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  • इंदौर में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, एमडी ड्रग्स और ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, एमडी ड्रग्स और ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

    मध्य प्रदेश: के इंदौर में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयां करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने कुल 11 ग्राम एमडी ड्रग्स और 8.8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त और उनकी आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

    पहली कार्रवाई इंदौर क्राइम ब्रांच ने की। पुलिस ने एमआर-10 ब्रिज के नीचे मेट्रो के पिलर नंबर 409 के पास से अनस खान को पकड़ा। वह खरगोन जिले का निवासी बताया गया है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 11 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया।

    पुलिस अब अनस खान से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि वह इसे किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने वाला था या इसके पीछे कोई संगठित आपूर्ति नेटवर्क सक्रिय है। मामले में नशीले पदार्थों की खरीद और बिक्री से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    दूसरी कार्रवाई राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने की। पुलिस ने पानी की टंकी के पास से 23 वर्षीय आयुष ठाकुर को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से 8.8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। पुलिस ने इस मामले में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। दोनों कार्रवाइयां अलग-अलग स्थानों पर की गईं और दोनों आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग प्रकार के नशीले पदार्थ मिलने की जानकारी सामने आई है।

    पुलिस के अनुसार, आयुष ठाकुर के खिलाफ पहले भी जुआ, लूट और मादक पदार्थों से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी है। हालांकि, उसके पुराने मामलों की वर्तमान स्थिति और उनसे जुड़े विस्तृत तथ्यों की पुष्टि जांच के दौरान की जानी है। फिलहाल, ताजा मामले में बरामद ब्राउन शुगर के स्रोत और उससे जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

    दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का ध्यान नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत तक पहुंचने पर है। जांच के तहत यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों को मादक पदार्थ किसने उपलब्ध कराए और वे किन लोगों के संपर्क में थे। इसके साथ ही शहर में नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त के संभावित तरीकों और आपूर्ति से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

    इंदौर में की गई इन कार्रवाइयों के बाद पुलिस दोनों मामलों में साक्ष्य और अन्य जरूरी जानकारी जुटा रही है। बरामद पदार्थों की मात्रा, आरोपियों के संपर्कों और संभावित आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल आगे की जांच का हिस्सा है। फिलहाल, अनस खान और आयुष ठाकुर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं और पुलिस की जांच जारी है।

  • महाराष्ट्र के लातूर में युवक को निर्वस्त्र कर बेल्ट से पीटा, निजी अंगों पर पेट्रोल डालने के आरोप से मचा हड़कंप

    महाराष्ट्र के लातूर में युवक को निर्वस्त्र कर बेल्ट से पीटा, निजी अंगों पर पेट्रोल डालने के आरोप से मचा हड़कंप

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के लातूर में एक युवक के साथ बर्बरता से मारपीट करने का मामला सामने आया है। युवक को निर्वस्त्र कर बेल्ट से पीटा गया और उसके निजी अंगों पर पेट्रोल डालकर हमला किया गया। घटना का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह घटना करीब दो महीने पुरानी है।

    सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ लोग एक युवक को घेरकर उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवक के कपड़े उतारकर उसे बेल्ट से पीटते हुए देखा जा सकता है। हमलावर उस पर लात-घूंसे भी बरसाते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि मारपीट के दौरान युवक के निजी अंगों पर पेट्रोल भी डाला गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

    बताया जा रहा है कि हमलावरों ने मारपीट की पूरी घटना को मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया समूहों में साझा कर दिया गया, जहां से यह फैलता हुआ लोगों तक पहुंचा। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस का ध्यान इस घटना की ओर गया और जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक के साथ हुई यह घटना लगभग दो महीने पहले की है। मारपीट और हमले के बाद पीड़ित युवक कथित तौर पर उस जगह को छोड़कर चला गया था। घटना के बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। अब वीडियो सामने आने के बाद पुलिस उसकी पहचान कर उससे संपर्क करने की कोशिश कर रही है, ताकि मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके।

