Tag: Police Investigation

  • शादी की शान बनी घोड़ी पर क्रूरता का वार डंडे से पिटाई का VIDEO वायरल पुलिस से कार्रवाई की मांग

    शादी की शान बनी घोड़ी पर क्रूरता का वार डंडे से पिटाई का VIDEO वायरल पुलिस से कार्रवाई की मांग


    इंदौर । इंदौर में एक घोड़ी के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी फैल गई है। शहर के नृसिंह बाजार चौराहे के पास एक घोड़ी को डंडों से पीटकर जबरन नचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंच चुकी है और वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार घटना 25 जून की रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक युवक घोड़ी को नियंत्रित करने और उससे जबरन प्रदर्शन कराने के लिए लगातार डंडे मारता दिखाई दे रहा है। इस दौरान आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी घोड़ी को बचाने या युवक को रोकने का प्रयास नहीं किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी।

    पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्य करने वाले नीडीटेल फाउंडेशन के प्रियांश जैन ने पंढरीनाथ थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घोड़ी को दर्द और भय के जरिए प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

    इस घटना से जुड़ा एक और वीडियो भी सामने आया है जिसमें उसी घोड़ी को सड़क पर नचाते हुए देखा जा सकता है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जानवर को उसकी इच्छा के विरुद्ध प्रताड़ित कर प्रदर्शन कराया गया जिससे उसे शारीरिक और मानसिक पीड़ा पहुंची।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच में यह साबित होता है कि घोड़ी को अनावश्यक पीड़ा पहुंचाई गई या उसे बेरहमी से पीटा गया तो आरोपियों के खिलाफ पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। इस कानून के तहत किसी भी पशु को मारना पीटना या अनावश्यक कष्ट पहुंचाना दंडनीय अपराध है।

    इसके अलावा यदि जांच में यह सामने आता है कि घोड़ी को गंभीर चोट पहुंची है या उसे स्थायी नुकसान हुआ है तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के तहत पशु को घायल करने या अपंग बनाने पर पांच वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

    फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता और उनके संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • जिसे पुलिस ने बताया MD ड्रग्स वह निकला यूरिया बर्खास्त पुलिसकर्मी बरी अब अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

    जिसे पुलिस ने बताया MD ड्रग्स वह निकला यूरिया बर्खास्त पुलिसकर्मी बरी अब अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप


    इंदौर । इंदौर में कथित एमडी ड्रग्स बरामदगी के चर्चित मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जिस पदार्थ को पुलिस ने करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग्स बताकर बड़ी कार्रवाई का दावा किया था वह दोनों सरकारी फॉरेंसिक जांच में साधारण यूरिया निकला। इसके बाद अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मी समेत तीनों आरोपियों को बरी कर दिया। अब बर्खास्त पुलिसकर्मी ने दो आईपीएस अधिकारियों सहित 19 पुलिसकर्मियों पर झूठे मामले में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है।

    करीब 16 महीने पहले इंदौर पुलिस ने विजय पाटीदार और शाहनवाज शेख को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 198 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद होने का दावा किया था। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिसकर्मी लखन गुप्ता का नाम लिया जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में विभागीय कार्रवाई करते हुए लखन गुप्ता को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।

    मामले की जांच के दौरान जब्त किए गए पदार्थ के नमूने भोपाल स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जब्त पदार्थ किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ नहीं बल्कि सामान्य यूरिया है। इसके बाद पुलिस ने दोबारा हैदराबाद की केंद्रीय प्रयोगशाला से भी परीक्षण कराया लेकिन वहां भी रिपोर्ट में पदार्थ यूरिया ही पाया गया।

    दोनों प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की गई जिसके आधार पर विशेष अदालत ने लखन गुप्ता सहित तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत के फैसले के बाद लखन गुप्ता ने इंदौर जिला कोर्ट की विशेष अदालत में परिवाद दायर कर दो आईपीएस अधिकारियों सहित 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    लखन गुप्ता का आरोप है कि उन्हें सुनियोजित साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया। उनका कहना है कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने मुखबिर के जरिए पहले से गिरफ्तार आरोपियों से उनका नाम कहलवाया और फिर उन्हें आजाद नगर क्षेत्र से उठाकर तेजाजी नगर थाने ले जाया गया। वहां पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और बाद में नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया।

