Tag: Police Investigation

  • इंदौर में IVF-सरोगेसी के नाम पर सनसनीखेज आरोप, नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात अपहरण का मामला दर्ज जांच के आदेश

    इंदौर में IVF-सरोगेसी के नाम पर सनसनीखेज आरोप, नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात अपहरण का मामला दर्ज जांच के आदेश


    इंदौर ।मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां IVF और सरोगेसी के नाम पर एक नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात शिशु के कथित अपहरण का आरोप लगा है। पीड़ित दंपति ने सबूतों के साथ पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। फिलहाल महिला थाना पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई हैब
    शिकायत के अनुसार आरोपी खुद को Sri Aurobindo Hospital से जुड़ा वरिष्ठ डॉक्टर बताता था। दंपति का आरोप है कि कर्ज में डूबे होने का फायदा उठाकर उन्हें झांसे में लिया गया। पति द्वारा लिए गए उधार को एडजस्ट कराने का लालच देकर कथित डॉक्टर से मुलाकात करवाई गई। इसके बाद IVF के जरिए बच्चा दिलाने का आश्वासन दिया गया। 18 सितंबर 2023 को एक होटल में बुलाकर कथित साजिश रची गई।

    पीड़िता का कहना है कि उसे DNS Hospital और एक अन्य IVF सेंटर में भर्ती कराया गया। दो बार IVF प्रक्रिया असफल रहने के बाद आरोपी ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि फरवरी 2024 में होटल में बुलाकर उसे नशीला पदार्थ पिलाया गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। होश आने पर पति को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी गई।

    दंपति का यह भी आरोप है कि गर्भ ठहरने के बाद उन्हें अस्पताल के सामने एक कॉलोनी के फ्लैट में रखा गया जहां कमरों में कैमरे लगाए गए थे और आठ माह तक निगरानी में रखा गया। उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। 15 सितंबर 2024 को तबीयत बिगड़ने पर महिला को Motherhood Hospital में भर्ती कराया गया जहां 4 अक्टूबर 2024 को आठ माह के गर्भ के बाद बेटे का जन्म हुआ।

    सबसे गंभीर आरोप 9 अक्टूबर 2024 का है जब अस्पताल से डिस्चार्ज के दौरान कथित डॉक्टर और उसके साथियों ने नवजात को छीन लिया। पति का मोबाइल फोन फॉर्मेट कर सिम तोड़ने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है। दंपति का दावा है कि बाद में दशहरा मैदान पर एक दो बार बच्चे से मिलवाया गया और पिस्टल दिखाकर चुप रहने को कहा गया।

    इतना ही नहीं 26 नवंबर 2024 को फिर होटल में बुलाकर दबाव में एक क्षतिपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने कथित फर्जी दस्तावेजों की तस्वीरें सुरक्षित रखने की बात कही है। साथ ही बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की धमकी देने का भी आरोप है।

    इस मामले में हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर के माध्यम से पुलिस कमिश्नर को शिकायत सौंपी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना टीआई को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर ने कहा कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है और केवल अल्ट्रोस्टिक सरोगेसी ही वैध है इसके बावजूद महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर शोषण के मामले सामने आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी लेकिन आरोप बेहद गंभीर हैं और चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

  • लालच में गवां दी कमाई: रिटायर टीआई के साथ 14 लाख की ठगी, फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप ने बनाया शिकार

    लालच में गवां दी कमाई: रिटायर टीआई के साथ 14 लाख की ठगी, फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप ने बनाया शिकार


    छिंदवाड़ा । जिले में रिटायर टीआई कोमल दियावार ठगी का शिकार हो गए जब फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर बनाए गए एक ग्रुप ने उनके साथ 14 लाख से अधिक की ठगी कर दी। ठगों ने मोटा मुनाफा दिखाकर उन्हें अपने जाल में फंसाया।

