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  • सड़क पार करते समय मोबाइल देखना पड़ा भारी, विजयवाड़ा में बस की टक्कर से व्यक्ति की मौत, चालक हिरासत में

    सड़क पार करते समय मोबाइल देखना पड़ा भारी, विजयवाड़ा में बस की टक्कर से व्यक्ति की मौत, चालक हिरासत में

    नई दिल्ली । आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में सड़क सुरक्षा से जुड़ा एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसने एक बार फिर सड़क पर लापरवाही के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन पर सड़क पार कर रहे एक व्यक्ति की बस की चपेट में आने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय वह अपने मोबाइल फोन में व्यस्त था, जिसके कारण उसे पीछे से आ रहे वाहन का अंदाजा नहीं हो सका। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

    बताया गया कि व्यक्ति हाथ में थैला लिए सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान उसने अपनी जेब से मोबाइल फोन निकाला और उसमें देखने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसका पूरा ध्यान मोबाइल पर था, जिससे वह आसपास के ट्रैफिक पर नजर नहीं रख सका। कुछ ही क्षण बाद पीछे से आ रही बस ने उसे टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पीछे से आ रही दूसरी बस ने सड़क पर पड़े व्यक्ति को बचाते हुए अपना रास्ता बदला, जिससे एक और बड़ी दुर्घटना टल गई।

    घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बस चालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। साथ ही दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि मोबाइल फोन के उपयोग के कारण व्यक्ति का ध्यान सड़क और ट्रैफिक से हट गया था। हालांकि पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। वहीं बस चालक की भूमिका की भी विस्तार से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।

    इस घटना ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पार करते समय मोबाइल फोन का उपयोग, तेज आवाज में हेडफोन लगाना या ट्रैफिक पर ध्यान न देना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। पैदल यात्रियों को हमेशा निर्धारित स्थान से सड़क पार करनी चाहिए और दोनों ओर से आने वाले वाहनों की स्थिति सुनिश्चित करने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए।

    शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात के बीच सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों की ही नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों की भी समान जिम्मेदारी है। सतर्कता, ट्रैफिक नियमों का पालन और मोबाइल जैसी चीजों से ध्यान हटाकर सड़क पर पूरी एकाग्रता बनाए रखना ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि सड़क पर चलते या पार करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार के ध्यान भटकाने वाले व्यवहार से बचें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • बारुईपुर रेप-मर्डर केस में बड़ा घटनाक्रम, मुख्य आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर; पीड़िता को न्याय दिलाने की कार्रवाई तेज

    बारुईपुर रेप-मर्डर केस में बड़ा घटनाक्रम, मुख्य आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर; पीड़िता को न्याय दिलाने की कार्रवाई तेज

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची से कथित रेप और हत्या के मामले में मंगलवार देर रात बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल प्रवास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के अनुसार आरोपी को घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि और क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने कथित रूप से पुलिसकर्मियों से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    यह मामला उस समय सामने आया था जब बारुईपुर क्षेत्र से लापता हुई 12 वर्षीय बच्ची का शव एक तालाब से बोरी में बंद बरामद हुआ। प्रारंभिक जानकारी के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तथा कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए विशेष टीम का गठन किया और विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

    जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपियों की पहचान की। इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। शुरुआती स्तर पर दर्ज मामले में बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यौन अपराध से संबंधित गंभीर धाराएं भी जोड़ी गईं। इसके बाद जांच को और व्यापक रूप दिया गया ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सके।

    घटना ने पूरे क्षेत्र में गहरी चिंता और नाराजगी पैदा कर दी है। स्थानीय नागरिकों ने दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की मांग उठाई। प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की नियमित निगरानी शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।

    इस बीच राजनीतिक स्तर पर भी मामले को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कई नेताओं ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले ऐसे अपराधों के मामलों में त्वरित जांच और सख्त सजा ही समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत कर सकती है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठ रही है।

