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  • खेत से घर लौट रहा किसान आग की चपेट में आया, बिजली के तारों से सुलगी मक्के की करप, लाखों के नुकसान की आशंका

    खेत से घर लौट रहा किसान आग की चपेट में आया, बिजली के तारों से सुलगी मक्के की करप, लाखों के नुकसान की आशंका


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मंगलवार सुबह एक हादसे में किसान की मक्के की पूरी करप जलकर राख हो गई। घटना इंदार थाना क्षेत्र के बामौर खुर्द गांव की है। यहां खेत से मक्के की करप ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर घर ले जा रहे किसान मोहन सिंह कुशवाह की ट्रॉली बिजली के तारों के संपर्क में आ गई। तार छूते ही सूखी मक्के की करप में आग लग गई और देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं। हालांकि समय रहते ग्रामीणों ने मोर्चा संभाल लिया और जलती हुई करप को ट्रॉली से नीचे गिराना शुरू कर दिया। इससे आग ट्रैक्टर तक नहीं पहुंच सकी और चालक की जान बच गई।

    जानकारी के अनुसार किसान मोहन सिंह कुशवाह अपने खेत से मक्के की करप ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर घर लौट रहे थे। रास्ते में बिजली के खंभों पर लटके पंप लाइन के तार ट्रॉली में भरी करप से टकरा गए। तारों के संपर्क में आते ही सूखी फसल ने आग पकड़ ली। कुछ ही देर में ट्रॉली में भरी करप जलने लगी। अचानक आग भड़कने से मौके पर अफरा तफरी मच गई। किसान के सामने एक ओर उसकी मेहनत से जुटाई गई फसल जलने का खतरा था तो दूसरी ओर आग के ट्रैक्टर तक पहुंचने की आशंका भी बनी हुई थी।

    घटना के दौरान आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्होंने लाठियों की मदद से ट्रॉली में जल रही करप को नीचे गिराना शुरू किया। ग्रामीणों ने तेजी से एक के बाद एक जलती हुई फसल को नीचे गिराया ताकि आग ट्रैक्टर और ट्रॉली के दूसरे हिस्सों तक न फैल सके। उनकी तत्परता से आग को वाहन तक पहुंचने से रोकने में मदद मिली। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉली जलने से बच गए और चालक भी सुरक्षित रहा। यदि आग वाहन तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

    हालांकि इस प्रयास के बावजूद किसान की मक्के की पूरी करप जलकर राख हो गई। फसल के नष्ट होने से किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। मक्के की करप पशुओं के चारे सहित खेती से जुड़े अन्य कामों में उपयोग की जाती है। ऐसे में पूरी करप का जल जाना किसान के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है। नुकसान की वास्तविक कीमत कितनी है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस घटना ने गांवों में खेतों से फसल और चारा ले जाते समय बिजली की लाइनों से होने वाले खतरे को भी उजागर किया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में ऊंचाई तक भरी सूखी फसल बिजली के तारों के संपर्क में आ जाए तो आग लगने का जोखिम बढ़ जाता है। खासकर पंप लाइन के तार यदि नीचे लटक रहे हों तो किसानों और ग्रामीणों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में बिजली लाइनों की उचित ऊंचाई और रखरखाव पर ध्यान देना जरूरी है। फिलहाल इस हादसे में राहत की बात यह रही कि किसान की जान बच गई और ट्रैक्टर-ट्रॉली सुरक्षित रहे लेकिन उसकी पूरी मक्के की करप जलने से बड़ा नुकसान हुआ।

  • शिवपुरी में नवजात की मौत से मचा हड़कंप, नाले में मिला महज 775 ग्राम वजन का बालक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    शिवपुरी में नवजात की मौत से मचा हड़कंप, नाले में मिला महज 775 ग्राम वजन का बालक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में मंगलवार को जिला अस्पताल के पिछले गेट के पास नाले में नवजात बालक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात के शव को नाले से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नवजात की नाभि पर कॉर्ड क्लैंप लगा हुआ था। इससे उसके अस्पताल में जन्म लेने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बालक का जन्म शिवपुरी जिला अस्पताल में हुआ था या किसी दूसरे अस्पताल में। पुलिस इस संबंध में जानकारी जुटा रही है और नवजात के माता-पिता की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

    जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के पिछले गेट के पास स्थित नाले में नवजात का शव दिखाई देने के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को बाहर निकलवाया। जांच के दौरान नवजात का वजन केवल 775 ग्राम पाया गया। इतना कम वजन होने के कारण उसके जन्म के समय की स्थिति और मौत से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरपी सिंह के मुताबिक नवजात का वजन बेहद कम था। इतने कम वजन वाले शिशु के जीवित रहने की संभावना कम होती है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो दिनों के दौरान जिला अस्पताल में कोलारस सिरसौद और पिछोर क्षेत्र से जुड़े तीन नवजात की मौत हुई थी। इन बच्चों के परिजन उनके शव अपने साथ ले गए थे। अब यह पता लगाया जा रहा है कि नाले में मिले नवजात का उन घटनाओं से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल दोनों मामलों के बीच संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नवजात को नाले में कैसे और किन परिस्थितियों में छोड़ा गया। नाभि पर कॉर्ड क्लैंप मिलने के कारण उसके अस्पताल में जन्म लेने की संभावना पर ध्यान दिया जा रहा है। जांच के तहत आसपास के अस्पतालों में जन्म और नवजात से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा सकती है। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य नवजात की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचना है।

    कोतवाली थाने के एसआई सुमित शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नवजात का जन्म कहां हुआ था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। घटना ने अस्पताल परिसर के आसपास सुरक्षा और नवजात की पहचान से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। हालांकि जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • मक्के की फसल बनी किसानों के लिए अन्नलक्ष्मी, लुकवासा और बदरवास मंडियों में उपज का मेला, कम बोवनी के बावजूद रिकॉर्ड उत्पादन

    मक्के की फसल बनी किसानों के लिए अन्नलक्ष्मी, लुकवासा और बदरवास मंडियों में उपज का मेला, कम बोवनी के बावजूद रिकॉर्ड उत्पादन


    शिवपुरी। कोलारस बदरवास और लुकवासा की मंडियों में मक्के की भारी आवक हो रही है। उपज से भरी ट्रॉलियों की लंबी कतारें मंडियों से लेकर फोरलेन हाईवे के किनारों तक दिखाई दे रही हैं। मक्के के अच्छे उत्पादन और बाजार में मिल रहे भाव से किसानों को बेहतर कमाई की उम्मीद है। मंडियों में मक्का 1800 से 2600 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। ऐसे में इस बार कई किसानों के लिए मक्के की फसल अन्नलक्ष्मी साबित होती नजर आ रही है।
    जिले की कृषि व्यवस्था में मक्के का महत्व लगातार बढ़ रहा है। कभी सोयाबीन की खेती के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में अब किसान तेजी से मक्के की ओर रुख कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जिले में मक्के का रकबा पहले करीब 17 हजार हेक्टेयर था जो बढ़कर 90 हजार हेक्टेयर के पार पहुंच गया है। खेती के इस बदलाव के पीछे किसानों को मिलने वाला बेहतर लाभ और हाइब्रिड बीजों का इस्तेमाल अहम वजह माना जा रहा है। मक्के की खेती से जुड़ी संभावनाओं ने किसानों को इसे बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
    इस साल तय लक्ष्य की तुलना में मक्के की बोवनी करीब 31 प्रतिशत कम रहने के बावजूद रिकॉर्ड उत्पादन होने की जानकारी सामने आई है। बेहतर बीज और फसल की उपज ने किसानों की उम्मीदों को मजबूत किया है। हालांकि वास्तविक उत्पादन और किसानों के शुद्ध मुनाफे का आकलन लागत तथा अन्य आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकता है। फिलहाल मंडियों में बड़ी मात्रा में मक्का पहुंचने से कृषि व्यापार में तेजी दिखाई दे रही है।
    दीपावली से पहले लुकवासा बदरवास और कोलारस मंडियों में कारोबार का माहौल काफी व्यस्त है। रिपोर्ट के मुताबिक इन तीनों मंडियों में प्रतिदिन दो हजार से अधिक ट्रॉलियों की डाक लग रही है। मंडी परिसर में जगह कम पड़ने के कारण कई ट्रॉलियां फोरलेन हाईवे के किनारे कतारों में खड़ी दिखाई दे रही हैं। किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों तक पहुंच रहे हैं। अधिक आवक के चलते खरीद और बिक्री की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। मंडियों में बढ़ी हलचल से स्थानीय व्यापार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
    मक्के के भाव किसानों के लिए इस समय खास महत्व रखते हैं। मंडियों में 1800 से 2600 रुपए प्रति क्विंटल तक के दाम मिलने से किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलने की आशा है। हालांकि हर किसान को एक जैसा भाव नहीं मिलता क्योंकि उपज की गुणवत्ता नमी और बाजार की स्थिति के आधार पर कीमतों में अंतर हो सकता है। किसानों के लिए वास्तविक मुनाफा इस बात पर भी निर्भर करेगा कि खेती में बीज खाद मजदूरी सिंचाई और परिवहन पर कितना खर्च हुआ है।
    शिवपुरी जिले में मक्के का बढ़ता रकबा खेती के बदलते रुझान को दर्शाता है। यदि किसानों को आने वाले समय में भी अच्छे बाजार भाव और खरीदार मिलते रहे तो मक्के की खेती क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल दीपावली से पहले मंडियों में उमड़ती भीड़ और उपज से भरी ट्रॉलियां किसानों की मेहनत और बेहतर कमाई की उम्मीद की तस्वीर पेश कर रही हैं।

