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  • तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में आयी तेजी, सेंसेक्स 414 अंक उछला

    तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में आयी तेजी, सेंसेक्स 414 अंक उछला


    मुंबई । लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 414.29 अंक बढ़कर 79,530.48 अंक पर खुला।

    निफ्टी में भी मजबूती
    इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 135.45 अंक चढ़कर 24,615.95 अंक पर खुला। खबर लिखे जाने तक यह 123.95 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,604.45 अंक पर रहा।

    रुपया भी मजबूती के साथ खुला
    विदेशी मुद्रा बाजार में भी सुधार देखने को मिला। बुधवार के ऐतिहासिक निचले स्तर से उबरते हुए रुपया 45 पैसे की मजबूती के साथ 91.62 रुपये प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

    अधिकांश सेक्टरों में तेजी
    आईटी और एफएमसीजी को छोड़कर सभी प्रमुख समूहों के सूचकांक हरे निशान में हैं। ऑटो, धातु, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, मीडिया, बैंकिंग और रसायन सेक्टरों में बढ़त दर्ज की गई।

    सेंसेक्स की बढ़त में शामिल प्रमुख शेयर
    सेंसेक्स में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी, सनफार्मा, एयरटेल, एनटीपीसी और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, इन्फोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर फिलहाल नीचे चल रहे हैं।

  • भारतीय शेयर बाजार में 700 अंकों की छलांग, IT और एफआईआई ने बढ़ाया रुख

    भारतीय शेयर बाजार में 700 अंकों की छलांग, IT और एफआईआई ने बढ़ाया रुख


    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में जबरदस्त तेजी के साथ खुला और दिन के दौरान सेंसेक्स ने 82,957.91 अंक का उच्चतम स्तर छुआ। यह कल की क्लोजिंग 82,225.92 से करीब 732 अंक अधिक है।

    बाजार में तेजी के पीछे पांच मुख्य कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

    1. IT शेयरों में मजबूत खरीदारी:
    निफ्टी आईटी इंडेक्स खबर लिखे जाने तक 2.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई सॉफ्टवेयर कंपनियों के काम करने के तरीके में बदलाव लाएगा और नए अवसर पैदा करेगा। हाल ही में एंथ्रोपिक और इंफोसिस के साथ साझेदारी ने इसका सकारात्मक असर दिखाया है। टीसीएस भी ओपनएआई के साथ मिलकर नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।

    2. वैश्विक संकेतों का सकारात्मक होना:
    अमेरिकी बाजार मंगलवार को हरे निशान में बंद हुए थे। इससे एशियाई बाजारों के साथ भारतीय बाजारों में भी तेजी का रुझान बना रहा।

    3. डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत:
    डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 90.89 पर पहुंचा। रुपया मजबूती से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार और अधिक आकर्षक बन गया।

    4. विदेशी निवेशकों की खरीदारी:
    कल की बड़ी गिरावट के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सिर्फ 102.53 करोड़ रुपए की बिकवाली की। इससे पहले सोमवार को एफआईआई ने कैश मार्केट में 3,483.70 करोड़ रुपए की खरीदारी की थी। यह संकेत है कि विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय बाजार के पक्ष में है।

    5. सकारात्मक बाजार धारणा और निवेशकों का भरोसा:
    एफआईआई की खरीदारी और वैश्विक संकेतों से बाजार में निवेशकों का विश्वास बढ़ा। इससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेजी देखने को मिली।इन पांच कारणों के चलते भारतीय शेयर बाजार बुधवार को मजबूती के साथ हरे निशान में खुला और कारोबार कर रहा है। निवेशकों के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है कि बाजार में लम्बे समय तक रुझान मजबूत बने रहने की संभावना है।

  • शेयर बाजार हरे निशान में खुला, आईटी और मिडकैप शेयरों में तेजी..

    शेयर बाजार हरे निशान में खुला, आईटी और मिडकैप शेयरों में तेजी..


