Tag: Police Investigation

  • विदिशा में डकैती: चौकीदार पर पत्थर बरसाकर बदमाशों ने 29 लाख रुपये की 12 किलो चांदी लूटी

    विदिशा में डकैती: चौकीदार पर पत्थर बरसाकर बदमाशों ने 29 लाख रुपये की 12 किलो चांदी लूटी


    विदिशा । मध्य प्रदेश के विदिशा में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को एक बड़ी डकैती की घटना सामने आई है। खरीफाटक रोड पर स्थित अरिहंत ज्वेलर्स की दुकान पर आठ से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर 29 लाख रुपये से ज्यादा कीमत की 12 किलो चांदी लूट ली। इस डकैती में बदमाशों ने सबसे पहले वहां तैनात चौकीदारों पर पत्थर फेंके और फिर दुकान का शटर उखाड़कर अंदर रखी सोने और चांदी की ज्वेलरी चुरा ली।

    सीसीटीवी फुटेज के अनुसार यह घटना रात के ढाई बजे के आसपास हुई थी। बदमाशों ने बाउंड्रीवाल कूदकर दुकान तक पहुंचने का रास्ता बनाया। यहां तक कि उन्होंने दुकान के पीछे की बाउंड्री को तोड़ दिया और तारफेंसिंग हटा दी। घटना के दौरान चौकीदार अतरसिंह विश्वकर्मा और अमित शर्मा को बदमाशों ने पत्थरों से हमला किया और उन्हें करीब 500 मीटर तक खदेड़ा।

    सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि इस घटना के बाद पुलिस ने आठ टीमों का गठन किया है। इनमें से कुछ टीमों को आसपास के जिलों में भेजा गया है और कुछ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि बदमाश चार पहिया वाहन का इस्तेमाल कर फरार हुए हो सकते हैं और वह अन्य जिलों से आए हो सकते हैं।

    एसपी ने बताया कि व्यापारियों को पहले ही सतर्क किया गया था कि वे अपनी दुकानों में ज्यादा ज्वेलरी न रखें। इस घटना के बाद व्यापारियों में दहशत फैल गई है और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही बदमाशों को पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • भोपाल हॉस्पिटल कांड: युवक की मौत पर परिजनों का हंगामा, डॉक्टर नदारद, नर्स करती रही CPR

    भोपाल हॉस्पिटल कांड: युवक की मौत पर परिजनों का हंगामा, डॉक्टर नदारद, नर्स करती रही CPR




    भोपाल।
    भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र स्थित अक्षय अस्पताल में इलाज के दौरान 32 वर्षीय युवक की मौत के बाद शनिवार देर रात जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की। इस बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक नर्स मरीज को सीपीआर देकर रिवाइव करने की कोशिश करती दिख रही है, जबकि वार्ड में कोई डॉक्टर मौजूद नजर नहीं आ रहा। यही वीडियो परिजनों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया है।

    जानकारी के अनुसार, बरखेड़ी निवासी विशाल जोगी को इलाज के लिए अक्षय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार शाम से ही उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी थी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार अस्पताल स्टाफ से सीनियर डॉक्टर को बुलाने की मांग की, लेकिन लंबे समय तक कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। देर रात विशाल की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

    मृत्यु से पहले का जो वीडियो सामने आया है, उसमें साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल के बेड पर लेटे विशाल को एक नर्स सीपीआर देकर बचाने का प्रयास कर रही है। आसपास मौजूद परिजन रोते-बिलखते दिखाई दे रहे हैं और वीडियो बना रहा व्यक्ति अस्पताल में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी का आरोप लगा रहा है। परिजनों का कहना है कि गंभीर स्थिति में भी अस्पताल में सिर्फ नर्स ही मौजूद थी, जबकि डॉक्टर और अन्य स्टाफ नजर नहीं आए।

    वहीं, अस्पताल स्टाफ की ओर से इस मामले में अलग ही दावा किया गया है। स्टाफ का कहना है कि विशाल की हालत पहले से ही बेहद गंभीर थी और इसकी जानकारी परिजनों को समय रहते दे दी गई थी। डॉक्टरों ने मरीज को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, मौत के बाद करीब 30 से ज्यादा लोग एक साथ अस्पताल में आ गए और हंगामा करने लगे।

    अस्पताल स्टाफ का यह भी कहना है कि परिजनों और उनके साथ आए लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की।

    गुस्साए लोगों ने अस्पताल के कांच, कुर्सियां, बोर्ड और अन्य सामान तोड़ दिए। हालात बेकाबू होते देख अस्पताल का स्टाफ और गार्ड अपनी जान बचाने के लिए मौके से निकल गए। स्टाफ के अनुसार, उस वक्त अस्पताल में सिर्फ नाइट ड्यूटी पर तैनात दो सफाई कर्मचारी ही मौजूद रह गए थे।

    हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस को बुलाया गया। हबीबगंज थाना पुलिस के अनुसार, मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सवाल यह उठ रहा है कि गंभीर मरीज की हालत में डॉक्टरों की मौजूदगी क्यों नहीं दिखी और क्या इलाज में वास्तव में लापरवाही बरती गई। अब पूरे मामले पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

  • रतलाम में फर्जी पहचान से महिला को झूठे प्रेम जाल में फंसाने का मामला, पुलिस जांच जारी

    रतलाम में फर्जी पहचान से महिला को झूठे प्रेम जाल में फंसाने का मामला, पुलिस जांच जारी


    रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैजिसमें एक व्यक्ति ने अपनी असली पहचान छुपाकर एक शादीशुदा महिला को प्रेम जाल में फंसाया और उसकी जिंदगी को प्रभावित किया। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

    पीड़िता के अनुसारआरोपी ने खुद को अलग नाम से पेश किया और शादी का झांसा देकर करीब पांच साल तक महिला के साथ लगातार शारीरिक उत्पीड़न किया। घटना की शुरुआत 2020 में हुईजब महिला की मुलाकात रतलाम के राम मंदिर क्षेत्र में आरोपी से हुई। उस समय आरोपी ने खुद को सोनू बताकर महिला को भरोसा दिलाया कि वह भी उसी धर्म का है। महिला की मौजूदा शादी थीलेकिन आरोपी ने धीरे-धीरे उसके विश्वास को तोड़ा और उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया।2023 में आरोपी ने महिला को अपने संपर्क में लिया और उसे अपने पति से तलाक लेने के लिए उकसाया। महिला ने उसकी बातों में आकर जुलाई 2023 में अपना घर छोड़ दिया और अपने पिता के पास रहने लगी। कुछ ही समय बाददोनों नयागांव में किराए के कमरे में रहने लगे और पति-पत्नी की तरह व्यवहार करने लगे। इस दौरान आरोपी ने लगातार महिला का शारीरिक उत्पीड़न किया।

    कुछ समय बाद महिला को पता चला कि जिसे वह सोनू समझ रही थीअसल में उसका नाम इमरान था। इसके बावजूद महिला ने शादी की उम्मीद में उसका साथ रखा। नवंबर 2024 में महिला का पति से आधिकारिक तलाक हो गयालेकिन आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया। दिसंबर 2025 में जब महिला ने शादी का दबाव डालातो आरोपी ने उस पर हिंसा की और जान से मारने की धमकी दी।पीड़िता ने आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने उसे कई जगहों पर पत्नी के रूप में पेश किया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जांच में पता चला कि आरोपी पहले ड्रग तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

    इस मामले ने महिलाओं की सुरक्षा और समाज में जागरूकता पर भी सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले हमें चेतावनी देते हैं कि व्यक्तिगत पहचान की पुष्टि और भरोसेमंद रिश्तों में सावधानी बहुत जरूरी है। पुलिस और कानून व्यवस्था लगातार ऐसे अपराधों पर नज़र रखती हैंलेकिन पीड़ितों की सुरक्षा और कानूनी मदद सुनिश्चित करना सबसे अहम है।इस घटना ने रतलाम और मध्य प्रदेश में लोगों को व्यक्तिगत सुरक्षारिश्तों में सतर्कता और धोखाधड़ी से बचाव के महत्व के प्रति जागरूक किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी जल्द ही पकड़ा जाएगा और कानून के तहत सजा भुगतने के लिए तैयार होगा।

  • पराशरी श्मशान घाट के पास नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

    पराशरी श्मशान घाट के पास नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच


    विदिशा।मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से रविवार को एक अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। पराशरी श्मशान घाट के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां मौजूद लोगों ने एक आवारा कुत्ते को नवजात शिशु का शव लेकर घूमते हुए देखा। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।यह घटना 28 दिसंबर की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय कुछ लोग पराशरी श्मशान घाट में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर आसपास घूम रहे एक कुत्ते पर पड़ी। पहले तो किसी को स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, लेकिन जब लोगों ने ध्यान से देखा तो उन्हें समझ आया कि कुत्ते के मुंह में नवजात शिशु का शव है। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस ने संभाली स्थिति

    सूचना मिलने के बाद गंज बासौदा देहात थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने सावधानीपूर्वक शव को अपने कब्जे में लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। घटना की खबर फैलते ही इलाके में भय और चिंता का माहौल बन गया। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए।

