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  • शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर थार से 92 हजार रुपये और सोने की अंगूठी चोरी, CCTV में संदिग्ध कार दिखने से बढ़ी जांच

    शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर थार से 92 हजार रुपये और सोने की अंगूठी चोरी, CCTV में संदिग्ध कार दिखने से बढ़ी जांच

    शिवपुरी जिले में शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर दिनदहाड़े चोरी की घटना सामने आई है। यहां जिला अस्पताल में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर और वॉइस ऑफ नर्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह राजपूत की महिंद्रा थार से एक बैग चोरी होने की जानकारी सामने आई है। बैग में करीब 92 हजार रुपये नकद, सोने की एक अंगूठी और महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। घटना के बाद नर्सिंग संगठन ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर चोरी में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर अतलपुर स्थित महाकाल होटल के पास हुई। शिवराज सिंह राजपूत अपनी पत्नी को चिकित्सीय परीक्षण और उपचार के लिए भोपाल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी महिंद्रा थार से बैग चोरी होने की बात सामने आई। वाहन का पंजीकरण नंबर MP 07 AN 1009 बताया गया है। चोरी हुए सामान में नकदी और सोने की अंगूठी के अलावा जरूरी दस्तावेज भी शामिल हैं।

    वॉइस ऑफ नर्स संगठन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वारदात को मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की गई। संगठन का दावा है कि फुटेज में मोटरसाइकिल सवार संदिग्धों के साथ एक अन्य संदिग्ध कार भी दिखाई दे रही है। इस वजह से वारदात में एक से अधिक लोगों की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है।

    हालांकि, घटना में शामिल लोगों की पहचान और चोरी की पूरी परिस्थितियों को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में संदिग्ध बाइक सवारों और कार से संबंधित जानकारी को फिलहाल संगठन की ओर से सामने रखे गए विवरण के आधार पर देखा जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज की जांच इस मामले में अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे संदिग्ध वाहनों की गतिविधियों और घटना के आसपास की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

    घटना के बाद वॉइस ऑफ नर्स संगठन ने शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने आग्रह किया है कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के आधार पर संदिग्ध कार और मोटरसाइकिल सवारों की पहचान की जाए। साथ ही, चोरी हुए करीब 92 हजार रुपये, सोने की अंगूठी और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

    नर्सिंग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह राजपूत की थार से सामान चोरी होने की घटना के बाद संगठन ने मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। संगठन की मांग है कि जांच में उपलब्ध साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों तक पहुंचा जाए और चोरी गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए।

    फिलहाल, मामले में पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से मिलने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात किस तरह हुई, संदिग्ध वाहनों की इसमें क्या भूमिका थी और चोरी की घटना में कितने लोग शामिल थे। पुलिस की ओर से आरोपियों की पहचान और आगे की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।

  • झांसी में प्रैक्टिकल के अंक बढ़ाने का झांसा देकर छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, स्कूल का लिपिक गिरफ्तार

    झांसी में प्रैक्टिकल के अंक बढ़ाने का झांसा देकर छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, स्कूल का लिपिक गिरफ्तार

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में 12वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से कथित दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में पुलिस ने स्कूल के लिपिक सुरेंद्र पाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने प्रैक्टिकल परीक्षा में अंक बढ़ाने का लालच देकर छात्रा को अपने पास बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस के अनुसार, जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

    यह मामला झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुरेंद्र पाल पुनावली कला गांव का निवासी है और संबंधित स्कूल में लिपिक के पद पर कार्यरत था। पीड़िता की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में छात्रा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पढ़ाई और प्रैक्टिकल के अंकों से जुड़ा लालच देकर उसे बहलाया-फुसलाया और फिर उसके साथ जबरन संबंध बनाए।

    पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोपी पर लगातार संपर्क करने और बार-बार अपने पास आने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा, छात्रा का कहना है कि आरोपी ने उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

    पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और 351(3) के साथ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम यानी पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है। धारा 64(1) दुष्कर्म से संबंधित अपराध के लिए लागू होती है, जबकि धारा 351(3) आपराधिक धमकी से जुड़ी है। नाबालिग पीड़िता से संबंधित मामले में पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी को 22 अक्टूबर को सुबह करीब 7:34 बजे मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सारमऊ तिराहे से गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

    एसपी सिटी प्रीति सिंह के मुताबिक, छात्रा की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और आरोपों से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

    आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सूरज सिंह, हेड कांस्टेबल अजमत उल्ला और कांस्टेबल रविकांत शामिल थे। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। नाबालिग की पहचान और उससे जुड़ी निजी जानकारी को सार्वजनिक करना कानून के तहत प्रतिबंधित हो सकता है, इसलिए पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले विवरण सामने नहीं रखे गए हैं।

    यह मामला शैक्षणिक संस्थान में विद्यार्थियों की सुरक्षा और अंक बढ़ाने के नाम पर कथित रूप से दबाव बनाए जाने के आरोपों से जुड़ा है। पुलिस की ओर से की गई गिरफ्तारी के बाद अब आगे की कार्रवाई न्यायालय में होने वाली कार्यवाही और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।

  • लुधियाना में युवक की कलाई काटकर लिफाफे में दुकानदार को थमाई, पुरानी रंजिश के मामले में पुलिस की जांच तेज

    लुधियाना में युवक की कलाई काटकर लिफाफे में दुकानदार को थमाई, पुरानी रंजिश के मामले में पुलिस की जांच तेज

    नई दिल्ली । पंजाब के लुधियाना में आपसी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ हमलावरों ने युवक के घर में घुसकर तेजधार हथियारों से हमला किया और उसकी कलाई काटकर शरीर से अलग कर दी। इसके बाद आरोपी कटी हुई कलाई को लिफाफे में रखकर एक दुकानदार के पास पहुंचे और उसे युवक के घर पहुंचाने के लिए कहा। घटना के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    घायल युवक की पहचान बसंत नगर निवासी शक्ति सिंह उर्फ भूरा के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है। यह घटना रेडू साहिब गुरुद्वारे के नजदीक हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावर तेजधार हथियार लेकर युवक के घर में दाखिल हुए और उस पर हमला कर दिया। हमले के दौरान उसकी कलाई कटकर अलग हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    वारदात के बाद आरोपी सतगुरु नगर की गली नंबर 9 स्थित राणा करियाना स्टोर पहुंचे। बताया गया है कि उन्होंने कटी हुई कलाई को एक लिफाफे में रखा और दुकानदार को सौंप दिया। आरोपियों ने कथित तौर पर दुकानदार से कहा कि वह इसे युवक के घर पहुंचा दे। इसके बाद वे वहां से फरार हो गए। इस असामान्य घटनाक्रम की जानकारी दुकानदार की ओर से पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। संबंधित थाना प्रभारी जतींदर सिंह ने मामले की जांच शुरू कराई। घायल युवक को एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय युवक होश में था और बातचीत कर रहा था। हालांकि, उसकी चोट की गंभीरता और आगे के उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पुलिस की शुरुआती जांच में हमले के पीछे पुरानी आपसी रंजिश होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, घायल शक्ति सिंह उर्फ भूरा के खिलाफ पहले से लगभग 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, हमले में शामिल बताए जा रहे आरोपियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी मिली है। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और हमले के पीछे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और राणा करियाना स्टोर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुकानदार को लिफाफा सौंपने पहुंचे आरोपी कैमरे में दिखाई दिए हैं। पुलिस इन फुटेज की मदद से संदिग्धों की पहचान करने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि हमले में कितने लोग शामिल थे और वारदात को अंजाम देने के बाद वे किस दिशा में गए। फिलहाल, मामले में पुरानी रंजिश को संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन हमले से जुड़ी सभी परिस्थितियों की पुष्टि होना बाकी है।

    लुधियाना की इस घटना में पुलिस के सामने घायल युवक पर हमले, कलाई काटे जाने और दुकानदार को लिफाफा सौंपने की पूरी कड़ी स्पष्ट करने की चुनौती है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से मिलने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

  • शिवपुरी में कार्बाइड गन पर पूरी तरह प्रतिबंध, बेचने और चलाने वालों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

    शिवपुरी में कार्बाइड गन पर पूरी तरह प्रतिबंध, बेचने और चलाने वालों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

    शिवपुरी जिले: में दीपावली से पहले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्बाइड गन के निर्माण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लोहे, स्टील और पीवीसी पाइप में कैल्शियम कार्बाइड भरकर तेज धमाका करने वाली इन देसी गनों को बच्चों के लिए खतरनाक माना गया है। प्रशासन ने इनके इस्तेमाल से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    जिले में कार्बाइड गन की कीमत लगभग 150 से 300 रुपये बताई जा रही है। कम कीमत के कारण बच्चे इन्हें खिलौना समझकर खरीद सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इन उपकरणों से होने वाला तेज धमाका गंभीर चोटों का कारण बन सकता है। इनमें कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पाइप के भीतर गैस बनती है और उसे प्रज्वलित करने पर जोरदार आवाज के साथ विस्फोट जैसा प्रभाव पैदा होता है।

    ऐसी गनों से निकलने वाली चिंगारी, पाइप के टुकड़े और तेज धमाके के कारण आंखों, चेहरे और कानों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। अन्य जिलों में इनके इस्तेमाल के दौरान आंखों में गंभीर चोट लगने, चेहरा झुलसने और कान के पर्दे प्रभावित होने जैसी घटनाएं सामने आने की जानकारी दी गई है। इसी तरह की दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए शिवपुरी प्रशासन ने त्योहार से पहले इनकी बिक्री और उपयोग रोकने का निर्णय लिया है।

    कलेक्टर अर्पित वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इसके अनुसार शिवपुरी जिले की सीमा में कोई भी व्यक्ति, दुकानदार या संस्था प्रतिबंधित कार्बाइड गन और तेज आवाज वाले अवैध पटाखों का निर्माण, भंडारण, खरीद-बिक्री या प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। यह आदेश त्योहारों तक प्रभावी रहेगा।

    प्रशासन ने आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों, तहसीलदारों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को विशेष रूप से पटाखा बाजारों और हार्डवेयर की दुकानों पर निगरानी रखने को कहा गया है। इन दुकानों से पाइप और कार्बाइड जैसी सामग्री उपलब्ध होने की आशंका के कारण जांच को महत्वपूर्ण माना गया है।

    आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या दुकानदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित गन बनाने, बेचने, रखने या चलाने के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करना होगा।

    प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग करने की अपील की है। यदि किसी बाजार, दुकान या अन्य स्थान पर कार्बाइड गन की बिक्री होती दिखाई दे अथवा कोई व्यक्ति इसका इस्तेमाल करता मिले, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या कंट्रोल रूम को देने को कहा गया है। समय पर सूचना मिलने से खतरनाक गतिविधियों को रोकने और संभावित दुर्घटनाओं से बचने में मदद मिल सकती है।

    दीपावली के दौरान पटाखों और अन्य विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल के बीच यह प्रतिबंध बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। प्रशासन का उद्देश्य जिले में कार्बाइड गन के इस्तेमाल पर रोक लगाकर आंखों, चेहरे और कानों को होने वाली संभावित चोटों का जोखिम कम करना तथा त्योहार के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना को रोकना है।

  • सीहोर में अवैध शराबखोरी पर पुलिस की दबिश, तीन ढाबों पर जांच में शराब पीते मिले लोग..

    सीहोर में अवैध शराबखोरी पर पुलिस की दबिश, तीन ढाबों पर जांच में शराब पीते मिले लोग..


    मध्य प्रदेश: के सीहोर में ढाबों पर कथित तौर पर अवैध रूप से शराब पिलाए जाने की शिकायतों के बाद कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने शहर के तीन ढाबों पर अचानक दबिश देकर वहां की गतिविधियों की जांच की। इस दौरान कुछ लोग शराब का सेवन करते हुए मिले। पुलिस ने मौके से नियमों के उल्लंघन से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं और संबंधित ढाबा संचालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई का नेतृत्व कोतवाली थाना प्रभारी गिरीश दुबे ने किया।

    पुलिस को पिछले कुछ समय से शिकायतें मिल रही थीं कि शहर के कुछ ढाबों पर नियमों के विरुद्ध ग्राहकों को शराब परोसी जा रही है। शिकायतों में विशेष रूप से रात के समय और बंद कमरों में शराब पिलाए जाने की बात कही गई थी। इसके अलावा, ऐसे स्थानों पर असामाजिक तत्वों के जमावड़े की आशंका भी जताई गई थी। इन सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच की और संबंधित स्थानों पर कार्रवाई की योजना बनाई।

    योजना के तहत कोतवाली पुलिस की टीम ने शहर के तीन प्रमुख ढाबों पर औचक दबिश दी। अचानक पहुंची पुलिस टीम ने वहां मौजूद लोगों और गतिविधियों की पड़ताल की। जांच के दौरान कुछ लोग शराब का सेवन करते पाए गए। पुलिस ने मौके पर मौजूद परिस्थितियों का निरीक्षण किया और कथित अनियमितताओं से संबंधित साक्ष्य एकत्र किए। कार्रवाई का उद्देश्य शिकायतों की वास्तविकता की जांच करना और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाना था।

    पुलिस अब संबंधित ढाबा संचालकों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि तीनों ढाबों में से प्रत्येक पर किस तरह का उल्लंघन पाया गया। इसी तरह, कितने लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है या किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

    कोतवाली थाना प्रभारी गिरीश दुबे ने स्पष्ट किया कि सीहोर जिले और आसपास के क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही। पुलिस के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    ढाबों पर रात के समय शराब परोसे जाने से संबंधित शिकायतों को देखते हुए पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में शिकायतों की जांच और कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई आवश्यक है। फिलहाल, तीन ढाबों पर हुई दबिश के बाद संचालकों के खिलाफ प्रक्रिया शुरू की गई है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों से नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है या नहीं। पुलिस ने संकेत दिया है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

  • ग्वालियर में 14 साल के बच्चे पर चाकू से नौ वार, बलि देने की धमकी का आरोप, जंगल में छोड़कर भागा पड़ोसी

    ग्वालियर में 14 साल के बच्चे पर चाकू से नौ वार, बलि देने की धमकी का आरोप, जंगल में छोड़कर भागा पड़ोसी


    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले में 14 साल के बच्चे पर चाकू से हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। करहिया थाना क्षेत्र के रिठौदन गांव में रहने वाले एक पड़ोसी पर आरोप है कि वह बच्चे को झांकी दिखाने के बहाने बाइक से गोलेश्वर मंदिर की पहाड़ी के पास जंगल में ले गया। वहां उसने बच्चे से कथित तौर पर कहा कि वह उसकी बलि देगा और फिर चाकू से लगातार नौ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद बच्चा जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया। आरोपी उसे मृत समझकर जंगल में छोड़कर फरार हो गया।

    पीड़ित बच्चे की पहचान निशांत के रूप में बताई गई है। परिजनों के मुताबिक, आरोपी विक्की गौड़ उनके पड़ोस में रहता है। आरोप है कि वह निशांत को बाइक पर बैठाकर जंगल की ओर ले गया था। बच्चे को शुरुआत में इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके साथ कोई अनहोनी होने वाली है। लेकिन जंगल पहुंचने के बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया और घटना ने गंभीर रूप ले लिया।

    निशांत के अनुसार, उसने आरोपी से पूछा कि वह उसे वहां क्यों लेकर आया है। इस पर आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि वह उसकी बलि देना चाहता है। इसके बाद उसने चाकू निकालकर बच्चे पर हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने निशांत के गले पर चार वार किए। इसके अलावा उसके माथे और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चाकू से हमला किया गया। इस तरह बच्चे पर कुल नौ वार किए गए। हमले के दौरान चाकू टूटने की बात भी सामने आई है। गंभीर चोटों के कारण निशांत वहीं गिर पड़ा और बेहोश हो गया।

    आरोपी को जब लगा कि बच्चा मर चुका है, तो वह उसे जंगल में ही छोड़कर भाग गया। बताया गया है कि निशांत कई घंटे तक घायल अवस्था में जंगल में पड़ा रहा। देर रात उसे होश आया तो वह किसी तरह अपने घर पहुंचा। उसके शरीर पर गंभीर चोटें थीं और वह खून से लथपथ था। बच्चे की हालत देखकर परिजन घबरा गए और उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।

    घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद शुरुआत में उचित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवार घायल बच्चे को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपनी शिकायत दर्ज कराई। निशांत ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान आरोपी ने उसे धमकी भी दी थी। बच्चे के मुताबिक, आरोपी ने कहा था कि उसकी बलि देने के बाद वह उसके भाई को भी मार देगा। उसने रामबरन नाम के एक अन्य युवक की बलि देने की बात भी कही थी। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी विक्की गौड़ के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। देहात के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर के अनुसार, करहिया थाना पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपी की मंशा का पता लगाने के लिए मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपी फरार बताया गया है।

    पुलिस जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि बच्चे पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और क्या घटना के पीछे वास्तव में बलि देने की मंशा थी। फिलहाल परिवार के आरोप, बच्चे के बयान और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी और जांच के निष्कर्षों के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • शिवपुरी के भदैया कुंड पर महिला और उसके दोस्त की बेल्ट से पिटाई, पति पर मामला दर्ज..

    शिवपुरी के भदैया कुंड पर महिला और उसके दोस्त की बेल्ट से पिटाई, पति पर मामला दर्ज..