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ने बताया कि पीड़ित युवक की पहचान कर ली गई है और उसे अपना बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन आने को कहा गया है। पुलिस का मानना है कि पीड़ित का बयान दर्ज होने के बाद घटना से जुड़ी परिस्थितियों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी।

    फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवक पर हमला किस वजह से किया गया था। इसके साथ ही उन लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कथित तौर पर मारपीट में शामिल थे। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में किन लोगों की भूमिका रही।

    इस मामले में अभी तक पीड़ित की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। ऐसे में पुलिस की जांच में उसका बयान अहम माना जा रहा है। बयान दर्ज होने के बाद ही हमले की वजह, घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और उपलब्ध शुरुआती जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

  • कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में 19 मौतें, सात गिरफ्तार, धारा 163 लागू और आयोजनों पर बढ़ी सख्ती

    कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में 19 मौतें, सात गिरफ्तार, धारा 163 लागू और आयोजनों पर बढ़ी सख्ती


    नई दिल्ली ।पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। उत्तर कोलकाता के मुक्तारामबाबू स्ट्रीट स्थित चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात हुए हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पुलिस ने पंडाल समिति से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले कई पूजा आयोजनों को अस्थायी रूप से पंडाल बंद रखने की सलाह दी गई है।

    हादसे के समय बारिश हो रही थी। इसी दौरान पंडाल में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ मच गई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, मृतकों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 19 में से 17 लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों में 24 लोगों की हालत खतरे से बाहर बताई गई, जबकि एक व्यक्ति की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पंडाल समिति से जुड़े 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की बात कही है। प्रशासन हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहा है और शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    कोलकाता में दुर्गा पूजा के अवसर पर करीब 3,500 पंडाल लगाए गए हैं। वहीं, पूरे पश्चिम बंगाल में लगभग 58,000 पूजा आयोजनों की बात कही गई है। ऐसे में प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती है। पुलिस कई पंडालों का निरीक्षण कर रही है और भीड़भाड़ वाले आयोजनों को आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

    हादसे के बाद कोलकाता के कुछ इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 लागू की गई है। यह प्रतिबंध 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक तीन दिनों के लिए प्रभावी रहेगा। आदेश के तहत कोलकाता मेडिकल कॉलेज और आसपास के क्षेत्रों सहित निर्धारित इलाकों में रैली, सभा, जुलूस, धरना और प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने, शांति भंग होने और सुरक्षा संबंधी जोखिमों की आशंका को देखते हुए उठाया है।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार सुबह घायलों से मिलने उस अस्पताल पहुंचे, जहां भगदड़ में घायल लोगों का इलाज किया जा रहा है। उनके साथ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। इससे पहले शाह ने कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। हादसे के बाद उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों में जाने का अपना निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया।

    मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि मृतकों के 19 परिवारों को प्रत्येक को 25 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इसके अलावा प्रत्येक घायल को पांच लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह 13 पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिल चुके हैं और उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी दुर्गा पूजा आयोजकों से सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने पर्याप्त रोशनी, प्रवेश और निकास के उचित रास्ते, भीड़ नियंत्रण तथा पुलिस और अग्निशमन विभाग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। हादसे के बाद प्रशासन का मुख्य ध्यान पूजा स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर है।

  • ट्रेन में आंख लगी तो 10 लाख से भरा बैग गायब, विदिशा में CCTV फुटेज खंगालकर चोर तक पहुंची GRP

    ट्रेन में आंख लगी तो 10 लाख से भरा बैग गायब, विदिशा में CCTV फुटेज खंगालकर चोर तक पहुंची GRP