    ठगी का तरीका
    जानकारी के अनुसार ठगों ने एक ट्रेडिंग कंपनी जैसा दिखने वाला ग्रुप बनाया और रिटायर अधिकारी को उसमें शामिल किया। शुरुआत में खाते में अच्छे मुनाफे का लालच दिखाया गया। विश्वास होने के बाद अधिकारी ने अपने 14 लाख रुपए ग्रुप के माध्यम से जमा कर दिए। अचानक ग्रुप बंद होने पर उन्हें ठगी का अंदाजा हुआ और वह कोतवाली थाना पहुंचे।

    पुलिस कार्रवाई

    कोतवाली थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने मीडिया को बताया कि फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के माध्यम से रिटायर अधिकारी को धोखा दिया गया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

    सावधानी की जरूरत

    विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश के लालच में जल्दबाजी करना अक्सर भारी पड़ता है। किसी भी निवेश से पहले कंपनी का सत्यापन आधिकारिक पंजीकरण और विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। यह मामला निवेश के नाम पर बढ़ती ठगी की गंभीर चुनौती को उजागर करता है और लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी देता है।

  • सिंगरौली थाने में दबंगई: बंदूक की नोंक पर अवैध रेत वाहन छुड़ाया, पुलिस देखती रह गई

    सिंगरौली थाने में दबंगई: बंदूक की नोंक पर अवैध रेत वाहन छुड़ाया, पुलिस देखती रह गई


    सिंगरौली । जिले में अवैध रेत माफिया के हौसले अब कानून और पुलिस दोनों को चुनौती देने लगे हैं। ताजा मामला इसी डर को पुष्ट करता है जब चितरंगी थाने में पुलिस की मौजूदगी में हथियारबंद दबंगों ने अवैध रेत से भरे वाहन को बंदूक की नोंक पर छुड़ाकर ले गए।

    घटना का भयावह विवरण

    वन विभाग की टीम ने अवैध रेत से भरे वाहन को जब्त कर थाने में खड़ा किया था। उसी दौरान दर्जनों लोग गाड़ियों से थाने में पहुंचे। हाथों में हथियार और आंखों में दबंगई लिए आरोपियों ने वनकर्मियों को धमकाया गाली गलौज की और बंदूक लहराते हुए वाहन को जब्त कर फरार हो गए। घटना के दौरान पुलिस न केवल रोकने में असमर्थ रही बल्कि पूरे वाक्य के दौरान सिर्फ देखती रही।

    उठ रहे सवाल

    यह घटना सिस्टम और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या थाने में मौजूद पुलिसकर्मी असहाय थे या किसी दबाव में चुप्पी साध ली गई? क्या सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे? आरोपियों की पहचान हो चुकी है या नहीं? क्या किसी स्तर पर मिलीभगत हुई थी? ऐसे कई सवाल जिले में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

    माफिया का ताकतवर नेटवर्क

    अवैध रेत उत्खनन सिंगरौली में नई बात नहीं है लेकिन इस बार मामला सीधे कानून को चुनौती देने वाला है। अगर बंदूक की नोंक पर थाने से वाहन छुड़ाया जा सकता है तो यह स्पष्ट संकेत है कि माफिया का नेटवर्क कितना मजबूत और प्रभावित है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद वनरक्षक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच की बात कही है लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह घटना न केवल अवैध रेत माफिया की ताकत का उदाहरण है बल्कि स्थानीय प्रशासन और कानून व्यवस्था की सख्ती पर भी सवाल खड़े करती है।

  • भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार

    भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार



    भोपालभोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रचारक विनय सिंह और उनके साथी को टक्कर मार दी। हादसे में संघ प्रचारक विनय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी को गंभीर चोटें आई हैं। चार पहिया वाहन चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और CCTV फुटेज और गवाहों के आधार पर उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है।

    हादसे का विवरण
    विनय सिंह 55 वर्षीय थे और ग्राम मेघराकलां, बैरसिया के रहने वाले थे। वह खेती-किसानी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय प्रचारक का काम भी कर रहे थे। गुरुवार दोपहर वह अपने मित्र के साथ बाइक पर गोलखेड़ी से घर लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।

