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  • युवा विधायक सम्मेलन का समापन, उप सभापति बोले- युवाओं की सक्रियता से पूरा होगा विकसित भारत का सपना

    युवा विधायक सम्मेलन का समापन, उप सभापति बोले- युवाओं की सक्रियता से पूरा होगा विकसित भारत का सपना


    भोपाल । उप सभापति राज्यसभा हरिवंश सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत चुनौतियों से निपट कर नया इतिहास बना रहा है और आने वाली सदी भारत की होगी। इसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच के साथ कार्य करना आवश्यक है। उप सभापति राज्यसभा सिंह मंगलवार को मप्र विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन (राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी एवं विकसित भारत@2047 में विधायकों की भूमिका पर विचार व्यक्त किये गये।

    उप सभापति राज्यसभा सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि युवा देश का इतिहास, दिशा और भविष्य बदल सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रियता से ही पूरा होगा। भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में विकास की यही गति जारी रही तो वर्ष@2047 के पहले भी भारत विकसित राष्ट्र बन सकता है।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि विकसित भारत@2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवा विधायकों को समसामयिक परिस्थितियों में देश के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना होगा। नेतृत्व विकास के लिए सकारात्मक सोच और अनुशासन से कार्य करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने युवा विधायकों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत@2047 का विजन केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। युवा विधायक चुनौतियों का समाधान कर अपनी नेतृत्व क्षमता का नवाचार में उपयोग करें। युवा नेतृत्व समाज की सोच में परिवर्तन ला सकता है। सुशासन के क्षेत्र में प्रयास हों और विकास को जनआंदोलन बनाया जाये। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना अनिवार्य है। तोमर ने बताया कि युवा विधायकों ने टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर एनर्जी, शिक्षा गुणवत्ता, अधोसंरचना, जनसंवाद और जनकल्याण पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने युवा विधायकों को सीख दी कि अध्ययन का विशेष महत्व होता है और विद्यार्थी भाव सदैव बना रहना चाहिए।

    कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसेासिएशन इंडिया रीजन के डॉ. राहुल कराड़ ने कहा कि हर विधानसभा में इस तरह के सम्मेलन किये जाना चाहिए। समाज का रूख बदलने में विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विधायक अपने-अपने क्षेत्र के ब्रांड एम्बेसेडर होते है। उन्होंने ट्रेनिंग और एजुकेशन के साथ एआई के महत्व को भी बताया।

    सम्मेलन में विधानसभा के सात दशक पर केन्द्रित विधायिनी पत्रिका का विमोचन हुआ। विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय, संतोष वरवडे, रामसिया भारती, छत्तीसगढ़ से श्रीमती विद्यावती सिदार, राजस्थान से थावर चंद सहित अन्य विधायकों ने विचार व्यक्त किये। दो दिवसीय सम्मेलन में तीन राज्यों के लगभग 40 विधायकों ने सम्मेलन में दिए गए विषयों पर अपने वक्तव्य दिए।

    कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय सहित अन्य पदाधिकारी एवं युवा विधायक मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में विधानसभा के सचिव अरविन्द शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

  • बिहार में MP-राजस्थान जैसा प्रयोग नहीं चाहती है JDU…. CM नीतीश के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा शुरू

    बिहार में MP-राजस्थान जैसा प्रयोग नहीं चाहती है JDU…. CM नीतीश के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा शुरू


    पटना।
    बिहार की राजनीति (Politics of Bihar) में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) के संभावित इस्तीफे को लेकर अटकलें जारी हैं। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party- BJP) को उम्मीद थी कि 26 मार्च को उनकी “समृद्धि यात्रा” समाप्त होने के बाद वह पद छोड़ देंगे, लेकिन जनता दल (यूनाइटेड) (Janata Dal (United) ने इस प्रक्रिया को लेकर जल्दबाजी नहीं दिखाई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जेडीयू इस समय को रणनीतिक रूप से इस्तेमाल कर रही है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मुख्यमंत्री के उत्तराधिकारी के चयन में उसे पूरी तरह विश्वास में लिया जाए। पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह भाजपा द्वारा मध्य प्रदेश और राजस्थान की तरह अचानक किसी कम चर्चित नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने जैसे प्रयोग नहीं चाहती है।

    बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रभारी विनोद तावड़े पटना में मौजूद हैं और राज्य के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। इसे सत्ता परिवर्तन की तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति संसद के उच्च सदन यानी कि राज्यसभा के लिए निर्वाचित होता है तो उसे 14 दिनों के भीतर राज्य विधानसभा की सदस्यता छोड़नी होती है। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो उसकी राज्यसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो सकती है।


    नीतीश कब तक देंगे इस्तीफा?

    बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने संकेत दिया है कि नीतीश कुमार 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। वहीं जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नीतीश कुमार के करीबी संजय झा ने कहा है कि 14 दिन के नियम का पूरी तरह पालन किया जाएगा। नीतीश कुमार के 13 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने की संभावना है।


    कौन होगा नीतीश का उत्तराधिकारी?

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद के उत्तराधिकारी को लेकर बीजेपी में कई नामों पर चर्चा हो रही है, लेकिन जेडीयू ने स्पष्ट कर दिया है कि अगला मुख्यमंत्री वही होना चाहिए, जो नीतीश कुमार की पसंद का हो। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाला होना चाहिए और उनकी राजनीति की शैली को बनाए रखना जरूरी है।


    जेडीयू ने भाजपा के सामने रखी शर्तें

    जेडीयू ने यह भी जोर दिया है कि सरकार की सामाजिक संरचना में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। साथ ही पार्टी चाहती है कि नया नेता नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी विश्वास में लेकर चले, जो अब राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि बिहार की राजनीतिक परिस्थिति मध्य प्रदेश या राजस्थान से अलग है, जहां बीजेपी ने अचानक मुख्यमंत्री के नाम घोषित कर सभी को चौंका दिया था। बिहार में समाजवादी विचारधारा की गहरी जड़ें हैं और एनडीए के सहयोगी दलों को भी पूरी तरह विश्वास में लेना जरूरी है।


    मंत्रिमंडल के फॉर्मूले में भी बदलाव संभव

    जेडीयू ने यह भी संकेत दिया है कि यदि उसे गठबंधन में जूनियर पार्टनर की भूमिका निभानी पड़ी तो वह मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी के मौजूदा फार्मूले की समीक्षा और विधानसभा अध्यक्ष पद की मांग कर सकती है। पार्टी का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से जेडीयू कमजोर नहीं होगी, बल्कि वह बिहार की राजनीति में और अधिक समय दे पाएंगे।

    वहीं बीजेपी की ओर से इस मुद्दे पर सतर्क प्रतिक्रिया दी गई है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि एनडीए के सभी सहयोगियों की सहमति से सत्ता का सुचारु हस्तांतरण होगा। कुल मिलाकर बिहार में सत्ता परिवर्तन को लेकर सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और जेडीयू व बीजेपी के बीच तालमेल इस पूरी प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

  • Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना

    Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना



    नई दिल्ली । मार्च की शुरुआत होते ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ते हुए 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। राजस्थान के अकोला में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तेज गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मार्च की गर्मी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले करीब 50 वर्षों में मार्च के पहले ही सप्ताह में दर्ज सबसे अधिक तापमान है। दिन के समय तेज धूप के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में जब तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंच जाता है और सामान्य से 4-6 डिग्री अधिक होता है, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है। ऐसे समय लोगों को लू लगने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

    हालांकि, आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में राहत मिल सकती है। 8 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा, गांदरबल, बांदीपोरा और अनंतनाग में भी हल्की बर्फबारी हो सकती है।

    इसके अलावा सिक्किम, ओडिशा और केरल में बारिश के आसार हैं। पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग ने लोगों से आगाह किया है कि तेज धूप में घर से बाहर निकलते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं, पर्याप्त पानी पीएं और बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। इस मार्च की गर्मी ने देशभर में गर्मी की शुरुआती चेतावनी दे दी है और आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखना जरूरी है।

  • राजस्थान के बालोतरा में भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत

    राजस्थान के बालोतरा में भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत


    जोधपुर/बालोतरा।
    जोधपुर संभाग के बालोतरा जिले के सरवड़ी गांव में नेशनल हाईवे-25 पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए, जिन्हेें बाद में जोधपुर रेफर किया गया। बस में ज्यादातर सवारियां जालोर और सांचौर की थीं। ट्रेलर-स्लीपर बस भिड़ंत इतनी भीषण थी कि बस का ड्राइवर साइड की तरफ का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बस में सवार यात्रियों के शव लटके नजर आए। तीन और छह साल के दो सगे भाइयों के सिर धड़ से अलग हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