    नई दिल्ली । मजबूत वैश्विक संकेतों से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सकारात्मक रुख में खुला। सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स 478 अंक या 0.58 प्रतिशत बढ़कर 82,751 और निफ्टी 147 अंक या 0.58 प्रतिशत मजबूत होकर 25,570 पर कारोबार कर रहे थे। शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों ने तेजी में मुख्य भूमिका निभाई और निफ्टी आईटी सूचकांक शीर्ष गेनर रहा।

    इसके अलावा निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयलएंडगैस, निफ्टी पीएसई, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी एनर्जी के सूचकांक भी हरे निशान में थे।

    लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 235 अंक या 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,307 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 98 अंक या 0.59 प्रतिशत मजबूत होकर 17,058 पर कारोबार कर रहा था।

    सेंसेक्स में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, पावर ग्रिड, इंडिगो, टाटा स्टील, एनटीपीसी, एलएंडटी, सन फार्मा, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और बीईएल प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं, एसबीआई, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स लूजर्स थे।

    वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। शंघाई, टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, जकार्ता और सोल में कारोबार हरे निशान में था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को हरे निशान में बंद हुए थे।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में तेजी का प्रमुख कारण एफआईआई की ओर से बिकवाली का कम होना है। मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों एफआईआई ने केवल 102.53 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों डीआईआई ने 3,161.22 करोड़ रुपए की खरीदारी की।

    सोने और चांदी में भी तेजी देखी गई। खबर लिखे जाने तक सोना 0.44 प्रतिशत की मजबूती के साथ 5,199 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

  • सेंसेक्स 173 अंक चढ़कर 83,450 पर बंद, निफ्टी 25,725 पर; बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी

    सेंसेक्स 173 अंक चढ़कर 83,450 पर बंद, निफ्टी 25,725 पर; बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी


    मुंबई । शेयर बाजार में आज 17 फरवरी को सीमित दायरे में बढ़त देखने को मिली। BSE Sensex 173 अंक चढ़कर 83,450 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 करीब 42 अंक की तेजी के साथ 25,725 पर बंद हुआ। बाजार में बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी रही, जबकि मेटल और एनर्जी सेक्टर दबाव में रहे।

    आज के कारोबार में Cochin Shipyard Limited के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई। रक्षा मंत्रालय से 5,000 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिलने की खबर के बाद यह डिफेंस PSU स्टॉक BSE पर 7.27% तक उछलकर 1,575 रुपए तक पहुंच गया। अंत में इसमें करीब 3.5% की मजबूती दर्ज की गई।एशियाई बाजारों की बात करें तो Nikkei 225 0.42% गिरकर 56,566 पर बंद हुआ। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स अवकाश के कारण बंद रहे।

    विदेशी निवेशकों की गतिविधि पर नजर डालें तो 16 फरवरी को FIIs ने 972 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने 1,667 करोड़ रुपए की खरीदारी की। फरवरी महीने में अब तक FIIs कुल 2,346 करोड़ रुपए की बिकवाली कर चुके हैं, जबकि DIIs ने 11,443 करोड़ रुपए की खरीद की है। जनवरी 2026 में FIIs ने 41,435 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे, जबकि DIIs ने 69,220 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे। गौरतलब है कि इससे पहले 16 फरवरी को बाजार में जोरदार तेजी रही थी। उस दिन सेंसेक्स 650 अंक चढ़कर 83,277 पर और निफ्टी 212 अंक की बढ़त के साथ 25,683 पर बंद हुआ था।

  • शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स 943 अंकों की तेजी के साथ बंद

    शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स 943 अंकों की तेजी के साथ बंद


    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार के कारोबारी सत्र में जबरदस्त तेजी दिखाई और दिन के अंत में मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक या 1.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 81,666.46 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 262.95 अंक या 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,088.40 पर पहुंच गया।

    बाजार में इस तेजी का नेतृत्व इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऑटो सेक्टर के शेयरों ने किया। सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी इन्फ्रा 2.26 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 2.13 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 2.04 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 2.04 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 1.88 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज 1.87 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।हालांकि आईटी और हेल्थकेयर सेक्टर में हल्की कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी आईटी 0.47 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

    लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 546.80 अंक या 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57,667.60 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 105.20 अंक या 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,523.35 के स्तर पर पहुंच गया।सेंसेक्स के 30 शेयरों में पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक और मारुति सुजुकी प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, टीसीएस, ट्रेंट, टाइटन और कोटक महिंद्रा बैंक नुकसान में बंद हुए।

    एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक दे के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद निफ्टी में मजबूत उछाल देखने को मिला है, हालांकि व्यापक ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है। उनका कहना है कि इंडेक्स अभी भी 200 डीएमए से नीचे है और किसी भी तेजी का इस्तेमाल लीवरेज पोजीशन घटाने और शॉर्ट पोजीशन बनाने में करना चाहिए। निफ्टी के लिए 25,200 का स्तर रुकावट और 24,900 का स्तर सपोर्ट माना जा रहा है।