    लखन गुप्ता के अधिवक्ता नितिन पाराशर के अनुसार अदालत में दायर परिवाद में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान अदालत जांच के आदेश एफआईआर दर्ज कराने या अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकती है।

    यह मामला अब इंदौर पुलिस की जांच प्रक्रिया और कार्रवाई की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मामले में आगे अदालत के आदेश और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

  • भोपाल में बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से सनसनी शरीर पर चोट के निशान हत्या के एंगल से जांच शुरू

    भोपाल में बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से सनसनी शरीर पर चोट के निशान हत्या के एंगल से जांच शुरू


    भोपाल भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में एक बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दो दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने और मकान से तेज दुर्गंध आने पर किराए पर रहने वाले छात्रों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पति पत्नी मृत अवस्था में मिले। शवों पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका सहित सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।

    मृतकों की पहचान 64 वर्षीय हेमंत बारीक और उनकी 62 वर्षीय पत्नी शकुंतला बारीक के रूप में हुई है। हेमंत बारीक भारतीय रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे जबकि उनकी पत्नी शकुंतला बारीक कस्तूरबा अस्पताल में नर्स के पद से रिटायर हुई थीं। दंपती ऐशबाग के सुदामा नगर स्थित अपने मकान में रहते थे। मकान के एक हिस्से में कुछ छात्र किराए पर रहते हैं। दंपती की कोई संतान नहीं थी।

    छात्रों के अनुसार पिछले दो दिनों से दोनों घर से बाहर नहीं निकले थे। शुक्रवार को मकान से तेज दुर्गंध आने लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बंद मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर दोनों के शव पड़े मिले जिनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी।

    एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शव पूरी तरह से डीकंपोज हो चुके हैं और उनके शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस ने घटनास्थल को सील कर फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही एक्सरे और अन्य वैज्ञानिक परीक्षण भी कराए जा रहे हैं ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

    परिजनों से पूछताछ में पता चला कि शकुंतला बारीक ने बुधवार को आखिरी बार अपनी भाभी से फोन पर बातचीत की थी। उस दौरान उन्होंने बताया था कि उनके पति की आंख में परेशानी है और वह उन्हें कस्तूरबा अस्पताल लेकर जा रही हैं। बातचीत में उन्होंने किसी तरह के खतरे या विवाद का जिक्र नहीं किया था। हालांकि परिजनों के अनुसार पति पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे लेकिन उनकी किसी से पुरानी रंजिश की जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि मामले की सच्चाई जल्द सामने आ सके।

  • MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच

    MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच


    नई दिल्ली। भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर से कथित मारपीट के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना में आरोपी बनाए गए लक्की यादव की मां ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर पुलिस कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

    आरोपी पक्ष की ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान पहले उनके बेटों के साथ एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर मारपीट की गई। इसके बाद अरेरा हिल्स थाने में भी पुलिस की मौजूदगी में उनके बेटों के साथ कथित रूप से मारपीट हुई। शिकायत में कहा गया है कि दोनों युवकों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उनकी शिकायत पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शिकायत मिलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    दूसरी ओर विधायक पुत्र देवराज सिंह गुर्जर ने भी पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा है। उनके अनुसार 24 जून की रात वह मालवीय नगर स्थित एमएलए रेस्ट हाउस स्थित अपने आवास की बालकनी में टहल रहे थे। इसी दौरान घर के बाहर कुछ युवक शराब पी रहे थे। उन्हें वहां से हटने के लिए कहने पर विवाद शुरू हो गया।

    देवराज का आरोप है कि विरोध करने पर चारों युवक उनके घर की सीढ़ियों तक पहुंच गए और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट और छीनाझपटी की गई। उन्होंने बताया कि शोर सुनकर उनके दोस्त मौके पर पहुंचे और बीच बचाव कर उन्हें बचाया। आरोप है कि जाते समय युवक उन्हें धमकी देकर वहां से चले गए।

    घटना के बाद देवराज ने जेपी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया और अरेरा हिल्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।

    अब आरोपी पक्ष की ओर से लगाए गए नए आरोपों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान क्या हुआ और किस पक्ष के आरोप सही हैं। फिलहाल पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है और कहा है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • 500 करोड़ की जमीन विवाद में नया मोड़: पुलिस गाड़ी से आरोपी को छोड़ने और सबूत मिटाने के आरोप