    शिवपुरी जिले: में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भदैया कुंड पर एक महिला और उसके दोस्त के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला के पति गोविंद ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर दोनों की बेल्ट से पिटाई की। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति के खिलाफ मारपीट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

    जानकारी के अनुसार, महिला मंगलवार दोपहर अपने दोस्त के साथ भदैया कुंड घूमने पहुंची थी। इसी दौरान उसका पति गोविंद भी वहां पहुंच गया। पत्नी को दूसरे युवक के साथ देखकर वह नाराज हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर गोविंद ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर महिला और उसके दोस्त पर बेल्ट से हमला कर दिया।

    मारपीट के दौरान महिला के दोस्त के पैर बांधने का भी आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि युवक के पैर बांधने के बाद दोनों की बेल्टों से पिटाई की गई। घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

    घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस संबंधित लोगों को थाने ले गई, जहां मामले से जुड़ी कार्रवाई की गई। महिला की शिकायत के आधार पर उसके पति गोविंद के खिलाफ मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उपलब्ध जानकारी में पति के चचेरे भाई के खिलाफ दर्ज कार्रवाई का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।

    बताया गया है कि महिला और उसके पति के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी कारण महिला पिछले कुछ दिनों से अपने मायके में रह रही थी। मंगलवार को भदैया कुंड पर दोनों का आमना-सामना हुआ। इसके बाद विवाद बढ़ा और कथित तौर पर महिला तथा उसके दोस्त के साथ मारपीट हुई। पुलिस इस मामले में सामने आए आरोपों की जांच कर रही है।

    भदैया कुंड शिवपुरी का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां लोग घूमने और समय बिताने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे स्थान पर महिला और उसके दोस्त के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आने से मामला सुर्खियों में है। घटना के वीडियो के प्रसार के बाद पुलिस की कार्रवाई और जांच पर ध्यान केंद्रित है।

    फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार महिला की शिकायत पर उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मारपीट की परिस्थितियों, इसमें शामिल लोगों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरोपों को अंतिम निष्कर्ष मानने के बजाय पुलिस की जांच और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • शिवपुरी में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला, पति ने नकदी और सोने के जेवर ले जाने का लगाया आरोप

    शिवपुरी में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला, पति ने नकदी और सोने के जेवर ले जाने का लगाया आरोप

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला सामने आया है। सुरवाया थाना क्षेत्र के ग्राम बिची मोहनगढ़ निवासी धर्मवीर गुर्जर ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी पूनम गुर्जर 30 सितंबर की रात घर में रखे दो लाख रुपये नकद और पांच तोला सोने के जेवर लेकर चली गई। धर्मवीर का दावा है कि उसकी पत्नी गौशाला क्षेत्र में रहने वाले जीतू गुर्जर के साथ गई है। मामले में शिकायत लेकर वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और कार्रवाई की मांग की।

    धर्मवीर के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2017 में समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में पूनम गुर्जर के साथ हुई थी। शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए। उसने बताया कि वह खेती करके परिवार का भरण-पोषण करता था और उसके पास करीब 40 बीघा कृषि भूमि है। बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसने शिवपुरी शहर के गौशाला-लुधावली क्षेत्र में एक मकान भी लिया था, ताकि बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें।

    धर्मवीर ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि इसी दौरान उसकी पत्नी की गौशाला क्षेत्र में रहने वाले जीतू गुर्जर से नजदीकियां बढ़ गईं। उसके मुताबिक, इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसने शिवपुरी स्थित मकान बेचने का निर्णय लिया। धर्मवीर का कहना है कि उसने मकान चार लाख रुपये में बेच दिया और इसके बाद पत्नी तथा बच्चों को लेकर अपने गांव बिची मोहनगढ़ लौट आया।

    पीड़ित के आरोप के मुताबिक, 30 सितंबर की रात पूनम घर में रखे दो लाख रुपये नकद और पांच तोला सोने के जेवर लेकर चली गई। धर्मवीर ने दावा किया कि इस मामले में जीतू गुर्जर के मौसा इंदर गुर्जर और उसके दोस्त नरेंद्र लोधी ने भी सहयोग किया। उसने नरेंद्र पर जान से मारकर फेंक देने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों का बयान भी सामने नहीं आया है।

    धर्मवीर का कहना है कि उसने इस घटना के संबंध में सुरवाया थाना पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह अपनी फरियाद लेकर शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उसने पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उसने अपनी शिकायत पर कार्रवाई कराने की मांग दोहराई।

    धर्मवीर ने अपनी शिकायत में परिवार की स्थिति का भी जिक्र किया है। उसका कहना है कि तीनों बच्चे अपनी मां को याद करते हैं और उसके घर लौटने की उम्मीद में रोते हैं। वह बच्चों को यह कहकर समझाता है कि उनकी मां वापस आ जाएगी। इस स्थिति से परिवार पर पड़ रहे असर को बताते हुए उसने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।

    पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाए और पत्नी को ले जाने, नकदी तथा जेवर साथ ले जाने और धमकी देने से जुड़े उसके आरोपों की पड़ताल की जाए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह मामला पति की शिकायत और उसके लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई या जांच की स्थिति के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

  • शिवपुरी में 27 वर्षीय विवाहिता ससुराल में फंदे पर लटकी मिली, हाथ के निशान को लेकर कही थी परेशान करने वाली बात

    शिवपुरी में 27 वर्षीय विवाहिता ससुराल में फंदे पर लटकी मिली, हाथ के निशान को लेकर कही थी परेशान करने वाली बात

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र के गौशाला इलाके में 27 वर्षीय विवाहिता राधा अपनी ससुराल में फंदे पर लटकी मिली। घटना गुरुवार दोपहर की बताई गई है। घटना के समय वह घर में अकेली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल विवाहिता की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, गौशाला क्षेत्र में रहने वाले सुखवीर धाकड़ एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी शादी राधा से करीब एक साल पहले हुई थी। गुरुवार को वह रोज की तरह स्कूल में पढ़ाने के लिए गए थे। दोपहर करीब तीन बजे उन्हें सूचना मिली कि उनकी पत्नी ने फंदे पर लटककर जान दे दी है। सूचना मिलने के बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।

    बताया गया कि घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था और राधा अकेली थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। शुरुआती जानकारी में पति ने राधा के हाथ पर मौजूद एक निशान का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, राधा अक्सर अपने हाथ के उस निशान को देखकर कहती थी कि वह ज्यादा दिनों तक उनके साथ नहीं रह पाएगी। हालांकि, इस बात का घटना से क्या संबंध था, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

    मामले में पुलिस सभी संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है। केवल हाथ पर निशान होने या उससे जुड़ी किसी बात के आधार पर मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार के सदस्यों के बयान से घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि घटना से पहले विवाहिता की स्थिति कैसी थी और क्या किसी तरह की परेशानी सामने आई थी।

    देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान मिलने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस की ओर से मौत को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की गई है।

    घटना के बाद क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विवाहिता की शादी को करीब एक वर्ष ही हुआ था, इसलिए पुलिस उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राधा की मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने और आवश्यक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

  • बिहार में वोटिंग से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा…. RJD उम्मीदवार के घर पहुंची पुलिस

    बिहार में वोटिंग से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा…. RJD उम्मीदवार के घर पहुंची पुलिस


    पटना।
    बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की 8 सीटों के लिए आज (शुक्रवार 23 अक्टूबर) मतदान (Voting) हो रहा है. इससे पहले पटना में देर रात हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. पटना शिक्षक निर्वाचन सीट (Patna Teachers’ Constituency Seat) से RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार (RJD candidate Dr. Sanjeev Kumar) के घर पुलिस पहुंची. बताया जा रहा है कि पुलिस और प्रशासन को जानकारी मिली थी कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए कुछ लोग RJD उम्मीदवार के घर पहुंचे हैं।

    हालांकि, RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने अपने घर का गेट पुलिस के लिए नहीं खोला. इसके बाद देर रात उन्होंने मीडिया से बात की और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

    इस घटनाक्रम को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा. तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि आखिर बिना सर्च वारंट के पुलिस RJD उम्मीदवार के घर क्यों पहुंची थी? तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि लालू प्रसाद यादव हों, तेजस्वी यादव हों या RJD के दूसरे नेता, वे डरने वाले नहीं हैं।


    8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग

    बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए आज सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान हो रहा है. इन सीटों के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव में 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें 3,86,199 पुरुष, 1,46,611 महिला और 37 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।

    स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन 8 सीटों पर कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं. इनमें स्नातक सीटों पर 90 और शिक्षक सीटों पर 60 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है. पटना में सभी मतदान केंद्रों पर मतदान की तैयारी पूरी कर ली गई थी।