    भोपाल। ट्रेन में सफर के दौरान थोड़ी सी लापरवाही एक यात्री को भारी पड़ गई। बीना से 10 लाख रुपये लेकर भोपाल जा रहे युवक ने नकदी से भरा बैग सीट के ऊपर लगी रेलिंग पर रख दिया और उसे नींद आ गई। जब विदिशा रेलवे स्टेशन पर आंख खुली तो बैग गायब था। शिकायत मिलने के बाद रेलवे पुलिस (GRP) ने जांच शुरू की और करीब 200 CCTV कैमरों के फुटेज खंगालते हुए चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मालिक के कहने पर लेने गया था 10 लाख रुपये

    पुलिस के मुताबिक, चोरी की यह घटना 6 अक्टूबर की है। फरियादी अपने मालिक के निर्देश पर बीना स्थित एक प्लायवुड दुकान से 10 लाख रुपये लेने गया था। रकम मिलने के बाद उसने 500-500 रुपये के नोटों की 20 गड्डियां काले रंग के पिट्ठू बैग में रखीं और बीना से भोपाल जाने वाली मेमो ट्रेन में सवार हो गया।

    रास्ते में गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के डिब्बे में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। इसी दौरान युवक ने रुपयों से भरा बैग सीट के ऊपर लगी रेलिंग पर रख दिया। कुछ देर बाद उसे नींद आ गई। जब ट्रेन विदिशा पहुंची और उसकी नींद खुली, तब तक बैग गायब हो चुका था। काफी तलाश करने के बाद भी बैग नहीं मिला तो उसने विदिशा GRP थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    200 CCTV कैमरों के फुटेज से मिला सुराग

    10 लाख रुपये की चोरी का मामला सामने आने के बाद रेल पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की। पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल अंकित जायसवाल के निर्देशन में टीम ने फरियादी के आने-जाने के रास्तों और घटना से जुड़े संभावित स्थानों पर लगे करीब 200 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली।

    जांच के दौरान फुटेज में नजर आए संदिग्ध के हुलिए का मिलान रेल इकाई भोपाल के विभिन्न थानों में पहले दर्ज मामलों में शामिल आरोपियों के रिकॉर्ड से किया गया। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया और संदिग्धों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई और उसे दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।

    बैग, नकदी और मोबाइल फोन बरामद

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर काला बैग, 9 लाख 36 हजार रुपये नकद और फरियादी का मोबाइल चार्जर बरामद किया गया। इसके अलावा चोरी की रकम से खरीदा गया एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

    पुलिस ने इस मामले में कुल करीब 9 लाख 43 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    रेल पुलिस ने यात्रियों को किया सतर्क

    घटना के बाद मध्य प्रदेश रेल पुलिस ने यात्रियों से ट्रेन में सफर के दौरान नकदी और कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि बैग या कीमती सामान को खुला अथवा खुद से दूर न रखें। सामान को ऐसी जगह रखें, जहां उस पर लगातार नजर बनी रहे। ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दें।

  • भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या के बाद हंगामा, आरोपी को सौंपने की मांग पर तीन घंटे प्रदर्शन

    भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या के बाद हंगामा, आरोपी को सौंपने की मांग पर तीन घंटे प्रदर्शन

    मध्य प्रदेश । की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में शनिवार, 17 अक्टूबर को लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना से नाराज लोगों ने बैरागढ़ थाने के बाहर करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने थाने के गेट पर धक्का देकर अंदर घुसने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।

    मामले में 23 वर्षीय आरोपी मोबिन को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में उसके अपराध स्वीकार करने की बात सामने आई है। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है।

    घटना 15 अक्टूबर की रात की है, जब बैरागढ़ इलाके में रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की। अगले दिन, 16 अक्टूबर को बच्ची का शव कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक खंडहर में मिला। शव मिलने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

    प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ यौन हिंसा और गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने की बात सामने आई है। घटनास्थल से जुड़े विवरण के अनुसार, बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और उसके शरीर के निचले हिस्से पर कपड़े नहीं थे। उसके सामने के दो दांत भी टूटे हुए बताए गए हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    शनिवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को फांसी देने, उसके मकान पर बुलडोजर चलाने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने की मांग की। कुछ लोगों ने आरोपी को पुलिस के हवाले करने के बजाय उन्हें सौंपने की मांग भी की। पुलिस ने भीड़ को थाने में प्रवेश करने से रोकने के लिए मुख्य गेट बंद कर दिए।

