Tag: Police Investigation

  • भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार

    भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार



    भोपाल। भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रचारक विनय सिंह और उनके साथी को टक्कर मार दी। हादसे में संघ प्रचारक विनय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी को गंभीर चोटें आई हैं। चार पहिया वाहन चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और CCTV फुटेज और गवाहों के आधार पर उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है।

    हादसे का विवरण
    विनय सिंह 55 वर्षीय थे और ग्राम मेघराकलां, बैरसिया के रहने वाले थे। वह खेती-किसानी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय प्रचारक का काम भी कर रहे थे। गुरुवार दोपहर वह अपने मित्र के साथ बाइक पर गोलखेड़ी से घर लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।

    पुलिस कार्रवाई
    ईंटखेड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और CCTV कैमरों के माध्यम से वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि हिट-एंड-रन के मामलों में आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाकर पूरे इलाके में सघन जांच की जा रही है।

    स्थानीय और संघ प्रतिक्रिया
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विनय सिंह समाज सेवा और प्रचार के कार्य में हमेशा सक्रिय रहे और उनका योगदान याद किया जाएगा।

    यह घटना राजधानी में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे पर चिंता बढ़ा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी ने आरोपी वाहन को देखा हो या उसकी जानकारी हो, तो तुरंत स्थानीय थाने को सूचना दें।

  • राजधानी में दहशत: पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 12:15 बजे विस्फोट का दावा; परिसर खाली

    राजधानी में दहशत: पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 12:15 बजे विस्फोट का दावा; परिसर खाली



    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को गुरुवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। यूनिवर्सिटी के डीन को भेजे गए मेल में दावा किया गया था कि मेडिकल कॉलेज परिसर में साइनाइड गैस युक्त बम लगाए गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे विस्फोट करेंगे। ईमेल में सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों, छात्रों और स्टाफ को परिसर खाली कराने की चेतावनी भी दी गई थी।
    सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने तुरंत पुलिस प्रशासन को अवगत कराया। एहतियात के तौर पर क्लासरूम, ओपीडी, हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों से छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ ही देर में पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए और पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल यूनिवर्सिटी की आधिकारिक मेल आईडी पर भेजा गया था। संदेश में विस्फोट का समय स्पष्ट रूप से उल्लेखित था। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए हर संभावित स्थान की जांच की। हालांकि निर्धारित समय तक किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है।
    ईमेल किस आईडी से भेजा गया, उसका सर्वर लोकेशन क्या है और क्या इसमें किसी संगठित समूह की भूमिका हैइन सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर इसे शरारत या फर्जी धमकी की आशंका से भी जोड़ा जा रहा है, लेकिन अधिकारी किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे। धमकी की खबर फैलते ही यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में चिंता देखी गई। हालांकि पुलिस ने आश्वस्त किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी।
    यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिसर खाली कराया गया और पुलिस के सहयोग से व्यापक जांच कराई गई। फिलहाल कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन ईमेल भेजने वाले की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली बम धमकी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की सतर्कता की परीक्षा ले ली। समय रहते प्रशासनिक कार्रवाई से बड़ा खतरा टल गया। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हैधमकी देने वाले तक पहुंचकर सच्चाई सामने लाना।
  • उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा

    उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा


    उज्जैन। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धोती-कुर्ता माथे पर त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला पहने एक युवक की पिटाई कर दी। युवक एक युवती के साथ मोहाली से उज्जैन आया था। घटना नानाखेड़ा क्षेत्र में सोमवार रात की बताई जा रही है जिसका वीडियो मंगलवार को सामने आया।

    वीडियो में युवक अपना नाम जफर खान बताते हुए खुद को भगवान शिव का भक्त बता रहा है। जानकारी के मुताबिक कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक-युवती एक होटल में ठहरे हैं। करीब एक घंटे इंतजार के बाद होटल के बाहर युवक को पकड़कर पूछताछ की गई।

    बताया जा रहा है कि युवक ने पहले हिंदू नाम बताया लेकिन बाद में अपना नाम जफर खान स्वीकार किया। उसने कहा कि वह शिव भक्त है और युवती उसे उज्जैन दर्शन कराने लाई थी। दोनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर हरसिद्धि मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन किए थे।