    गौरतलब है कि मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत कमजोर रही थी। सेंसेक्स 167 अंक की गिरावट के साथ खुला था और निफ्टी भी लाल निशान में था, लेकिन कुछ ही मिनटों में बाजार ने वापसी करते हुए हरे निशान में कारोबार शुरू कर दिया।

  • Share Market Today: लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी, सेंसेक्स 487 अंक उछला, डिफेंस शेयर चमके

    Share Market Today: लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी, सेंसेक्स 487 अंक उछला, डिफेंस शेयर चमके

    नई दिल्ली |  भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 487.20 अंक (0.60%) की तेजी के साथ 82,344.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 167.35 अंक (0.66%) चढ़कर 25,342.75 पर पहुंच गया।

    डिफेंस शेयर बने बाजार की जान
    बाजार में तेजी की अगुवाई डिफेंस सेक्टर ने की।
    निफ्टी डिफेंस इंडेक्स 6.95 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ।
    डेटा पैटर्न्स, बीईएमएल, सोलार इंडस्ट्रीज और बीईएल आज के सबसे ज्यादा चढ़ने वाले डिफेंस शेयर रहे।

    PSU, मेटल और ऑयल एंड गैस शेयरों में मजबूती
    अन्य सेक्टोरल इंडेक्स में भी अच्छी तेजी देखने को मिली-

    निफ्टी PSE: +4.61%

    निफ्टी ऑयल एंड गैस: +3.40%

    निफ्टी मेटल: +2.34%

    निफ्टी कमोडिटी: +2.26%

    निफ्टी मीडिया: +2.13%

    निफ्टी PSU बैंक: +1.68%

    निफ्टी रियल्टी: +1.57%

    FMCG और फार्मा शेयरों पर दबाव
    दूसरी ओर कुछ सेक्टरों में कमजोरी रही—

    निफ्टी FMCG: -0.71%

    निफ्टी फार्मा: -0.22%

    निफ्टी हेल्थकेयर: -0.20%

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जबरदस्त तेजी
    लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी दिखी।

    निफ्टी स्मॉलकैप 100: 2.26% या 371.60 अंक की तेजी के साथ 16,790.95

    निफ्टी मिडकैप 100: 1.66% या 954.95 अंक की बढ़त के साथ 58,438.60

    बाजार क्यों चढ़ा? जानिए वजह
    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मंगलवार को भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
    इसका सीधा फायदा मेटल, फाइनेंशियल और ऑयल एंड गैस शेयरों को मिला।
    वहीं, वैश्विक बाजारों में निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की संभावना बेहद कम है।

    आगे क्या रहेगा फोकस?
    जानकारों के अनुसार, आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर फेड की ब्याज दरों पर कमेंट्री और वैश्विक संकेतों पर बनी रहेगी।

    भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन मजबूती के साथ बंद हुआ, सेंसेक्स 487 और निफ्टी 167 अंक चढ़ा।
    डिफेंस, PSU और मेटल शेयरों में जोरदार खरीदारी रही, जबकि FMCG और फार्मा शेयर दबाव में रहे।

  • बजट से पहले निवेशकों में सतर्कता, बैंकिंग और एनर्जी शेयर कमजोर

    बजट से पहले निवेशकों में सतर्कता, बैंकिंग और एनर्जी शेयर कमजोर


    नई दिल्ली :घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली के दबाव में प्रमुख सूचकांक कमजोर नजर आए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 100 अंकों की गिरावट के साथ 82,250 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 30 अंक फिसलकर 25,250 के स्तर पर बना रहा।
    बाजार की इस कमजोरी के पीछे बैंकिंग, एनर्जी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में दबाव को प्रमुख वजह माना जा रहा है।कारोबार के दौरान बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज शेयरों में बिकवाली देखी गई, जिससे बाजार को कोई ठोस सहारा नहीं मिल सका। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में दबाव बना रहा। इसके अलावा तेल गैस और ऊर्जा कंपनियों में मुनाफावसूली ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया। एफएमसीजी शेयरों में सुस्ती के चलते निवेशकों की धारणा कमजोर रही और व्यापक बाजार पर इसका असर साफ दिखाई दिया।