  • किसान को चूना लगाने की कोशिश! शिवपुरी में चने की तौल में गड़बड़ी का आरोप, जांच के आदेश और जुर्माने की तैयारी

    किसान को चूना लगाने की कोशिश! शिवपुरी में चने की तौल में गड़बड़ी का आरोप, जांच के आदेश और जुर्माने की तैयारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में किसानों की उपज की तौल में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। लुकवासा कृषि उपज मंडी के बाहर चना बेचने पहुंचे किसान कैलाश जाटव ने व्यापारी पर कम तौल करने का आरोप लगाया है। किसान के मुताबिक व्यापारी दीपक अहिरवार ने मंडी के भीतर मिलने वाले भाव से 50 रुपए प्रति क्विंटल अधिक कीमत देने का भरोसा दिलाया था। इसी लालच में किसान अपनी उपज लेकर मंडी के बाहर पहुंचा। आरोप है कि तौल के दौरान करीब 11 क्विंटल चने को केवल 8 क्विंटल बताया गया। किसान ने दोबारा तौल कराने की मांग की तो करीब तीन क्विंटल का अंतर सामने आया।
    किसान कैलाश जाटव के अनुसार अधिक भाव मिलने की उम्मीद में वह व्यापारी के पास चना बेचने पहुंचा था। शुरुआत में तौल के दौरान जितनी उपज बताई गई उस पर उसे संदेह हुआ। इसके बाद उसने दोबारा तौल कराने का फैसला किया। दोबारा तौल में कथित गड़बड़ी सामने आने पर मामला गंभीर हो गया। किसान का आरोप है कि यदि वह समय रहते तौल की जांच नहीं कराता तो उसे अपनी उपज का उचित भुगतान नहीं मिल पाता और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।
    बताया गया है कि करीब 11 क्विंटल चने को 8 क्विंटल बताए जाने से लगभग तीन क्विंटल का अंतर सामने आया। किसान के अनुसार इस गड़बड़ी के कारण उसे करीब 20 हजार रुपए तक का नुकसान हो सकता था। हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन उपज की सही मात्रा और उस समय लागू बाजार भाव के आधार पर किया जा सकेगा। फिलहाल किसान की शिकायत के बाद मामले ने मंडी में तौल व्यवस्था और किसानों को मिलने वाले भुगतान पर सवाल खड़े किए हैं।
    घटना सामने आने के बाद कृषि उपज मंडी प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मंडी सचिव नरेश जाटव ने बताया कि शिकायत की जांच की जा रही है। यदि तौल में अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।
    वहीं कोलारस के एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने व्यापारी का कांटा जब्त करने और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही भविष्य में किसानों को इस तरह की परेशानी से बचाने के लिए मंडी क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले सभी कांटों की जांच कराने की बात कही गई है। तौल उपकरणों की जांच से यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि किसानों की उपज का वजन सही दर्ज हो और उन्हें भुगतान में नुकसान न उठाना पड़े।
    कृषि उपज मंडियों में किसान अपनी मेहनत से तैयार की गई फसल बेचने आते हैं। ऐसे में तौल और भुगतान में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। थोड़ी सी गड़बड़ी भी किसान की कमाई पर सीधा असर डाल सकती है। लुकवासा मंडी के बाहर सामने आया यह मामला किसानों के लिए सतर्क रहने और उपज की तौल स्वयं जांचने की जरूरत को रेखांकित करता है। प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई से स्पष्ट होगा कि इस मामले में कितनी अनियमितता हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

