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  • डोसे में चूहा मिलने के बाद होटल मालिक से 25 लाख की वसूली मांग, दो आरोपी गिरफ्तार

    डोसे में चूहा मिलने के बाद होटल मालिक से 25 लाख की वसूली मांग, दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई। के बोरीवली वेस्ट स्थित एक होटल में डोसे के अंदर चूहा मिलने के बाद बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया। होटल मालिक ने आरोप लगाया कि वीडियो को दोबारा फैलाने और अन्य कार्रवाई की धमकी देकर उससे पैसे मांगे गए। बोरीवली पुलिस ने 5 अक्टूबर को इस मामले में FIR दर्ज की है। मामले में मानसी अमित आचार्य और किंजल सुभाष भाटिया को आरोपी बनाया गया है। यह पूरा मामला 24 सितंबर को राधाकृष्ण होटल-बुफे-फास्ट फूड में हुई घटना से जुड़ा है।

    जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर को होटल में आए लोगों में से एक ने डोसा मंगाया था। आरोप है कि डोसे के अंदर चूहा मिलने के बाद उसका वीडियो बनाया गया। यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 28 सितंबर को होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। लाइसेंस निलंबित होने के बाद होटल बंद रहा।

    होटल मालिक ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने उसका इस्तेमाल पैसे मांगने के लिए करना शुरू किया। शिकायत के मुताबिक, वीडियो को सोशल मीडिया पर और फैलाने तथा दूसरे कदम उठाने की धमकी दी गई। शुरुआत में होटल मालिक से 25 लाख रुपये मांगे गए थे। बाद में कथित तौर पर यह रकम घटाकर 20 लाख रुपये और फिर 15 लाख रुपये कर दी गई।

    आरोप है कि बातचीत के बाद आखिरकार 7 लाख रुपये में मामला तय करने की बात हुई। होटल मालिक ने इसमें से 1 लाख रुपये नकद बतौर टोकन देने का दावा किया। इसके बाद भी बाकी रकम को लेकर मांग जारी रही। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 30 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच उसे लगातार फोन कॉल और वाट्सऐप संदेशों के जरिए पैसे देने के लिए दबाव बनाया गया।

    होटल मालिक का आरोप है कि उसे लगातार चेतावनी दी जाती रही कि अगर बाकी रकम नहीं दी गई तो वायरल वीडियो को फिर से फैलाया जा सकता है और उसे अन्य नतीजे भी भुगतने पड़ सकते हैं। होटल मालिक ने 29 सितंबर को पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पैसों की मांग जारी रहने के दौरान आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई गई।

    5 अक्टूबर को पुलिस की योजना के तहत शिकायतकर्ता से बाकी 6 लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा गया। शाम करीब 5:45 बजे जब आरोपी कथित तौर पर यह रकम लेने पहुंचे, तब उन्हें गवाहों की मौजूदगी में पकड़ लिया गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और धारा 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस की जांच अब केवल होटल में डोसे के अंदर चूहा मिलने की मूल घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके बाद हुई पैसों की मांग पर भी केंद्रित है। जांच में वायरल वीडियो, फोन कॉल, वाट्सऐप पर हुई बातचीत और नकद लेन-देन से जुड़े पहलुओं को देखा जा रहा है। होटल का लाइसेंस निलंबित किए जाने और उसके बाद पैदा हुए हालात की भी जांच की जा रही है। FIR में होटल मालिक की ओर से लगाए गए आरोप दर्ज हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।

  • निमिषा ठाकुरिया मौत मामले में आरोपी आशिक अली पुलिस फायरिंग में घायल, हिरासत से भागने की कोशिश का दावा

    निमिषा ठाकुरिया मौत मामले में आरोपी आशिक अली पुलिस फायरिंग में घायल, हिरासत से भागने की कोशिश का दावा

    नई दिल्ली ।गुवाहाटी विश्वविद्यालय की छात्रा निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आरोपी आशिक अली मंगलवार तड़के पुलिस फायरिंग में घायल हो गया। घटना धारापुर इलाके में करीब 3:30 बजे हुई। पुलिस का दावा है कि हिरासत में रहने के दौरान आशिक अली ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद उसे रोकने के लिए पुलिस ने गोली चलाई। फायरिंग में उसके दाहिने पैर में दो गोलियां लगीं और दोनों आर-पार निकल गईं।