    राज्य सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में अभियोजन पक्ष को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपियों के खिलाफ कठोरतम दंड सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार जांच अभी जारी है और सभी आवश्यक वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र कर न्यायालय में मजबूत केस प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा संवेदनशील मामलों में त्वरित न्याय की आवश्यकता पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

  • UP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस का एक्शन, आरोपियों के घरों पर मारे छापे

    UP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस का एक्शन, आरोपियों के घरों पर मारे छापे


    लखनऊ।
    अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir offering theft case) में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. इस केस की जांच कर रही टीमों ने रविवार को अयोध्या में रहने वाले सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अपनी जांच में तेजी ला रही है, ताकि इस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों का पूरी तरह खुलासा हो सके. पुलिस इस मामले के हर एक पहलू को गहराई से देख रही है, जिससे सच्चाई सामने आ सके।

    जांच टीम ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अयोध्या में रहने वाले आरोपियों के घरों पर कार्रवाई की है. पुलिस की अलग-अलग टीमें अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, मनीष यादव, करुणेश पांडे और रमा शंकर मिश्रा के घर पहुंचीं. इन सभी ठिकानों पर पुलिस पूरी बारीकी से तलाशी ले रही है, ताकि केस से जुड़े अहम सबूत जुटाए जा सकें. जांच टीमें एक-एक घर के कोने खंगाल रही हैं ताकि कोई भी सबूत छूटने न पाए।


    दो नाम छोड़कर बाकी सभी के परिवारों से पूछताछ

    कार्रवाई के दौरान लोकल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस इन आरोपियों के परिवार के सदस्यों से कड़ी पूछताछ कर रही है. हालांकि, जांच टीम सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और प्रतापगढ़ के रहने वाले अविनाश शुक्ला को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों के परिजनों से सवाल-जवाब करने में जुटी है. साथ ही पुलिस आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों से भी इन आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. पुलिस यह जानना चाहती है कि इन लोगों की गतिविधियां पिछले कुछ समय में कैसी रही हैं।

    इस मामले की गहराई से जांच कर रही टीमें सिर्फ चोरी की कड़ियों को ही नहीं जोड़ रहीं, बल्कि आरोपियों की कमाई के जरियों का भी पता लगा रही हैं. अपराध के जरिए जो पैसा या संपत्ति जुटाई गई है, उसके सोर्स को ट्रेस किया जा रहा है. आरोपियों के पास मौजूद संपत्तियां कहां से आईं और उनके पास फंड कहां से आ रहा था, इसकी पूरी हिस्ट्री निकाली जा रही है. पुलिस बैंकों के खातों और लेन-देन की भी जांच कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि पैसे को कहां-कहां भेजा गया या किस काम में इस्तेमाल किया गया।

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए ये सभी आरोपी राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और कैश को गिनने के काम से जुड़े हुए थे. जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि इन्होंने वहीं से पैसों का हेरफेर किया. जांच टीमों ने अब तक इस मामले में करीब 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं. इस मामले में पुलिस ने चोरी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया है।

    यह बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई तीन सदस्यों की SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है. कोर्ट ने दो दिन पहले ही सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक के लिए जेल भेजा था. पुलिस सोमवार को इन सभी आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी. मामले की कड़ियों को जोड़ने और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस अदालत से इन सभी की कस्टडी रिमांड मांगेगी, ताकि बाकी की रकम और संपत्ति का भी पता लगाया जा सके।

  • बकरीद से पहले मुंबई में बढ़ा विवाद, कुर्बानी को लेकर सोसाइटी नियमों पर सियासी और सामाजिक बहस तेज

    बकरीद से पहले मुंबई में बढ़ा विवाद, कुर्बानी को लेकर सोसाइटी नियमों पर सियासी और सामाजिक बहस तेज