    बजट से पहले बाजार में असमंजस
    विशेषज्ञों का मानना है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले शेयर बाजार फिलहाल स्पष्ट दिशा के अभाव में है। निवेशक बड़े फैसले लेने से बच रहे हैं और सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी कारण आने वाले सत्रों में भी बाजार में उतार चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में गिरावट और गहरी हो सकती है। वहीं ऊपर की ओर 25,400 से 25,500 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञ निवेशकों को फिलहाल केवल मजबूत फंडामेंटल वाले चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों में ही निवेश की सलाह दे रहे हैं।

    ग्लोबल बाजारों से मिले मिले जुले संकेत
    जहां घरेलू शेयर बाजार दबाव में रहा, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती का रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,994 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। जापान का निक्केई भी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53,870 पर पहुंच गया।हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.29 प्रतिशत चढ़कर 26,706 के स्तर पर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,133 पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को मजबूती देखने को मिली थी। डाउ जोंस 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था, जबकि नैस्डेक कंपोजिट और एसएंडपी 500 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।

    FII की बिकवाली, DII बने सहारा
    निवेश प्रवाह की बात करें तो 22 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार में बिकवाली की। एफआईआई ने करीब 2,549 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 4,222 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में एफआईआई ने कुल 34,350 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि डीआईआई ने 79,620 करोड़ रुपये की मजबूत खरीदारी की थी। इससे साफ है कि घरेलू निवेशक बाजार में स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    पिछले सत्र में दिखी थी तेजी
    इससे पहले गुरुवार को बाजार में अच्छी मजबूती देखने को मिली थी। सेंसेक्स 398 अंक की तेजी के साथ 82,307 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 132 अंक चढ़कर 25,290 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि बजट से पहले मौजूदा सत्र में बाजार ने फिर से सतर्क रुख अपना लिया है।कुल मिलाकर बजट से जुड़ी उम्मीदें और वैश्विक संकेत आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

  • शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: सेंसेक्स 850 अंक उछलकर 82,750 पर, निफ्टी 25,400 के पार

    शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: सेंसेक्स 850 अंक उछलकर 82,750 पर, निफ्टी 25,400 के पार


    नई दिल्ली। गुरुवार, 22 जनवरी को घरेलू शेयर बाजार ने पिछले तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद दमदार वापसी की। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और सेंसेक्स करीब 850 अंकों की छलांग लगाकर 82,750 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी लगभग 250 अंकों की तेजी रही और यह 25,400 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस उछाल ने निवेशकों को बड़ी राहत दी और बाजार में दोबारा भरोसे का माहौल बना।

    बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि केवल 2 शेयरों में हल्का दबाव रहा। जोमैटो, एशियन पेंट्स और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया SBI के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत रही और तेजी व्यापक आधार पर दिखाई दी।

    बाजार में इस मजबूती के पीछे सबसे अहम भूमिका ग्लोबल संकेतों की रही। अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक रुझानों ने घरेलू निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। इसके साथ ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों ने भी बाजार की चिंता को कम किया। ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ लगाने की धमकी वापस लेने और नाटो देशों के साथ बातचीत के संकेत देने से भू-राजनीतिक तनाव को लेकर आशंकाएं घटी हैं। इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर उनके सकारात्मक रुख से निवेशकों में भरोसा बढ़ा है।एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.77 प्रतिशत की तेजी के साथ 53,706 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.87 प्रतिशत चढ़कर 5,001 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती का असर दिखा, जहां 21 जनवरी को डाउ जोंस 1.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था।

    निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 21 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों FIIs ने 1,787 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs ने 4,520 करोड़ रुपये की जोरदार खरीदारी कर बाजार को मजबूत सहारा दिया। दिसंबर 2025 में FIIs की भारी बिकवाली के बावजूद DIIs की सक्रिय भागीदारी ने बाजार को संतुलित बनाए रखा है।गौरतलब है कि बुधवार को बाजार दबाव में रहा था। उस दिन सेंसेक्स 270 अंक गिरकर 81,909 पर और निफ्टी 75 अंक टूटकर 25,157 पर बंद हुआ था। लेकिन गुरुवार की तेजी ने संकेत दिया है कि बाजार में रिकवरी की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक ग्लोबल संकेतों, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी खबरों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।

  • शेयर बाजार में कमजोरी जारी: सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा फिसला, निफ्टी भी लाल निशान में