    गोली लगने के बाद आशिक अली को इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। उसे सुबह करीब 5:35 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, उसके शरीर के किसी दूसरे हिस्से में चोट के निशान नहीं मिले हैं। उसकी हालत को लेकर अस्पताल की ओर से इससे अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    आशिक अली के दाहिने पैर में दो स्थानों पर गोली लगी। इनमें एक गोली घुटने के नीचे और दूसरी पिंडली में लगी। दोनों गोलियां पैर को पार करते हुए बाहर निकल गईं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को हिरासत से बाहर ले जाने के दौरान उसने भागने की कोशिश की थी। इसके बाद उसे रोकने के लिए पुलिस ने फायरिंग की।

    आशिक अली की आठ दिन की पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म होनी थी। रिमांड पूरी होने के बाद उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी यानी CJM की अदालत में पेश किया जाना था। पुलिस फायरिंग की घटना रिमांड खत्म होने से कुछ घंटे पहले हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी को हिरासत से बाहर ले जाते समय उसने भागने की कोशिश की थी और इसी दौरान गोली चलाई गई।

    निमिषा ठाकुरिया की मौत का मामला 25 सितंबर को सामने आया था। धारापुर स्थित रुद्राक्ष होमस्टे से गुवाहाटी विश्वविद्यालय की छात्रा का शव बरामद हुआ था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, निमिषा अपने कथित प्रेमी आशिक अली के साथ होमस्टे गई थी। वहां एक कमरे के भीतर युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने आशिक अली को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की थी। इसके बाद उसे पुलिस रिमांड पर रखा गया।

    अब रिमांड खत्म होने से ठीक पहले आशिक अली के पुलिस फायरिंग में घायल होने से मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान हुई। घटना की परिस्थितियों को लेकर आगे की जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि उस समय वास्तव में क्या हुआ था। फिलहाल आशिक अली अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है और उसके दाहिने पैर में लगी दो गोलियों का इलाज किया जा रहा है।

  • जंतर-मंतर पर तीन महिला पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप, दिल्ली पुलिस ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी

    जंतर-मंतर पर तीन महिला पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप, दिल्ली पुलिस ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी

    नई दिल्ली ।दिल्ली के जंतर-मंतर पर तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। क्राइम ब्रांच अब संबंधित महिला पत्रकारों के बयान दर्ज करेगी और पूरे मामले की जांच करेगी। आरोप उस समय से जुड़ा है, जब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई की जा रही थी। महिला पत्रकारों में से एक ने दावा किया है कि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।

    एक महिला पत्रकार के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को पकड़ा जा रहा था। इसी दौरान उसने ACP विवेक भगत पर उसके सीने पर हाथ मारने और धक्का देकर वहां से चले जाने का आरोप लगाया। महिला पत्रकार का दावा है कि घटना के समय वहां महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। आरोप सामने आने के बाद मामले को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है, जो अब संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करेगी और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।

    मामले को लेकर CJP की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। CJP ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने यौन उत्पीड़न की शिकायत पर FIR दर्ज करने से इनकार किया। संगठन के अनुसार, पुलिस का कहना है कि FIR दर्ज करने से पहले CCTV फुटेज की जांच की जाएगी। CJP ने सवाल उठाया कि क्या पुलिस गंभीर शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय संबंधित ACP को बचाने की कोशिश कर रही है। इसी मुद्दे को लेकर CJP प्रवक्ता सौरव दास ने रविवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया।

    इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि जंतर-मंतर पर लगातार दो दिनों तक हुए प्रदर्शनों से जुड़ी है। 3 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी लगातार दूसरे दिन जंतर-मंतर पहुंचे थे। इनमें AISA समेत छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग शामिल थे। इस दौरान करीब 200 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इससे एक दिन पहले 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन के दौरान करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था। बाद में इनमें से कई लोगों को छोड़ दिया गया। दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर कम से कम तीन FIR भी दर्ज की थीं।

    इन प्रदर्शनों के पीछे चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद भी बताया गया है। SIR को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने कहा था कि ये फैसले और आदेश उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। इसके बाद SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए गए। आयोग ने कहा कि किसी संस्था में चर्चा के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य हैं। आयोग के अनुसार उसके सभी आदेशों को कानूनी आधार हासिल है और वे तय कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जारी किए गए हैं।