    नई दिल्ली । बकरीद से पहले मुंबई में कुर्बानी की व्यवस्था को लेकर विवाद और राजनीतिक हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। मीरा रोड क्षेत्र में एक आवासीय परिसर के आसपास उत्पन्न विवाद ने प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा को बढ़ा दिया है। घटना के बाद कई जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने प्रशासन को पत्र लिखकर आवासीय परिसरों और हाउसिंग सोसायटियों में कुर्बानी से जुड़ी व्यवस्थाओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और नियंत्रण की मांग की है। मामला अब स्थानीय विवाद से आगे बढ़कर प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक व्यवस्था के मुद्दे के रूप में सामने आ रहा है।

    बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर Bharatiya Janata Party के कई जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी चिंताएं रखी हैं। नेताओं ने आवासीय परिसरों में होने वाली गतिविधियों को लेकर व्यवस्था और अन्य निवासियों की सुविधा का मुद्दा उठाया है। प्रशासन को भेजे गए पत्र में मांग की गई है कि रिहायशी क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्थाओं के लिए स्पष्ट नियम और निगरानी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या तनावपूर्ण स्थिति से बचा जा सके।

    विवाद की शुरुआत मीरा रोड स्थित एक सोसायटी परिसर से जुड़ी बताई जा रही है, जहां एक अस्थायी ढांचे को स्थानीय निकाय द्वारा हटाए जाने के बाद स्थिति संवेदनशील हो गई। जानकारी के अनुसार यह ढांचा कुछ समय के लिए बनाया गया था और उसके संबंध में स्थानीय स्तर पर आपत्तियां भी दर्ज कराई गई थीं। इसके बाद कार्रवाई हुई, लेकिन बाद में उसी स्थान पर फिर गतिविधियां शुरू होने की कोशिश की गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की बात सामने आई।

    स्थिति देर शाम उस समय और तनावपूर्ण बताई गई जब दोनों पक्षों के लोगों के बीच बहस और फिर झड़प की स्थिति बन गई। घटना के दौरान एक युवक के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हमले को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस अभी पूरे घटनाक्रम की पुष्टि और तथ्यों के सत्यापन की प्रक्रिया में जुटी हुई है।

    घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। स्थानीय पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचने की जरूरत है और तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

    प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता फिलहाल क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के दौरान संवेदनशील मामलों में समन्वय और स्पष्ट नियमों की आवश्यकता को भी इस घटना ने एक बार फिर सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से इस विषय पर अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

  • लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कला इलाके में स्थित एक पुराने ढांचे को लेकर जारी विवाद

    लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कला इलाके में स्थित एक पुराने ढांचे को लेकर जारी विवाद



    नई दिल्ली। एक बार फिर तनाव का कारण बन गया है। स्थानीय स्तर पर इस स्थल को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिनकी वजह से इलाके में सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता बढ़ गई है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन सख्त कदम उठाते हुए किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन पर रोक लगा दी है और पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार को कुछ संगठनों ने इस विवादित स्थल पर सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा के आयोजन का ऐलान किया था। वहीं दूसरी ओर, इसी क्षेत्र में बकरीद की नमाज को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बन गई थी। दोनों ही पक्षों की गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई और तत्काल प्रभाव से दोनों धार्मिक कार्यक्रमों को अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

    स्थानीय स्तर पर यह विवाद काफी पुराना बताया जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि यह स्थान ऐतिहासिक रूप से एक प्राचीन किले का हिस्सा रहा है, जिसे बाद में धार्मिक स्थल के रूप में उपयोग किया गया। वहीं दूसरी ओर कुछ समुदायों का दावा है कि यह स्थल लंबे समय से धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। इन्हीं विरोधाभासी दावों के कारण यहां समय-समय पर तनाव की स्थिति उत्पन्न होती रही है।

    पिछले दिनों इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पासी समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने इसे महाराजा कंस पासी का प्राचीन किला बताते हुए ऐतिहासिक पहचान से जोड़ने की बात कही। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में पुराने गजेटियर और स्थानीय परंपराओं का भी हवाला दिया। इसके बाद क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों और प्रतीकात्मक आयोजनों को लेकर माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया।

