहुंचे एक युवक ने दो भाइयों के साथ गाली-गलौज करते हुए हमला करने का प्रयास किया। आरोप है कि युवक नशे की हालत में सड़क पर हंसिया लहराते हुए दोनों भाइयों की ओर बढ़ा। अपनी सुरक्षा के लिए दोनों भाइयों ने उसे पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे बाइक सवार दो युवक दुर्गा टॉकीज के पास पहुंचे थे। इनमें से एक युवक के हाथ में हंसिया था। आरोप है कि उसने नशे की हालत में सड़क पर हंसिया लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े नीरज शर्मा तथा उनके भाई के पास पहुंचकर गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि युवक ने दोनों भाइयों पर हंसिया से हमला करने की कोशिश भी की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जमा हो गई।

    बताया गया कि अपनी सुरक्षा के लिए नीरज शर्मा और उनके भाई ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए गए। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने युवक के बंधे हुए पैर खोले और उसे अपने वाहन से थाने ले गई। मौके पर हुई इस कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ लगी रही। हालांकि घटनास्थल पर युवक को पकड़ने के दौरान क्या-क्या हुआ इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    हंगामा करने वाले युवक की पहचान दीपक नामदेव निवासी कृष्णपुरम कॉलोनी के रूप में बताई गई है। वह बाइक पर एक अन्य युवक के साथ वहां पहुंचा था। घटना के दौरान उसके साथ मौजूद दूसरा युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसके साथी के बारे में जानकारी जुटा सकती है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर सकती है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दीपक नामदेव ने नीरज शर्मा और उनके भाई पर हमला करने का प्रयास क्यों किया। जानकारी के अनुसार नीरज शर्मा ने भी आरोपी को पहचानने से इनकार किया है। ऐसे में विवाद की वजह सामने आना बाकी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दोनों भाइयों के बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    दुर्गा टॉकीज के पास रात के समय हुई इस घटना ने कुछ देर के लिए इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक के साथ मौके पर मौजूद दूसरे व्यक्ति की भूमिका भी स्पष्ट होना बाकी है।

  • दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल । भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक युवक और नाबालिग लड़की की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों के शव एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में फंदे पर लटके मिले। मृतक युवक की उम्र 22 वर्ष बताई गई है और वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था। वहीं उसके साथ मृत मिली लड़की 16 वर्ष की थी और हबीबगंज क्षेत्र की निवासी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    पुलिस के मुताबिक युवक की पहचान अमन सारूमगर के रूप में हुई है। वह अरेरा कॉलोनी के ई-7 क्षेत्र में एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में रहता था। उसकी मां उसी बंगले में खाना बनाने का काम करती थीं। अमन अपने पिता के साथ भोपाल में 11 नंबर क्षेत्र स्थित गणेश मंदिर के पास फास्ट फूड का ठेला भी लगाता था। परिवार में उसका एक बड़ा भाई और छोटी बहन हैं। बताया गया है कि करीब एक सप्ताह पहले उसका परिवार नेपाल गया था। परिवार के बाहर होने के कारण अमन घर में अकेला रह रहा था।

    घटना से पहले गुरुवार शाम अमन ने अपने दोस्त आर्यन से शराब लाने के लिए कहा था। दोस्त शराब पहुंचाने के बाद अपने कमरे पर लौट गया। रात करीब आठ बजे अमन ने उसे मोबाइल पर एक ऑडियो संदेश भेजा। इस संदेश में उसने दोस्त के प्रति आभार जताया और अलविदा कहा। संदेश सुनकर आर्यन को किसी अनहोनी की आशंका हुई और वह तुरंत अमन के कमरे पर पहुंचा। हालांकि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जब उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो अमन और लड़की फंदे पर लटके मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।


    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अमन और लड़की की पहचान करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और वे एक-दूसरे के करीब आ गए। लड़की दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। वह अपने परिवार की इकलौती बेटी बताई गई है। उसके पिता कपड़े की दुकान पर सेल्समैन का काम करते हैं और परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है। दोनों की मौत की खबर मिलने के बाद परिवारों में शोक का माहौल है।

    पुलिस जांच के दौरान अमन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक प्रेगनेंसी टेस्ट किट की तस्वीर पोस्ट किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि इस तस्वीर का घटना से क्या संबंध है यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने फिलहाल इसे मौत की वजह घोषित नहीं किया है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

    जांच अधिकारी सी अजय दुबे के मुताबिक दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ऑडियो संदेश सहित घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किन परिस्थितियों में दोनों की मौत हुई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • राशन दुकान में चोरी का सनसनीखेज मामला, चौकीदार ने दो आरोपियों को पहचानने का किया दावा, मौके पर मिला मोबाइल

    राशन दुकान में चोरी का सनसनीखेज मामला, चौकीदार ने दो आरोपियों को पहचानने का किया दावा, मौके पर मिला मोबाइल


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र के तिलातिली गांव में सरकारी राशन दुकान से अनाज चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। देर रात हुई इस घटना में अज्ञात लोगों ने राशन दुकान के ताले तोड़कर वहां रखा अनाज निकाल लिया। आरोपी दुकान से तीन बोरी चावल और एक बोरी गेहूं लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान दुकान की सुरक्षा के लिए तैनात चौकीदार मौके पर पहुंच गया जिसके बाद उसकी आरोपियों के साथ झूमाझटकी भी हुई। बताया जा रहा है कि चौकीदार के पहुंचने से आरोपी घबरा गए और वहां से भागने लगे। इसी दौरान उनका एक मोबाइल फोन मौके पर छूट गया। आरोपी तीन पहिया वाहन से मौके से फरार होने में सफल रहे।

    घटना के बाद गांव में भी इसकी जानकारी तेजी से फैल गई। राशन दुकान के चौकीदार रंजीत यादव ने पुलिस को घटना की जानकारी दी और दावा किया कि उसने चोरी करने आए दो लोगों को पहचान लिया है। चौकीदार के मुताबिक उसने सीताराम कुशवाह और मोहन कुशवाह को मौके पर देखा था। पुलिस अब चौकीदार द्वारा बताए गए नामों के आधार पर भी मामले की जांच कर रही है। मौके से मिला मोबाइल फोन भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है। पुलिस मोबाइल की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि फोन किसका है और घटना के समय वह किन लोगों के संपर्क में था।

    राशन दुकान के सेल्समैन छत्रपाल यादव ने भी दुकान से अनाज चोरी होने की पुष्टि की है। उनके मुताबिक दुकान में रखा सरकारी राशन गायब मिला है। घटना के बाद बदरवास थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

    इस मामले में पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम की पूरी कड़ी को समझने में जुटी है। बदरवास थाना प्रभारी नवीन यादव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह पूरा घटनाक्रम वास्तव में राशन दुकान में चोरी से जुड़ा है या फिर इसके पीछे दो पक्षों के बीच हुआ कोई विवाद है। पुलिस चौकीदार के बयान के साथ ही मौके से मिले मोबाइल और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

    सरकारी राशन दुकान से अनाज चोरी का मामला होने के कारण पुलिस के सामने यह भी चुनौती है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान जल्द से जल्द की जाए और चोरी गए राशन का पता लगाया जाए। फिलहाल पुलिस घटनास्थल से मिले सुरागों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राशन दुकान में चोरी की घटना किस तरह हुई और इसमें कौन लोग शामिल थे।

  • ‘दृश्यम-3’ देखने के बाद घर लौटा PG डॉक्टर, मां से की बात फिर EX-गर्लफ्रेंड के फ्लैट पर पहुंचकर कर दी फायरिंग

    ‘दृश्यम-3’ देखने के बाद घर लौटा PG डॉक्टर, मां से की बात फिर EX-गर्लफ्रेंड के फ्लैट पर पहुंचकर कर दी फायरिंग