    प्रदर्शन का असर भोपाल-सीहोर रोड पर भी पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे लगभग दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। इस दौरान यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। थाने के सामने महिलाएं भी धरने पर बैठीं। पुलिस अधिकारियों ने लगातार लोगों को समझाने की कोशिश की और अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति संभालने का प्रयास किया।

    मामले में सहायक पुलिस आयुक्त रत्नेश तोमर ने बताया कि पुलिस ने हत्या और बहला-फुसलाकर ले जाने सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी।

    पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से अधिकारी पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं। प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया गया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी और आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

    करीब तीन घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। इसके बाद परिजन बच्ची का शव अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात रखा गया। घटना की जांच जारी है और विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।

  • कनॉट प्लेस में प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में

    कनॉट प्लेस में प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में

    नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को एहतियाती हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध प्रदर्शन से पहले की गई। दिपके ने इस प्रदर्शन का आह्वान किया था। पुलिस ने इससे पहले उन्हें नोटिस जारी कर कनॉट प्लेस में बिना कानूनी अनुमति लोगों को एकत्र करने पर आपत्ति जताई थी।

    अभिजीत दिपके को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास से निकलने के बाद हिरासत में लिया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारी ने उन्हें बताया कि कनॉट प्लेस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं और इसी आधार पर उन्हें एहतियाती हिरासत में लिया जा रहा है।

    सीजेपी की ओर से शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया गया था। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से शाम पांच बजे कनॉट प्लेस में जुटने की अपील की गई थी। हालांकि, प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए आवश्यक कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी। इसी वजह से पुलिस ने दिपके को नोटिस जारी किया था।

    पुलिस ने अपने नोटिस में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा था कि कनॉट प्लेस में बिना अनुमति भीड़ जुटने से यातायात व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, क्षेत्र में होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने कहा कि कनॉट प्लेस राजधानी का प्रमुख व्यावसायिक इलाका है, जहां बड़ी संख्या में दुकानें, शोरूम, रेस्तरां, होटल, बैंक और कार्यालय संचालित होते हैं।

    नोटिस में यह भी कहा गया था कि प्रदर्शन के कारण कारोबारियों के साथ-साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। कनॉट प्लेस में किसी भी बड़े जमावड़े से आम लोगों की आवाजाही और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कामकाज में बाधा आने की आशंका को पुलिस ने अपनी कार्रवाई का एक प्रमुख आधार बताया।

    पुलिस ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन का उल्लेख करते हुए भीड़ जुटने से पैदा होने वाली संभावित समस्याओं पर चिंता जताई थी। यह स्टेशन ब्लू और येलो लाइन को जोड़ने वाला प्रमुख मेट्रो केंद्र है। पुलिस के अनुसार, यहां से प्रतिदिन करीब दो लाख यात्री सफर करते हैं। ऐसे में प्रदर्शन के दौरान लोगों की संख्या बढ़ने पर यातायात जाम, अव्यवस्था और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा हो सकता है।

    दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया था कि कनॉट प्लेस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

    नोटिस के जरिए दिपके को कनॉट प्लेस और उसके आसपास किसी भी प्रकार का प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित नहीं करने तथा लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया गया था। पुलिस ने यह भी कहा था कि कनॉट प्लेस अधिसूचित प्रदर्शन स्थल नहीं है। किसी अन्य निर्धारित स्थान पर प्रदर्शन करने के लिए भी पहले संबंधित अधिकारियों से कानूनी अनुमति लेना आवश्यक है।