  • उज्जैन में शाही मस्जिद पर कार्रवाई से पहले पथराव, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, महिला थाना प्रभारी घायल हुईं

    उज्जैन में शाही मस्जिद पर कार्रवाई से पहले पथराव, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, महिला थाना प्रभारी घायल हुईं


    मध्यप्रदेश: 
    के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण को लेकर सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इसी दौरान विरोध कर रही भीड़ और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ गई। कुछ लोगों की ओर से पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

    शाही मस्जिद का हिस्सा सड़क चौड़ीकरण की योजना की जद में आ रहा है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी क्रम में प्रशासन की टीम शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी।

    कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। विरोध के दौरान टंकी चौराहे के आसपास स्थिति तनावपूर्ण हो गई। करीब 100 लोगों की भीड़ की ओर से मस्जिद परिसर में जाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने लोगों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

    स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद कुछ लोगों की ओर से पथराव जारी रहने की जानकारी सामने आई। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम को मौके पर स्थिति संभालने में मशक्कत करनी पड़ी।

    पथराव की घटना में क्राइम ब्रांच की थाना प्रभारी पुष्पा पांचाल घायल हो गईं। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की स्थिति को आगे बढ़ने से रोका जा सके।

    शाही मस्जिद को लेकर पिछले कुछ समय से विरोध की स्थिति बनी हुई थी। सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का विरोध मुस्लिम समुदाय की ओर से किया जा रहा था। सोमवार को प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान यह विरोध पथराव तक पहुंच गया।

    स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि लोगों को घबराने या डरने की जरूरत नहीं है। किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद है।

    प्रशासन और पुलिस की टीम ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी है। अधिकारियों की प्राथमिकता स्थिति को नियंत्रित रखना और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और माहौल खराब करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।

    सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी प्रक्रिया में शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाने को लेकर विरोध सामने आया है। सोमवार को कार्रवाई के दौरान हुए पथराव और उसके बाद आंसू गैस के इस्तेमाल से इलाके में तनाव बढ़ गया। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए निगरानी की जा रही है।

  • सोनीपत में खेत के कमरे में 32 वर्षीय महिला की हत्या, पति पर शराब के नशे में कस्सी से हमला करने का आरोप

    सोनीपत में खेत के कमरे में 32 वर्षीय महिला की हत्या, पति पर शराब के नशे में कस्सी से हमला करने का आरोप

    नई दिल्ली: हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव रहमाणा में 32 वर्षीय महिला की हत्या का मामला सामने आया है। महिला की पहचान राजवंती के रूप में हुई है। वह अपने पति और करीब 11 साल के बेटे के साथ एक किसान के खेत में बने कमरे में रह रही थी। आरोप है कि घरेलू विवाद के चलते उसके पति नरेश ने शराब के नशे में उस पर धारदार कृषि उपकरण कस्सी से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण महिला की मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी पति की तलाश की जा रही है।

    राजवंती और उसका पति नरेश मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। दोनों अपने बेटे के साथ सोनीपत के रहमाणा गांव में किसान राजेंद्र के खेत में बने कमरे में रह रहे थे। बताया गया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर घरेलू मामलों को लेकर विवाद होता रहता था। ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों शराब पीने के आदी थे और उनके बीच आए दिन कहासुनी होती थी।

    आरोप है कि घटना के समय नरेश शराब के नशे में था। घरेलू विवाद के दौरान उसने कथित तौर पर कस्सी से राजवंती पर हमला कर दिया। महिला के चेहरे, सिर और पेट पर कई वार किए गए। हमले में उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

    महिला की हत्या की सूचना मिलने पर मोहाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और वारदात से जुड़े तथ्यों की पड़ताल के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया।

    पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे घरेलू विवाद की बात सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर महिला के पति नरेश पर हत्या करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस घटनाक्रम की सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पुलिस प्रवक्ता रवींद्र कुमार के मुताबिक, गांव रहमाणा से महिला की हत्या की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में महिला के पति पर हत्या का आरोप सामने आया है। महिला पर किसी तेजधार हथियार से हमला किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी पति की तलाश की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान वारदात से जुड़े तथ्यों, घरेलू विवाद की परिस्थितियों और महिला की मौत के कारणों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