    भोपाल । भोपाल में एक्स गर्लफ्रेंड डॉक्टर श्वेता ठाकुर पर फायरिंग करने वाले पीजी डॉक्टर नवीन रोहिला की वारदात से पहले की गतिविधियों से मामले की कई कड़ियां सामने आई हैं। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक फायरिंग से कुछ घंटे पहले नवीन अपने दोस्तों के साथ दृश्यम-3 फिल्म देखने गया था। फिल्म देखने के बाद वह रात करीब 9:30 बजे घर लौटा और मां से वीडियो कॉल पर बातचीत की। परिवार से बातचीत के दौरान उसकी गतिविधियां सामान्य नजर आ रही थीं। इसके कुछ समय बाद वह श्वेता के फ्लैट पर पहुंचा जहां दोनों के बीच विवाद हुआ और नवीन ने कथित तौर पर तीन राउंड फायर कर दिए।

    फायरिंग में श्वेता की जान बाल बाल बची। पुलिस के मुताबिक गोली उसकी कनपटी को छूकर निकल गई। इस दौरान बीच बचाव करने पहुंचे श्वेता के कजिन अभिषेक ठाकुर को भी गोली लग गई। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। फायरिंग करने के बाद नवीन ने खुद भी आत्महत्या की कोशिश की। वह घायल अवस्था में मिला जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसके सीने हाथ और पेट पर छर्रे लगने जैसे घाव मिले हैं। फिलहाल उसका सीटी स्कैन और अन्य चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि नवीन और श्वेता के बीच करीब सात साल से संबंध थे। नवीन मूल रूप से राजगढ़ का रहने वाला है और करीब सात साल से भोपाल में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात श्वेता से हुई थी। नवीन ने आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज से बीएचएमएस की पढ़ाई पूरी की और फिलहाल पीजी सेकंड ईयर में अध्ययन कर रहा था। श्वेता भी डॉक्टर है और दोनों के बीच लंबे समय से संबंध होने की बात सामने आई है।

    पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्ते में अनबन चल रही थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि श्वेता रिश्ता खत्म कर किसी दूसरे युवक से शादी करना चाहती थी। पुलिस का कहना है कि नवीन इस फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रहा था। श्वेता के दूसरे युवकों से बातचीत करने को लेकर भी दोनों के बीच विवाद होता था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच फोन पर बहस होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद नवीन श्वेता के फ्लैट पर पहुंचा और वहां विवाद के बाद फायरिंग की घटना हुई।

    घटना से पहले नवीन की कुछ गतिविधियां सामान्य होने की बात परिवार की ओर से कही गई है। उसने अपनी भतीजी के लिए एक टॉय कार भी राजगढ़ कूरियर की थी। इसके बाद वह दोस्तों के साथ फिल्म देखने गया और घर लौटकर मां से वीडियो कॉल पर बात की। परिवार के मुताबिक बातचीत के दौरान ऐसा कोई संकेत नहीं मिला जिससे अंदाजा हो कि वह कुछ गंभीर कदम उठाने वाला है। इसके बाद अचानक हुई फायरिंग की घटना से परिवार भी स्तब्ध है।

    नवीन के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में उसकी मां भाई और भाभी हैं। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल चैट और घटना से पहले की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और विवाद किस बात को लेकर बढ़ा। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल श्वेता और अभिषेक के घायल होने के साथ नवीन के भी अस्पताल में भर्ती होने से मामला गंभीर बना हुआ है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।

  • प्रेमिका से फोन पर विवाद के बाद युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, भोपाल में 19 वर्षीय अरशद की इलाज के दौरान मौत

    प्रेमिका से फोन पर विवाद के बाद युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, भोपाल में 19 वर्षीय अरशद की इलाज के दौरान मौत


    भोपाल । भोपाल के बरखेड़ी जहांगीराबाद में 19 वर्षीय युवक मोहम्मद अरशद की जहरीला पदार्थ खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। गंभीर हालत में परिजन उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। परिजनों के मुताबिक जहरीला पदार्थ खाने से पहले अरशद की अपनी प्रेमिका से फोन पर बातचीत हुई थी और इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ था। परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद ही अरशद ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और युवक का मोबाइल भी जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।