    इसी विवाद के चलते पुलिस ने ‘लाखन आर्मी’ नामक संगठन के कुछ सदस्यों पर मामला दर्ज किया था, जिसके बाद संगठन ने विरोध प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी थी। संगठन के प्रमुख ने आरोप लगाया है कि उनके समुदाय की ऐतिहासिक पहचान को नजरअंदाज किया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे हैं।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और खुफिया इकाइयों को सक्रिय कर दिया है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और किसी भी तरह की भीड़ जुटने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता क्षेत्र में शांति बनाए रखना है और किसी भी तरह की भड़काऊ गतिविधि को रोकना है। साथ ही दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश भी की जा रही है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

    कसमंडी कला का यह मामला अब केवल एक स्थानीय विवाद न रहकर संवेदनशील सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह तनाव और बढ़ सकता है, इसलिए एहतियाती कदम उठाना जरूरी था।

  • मेरठ में वलीमा फायरिंग कांड के इनामी बदमाशों का एनकाउंटर, तीन घायल गिरफ्तार पुलिस मुठभेड़ में बदमाशों के पैर में लगी गोली, हेड कांस्टेबल भी घायल

    मेरठ में वलीमा फायरिंग कांड के इनामी बदमाशों का एनकाउंटर, तीन घायल गिरफ्तार पुलिस मुठभेड़ में बदमाशों के पैर में लगी गोली, हेड कांस्टेबल भी घायल



    मेरठ। मेरठ में वलीमा समारोह के दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में फरार चल रहे 25-25 हजार के इनामी बदमाशों का पुलिस ने एनकाउंटर में पकड़ लिया है। यह कार्रवाई शनिवार तड़के लोहिया नगर और परतापुर पुलिस तथा स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में की गई, जिसमें तीनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    घटना मेरठ के स्टार हेरिटेज मंडप में हुई थी, जहां पुरानी रंजिश के चलते बदमाशों ने वलीमा की दावत के दौरान करीब दस राउंड फायरिंग की थी। इस हमले में एक मासूम समेत तीन लोग घायल हो गए थे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी।

    शनिवार तड़के पुलिस टीम बजौट में अंडरपास के पास चेकिंग कर रही थी, तभी बाइक सवार तीन संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी जुनैद उर्फ काला और हरीश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि उनका साथी सुहेल मौके से भाग निकला।

    फरार आरोपी सुहेल को बाद में परतापुर पुलिस ने घेर लिया। खुद को घिरता देख उसने भी पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में उसके पैर में गोली लगी और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस पूरी मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल मोहित कुमार भी घायल हो गए।

    पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से अवैध हथियार, कारतूस और बाइक बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने वलीमा समारोह में रंजिश के चलते फायरिंग की थी, जिसमें राजा, इरफान और दो वर्षीय मासूम हम्माद घायल हुए थे।

    फिलहाल तीनों आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है। इस एनकाउंटर के बाद इलाके में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।

  • MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा

    MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी और कार्रवाई करने वाली टीम, दोनों एक ही विभाग के हैं. पुलिस विभाग (Police Department.) के भीतर ही चले इस ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ (‘Cleanup Operation’) में एक कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

    पूरा मामला एक मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे आपसी विवाद से शुरू हुआ था. आरोप है कि जब फरियादी किरायेदार मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचा, तो कोहेफिजा थाने में तैनात कांस्टेबल यशपाल तोमर ने उसके पक्ष में कार्रवाई करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।


    कमिश्नर तक पहुंची बात

    किरायेदार ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर ने तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए. कमिश्नर के निर्देश पर एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया: जैसे ही कांस्टेबल और एफआरवी ड्राइवर ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीपी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।


    कोहेफिजा थाना अब जांच के दायरे में

    इस घटना ने पूरे थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कमिश्नर के सख्त रुख के बाद अब कोहेफिजा थाने के अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. यह देखा जा रहा है कि क्या इस वसूली रैकेट में अन्य सीनियर या जूनियर अधिकारी भी शामिल थे।