    हादसे में सांचौर निवासी अनुशा (22) पुत्री भगवाना राम दाता और जोधपुर में वाणिज्य कर विभाग में एलडीसी के पद पर तैनात नरपत (30) पुत्र सदराम की भी मौत हो गई। दोनों होली की छुट्टी पर गांव आ रहे थे। सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस की मदद से कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया, जहां से 8 घायलों को जोधपुर रेफर कर दिया गया। शवों को बालोतरा के नाहटा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया।

    बालोतरा एसडीएम अशोक कुमार ने बताया कि हादसा शाम चार बजे का है। बस जोधपुर से सांचौर की ओर जा रही थी, जबकि ट्रेलर जोधपुर की ओर आ रहा था। बस ड्राइवर आगे चल रही दो गाडिय़ों को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान सामने से आ रहे ट्रेलर से ड्राइवर साइड का हिस्सा टकरा गया।

    हादसे में मृत 5 लोगों की पहचान नरपत (50) निवासी चितलवाना (जालोर), नगाराम (38) निवासी सायला (जालोर), अनुशा (22) निवासी दांता (जालोर), शिवराज (3) और युवराज (6) पुत्र धारूराम निवासी बागोड़ा (जालोर) के रूप में हुई है। शिवराज और युवराज सगे भाई थे।

  • राजस्थानः पूर्व MP ने मुस्लिम महिला को नाम पूछने के बाद कंबल देने से किया इनकार…. कही ये बात

    राजस्थानः पूर्व MP ने मुस्लिम महिला को नाम पूछने के बाद कंबल देने से किया इनकार…. कही ये बात


    जयपुर।
    राजस्थान (Rajasthan) के टोंक-सवाई माधोपुर के पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया (Former BJP MP Sukhbir Singh Jaunapuria) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जौनापुरिया एक कंबल वितरण कार्यक्रम (Blanket Distribution Program) में नजर आ रहे हैं। इसमें वह एक महिला से उसका नाम पूछते हैं। वह मुस्लिम महिला जब अपना नाम बताती है तो सुखबीर सिंह जौनापुरिया उसे कंबल नहीं देने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। वह कह रहे हैं कि जो मोदी को गाली देता है उसे कंबल लेने का हक नहीं है।


    कंबल वितरण कार्यक्रम में पहुंची थीं महिलाएं

    एक रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को निवाई क्षेत्र के करेड़ा बुजुर्ग गांव के सीताराम जी मंदिर में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें आसपास के गांवों से महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंची थीं। मौके पर बैठी महिलाओं को पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया की ओर से कंबल बांटा जा रहा था। सभी महिलाएं कंबल पाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान एक हैरान करने वाला वाकया होता है।


    पूछा नाम, बोले- जो मोदी को गाली देता है, उसे नहीं

    इसी दौरान पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया एक महिला से कहते हैं क्या नाम है तेरा.. महिला अपना नाम सकुरान खान बताती है। इस पर जौनापुरिया कहते हैं तुम एक तरफ हट जाओ। वायरल वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं कि जो मोदी को गाली देता है, उसे कंबल लेने का हक नहीं है। बताया जाता है कि इसके बाद मौके पर पहुंची अन्य महिलाओं को भी कंबल नहीं दिया जाता है। यही नहीं मुस्लिम महिलाओं को दिए कंबल वापस ले लिए जाते हैं।


    बताया निजी कार्यक्रम

    इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस पर लोगों तरह तरह की प्रतिक्रियाएं देते नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि मौके पर कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई तो जौनापुरिया ने इसे निजी कार्यक्रम बताकर उन्हें शांत करा दिया। वीडियो में वह कहते दिख रहे हैं कि कंबल बांटना उनका खुद का कार्यक्रम है। वहीं मुस्लिम महिलाओं का कहना था कि इस व्यवहार से वे अपमानित महसूस कर रही हैं।

  • राजस्थान बजट सत्र में BJP विधायक के विवादित बयान ने मचाया हंगामा: 'BJP सरकार ने छोरा, गहलोत ने छोरी पैदा की'

    राजस्थान बजट सत्र में BJP विधायक के विवादित बयान ने मचाया हंगामा: 'BJP सरकार ने छोरा, गहलोत ने छोरी पैदा की'