    मृतक की पहचान मोहम्मद अरशद पिता मोहम्मद खालिद के रूप में हुई है। वह बरखेड़ी जहांगीराबाद का रहने वाला था। अरशद अपने पिता के साथ सेंटरिंग ठेकेदारी के काम में हाथ बंटाता था। परिवार में वह दूसरे नंबर का बेटा था। उसके एक छोटा भाई और छोटी बहन भी है। अचानक हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    परिजनों के अनुसार अरशद का एक युवती से प्रेम संबंध था और दोनों के बीच काफी समय से बातचीत होती थी। परिवार को भी इस रिश्ते की जानकारी थी। कुछ दिन पहले अरशद के परिजनों ने युवती के परिवार के सामने शादी का रिश्ता रखा था। परिवार का कहना है कि रिश्ता भेजने के बाद युवती के घर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद से अरशद परेशान रहने लगा था। हालांकि वह युवती से फोन पर बातचीत करता रहा।

    मृतक के पिता मोहम्मद खालिद ने बताया कि बुधवार रात अरशद की युवती से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके कुछ समय बाद अरशद जहरीला पदार्थ खाकर घर पहुंचा। घर आने के बाद उसने अपने पिता से तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए कहा। उसकी हालत बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलने के बाद जहांगीराबाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। गुरुवार दोपहर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने अरशद का मोबाइल भी अपने कब्जे में लिया है। अब मोबाइल की जांच और कॉल डिटेल के जरिए उसकी आखिरी बातचीत की जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले युवक की किन लोगों से बातचीत हुई थी और आखिरी फोन कॉल में क्या हुआ था।

    परिजनों का कहना है कि अरशद की मौत के पीछे फोन पर हुई बातचीत की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों मोबाइल की जानकारी कॉल डिटेल और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही घटना की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच जारी रखी है।

  • भोपाल में गर्भवती महिला की मौत से सनसनी, पिता बोले- नशे में पति करता था मारपीट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

    भोपाल में गर्भवती महिला की मौत से सनसनी, पिता बोले- नशे में पति करता था मारपीट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार


    भोपाल । भोपाल के डिपो चौराहा स्थित आदिवासी हॉस्टल में गुरुवार सुबह 23 वर्षीय गर्भवती महिला प्रियंका अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रियंका चार महीने की गर्भवती थी और अपने पति विष्णु अहिरवार के साथ हॉस्टल में रहती थी। विष्णु इसी हॉस्टल में केयरटेकर के तौर पर काम करता है। पुलिस की शुरुआती जांच में प्रियंका द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है लेकिन उसके गले और पीठ पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है।

    पुलिस के मुताबिक घटना गुरुवार सुबह करीब 4 बजे की है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जांच में आत्महत्या की बात सामने आने के बावजूद शरीर पर मिले चोट के निशानों ने मामले को संदिग्ध बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोट के निशान किस परिस्थिति में आए और महिला की मौत से उनका कोई संबंध है या नहीं।

    प्रियंका के पिता गजराज सिंह ने अपने दामाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रियंका मूल रूप से विदिशा जिले के टेरन तहसील क्षेत्र की रहने वाली थी। करीब तीन साल पहले उसने विष्णु अहिरवार के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही प्रियंका पति के साथ आदिवासी हॉस्टल में रह रही थी। पिता के अनुसार उनकी बेटी वर्तमान में चार महीने की गर्भवती थी।


    गजराज सिंह का आरोप है कि प्रियंका ने फोन पर कई बार पति के व्यवहार की शिकायत की थी। वह कथित तौर पर बताती थी कि विष्णु नशे की हालत में उसके साथ मारपीट करता था। पिता ने यह भी कहा कि बेटी की मौत की जानकारी उन्हें सीधे पति या ससुराल पक्ष की ओर से नहीं दी गई। हॉस्टल के पास रहने वाले एक परिचित ने फोन कर उन्हें प्रियंका की मौत की सूचना दी। इस बात ने भी परिवार के बीच कई सवाल खड़े किए हैं।