  • भोपाल के स्पा सेंटरों पर लगातार छापेमारी से बढ़ी हलचल, कथित देह व्यापार के नेटवर्क की पुलिस कर रही जांच

    भोपाल के स्पा सेंटरों पर लगातार छापेमारी से बढ़ी हलचल, कथित देह व्यापार के नेटवर्क की पुलिस कर रही जांच


    मध्य प्रदेश:
    की राजधानी भोपाल में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद पूरे मामले को लेकर जांच का दायरा बढ़ गया है। शहर में अब तक चार स्पा सेंटरों पर छापेमारी की जा चुकी है। इन कार्रवाइयों के दौरान कई युवक-युवतियों को संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने के बाद हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई ने इस बात की पड़ताल तेज कर दी है कि क्या अलग-अलग स्पा सेंटरों में सामने आई गतिविधियों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। साथ ही यह भी जांच का हिस्सा है कि इन सेंटरों में काम करने वाली युवतियां किस तरह यहां तक पहुंचीं और क्या उन्हें किसी समूह या गिरोह के माध्यम से जोड़ा गया था।

    भोपाल में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और संबंधित थाना पुलिस की टीमों ने अलग-अलग इलाकों में स्पा सेंटरों पर दबिश दी। होशंगाबाद रोड स्थित आशिमा मॉल के एक स्पा सेंटर, इंद्रपुरी क्षेत्र के एक अन्य स्पा सेंटर, एमपी नगर और दूसरे इलाकों में कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने मौके से कई लोगों को पकड़ा और उनके बारे में जानकारी जुटाने के साथ पूछताछ शुरू की।

    लगातार सामने आ रही कार्रवाइयों के बाद पुलिस अब केवल संबंधित स्पा सेंटरों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनसे जुड़े संभावित संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सेंटरों का संचालन किस तरह होता था, वहां काम करने वाले लोगों का आपस में क्या संपर्क था और क्या इन स्थानों के बीच कोई सीधा संबंध मौजूद है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में टीमों ने एक साथ दबिश दी और मौके से कई युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

    मामले में किसी बड़े रैकेट या गिरोह की मौजूदगी को लेकर भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के दौरान मिलने वाली जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन घटनाओं के पीछे कोई संगठित व्यवस्था है या फिर अलग-अलग स्थानों पर स्वतंत्र रूप से ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

    जांच का एक अन्य पहलू होटलों से सामने आए कुछ वीडियो भी हैं। पुलिस इन वीडियो की भी पड़ताल कर रही है, ताकि मामले से जुड़े लोगों और गतिविधियों के बीच संभावित संबंधों की जानकारी मिल सके। चार स्पा सेंटरों पर कार्रवाई के बाद जांच का दायरा बढ़ने से आने वाले समय में और लोगों से पूछताछ या अन्य कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

    फिलहाल पुलिस ने यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि भोपाल में सामने आए सभी मामलों के पीछे एक ही संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ, उपलब्ध जानकारी और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह सामने आएगा कि कथित गतिविधियों में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके बीच किस तरह का संपर्क था।

  • देहरादून पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 22 SI-ASI के तबादले, नई तैनाती पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश

    देहरादून पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 22 SI-ASI के तबादले, नई तैनाती पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश

    नई दिल्ली ।उत्तराखंड के देहरादून में पुलिस विभाग में फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 19 उपनिरीक्षक और दो अपर उपनिरीक्षक नागरिक समेत कुल 22 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। तबादला आदेश के तहत अधिकारियों को अलग-अलग थानों, चौकियों, शाखाओं और पुलिस लाइन से नई जगहों पर भेजा गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को नई तैनाती पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

    तबादला सूची के अनुसार उपनिरीक्षक दुर्गेश कोठियाल को वसंत विहार से कैंट भेजा गया है। उपनिरीक्षक ओमप्रकाश को कैंट से वसंत विहार में नई तैनाती मिली है। उपनिरीक्षक मनोहर सिंह रावत का डोईवाला से नेहरू कॉलोनी तबादला किया गया है। अपर उपनिरीक्षक देवेंद्र नेगी को पुलिस लाइन से पटेल नगर भेजा गया है, जबकि मनमोहन को पुलिस लाइन से क्लेमेंटाउन में तैनाती दी गई है।