    इस तरह, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस ने प्रतिबंधात्मक आदेशों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी आशंकाओं का हवाला देते हुए कार्रवाई की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिपके को एहतियाती हिरासत में लिया गया; प्रदर्शन के आयोजन और आगे की कार्रवाई से संबंधित अतिरिक्त विवरण सामने नहीं आया है।

  • टीकमगढ़ में मृत गाय को लोडर से बांधकर सड़क पर घसीटा, घटना का वीडियो वायरल होने से लोगों में आक्रोश

    टीकमगढ़ में मृत गाय को लोडर से बांधकर सड़क पर घसीटा, घटना का वीडियो वायरल होने से लोगों में आक्रोश

    मध्य प्रदेश: के टीकमगढ़ जिले में मृत गाय के शव के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दो लोग मृत गाय को लोडर वाहन से बांधकर सड़क पर घसीटते दिखाई दे रहे हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि, घटना में शामिल लोगों की पहचान और इस मामले में प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    बताया जा रहा है कि यह घटना टीकमगढ़ शहर के सागर हाईवे मार्ग पर स्थित नए बस स्टैंड के बायपास रोड की है। वायरल वीडियो में एक लोडर वाहन पर सवार लोग मृत गाय के शव को वाहन से बांधकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वाहन तेज गति से आगे बढ़ता नजर आता है और गाय का शव सड़क पर घिसटता हुआ दिखाई देता है।

    घटना से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद मृत पशु के साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर नाराजगी की बात कही जा रही है। मृत गाय के शव को इस तरह सड़क पर घसीटकर ले जाने की परिस्थितियां क्या थीं और ऐसा करने के पीछे संबंधित लोगों का उद्देश्य क्या था, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।

    इस घटना ने मृत पशुओं के निपटान और उनके शवों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के तरीके पर भी सवाल खड़े किए हैं। किसी पशु की मृत्यु के बाद उसके शव को उचित तरीके से हटाना जरूरी होता है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर असुविधा न हो और स्वच्छता संबंधी समस्याएं पैदा न हों। लेकिन वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा तरीका पशु के शव के प्रति असंवेदनशील व्यवहार को दर्शाता है।

    घटना का स्थान शहर के बायपास मार्ग पर बताया जा रहा है। ऐसे में वीडियो के आधार पर संबंधित वाहन और उसमें सवार लोगों की पहचान करना जांच का अहम हिस्सा हो सकता है। यदि आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं, तो उनकी फुटेज से भी घटना के समय, वाहन की आवाजाही और संबंधित व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। हालांकि, ऐसी किसी जांच या कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।

    इस मामले में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि मृत गाय का शव कहां से लाया गया था और उसे किस स्थान पर ले जाया जा रहा था। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों ने शव को वाहन से बांधकर ले जाने का फैसला क्यों किया, इस सवाल का जवाब भी संबंधित व्यक्तियों की पहचान और पूछताछ के बाद ही सामने आ सकता है।

    पशुओं के प्रति क्रूरता से जुड़े मामलों में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई का प्रश्न परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करता है। इस मामले में भी किसी कानूनी कार्रवाई की स्थिति जानने के लिए संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

    टीकमगढ़ की इस घटना ने मृत गाय के शव को ले जाने के तरीके को लेकर चिंता पैदा की है। अब मामले में संबंधित लोगों की पहचान, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और प्रशासन की संभावित कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

  • भोपाल के बैरागढ़ में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या, कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे खंडहर में मिला शव

    भोपाल के बैरागढ़ में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या, कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे खंडहर में मिला शव

    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या का मामला सामने आया है। गुरुवार रात से लापता बच्ची का शव शुक्रवार को कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक खंडहरनुमा इमारत से बरामद किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बच्ची की मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्ची गुरुवार रात करीब आठ बजे किसी काम से अपने घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी समय बीतने के बावजूद जब परिजनों को बच्ची का कोई पता नहीं चला, तो उन्होंने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों में खोजबीन करने के साथ रिश्तेदारों से भी संपर्क किया गया, लेकिन बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