    शेयर बाजार में कमजोरी जारी: सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा फिसला, निफ्टी भी लाल निशान में



    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में 21 जनवरी को कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 100 अंक से अधिक गिरकर 82,000 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया जबकि निफ्टी करीब 30 अंक फिसलकर 25,200 के आसपास रहा। शुरुआती सत्र से ही बाजार पर वैश्विक संकेतों और चुनिंदा सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 14 शेयर हरे निशान में रहे। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में हल्की मजबूती देखने को मिली लेकिन रियल एस्टेट मीडिया और आईटी शेयरों में बिकवाली हावी रही। आईटी कंपनियों पर दबाव अमेरिकी बाजारों की कमजोरी और डॉलर की मजबूती के कारण देखा गया।

    वैश्विक कारकों का असर घरेलू बाजारों पर साफ नजर आया। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.26% गिरकर 4,873 पर, जापान का निक्केई 0.56% टूटकर 52,693 पर हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.13% गिरकर 26,453 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ 4,120 पर बंद हुआ अमेरिकी बाजारों में भी 20 जनवरी को भारी गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 1.76% टूटकर 48,488 पर, नैस्डेक कंपोजिट में 2.39% और एसएंडपी 500 में 2.06% की गिरावट आई। इन कमजोर वैश्विक संकेतों का असर घरेलू बाजारों पर भी देखा गया।

    संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों की बात करें तो 20 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों FII ने ₹2,191 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों DII ने ₹2,755 करोड़ की खरीदारी की जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला। दिसंबर 2025 में FIIs द्वारा ₹34,350 करोड़ की निकासी के मुकाबले DIIs ने ₹79,620 करोड़ का निवेश किया था जिससे बाजार में संतुलन बना रहा।शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज IPO निवेशकों के रडार पर है। ₹118–₹124 के प्राइस बैंड वाला यह IPO कुल ₹1,907 करोड़ का है और 22 जनवरी तक खुला रहेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयान वैश्विक अनिश्चितता और तीसरी तिमाही में कुछ बड़ी कंपनियों खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज के कमजोर नतीजे प्रमुख वजह माने जा रहे हैं।इस प्रकार निवेशकों को वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

  • शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स 300 अंक फिसला; निफ्टी में 100 अंकों की गिरावट

    शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स 300 अंक फिसला; निफ्टी में 100 अंकों की गिरावट

    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान करीब 300 अंक गिरकर 82950 के स्तर पर आ गया जबकि निफ्टी लगभग 100 अंकों की गिरावट के साथ 25,450 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में यह दबाव मुख्य रूप से कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली के कारण आया।बीएसई के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में से 24 शेयर नुकसान में रहे जबकि केवल 6 शेयरों में हल्की तेजी दर्ज हुई। कंज्यूमर टेक और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव देखा गया। जोमैटो और बजाज फाइनेंस के शेयरों में 3 प्रतिशत तक गिरावट आई जिसने सूचकांकों पर अतिरिक्त दबाव डाला।

    एशियाई बाजारों से भी अनुकूल संकेत नहीं मिले। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.22% गिरकर 52931 पर बंद हुआ, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.075% टूटकर 26,543 पर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 0.30% गिरकर 4,101 पर बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ 4,905 पर बना रहा, लेकिन इसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर नहीं दिखा।अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी रही। 16 जनवरी को डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.17% गिरकर 49,359 पर बंद हुआ। नैस्डेक और एसएंडपी-500 में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यह नरमी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर रही है।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधि बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। 19 जनवरी को FIIs ने भारतीय शेयर बाजार से ₹3,262 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs ने ₹4,234 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को आंशिक सहारा दिया। दिसंबर 2025 में भी FIIs ने ₹34,350 करोड़ की बिकवाली की थी, जबकि DIIs ने ₹79,620 करोड़ का निवेश किया था, जिसने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाया।

    पिछले कारोबारी सत्र में भी सेंसेक्स 324 अंक गिरकर 83,246 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 108 अंक टूटकर 25,585 पर बंद हुआ। लगातार गिरावट से अल्पकालिक निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है।बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों की दिशा, विदेशी निवेशकों का रुख और प्रमुख आर्थिक संकेतक बाजार की चाल तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और सरकारी अपडेट तथा राष्ट्रीय-आंतरराष्ट्रीय खबरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।