    नई दिल्ली । राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक बार फिर सियासी और सांस्कृतिक विवाद उभर गया है। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक बहादुर सिंह कोली ने सदन में एक विवादित बयान देते हुए बजट की तुलना ‘बेटे’ और ‘बेटी’ से कर दी। बहादुर सिंह कोली जो भरतपुर जिले से विधायक और पूर्व लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं ने कहा कि भजनलाल शर्मा की बीजेपी सरकार का बजट छोरा था जबकि अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार का बजट ‘छोरी’ था और इसी वजह से कांग्रेस चुनाव में हार गई।

    बीजेपी विधायक ने बजट सत्र के दौरान रात करीब 8 बजे सदन में कहा हमारी सरकार ने पहले बजट में छोरा पैदा किया फिर दूसरे और तीसरे बजट में भी छोरा पैदा किया। जो जवानी में छोरा पैदा करता है वह हमेशा काम आता है। जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे उन्होंने अपने आखिरी बजट में घोषणाएं कीं लेकिन छोरा नहीं पैदा हुआ छोरी पैदा हुई और इसी वजह से आप विपक्ष में बैठे हैं। इस बयान ने सदन में मौजूद सदस्यों को झकझोर दिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया।

    कांग्रेस ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी के अनुसार यह बयान लड़कों और लड़कियों में भेदभाव को दर्शाता है और सदन में इस तरह की संवेदनहीन टिप्पणी देना महिलाओं के प्रति पक्षपात को उजागर करता है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने कहा कि बीजेपी विधायक के इस बयान ने उनकी पार्टी की सोच को सार्वजनिक कर दिया है। बीजेपी के लोग महिलाओं को लेकर क्या सोच रखते हैं यह अब साफ हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के प्रति नजरिए को हल्के में दिखाने वाले हैं।

    वहीं बीजेपी की तरफ से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने बहादुर सिंह कोली के बयान की व्याख्या करते हुए कहा कि विधायक बजट पर चर्चा कर रहे थे और कांग्रेस केवल हंगामा कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी और हमारी सरकार बेटियों का सम्मान करती है और उन्हें देवी स्वरूप में पूजती है। मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि भाजपा सरकार ने संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने का काम किया है और महिलाओं के सम्मान को सर्वोपरि माना जाता है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह बयान न केवल बजट सत्र में विवाद पैदा करने वाला है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है। महिलाओं और लड़कियों के प्रति राजनीतिक दलों की सोच पर भी बहस छिड़ा है। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह केवल बजट पर व्यंग्य था जबकि विपक्ष इसे महिलाओं के प्रति पक्षपातपूर्ण टिप्पणी मान रहा है। यह घटना राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर सकती है।

    कुल मिलाकर बहादुर सिंह कोली के बयान ने विधानसभा में बहस का नया मुद्दा खड़ा किया है जहां बजट पर चर्चा के दौरान संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को भी राजनीति की भेंट चढ़ाया गया। बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और प्रतिक्रिया जारी रही और राज्य की सियासत में यह विवाद केंद्र में बन गया।

  • Rajasthan: दौसा में भीषण सड़क हादसा…. तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, शादी से लौट रहे 6 दोस्तों की मौत

    Rajasthan: दौसा में भीषण सड़क हादसा…. तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, शादी से लौट रहे 6 दोस्तों की मौत


    दौसा।
    राजस्थान के दौसा (Dausa, Rajasthan) में मंगलवार रात एक भयानक हादसा हो गया। एनएच-2 पर एक तेज रफ्तार कार (High Speed Car) ने नियंत्रण खोने के बाद ट्रेलर में टक्कर मार दी। भीषण हादसे में छह दोस्तों (Six Friends) की मौत हो गई। सभी एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे।

    हादसा जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर कैलाई गांव के पास रात करीब 11 बजे हुआ। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर सामने से आ रहे ट्रेलर में जा घुसी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रेलर में फंस गया और उसे क्रेन की मदद से बाहर निकालना पड़ा। कार में सवार सभी 6 युवक दौसा जिले के कालाखो गांव के रहने वाले थे। वे आभानेरी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे।

    समारोह से लौटते समय जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर उनकी कार तेज गति में थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार अचानक अनियंत्रित हुई, डिवाइडर पार कर गई और दूसरी लेन में सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने के लिए क्रेन मंगवाई गई। कड़ी मशक्कत के बाद कार को ट्रेलर से अलग किया गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।


    चार की सिकंदरा अस्पताल में और दो की दौसा में मौत

    सिकंदरा अस्पताल में डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य गंभीर रूप से घायल युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद दौसा जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से एक युवक ने दौसा में दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह हादसे में कुल छह युवकों की जान चली गई।


    23 से 26 साल के सभी दोस्त

    मृतकों की पहचान समय सिंह (25) पुत्र राम सिंह योगी, लोकेश (24) पुत्र गोवर्धन योगी, दिलखुश (24) पुत्र बनवारी योगी, मनीष (23) पुत्र हरिमोहन योगी, अंकित (26) पुत्र लालाराम बैरवा और नवीन (23) के रूप में हुई है।


    हादसे के बाद मचा कोहरा

    घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। एक साथ छह युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। देर रात ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए।

  • मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी

    मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी


    नई दिल्ली। उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक बारिश होने के संकेत मिले हैं। इस बदलाव से जहां कुछ इलाकों में ठंड से राहत मिली है, वहीं कई जगह ठिठुरन फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और राजस्थान में आने वाले तीन दिन मौसम अस्थिर रहेंगे। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के कारण ठंड का असर तेज हो गया है। शनिवार को यूपी के कई हिस्सों में कोहरा छाने की संभावना है और 1 से 3 फरवरी के बीच बारिश होने से सर्दी और तीखी हो सकती है।

    कश्मीर घाटी में सर्दी का सबसे कठिन दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद घाटी के अधिकतर इलाकों में रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस, कोनिबल में 1.0 डिग्री, पुलवामा में 0.1 डिग्री और कुलगाम में 1.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कई स्थानों पर तापमान जमाव बिंदु से ऊपर पहुंचने के कारण कड़ाके की ठंड से कुछ राहत महसूस की जा रही है।

    पंजाब के अधिकांश इलाकों में शुक्रवार को रात का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा में यह औसत के करीब बना रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, लेकिन 1 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के असर से दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जिससे हल्की ठंड लौट सकती है।

    राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार को मौसम थोड़ा नरम रहा। यहां अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के औसत से 0.5 डिग्री अधिक है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और अगले तीन दिनों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

    राजस्थान में भी मौसम एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग जयपुर के अनुसार शनिवार से अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि 1 और 2 फरवरी को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के यही जिले बारिश से प्रभावित रहेंगे, जबकि जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

  • भजनलाल ने राजस्थान में ग्राम पंचायतों में 23 जनवरी से विशेष शिविर लगाने के दिए निर्देश

    भजनलाल ने राजस्थान में ग्राम पंचायतों में 23 जनवरी से विशेष शिविर लगाने के दिए निर्देश


    जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट ग्राम 2026 से पूर्व ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। ये शिविर 23 जनवरी, बसंत पंचमी से शुरू होंगे और इसका उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को सीधे लाभ पहुंचाना है। श्री शर्मा ने शुक्रवार रात मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि इस मीट में अधिक से अधिक कृषकों और पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ये शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि शिविरों में विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाए और किसानों को उनके लाभों का सीधा लाभ दिलाया जाए।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल के माध्यम से न केवल किसानों और पशुपालकों की योजनाओं से रूबरू होने की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि उन्हें नई तकनीकों और कृषि-उन्नयन के उपायों की जानकारी भी मिलेगी। ये शिविर ग्राम स्तर पर आयोजित किए जाएंगे, जिससे सभी हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित हो सके। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविरों का समुचित प्रचार-प्रसार किया जाए और सभी पंचायतों में उनका प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि मीट से पहले होने वाले इन शिविरों में जुटाए गए अनुभव और सुझावों का मीट में उपयोग किया जाए, ताकि प्रदेश के कृषकों और पशुपालकों के हित में रणनीतियाँ और बेहतर बनाई जा सकें।

    गौरतलब है कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 मार्च में आयोजित होने वाला है और यह मीट कृषि और पशुपालन क्षेत्र में नवाचार, निवेश और किसानों के लाभ को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले शिविरों से किसानों और पशुपालकों को धरातल पर विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त होगी और उन्हें व्यावहारिक सहायता भी मिलेगी। राजस्थान सरकार की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर योजनाओं की पहुंच बढ़ाना और कृषकों को उनकी खेती और पशुपालन गतिविधियों में सुधार हेतु जानकारी प्रदान करना है। इससे प्रदेश में कृषि और पशुपालन क्षेत्र में उत्पादन और लाभ दोनों बढ़ाने में मदद मिलेगी।

  • विदेशियों को आकर्षित नहीं कर पा रहा भारत…. राजस्थान से भी छोटे देश वियतनाम पहुंचे 3 गुना से भी ज्यादा टूरिस्ट

    विदेशियों को आकर्षित नहीं कर पा रहा भारत…. राजस्थान से भी छोटे देश वियतनाम पहुंचे 3 गुना से भी ज्यादा टूरिस्ट


    नई दिल्ली।
    साल 2025 के पहले नौ महीनों में भारत (India) सिर्फ 6.18 मिलियन विदेशी पर्यटकों (6.18 Million Foreign Tourists) को ही आकर्षित कर पाया. यह आंकड़ा चौंकाने वाला है, क्योंकि अकेला पेरिस शहर (Paris city) एक साल में करीब 18 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत कर चुका है. भारत के बेहद करीब वियतनाम (Vietnam), जो क्षेत्रफल में राजस्थान से भी छोटा है, उसने 2025 में 20 मिलियन विदेशी पर्यटकों का रिकॉर्ड बनाया.


    क्या भारत अब बजट डेस्टिनेशन नहीं रहा?

    आज भारत न तो विदेशी टूरिस्ट के लिए सस्ता है और न ही अपने ही नागरिकों के लिए. घरेलू छुट्टी का खर्च कई बार श्रीलंका या थाईलैंड जैसे देशों की इंटरनेशनल ट्रिप से ज्यादा हो जाता है. घरेलू फ्लाइट्स महंगी हैं, होटल ओवरप्राइस्ड हैं और सर्विस क्वालिटी में लगातार गिरावट देखी जा रही है. वियतनाम में एक हफ्ते की अच्छी ट्रिप 50 से 60 हजार रुपये प्रति व्यक्ति में हो जाती है. वहीं गोवा की इसी तरह की यात्रा का खर्च इतना ही या उससे ज्यादा हो सकता है. यही वजह है कि कई भारतीयों को विदेशी यात्रा ज्यादा सस्ती और ज्यादा आकर्षक लगने लगी है।


    इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में क्या कमी है?

    भारत में पब्लिक ट्रांसपोर्ट भरोसेमंद नहीं है. कई टूरिस्ट प्लेस पर कैब ड्राइवर मीटर से चलने से इनकार करते हैं और गैंग बनाकर मनमाना किराया वसूलते हैं. मेट्रो शहरों से आखिरी मील कनेक्टिविटी कमजोर है. इसके अलावा प्रदूषण भी एक बड़ा कारण है, राजधानी दिल्ली में AQI महीनों तक तीन अंकों में बना रहता है. सार्वजनिक स्थानों पर थूकना आम है. ऐतिहासिक स्मारकों पर लिखावट और नुकसान दिखाई देता है. शौचालय गंदे हैं और कई हेरिटेज साइट्स पर बदबू पर्यटकों का स्वागत करती है. ऐसी हालत में लोग ऊंची कीमत चुकाने से पहले सौ बार सोचते हैं।


    टूरिज्म में सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता क्यों?

    सुरक्षा भारत की सबसे कमजोर कड़ी बन चुकी है. महिला वर्ल्ड कप के दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़, राजस्थान में फ्रेंच टूरिस्ट के साथ रेप और कर्नाटक में इजरायली महिला के साथ गैंगरेप जैसी घटनाएं अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक पहुंचती हैं. ये घटनाएं भारत की वैश्विक छवि को गहराई से प्रभावित करती हैं. गोवा या केरल के बजट में लोग बाली, कुआलालंपुर या दुबई घूम लेते हैं. थाईलैंड में अलग से टूरिस्ट पुलिस है. वहां इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर, शहर साफ और सुरक्षा सिस्टम मजबूत है. ऐसे में सवाल उठता है कि कोई भारत क्यों चुने, जब खर्च ज्यादा और अनुभव कमजोर हो।


    भारत पर्यटन को मजबूत कैसे बना सकता है?

    भारत के पास प्राचीन मंदिर, जीवंत संस्कृति, रेगिस्तान, पहाड़, समुद्र तट और जंगल हैं. सबसे पहले सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस जरूरी है. साफ-सफाई को सख्ती से लागू करना होगा और नागरिकों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी. कीमत और सुविधाओं में संतुलन, बेहतर सर्विस स्टैंडर्ड और प्रोफेशनल प्रमोशन जरूरी है. पर्यटन सिर्फ स्मारक नहीं, अनुभव है और वही तय करता है कि पर्यटक दोबारा लौटेगा या नहीं.