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  • फरीदाबाद में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के घर तीन राउंड फायरिंग, बुलेट बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी में कैद

    फरीदाबाद में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के घर तीन राउंड फायरिंग, बुलेट बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी में कैद

    नई दिल्ली । हरियाणा के फरीदाबाद में देर रात हरियाणा पुलिस के एक सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर के घर पर गोलीबारी की घटना सामने आई है। नगला एनक्लेव पार्ट-2 में बुलेट मोटरसाइकिल पर पहुंचे दो युवकों ने मकान को निशाना बनाकर तीन राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। घटना के समय परिवार घर के अंदर सो रहा था। गोलीबारी से मकान का शीशा टूट गया और दीवार पर भी गोली लगने के निशान मिले हैं। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    फायरिंग का शिकार हुए सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर की पहचान सुरजीत बैंसला के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वारदात के समय वह अपने परिवार के साथ घर के अंदर सो रहे थे। देर रात एक पड़ोसी ने उन्हें जानकारी दी कि उनके मकान पर गोलियां चलाई गई हैं। सूचना मिलने के बाद उन्होंने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी, जिसमें दो युवकों की गतिविधियां दिखाई दीं।

    फुटेज के अनुसार, दोनों युवक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर मकान के पास पहुंचे थे। वहां रुकने के बाद उन्होंने पिस्तौल निकाली और घर की ओर गोलियां चलाईं। इसके बाद दोनों आरोपी उसी मोटरसाइकिल से घटनास्थल से भाग गए। बताया गया है कि वारदात के दौरान युवकों ने अपने चेहरे नहीं ढके हुए थे। ऐसे में पुलिस को उनकी पहचान करने के लिए सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से मदद मिलने की उम्मीद है।

    गोलीबारी के दौरान एक गोली मकान के शीशे पर लगी, जिससे शीशा टूट गया। दूसरी गोली दीवार में जा लगी, जबकि तीसरी गोली हवा में चलाई गई। घटना के समय घर के भीतर परिवार के सदस्य मौजूद थे, लेकिन किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। देर रात हुई इस वारदात से मकान को नुकसान पहुंचा और परिवार को घटना की जानकारी पड़ोसी के माध्यम से मिली।

    सुरजीत बैंसला ने बताया कि वह फायरिंग करने वाले दोनों युवकों को नहीं पहचानते। उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि आरोपियों ने उनके घर को निशाना क्यों बनाया। फिलहाल गोलीबारी के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना किसी पुरानी रंजिश, विवाद या किसी अन्य कारण से जुड़ी है या नहीं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले वारदात के उद्देश्य को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद सारण थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर दोनों संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। रिकॉर्डिंग में आरोपियों के मोटरसाइकिल से पहुंचने, पिस्तौल निकालने, गोलियां चलाने और फिर मौके से भागने की गतिविधियां दिखाई देने की बात कही गई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

    सारण थाना प्रभारी हुक्म सिंह के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस फायरिंग के कारणों का पता लगाने के साथ आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों को लेकर जांच जारी है।

  • तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस का नोटिस

    तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस का नोटिस

    नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को नोटिस जारी किया है। दोनों को तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा, अजिंक्य शिंदे को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है। पुलिस इस मामले में कथित सरकारी आदेश के उल्लंघन और जंतर-मंतर पहुंचने के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति में अनधिकृत प्रवेश से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका को जेल से रिहा होने के बाद नोटिस भेजे गए। वहीं, अजिंक्य शिंदे को भी जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए समन जारी किया गया है। क्राइम ब्रांच तीनों से संबंधित घटनाक्रम और आरोपों के बारे में जानकारी जुटाना चाहती है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह समझने की कोशिश कर सकती है कि कथित घटना किन परिस्थितियों में हुई और संबंधित लोगों की इसमें क्या भूमिका रही।

    मामले का संबंध कथित तौर पर सरकारी आदेश का पालन नहीं करने और जंतर-मंतर पहुंचने के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोपों से बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कथित उल्लंघन से जुड़े घटनाक्रम का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल जांच का विषय माना जाना चाहिए। किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया जाना अपने आप में आरोप साबित होने या दोषी ठहराए जाने के समान नहीं है।

    क्राइम ब्रांच की ओर से की जा रही पूछताछ का उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करना हो सकता है। पुलिस तीनों से घटना के क्रम, कथित सरकारी आदेश और संपत्ति में प्रवेश से जुड़े पहलुओं पर सवाल कर सकती है। हालांकि, पूछताछ में किन विशिष्ट सवालों पर ध्यान दिया जाएगा, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    इस मामले में कानूनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए पुलिस के आधिकारिक नोटिस, संबंधित दस्तावेजों और लागू कानूनी प्रावधानों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध विवरण में यह पुष्टि नहीं की गई है कि तीनों के खिलाफ किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में किसी विशिष्ट अपराध या कानूनी निष्कर्ष का दावा करना उचित नहीं होगा।

    सौरव दास और आशुतोष रांका की तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद नोटिस जारी होने तथा अजिंक्य शिंदे को तलब किए जाने से मामले की जांच आगे बढ़ने का संकेत मिलता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पूछताछ के बाद पुलिस क्या कदम उठाएगी या जांच में कौन-से नए तथ्य सामने आएंगे।

    फिलहाल, मामले में तीनों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान या नोटिस की पूरी जानकारी सामने आने पर आरोपों की प्रकृति, जांच के दायरे और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

  • पत्नी से बात कराने की जिद में रेलवे की हाईटेंशन लाइन पर चढ़ा युवक, घंटों चला बचाव अभियान..

    पत्नी से बात कराने की जिद में रेलवे की हाईटेंशन लाइन पर चढ़ा युवक, घंटों चला बचाव अभियान..


    नई दिल्ली ।
    तेलंगाना के वारंगल जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां पत्नी के बात नहीं करने से नाराज एक युवक रेलवे स्टेशन पर हाईटेंशन बिजली लाइन के गर्डर पर चढ़ गया। युवक ने ऊंचाई पर बैठकर नीचे कूदने की धमकी दी और कहा कि जब तक उसकी पत्नी उससे फोन पर बात नहीं करेगी या मौके पर नहीं आएगी, वह नीचे नहीं उतरेगा। घटना के दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बाद में पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने उसे समझाकर सुरक्षित नीचे उतारा।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना वारंगल जिले के नेक्कोंडा रेलवे स्टेशन की है। बताया गया कि युवक अचानक प्लेटफॉर्म से रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन के गर्डर पर चढ़ गया। वह जिस स्थान पर पहुंचा, वहां करीब 25 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन मौजूद थी। इतनी खतरनाक जगह पर युवक को देखकर स्टेशन पर मौजूद लोग घबरा गए। यात्रियों और रेल कर्मचारियों की नजर जब उस पर पड़ी, तो तत्काल स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू हुई।

    गर्डर पर बैठे युवक ने नीचे मौजूद लोगों के सामने रोना-धोना शुरू कर दिया। उसने बताया कि उसकी पत्नी उससे बात नहीं कर रही है और काफी समय से नाराज चल रही है। युवक ने अपनी पत्नी से बातचीत कराने की मांग की। उसने धमकी दी कि यदि उसकी पत्नी फोन पर बात नहीं करेगी या उससे मिलने मौके पर नहीं आएगी, तो वह नीचे कूदकर अपनी जान दे देगा। उसकी इस हरकत से वहां मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई, क्योंकि बिजली की हाईटेंशन लाइन के पास जरा-सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के जवान मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन की बिजली आपूर्ति को सुरक्षित किया गया, ताकि बचाव के दौरान किसी तरह का बड़ा हादसा न हो। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने युवक से बातचीत शुरू की और उसे शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने उसे समझाया कि उसकी मांग पर बात करने का रास्ता निकाला जा सकता है, लेकिन इस तरह जान जोखिम में डालना खतरनाक है।

    बताया जा रहा है कि युवक का यह घटनाक्रम काफी देर तक चलता रहा। पुलिस और स्थानीय लोगों ने धैर्य बनाए रखते हुए उसे लगातार समझाया। उसे आश्वासन दिया गया कि उसकी पत्नी से बातचीत कराने की कोशिश की जाएगी। काफी समझाने-बुझाने के बाद युवक शांत हुआ और गर्डर से नीचे उतरने के लिए तैयार हो गया। उसके सुरक्षित नीचे आने के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने राहत की सांस ली।

    नीचे उतरने के बाद पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से युवक को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसके परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई है। हालांकि, युवक और उसकी पत्नी के बीच विवाद की पूरी वजह तथा इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। कुछ लोग इसे फिल्म ‘शोले’ के उस दृश्य से जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें वीरू टंकी पर चढ़कर अपनी शादी की बात मनवाने की कोशिश करता है। हालांकि, वास्तविक घटना में युवक की हरकत ने यात्रियों और रेल कर्मचारियों के सामने सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौती खड़ी कर दी। रेलवे की हाईटेंशन लाइन के आसपास इस तरह चढ़ना बेहद जोखिमभरा है और इससे संबंधित व्यक्ति के साथ अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

  • शिवपुरी कोतवाली में कथित शराबखोरी और फायरिंग के मामले में टीआई रोहित दुबे लाइन अटैच, सात पुलिसकर्मी निलंबित

    शिवपुरी कोतवाली में कथित शराबखोरी और फायरिंग के मामले में टीआई रोहित दुबे लाइन अटैच, सात पुलिसकर्मी निलंबित

    शिवपुरी: में सिटी कोतवाली से जुड़े एक कथित घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। थाना प्रभारी टीआई रोहित दुबे को लाइन अटैच कर दिया गया है, जबकि उपनिरीक्षक प्रवीण त्रिवेदी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। यह मामला मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात का बताया जा रहा है, जब शहर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चल रहा था। घटनाक्रम में थाने के भीतर कथित रूप से शराब पीने, ताश खेलने, पुलिसकर्मियों के बीच विवाद और गोली चलने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात करीब एक बजे सिटी कोतवाली परिसर में स्थित पुराने महिला थाने के कमरों में कुछ पुलिसकर्मियों के मौजूद होने की बात कही गई है। इनमें हवलदार विनय सिंह जाटव, कोतवाली के चालक शरद यादव और दो अन्य आरक्षकों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मी शराब के नशे में ताश खेल रहे थे। इसी बीच ताश खेलने के दौरान कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई।

    बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान शरद यादव के साथ मारपीट की गई। इसके बाद गुस्से में आकर उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली चला दी। हालांकि, गोली किसी व्यक्ति को नहीं लगी और किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई। घटना के बाद विनय सिंह जाटव समेत कुछ पुलिसकर्मियों के कोतवाली परिसर से चले जाने की बात कही गई है। यह भी दावा किया गया कि शरद यादव उन्हें तलाश करते हुए माधव चौक तक पहुंचे थे। इन विवरणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले को लेकर विनय सिंह जाटव से संपर्क किए जाने पर उन्होंने ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए इसे अफवाह बताया। इस विरोधाभास के कारण घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है। थाने के पुराने महिला थाना क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फुटेज की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित समय पर परिसर में क्या हुआ था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फुटेज और निलंबन आदेश सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।

    घटनाक्रम के दौरान टीआई रोहित दुबे की ड्यूटी माधव चौक पर बताई गई थी। आरोप है कि वह करीब दो घंटे तक निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद शिवपुरी की पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया सिटी कोतवाली पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद थाना प्रभारी को लाइन अटैच करने और सात पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की कार्रवाई की गई। विभागीय कार्रवाई का विस्तृत आधार और आरोपों की अंतिम स्थिति उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट नहीं है।

    निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक प्रवीण त्रिवेदी के अलावा गजेंद्र परिहार, देवेंद्र रावत, जितेंद्र रायपुरिया, विनय जाटव, शरद यादव और अवतार सिंह शामिल हैं। इस प्रकार कुल सात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी रोहित दुबे को लाइन अटैच करने के पीछे स्टाफ पर नियंत्रण रखने में कथित विफलता और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का मामला बताया गया है।

    रोहित दुबे का शिवपुरी में कोतवाली प्रभारी के रूप में यह दूसरा कार्यकाल बताया गया है। वह अशोकनगर से स्थानांतरित होकर शिवपुरी आए थे और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर के कार्यकाल में उन्हें सिटी कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले एक जन आंदोलन के दौरान विवाद में आने के बाद उन्हें इस थाने से हटाया गया था। बाद में उन्हें फिर से कोतवाली प्रभारी बनाया गया। अब ताजा घटनाक्रम के बाद उन्हें दोबारा लाइन अटैच किया गया है। मामले में आरोपों की पुष्टि और घटनाक्रम की पूरी स्थिति जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

  • शिवपुरी में सहायक प्राध्यापक की पत्नी ने लिव-इन संबंधों को लेकर किया हंगामा, दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

    शिवपुरी में सहायक प्राध्यापक की पत्नी ने लिव-इन संबंधों को लेकर किया हंगामा, दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी में एक कॉलेज के सहायक प्राध्यापक के कथित लिव-इन संबंधों को लेकर विवाद सामने आया है। प्रोफेसर कॉलोनी स्थित एक आवास पर पहुंची उनकी पत्नी ने पति के एक महिला सहकर्मी के साथ रहने पर आपत्ति जताई। इस दौरान करीब तीन घंटे तक दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाद में संबंधित लोगों को थाने ले गई। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

    यह मामला शिवपुरी के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्रीमंत माधवराव सिंधिया पीजी कॉलेज में पदस्थ सहायक प्राध्यापक चेतन्य राजपूत और उनकी महिला सहकर्मी राजवती किरार से जुड़ा है। ग्वालियर निवासी प्रीति राजपूत का आरोप है कि उनके पति चेतन्य राजपूत कॉलेज में पदस्थ अविवाहित सहायक प्राध्यापक राजवती किरार के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। इसी बात को लेकर वह प्रोफेसर कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचीं और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया।

    प्रीति राजपूत का दावा है कि उनके पति और महिला सहकर्मी का एक बच्चा भी है। उन्होंने अपने नौ वर्षीय बेटे का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उनके पति ने उन्हें और बच्चे को छोड़ दिया है। प्रीति का कहना था कि उनका पति संबंधित आवास के अंदर मौजूद है, लेकिन बाहर नहीं आ रहा है। इसी बात को लेकर मौके पर विवाद की स्थिति बनी रही। हालांकि, बच्चे के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

    हंगामे की सूचना मिलने के बाद डायल-112 और महिला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में भी काफी देर तक गतिरोध बना रहा। करीब तीन घंटे बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, जहां उनके बीच हुए विवाद से संबंधित शिकायतें सामने आईं। इस दौरान मामला केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

    प्रीति राजपूत ने अपने पति चेतन्य राजपूत और महिला सहायक प्राध्यापक राजवती किरार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने लिव-इन संबंधों और कथित धोखाधड़ी को लेकर जांच की मांग की। साथ ही, उन्होंने संबंधित बच्चे का डीएनए परीक्षण कराने की मांग भी उठाई है। यह मांग उनकी शिकायत का हिस्सा है। फिलहाल डीएनए परीक्षण कराए जाने या बच्चे की जैविक पहचान के संबंध में किसी निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।

    दूसरी ओर, सहायक प्राध्यापक राजवती किरार ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रीति राजपूत उनके घर में जबरन घुसीं और उनके साथ बदतमीजी की। इस तरह दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस के सामने आरोपों की जांच करने और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है।

    कॉलेज के प्राचार्य पवन श्रीवास्तव ने चेतन्य राजपूत और राजवती किरार के साथ रहने की बात की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने बताया कि घटना के समय वह बाहर थे और उन्हें प्रोफेसर कॉलोनी में हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी। वहीं, फिजिकल थाना प्रभारी अविनाश राठौड़ के अनुसार, दोनों पक्षों से प्राप्त शिकायतों की जांच की जा रही है।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है। शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और विवाद से जुड़े अन्य तथ्यों का स्पष्ट होना जांच के बाद ही संभव होगा।

  • शिवपुरी पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, पुनीत वाजपेयी बने सिटी कोतवाली प्रभारी, 19 अधिकारियों के तबादले

    शिवपुरी पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, पुनीत वाजपेयी बने सिटी कोतवाली प्रभारी, 19 अधिकारियों के तबादले


    शिवपुरी जिले में पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 19 निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने 21 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल में कई थानों के प्रभारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है।

    तबादला सूची में सबसे प्रमुख बदलाव शिवपुरी सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी पद पर हुआ है। निरीक्षक पुनीत वाजपेयी, जो इससे पहले कोलारस थाने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें अब कोतवाली का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, कोतवाली के मौजूदा थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित दुबे को उनके पद से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। इस बदलाव के बाद कोतवाली की जिम्मेदारी पुनीत वाजपेयी संभालेंगे।

    कोलारस थाने में भी नए प्रभारी की नियुक्ति की गई है। निरीक्षक जितेंद्र चंदेलिया को पुलिस लाइन से स्थानांतरित कर कोलारस थाना प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले वह पुलिस लाइन में पदस्थ थे। अब उन्हें थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नियुक्ति के साथ कोलारस में थाना प्रभारी का दायित्व बदल गया है।

    पोहरी थाने की कमान निरीक्षक मनीष कुमार धाकड़ को सौंपी गई है। वह भी पुलिस लाइन से स्थानांतरित होकर पोहरी पहुंचेंगे। वहीं, पोहरी के मौजूदा थाना प्रभारी निरीक्षक रवि चौहान को बैराड़ थाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह पोहरी और बैराड़ थानों में भी प्रभारियों की अदला-बदली की गई है।

    उप निरीक्षक स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। अरविंद छारी को कोतवाली से स्थानांतरित कर दिनारा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं, दिनारा में पदस्थ उप निरीक्षक रविंद्र कुशवाह को कोतवाली भेजा गया है। इन नियुक्तियों के जरिए दोनों अधिकारियों की नई पदस्थापना तय की गई है।

    तबादला आदेश में कुछ अधिकारियों को वर्तमान जिम्मेदारियों से हटाकर पुलिस लाइन भेजने के निर्देश भी शामिल हैं। इनमें कोतवाली से रोहित दुबे, बम्हारी से सुनील राजपूत, बैराड़ से सुरेशचंद्र शर्मा और मायापुर से अनिल भारद्वाज के नाम शामिल हैं। इसके अलावा भटनावर चौकी से सीमा धाकड़ और सीहोर से जूली तोमर को भी उनके वर्तमान प्रभार से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है।

    जारी जानकारी के अनुसार, इस पूरी तबादला सूची में 11 निरीक्षकों और 8 उप निरीक्षकों के नाम शामिल हैं। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल के तहत जिले के कई थानों और पुलिस इकाइयों में जिम्मेदारियां बदली गई हैं। नई नियुक्तियों के बाद संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र का प्रभार संभालना होगा।

  • शिवपुरी के अकाझिरी गांव में बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर भाई को पीटा, बाइक से घसीटने का आरोप

    शिवपुरी के अकाझिरी गांव में बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर भाई को पीटा, बाइक से घसीटने का आरोप

    शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के रन्नौद थाना क्षेत्र के अकाझिरी गांव में बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक युवक के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार युवकों ने पीड़ित के साथ गाली-गलौज की, लाठी-डंडों से हमला किया और उसे बाइक से घसीटते हुए बस स्टैंड तक ले गए। घटना में युवक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    घटना 20 अक्टूबर 2026 की रात करीब आठ बजे की बताई गई है। अकाझिरी गांव का रहने वाला युवक अपनी बड़ी बहन के साथ रामलीला देखने जा रहा था। इसी दौरान पानी की टंकी के पास गांव के ही राम गुप्ता, मोनू ओझा, कृष्णा ओझा और ज्योतिष ओझा मिल गए। शिकायत के अनुसार, चारों ने युवक की बहन के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ शुरू कर दी।

    बहन के साथ हो रही इस हरकत का युवक ने विरोध किया। आरोप है कि विरोध करने पर चारों युवक नाराज हो गए और उन्होंने पीड़ित के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की गई। घटना के दौरान युवक को गंभीर चोटें आईं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावर उसे राम गुप्ता की बाइक से घसीटते हुए बस स्टैंड तक ले गए, जिससे उसकी चोटें और बढ़ गईं।

    पीड़ित के मुताबिक, मारपीट के बाद आरोपियों ने उसे पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। मामले में बहन के साथ कथित छेड़छाड़ और भाई के साथ मारपीट, दोनों आरोपों को लेकर पुलिस कार्रवाई कर रही है।

    पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने राम गुप्ता, मोनू ओझा, कृष्णा ओझा और ज्योतिष ओझा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। घटना में शामिल लोगों की भूमिका, मारपीट की परिस्थितियों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    अकाझिरी गांव में हुई इस घटना के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में है। फिलहाल पुलिस की जांच शिकायत में दर्ज आरोपों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होना जांच की शुरुआती कार्रवाई है। मामले में आरोपों की पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

  • मध्यप्रदेश में 750 पुलिस बैंड पदों पर भर्ती की तैयारी, मोहन यादव सरकार 2027 को मनाएगी युवा वर्ष

    मध्यप्रदेश में 750 पुलिस बैंड पदों पर भर्ती की तैयारी, मोहन यादव सरकार 2027 को मनाएगी युवा वर्ष


    मध्यप्रदेश:
    में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और पुलिस विभाग की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए करीब 750 पुलिस बैंड पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार आगामी वर्ष को युवा वर्ष के रूप में मनाने की योजना बना रही है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की विशेष परीक्षा जनवरी-फरवरी में आयोजित कराने की भी तैयारी है। इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने के साथ पुलिस विभाग की कार्यक्षमता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है।

    मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की व्यवस्था हो। इसके लिए करीब 750 पदों पर भर्ती की जा रही है। इस पहल से जिलों में पुलिस बैंड तैयार करने और राष्ट्रीय पर्वों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को अधिक व्यवस्थित तथा आकर्षक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर पुलिस बैंड की प्रस्तुति समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।

    मुख्यमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान पुलिस बैंड की प्रस्तुति, मधुर भजनों और पुलिसकर्मियों की दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व शासन के लिए भी दीपावली के समान महत्व रखते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और अनुशासन की भावना व्यक्त होती है। प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की उपलब्धता से ऐसे आयोजनों को बेहतर ढंग से संपन्न कराने में सहायता मिल सकती है।

    सरकार की योजना केवल पुलिस बैंड तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को नए संशोधित कानूनों के अनुरूप मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने और विभिन्न स्तरों पर नई भर्तियों सहित अन्य व्यवस्थाओं को विकसित करने पर काम किया जा रहा है। पुलिस की विवेचना और अनुसंधान प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के साथ न्यायालयों में मामलों की बेहतर पैरवी तथा संचालन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

    पुलिस विभाग की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे जनसेवा में जुटे रहते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कई बार लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। इस दौरान वे अपने परिवार से दूर भी रहते हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों के साथ उनके परिवारों का योगदान भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उन्हें भी ड्यूटी की परिस्थितियों के अनुसार अपने जीवन में बदलाव करने पड़ते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों के व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन से जुड़ी जरूरतों के प्रति संवेदनशील है। उनके कल्याण और आवश्यक सहयोग के लिए उचित कदम उठाने की प्रतिबद्धता भी जताई गई। पुलिसकर्मियों की कार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनकी जरूरतों पर ध्यान देना विभाग की कार्यक्षमता और सेवा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

    गार्ड ऑफ ऑनर में महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी को भी मुख्यमंत्री ने सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की क्षमताओं को लेकर पुरानी सोच बदलने की जरूरत है। महिलाएं अपनी योग्यता, दक्षता और सामर्थ्य के बल पर हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं और जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकती हैं। महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी को इसी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया गया।

    मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कामना की कि दशहरे का पर्व लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल लेकर आए। उन्होंने इस त्योहार को असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक बताया।

    मध्यप्रदेश में करीब 750 पुलिस बैंड पदों पर भर्ती, हर जिले में बैंड स्थापित करने की तैयारी और एमपीपीएससी की विशेष परीक्षा की योजना युवाओं तथा पुलिस विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं हैं। सरकार ने आगामी वर्ष को युवा वर्ष के रूप में मनाने की तैयारी भी जताई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में भर्ती की विस्तृत अधिसूचना, आवेदन की तारीख और पात्रता संबंधी शर्तों का उल्लेख नहीं किया गया है।

  • इंदौर में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, एमडी ड्रग्स और ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, एमडी ड्रग्स और ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

    मध्य प्रदेश: के इंदौर में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयां करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने कुल 11 ग्राम एमडी ड्रग्स और 8.8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त और उनकी आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

    पहली कार्रवाई इंदौर क्राइम ब्रांच ने की। पुलिस ने एमआर-10 ब्रिज के नीचे मेट्रो के पिलर नंबर 409 के पास से अनस खान को पकड़ा। वह खरगोन जिले का निवासी बताया गया है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 11 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया।

    पुलिस अब अनस खान से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि वह इसे किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने वाला था या इसके पीछे कोई संगठित आपूर्ति नेटवर्क सक्रिय है। मामले में नशीले पदार्थों की खरीद और बिक्री से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    दूसरी कार्रवाई राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने की। पुलिस ने पानी की टंकी के पास से 23 वर्षीय आयुष ठाकुर को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से 8.8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। पुलिस ने इस मामले में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। दोनों कार्रवाइयां अलग-अलग स्थानों पर की गईं और दोनों आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग प्रकार के नशीले पदार्थ मिलने की जानकारी सामने आई है।

    पुलिस के अनुसार, आयुष ठाकुर के खिलाफ पहले भी जुआ, लूट और मादक पदार्थों से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी है। हालांकि, उसके पुराने मामलों की वर्तमान स्थिति और उनसे जुड़े विस्तृत तथ्यों की पुष्टि जांच के दौरान की जानी है। फिलहाल, ताजा मामले में बरामद ब्राउन शुगर के स्रोत और उससे जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

    दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का ध्यान नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत तक पहुंचने पर है। जांच के तहत यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों को मादक पदार्थ किसने उपलब्ध कराए और वे किन लोगों के संपर्क में थे। इसके साथ ही शहर में नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त के संभावित तरीकों और आपूर्ति से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

    इंदौर में की गई इन कार्रवाइयों के बाद पुलिस दोनों मामलों में साक्ष्य और अन्य जरूरी जानकारी जुटा रही है। बरामद पदार्थों की मात्रा, आरोपियों के संपर्कों और संभावित आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल आगे की जांच का हिस्सा है। फिलहाल, अनस खान और आयुष ठाकुर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं और पुलिस की जांच जारी है।

  • महाराष्ट्र के लातूर में युवक को निर्वस्त्र कर बेल्ट से पीटा, निजी अंगों पर पेट्रोल डालने के आरोप से मचा हड़कंप

    महाराष्ट्र के लातूर में युवक को निर्वस्त्र कर बेल्ट से पीटा, निजी अंगों पर पेट्रोल डालने के आरोप से मचा हड़कंप

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के लातूर में एक युवक के साथ बर्बरता से मारपीट करने का मामला सामने आया है। युवक को निर्वस्त्र कर बेल्ट से पीटा गया और उसके निजी अंगों पर पेट्रोल डालकर हमला किया गया। घटना का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह घटना करीब दो महीने पुरानी है।

    सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ लोग एक युवक को घेरकर उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवक के कपड़े उतारकर उसे बेल्ट से पीटते हुए देखा जा सकता है। हमलावर उस पर लात-घूंसे भी बरसाते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि मारपीट के दौरान युवक के निजी अंगों पर पेट्रोल भी डाला गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

    बताया जा रहा है कि हमलावरों ने मारपीट की पूरी घटना को मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया समूहों में साझा कर दिया गया, जहां से यह फैलता हुआ लोगों तक पहुंचा। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस का ध्यान इस घटना की ओर गया और जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक के साथ हुई यह घटना लगभग दो महीने पहले की है। मारपीट और हमले के बाद पीड़ित युवक कथित तौर पर उस जगह को छोड़कर चला गया था। घटना के बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। अब वीडियो सामने आने के बाद पुलिस उसकी पहचान कर उससे संपर्क करने की कोशिश कर रही है, ताकि मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके।

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ने बताया कि पीड़ित युवक की पहचान कर ली गई है और उसे अपना बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन आने को कहा गया है। पुलिस का मानना है कि पीड़ित का बयान दर्ज होने के बाद घटना से जुड़ी परिस्थितियों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी।

    फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवक पर हमला किस वजह से किया गया था। इसके साथ ही उन लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कथित तौर पर मारपीट में शामिल थे। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में किन लोगों की भूमिका रही।

    इस मामले में अभी तक पीड़ित की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। ऐसे में पुलिस की जांच में उसका बयान अहम माना जा रहा है। बयान दर्ज होने के बाद ही हमले की वजह, घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और उपलब्ध शुरुआती जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर रही है।