    पुलिस फिलहाल पिता के आरोपों और घटनास्थल से मिले तथ्यों दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। एएसआई असीम साहू के मुताबिक अभी तक मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मृतका के परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह और शरीर पर मिले चोट के निशानों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना से पहले पति और पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं। हॉस्टल में मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है। फिलहाल मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और बयानों का इंतजार कर रही है। प्रियंका की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और अब जांच के जरिए यह स्पष्ट होने का इंतजार है कि उसकी मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

  • वेंटिलेटर पर थी 23 साल की दीक्षा, बोल नहीं पाई तो भाई के हाथ पर लिखे तीन नामों के संकेत, ससुराल पर गंभीर आरोप

    वेंटिलेटर पर थी 23 साल की दीक्षा, बोल नहीं पाई तो भाई के हाथ पर लिखे तीन नामों के संकेत, ससुराल पर गंभीर आरोप


    जबलपुर ।जबलपुर में 23 वर्षीय नवविवाहिता की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। मायके वालों ने दीक्षा पांडे की मौत को लेकर उसके पति अक्षय उर्फ सतीष मिश्रा सास उमा मिश्रा और ननद सोनम पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि शादी के करीब डेढ़ साल बाद भी बच्चा नहीं होने को लेकर दीक्षा को लगातार ताने दिए जा रहे थे। हालत बिगड़ने के बाद उसे जबलपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां वह वेंटिलेटर पर थी। बोलने की स्थिति में नहीं होने के कारण उसने भाई से लिखकर बातचीत करने की कोशिश की।

    दीक्षा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर की रहने वाली थी। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी छतरपुर निवासी अक्षय से हुई थी। अक्षय सीआरपीएफ में नागपुर में पदस्थ है। परिवार के मुताबिक 24 सितंबर को अक्षय दीक्षा को लेकर छतरपुर आया था। इसके बाद 27 सितंबर को परिवार के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दोनों हटा थाना क्षेत्र के ग्राम पाटन स्थित चाचा ससुर के घर पहुंचे थे।

    मायके पक्ष के अनुसार 29 सितंबर की दोपहर दीक्षा अपनी मां से फोन पर बातचीत कर रही थी। इसी दौरान उसकी ननद सोनम से विवाद होने की बात सामने आई। भाई भूपेंद्र का आरोप है कि सोनम दीक्षा को जबरन घर से बाहर ले जाने लगी। परिवार का दावा है कि फोन पर बातचीत के दौरान उसकी मां ने दीक्षा की आवाज सुनी थी। इसके बाद कथित तौर पर उसका मुंह दबाने और गला दबाने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    घटना के बाद दीक्षा की हालत गंभीर बताई गई और उसे जबलपुर के बड़ेरिया प्राइम अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक होने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा। जानकारी मिलने के बाद उसका भाई भूपेंद्र झांसी से जबलपुर पहुंचा। दीक्षा बोल नहीं पा रही थी इसलिए भाई ने उससे लिखकर बातचीत करने की कोशिश की।

    भूपेंद्र के मुताबिक इसी दौरान दीक्षा ने अपनी हथेली पर पेन से S U और A अक्षर लिखे। मायके वालों ने इन अक्षरों को सोनम उमा और अक्षय के नाम से जोड़ते हुए दावा किया कि दीक्षा ने अपनी हालत के बावजूद आरोपियों की ओर संकेत करने की कोशिश की थी। परिवार ने इसे घटना से जुड़ा अहम संकेत बताया है। हालांकि इन अक्षरों का वास्तविक अर्थ क्या था और इन्हें किस संदर्भ में लिखा गया था यह जांच का विषय है।

    मायके पक्ष ने दीक्षा के गले पर निशान होने का भी दावा किया है। परिवार का आरोप है कि बच्चा नहीं होने की वजह से उसे ससुराल में मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। परिजनों के मुताबिक लगातार तनाव के कारण दीक्षा कुछ समय अपने पति के साथ नागपुर में रहने लगी थी। उनका आरोप है कि वहां रहने के दौरान भी उसे फोन के जरिए परेशान किया जाता था।

    दीक्षा को 30 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद तहसीलदार की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार सोमवार को झांसी में अंतिम संस्कार करेगा।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गोहलपुर थाना प्रभारी रीतेश पांडे के अनुसार घटनास्थल हटा थाना क्षेत्र में आता है। गोहलपुर पुलिस ने जीरो पर मर्ग कायम किया है और मर्ग डायरी जांच के लिए हटा थाने भेजी जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब परिवार के आरोपों के साथ घटनास्थल और मेडिकल साक्ष्यों की भी जांच करेगी।

  • राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार वरुण की तलाश तेज, आगरा से वृंदावन पहुंचा आरोपी, 50 हजार का इनाम और 12 टीमें पीछे

    राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार वरुण की तलाश तेज, आगरा से वृंदावन पहुंचा आरोपी, 50 हजार का इनाम और 12 टीमें पीछे


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश लगातार तेज होती जा रही है। पुलिस की जांच में वरुण की ताजा लोकेशन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में मिली है। यह जगह भोपाल से करीब 612 किलोमीटर दूर है। इससे पहले उसकी लोकेशन आगरा और आगरा से वृंदावन जाने वाले रास्ते पर ट्रेस हुई थी। पुलिस अब CCTV फुटेज और तकनीकी लोकेशन के आधार पर उसके पूरे रूट को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

    जांच में सामने आए नए CCTV फुटेज में वरुण बाइक से स्टेशन के आसपास जाता दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक स्टेशन तक पहुंचने के लिए उसने दो अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल किया था। इससे पहले सामने आए फुटेज में वह पैदल जाता हुआ भी दिखाई दिया था। पुलिस को शक है कि वारदात के बाद वरुण लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके।

    पुलिस के अनुसार पिछले 24 घंटे में वरुण की गतिविधियां आगरा वृंदावन रोड और आसपास के इलाकों में सामने आई हैं। टीमों ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से निकल गया। वह किसी एक स्थान पर ज्यादा देर नहीं रुक रहा है और यात्री वाहनों का इस्तेमाल कर लगातार जगह बदल रहा है। यही वजह है कि उसकी सटीक लोकेशन तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।

    वरुण की तलाश के लिए मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में पुलिस की 12 टीमें लगाई गई हैं। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस उसके पुराने संपर्कों और संभावित मददगारों की जानकारी भी जुटा रही है। इसी सिलसिले में भोपाल पुलिस की एक टीम पटियाला पहुंची थी। वहां वरुण की बहन से पूछताछ कर उसके संपर्क और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई गई। पुलिस के मुताबिक परिवार से भी लंबे समय से उसका संपर्क नहीं था।

    जांच में एक अहम जानकारी यह भी सामने आई है कि हत्या के बाद वरुण राकेश अग्रवाल का मोबाइल अपने साथ लेकर गया था। आगरा पहुंचने के बाद उसने यह मोबाइल एक परिचित को दे दिया था। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल की गतिविधियों और वरुण से जुड़ी तकनीकी जानकारी खंगाली। इसी आधार पर उसकी गतिविधियों का ट्रेल आगरा और मथुरा क्षेत्र तक पहुंचा।

    राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि हत्या धारदार सर्जिकल ब्लेड से की गई। वारदात के बाद से ही उनका केयरटेकर वरुण फरार है। अब पुलिस CCTV फुटेज तकनीकी लोकेशन और उसके संपर्कों को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि वृंदावन से आगे वह किस दिशा में गया है। पुलिस का फोकस उसे जल्द पकड़ने के साथ हत्या के पीछे की पूरी वजह सामने लाने पर भी है।