  • सरकारी दस्तावेजों तक पहुंचने के लिए तोड़ा गया ताला? कोलारस के पुराने भवन में आग से मचा हड़कंप, साजिश के एंगल से जांच

    सरकारी दस्तावेजों तक पहुंचने के लिए तोड़ा गया ताला? कोलारस के पुराने भवन में आग से मचा हड़कंप, साजिश के एंगल से जांच


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस नगर परिषद के पुराने भवन में शुक्रवार रात आग लगने से सरकारी रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आग इतनी गंभीर थी कि उस पर काबू पाने में समय लगा। जानकारी के मुताबिक रात करीब ढाई बजे आग बुझाई जा सकी। घटना के बाद पुराने भवन में रखे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को हुए नुकसान का मामला सामने आया है। वहीं भवन के दरवाजे का ताला टूटा मिलने से आग लगने की वजह को लेकर संदेह गहरा गया है।
    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुराने भवन में आग लगने की घटना सामान्य हादसा भी हो सकती है लेकिन ताला टूटा मिलने के कारण जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि आग किसी ने लगाई या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था। कोलारस थाना पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
    जानकारी के मुताबिक कोलारस नगर परिषद का कार्यालय वर्ष 2014-15 में जगतपुर चौराहे के पास नए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद से नगर परिषद का नियमित कामकाज नए कार्यालय से संचालित हो रहा है। इससे पहले नगर परिषद का काम पुराने भवन से होता था। नगर पंचायत के समय से लेकर वर्ष 2013 तक के रिकॉर्ड पुराने भवन के परिषद हॉल में रखे हुए थे। आग लगने से इसी स्थान पर रखे सरकारी दस्तावेज प्रभावित हुए हैं। हालांकि कितने रिकॉर्ड पूरी तरह नष्ट हुए हैं और कितने दस्तावेजों को आंशिक नुकसान पहुंचा है इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
    पुराने सरकारी रिकॉर्ड प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इनमें पुराने निर्णयों और कार्यालयीन कार्यवाही से जुड़े दस्तावेज शामिल होने की संभावना रहती है। ऐसे में आग की घटना के बाद रिकॉर्ड के नुकसान का आकलन करना भी जरूरी होगा। संबंधित विभाग को यह पता लगाना होगा कि कौन-कौन से दस्तावेज प्रभावित हुए हैं और क्या उनकी प्रतियां किसी अन्य कार्यालय या डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं।
    भवन का ताला टूटा मिलने के बाद इस घटना में किसी की भूमिका होने की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। हालांकि केवल ताला टूटा मिलना अपने आप में साजिश का प्रमाण नहीं है। जांच के दौरान पुलिस को यह पता लगाना होगा कि भवन में प्रवेश कैसे हुआ और आग किन परिस्थितियों में लगी। घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्य और अन्य उपलब्ध जानकारी जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
    कोलारस थाना पुलिस फिलहाल आग लगने की घटना को हादसे और संभावित साजिश दोनों एंगल से देख रही है। आग लगने का कारण स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि घटना दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक गतिविधि थी। फिलहाल सरकारी रिकॉर्ड को हुए नुकसान और पुराने भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • शिवपुरी में सगाई की खुशियों में खलल, परिवार और रिश्तेदारों पर हमला, SC-ST एक्ट समेत 11 लोगों पर केस दर्ज

    शिवपुरी में सगाई की खुशियों में खलल, परिवार और रिश्तेदारों पर हमला, SC-ST एक्ट समेत 11 लोगों पर केस दर्ज