    पुलिस कार्रवाई
    ईंटखेड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और CCTV कैमरों के माध्यम से वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि हिट-एंड-रन के मामलों में आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाकर पूरे इलाके में सघन जांच की जा रही है।

    स्थानीय और संघ प्रतिक्रिया
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विनय सिंह समाज सेवा और प्रचार के कार्य में हमेशा सक्रिय रहे और उनका योगदान याद किया जाएगा।

    यह घटना राजधानी में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे पर चिंता बढ़ा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी ने आरोपी वाहन को देखा हो या उसकी जानकारी हो, तो तुरंत स्थानीय थाने को सूचना दें।

  • राजधानी में दहशत: पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 12:15 बजे विस्फोट का दावा; परिसर खाली

    राजधानी में दहशत: पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 12:15 बजे विस्फोट का दावा; परिसर खाली



    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को गुरुवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। यूनिवर्सिटी के डीन को भेजे गए मेल में दावा किया गया था कि मेडिकल कॉलेज परिसर में साइनाइड गैस युक्त बम लगाए गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे विस्फोट करेंगे। ईमेल में सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों, छात्रों और स्टाफ को परिसर खाली कराने की चेतावनी भी दी गई थी।
    सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने तुरंत पुलिस प्रशासन को अवगत कराया। एहतियात के तौर पर क्लासरूम, ओपीडी, हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों से छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ ही देर में पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए और पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल यूनिवर्सिटी की आधिकारिक मेल आईडी पर भेजा गया था। संदेश में विस्फोट का समय स्पष्ट रूप से उल्लेखित था। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए हर संभावित स्थान की जांच की। हालांकि निर्धारित समय तक किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है।
    ईमेल किस आईडी से भेजा गया, उसका सर्वर लोकेशन क्या है और क्या इसमें किसी संगठित समूह की भूमिका हैइन सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर इसे शरारत या फर्जी धमकी की आशंका से भी जोड़ा जा रहा है, लेकिन अधिकारी किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे। धमकी की खबर फैलते ही यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में चिंता देखी गई। हालांकि पुलिस ने आश्वस्त किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी।
    यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिसर खाली कराया गया और पुलिस के सहयोग से व्यापक जांच कराई गई। फिलहाल कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन ईमेल भेजने वाले की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली बम धमकी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की सतर्कता की परीक्षा ले ली। समय रहते प्रशासनिक कार्रवाई से बड़ा खतरा टल गया। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हैधमकी देने वाले तक पहुंचकर सच्चाई सामने लाना।
  • उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा

    उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा


    उज्जैन। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धोती-कुर्ता माथे पर त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला पहने एक युवक की पिटाई कर दी। युवक एक युवती के साथ मोहाली से उज्जैन आया था। घटना नानाखेड़ा क्षेत्र में सोमवार रात की बताई जा रही है जिसका वीडियो मंगलवार को सामने आया।

    वीडियो में युवक अपना नाम जफर खान बताते हुए खुद को भगवान शिव का भक्त बता रहा है। जानकारी के मुताबिक कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक-युवती एक होटल में ठहरे हैं। करीब एक घंटे इंतजार के बाद होटल के बाहर युवक को पकड़कर पूछताछ की गई।

    बताया जा रहा है कि युवक ने पहले हिंदू नाम बताया लेकिन बाद में अपना नाम जफर खान स्वीकार किया। उसने कहा कि वह शिव भक्त है और युवती उसे उज्जैन दर्शन कराने लाई थी। दोनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर हरसिद्धि मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन किए थे।

    नाम सामने आते ही मारपीट

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को घेरकर पहले पूछताछ की गई और असली नाम सामने आने के बाद मारपीट शुरू कर दी गई। वीडियो में युवक के सिर से खून बहता भी दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई।

    होटल में ठहरने को लेकर विवाद

    बजरंग दल के जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह ने दावा किया कि युवक-युवती को कई होटलों में कमरा नहीं मिला था। बाद में वे नानाखेड़ा के एक होटल में रुके। आरोप है कि युवक ने होटल में हिंदू नाम दर्ज कराया था। पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस जांच में जुटी

    नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के मुताबिक युवक और युवती मोहाली के रहने वाले हैं। युवती की उम्र 32 वर्ष बताई गई है और दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं। युवती को युवक के दूसरे धर्म से होने की जानकारी थी और दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    मंदिरों में प्रवेश को लेकर नई मांग

    इस घटना के बाद कुछ संगठनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।

  • सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात

    सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात


    सतना । सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में नवरंग पार्क कॉलोनी की सुनसान गलियों में सोमवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया। कॉलोनी की एक युवती अकेले गुजर रही थी, तभी अचानक एक अज्ञात बदमाश ने उस पर हमला कर दिया और मोबाइल झपटने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी तेजी से युवती के हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास कर रहा था।

    हालांकि, युवती ने इस अचानक हुए हमले के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर और पकड़े जाने के डर से बदमाश मौके से भाग गया, जबकि मोबाइल सुरक्षित रहा। घटना की पूरी प्रक्रिया पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब पुलिस के लिए मुख्य सुराग बन गई है।

    इस वारदात के बाद कॉलोनी और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासी पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं कोलगवां थाना पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान और जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    स्थानीय लोग इस घटना से चिंतित हैं और लगातार पुलिस प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातें रोकी जा सकें। पुलिस ने भी चेताया है कि नागरिकों को अकेले सुनसान गली या अंधेरी जगहों से गुजरते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह घटना यह दिखाती है कि अपराधियों के हौसले किस हद तक बढ़ चुके हैं, लेकिन साथ ही यह भी प्रमाण है कि साहसिक और सतर्क नागरिक अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।

  • POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी

    POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर में राऊ थाना क्षेत्र के एक विवादित मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। जानकारी के अनुसार, वेदांत तिवारी और उनके दो साथियों पर रविवार की अलसुबह प्रखर और नयन नामक युवकों के साथ मारपीट का आरोप लगा। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर शिकायत दर्ज कराई और मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है।

    सूत्रों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है। वेदांत तिवारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में उन्होंने पहले एक नाबालिग लड़की के खिलाफ POCSO एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण का सामना किया था। उस समय आरोप था कि कोचिंग से लौट रही 13 वर्षीय बच्ची के साथ वेदांत द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया, लेकिन आगे की कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। परिवार का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई।

    हालिया विवाद में दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। प्रखर और नयन के परिवार का कहना है कि उनके बच्चों को चोटें आई हैं और वेदांत द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। दूसरी ओर, वेदांत ने भी आरोप लगाया कि उनके वाहन पर पथराव किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इस पर उन्होंने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

    पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पूर्व मामलों का प्रभाव मौजूदा विवादों पर भी पड़ सकता है। वेदांत तिवारी का नाम पहले से ही POCSO केस में दर्ज होने के कारण समाज और मीडिया में संवेदनशील माना जाता है। इस कारण से हालिया मारपीट का मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के बढ़ने से इलाके में तनाव की स्थिति बन सकती है। इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं और सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रहे हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि कैसे पूर्व विवादों का असर नए मामलों पर पड़ता है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या राजनीतिक प्रभाव या सामाजिक दबाव मामलों की जांच और निष्पक्षता को प्रभावित करता है या नहीं।

    वर्तमान में मामला जांच के दायरे में है और जैसे ही पुलिस जांच पूरी होती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दोनों पक्षों की आपसी शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह विवाद सुर्खियों में बना रहेगा।

  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 5 करोड़ की फिरौती, अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी इंदौर में बढ़ा अलर्ट

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 5 करोड़ की फिरौती, अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी इंदौर में बढ़ा अलर्ट