    परिजनों की ओर से तलाश किए जाने के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला, तो वे देर रात बैरागढ़ थाने पहुंचे और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद बच्ची की तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी तलाश के साथ उससे जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।

    शुक्रवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे बने एक खंडहर में बच्ची का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही बैरागढ़ थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव मिलने की जानकारी सामने आने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और मामले की जांच के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

    घटनास्थल पर एफएसएल की विशेष टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने खंडहर और उसके आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट समेत अन्य संभावित साक्ष्य एकत्र किए। इन साक्ष्यों की जांच से बच्ची की मौत से जुड़ी परिस्थितियों और घटना में शामिल व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि घर से निकलने के बाद बच्ची कहां गई और कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित खंडहर तक कैसे पहुंची। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्ची के साथ कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं। फिलहाल घटना से जुड़े इन पहलुओं पर जांच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

    पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके साथ ही बच्ची के परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है, ताकि उसके घर से निकलने के बाद की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। आसपास के क्षेत्र में उपलब्ध साक्ष्यों और लोगों से मिलने वाली जानकारी को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

    बच्ची का शव खंडहर में मिलने के बाद इलाके में चिंता का माहौल है। पुलिस का प्रयास है कि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाया जाए कि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस और एफएसएल की टीम मामले की जांच में जुटी हैं। बच्ची की मौत से जुड़े कारणों, घटनास्थल तक पहुंचने की परिस्थितियों और संभावित आरोपी की पहचान को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।

  • ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली में शिकायत, पासपोर्ट जब्त करने और फंडिंग जांच की मांग के साथ NSA कार्रवाई का मुद्दा उठा

    ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली में शिकायत, पासपोर्ट जब्त करने और फंडिंग जांच की मांग के साथ NSA कार्रवाई का मुद्दा उठा

    नई दिल्ली ।यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ उनके कथित बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है। दिल्ली में एक वकील ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए उनके खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राठी के कुछ बयानों से भारतीय सेना और पुलिस को सरकार के खिलाफ विद्रोह के लिए उकसाने की कोशिश की गई।शिकायतकर्ता ने उनके पासपोर्ट को जब्त करने और आर्थिक स्रोतों की जांच कराने की मांग भी की है। हालांकि, ये आरोप हैं और इनके आधार पर किसी अपराध का दोष सिद्ध नहीं होता।

    शिकायतकर्ता विवेक गर्ग ने दिल्ली पुलिस आयुक्त, उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त और रूप नगर थाने के प्रभारी को शिकायत दी है। इसमें सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो का हवाला देते हुए कथित बयानों की जांच करने की अपील की गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन बयानों की प्रकृति गंभीर है और इनके पीछे संभावित साजिश की आशंका की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का अनुरोध भी किया है।

    शिकायत में ध्रुव राठी के आर्थिक स्रोतों और कथित संपर्कों की पड़ताल करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने पासपोर्ट जब्त करने की अपील की है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में शिकायत के आधार पर पुलिस की ओर से किसी अंतिम निष्कर्ष या आरोपों के सिद्ध होने की पुष्टि नहीं है। शिकायत दर्ज होने और जांच की मांग किए जाने को किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध साबित होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।

    इस मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. विक्रम सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ध्रुव राठी के सेना और पुलिस से संबंधित कथित बयान पर आपत्ति जताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे बयान गंभीर प्रकृति के हो सकते हैं और इन पर कानूनी दृष्टि से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से राठी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज करने की मांग उठाई है।

    डॉ. विक्रम सिंह ने आरोप लगाया कि जर्मनी में रहने वाले ध्रुव राठी भारत आकर युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं और एक साक्षात्कार में सेना तथा पुलिस को बगावत के लिए कहने जैसी बातें सामने आई हैं। उन्होंने कथित बयान को देश की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर बताया। हालांकि, इन आरोपों और मांगों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की स्थिति के बारे में उपलब्ध विवरण में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