    शिवपुरी ।  मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के समोहा गांव में सगाई समारोह के दौरान पुरानी रंजिश को लेकर विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने पहले परिवार के दामाद को रास्ते में रोककर पीटा और फिर घर पहुंचकर परिवार के सदस्यों तथा रिश्तेदारों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना में महिलाओं सहित कई लोगों को चोटें आई हैं। हमलावरों पर घर के बाहर लगे टेंट और सामान के साथ वाहनों में तोड़फोड़ करने का भी आरोप है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 11 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत मारपीट से जुड़ी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
    जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 10 बजे समोहा गांव में कमल सिंह जाटव के घर उनके भतीजे रविंद्र जाटव की सगाई का कार्यक्रम चल रहा था। घर के बाहर टेंट लगाया गया था और समारोह में शामिल होने के लिए रिश्तेदार भी पहुंचे हुए थे। परिवार में खुशी का माहौल था। इसी दौरान कमल सिंह के दामाद अनिल जाटव निवासी महलगांव जिला ग्वालियर दवाई लेने के लिए समोहा गांव जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में बाबा की बावड़ी के पास साहब सिंह गुर्जर और उनके साथ मौजूद निर्भय गुर्जर बंटी गुर्जर तथा छोटू गुर्जर ने अनिल को रोक लिया और उनके साथ मारपीट की।
    शिकायत के अनुसार इस हमले में अनिल जाटव के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद अनिल ने फोन के माध्यम से अपने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद विवाद ने और गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ देर बाद जीतू गुर्जर समेत अन्य लोग कमल सिंह जाटव के घर पहुंच गए। वहां पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज शुरू हो गई। परिवार के लोगों ने विरोध किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
    इस दौरान कमल सिंह जाटव और उनके भतीजे मंगल जाटव के सिर में चोटें आने की बात कही गई है। वहीं रिश्तेदार मनोज जाटव और परिवार की महिलाओं सपना जाटव तथा भारती जाटव को भी चोटें लगने का आरोप है। घटना के समय घर पर सगाई समारोह चल रहा था और बड़ी संख्या में रिश्तेदार मौजूद थे। अचानक हुए विवाद और मारपीट से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने समारोह के लिए लगाए गए टेंट और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। वाहनों में भी तोड़फोड़ किए जाने की बात सामने आई है।
    घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और मारपीट से संबंधित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले में पुरानी रंजिश को विवाद की वजह बताया गया है। पुलिस की जांच में घटना से जुड़े सभी आरोपों और संबंधित लोगों की भूमिका की पुष्टि होना बाकी है।
    सगाई जैसे पारिवारिक समारोह में हुई इस घटना से परिवार के लोगों में भय और नाराजगी है। समारोह में शामिल महिलाओं और रिश्तेदारों के घायल होने के आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। मामले में दोष तय करने का निर्णय साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

  • शिवपुरी में 7 साल की अवनी पर कुत्ते का हमला, चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें, जिला अस्पताल में इलाज जारी

    शिवपुरी में 7 साल की अवनी पर कुत्ते का हमला, चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें, जिला अस्पताल में इलाज जारी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के ककरा गांव में बुधवार शाम कुत्ते के हमले की घटना सामने आई है। घर के बाहर खेल रही सात साल की बच्ची अवनी आदिवासी पर एक कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। हमले में बच्ची के चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। उसकी चीख सुनकर नानी मौके पर पहुंचीं और उसे कुत्ते से बचाया। इसके बाद परिजन घायल बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसके मुंह पर आठ टांके लगाए हैं। फिलहाल बच्ची अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है।

    जानकारी के मुताबिक अवनी के पिता राम अवतार आदिवासी और मां बुधवार को मजदूरी करने के लिए शिवपुरी गए हुए थे। बच्ची घर पर अपनी नानी के साथ थी। शाम के समय अवनी घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान गांव के एक कुत्ते ने उस पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि बच्ची के चेहरे और मुंह पर चोटें आ गईं। अचानक हुए हमले से बच्ची घबरा गई और जोर-जोर से चीखने लगी।

    बच्ची की आवाज सुनकर उसकी नानी तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अवनी को कुत्ते से बचाया और परिजनों की मदद से उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। घायल बच्ची को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी चोटों का उपचार किया। मुंह पर गंभीर घाव होने के कारण आठ टांके लगाए गए। घटना के बाद परिवार के लोग बच्ची की हालत को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज जारी है।

    ग्रामीण इलाकों में बच्चे अक्सर घरों के आसपास खेलते हैं। ऐसे में कुत्तों के अचानक हमले की घटनाएं परिवारों के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं। इस मामले में बच्ची के माता-पिता मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे और वह अपनी नानी के साथ घर पर थी। यदि नानी समय पर मौके पर नहीं पहुंचतीं तो बच्ची को और गंभीर चोटें लग सकती थीं। हालांकि हमले की परिस्थितियों और कुत्ते के व्यवहार से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आना बाकी है।

    कुत्ते के काटने या चेहरे पर हमला करने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी होता है। घाव को साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार रेबीज से बचाव के टीके तथा अन्य जरूरी उपचार कराना चाहिए। गंभीर घावों में देरी किए बिना अस्पताल पहुंचना महत्वपूर्ण है। अवनी के मामले में परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसका उपचार शुरू किया गया।

