Tag: Police Investigation

  • भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार

    भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार


    भिण्ड । भिण्ड जिले के लहार अनुभाग के रौन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता कक्षा आठवीं की छात्रा है और हाल ही में गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया।

    जानकारी के अनुसार पीड़िता की मोहल्ले में रहने वाली दो सगी बहनों के साथ दोस्ती थी। दोनों बहनें अक्सर उसे अपने घर बुलाती थीं। इसी दौरान उन्होंने अपने भाई Sahil से उसकी पहचान कराई। परिजनों का आरोप है कि एक दिन दोनों बहनों ने किशोरी को घर बुलाकर कमरे में अकेला छोड़ दिया और बाहर चली गईं। इसी दौरान साहिल ने उसके साथ जबरन गलत संबंध बनाए और किसी को बताने पर बदनाम करने की धमकी दी।

    पीड़िता के परिजन ने बताया कि उन्होंने साहिल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी साहिल फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन जारी है।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं और पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। यह मामला स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन गया है क्योंकि ऐसे अपराधों में त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है।

  • निर्माणाधीन जिला जेल के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

    निर्माणाधीन जिला जेल के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब निर्माणाधीन जिला जेल परिसर के पास जंगल में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया।

    पुलिस के अनुसार यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के कढ़ाई इलाके में स्थित जंगल की है, जहां निर्माणाधीन जिला जेल के पास एक पेड़ पर युवक का शव लटका हुआ पाया गया। स्थानीय लोगों ने जब पेड़ से लटका शव देखा तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आसपास का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    मृतक की पहचान हर्रावाड़ी निवासी सुनील उर्फ अपाचे लगभग 30 वर्ष के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि सुनील पिछले करीब पांच वर्षों से कढ़ाई क्षेत्र में अपने ससुराल में रह रहा था। वह यहां एक ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करता था और मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहा था।

    घटना के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है।

    घटना की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और परिचित भी मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

  • नरसिंहपुर में महिला की सिर और मुंह पर वार कर हत्या, खेत की मेढ़ पर मिली लाश

    नरसिंहपुर में महिला की सिर और मुंह पर वार कर हत्या, खेत की मेढ़ पर मिली लाश

    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के राकई बसेड़ी गांव में मंगलवार रात एक भयावह वारदात सामने आई। स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार अज्ञात हमलावर ने 25 वर्षीय महिला वंदना ठाकुर की हत्या कर दी। घटना स्थल पर महिला का शव गेहूं और गन्ने के खेत की मेढ़ पर पड़ा मिला जिसे देखकर आसपास के लोग और पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।

    मृतका वंदना ठाकुर अपने पति पुष्पेंद्र ठाकुर के साथ मजदूरी के काम में लगी रहती थी। वे राकई हार में रिजवान पटेल के खेत में बटाई लेकर काम करती थीं। घटना वाले दिन पुष्पेंद्र अपने किसी काम से बाहर गए हुए थे। शाम को जब वह घर लौटे तो उनकी पत्नी नजर नहीं आई। घर और आसपास ढूंढने के बाद उन्होंने टार्च जलाकर खेत की मेढ़ की ओर देखा तो उनकी पत्नी का रक्तरंजित शव वहां पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए।

    घटना स्थल और शव की स्थिति से स्पष्ट था कि वंदना की हत्या सिर और मुंह पर किए गए वार से की गई है। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों और खेत में काम करने वालों ने भी पुलिस को तुरंत सूचना दी। सूचना मिलते ही करेली थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हत्या के मामले में अपराध क्रमांक 232/26 के तहत धारा 103(1) 238(ए) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि मृतका के सिर और मुंह पर कई वार के निशान मिले हैं जिससे हत्या की शंका पुष्टि हुई है।

    पुलिस अब आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी संभावित सुराग जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता नहीं चल सका है कि हत्या का कारण क्या था और किसने यह घटना अंजाम दी। मृतका के परिवार वालों का कहना है कि वंदना मेहनत करने वाली और शांत स्वभाव की महिला थी। मृतका के भाई सोनू ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी बहन मजदूरी करती थी और कुछ लोगों पर हत्या का शक भी जताया गया है। उन्होंने पुलिस से मामले की शीघ्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा भी मौके पर पहुंचे और जांच प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने थाने की टीम को जरूरी मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश दिए ताकि आरोपी जल्द गिरफ्तार हो और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। पूरा क्षेत्र इस खौफनाक घटना से स्तब्ध है। स्थानीय लोग और पुलिस अब इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही हैं। हत्या की यह वारदात यह सवाल भी खड़ा करती है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

  • भोपाल: रंगपंचमी पर युवती की कार पर एसिड फेंकने का गंभीर मामला

    भोपाल: रंगपंचमी पर युवती की कार पर एसिड फेंकने का गंभीर मामला


    भोपाल। भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में रंगपंचमी के दिन एक युवती की कार पर कथित रूप से एसिड मिला रंग फेंकने की घटना सामने आई है। घटना में कार का पेंट पूरी तरह जल गया, जिससे संपत्ति को गंभीर नुकसान हुआ। 24 वर्षीय पीड़िता एक निजी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत हैं और वह अभिरुचि परिसर में रहती हैं।

    युवती ने बताया कि रविवार को वह अपनी कार घर के बाहर पार्क कर चुकी थीं। शाम के समय जब वह कार के पास पहुंचीं, तो देखा कि कार पर रंग डाला हुआ था। पेंट बुरी तरह जल चुका था, जिससे साफ तौर पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि रंग में एसिड मिलाकर कार पर फेंका गया। पीड़िता ने तुरंत ऐशबाग थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई।

    थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी संदीप पंवार ने बताया कि कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

    इस घटना ने सिर्फ संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया, बल्कि एसिड के इस्तेमाल से सुरक्षा की गंभीर चिंता भी पैदा कर दी है। फिलहाल पीड़िता सुरक्षित हैं और उन्हें कोई शारीरिक चोट नहीं आई है।

    जांच अधिकारी आसपास के अन्य CCTV और पड़ोसियों से पूछताछ कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी है, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें।

    यह मामला याद दिलाता है कि त्योहारों के समय सावधानी और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं। रंगपंचमी का त्योहार खुशी और मस्ती का प्रतीक है, लेकिन इस तरह की घटनाओं से इसे डर और चिंता का माहौल भी मिल सकता है। पुलिस की सक्रियता और नागरिकों की सतर्कता इस तरह की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।

  • जबलपुर में चर्च में हंगामा: महिला दिवस कार्यक्रम में निलंबित प्राचार्य ने किया उत्पात, ईसाई समुदाय ने FIR की मांग की

    जबलपुर में चर्च में हंगामा: महिला दिवस कार्यक्रम में निलंबित प्राचार्य ने किया उत्पात, ईसाई समुदाय ने FIR की मांग की


    जबलपुर । जबलपुर के क्राइस्टचर्च गर्ल्स स्कूल परिसर में स्थित चर्च में रविवार सुबह आराधना के दौरान हंगामा हो गया। महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला सम्मान कार्यक्रम में अचानक व्यवधान उत्पन्न होने से ईसाई समुदाय में नाराजगी फैल गई। समाज और चर्च के पदाधिकारियों ने तुरंत ओमती थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और हंगामा करने वाले के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।

    ओमती पुलिस के अनुसार, शिकायत में बताया गया कि क्राइस्टचर्च बॉयज स्कूल से निलंबित प्राचार्य लेडली मैथ्यूज सुबह आराधना के दौरान चर्च में घुस आए। उन्होंने पवित्र स्थान में पहुंचकर माइक छीन लिया और बेवजह की बातें करने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    चर्च पदाधिकारियों के विरोध करने पर मैथ्यूज ने वहां मौजूद लोगों को धमकाया और पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की। इस घटना से उपस्थित लोग आहत हुए और महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न हुआ। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के साथ भी अभद्रता की शिकायत की गई है।

    पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और बताया कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चर्च और समाज के पदाधिकारी पूरे मामले में सतर्क हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

    इस घटना ने न केवल चर्च परिसर में सुरक्षा की चिंता बढ़ाई है, बल्कि समुदाय के बीच तनाव भी पैदा किया है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है।

  • भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार

    भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार



    भोपाल । भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में होली के दिन एक युवक की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। 19 वर्षीय अरविंद मीणा, जो प्रताप नगर में रहता था और गारमेंट्स शॉप में सेल्समैन के रूप में काम करता था, बुधवार रात अपने दोस्तों के साथ होली खेलने के बाद घूमने निकला था। सूत्रों के अनुसार, वह अपने दोस्तों विशाल ठाकुर उर्फ भूरा और सचिन के साथ आखिरी बार देखा गया। रात के अज्ञात समय में अज्ञात बदमाशों ने उसे घेरकर चार चाकू वार किए और उसके बाद उसका शव बेस्ट प्राइस के पास 80 फीट रोड पर ऑटो से फेंककर फरार हो गए। शव अर्धनग्न हालत में मिला, जिसमें उसके ऊपरी हिस्से के कपड़े नहीं थे।

    घटना की जानकारी लगते ही मृतक के पिता हल्केराम मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने सड़क किनारे भीड़ देखकर रुके और पास जाकर अपने बेटे का शव देखा। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे मोहल्ले के लोगों को स्तब्ध कर दिया। निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की पहचान के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    मृतक के मोहल्ले के लोग और परिचितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में देरी से समुदाय में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि अरविंद मीणा एक मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था, जिसने अपने परिवार का सहारा बनने के लिए मेहनत की थी।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर होली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर। पुलिस ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है और युवाओं को अशांति फैलाने से रोकने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

    परिजन और मोहल्ले वाले पुलिस से लगातार संपर्क में हैं और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच से पता चला है कि हत्या की घटना व्यक्तिगत विवाद या आपराधिक मंशा के चलते हो सकती है, लेकिन सटीक कारण पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    यह घटना न केवल भोपाल के निशातपुरा इलाके में तनाव बढ़ा रही है, बल्कि होली जैसे खुशियों के त्योहार पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था की चुनौती को भी उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

  • उज्जैन दर्शन से लौटते समय नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके ने ससुराल पर लगाया दहेज हत्या का आरोप

    उज्जैन दर्शन से लौटते समय नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके ने ससुराल पर लगाया दहेज हत्या का आरोप

    नई दिल्ली। जबलपुर के कटंगी क्षेत्र के कैमोरी गांव निवासी नवविवाहिता पूजा साहू की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। पूजा की शादी 6 फरवरी 2026 को गढ़ा फाटक निवासी निखिल साहू से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद पूजा अपने पति और परिवार के साथ उज्जैन दर्शन के लिए गई थी। परिजनों के अनुसार, 20 फरवरी को जब वे वापस लौट रहे थे, तब पूजा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पति निखिल ने परिवार को एक वीडियो भेजकर बताया कि पूजा की हालत खराब है। लेकिन रास्ते में तेंदूखेड़ा, दमोह के पास पूजा की मौत हो गई।

    मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि पूजा के साथ लगातार दहेज की मांग और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। परिजनों के अनुसार, शादी के समय 10 लाख रुपए की मांग की गई थी, जिसमें केवल 4 लाख रुपए दिए गए। पूजा ने अपनी मौत से पहले अपने मोबाइल के जरिए परिजनों को वीडियो भेजे थे, जिनमें उन्होंने ससुराल वालों के बर्ताव और अपनी व्यथा बताई। ये वीडियो अब पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपे जा रहे हैं।

    पूजा की मौत के बाद पूरे साहू समाज में आक्रोश फैल गया। समाज के सैकड़ों लोग और मृतका के रिश्तेदार जबलपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह हत्या बीमारी का रूप देने की कोशिश है।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जीरो में मामला दर्ज कर जांच के लिए डायरी दमोह भेज दी है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस मामले में पूजा की मौत ने परिवार और समाज में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। फिलहाल पुलिस साक्ष्यों और वीडियो की जांच कर रही है ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित हो।

  • इंदौर में IVF-सरोगेसी के नाम पर सनसनीखेज आरोप, नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात अपहरण का मामला दर्ज जांच के आदेश

    इंदौर में IVF-सरोगेसी के नाम पर सनसनीखेज आरोप, नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात अपहरण का मामला दर्ज जांच के आदेश


    इंदौर ।मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां IVF और सरोगेसी के नाम पर एक नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात शिशु के कथित अपहरण का आरोप लगा है। पीड़ित दंपति ने सबूतों के साथ पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। फिलहाल महिला थाना पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई हैब
    शिकायत के अनुसार आरोपी खुद को Sri Aurobindo Hospital से जुड़ा वरिष्ठ डॉक्टर बताता था। दंपति का आरोप है कि कर्ज में डूबे होने का फायदा उठाकर उन्हें झांसे में लिया गया। पति द्वारा लिए गए उधार को एडजस्ट कराने का लालच देकर कथित डॉक्टर से मुलाकात करवाई गई। इसके बाद IVF के जरिए बच्चा दिलाने का आश्वासन दिया गया। 18 सितंबर 2023 को एक होटल में बुलाकर कथित साजिश रची गई।

    पीड़िता का कहना है कि उसे DNS Hospital और एक अन्य IVF सेंटर में भर्ती कराया गया। दो बार IVF प्रक्रिया असफल रहने के बाद आरोपी ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि फरवरी 2024 में होटल में बुलाकर उसे नशीला पदार्थ पिलाया गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। होश आने पर पति को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी गई।

    दंपति का यह भी आरोप है कि गर्भ ठहरने के बाद उन्हें अस्पताल के सामने एक कॉलोनी के फ्लैट में रखा गया जहां कमरों में कैमरे लगाए गए थे और आठ माह तक निगरानी में रखा गया। उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। 15 सितंबर 2024 को तबीयत बिगड़ने पर महिला को Motherhood Hospital में भर्ती कराया गया जहां 4 अक्टूबर 2024 को आठ माह के गर्भ के बाद बेटे का जन्म हुआ।

    सबसे गंभीर आरोप 9 अक्टूबर 2024 का है जब अस्पताल से डिस्चार्ज के दौरान कथित डॉक्टर और उसके साथियों ने नवजात को छीन लिया। पति का मोबाइल फोन फॉर्मेट कर सिम तोड़ने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है। दंपति का दावा है कि बाद में दशहरा मैदान पर एक दो बार बच्चे से मिलवाया गया और पिस्टल दिखाकर चुप रहने को कहा गया।

    इतना ही नहीं 26 नवंबर 2024 को फिर होटल में बुलाकर दबाव में एक क्षतिपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने कथित फर्जी दस्तावेजों की तस्वीरें सुरक्षित रखने की बात कही है। साथ ही बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की धमकी देने का भी आरोप है।

    इस मामले में हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर के माध्यम से पुलिस कमिश्नर को शिकायत सौंपी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना टीआई को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर ने कहा कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है और केवल अल्ट्रोस्टिक सरोगेसी ही वैध है इसके बावजूद महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर शोषण के मामले सामने आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी लेकिन आरोप बेहद गंभीर हैं और चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

  • लालच में गवां दी कमाई: रिटायर टीआई के साथ 14 लाख की ठगी, फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप ने बनाया शिकार

    लालच में गवां दी कमाई: रिटायर टीआई के साथ 14 लाख की ठगी, फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप ने बनाया शिकार


    छिंदवाड़ा । जिले में रिटायर टीआई कोमल दियावार ठगी का शिकार हो गए जब फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर बनाए गए एक ग्रुप ने उनके साथ 14 लाख से अधिक की ठगी कर दी। ठगों ने मोटा मुनाफा दिखाकर उन्हें अपने जाल में फंसाया।

    ठगी का तरीका
    जानकारी के अनुसार ठगों ने एक ट्रेडिंग कंपनी जैसा दिखने वाला ग्रुप बनाया और रिटायर अधिकारी को उसमें शामिल किया। शुरुआत में खाते में अच्छे मुनाफे का लालच दिखाया गया। विश्वास होने के बाद अधिकारी ने अपने 14 लाख रुपए ग्रुप के माध्यम से जमा कर दिए। अचानक ग्रुप बंद होने पर उन्हें ठगी का अंदाजा हुआ और वह कोतवाली थाना पहुंचे।

    पुलिस कार्रवाई

    कोतवाली थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने मीडिया को बताया कि फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के माध्यम से रिटायर अधिकारी को धोखा दिया गया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

    सावधानी की जरूरत

    विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश के लालच में जल्दबाजी करना अक्सर भारी पड़ता है। किसी भी निवेश से पहले कंपनी का सत्यापन आधिकारिक पंजीकरण और विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। यह मामला निवेश के नाम पर बढ़ती ठगी की गंभीर चुनौती को उजागर करता है और लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी देता है।

  • सिंगरौली थाने में दबंगई: बंदूक की नोंक पर अवैध रेत वाहन छुड़ाया, पुलिस देखती रह गई

    सिंगरौली थाने में दबंगई: बंदूक की नोंक पर अवैध रेत वाहन छुड़ाया, पुलिस देखती रह गई


    सिंगरौली । जिले में अवैध रेत माफिया के हौसले अब कानून और पुलिस दोनों को चुनौती देने लगे हैं। ताजा मामला इसी डर को पुष्ट करता है जब चितरंगी थाने में पुलिस की मौजूदगी में हथियारबंद दबंगों ने अवैध रेत से भरे वाहन को बंदूक की नोंक पर छुड़ाकर ले गए।

    घटना का भयावह विवरण

    वन विभाग की टीम ने अवैध रेत से भरे वाहन को जब्त कर थाने में खड़ा किया था। उसी दौरान दर्जनों लोग गाड़ियों से थाने में पहुंचे। हाथों में हथियार और आंखों में दबंगई लिए आरोपियों ने वनकर्मियों को धमकाया गाली गलौज की और बंदूक लहराते हुए वाहन को जब्त कर फरार हो गए। घटना के दौरान पुलिस न केवल रोकने में असमर्थ रही बल्कि पूरे वाक्य के दौरान सिर्फ देखती रही।

    उठ रहे सवाल

    यह घटना सिस्टम और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या थाने में मौजूद पुलिसकर्मी असहाय थे या किसी दबाव में चुप्पी साध ली गई? क्या सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे? आरोपियों की पहचान हो चुकी है या नहीं? क्या किसी स्तर पर मिलीभगत हुई थी? ऐसे कई सवाल जिले में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

    माफिया का ताकतवर नेटवर्क

    अवैध रेत उत्खनन सिंगरौली में नई बात नहीं है लेकिन इस बार मामला सीधे कानून को चुनौती देने वाला है। अगर बंदूक की नोंक पर थाने से वाहन छुड़ाया जा सकता है तो यह स्पष्ट संकेत है कि माफिया का नेटवर्क कितना मजबूत और प्रभावित है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद वनरक्षक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच की बात कही है लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह घटना न केवल अवैध रेत माफिया की ताकत का उदाहरण है बल्कि स्थानीय प्रशासन और कानून व्यवस्था की सख्ती पर भी सवाल खड़े करती है।