    ध्रुव राठी इससे पहले भी एक आपराधिक मानहानि मामले को लेकर चर्चा में रहे हैं। दिल्ली की साकेत अदालत ने इस पुराने मामले में उनके खिलाफ नए सिरे से समन जारी करने का आदेश दिया है। यह मामला विकास सांक्रित्यायन, जिन्हें विकास पांडे के नाम से भी जाना जाता है, की शिकायत पर दर्ज हुआ था।

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि ध्रुव राठी के ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2’ नामक वीडियो को लेकर मानहानि का मामला दायर किया गया था।अदालत ने समन की तामील के लिए दस्ती सेवा की अनुमति भी दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है। यह मानहानि प्रकरण मौजूदा शिकायत से अलग है और दोनों मामलों की कानूनी प्रक्रिया को अलग-अलग समझना जरूरी है।

    ध्रुव राठी के खिलाफ शिकायत और एनएसए के तहत कार्रवाई की मांग ने अभिव्यक्ति, सार्वजनिक बयानों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों पर बहस को बढ़ाया है। अब मामले में आगे की स्थिति पुलिस की जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

  • दिल्ली में तिरंगा यात्रा से पहले अभिजीत दीपके के घर पहुंची पुलिस, प्रदर्शन को लेकर दिया नोटिस

    दिल्ली में तिरंगा यात्रा से पहले अभिजीत दीपके के घर पहुंची पुलिस, प्रदर्शन को लेकर दिया नोटिस

    नई दिल्ली । दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन और तिरंगा यात्रा से पहले पुलिस ने पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के ठिकाने पर पहुंचकर उन्हें नोटिस दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कनॉट प्लेस में तिरंगा यात्रा निकालने की अनुमति नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने के कारण मार्च निकालने से बचने के लिए कहा गया है।16 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस की एक टीम अभिजीत दीपके के पास पहुंची। पुलिस ने उन्हें प्रस्तावित प्रदर्शन नहीं करने की हिदायत दी। बताया गया कि टीम में लगभग 15 से 20 पुलिसकर्मी शामिल थे। उस समय दीपके दिल्ली के झंडेवालान इलाके में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरदचंद्र पवार गुट के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास पर ठहरे हुए थे।

    पुलिस ने अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस अधिनियम, 1978 की धारा 29 के तहत नोटिस दिया। अधिकारियों ने बताया कि कनॉट प्लेस में किसी भी तरह की तिरंगा यात्रा के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस की ओर से यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया।पुलिस ने कहा कि संबंधित क्षेत्र में धारा 163 लागू होने और मार्च के लिए अनुमति नहीं मिलने के कारण यात्रा या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जाना चाहिए। यदि इसके बावजूद कोई मार्च निकाला जाता है, तो इसे लागू नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है।

    नोटिस देने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम अभिजीत दीपके के ठिकाने से लौट गई। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, नोटिस सौंपने के बाद टीम वहां से रवाना हुई। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर लागू प्रतिबंधों और अनुमति संबंधी स्थिति स्पष्ट की।कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को लेकर भी जानकारी सामने आई। बताया गया कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने 16 और 17 अक्टूबर के लिए सेंट्रल पार्क बंद कर दिया है। इसी दौरान संबंधित क्षेत्र में धारा 163 लागू होने की बात कही गई। ऐसे में प्रस्तावित तिरंगा यात्रा के आयोजन को लेकर पुलिस ने आयोजकों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी।

    इस घटनाक्रम से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा किया था। इसमें उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के पास महात्मा गांधी हैं और देश के युवा हमेशा उनके दिखाए रास्ते पर चलेंगे। उन्होंने शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलने की बात कही।दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है। पुलिस ने अनुमति नहीं मिलने और धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए तिरंगा यात्रा नहीं निकालने को कहा। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दीपके को नोटिस दिए जाने के बाद पुलिस टीम वहां से लौट चुकी है।