Tag: Police Investigation

  • सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात

    सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात


    सतना । सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में नवरंग पार्क कॉलोनी की सुनसान गलियों में सोमवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया। कॉलोनी की एक युवती अकेले गुजर रही थी, तभी अचानक एक अज्ञात बदमाश ने उस पर हमला कर दिया और मोबाइल झपटने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी तेजी से युवती के हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास कर रहा था।

    हालांकि, युवती ने इस अचानक हुए हमले के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर और पकड़े जाने के डर से बदमाश मौके से भाग गया, जबकि मोबाइल सुरक्षित रहा। घटना की पूरी प्रक्रिया पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब पुलिस के लिए मुख्य सुराग बन गई है।

    इस वारदात के बाद कॉलोनी और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासी पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं कोलगवां थाना पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान और जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    स्थानीय लोग इस घटना से चिंतित हैं और लगातार पुलिस प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातें रोकी जा सकें। पुलिस ने भी चेताया है कि नागरिकों को अकेले सुनसान गली या अंधेरी जगहों से गुजरते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह घटना यह दिखाती है कि अपराधियों के हौसले किस हद तक बढ़ चुके हैं, लेकिन साथ ही यह भी प्रमाण है कि साहसिक और सतर्क नागरिक अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।

  • POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी

    POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर में राऊ थाना क्षेत्र के एक विवादित मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। जानकारी के अनुसार, वेदांत तिवारी और उनके दो साथियों पर रविवार की अलसुबह प्रखर और नयन नामक युवकों के साथ मारपीट का आरोप लगा। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर शिकायत दर्ज कराई और मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है।

    सूत्रों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है। वेदांत तिवारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में उन्होंने पहले एक नाबालिग लड़की के खिलाफ POCSO एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण का सामना किया था। उस समय आरोप था कि कोचिंग से लौट रही 13 वर्षीय बच्ची के साथ वेदांत द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया, लेकिन आगे की कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। परिवार का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई।

    हालिया विवाद में दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। प्रखर और नयन के परिवार का कहना है कि उनके बच्चों को चोटें आई हैं और वेदांत द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। दूसरी ओर, वेदांत ने भी आरोप लगाया कि उनके वाहन पर पथराव किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इस पर उन्होंने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

    पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पूर्व मामलों का प्रभाव मौजूदा विवादों पर भी पड़ सकता है। वेदांत तिवारी का नाम पहले से ही POCSO केस में दर्ज होने के कारण समाज और मीडिया में संवेदनशील माना जाता है। इस कारण से हालिया मारपीट का मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के बढ़ने से इलाके में तनाव की स्थिति बन सकती है। इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं और सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रहे हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि कैसे पूर्व विवादों का असर नए मामलों पर पड़ता है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या राजनीतिक प्रभाव या सामाजिक दबाव मामलों की जांच और निष्पक्षता को प्रभावित करता है या नहीं।

    वर्तमान में मामला जांच के दायरे में है और जैसे ही पुलिस जांच पूरी होती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दोनों पक्षों की आपसी शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह विवाद सुर्खियों में बना रहेगा।

  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 5 करोड़ की फिरौती, अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी इंदौर में बढ़ा अलर्ट

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 5 करोड़ की फिरौती, अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी इंदौर में बढ़ा अलर्ट


    इंदौर। महू में एक बड़े हॉस्टल और अस्पताल संचालक के परिवार को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। यह मामला किशनगंज थाना क्षेत्र में सामने आया जहां अस्पताल के मालिक के बेटे को मोबाइल पर कॉल कर भारी रकम की मांग की गई। सूत्रों के अनुसार धमकी भरा कॉल सीधे संचालक के बेटे के मोबाइल पर आया। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
    इस तरह के गिरोह का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में रंगदारी और धमकी के मामलों में सुर्खियों में रहा है। हाल ही में अशोकनगर के एक व्यापारी को भी इसी तरह की धमकी मिलने की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में महू में अस्पताल संचालक के परिवार को निशाना बनाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है।