    नाम सामने आते ही मारपीट

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को घेरकर पहले पूछताछ की गई और असली नाम सामने आने के बाद मारपीट शुरू कर दी गई। वीडियो में युवक के सिर से खून बहता भी दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई।

    होटल में ठहरने को लेकर विवाद

    बजरंग दल के जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह ने दावा किया कि युवक-युवती को कई होटलों में कमरा नहीं मिला था। बाद में वे नानाखेड़ा के एक होटल में रुके। आरोप है कि युवक ने होटल में हिंदू नाम दर्ज कराया था। पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस जांच में जुटी

    नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के मुताबिक युवक और युवती मोहाली के रहने वाले हैं। युवती की उम्र 32 वर्ष बताई गई है और दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं। युवती को युवक के दूसरे धर्म से होने की जानकारी थी और दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    मंदिरों में प्रवेश को लेकर नई मांग

    इस घटना के बाद कुछ संगठनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।

  • सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात

    सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात


    सतना । सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में नवरंग पार्क कॉलोनी की सुनसान गलियों में सोमवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया। कॉलोनी की एक युवती अकेले गुजर रही थी, तभी अचानक एक अज्ञात बदमाश ने उस पर हमला कर दिया और मोबाइल झपटने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी तेजी से युवती के हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास कर रहा था।

    हालांकि, युवती ने इस अचानक हुए हमले के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर और पकड़े जाने के डर से बदमाश मौके से भाग गया, जबकि मोबाइल सुरक्षित रहा। घटना की पूरी प्रक्रिया पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब पुलिस के लिए मुख्य सुराग बन गई है।

    इस वारदात के बाद कॉलोनी और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासी पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं कोलगवां थाना पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान और जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    स्थानीय लोग इस घटना से चिंतित हैं और लगातार पुलिस प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातें रोकी जा सकें। पुलिस ने भी चेताया है कि नागरिकों को अकेले सुनसान गली या अंधेरी जगहों से गुजरते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह घटना यह दिखाती है कि अपराधियों के हौसले किस हद तक बढ़ चुके हैं, लेकिन साथ ही यह भी प्रमाण है कि साहसिक और सतर्क नागरिक अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।

  • POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी

    POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर में राऊ थाना क्षेत्र के एक विवादित मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। जानकारी के अनुसार, वेदांत तिवारी और उनके दो साथियों पर रविवार की अलसुबह प्रखर और नयन नामक युवकों के साथ मारपीट का आरोप लगा। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर शिकायत दर्ज कराई और मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है।

    सूत्रों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है। वेदांत तिवारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में उन्होंने पहले एक नाबालिग लड़की के खिलाफ POCSO एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण का सामना किया था। उस समय आरोप था कि कोचिंग से लौट रही 13 वर्षीय बच्ची के साथ वेदांत द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया, लेकिन आगे की कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। परिवार का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई।

    हालिया विवाद में दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। प्रखर और नयन के परिवार का कहना है कि उनके बच्चों को चोटें आई हैं और वेदांत द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। दूसरी ओर, वेदांत ने भी आरोप लगाया कि उनके वाहन पर पथराव किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इस पर उन्होंने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

    पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पूर्व मामलों का प्रभाव मौजूदा विवादों पर भी पड़ सकता है। वेदांत तिवारी का नाम पहले से ही POCSO केस में दर्ज होने के कारण समाज और मीडिया में संवेदनशील माना जाता है। इस कारण से हालिया मारपीट का मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के बढ़ने से इलाके में तनाव की स्थिति बन सकती है। इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं और सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रहे हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि कैसे पूर्व विवादों का असर नए मामलों पर पड़ता है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या राजनीतिक प्रभाव या सामाजिक दबाव मामलों की जांच और निष्पक्षता को प्रभावित करता है या नहीं।

    वर्तमान में मामला जांच के दायरे में है और जैसे ही पुलिस जांच पूरी होती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दोनों पक्षों की आपसी शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह विवाद सुर्खियों में बना रहेगा।

  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 5 करोड़ की फिरौती, अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी इंदौर में बढ़ा अलर्ट

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 5 करोड़ की फिरौती, अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी इंदौर में बढ़ा अलर्ट