    फिलहाल सात साल की अवनी आदिवासी जिला अस्पताल में भर्ती है। इस घटना ने गांव में बच्चों की सुरक्षा और कुत्तों के हमलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार और आगे के उपचार को लेकर परिवार की नजर डॉक्टरों की निगरानी पर है।

  • शिवपुरी के मनियर में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच-बचाव करने आए परिजन भी घायल, पुलिस जांच में जुटी

    शिवपुरी के मनियर में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच-बचाव करने आए परिजन भी घायल, पुलिस जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के मनियर क्षेत्र में घर के बाहर लोडिंग वाहन खड़ा करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। बुधवार 14 अक्टूबर की देर शाम शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना में महिलाओं और युवकों समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों और घटना के दौरान हुए घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।

    जानकारी के अनुसार मनियर निवासी पांचो बाई कुशवाह ने अपनी शिकायत में बताया कि 14 अक्टूबर की शाम वह अपनी सास भग्गो बाई के साथ घर के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान लच्छी राठौर अमन राठौर अंजू राठौर और परमा राठौर वहां पहुंचे। पांचो बाई का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते इन लोगों ने उनके साथ विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और कथित तौर पर उनके बेटे विकास तथा सास भग्गो बाई के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान परिवार के सदस्यों को चोटें आईं।

    आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने की कोशिश की। पांचो बाई के अनुसार विवाद के बाद जब परिवार के सदस्य शिकायत करने के लिए जा रहे थे तभी दूसरे पक्ष के कुछ परिजन भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि इस दौरान राकेश कुशवाह पंकज रचना और रजनी के साथ मारपीट की गई। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि किस व्यक्ति को कितनी चोट आई और मारपीट के दौरान घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बताया जा रहा है कि विवाद की वजह घर के बाहर लोडिंग वाहन खड़ा करने को लेकर हुई कहासुनी थी। वहीं शिकायत में पुरानी रंजिश का आरोप भी लगाया गया है। ऐसे में पुलिस को यह जांचना होगा कि घटना वाहन खड़ा करने को लेकर तत्काल हुए विवाद का नतीजा थी या इसके पीछे पहले से चला आ रहा कोई विवाद भी शामिल था। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। क्रॉस एफआईआर का मतलब है कि एक ही घटना के संबंध में दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इससे पुलिस को दोनों पक्षों के आरोपों की जांच करने और घटना की परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलेगा। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

    मनियर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर विवाद को लेकर चर्चा है। घर के बाहर वाहन खड़ा करने जैसे मुद्दे पर शुरू हुई कहासुनी के मारपीट तक पहुंचने से कई लोग घायल हुए। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

  • शिवपुरी में पति-पत्नी के विवाद ने लिया खतरनाक मोड़, पत्नी कुएं में कूदी, आधे घंटे तक ग्रामीणों की अटकी रहीं सांसें

    शिवपुरी में पति-पत्नी के विवाद ने लिया खतरनाक मोड़, पत्नी कुएं में कूदी, आधे घंटे तक ग्रामीणों की अटकी रहीं सांसें


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के सहरिया गांव में पति-पत्नी के बीच विवाद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बुधवार दोपहर हुई कहासुनी के बाद एक महिला स्कूल के पास बने गहरे कुएं में कूद गई। महिला को कुएं में उतरता देख पति ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की और रस्सी डाली लेकिन वह बाहर आने के लिए तैयार नहीं हुई। बताया गया कि महिला इस बात से नाराज थी कि उसका पति घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा देता था। करीब आधे घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। आखिरकार पति ने सबके सामने हाथ जोड़कर और कान पकड़कर माफी मांगी जिसके बाद महिला कुएं से बाहर आने को तैयार हुई।

    जानकारी के मुताबिक सहरिया गांव में रहने वाले जितेंद्र वंशकार खेती-किसानी करते हैं। परिवार में उनके वृद्ध माता-पिता के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा है। ग्रामीणों के अनुसार पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। आरोप है कि जितेंद्र अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था और इसी वजह से कई बार घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा देता था। इस व्यवहार से महिला नाराज थी। बुधवार दोपहर भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने के बाद महिला घर से निकलकर स्कूल के पास स्थित गहरे कुएं में कूद गई।