    धमकी मिलते ही पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल परिसर और परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। किशनगंज थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गए हैं। फोन कॉल की लोकेशन नंबर की जांच और साइबर सेल की मदद से तकनीकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कॉल वाकई गैंग से जुड़ा है या किसी ने नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की है। कई बार अपराधी किसी बड़े गिरोह का नाम लेकर भय फैलाते हैं ताकि उनकी धमकी का असर बढ़ सके। इसी वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट मोड पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

    महू और इंदौर पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। साथ ही अस्पताल और परिवार के साथ जुड़े अन्य लोगों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि कॉल करने वाला असली गिरोह से जुड़ा निकला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना स्थानीय समुदाय में डर और चिंता फैलाने वाली है क्योंकि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के संचालक और परिवार को ही निशाना बनाया गया। ऐसे मामलों में समय पर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच ही सुरक्षा और न्याय की दिशा तय करती है।

    आगे की जांच में यह भी सामने आएगा कि धमकी देने वाले का मकसद सिर्फ फिरौती था या किसी और उद्देश्य से परिवार को डराना था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

  • फेसबुक पर राकेश बनकर दोस्ती, असल में निकला फैजान; 24 वर्षीय युवती ने लव जिहाद, बलात्कार और धर्मांतरण के आरोपों में FIR दर्ज कराई

    फेसबुक पर राकेश बनकर दोस्ती, असल में निकला फैजान; 24 वर्षीय युवती ने लव जिहाद, बलात्कार और धर्मांतरण के आरोपों में FIR दर्ज कराई


    भोपाल। राजधानी में एक बार फिर लव जिहाद और दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करोंद क्षेत्र की 24 वर्षीय युवती ने छोला थाने में आरोपी फैजान पुत्र रमजान के खिलाफ बलात्कार, धमकी, ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने बलात्कार के मामले में तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि लव जिहाद और धर्मांतरण के एंगल की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2022 में फेसबुक पर आरोपी ने खुद को राकेश कुशवाह बताकर दोस्ती की। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार और शारीरिक संबंधों में बदल गई। कुछ समय बाद महिला को पता चला कि आरोपी का असली नाम फैजान है और वह हिंदू नाम का उपयोग कर संपर्क कर रहा था। जब महिला ने दूरी बनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने अपने भाई यूनुस के जरिए उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने यूनुस के खिलाफ पहले भी छोला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

    इस बीच, फैजान हत्या के एक अन्य मामले में जेल में था और दिसंबर 2025 में रिहाई के बाद फिर से महिला से संपर्क करने लगा। महिला के इनकार करने पर फैजान ने उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं और जबरन बलात्कार किया। पीड़िता ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को फैजान महिला को जबरन कहीं ले जा रहा था, तभी जेल रोड पर एक होटल के पास दुकानदारों की मदद से वह बच निकली। इसके बाद बजरंग दल के सदस्यों की सहायता से महिला थाने पहुंची और पूरी घटना की शिकायत की।

    युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने लगातार ब्लैकमेल किया और उसे सोशल मीडिया पर भी परेशान किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 बलात्कार 506 आपराधिक धमकी 354 और अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।

    लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर भी मदद की अपील की है, जबकि पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की गुहार लगाई है। इस घटना ने शहर में सुरक्षा और सोशल मीडिया पर पहचान छुपाकर संबंध बनाने के खतरों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

  • नर्मदापुरम में साइबर ठगों का जाल: एक दिन में 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल, सेवा समाप्ति की धमकी देकर मांगा OTP

    नर्मदापुरम में साइबर ठगों का जाल: एक दिन में 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल, सेवा समाप्ति की धमकी देकर मांगा OTP


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही दिन में सात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल कर ठगों ने निशाना बनाया। खुद को विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बताकर कॉल करने वाले ने सेवा समाप्ति की धमकी दी और पोषण ट्रैकर चालू न होने का हवाला देते हुए पासवर्ड और ओटीपी की मांग की। एक कार्यकर्ता द्वारा ओटीपी साझा करते ही उसका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया।

    जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी की शाम जिले की सात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं प्रमिला शर्मा, ममता मंसूरिया, सावित्री सेन, सरिता, वैष्णवी माधव सहित वार्ड क्रमांक 5, केंद्र क्रमांक 11 की कार्यकर्ता को मोबाइल नंबर 9798929881 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने सख्त लहजे में कहा कि उनका पोषण ट्रैकर बंद है और यदि तुरंत जानकारी अपडेट नहीं की गई तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। घबराहट में एक कार्यकर्ता ने मांगी गई ओटीपी साझा कर दी, जिसके तुरंत बाद उसका व्हाट्सएप अकाउंट लॉगआउट हो गया।

    अकाउंट हैक होने के बाद संबंधित कार्यकर्ता के व्हाट्सएप से जुड़े विभिन्न ग्रुपों में एसबीआई बैंक के योनो ऐप की कथित फाइल का लिंक भेजा गया। आशंका है कि इस लिंक के माध्यम से अन्य लोगों के मोबाइल में भी मैलवेयर इंस्टॉल कराने की कोशिश की गई। समय रहते अन्य कार्यकर्ताओं ने लिंक पर क्लिक नहीं किया, जिससे बड़ी साइबर ठगी टल गई।

    घटना के बाद सभी प्रभावित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचीं और साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मामले की गंभीर जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग हरकत में आया और संबंधित नंबर की जांच शुरू कर दी गई है।

    एडिशनल एसपी अभिषेक राजन ने स्पष्ट किया कि कोई भी विभागीय अधिकारी फोन पर कभी भी ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगता। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस प्रकार की कॉल प्राप्त होती है तो तुरंत नंबर ब्लॉक करें और नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही उन्होंने सभी शासकीय कर्मचारियों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान लिंक, विशेषकर जिनमें APK लिखा हो, उसे डाउनलोड या क्लिक न करने की सलाह दी है।

    यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर ठग अब सरकारी कर्मचारियों को भी निशाना बना रहे हैं और पद तथा सेवा समाप्ति की धमकी का सहारा लेकर डर का माहौल बनाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड किसी से साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

  • अलीगढ़ में रिश्तों का अजब मोड़, बेटी की शादी से पहले मां दामाद संग फरार, फिर जीजा के साथ जाने का आरोप

    अलीगढ़ में रिश्तों का अजब मोड़, बेटी की शादी से पहले मां दामाद संग फरार, फिर जीजा के साथ जाने का आरोप


    नई दिल्ली। अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के मडराक क्षेत्र से सामने आया एक पारिवारिक घटनाक्रम रिश्तों की परिभाषा पर सवाल खड़े कर रहा है। जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं वहां अचानक ऐसा मोड़ आया जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। शादी की तारीख 16 अप्रैल 2025 तय थी। घर में जेवर नकदी और रिश्तेदारों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। उत्साह और खुशियों के माहौल के बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि 12 दिन पहले सब कुछ बदल जाएगा।

    परिजनों के अनुसार लड़की की मां अनीता उर्फ अपना देवी की होने वाले दामाद राहुल से नजदीकियां बढ़ने लगीं। दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत होती रही और धीरे धीरे यह संपर्क कथित रूप से प्रेम संबंध में बदल गया। जब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो आपत्ति जताई गई लेकिन बातचीत बंद नहीं हुई।

    आरोप है कि अप्रैल की शुरुआत में अनीता घर से नकदी और जेवर लेकर राहुल के साथ चली गई। परिवार ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को बरामद कर थाने लाया। चूंकि दोनों बालिग थे इसलिए अनीता ने अपनी मर्जी से राहुल के साथ जाने की बात कही। कानूनी स्थिति को देखते हुए पुलिस ने ज्यादा हस्तक्षेप नहीं किया और दोनों साथ रहने लगे।

    बताया जाता है कि वे बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक गांव में जाकर रहने लगे जहां राहुल फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करने लगा। कुछ समय तक मामला शांत नजर आया और परिवार ने भी स्थिति को किसी तरह स्वीकार कर लिया।

    हालांकि घटनाक्रम ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया जब राहुल हाल ही में अलीगढ़ पहुंचा और पुलिस को शिकायत दी कि अनीता अब उसे छोड़कर अपने जीजा देवेंद्र के साथ चली गई है। राहुल का दावा है कि वह लगभग दो लाख रुपये नकद और जेवरात भी साथ ले गई।

    पुलिस का कहना है कि जिस स्थान से महिला के जाने की बात कही जा रही है वह क्षेत्र बिहार में आता है इसलिए वहां की स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाएगी। फिलहाल अलीगढ़ पुलिस ने मामले की जानकारी दर्ज कर ली है और तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।

    पूरे घटनाक्रम में कई परतें हैं। पहले बेटी की शादी से पहले मां का होने वाले दामाद के साथ जाना फिर उसके साथ रहना और अब जीजा के साथ जाने का आरोप लगना इस मामले को जटिल बना रहा है। नकदी और जेवर ले जाने के दावे भी जांच के दायरे में हैं।

    फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान और परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अलीगढ़ से शुरू हुई यह कहानी अब कई राज्यों तक फैल चुकी है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। शादी का घर जो खुशियों से भरा था वह अचानक विवाद और कानूनी उलझनों में घिर गया है। आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर सभी की नजर टिकी है।

  • आर्थिक दबाव और कर्ज के चलते व्यापारी ने किया आत्महत्या का प्रयास, पुलिस जांच में जुटी

    आर्थिक दबाव और कर्ज के चलते व्यापारी ने किया आत्महत्या का प्रयास, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के चंदन नगर में एक व्यापारी ने बुधवार रात कथित आर्थिक दबाव और कर्ज की परेशानियों के चलते जहर खा लिया। परिजन उसे तुरंत मालवा अस्पताल ले गए, जहां उसे गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया। व्यापारी ने जहर सेवन से पहले एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उसने तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।

    घटना से जुड़े अनुसार घायल व्यापारी मोहम्मद मोसीन, पुत्र मोहम्मद अशरफ, चंदन नगर का निवासी है। उसके मोबाइल से प्राप्त वीडियो में उसने बंबई बाजार और कड़ाव घाट क्षेत्र के रहने वाले मुन्ना दूधवाले, अकरम और शकील चौधरी को जिम्मेदार ठहराया। वीडियो में मोसीन ने अपनी जान को खतरे में बताने के साथ आर्थिक दबाव की जानकारी दी।

    मामले की जांच में सामने आया कि मोसीन ने वर्ष 2023-24 के दौरान व्यापारिक जरूरतों के लिए करीब 10 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। वीडियो में उसने दावा किया कि उस पर साप्ताहिक 65 हजार रुपये ब्याज का दबाव बनाया गया और अब तक वह 60 से 70 लाख रुपये चुका चुका है। उसने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों ने उसके मकान की रजिस्ट्री और लगभग 30 चेक अपने पास रखे हैं और उन्हें लौटाने के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही थी।

    पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचकर सुरक्षा सुनिश्चित की। मोसीन की हालत गंभीर होने के कारण फिलहाल उसका बयान दर्ज नहीं किया जा सका। हालांकि परिजनों से पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि व्यापारी ने छह फरवरी को पंढरीनाथ थाने में लिखित आवेदन देकर लेन-देन और दस्तावेज लौटाने की शिकायत की थी। अब वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी।

    कानून विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच में जबरन वसूली, धमकी या अवैध ब्याज वसूली के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की आर्थिक प्रताड़ना या दबाव की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने बताया कि व्यापारी की स्थिति स्थिर होने के बाद उसका बयान दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त प्रबंध किए हैं। स्थानीय व्यापारिक समुदाय में भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है, और व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। घटना ने शहर में कर्ज और आर्थिक दबाव के चलते बढ़ते तनाव की ओर ध्यान खींचा है। पुलिस और प्रशासन दोनों मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटे हैं।

  • भोपाल: गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा की संदिग्ध मौत, खाली एसिड की बोतल मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    भोपाल: गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा की संदिग्ध मौत, खाली एसिड की बोतल मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    भोपाल । भोपाल में एक बार फिर मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS प्रथम वर्ष 2025 बैच की छात्रा कोहेफिजा इलाके के एक प्राइवेट पीजी में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा डे-स्कॉलर थी और कोहेफिजा थाना क्षेत्र में स्थित पीजी में रह रही थी। मंगलवार सुबह उसे उसके कमरे के बाथरूम में बेसुध अवस्था में पाया गया।

    परिजनों और दोस्तों ने कमरे और बाथरूम का दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव के पास एक खाली एसिड की बोतल बरामद हुई है जिससे मौत की वजह पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है लेकिन एसिड की मौजूदगी ने मामले को और जटिल बना दिया है।

    इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस के लिए यह स्पष्ट करना बड़ी चुनौती बन गया है कि क्या यह आत्महत्या थी या किसी अन्य साजिश का हिस्सा। अभी तक कोई स्पष्ट सुराग सामने नहीं आया है लेकिन एसिड की बोतल होने के कारण जांच की दिशा और भी गंभीर हो गई है।

    पुलिस ने तुरंत ही मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए हैमिडिया अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह पता चलेगा कि छात्रा की मौत एसिड के कारण हुई थी या किसी अन्य वजह से।

    कोहेफिजा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पीजी में रहने वाले अन्य छात्रों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही छात्रा के मोबाइल बैग और अन्य सामानों को भी कब्जे में लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि छात्रा के साथ कोई मानसिक दबाव तो नहीं था या किसी प्रकार का दबाव/हैरानी वाली घटना तो नहीं हुई।

    इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज और आसपास के छात्रों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। कई छात्रों और परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था और छात्रावास/पीजी में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं अब पुलिस की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है जो इस केस की दिशा तय करेगी। यदि रिपोर्ट में एसिड से संबंधित कारण सामने आते हैं तो मामला और गंभीर हो जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्रा ने स्वयं ही आत्महत्या की या किसी ने उसे मारकर मामले को आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की।

  • ट्रेन में मारपीट मामले में सीटीआई निलंबित, अलग घटना में रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर चाकू से हमला

    ट्रेन में मारपीट मामले में सीटीआई निलंबित, अलग घटना में रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर चाकू से हमला


    जबलपुर । मध्यप्रदेश में रेलवे व्यवस्था से जुड़े दो गंभीर घटनाक्रम सामने आए हैं। पहली घटना ट्रेन में खानपान की गुणवत्ता को लेकर हुए विवाद से संबंधित है जिसमें जांच के बाद सीटीआई को निलंबित कर दिया गया है। वहीं दूसरी घटना में रेलवे के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर सार्वजनिक स्थान पर चाकू से हमला किए जाने का मामला दर्ज किया गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बांद्रा पटना एक्सप्रेस के एम-2 कोच में खानपान की सामग्री की गुणवत्ता को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। यह घटना नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन के समीप की बताई जा रही है। ड्यूटी पर तैनात सीटीआई भगवान सिंह ठाकुर ने पेंट्री कार में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर आपत्ति दर्ज की थी। इस दौरान पेंट्री कार मैनेजर अंशु सिंह के साथ विवाद बढ़ गया जो बाद में मारपीट में तब्दील हो गया।