    राजीव धारीवाल को सहसपुर से वसंत विहार भेजा गया है। मुकेश थलेड़ी का तबादला आईएसबीटी ऋषिकेश चौकी से पटेल नगर थाना किया गया है। प्रवीण पुंडीर को सहसपुर से पटेल नगर भेजा गया है। प्रमोद शाह को पटेल नगर से कोतवाली नगर में नई जिम्मेदारी दी गई है।

    दिनेश चमोली को पुलिस लाइन से आईएसबीटी ऋषिकेश चौकी भेजा गया है। रवि प्रसाद कवि का तबादला प्रेमनगर से एसआईएस शाखा किया गया है। अमन चड्ढा को कोतवाली नगर से एसआईएस शाखा भेजा गया है।

    सोमवीर को एसआईएस शाखा से रायपुर भेजा गया है। जसपाल गुसाईं को एसआईएस शाखा से सहसपुर में नई तैनाती मिली है। मुकेश नेगी को वसंत विहार से ऋषिकेश थाना भेजा गया है। विनेश कुमार को त्रिवेणीघाट चौकी से एम्स ऋषिकेश चौकी और देवेंद्र पंवार को एम्स ऋषिकेश चौकी से त्रिवेणीघाट चौकी भेजा गया है।

    इसके अलावा सचिन पुंडीर को पुलिस लाइन से डोईवाला भेजा गया है। मुकेश कुमार को प्रेमनगर से रायवाला और जगदंबा प्रसाद को रायवाला से प्रेमनगर में तैनाती दी गई है। चंद्रशेखर नौटियाल को विकासनगर से प्रेमनगर भेजा गया है। इस फेरबदल के तहत कई अधिकारियों के मौजूदा कार्यक्षेत्र बदलकर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    तबादला आदेश में अजय प्रकाश भट्ट से संबंधित पूर्व स्थानांतरण आदेश को भी निरस्त किया गया है। अजय प्रकाश भट्ट का पहले विकासनगर से कैंट तबादला किया गया था, लेकिन अब उस आदेश को रद्द कर दिया गया है।

    सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी नई तैनाती वाले स्थान पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करें। इसके तहत अधिकारियों को संबंधित थानों, चौकियों और शाखाओं में पहुंचकर अपनी नई जिम्मेदारी संभालनी होगी।

    पुलिस विभाग के इस फेरबदल में पुलिस लाइन से कई अधिकारियों को अलग-अलग थानों और चौकियों में भेजा गया है। वहीं कुछ अधिकारियों को एक थाना या शाखा से दूसरी जगह तैनात किया गया है। तबादला आदेश के साथ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के अनुसार काम संभालने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    इस फेरबदल में देहरादून शहर के साथ ऋषिकेश और आसपास के पुलिस क्षेत्रों से जुड़े अधिकारियों की तैनाती में भी बदलाव किया गया है। अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए जाने के बाद नई तैनाती प्रभावी हो गई है। साथ ही अजय प्रकाश भट्ट के पूर्व विकासनगर से कैंट स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर दिया गया है।

  • 17 साल की उम्र में जैकी श्रॉफ संग काम करने से नर्वस थीं करिश्मा कपूर, पुराने अनुभव को किया याद

    17 साल की उम्र में जैकी श्रॉफ संग काम करने से नर्वस थीं करिश्मा कपूर, पुराने अनुभव को किया याद

    नई दिल्ली ।अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने अपने शुरुआती फिल्मी करियर के दिनों को याद करते हुए जैकी श्रॉफ के साथ काम करने का अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने जैकी श्रॉफ के साथ 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘पुलिस ऑफिसर’ में काम किया था, तब वह केवल 17 साल की थीं। यह उनके करियर के शुरुआती दौर की फिल्म थी और उस समय बड़े अभिनेता के साथ काम करने को लेकर वह काफी नर्वस हो गई थीं।

