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  • देवास में कॉलोनी की सुरक्षा पर सवाल घर के बाहर खड़ी कार पर हमला महिलाओं ने बताई शराबियों की दहशत

    देवास में कॉलोनी की सुरक्षा पर सवाल घर के बाहर खड़ी कार पर हमला महिलाओं ने बताई शराबियों की दहशत


    देवास । देवास की स्वास्थ्य कर्मचारी कॉलोनी में शुक्रवार देर रात हुई तोड़फोड़ की एक घटना ने इलाके के रहवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी एक कार पर शराब की बोतल फेंककर उसका कांच तोड़ दिया। घटना के बाद कॉलोनी में दहशत और आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

    पीड़ित समता श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी कार रोज की तरह घर के सामने खड़ी थी। देर रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने शराब की बोतल फेंककर कार का शीशा तोड़ दिया। सुबह या घटना की जानकारी मिलने पर परिवार बाहर आया तो वाहन क्षतिग्रस्त मिला। उन्होंने बताया कि घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है और इसकी फुटेज पुलिस को सौंप दी जाएगी ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जा सके।

    पुलिस ने आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगालना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज से घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

    इस घटना के बाद कॉलोनी की महिलाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है। समता श्रीवास्तव का आरोप है कि शाम होते ही कुछ असामाजिक तत्व कॉलोनी के आसपास खुलेआम शराब पीते हैं और वहां से गुजरने वाली महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। इससे महिलाओं और परिवारों में लगातार असुरक्षा की भावना बनी रहती है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

    कॉलोनी की अन्य महिलाओं ने भी इसी तरह की शिकायतें दोहराते हुए कहा कि इलाके में शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा आम बात हो गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। रहवासियों ने पुलिस प्रशासन से नियमित गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने की मांग की है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कॉलोनी में खड़े वाहनों के साथ तोड़फोड़ और उपद्रव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से रहवासियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका आरोप है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ समय पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हो रहे हैं और वे बेखौफ होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

    पीड़ित परिवार ने मामले की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में देने की बात कही है। वहीं कॉलोनी के लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए शराब पीकर उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाए ताकि कॉलोनी में रहने वाले परिवार सुरक्षित माहौल में रह सकें।

    कोतवाली पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज सहित उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

  • दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग

    दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म प्रकरण में मंगलवार को नया मोड़ सामने आया, जब आरोपी के पिता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पारिवारिक रंजिश के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध शैक्षणिक दस्तावेजों के अनुसार आरोपी बालिग है और मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है।

    आरोपी के पिता अपने समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को उनके पुत्र विशाल के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता महिला और उसके मायके पक्ष से उनके परिवार की पुरानी रंजिश चली आ रही है, जिसके कारण उनके बेटे को साजिश के तहत झूठे प्रकरण में फंसाया गया है।

    पिता ने दावा किया कि जिस समय कथित घटना हुई, उस समय उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था। उनके अनुसार, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य इस बात की पुष्टि कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले की जांच केवल आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जाए। इसके लिए उन्होंने डीएनए जांच कराने और सीसीटीवी फुटेज की जांच की भी मांग की। उन्होंने बताया कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।

    आवेदन में पिता ने यह भी कहा कि उनका बेटा नाबालिग है और वर्तमान में पोहरी उप जेल में बंद है। उन्होंने मांग की कि यदि उसकी उम्र नाबालिग साबित होती है तो उसे तत्काल किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किशोर बंदी गृह में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उसकी मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

    वहीं बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने आरोपी पक्ष के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस ने उपलब्ध शैक्षणिक अंकसूची और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को बालिग माना है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की शिकायत और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। साथ ही आरोपी पक्ष द्वारा प्रस्तुत सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि बैराड़ थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय विवाहिता ने 14 जुलाई को विशाल रावत के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि आरोपी पिछले दो वर्षों से उस पर शादी का दबाव बना रहा था। उसने मार्च 2026 में घर में घुसकर दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा। महिला की अप्रैल 2026 में शादी हो चुकी है। उसका आरोप है कि 12 जुलाई को मायके आने के दौरान आरोपी ने रास्ते में रोककर मारपीट की और दोबारा दुष्कर्म किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पक्षों से मिले साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।

  • त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप सुसाइड की आशंका जांच में जुटीं एजेंसियां

    त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप सुसाइड की आशंका जांच में जुटीं एजेंसियां


    उत्तर प्रदेश । यूपी के बागपत जिले के मूल निवासी और त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। सोमवार सुबह उनका शव अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मिला। अधिकारियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम हर पहलू की गहन जांच कर रही है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक मौत के वास्तविक कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

    अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी थे। उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उनकी पहचान एक सख्त और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में रही। वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों की जांच में भी उनकी अहम भूमिका रही थी जिसके कारण वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे।

    उनकी अचानक मौत की खबर सामने आते ही पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। घटनास्थल को सुरक्षित कर पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से मिले सभी तथ्यों और परिस्थितियों का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।

    अनुराग धनखड़ उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिहारीपुर गांव के रहने वाले थे। ग्रामीणों के अनुसार वे करीब पच्चीस वर्ष पहले आखिरी बार अपने पैतृक गांव आए थे। गांव में उनका पुश्तैनी मकान आज भी मौजूद है लेकिन लंबे समय से बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार के सदस्य अब गांव में नहीं रहते।

    उनका शुरुआती जीवन बेहद सामान्य माहौल में बीता। उन्होंने गांव के प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चले गए। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। मेहनत और ईमानदारी के दम पर उन्होंने पुलिस सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और अंततः त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक बने।

    परिवार में उनकी पत्नी कल्पना और बेटा अभिषेक हैं। अभिषेक वर्तमान में कनाडा में रहते हैं। उनके दो भाई भी हैं जिनमें एक बड़ौत में व्यवसाय करते हैं जबकि दूसरे वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद निजी क्षेत्र में कार्यरत रहे हैं।

    उनके बचपन के मित्रों ने उन्हें अनुशासित मेहनती और खेलों में रुचि रखने वाला व्यक्ति बताया। उनके साथ पढ़ने वाले साथियों के अनुसार वे वॉलीबॉल के अच्छे खिलाड़ी थे और हमेशा नेतृत्व की क्षमता दिखाते थे। यही गुण आगे चलकर उनके प्रशासनिक जीवन में भी दिखाई दिए।

    फिलहाल पुलिस मुख्यालय में हुई इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जांच एजेंसियां हर पहलू की निष्पक्ष जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच पुलिस विभाग ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पूरे मामले की पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया है। देश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में गिने जाने वाले अनुराग धनखड़ का अचानक इस तरह दुनिया से चले जाना प्रशासनिक जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

  • 24.90 लाख की लूट में तीन सिपाही गिरफ्तार, झांसी लाकर पूछताछ, छह लोगों पर दर्ज हुई FIR

    24.90 लाख की लूट में तीन सिपाही गिरफ्तार, झांसी लाकर पूछताछ, छह लोगों पर दर्ज हुई FIR


    झांसी। सूरत के एक ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी से 24.90 लाख रुपये की कथित लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार देर रात जालौन में दबिश देकर तीनों को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद रविवार शाम उन्हें पूछताछ के लिए झांसी लाया गया।

    कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में तीन सिपाहियों समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप सामने आने के बाद जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    झांसी के तीन युवकों की भी तलाश
    जांच में झांसी के तीन युवकों की कथित संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा इन्हीं के पास होने की आशंका जताई जा रही है।

    कारोबारी के मुंशी का किया था अपहरण
    पुलिस के मुताबिक, सूरत निवासी ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल के मुंशी किशन पांचाल (30) का गुरुवार शाम काले रंग की क्रेटा कार में आए आरोपियों ने कथित रूप से अपहरण कर लिया था। आरोप है कि तीन सिपाहियों ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर रुपये से भरा बैग लूट लिया और बाद में किशन पांचाल को कानपुर बाईपास के पास छोड़कर फरार हो गए।

    CCTV फुटेज से हुई पहचान
    घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में तीन पुलिसकर्मी वर्दी में दिखाई दिए। उनकी पहचान राघवेंद्र राजपूत, नीरज राजपूत और मनोज के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद तीनों झांसी-कानपुर हाईवे से उरई की ओर भाग गए थे।

    लोकेशन ट्रैक कर हुई गिरफ्तारी
    मामले के खुलासे के लिए स्वॉट टीम सहित चार पुलिस टीमें गठित की गई थीं। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर रात उरई में दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। रविवार शाम उन्हें झांसी लाकर क्राइम ब्रांच कार्यालय में पूछताछ की गई। पुलिस अब पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

    झांसी में हुई थी तीनों की दोस्ती
    जांच में सामने आया है कि मनोज, राघवेंद्र और नीरज पिछले तीन वर्षों से जालौन पुलिस लाइन में तैनात थे। इससे पहले तीनों पीएसी के माध्यम से झांसी पुलिस लाइन में साथ कार्य कर चुके थे, जहां उनकी आपस में दोस्ती हुई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि मुंशी किशन पांचाल बड़ी नकदी लेकर आने वाला है। वारदात वाले दिन राघवेंद्र और मनोज बिना सूचना झांसी पहुंचे थे, जबकि नीरज छुट्टी लेकर आया था।

    लूटी गई रकम की बरामदगी के प्रयास जारी
    पुलिस झांसी के तीन अन्य संदिग्ध युवकों की तलाश के साथ-साथ 24.90 लाख रुपये की लूटी गई रकम बरामद करने का प्रयास भी कर रही है। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि तीनों गिरफ्तार सिपाहियों से पूछताछ जारी है। साथ ही मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई राशि की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

  • झांसी में 7 साल की बच्ची से दुष्‍कर्म, लोगों ने चप्पलों से पीटा, जमकर की धुनाई, आरोपी पुलिस गिरफ्त में

    झांसी में 7 साल की बच्ची से दुष्‍कर्म, लोगों ने चप्पलों से पीटा, जमकर की धुनाई, आरोपी पुलिस गिरफ्त में

    झांसी । झांसी में एक युवक ने घर से 100 मीटर दूरी पर रहने वाली 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। 7 जुलाई को सुबह 9 बजे के करीब वह अपनी सहेली के साथ घर के बाहर खेल रही थी।

    तभी आरोपी आया और हाथी दिखाने के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गया। सूनी गली में कार के पीछे बच्ची से दरिंदगी की। फिर लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गया। खून से सनी बच्ची को देखकर परिजन सकपका गए। उन्होंने बेटी से पूछताछ की। बेटी ने आरोपी के बारे में इनपुट दिया। जिसके बाद से परिजन आरोपी की तलाश कर रहे थे।

    उन्होंने अपने मकान मालिक को घटना की जानकारी दी थी। उससे बात करने पर आरोपी का सुराग मिला। जिसके बाद शुक्रवार सुबह परिजन उसके घर पहुंचे। आरोपी को पकड़कर अपने घर ले आए। बेटी ने आरोपी को पहचान लिया। उसके बाद भीड़ ने आरोपी की चप्पलों से पिटाई की। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आज दोपहर 12:30 बजे दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।

    यह है पूरा मामला

    7 जुलाई को घर के बाहर से बुलाकर ले गया था
    बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी एक युवक ने बताया- मैं अपने परिवार के साथ एक कॉलोनी में रहता हूं। मेरे 3 बच्चे हैं। जिसमें 12 साल की बेटी, 10 साल का बेटा और सबसे छोटी बेटी 7 साल की है। मैं ई-रिक्शा चलाता हूं, जबकि पत्नी घरों में झाड़ू-पोछा का काम करती है।

    7 जुलाई को सुबह करीब 9 बजे मैं ई-रिक्शा चलाने गया था और पत्नी भी काम पर गई थी। 7 साल की बेटी उस समय घर के बाहर सहेली के साथ खेल रही थी। बाकी के दो बच्चे घर पर थे। तभी एक युवक आया और बेटी से कहने लगा कि चलो हाथी दिखाएंगे। झांसे में आकर बच्ची उसके साथ चली गई। जब सहेली भी साथ जाने लगी तो उसे डांटकर भगा दिया।

    पिता काम से लौटकर आए तो हुई घटना की जानकारी
    पिता ने आगे बताया- आरोपी बेटी को एक सूनी गली में ले गया और वहां पर खड़ी कार के पीछे रेप किया। फिर लहूलुहान हालत में बेटी को छोड़कर भाग गया। शाम लगभग 4 बजे मैं घर पहुंचा तो बेटी गेट पर खड़ी थी और रो रही थी। उसके कपड़ों पर खून लगा था।

    बेटी ने आरोपी के बारे में दिया था इनपुट
    मैंने पत्नी को फोन करके बुलाया। तब बेटी ने घटना के बारे में जानकारी दी। बेटी ने यह भी बताया कि आरोपी चेहरे पर तौलिया बांधे था और काले कपड़े पहने था। वो नाम और उसके बारे में जानकारी नहीं दे पाई। हम लोग भी डर गए थे। इसलिए उस समय किसी को कुछ नहीं बताया।

    मकान मालिक से बात करने पर आरोपी का मिला सुराग
    9 जुलाई को हिम्मत करके मैंने अपने मकान मालिक को घटना की जानकारी दी। तब पता चला कि कुछ देर पहले एक आरोपी ने इसी तरह घोड़ा दिखाने के बहाने बच्ची को ले जाने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर वो भाग गया। तब हम लोगों ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

    बच्ची ने आरोपी को पहचाना
    पिता ने आगे बताया- आज सुबह करीब 11 बजे पता चला कि कुछ दिन पहले मोनू सिकरवार नाम का युवक किराए पर रहने आया था। वह 7 जुलाई को काले कपड़े पहने था। हम लोग उसे खोजते हुए उसके घर पहुंचे तो वो मिल गया। उसे पकड़कर अपने घर पर लाए। जहां पर मेरी बच्ची ने पहचान लिया कि इन्हीं अंकल ने मेरे कपड़े उतारकर गलत काम किया। इसके बाद भीड़ ने उसकी धुनाई कर दी। फिर पुलिस को बुलाया गया। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी मध्य प्रदेश के गुना का रहने वाला है।

    पुलिस बोली- केस दर्ज किया, मेडिकल करा रहे
    सीओ सिटी रामवीर सिंह ने बताया- आज परिजनों ने थाने आकर रेप की तहरीर दी है। जिस पर पॉक्‍सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पीड़िता का मेडिकल करवाया जा रहा है। आरोपी से भी पूछताछ की जा रही है।

  • इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर

    इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर


    नई दिल्ली । इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में रविवार रात दो पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पहले हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार वैष्णवी अग्रवाल की शिकायत पर नया बेसरा निवासी सादिक उस्मान गनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि सादिक अक्सर क्षेत्र में विवाद करता है। रविवार रात करीब नौ बजे वह घर के बाहर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। शोर सुनकर वैष्णवी के पति और अन्य लोग बाहर आए तथा उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन विवाद बढ़ गया। आरोप है कि सादिक ने वैष्णवी के पति के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद दंपती गांधी नगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

    दूसरी ओर सादिक गनी की पत्नी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि वैष्णवी अग्रवाल और उनके पति कालूसिंह अग्रवाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के अनुसार कालूसिंह ने डंडे से हमला किया जिससे उनके हाथ में चोट आई। महिला का यह भी आरोप है कि जब उनके पति सादिक बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

    घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। हालात को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा ताकि स्थिति सामान्य हो सके।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे मीडियाकर्मी पर दूसरी एफआईआर भाई और महिला साथी सहित चार लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

    ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे मीडियाकर्मी पर दूसरी एफआईआर भाई और महिला साथी सहित चार लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया मामला


    इंदौर । इंदौर में एक मीडियाकर्मी के खिलाफ सात दिन के भीतर दूसरी एफआईआर दर्ज होने से मामला चर्चा में आ गया है। इस बार बाणगंगा थाना पुलिस ने एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक की शिकायत पर मीडियाकर्मी अनवर खान उसके भाई एक महिला साथी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ ब्लैकमेलिंग धमकी देकर रुपए वसूलने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर के अनुसार शिकायत एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक शिवलाल पुत्र दयाराम करबाडिया ने दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर अनवर खान साधना शक्वातव सिद्दीकी खान और फारूख सिद्दीकी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार उनका कार्यालय और निवास पोलोग्राउंड क्षेत्र में स्थित है। आरोप है कि चारों आरोपी कई वर्षों से रिपोर्टिंग के सिलसिले में वहां आते जाते थे। इसी दौरान उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में कथित रूप से भ्रामक और दबाव बनाने वाली खबरें प्रकाशित करने की बात कहकर मानसिक दबाव बनाया।

    एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को रेप के झूठे मामले में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देकर रुपए की मांग की। शिकायत के मुताबिक जून 2024 से दिसंबर 2025 के बीच करीब डेढ़ लाख रुपये विभिन्न किस्तों में वसूल किए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी लगातार और पैसे की मांग की जाती रही जिससे शिकायतकर्ता मानसिक रूप से परेशान हो गया।

    शिवलाल करबाडिया ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें जानकारी मिली कि अनवर खान के खिलाफ पहले से ही बाणगंगा थाने में ब्लैकमेलिंग का एक अन्य मामला दर्ज है। इसके बाद उन्होंने भी अपने साथ हुई कथित घटनाओं की शिकायत पुलिस से की और पूरी जानकारी उपलब्ध कराई।

    पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। मामले से जुड़े दस्तावेज साक्ष्य और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस ने किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं ताकि आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सके और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • अंधविश्वास बना मौत की वजह? झाड़-फूंक के दौरान युवक की मौत, मौलवी पर बलि देने का आरोप

    अंधविश्वास बना मौत की वजह? झाड़-फूंक के दौरान युवक की मौत, मौलवी पर बलि देने का आरोप


    बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बुखार से पीड़ित एक युवक की कथित झाड़-फूंक के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने मौलवी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि झाड़-फूंक के नाम पर युवक की जीभ काट दी गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी जान चली गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

    यह मामला टिकैतनगर थाना क्षेत्र के सिहोरिया गांव का है। मृतक की पहचान सुकई गौतम के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक सुकई पिछले चार दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। इसी दौरान उसके एक परिचित ने इलाज के लिए खजुरी गांव के मौलवी गुल्ले हिदायत रसूल को बुलाने की सलाह दी। परिवार का कहना है कि मौलवी ने घर पहुंचकर युवक पर किसी प्रेत बाधा का साया होने की बात कही और झाड़-फूंक से उसे ठीक करने का दावा किया।

    परिजनों के अनुसार अगले दिन रात करीब आठ बजे मौलवी दोबारा घर पहुंचा और झाड़-फूंक शुरू की। उस समय परिवार के कुछ सदस्य गांव में ताजिया देखने गए हुए थे जबकि घर पर केवल सुकई और उसका भाई राजेश मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान मौलवी ने युवक को नहलाया, फूल-पत्ती चढ़ाई, कुछ मंत्र पढ़े और ताबीज का पानी पिलाया। इसके बाद उसने धारदार हथियार से युवक की जीभ काट दी। परिजनों का आरोप है कि इस घटना के बाद मौलवी मौके से फरार हो गया।

    बताया गया कि युवक की चीख-पुकार सुनकर उसका भाई मौके पर पहुंचा और अन्य परिजनों को सूचना दी। परिवार ने तुरंत उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी मौलवी गुल्ले बाबा उर्फ हिदायत रसूल को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और घटना की परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

     

  • संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    मुगलसराय। कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर में शुक्रवार देर रात एक 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। युवती का शव घर के एक कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। मृतका की पहचान खुशी सिंह के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती थी।

    बताया गया कि खुशी के पिता ऑटो चालक हैं और परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह पांच बहनों में चौथे स्थान पर थी। घटना के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही मुगलसराय कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।

    प्रारंभिक जांच में मामला फंदे से लटककर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

    पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार क्यों करना चाहते थे। इसी वजह से मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि युवती कुछ समय पहले अपने दोस्तों के साथ बिना परिवार को बताए दार्जिलिंग घूमने गई थी। घर लौटने पर उसे इस बात को लेकर डांट भी पड़ी थी। हालांकि पुलिस ने इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जांच केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की हर संभावित दिशा में जांच कर रही है और सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।

  • इंदौर में जुए के विवाद ने लिया खूनी मोड़, बर्थडे पार्टी में युवक पर चाकू से हमला; पुलिस जांच में नए खुलासे

    इंदौर में जुए के विवाद ने लिया खूनी मोड़, बर्थडे पार्टी में युवक पर चाकू से हमला; पुलिस जांच में नए खुलासे


    इंदौर । इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में बर्थडे पार्टी के दौरान हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआत में इसे शराब पार्टी में हुई कहासुनी और मारपीट का मामला माना जा रहा था लेकिन अब जांच में इसके तार जुए के अड्डे और लेनदेन से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सामने आए नए तथ्यों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार शुभ संप्रदा कॉलोनी निवासी राहुल धामेलिया ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह अपने भाई लखन धामेलिया के साथ सीएनजी पंप के पास चोइथराम मंडी क्षेत्र में अपने परिचित शानू और शुभम से मिलने गया था। वहां पहले से सज्जू सिधवानी गिरी महाराज और अन्य लोग मौजूद थे जो एक बर्थडे पार्टी मना रहे थे। पार्टी के दौरान शराब पीने के बाद माहौल बिगड़ गया और मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

    शिकायत के मुताबिक सज्जू सिधवानी ने पहले लखन के साथ गाली गलौज और अभद्रता की। विरोध करने पर उसने अपने साथियों को बुला लिया जिसके बाद सभी ने मिलकर राहुल और लखन के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान सज्जू ने चाकू निकालकर लखन के चेहरे और गले पर कई वार कर दिए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं एक अन्य आरोपी ने राहुल के सिर पर कांच की बोतल मार दी जिससे उसे भी चोटें आईं। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश भी सामने आई। जानकारी के अनुसार घायल लखन को पहले एमवाय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने चोट का कारण पूछा तो परिजनों ने वाहन से गिरने की बात कही और पुलिस को सूचना देने से इनकार कर दिया। बाद में जब घटना की जानकारी बाहर आने लगी तो घायल को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।

    इस बीच पुलिस जांच में एक नया एंगल सामने आया है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में क्राइम ब्रांच ने महालक्ष्मी नगर स्थित एक इमारत में संचालित जुए के अड्डे पर कार्रवाई की थी। जांच में यह बात भी सामने आई थी कि वहां पराग रघुवंशी शानू उर्फ कौआ और जीतू मिलकर जुए का संचालन करते थे। कार्रवाई के बाद कथित तौर पर भंवरकुआं क्षेत्र में नई बैठकों का सिलसिला शुरू हुआ था।

    पुलिस को आशंका है कि चाकूबाजी की यह घटना जुए के लेनदेन या उससे जुड़े विवाद का नतीजा हो सकती है। हालांकि फिलहाल दर्ज एफआईआर में इसे बर्थडे पार्टी के दौरान हुए विवाद के रूप में शामिल किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि घायल लखन ताश पहुंचाने का काम करता था और घटना वाले दिन अपने भाई के साथ वहीं पहुंचा था।

    पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में जुए के लेनदेन या अन्य आपराधिक गतिविधियों की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है।