    इंदौर। महू में एक बड़े हॉस्टल और अस्पताल संचालक के परिवार को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। यह मामला किशनगंज थाना क्षेत्र में सामने आया जहां अस्पताल के मालिक के बेटे को मोबाइल पर कॉल कर भारी रकम की मांग की गई। सूत्रों के अनुसार धमकी भरा कॉल सीधे संचालक के बेटे के मोबाइल पर आया। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
    इस तरह के गिरोह का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में रंगदारी और धमकी के मामलों में सुर्खियों में रहा है। हाल ही में अशोकनगर के एक व्यापारी को भी इसी तरह की धमकी मिलने की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में महू में अस्पताल संचालक के परिवार को निशाना बनाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है।

    धमकी मिलते ही पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल परिसर और परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। किशनगंज थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गए हैं। फोन कॉल की लोकेशन नंबर की जांच और साइबर सेल की मदद से तकनीकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कॉल वाकई गैंग से जुड़ा है या किसी ने नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की है। कई बार अपराधी किसी बड़े गिरोह का नाम लेकर भय फैलाते हैं ताकि उनकी धमकी का असर बढ़ सके। इसी वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट मोड पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

    महू और इंदौर पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। साथ ही अस्पताल और परिवार के साथ जुड़े अन्य लोगों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि कॉल करने वाला असली गिरोह से जुड़ा निकला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना स्थानीय समुदाय में डर और चिंता फैलाने वाली है क्योंकि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के संचालक और परिवार को ही निशाना बनाया गया। ऐसे मामलों में समय पर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच ही सुरक्षा और न्याय की दिशा तय करती है।

    आगे की जांच में यह भी सामने आएगा कि धमकी देने वाले का मकसद सिर्फ फिरौती था या किसी और उद्देश्य से परिवार को डराना था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

  • फेसबुक पर राकेश बनकर दोस्ती, असल में निकला फैजान; 24 वर्षीय युवती ने लव जिहाद, बलात्कार और धर्मांतरण के आरोपों में FIR दर्ज कराई

    फेसबुक पर राकेश बनकर दोस्ती, असल में निकला फैजान; 24 वर्षीय युवती ने लव जिहाद, बलात्कार और धर्मांतरण के आरोपों में FIR दर्ज कराई


    भोपाल। राजधानी में एक बार फिर लव जिहाद और दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करोंद क्षेत्र की 24 वर्षीय युवती ने छोला थाने में आरोपी फैजान पुत्र रमजान के खिलाफ बलात्कार, धमकी, ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने बलात्कार के मामले में तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि लव जिहाद और धर्मांतरण के एंगल की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2022 में फेसबुक पर आरोपी ने खुद को राकेश कुशवाह बताकर दोस्ती की। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार और शारीरिक संबंधों में बदल गई। कुछ समय बाद महिला को पता चला कि आरोपी का असली नाम फैजान है और वह हिंदू नाम का उपयोग कर संपर्क कर रहा था। जब महिला ने दूरी बनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने अपने भाई यूनुस के जरिए उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने यूनुस के खिलाफ पहले भी छोला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

    इस बीच, फैजान हत्या के एक अन्य मामले में जेल में था और दिसंबर 2025 में रिहाई के बाद फिर से महिला से संपर्क करने लगा। महिला के इनकार करने पर फैजान ने उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं और जबरन बलात्कार किया। पीड़िता ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को फैजान महिला को जबरन कहीं ले जा रहा था, तभी जेल रोड पर एक होटल के पास दुकानदारों की मदद से वह बच निकली। इसके बाद बजरंग दल के सदस्यों की सहायता से महिला थाने पहुंची और पूरी घटना की शिकायत की।

    युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने लगातार ब्लैकमेल किया और उसे सोशल मीडिया पर भी परेशान किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 बलात्कार 506 आपराधिक धमकी 354 और अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।

    लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर भी मदद की अपील की है, जबकि पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की गुहार लगाई है। इस घटना ने शहर में सुरक्षा और सोशल मीडिया पर पहचान छुपाकर संबंध बनाने के खतरों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।