    जैकी श्रॉफ एक डांस रियलिटी शो के पांचवें सीजन में बतौर अतिथि पहुंचे थे। इसी दौरान करिश्मा कपूर ने उनके साथ अपने पुराने अनुभव को याद किया। उन्होंने बताया कि ‘पुलिस ऑफिसर’ उनके शुरुआती प्रोजेक्ट्स में शामिल थी। यह फिल्म उन्होंने ‘प्रेम कैदी’ के बाद की थी और उस समय उनकी उम्र महज 17 वर्ष थी।

    करिश्मा ने फिल्म के एक बड़े डांस नंबर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म में ‘देखो ये लड़की करंट मारती है’ गाना था, जिसमें बड़ी संख्या में डांसर्स शामिल थे। उनके लिए यह अनुभव इसलिए भी अलग था क्योंकि पहली बार वह इतने सारे डांसर्स और किसी बड़े स्टार के साथ एक साथ काम कर रही थीं।

    अभिनेत्री ने बताया कि इस वजह से वह शूटिंग के दौरान काफी डरी हुई और नर्वस थीं। शुरुआती करियर में किसी बड़े अभिनेता के साथ काम करना और इतने बड़े डांस सीक्वेंस का हिस्सा बनना उनके लिए नया अनुभव था। उन्होंने जैकी श्रॉफ के साथ काम करने को सम्मान और खुशी का अवसर भी बताया।

    करिश्मा ने जैकी श्रॉफ के प्रति अपना सम्मान जताते हुए कहा कि उनके साथ काम करने का अनुभव हमेशा उनके लिए खास रहेगा। पुराने प्रोजेक्ट को याद करते हुए उन्होंने उस दौर की अपनी भावनाओं को भी साझा किया और बताया कि उस समय वह काफी घबराई हुई थीं।

    इस दौरान जैकी श्रॉफ ने भी करिश्मा कपूर की तारीफ की। उन्होंने उन्हें शानदार अभिनेत्री बताते हुए उनकी प्रतिभा और बहुमुखी क्षमता की प्रशंसा की। जैकी श्रॉफ ने कहा कि करिश्मा एक मल्टीटैलेंटेड कलाकार हैं और वह अलग-अलग तरह के काम कर सकती हैं।

    उन्होंने करिश्मा के साथ काम करने को अपने लिए भी सम्मान और खुशी का अनुभव बताया। जैकी श्रॉफ ने उनके परिवार का भी जिक्र किया और कहा कि यह परिवार फिल्म इंडस्ट्री का मजबूत हिस्सा रहा है। उन्होंने करिश्मा और उनके परिवार के प्रति अपना सम्मान और गर्व व्यक्त किया।

    करिश्मा कपूर और जैकी श्रॉफ ने वर्ष 1992 में आई फिल्म ‘पुलिस ऑफिसर’ में साथ काम किया था। फिल्म का निर्देशन अशोक गायकवाड़ ने किया था। इसमें अरुणा ईरानी और परेश रावल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे।

    फिल्म की कहानी जय नाम के एक ईमानदार और मेहनती पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी में जय की हत्या के बाद किशन नाम का एक ठग उसकी जगह लेता है। इसके बाद वह अपने भाई की मौत का बदला लेने की कोशिश करता है। फिल्म में करिश्मा और जैकी की जोड़ी भी उस दौर के दर्शकों के बीच चर्चा में रही थी।

  • बेटे के बोन मैरो मैच न होने से खुला महिला से दुष्कर्म का राज, मोरबी में आरोपी पार्षद पति फरार

    बेटे के बोन मैरो मैच न होने से खुला महिला से दुष्कर्म का राज, मोरबी में आरोपी पार्षद पति फरार


    नई दिल्ली ।
    गुजरात के मोरबी में एक महिला ने एक व्यक्ति पर कई वर्षों तक ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब महिला के कैंसर पीड़ित पति के इलाज के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की तैयारी की जा रही थी। परिवार के इकलौते बेटे का स्टेम सेल सैंपल लेकर पिता से मिलान कराया गया, लेकिन मेडिकल जांच में दोनों का बोन मैरो मैच नहीं हुआ। इसके बाद परिवार के सामने ऐसा मामला आया, जिसने महिला के लंबे समय से छिपे दर्द को उजागर कर दिया।

    बताया गया है कि इस घटना की शुरुआत करीब छह साल पहले वर्ष 2020 में हुई थी। महिला के पति को बोन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने का पता चला था। इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। पति के इलाज का खर्च जुटाने के लिए महिला ने महिलाओं के कपड़ों का कारोबार करने वाले शैलेश लक्ष्मण मकवाना से एक लाख रुपये उधार लिए थे।