    500 करोड़ की जमीन विवाद में नया मोड़: पुलिस गाड़ी से आरोपी को छोड़ने और सबूत मिटाने के आरोप

    इंदौर। इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की बहुमूल्य जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मामला केवल जमीन पर कब्जे या पुलिसकर्मियों पर हमले तक सीमित नहीं रहा बल्कि अब इसमें सबूत गायब होने, कथित आर्थिक लेनदेन और आरोपियों को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप भी जुड़ गए हैं। पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार विवादित जमीन को लेकर हुए संघर्ष के दौरान बीट पर तैनात पुलिस जवानों पर हमला किया गया था। घटना स्थल के पास स्थित एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड होने की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जांच के लिए सीसीटीवी का डीवीआर अपने कब्जे में लिया था, लेकिन बाद में वही डीवीआर गायब हो गया। इस घटनाक्रम ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या आरोपियों को बचाने के लिए महत्वपूर्ण सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई।

    मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब इसकी जानकारी सार्वजनिक हुई। खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर ने कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव को तलब कर पूरे मामले की जानकारी ली और उनकी भूमिका की विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए। जांच के आदेश के बाद अब पूरे घटनाक्रम की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब घटना के वीडियो उपलब्ध थे और आरोपियों की पहचान भी कथित रूप से हो चुकी थी, तब एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ क्यों दर्ज की गई। इस निर्णय ने पुलिस की मंशा को लेकर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। लोगों का कहना है कि यदि पहचान स्पष्ट थी तो नामजद मामला दर्ज किया जाना चाहिए था।

    सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि विवाद से एक दिन पहले मोहसिन नामक व्यक्ति द्वारा थाने में 10 लाख रुपये पहुंचाए गए थे। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह चर्चा पूरे मामले को और गंभीर बना रही है। यह भी आरोप है कि इसी प्रभाव के चलते संबंधित व्यक्ति ने थाना प्रभारी से अभद्र व्यवहार किया और उसका वीडियो भी मौजूद है। बताया जा रहा है कि यह फुटेज वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया गया।

    मामले में एक और चौंकाने वाला आरोप सामने आया है कि उज्जैन का एक व्यक्ति जो इस विवाद से जुड़ा हुआ था, उसे पुलिस वाहन के माध्यम से वहां से रवाना किया गया। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो यह पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह होगा।

    घटना में घायल हुए पुलिस जवानों पर मीडिया से दूरी बनाए रखने का दबाव बनाए जाने की भी चर्चा है। यदि ऐसा हुआ है तो यह केवल हमले का मामला नहीं बल्कि पूरे घटनाक्रम को दबाने के प्रयास के रूप में देखा जाएगा।

    फिलहाल विभागीय जांच शुरू हो चुकी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। यह मामला सिर्फ जमीन विवाद नहीं बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही की भी बड़ी परीक्षा बन गया है।

  • छत्तीसगढ़ के गौरेला में सनसनीखेज वारदात, छात्रा से दुष्कर्म के बाद आरोपी फरार

    छत्तीसगढ़ के गौरेला में सनसनीखेज वारदात, छात्रा से दुष्कर्म के बाद आरोपी फरार


    गौरेला । छत्तीसगढ़ के गौरेला जिले से एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है, जहां स्कूल से घर लौट रही एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना होने का आरोप है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है, जबकि आरोपी वारदात के बाद से फरार बताया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने गौरेला थाने में पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर तत्काल मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता जब स्कूल से घर लौट रही थी, तभी रास्ते में आरोपी ने उसे रोका और उसके साथ कथित रूप से जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी और आरोपी की तलाश में टीमों को लगाया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी स्थानीय निवासी है और घटना के बाद से फरार चल रहा है।

    पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की गहन जांच जारी है।

  • सैलाना में मिले गौवंश के कटे अवशेष, देर रात सड़क पर बैठे कार्यकर्ता; दो दिन में कार्रवाई की मांग

    सैलाना में मिले गौवंश के कटे अवशेष, देर रात सड़क पर बैठे कार्यकर्ता; दो दिन में कार्रवाई की मांग


    मध्य प्रदेश । रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे एक स्थान पर गौवंश के कटे हुए अवशेष मिलने की सूचना सामने आई। घटना की जानकारी फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटने लगी और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। घटना को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी।