    प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया

    गंज बासौदा देहात थाना प्रभारी मनोज दुबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नवजात की उम्र करीब चार से पांच महीने के आसपास प्रतीत हो रही है। उन्होंने बताया कि कई बार सामाजिक दबाव, पारिवारिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से नवजात शिशुओं को श्मशान घाट या आसपास के इलाकों में अस्थायी रूप से दफना दिया जाता है। बाद में जानवरों द्वारा जमीन खोदने पर ऐसे मामले सामने आ जाते हैं।हालांकि पुलिस इस घटना को केवल लापरवाही मानकर नहीं चल रही है। थाना प्रभारी के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि शव वहां किस परिस्थिति में पहुंचा और क्या इसके पीछे कोई आपराधिक कृत्य जुड़ा हुआ है।

    जांच के दायरे में कई पहलू

    पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और हाल के दिनों में हुए किसी संदिग्ध प्रसव या नवजात से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह मामला अवैध दफन या किसी सामाजिक अपराध से जुड़ा हो सकता है।पुलिस ने नवजात के शव का विधि-विधान और कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार कराया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना किन परिस्थितियों में हुई।

    समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी

    इस घटना ने समाज में संवेदनशील मुद्दों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्मशान घाट और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।
  • इटारसी आयुध निर्माणी को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी 8 महीने में दूसरी बार आई मेल परिसर में हाई अलर्ट

    इटारसी आयुध निर्माणी को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी 8 महीने में दूसरी बार आई मेल परिसर में हाई अलर्ट


    इटारसी । मंगलवार को मध्य प्रदेश के इटारसी में स्थित रक्षा मंत्रालय के अधीन आयुध निर्माणी परिसर में एक बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल मिला जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना 8 महीने में दूसरी बार हुई है। पहले 17 अप्रैल को भी इस तरह का मेल आया था लेकिन वह फर्जी साबित हुआ था। इस बार आए मेल को लेकर एक बार फिर अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों में चिंताएं बढ़ गई हैं।

    मंगलवार को मिले धमकी भरे ईमेल के बाद फैक्ट्री प्रबंधन और जिला पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा इस थोटा ने मेल की पुष्टि की और बताया कि इसकी जांच की जा रही है। धमकी भरा मेल सोमवार रात को फैक्ट्री के आधिकारिक ईमेल पते पर आया था जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।

    आयुध निर्माणी एक अत्यधिक संवेदनशील स्थान है जहां भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक हथियार और अन्य सैन्य सामग्री तैयार की जाती है। इस वजह से यहां सुरक्षा को लेकर कड़ी निगरानी रखी जाती है। अब पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमों ने फैक्ट्री परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को लागू किया है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया है।

    कुल मिलाकर यह धमकी भरा मेल फैक्ट्री प्रशासन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है और जांच के साथ-साथ सुरक्षा इंतजामों में भी सुधार किए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा मामले की पूरी जांच की जा रही है ताकि जल्द से जल्द यह पता चल सके कि धमकी वास्तविक है या फिर किसी शरारत का हिस्सा।

  • जबलपुर चर्च विवाद: ब्लाइंड बच्चों के धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा, दो पक्षों में हाथापाई..

    जबलपुर चर्च विवाद: ब्लाइंड बच्चों के धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा, दो पक्षों में हाथापाई..


    जबलपुर/मध्यप्रदेश के जबलपुर में शनिवार को एक चर्च में आयोजित कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। गोरखपुर थाना क्षेत्र में स्थित चर्च में ब्लाइंड छात्र-छात्राओं के धर्मांतरण की सूचना मिलने के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि चर्च में मौजूद लोगों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस के बाद हाथापाई तक हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर थाना पुलिस और सीएसपी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन काफी देर तक दोनों पक्षों में तनाव बना रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार गोरखपुर क्षेत्र में जॉनसन स्कूल कैंपस के पीछे स्थित चर्च में क्रिसमस कार्यक्रम के नाम पर शहर के अलग-अलग छात्रावासों से करीब 70 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था। चर्च के अंदर बच्चों से प्रार्थना कराई जा रही थी। इसी दौरान किसी ने हिंदू संगठनों को सूचना दी कि इन बच्चों को लालच देकर धर्मांतरण के उद्देश्य से लाया गया है।

    सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता चर्च पहुंच गए और आरोप लगाने लगे कि दिव्यांग बच्चों को भोजन और अन्य सुविधाओं का लालच देकर उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बच्चों को जिस छात्रावास से लाया गया वहां से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई।विवाद के दौरान पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और स्थिति को संभाला।पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में भी लिया है जिसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था।

    हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बच्चों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें खाने-पीने का लालच देकर चर्च के कार्यक्रम में लाया गया था। संगठन के पदाधिकारी विकास खरे ने कहा कि बच्चों को बताया गया था कि वे सिर्फ क्रिसमस की तैयारी में शामिल होने जा रहे हैं लेकिन चर्च में कथित रूप से धार्मिक बातें कराई जा रही थीं और हनुमान चालीसा को गलत बताया गया। उनका दावा है कि हर साल 25 दिसंबर के आसपास इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।वहीं चर्च की ओर से महिला लीला जोसफ ने सभी आरोपों को खारिज किया है।उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य ईशू कार्यक्रम था जिसमें ब्लाइंड बच्चों को अलग-अलग स्कूलों और क्षेत्रों-मेडिकल कॉलेज के पास सिविल लाइन और बायपास इलाके से-आमंत्रित किया गया था। उनका कहना है कि बच्चों को संबंधित संस्थाओं की अनुमति से ही लाया गया था और धर्मांतरण जैसा कोई उद्देश्य नहीं था।

    सीएसपी एमडी नगोतिया ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके छात्रावास वापस भेज दिया गया है।पुलिस अब चर्च में कार्यक्रम आयोजित करने वालों और जिन दिव्यांग छात्रावासों से बच्चों को लाया गया था दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी भी पक्ष की ओर से कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है लेकिन पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • मध्य प्रदेश जावरा में कुरान जलाने पर बवाल महिला पर आरोप मुस्लिम समुदाय ने किया सड़क पर विरोध

    मध्य प्रदेश जावरा में कुरान जलाने पर बवाल महिला पर आरोप मुस्लिम समुदाय ने किया सड़क पर विरोध


    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है जिसमें मुस्लिम समुदाय की पवित्र धार्मिक किताब कुरान को जलाने का आरोप एक रिटायर्ड शिक्षिका पर लगा है। घटना के बाद मुस्लिम समाज में आक्रोश फैल गया और इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार यह घटना गुरुवार दोपहर 1 बजे के आसपास हुई जब रिटायर्ड शिक्षिका अतिया खान अपने घर में पुरानी किताबों को जला रही थीं। उनका दावा है कि उनके पास बहुत सी पुरानी किताबें थीं और उन्होंने इन किताबों को जलाने का फैसला किया। इस दौरान उसने दावा किया कि उसे यह नहीं पता था कि किताबों के ढेर में कुरान शरीफ की एक पुरानी प्रति भी थी।

    हालांकि वहां मौजूद कुछ लोगों ने जलती हुई किताबों में कुरान को पहचान लिया। बाद में इन्हीं लोगों ने मुस्लिम समुदाय को इस घटना के बारे में सूचित किया। मुस्लिम समाज के लोग तुरंत जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाना पहुंचे और कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस की ओर से समय पर कोई कार्रवाई न होने पर गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और थाने का घेराव किया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब महिला ने कुरान को जलते देखा तो वह उसे लेकर भाग गई। एक शख्स ने कुरान की आग बुझाई और उसके अवशेष को संरक्षित कर लिया। इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने पुलिस से शिकायत की और आरोप लगाया कि पुलिस ने घटना के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    रतलाम जिले के एएसपी राकेश खाखा ने मामले की जानकारी दी और बताया कि आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच की जाएगी।

    विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय ने सख्त कार्रवाई की मांग की और आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई की अपील की। पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द निष्कर्ष पर पहुंचने का वादा कर रही है ताकि दोनों समुदायों के बीच शांति बनी रहे।

  • देवास में हनीट्रैप दोस्ती का बहाना बनाकर युवती ने युवक को ब्लैकमेल किया लाखों रुपये और जमीन का हिस्सा मांगा

    देवास में हनीट्रैप दोस्ती का बहाना बनाकर युवती ने युवक को ब्लैकमेल किया लाखों रुपये और जमीन का हिस्सा मांगा


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक सनसनीखेज हनीट्रैप मामला सामने आया है जिसमें युवती ने दोस्ती के बहाने युवक को प्रेम जाल में फंसाया और फिर उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर लाखों रुपये और जमीन के हिस्से की मांग की। यह मामला देवास शहर के नहार दरवाजा थाना क्षेत्र का है जहां युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    पीड़ित युवक भावेश ठाकुर ने बताया कि आरोपी युवती परिधि नामदेव ने पहले दोस्ती का झांसा दिया और बाद में उसे शराब पिलाकर उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। इसके बाद परिधि ने उसे लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोप है कि युवती ने युवक से शाही जिंदगी जीने का दबाव बनाया और उसे पैसे व जमीन का आधा हिस्सा देने की धमकी दी।

    जब युवक मानसिक रूप से परेशान हुआ तो उसने अपनी शिकायत और ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ पुलिस की मदद ली। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(6) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में यह भी सामने आया कि परिधि नामदेव पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रही है और पुलिस उसकी पुरानी रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

    देवास के एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदोरिया ने पुष्टि की कि आरोपी के खिलाफ पहले भी एक मामला दर्ज है और फिलहाल पुलिस पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि कैसे प्रेम और दोस्ती के बहाने से लोगों को जाल में फंसाकर शारीरिक और मानसिक रूप से शोषण किया जा रहा है। पुलिस अब यह देखेगी कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके।

  • कटनी महानदी के घाट पर मिला युवक का शव, हाथ-पैर रस्सी से बंधे हत्या कर फेंके जाने की आशंका

    कटनी महानदी के घाट पर मिला युवक का शव, हाथ-पैर रस्सी से बंधे हत्या कर फेंके जाने की आशंका


    कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले में रविवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई है जहाँ विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के सिघनपुरी गांव के नजदीक महानदी के गुडेहा घाट पर एक युवक का शव मिला है। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है क्योंकि शव के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे, जो साफ़ तौर पर हत्या की ओर इशारा करता है।

    हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका

    जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह गुडेहा घाट के पास महानदी में लोगों ने एक अज्ञात युवक का शव उतराते हुए देखा। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची विजयराघवगढ़ थाना पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया।

    शव की जांच करने पर पाया गया कि मृतक युवक के हाथ और पैर कसकर रस्सी से बंधे हुए थे। पुलिस के अनुसार युवक की उम्र लगभग 30 वर्ष के आसपास है। शव की इस हालत को देखते हुए पुलिस ने प्राथमिक तौर पर यह माना है कि युवक की हत्या करने के बाद पहचान छुपाने या सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को रस्सी से बांधकर महानदी में फेंक दिया गया था।

    जांच शुरू, पहचान नहीं हो पाई

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला प्रथम दृष्टया दर्ज कर लिया है और गहराई से जांच शुरू कर दी है।फिलहाल मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों और पड़ोसी जिलों से गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है ताकि शव की पहचान की जा सके। यह मामला अब पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया है, जो हत्या के पीछे के कारणों और अपराधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

  • शिल्पा शेट्टी के पब में बिल चुकाने को लेकर जमकर हंगामा बेंगलुरु पुलिस ने VIDEO वायरल होने पर शुरू की जाँच

    शिल्पा शेट्टी के पब में बिल चुकाने को लेकर जमकर हंगामा बेंगलुरु पुलिस ने VIDEO वायरल होने पर शुरू की जाँच


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के स्वामित्व वाले बेंगलुरु स्थित एक हाई-प्रोफाइल पब में देर रात ग्राहकों के बीच बिल को लेकर हुए हंगामे ने सुर्खियां बटोरी हैं। यह घटना बेंगलुरु के सेंट मार्क्स रोड पर स्थित बैस्टियन पब की है जिसे शिल्पा शेट्टी ने साल 2019 में रेस्टोरेंट बिजनेसमैन रंजीत बिंद्रा के साथ पार्टनरशिप में शुरू किया था।

    क्या है पूरा मामला

    जानकारी के अनुसार यह घटना 11 दिसंबर की देर रात लगभग 1:30 बजे की बताई जा रही है। पब के अंदर हुए इस हंगामे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।वायरल फुटेज में ग्राहकों के एक गुट को आपस में तीखी बहस करते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक यह बहस पब के बिल का भुगतान बिल चुकाने या किसी अन्य मामूली बात पर शुरू हुई थी जो जल्द ही एक बड़ी कहा-सुनी में बदल गई। हालांकि जो सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक हुआ है उसमें किसी भी तरह की शारीरिक हाथापाई या तोड़फोड़ की पुष्टि नहीं होती है लेकिन ग्राहकों के बीच हुई तीखी नोकझोंक और हंगामे ने पब के माहौल को प्रभावित किया।

    पुलिस ने शुरू की जाँच

    पब के अंदर हुए इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस ने औपचारिक रूप से कोई शिकायत दर्ज होने का इंतज़ार किए बिना ही वायरल फुटेज के आधार पर घटना की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हंगामे का सटीक कारण क्या था और क्या यह मामला केवल तीखी बहस तक सीमित था या इसमें कोई अन्य गैरकानूनी गतिविधि शामिल थी। इस घटना ने एक बार फिर देर रात तक चलने वाले पब और रेस्टोरेंट में सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया है।