    घटना की शिकायत के बाद जबलपुर जीआरपी द्वारा मामला पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई। जांच में डिप्टी सीटीआई भगवान सिंह ठाकुर को दोषी पाया गया जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं पेंट्री कार संचालक मैनेजर अंशु सिंह पर भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और मर्यादित आचरण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    इधर एक अन्य घटना में रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर दिनदहाड़े चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना बाजार क्षेत्र स्थित विधा मार्केट में हुई जहां अज्ञात आरोपी ने शराब पीने के लिए पैसे नहीं देने पर अधिकारी पर चाकू से हमला कर दिया। पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    हमले में घायल सीनियर सेक्शन इंजीनियर को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक श्री सूर्यकांत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

  • पोरसा में सराफा व्यापारी के बैग से कटकर निकले डेढ़ लाख, सीसीटीवी में दो संदिग्ध, UP के पिनाहट में दबिश

    पोरसा में सराफा व्यापारी के बैग से कटकर निकले डेढ़ लाख, सीसीटीवी में दो संदिग्ध, UP के पिनाहट में दबिश


    मुरैना । मुरैना के पोरसा कस्बे में सराफा व्यापारी के बैग से डेढ़ लाख रुपए चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कलकत्ता के दासपुर निवासी 38 वर्षीय सराफा व्यापारी शेख शाहरुल, जो लंबे समय से मुरैना में रहकर गहने बनाने का काम कर रहे हैं, शनिवार को पोरसा कस्बे में एक सराफा दुकान से पेमेंट लेकर वापस मुरैना लौट रहे थे। बताया गया है कि वे पोरसा के संतोष वर्मा की दुकान से डेढ़ लाख रुपए लेकर यात्री बस में सवार होने ही लगे थे कि तभी पीछे से दो लोग भी बस में चढ़े।

    इसी दौरान बदमाशों ने व्यापारी के बैग की चैन काटकर उसमें रखे 1.5 लाख रुपए निकाल लिए और घटनास्थल से फरार हो गए। घटना की जानकारी होते ही व्यापारी ने तुरंत बस से उतरकर पोरसा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पोरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें दो संदिग्ध दिखाई दिए। दोनों की पहचान व्यापारी ने भी की है। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी शातिराना ढंग से बैग की चैन काटते हैं और रुपए निकालकर मौके से भागते हैं। यह वारदात एक ऐसे समय में हुई जब व्यापारी बस में चढ़ रहे थे, इसलिए बदमाशों को पुलिस ने “फुर्तीला और योजनाबद्ध” बताया है।

    एसडीओपी रवि भदौरिया ने बताया कि पोरसा में सराफा व्यापारियों से वसूली के दौरान यह घटना हुई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पोरसा से लगे उत्तर प्रदेश के पिनाहट इलाके में दबिश शुरू कर दी है। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में विभिन्न जगहों के CCTV फुटेज भी खंगाल रही है और स्थानीय स्तर पर पूछताछ भी की जा रही है।

    मामला बढ़ता देख व्यापारी और भी सावधान दिखे। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से मुरैना में सराफा व्यापारियों के लिए गहने बनाने का काम कर रहे हैं। इसी काम के भुगतान के लिए वह शनिवार को पोरसा पहुंचे थे और शाम करीब 4 बजे पैसा लेकर बस में चढ़ रहे थे। लेकिन इसी दौरान यह घटना घटी, जिससे उनके लिए आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सुरक्षा की चिंता भी बढ़ गई।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी ने संदिग्धों को देखा हो या किसी भी तरह की जानकारी हो तो तुरंत थाने को सूचित करें। साथ ही यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि यात्रा के दौरान नकदी या महत्वपूर्ण दस्तावेज़ को सुरक्षित रखें और बैग की चैन तथा लॉक का विशेष ध्यान रखें। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पिनाहट क्षेत्र में दबिश जारी है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।