    इंदौर। महू में एक बड़े हॉस्टल और अस्पताल संचालक के परिवार को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। यह मामला किशनगंज थाना क्षेत्र में सामने आया जहां अस्पताल के मालिक के बेटे को मोबाइल पर कॉल कर भारी रकम की मांग की गई। सूत्रों के अनुसार धमकी भरा कॉल सीधे संचालक के बेटे के मोबाइल पर आया। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
    इस तरह के गिरोह का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में रंगदारी और धमकी के मामलों में सुर्खियों में रहा है। हाल ही में अशोकनगर के एक व्यापारी को भी इसी तरह की धमकी मिलने की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में महू में अस्पताल संचालक के परिवार को निशाना बनाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है।

    धमकी मिलते ही पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल परिसर और परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। किशनगंज थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गए हैं। फोन कॉल की लोकेशन नंबर की जांच और साइबर सेल की मदद से तकनीकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कॉल वाकई गैंग से जुड़ा है या किसी ने नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की है। कई बार अपराधी किसी बड़े गिरोह का नाम लेकर भय फैलाते हैं ताकि उनकी धमकी का असर बढ़ सके। इसी वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट मोड पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

    महू और इंदौर पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। साथ ही अस्पताल और परिवार के साथ जुड़े अन्य लोगों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि कॉल करने वाला असली गिरोह से जुड़ा निकला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना स्थानीय समुदाय में डर और चिंता फैलाने वाली है क्योंकि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के संचालक और परिवार को ही निशाना बनाया गया। ऐसे मामलों में समय पर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच ही सुरक्षा और न्याय की दिशा तय करती है।

    आगे की जांच में यह भी सामने आएगा कि धमकी देने वाले का मकसद सिर्फ फिरौती था या किसी और उद्देश्य से परिवार को डराना था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

  • फेसबुक पर राकेश बनकर दोस्ती, असल में निकला फैजान; 24 वर्षीय युवती ने लव जिहाद, बलात्कार और धर्मांतरण के आरोपों में FIR दर्ज कराई

    फेसबुक पर राकेश बनकर दोस्ती, असल में निकला फैजान; 24 वर्षीय युवती ने लव जिहाद, बलात्कार और धर्मांतरण के आरोपों में FIR दर्ज कराई


    भोपाल। राजधानी में एक बार फिर लव जिहाद और दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करोंद क्षेत्र की 24 वर्षीय युवती ने छोला थाने में आरोपी फैजान पुत्र रमजान के खिलाफ बलात्कार, धमकी, ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने बलात्कार के मामले में तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि लव जिहाद और धर्मांतरण के एंगल की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2022 में फेसबुक पर आरोपी ने खुद को राकेश कुशवाह बताकर दोस्ती की। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार और शारीरिक संबंधों में बदल गई। कुछ समय बाद महिला को पता चला कि आरोपी का असली नाम फैजान है और वह हिंदू नाम का उपयोग कर संपर्क कर रहा था। जब महिला ने दूरी बनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने अपने भाई यूनुस के जरिए उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने यूनुस के खिलाफ पहले भी छोला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

    इस बीच, फैजान हत्या के एक अन्य मामले में जेल में था और दिसंबर 2025 में रिहाई के बाद फिर से महिला से संपर्क करने लगा। महिला के इनकार करने पर फैजान ने उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं और जबरन बलात्कार किया। पीड़िता ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को फैजान महिला को जबरन कहीं ले जा रहा था, तभी जेल रोड पर एक होटल के पास दुकानदारों की मदद से वह बच निकली। इसके बाद बजरंग दल के सदस्यों की सहायता से महिला थाने पहुंची और पूरी घटना की शिकायत की।

    युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने लगातार ब्लैकमेल किया और उसे सोशल मीडिया पर भी परेशान किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 बलात्कार 506 आपराधिक धमकी 354 और अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।

    लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर भी मदद की अपील की है, जबकि पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की गुहार लगाई है। इस घटना ने शहर में सुरक्षा और सोशल मीडिया पर पहचान छुपाकर संबंध बनाने के खतरों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

  • नर्मदापुरम में साइबर ठगों का जाल: एक दिन में 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल, सेवा समाप्ति की धमकी देकर मांगा OTP