    महिला का आरोप है कि जब वह समय पर कर्ज की रकम वापस नहीं कर सकी, तब शैलेश मकवाना ने उसकी आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया। आरोप के मुताबिक, आरोपी ने कर्ज की रकम लौटाने के लिए दबाव बनाया और महिला को डराने-धमकाने के साथ ब्लैकमेल किया। इसके बाद उसने कथित तौर पर महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म किया।

    महिला के मुताबिक, पति की बीमारी और परिवार की परिस्थितियों के कारण वह लंबे समय तक इस घटना के बारे में किसी को नहीं बता सकी। सामाजिक बदनामी और पति की नाजुक हालत के कारण उसने कथित तौर पर कई वर्षों तक यह बात अपने तक सीमित रखी।

    समय बीतने के साथ महिला के पति की हालत खराब होती गई। हाल ही में डॉक्टरों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट को इलाज का जरूरी विकल्प बताया। इसके लिए उनके बेटे का स्टेम सेल सैंपल लिया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पिता के लिए उपयुक्त है या नहीं। जांच के बाद जब बेटे का बोन मैरो पिता से मैच नहीं हुआ, तो परिवार में सवाल खड़े होने लगे।

    इसके बाद महिला ने पति और परिवार के सामने कथित दुष्कर्म की पूरी घटना बताई। महिला ने आरोप लगाया कि शैलेश मकवाना ने कर्ज और उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसे वर्षों तक प्रताड़ित किया और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।

    घटना सामने आने के बाद महिला ने मोरबी के ए-डिवीजन पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 9 सितंबर को मामले में एफआईआर दर्ज की। आरोपी शैलेश मकवाना मोरबी नगर निगम के वार्ड नंबर 8 की बीजेपी पार्षद का पति बताया गया है। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया।

    पुलिस उपाधीक्षक जे. एम. आल के मुताबिक, आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें बनाई गई हैं और कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

    मामले की जांच में अब वैज्ञानिक साक्ष्यों पर भी जोर दिया जा रहा है। पुलिस अदालत से अनुमति लेकर आरोपी शैलेश मकवाना और बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी में है। डीएनए जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • समस्तीपुर में लड़की से बदसलूकी का वीडियो वायरल, बांध बाइपास रोड पर घटना के बाद युवकों की पहचान में जुटी पुलिस

    समस्तीपुर में लड़की से बदसलूकी का वीडियो वायरल, बांध बाइपास रोड पर घटना के बाद युवकों की पहचान में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली /बिहार के समस्तीपुर में लड़की के साथ कथित बदसलूकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में कुछ युवक एक लड़की के साथ गाली-गलौज और कथित तौर पर गलत व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। लड़की से छेड़खानी और बैड टच करने का आरोप भी लगाया गया है।

    बताया गया है कि बुधवार शाम लड़की एक परिचित लड़के के साथ बांध बाइपास रोड से गुजर रही थी। रास्ते में वह कुछ देर के लिए रुकी और वहां फोटो लेने लगी। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंच गए। आरोप है कि युवकों ने लड़की के साथ बदसलूकी और छेड़खानी शुरू कर दी।

    घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची और पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी।

    जानकारी के मुताबिक, लड़की अपने एक परिचित युवक के साथ रास्ते से गुजर रही थी और कुछ समय के लिए वहां रुककर फोटो खींच रही थी। इसी दौरान कुछ युवक उसके पास पहुंचे और कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज करने लगे। वीडियो में युवकों का व्यवहार भी दिखाई दे रहा है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े वीडियो की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं।

    स्थानीय लोगों की ओर से यह बात सामने आई है कि वीडियो में नजर आ रहे युवक इसी गांव के रहने वाले हो सकते हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इस जानकारी की पुष्टि नहीं की है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही युवकों की पहचान और घटना से जुड़ी अन्य जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।

    पुलिस घटना वाली जगह के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना किस परिस्थिति में हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

    समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने मामले को गंभीर बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और उसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस वीडियो और घटना से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। युवकों की पहचान और मामले में उनकी भूमिका जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।