    जानकारी के अनुसार रतलाम-बांसवाड़ा मार्ग पर स्थित चरण पेट्रोल पंप के पास नर्सिंग कॉलेज के आगे सड़क किनारे पथरीले क्षेत्र में गौवंश के अवशेष पड़े होने की सूचना मिली थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर पशु के शरीर के विभिन्न हिस्से अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दिए। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि वहां पहुंच गए।

    मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी और तत्काल कार्रवाई की मांग की। देर रात तक क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बनी रही। घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आईं, जिनके बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। लोगों ने आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की मांग की तथा घटना की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही।

    स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सैलाना एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी पिंकी आकाश सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौजूद लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत रहने की अपील की तथा आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के विरोध में कुछ संगठनों के कार्यकर्ता देर रात सड़क पर बैठ गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस प्रकार की घटनाओं पर तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। देर रात से शुरू हुआ धरना बुधवार सुबह तक जारी रहा।

    प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार समझाइश दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा। जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए समयसीमा तय करने की मांग की। इसके बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले में तेजी से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

    सुबह लगभग पांच बजे धरना समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे आगे आंदोलन की रणनीति बना सकते हैं।

    फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संभावित संदिग्धों की जानकारी एकत्र की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग पुलिस जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने की अपील की है।

  • राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच

    राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच


    मध्यप्रदेश । इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय हलचल मच गई जब एक युवक और युवती के साथ रहने की सूचना पर कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों को राऊ थाने लाया गया, जहां पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार मामला कमला नगर क्षेत्र का है। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक युवक, जिसकी पहचान सूफियान उर्फ सैफी अली निवासी सदर बाजार के रूप में बताई जा रही है, एक युवती के साथ किराए के मकान में रह रहा है। सूचना मिलने के बाद कुछ संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तथा दोनों को अपने साथ राऊ थाने ले गए।

    बताया गया है कि संबंधित मकान इकबाल खान का है, जहां युवक और युवती रह रहे थे। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने युवक को पूछताछ के लिए थाने में बैठा लिया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक पहले बाणगंगा क्षेत्र में सैलून संचालित करता था। वहीं उसकी युवती से पहचान हुई थी। बाद में वह राऊ क्षेत्र के श्रमिक इलाके में सैलून का काम करने लगा और किराए के मकान में रहने लगा। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मकान मालिक द्वारा किरायेदारों की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    कुछ संगठन कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि युवक के साथ एक अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ था, लेकिन उसकी पहचान और भूमिका को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

    राऊ थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर के अनुसार मामले में प्राप्त शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पक्षों से जानकारी जुटा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। युवती और युवक दोनों के बयान लिए जा रहे हैं तथा उनके रहने की परिस्थितियों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

    मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • इंदौर में मानसिक तनाव से जूझ रही महिला की मौत: जहरीला पदार्थ पीने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में मानसिक तनाव से जूझ रही महिला की मौत: जहरीला पदार्थ पीने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में एक 43 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत हो जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार महिला को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान सोनू सिसौदिया के रूप में हुई है, जो ऋषि पैलेस कॉलोनी की निवासी थीं। परिजनों के अनुसार बुधवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए एमवाय अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात करीब 11 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अस्वस्थता से गुजर रही थीं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनके पति जगदीश सिसौदिया का लगभग आठ महीने पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित रहने लगी थी और परिवार उनकी देखभाल तथा उपचार करवा रहा था।

    परिवार के सदस्यों के अनुसार महिला का इलाज चिकित्सकीय परामर्श के साथ कराया जा रहा था। इसके अतिरिक्त परिवार ने अन्य पारंपरिक और धार्मिक उपायों का भी सहारा लिया था। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

    परिजनों के मुताबिक हाल ही में परिवार में एक नवजात शिशु का जन्म हुआ था। बच्चे को अस्पताल से घर लाए जाने के दौरान महिला असामान्य रूप से घबराई हुई दिखाई दीं। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाने और शांत करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में उनकी तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की परिस्थितियों, चिकित्सकीय दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    इधर, शहर में दो अन्य संदिग्ध मौतों के मामले भी सामने आए हैं। तिलक नगर क्षेत्र के निवासी आकाश तायड़े को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं भंवरकुआं क्षेत्र के निवासी अजय की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। परिजनों ने प्राथमिक तौर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।