    नर्मदापुरम में साइबर ठगों का जाल: एक दिन में 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल, सेवा समाप्ति की धमकी देकर मांगा OTP


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही दिन में सात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल कर ठगों ने निशाना बनाया। खुद को विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बताकर कॉल करने वाले ने सेवा समाप्ति की धमकी दी और पोषण ट्रैकर चालू न होने का हवाला देते हुए पासवर्ड और ओटीपी की मांग की। एक कार्यकर्ता द्वारा ओटीपी साझा करते ही उसका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया।

    जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी की शाम जिले की सात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं प्रमिला शर्मा, ममता मंसूरिया, सावित्री सेन, सरिता, वैष्णवी माधव सहित वार्ड क्रमांक 5, केंद्र क्रमांक 11 की कार्यकर्ता को मोबाइल नंबर 9798929881 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने सख्त लहजे में कहा कि उनका पोषण ट्रैकर बंद है और यदि तुरंत जानकारी अपडेट नहीं की गई तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। घबराहट में एक कार्यकर्ता ने मांगी गई ओटीपी साझा कर दी, जिसके तुरंत बाद उसका व्हाट्सएप अकाउंट लॉगआउट हो गया।

    अकाउंट हैक होने के बाद संबंधित कार्यकर्ता के व्हाट्सएप से जुड़े विभिन्न ग्रुपों में एसबीआई बैंक के योनो ऐप की कथित फाइल का लिंक भेजा गया। आशंका है कि इस लिंक के माध्यम से अन्य लोगों के मोबाइल में भी मैलवेयर इंस्टॉल कराने की कोशिश की गई। समय रहते अन्य कार्यकर्ताओं ने लिंक पर क्लिक नहीं किया, जिससे बड़ी साइबर ठगी टल गई।

    घटना के बाद सभी प्रभावित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचीं और साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मामले की गंभीर जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग हरकत में आया और संबंधित नंबर की जांच शुरू कर दी गई है।

    एडिशनल एसपी अभिषेक राजन ने स्पष्ट किया कि कोई भी विभागीय अधिकारी फोन पर कभी भी ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगता। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस प्रकार की कॉल प्राप्त होती है तो तुरंत नंबर ब्लॉक करें और नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही उन्होंने सभी शासकीय कर्मचारियों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान लिंक, विशेषकर जिनमें APK लिखा हो, उसे डाउनलोड या क्लिक न करने की सलाह दी है।

    यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर ठग अब सरकारी कर्मचारियों को भी निशाना बना रहे हैं और पद तथा सेवा समाप्ति की धमकी का सहारा लेकर डर का माहौल बनाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड किसी से साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

  • अलीगढ़ में रिश्तों का अजब मोड़, बेटी की शादी से पहले मां दामाद संग फरार, फिर जीजा के साथ जाने का आरोप

    अलीगढ़ में रिश्तों का अजब मोड़, बेटी की शादी से पहले मां दामाद संग फरार, फिर जीजा के साथ जाने का आरोप


    नई दिल्ली। अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के मडराक क्षेत्र से सामने आया एक पारिवारिक घटनाक्रम रिश्तों की परिभाषा पर सवाल खड़े कर रहा है। जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं वहां अचानक ऐसा मोड़ आया जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। शादी की तारीख 16 अप्रैल 2025 तय थी। घर में जेवर नकदी और रिश्तेदारों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। उत्साह और खुशियों के माहौल के बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि 12 दिन पहले सब कुछ बदल जाएगा।

    परिजनों के अनुसार लड़की की मां अनीता उर्फ अपना देवी की होने वाले दामाद राहुल से नजदीकियां बढ़ने लगीं। दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत होती रही और धीरे धीरे यह संपर्क कथित रूप से प्रेम संबंध में बदल गया। जब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो आपत्ति जताई गई लेकिन बातचीत बंद नहीं हुई।

    आरोप है कि अप्रैल की शुरुआत में अनीता घर से नकदी और जेवर लेकर राहुल के साथ चली गई। परिवार ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को बरामद कर थाने लाया। चूंकि दोनों बालिग थे इसलिए अनीता ने अपनी मर्जी से राहुल के साथ जाने की बात कही। कानूनी स्थिति को देखते हुए पुलिस ने ज्यादा हस्तक्षेप नहीं किया और दोनों साथ रहने लगे।

    बताया जाता है कि वे बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक गांव में जाकर रहने लगे जहां राहुल फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करने लगा। कुछ समय तक मामला शांत नजर आया और परिवार ने भी स्थिति को किसी तरह स्वीकार कर लिया।

    हालांकि घटनाक्रम ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया जब राहुल हाल ही में अलीगढ़ पहुंचा और पुलिस को शिकायत दी कि अनीता अब उसे छोड़कर अपने जीजा देवेंद्र के साथ चली गई है। राहुल का दावा है कि वह लगभग दो लाख रुपये नकद और जेवरात भी साथ ले गई।

    पुलिस का कहना है कि जिस स्थान से महिला के जाने की बात कही जा रही है वह क्षेत्र बिहार में आता है इसलिए वहां की स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाएगी। फिलहाल अलीगढ़ पुलिस ने मामले की जानकारी दर्ज कर ली है और तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।

    पूरे घटनाक्रम में कई परतें हैं। पहले बेटी की शादी से पहले मां का होने वाले दामाद के साथ जाना फिर उसके साथ रहना और अब जीजा के साथ जाने का आरोप लगना इस मामले को जटिल बना रहा है। नकदी और जेवर ले जाने के दावे भी जांच के दायरे में हैं।

    फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान और परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अलीगढ़ से शुरू हुई यह कहानी अब कई राज्यों तक फैल चुकी है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। शादी का घर जो खुशियों से भरा था वह अचानक विवाद और कानूनी उलझनों में घिर गया है। आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर सभी की नजर टिकी है।

  • आर्थिक दबाव और कर्ज के चलते व्यापारी ने किया आत्महत्या का प्रयास, पुलिस जांच में जुटी

    आर्थिक दबाव और कर्ज के चलते व्यापारी ने किया आत्महत्या का प्रयास, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के चंदन नगर में एक व्यापारी ने बुधवार रात कथित आर्थिक दबाव और कर्ज की परेशानियों के चलते जहर खा लिया। परिजन उसे तुरंत मालवा अस्पताल ले गए, जहां उसे गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया। व्यापारी ने जहर सेवन से पहले एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उसने तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।

    घटना से जुड़े अनुसार घायल व्यापारी मोहम्मद मोसीन, पुत्र मोहम्मद अशरफ, चंदन नगर का निवासी है। उसके मोबाइल से प्राप्त वीडियो में उसने बंबई बाजार और कड़ाव घाट क्षेत्र के रहने वाले मुन्ना दूधवाले, अकरम और शकील चौधरी को जिम्मेदार ठहराया। वीडियो में मोसीन ने अपनी जान को खतरे में बताने के साथ आर्थिक दबाव की जानकारी दी।

    मामले की जांच में सामने आया कि मोसीन ने वर्ष 2023-24 के दौरान व्यापारिक जरूरतों के लिए करीब 10 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। वीडियो में उसने दावा किया कि उस पर साप्ताहिक 65 हजार रुपये ब्याज का दबाव बनाया गया और अब तक वह 60 से 70 लाख रुपये चुका चुका है। उसने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों ने उसके मकान की रजिस्ट्री और लगभग 30 चेक अपने पास रखे हैं और उन्हें लौटाने के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही थी।

    पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचकर सुरक्षा सुनिश्चित की। मोसीन की हालत गंभीर होने के कारण फिलहाल उसका बयान दर्ज नहीं किया जा सका। हालांकि परिजनों से पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि व्यापारी ने छह फरवरी को पंढरीनाथ थाने में लिखित आवेदन देकर लेन-देन और दस्तावेज लौटाने की शिकायत की थी। अब वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी।

    कानून विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच में जबरन वसूली, धमकी या अवैध ब्याज वसूली के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की आर्थिक प्रताड़ना या दबाव की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने बताया कि व्यापारी की स्थिति स्थिर होने के बाद उसका बयान दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त प्रबंध किए हैं। स्थानीय व्यापारिक समुदाय में भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है, और व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। घटना ने शहर में कर्ज और आर्थिक दबाव के चलते बढ़ते तनाव की ओर ध्यान खींचा है। पुलिस और प्रशासन दोनों मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटे हैं।