    महिला के कुएं में उतरने की जानकारी मिलते ही पति ने उसे बचाने का प्रयास किया। उसने कुएं में रस्सी डाली और पत्नी से बाहर आने को कहा लेकिन महिला ने इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक उसने शर्त रखी कि जब तक पति ग्रामीणों के सामने हाथ जोड़कर माफी नहीं मांगेगा तब तक वह कुएं से बाहर नहीं आएगी। इस बीच मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। महिला को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रस्सी और चारपाई भी अंदर डाले जाने की जानकारी सामने आई है। कुएं में महिला के करीब आधे घंटे तक रहने से मौके पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई।

    आखिरकार पति ने ग्रामीणों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कान पकड़कर अपनी गलती स्वीकार करने का प्रयास किया। इसके बाद महिला शांत हुई और कुएं से बाहर निकल आई। घटना के दौरान किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रही। हालांकि महिला के बाहर आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। यह स्पष्ट नहीं है कि दंपती के बीच पहले हुए विवादों को लेकर कभी पुलिस या किसी अन्य स्तर पर शिकायत की गई थी या नहीं।

    दिनारा थाना प्रभारी रवींद्र कुशवाहा के मुताबिक फिलहाल महिला या उसके परिवार की ओर से पुलिस थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने बताया कि यदि महिला या उसका परिवार शिकायत लेकर आता है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस के पास औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है इसलिए घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

    यह घटना घरेलू विवाद के दौरान पैदा हुई गंभीर स्थिति को सामने लाती है। कुएं जैसे खतरनाक स्थान पर पहुंचना महिला की जान के लिए जोखिम भरा हो सकता था। ऐसे मामलों में विवाद बढ़ने पर सुरक्षित तरीके से मदद लेना और जरूरत पड़ने पर पुलिस या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करना जरूरी है। फिलहाल महिला के कुएं से सुरक्षित बाहर आने के बाद आगे की स्थिति पर नजर है और पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।

  • सड़क पर हंसिया लेकर मचाया हंगामा, दो भाइयों से गाली-गलौज और हमले की कोशिश, साथी बाइक लेकर फरार

    सड़क पर हंसिया लेकर मचाया हंगामा, दो भाइयों से गाली-गलौज और हमले की कोशिश, साथी बाइक लेकर फरार


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के कोर्ट रोड स्थित दुर्गा टॉकीज के पास बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाथ में हंसिया लेकर पहुंचे एक युवक ने दो भाइयों के साथ गाली-गलौज करते हुए हमला करने का प्रयास किया। आरोप है कि युवक नशे की हालत में सड़क पर हंसिया लहराते हुए दोनों भाइयों की ओर बढ़ा। अपनी सुरक्षा के लिए दोनों भाइयों ने उसे पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे बाइक सवार दो युवक दुर्गा टॉकीज के पास पहुंचे थे। इनमें से एक युवक के हाथ में हंसिया था। आरोप है कि उसने नशे की हालत में सड़क पर हंसिया लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े नीरज शर्मा तथा उनके भाई के पास पहुंचकर गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि युवक ने दोनों भाइयों पर हंसिया से हमला करने की कोशिश भी की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जमा हो गई।

    बताया गया कि अपनी सुरक्षा के लिए नीरज शर्मा और उनके भाई ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए गए। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने युवक के बंधे हुए पैर खोले और उसे अपने वाहन से थाने ले गई। मौके पर हुई इस कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ लगी रही। हालांकि घटनास्थल पर युवक को पकड़ने के दौरान क्या-क्या हुआ इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    हंगामा करने वाले युवक की पहचान दीपक नामदेव निवासी कृष्णपुरम कॉलोनी के रूप में बताई गई है। वह बाइक पर एक अन्य युवक के साथ वहां पहुंचा था। घटना के दौरान उसके साथ मौजूद दूसरा युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसके साथी के बारे में जानकारी जुटा सकती है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर सकती है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दीपक नामदेव ने नीरज शर्मा और उनके भाई पर हमला करने का प्रयास क्यों किया। जानकारी के अनुसार नीरज शर्मा ने भी आरोपी को पहचानने से इनकार किया है। ऐसे में विवाद की वजह सामने आना बाकी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दोनों भाइयों के बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    दुर्गा टॉकीज के पास रात के समय हुई इस घटना ने कुछ देर के लिए इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक के साथ मौके पर मौजूद दूसरे व्यक्ति की भूमिका भी स्पष्ट होना बाकी है।