  • MP: इंदौर में रोड पर लावारिश पड़े मिले 3 बैगों से 2.83 करोड़ रुपये कैश बरामद, जांच में जुटी पुलिस

    MP: इंदौर में रोड पर लावारिश पड़े मिले 3 बैगों से 2.83 करोड़ रुपये कैश बरामद, जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में इंदौर (Indore) के सांवेर-उज्जैन रोड (Sanwer-Ujjain Road) पर गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे पड़े तीन लावारिस बैगों (Unclaimed bags) से करोड़ों रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद हुई. बैगों में 500 रुपये के नोटों की सैकड़ों गड्डियां मिलीं, लेकिन जांच में सामने आया कि कई गड्डियों में असली नोटों के साथ नकली नोट और रंगीन कागज भी रखे गए थे।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. दरअसल इंदौर जिले के सांवेर-उज्जैन रोड स्थित भुट्टा चौराहे के पास गुरुवार सुबह एक संदिग्ध मामला सामने आया. सड़क किनारे पेड़ के नीचे रखे तीन लावारिस बैगों को देखकर स्थानीय किसान को शक हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बैगों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. जब बैग खोले गए तो उनके अंदर 500 रुपये के नोटों की बड़ी संख्या में गड्डियां मिलीं. शुरुआती अनुमान के मुताबिक कुल रकम करीब 2 करोड़ 83 लाख रुपये बताई जा रही है. हालांकि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गड्डियों के ऊपर रखे कुछ नोट असली दिखाई दे रहे थे, लेकिन अंदर नकली नोटों के साथ रंगीन सादे कागज भरे गए थे।

    आशंका जताई जा रही है कि किसी बड़ी ठगी या अवैध लेनदेन के लिए इन बैगों को तैयार किया गया होगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है. हाईवे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बैग वहां कौन छोड़कर गया और इसके पीछे क्या मकसद था. फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध नोटों को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

  • विवाद से वारदात तक, ग्वालियर में फायरिंग कांड ने पूरे इलाके को दहला दिया

    विवाद से वारदात तक, ग्वालियर में फायरिंग कांड ने पूरे इलाके को दहला दिया

    ग्वालियर में एक साधारण सा दिखने वाला विवाद अचानक इतना खतरनाक रूप ले लेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। मुरार थाना क्षेत्र के बड़ा गांव खुरैरी इलाके में देर रात जो हुआ, उसने पूरे क्षेत्र को दहशत और सन्नाटे में बदल दिया। एक छोटी सी बात, जो घूरकर देखने को लेकर शुरू हुई थी, धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि मामला सीधे जानलेवा हिंसा तक पहुंच गया।

    रात का समय था, करीब साढ़े ग्यारह बजे के आसपास, जब इलाके में अचानक तनाव बढ़ने लगा। पहले कहासुनी हुई, फिर दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि पथराव शुरू हो गया। माहौल पहले ही गर्म हो चुका था, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई।

    इसी दौरान एक पक्ष की ओर से रायफल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि लगातार कई राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए अपने घरों में छिप गए और सड़कें अचानक खाली हो गईं।

    इस फायरिंग में रमेश कुशवाह की मौके पर ही मौत हो गई। गोली लगने के बाद वह भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह बच नहीं सके। उनके परिवार पर भी इस घटना का बड़ा असर पड़ा, क्योंकि उनकी पत्नी और दो बेटे भी गोलीबारी की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार एक बेटे की हालत काफी गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। परिवार पर अचानक आए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया गया। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि विवाद की जड़ एक मामूली कहासुनी थी, लेकिन इसके पीछे पुरानी रंजिश की आशंका भी जताई जा रही है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनाव की स्थिति रही है, जो समय-समय पर टकराव में बदलती रही है।

    पुलिस के अनुसार फायरिंग करने वाले कुछ लोगों की पहचान हो चुकी है और उनकी तलाश की जा रही है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इलाके में किसी भी तरह की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात कर दिया गया है।

    यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटे विवाद किस तरह बड़े अपराध में बदल सकते हैं और कैसे एक पल का गुस्सा कई जिंदगियों को प्रभावित कर देता है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और पुलिस हर पहलू को गंभीरता से देख रही है।

  • MP: कटनी में शादी समारोह के दौरान हिंसक झड़प….. पुलिस का बारातियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज

    MP: कटनी में शादी समारोह के दौरान हिंसक झड़प….. पुलिस का बारातियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज


    कटनी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कटनी जिले (Katni district) में सोमवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक शादी समारोह के दौरान पुलिस और बारातियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज (Brutal lathicharge) की, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित करीब 14 लोग घायल हुए हैं। मंगलवार को पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई।


    ​देरी से पहुंची थी बारात, चौराहे पर हुआ विवाद

    ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैहर जिले के ग्राम अमदरा निवासी सीताराम बर्मन के परिवार की बारात कटनी के इंदिरा नगर आ रही थी। दूल्हे की गाड़ी रास्ते में खराब होने के कारण बारात करीब दो घंटे देरी से पहुंची। रात करीब 1:30 बजे जब बारात वधु पक्ष के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर थी, तभी कुठला थाने की पुलिस और 112 वाहन मौके पर पहुंचे।

    ​शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी संवाद के बारातियों को धक्का देना शुरू कर दिया। जब बारातियों ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। शुरुआती झड़प के बाद पुलिस वहां से चली गई, लेकिन कुछ देर बाद भारी बल के साथ वापस लौटी और कथित तौर पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

    ​दुल्हन के भाई और चाचा के हाथ टूटे, दूल्हा-दुल्हन को ले गए थाने
    ​पीड़ित पक्ष ने बताया कि पुलिस ने घर के अंदर घुसकर मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आईं महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। मारपीट में दुल्हन के भाई आकाश चौधरी और दूल्हे के चाचा सहित कई लोगों के हाथ फैक्चर हो गए हैं, वहीं कुछ के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।

    ​हैरानी की बात यह रही कि पुलिस रात करीब 2:30 बजे दूल्हा, दुल्हन और दुल्हन के भाई को अपने साथ ले गई, जिसके कारण वैवाहिक रस्में बीच में ही रुक गईं। मंगलवार सुबह 4:00 बजे उन्हें छोड़ा गया, जिसके बाद शादी संपन्न हो सकी।


    बारातियों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां

    ​इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी लाठियां चलाते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाराती भी आक्रोश में बर्तन फेंकते और बहस करते दिखाई दे रहे हैं। घायलों में संजय, मनोज, आकाश, रमेश, सुमन बाई, राजकुमार, अजय और भगवती चौधरी शामिल हैं। इनमें से 8 लोगों को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक्सरे और सीटी स्कैन की सलाह दी है।

    ​मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ितों ने आवेदन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने न केवल मारपीट की, बल्कि अभद्र गालियों का प्रयोग कर मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख दिया।

    ये वीडियो मध्य प्रदेश के कटनी जिले के हैं। यहां एक शादी समारोह में पुलिस और बारातियों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। पुलिस के लाठीचार्ज में महिलाओं, बच्चों सहित 14 लोगों के घायल होने की सूचना है।

    इस संबंध में सी.एस.पी. नेहा पच्चीसिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कल इनका आपस में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद डायल 112 को कॉल करके बुलाया गया। वहाँ मौजूद बहुत से लोग नशे की हालत में थे। जब पुलिस उन्हें समझा रही थी, उसी दौरान बारातियों की तरफ से पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया गया। ​घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिन्होंने इस कृत्य में शामिल व्यक्तियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देशों के परिपालन में जब पुलिस बारात स्थल पहुँची, तब वहाँ मौजूद लोगों ने पत्थरबाजी और गाली-गलौज करते हुए पुलिस के साथ मारपीट कर दी। इस घटना में चार से पांच पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं।