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  • शिवपुरी में तेज आंधी-बारिश का कहर: चार मकानों की टीन शेड उड़ीं, जान बचाने घरों से बाहर भागे लोग

    शिवपुरी में तेज आंधी-बारिश का कहर: चार मकानों की टीन शेड उड़ीं, जान बचाने घरों से बाहर भागे लोग


    मध्‍यप्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बदरवास थाना क्षेत्र के चितारा गांव में तेज हवाओं और बारिश के चलते चार मकानों की टीन शेड उड़ गईं। घटना के समय घरों में मौजूद लोगों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत बाहर निकलना पड़ा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।

    ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते कई मकानों की टीन शेड हवा में उड़ गईं। चितारा गांव निवासी भरत जाटव के घर में उस समय उनका दिव्यांग भाई छोटू जाटव, पत्नी मायावती, मां श्रीयाबाई और चार बच्चे मौजूद थे। अचानक छत की टीन शेड उड़ने लगी तो परिवार में अफरा-तफरी मच गई। सभी लोग घबराकर घर से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थान पर शरण ली।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज हवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में कई मकानों को नुकसान पहुंच गया। भरत जाटव के अलावा विजय जाटव, लखन जाटव और इमरत जाटव के मकानों की टीन शेड भी तेज आंधी में उड़ गईं। बारिश के कारण घरों में रखा घरेलू सामान, कपड़े और अनाज भी भीगकर खराब हो गया।

    इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल मकानों तक ही सीमित नहीं रहा। विजय जाटव की मोटरसाइकिल पर टीन शेड का हिस्सा गिर गया, जिससे वाहन को भी नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक हुए इस नुकसान ने प्रभावित परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि कई लोगों के लिए यह मकान और उसमें रखा सामान ही उनकी जीवनभर की पूंजी है।

    गांव के लोगों ने बताया कि आंधी और बारिश का असर इतना ज्यादा था कि कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोग अपने घरों से निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल देखा गया। हालांकि मौसम सामान्य होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

    घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों की टीन शेड उड़ गई हैं, उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है ताकि वे अपने घरों की मरम्मत कर सकें और सामान्य जीवन फिर से शुरू कर सकें।

  • अवैध रेत कारोबार की सूचना देने के शक में किसान पर हमला: ट्रैक्टर में मारी टक्कर, लाठी-डंडों से पीटा, तीन पर केस

    अवैध रेत कारोबार की सूचना देने के शक में किसान पर हमला: ट्रैक्टर में मारी टक्कर, लाठी-डंडों से पीटा, तीन पर केस


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। पिपरोदा अटलपुर गांव में एक किसान पर कथित रूप से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की सूचना देने के शक में हमला कर दिया गया। आरोप है कि तीन लोगों ने पहले किसान के ट्रैक्टर में टक्कर मारी और बाद में लाठी-डंडों तथा लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।

    पीड़ित अर्जुन सिंह गुर्जर ने बदरवास थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मंगलवार शाम करीब 6 बजे वह गांव में लाल साहब गुर्जर के घर के सामने खड़ा था। इसी दौरान गांव के रहने वाले सादान गुर्जर, रामकृष्ण गुर्जर और राजू गुर्जर ट्रैक्टर लेकर वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने आते ही उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

    अर्जुन सिंह के अनुसार जब उसने गाली देने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायत में बताया गया है कि सादान गुर्जर ने लाठी से उसके सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा। इसके बाद राजू गुर्जर ने उसके दाहिने हाथ पर और रामकृष्ण गुर्जर ने बाएं हाथ की उंगली के पास लाठी से हमला किया।

    पीड़ित का आरोप है कि तीनों हमलावरों ने मिलकर उसे जमीन पर गिरा दिया और लात-घूंसों से मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने अपने ट्रैक्टर से उसके ट्रैक्टर में टक्कर मारकर नुकसान भी पहुंचाया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    मारपीट और हंगामे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह पीड़ित को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। ग्रामीणों को आता देख तीनों आरोपी वहां से भाग निकले। घटना के बाद घायल किसान को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमले के पीछे पुरानी रंजिश और अवैध रेत कारोबार का विवाद है। अर्जुन सिंह का कहना है कि सादान, रामकृष्ण और राजू गुर्जर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से जुड़े हुए हैं। उन्हें शक था कि उनके अवैध कारोबार की जानकारी रेंज विभाग और पुलिस तक अर्जुन सिंह के परिवार द्वारा पहुंचाई जाती है। इसी संदेह और रंजिश के चलते आरोपियों ने हमला किया।

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि मारपीट के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने बदरवास थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर अवैध रेत कारोबार से जुड़े विवादों और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

  • 85 वर्षीय किसान की जमीन पर फर्जी अनुबंध का आरोप: कोर्ट के आदेश पर FIR, दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस

    85 वर्षीय किसान की जमीन पर फर्जी अनुबंध का आरोप: कोर्ट के आदेश पर FIR, दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी में एक बुजुर्ग किसान की जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ग्वालियर बायपास रोड निवासी 85 वर्षीय किसान रामजीलाल वर्मा की जमीन का कथित रूप से फर्जी अनुबंध कराने के आरोप में कोतवाली थाना पुलिस ने न्यायालय के निर्देश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश के बाद की गई है।

    पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में शिवपुरी के किड्स गार्डन स्कूल के पास रहने वाले शिवकुमार गौतम को आरोपी बनाया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 336(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले ने शहर में जमीन संबंधी विवादों और दस्तावेजों में कथित हेराफेरी के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

    शिकायतकर्ता रामजीलाल वर्मा के अनुसार, उनके नाम राजस्व अभिलेखों में सर्वे नंबर 609/2 की भूमि दर्ज है और वे इसके वैध स्वामी हैं। आरोप है कि फरवरी 2024 में शिवकुमार गौतम ने इस भूमि को अपनी बताते हुए हेमंत कुमार गुप्ता के साथ अनुबंध कर लिया। शिकायत में दावा किया गया है कि यह अनुबंध पूरी तरह फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया था।

    रामजीलाल वर्मा का कहना है कि इस कथित अनुबंध का उद्देश्य उनकी संपत्ति पर अवैध दावा स्थापित करना और आर्थिक लाभ प्राप्त करना था। जब उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

    बताया गया है कि रामजीलाल वर्मा ने पहले फिजिकल थाना, कोतवाली थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्याय की उम्मीद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और परिवाद प्रस्तुत किया।

    मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों का अवलोकन किया। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत कोतवाली थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने विधिवत मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    कोतवाली थाना पुलिस अब कथित अनुबंध से जुड़े दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि अनुबंध किन परिस्थितियों में तैयार किया गया, उसमें प्रयुक्त दस्तावेजों की वैधता क्या है और कहीं किसी प्रकार की जालसाजी या कूटरचना तो नहीं की गई।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है और पुलिस दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

    यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि भूमि संबंधी मामलों में दस्तावेजों की पारदर्शिता और सत्यापन कितना महत्वपूर्ण है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और इस पूरे प्रकरण में किसकी क्या भूमिका रही।

  • शिवपुरी में अवैध रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: सिंध नदी घाट से 13 वाहन जब्त, मचा हड़कंप

    शिवपुरी में अवैध रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: सिंध नदी घाट से 13 वाहन जब्त, मचा हड़कंप


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बदरवास थाना क्षेत्र स्थित सिंध नदी के रिजौदी घाट पर बुधवार रात माइनिंग विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत खनन और परिवहन में लगे 13 वाहनों को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई में 10 ट्रैक्टर और 3 हाइड्रा वाहन शामिल हैं। प्रशासन की इस सख्ती से क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, माइनिंग विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि सिंध नदी के विभिन्न घाटों से बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। इन शिकायतों के आधार पर माइनिंग विभाग ने बदरवास थाना पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार देर रात जब टीम रिजौदी घाट पहुंची तो वहां अवैध रूप से रेत निकालने और ढोने का काम चल रहा था।

    अचानक हुई छापेमारी को देखकर वाहन चालक और खनन से जुड़े लोग अपने वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद माइनिंग विभाग और पुलिस ने मौके पर मौजूद 13 वाहनों को जब्त कर लिया। सभी जब्त वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से बदरवास थाना परिसर में पुलिस की निगरानी में खड़ा कराया गया है।

    अधिकारियों का कहना है कि रिजौदी घाट पर की गई यह कार्रवाई हाल के समय में जिले की सबसे बड़ी खनन विरोधी कार्रवाइयों में से एक है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे अवैध खनन करने वालों को कड़ा संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

    माइनिंग इंस्पेक्टर ऋषभ दीक्षित ने बताया कि यह कार्रवाई कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई है। उन्होंने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ जिलेभर में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। रिजौदी घाट से कुल 13 वाहन जब्त किए गए हैं और उनके खिलाफ नियमानुसार प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं।

    माइनिंग विभाग की कार्रवाई केवल रिजौदी घाट तक सीमित नहीं रही। विभाग ने गोपालपुर थाना क्षेत्र में भी अवैध उत्खनन के दौरान एक जेसीबी मशीन को पकड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

    जब्त किए गए वाहनों और मशीनों से जुड़े सभी मामलों की रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद संबंधित वाहन मालिकों और खनन गतिविधियों में शामिल लोगों पर नियमानुसार जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि शिवपुरी जिले में सिंध नदी के कई घाट लंबे समय से अवैध रेत कारोबार का केंद्र बने हुए हैं। प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में ताजा कार्रवाई को प्रशासन की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • गुजरात के होटल में प्रेमिका की हत्या का आरोप, शिवपुरी ला रही पुलिस टीम के सामने हुई सनसनीखेज वारदात

    गुजरात के होटल में प्रेमिका की हत्या का आरोप, शिवपुरी ला रही पुलिस टीम के सामने हुई सनसनीखेज वारदात


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से जुड़े एक मामले में गुजरात के गांधी नगर जिले में ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया है। पुलिस के अनुसार, शिवपुरी से फरार हुए एक प्रेमी जोड़े को गुजरात से बरामद कर वापस लाया जा रहा था। इसी दौरान होटल में ठहरने के समय युवती की मौत हो गई, जबकि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक पर युवती की हत्या करने और बाद में खुद को घायल करने का आरोप है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी जिले के देहात थाना क्षेत्र के पिपरसमा गांव निवासी 21 वर्षीय रजनी धाकड़ और 25 वर्षीय संतोष जाटव 7 जून को घर से चले गए थे। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर उनकी तलाश शुरू की। पुलिस टीम युवती के भाई को साथ लेकर गुजरात पहुंची और 11 जून को दोनों को राजकोट जिले के सांपर क्षेत्र से बरामद कर लिया।

    इसके बाद पुलिस टीम दोनों को लेकर शिवपुरी लौट रही थी। लंबी यात्रा के चलते टीम ने गांधी नगर से आगे उदयपुर हाईवे पर स्थित एक होटल में रात के समय विश्राम करने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार, होटल के कमरे में पुलिसकर्मी, दोनों युवक-युवती और युवती का भाई समेत कुल छह लोग मौजूद थे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, देर रात करीब दो से ढाई बजे के बीच कमरे में अचानक हलचल और चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी। मौजूद लोगों के जागने पर युवती गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली, जबकि युवक भी घायल था। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने युवती को मृत घोषित कर दिया, जबकि युवक को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

    घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि युवक की तलाशी ली गई थी और उसके पास कोई धारदार वस्तु नहीं मिली थी। हालांकि, महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने के कारण युवती की तलाशी नहीं ली गई थी। ऐसे में घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार कहां से आया, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।

    चूंकि घटना गुजरात के गांधी नगर जिले के अंतर्गत हुई है, इसलिए स्थानीय चिलोड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिवपुरी पुलिस के अधिकारियों ने भी घटना की पुष्टि की है और बताया है कि अब पूरे मामले की जांच गुजरात पुलिस के अधिकार क्षेत्र में की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। होटल स्टाफ, प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस टीम के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही होटल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल युवक अस्पताल में उपचाराधीन है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

  • 39 लाख की सप्लाई ठगी का आरोपी जयपुर से गिरफ्तार, भरोसा जीतकर कारोबारी को लगाया चूना

    39 लाख की सप्लाई ठगी का आरोपी जयपुर से गिरफ्तार, भरोसा जीतकर कारोबारी को लगाया चूना


    मध्‍य प्रदेश। शिवपुरी में एक बड़े सप्लाई फ्रॉड मामले का खुलासा करते हुए देहात थाना पुलिस ने करीब एक साल से फरार चल रहे आरोपी राजीव भाटिया को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर एक कारोबारी से मार्केटिंग सामग्री सप्लाई के नाम पर 39.49 लाख रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप है।

    पुलिस के अनुसार, शिवपुरी के छोटा लुहारपुरा निवासी राहुल गुप्ता, जो ‘श्री मां इंटरप्राइजेज’ नाम से मार्केटिंग व्यवसाय चलाते हैं, उनकी मुलाकात जयपुर स्थित ‘आरबीएम मार्ट प्राइवेट लिमिटेड’ के संचालक राजीव भाटिया से हुई थी। शुरुआत में आरोपी ने समय पर भुगतान लेकर माल की सप्लाई कर दी, जिससे दोनों के बीच विश्वास बन गया।

    यही भरोसा बाद में ठगी का आधार बन गया। अगस्त 2024 से राहुल गुप्ता ने आरोपी की कंपनी के खाते में लगातार आरटीजीएस के जरिए बड़ी रकम भेजनी शुरू कर दी। शुरुआती दौर में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने माल भेजना बंद कर दिया और संपर्क से बचने लगा।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कुल 39 लाख 49 हजार रुपये प्राप्त करने के बाद न तो कोई माल सप्लाई किया और न ही रकम वापस लौटाई। जब कारोबारी ने पैसे या सामान की मांग की तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा।

    मामले को लेकर पीड़ित राहुल गुप्ता ने बताया कि जनवरी 2025 में वह अपने भाई के साथ जयपुर पहुंचे थे, जहां उनकी मुलाकात आरोपी से होटल रॉयल ऑर्किड में हुई थी। वहां आरोपी ने पान मसाला ब्रांड लॉन्च करने की बात कही और 20 जनवरी से सप्लाई शुरू करने का आश्वासन दिया, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं हुआ।

    बैंक ट्रांजेक्शन, दस्तावेज और अन्य सबूतों की जांच के बाद पुलिस ने पाया कि यह पूरा मामला सुनियोजित धोखाधड़ी का है। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अमानत में खयानत जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

    देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। आखिरकार तकनीकी निगरानी और इनपुट के आधार पर उसे जयपुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी ठगी की है।

  • विश्व साइकिल दिवस पर सड़कों पर उतरे ITBP जवान, फिट इंडिया का दिया संदेश

    विश्व साइकिल दिवस पर सड़कों पर उतरे ITBP जवान, फिट इंडिया का दिया संदेश


    मध्य प्रदेश । विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर शिवपुरी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईटीआई) द्वारा एक प्रेरणादायी साइकिल रैली का आयोजन किया गया। ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत आयोजित इस रैली का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया।

    रैली का शुभारंभ संस्थान के उप महानिरीक्षक (दूरसंचार) राजेश चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए साइकिलिंग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता और तनाव के बीच साइकिल चलाना स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का एक सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम है। नियमित साइकिलिंग न केवल शरीर को सक्रिय रखती है, बल्कि हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को भी कम करने में सहायक होती है।

    राजेश चौधरी ने कहा कि साइकिल चलाने से शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है, शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है और मोटापा, मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि साइकिलिंग मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है, क्योंकि यह तनाव और चिंता को कम करने में सहायक होती है तथा व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

    कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। डीआईजी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच साइकिल का उपयोग एक प्रभावी समाधान बन सकता है। साइकिल चलाने से ईंधन की बचत होती है, कार्बन उत्सर्जन कम होता है और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में योगदान मिलता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों की बजाय साइकिल का उपयोग करें तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

    इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों को ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल चलाने की आदत विकसित करे, ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि फिट और स्वस्थ नागरिक ही एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    रैली में शामिल अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं ने नियमित व्यायाम और साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। कार्यक्रम का समापन स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि समाज को स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की दिशा में प्रेरित करने वाला एक सकारात्मक प्रयास भी साबित हुआ।

  • जमीन के बंटवारे पर भाइयों में बवाल, हिस्सेदारी मांगने पर तीसरे भाई की पिटाई

    जमीन के बंटवारे पर भाइयों में बवाल, हिस्सेदारी मांगने पर तीसरे भाई की पिटाई


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के रातोर गांव में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद उस समय हिंसक हो गया जब दो भाइयों पर अपने ही तीसरे भाई के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। घटना में घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, रातोर गांव निवासी अतर सिंह जाटव अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में कुल छह भाई हैं और उनके पिता का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की संपत्ति का औपचारिक बंटवारा नहीं हो पाया है। परिवार के पास मकान, वाहन और अन्य पैतृक संपत्तियां हैं, जिन्हें लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है।

    अतर सिंह का आरोप है कि उनके भाई नेपाल जाटव ने परिवार की अधिकांश संपत्ति पर कब्जा कर रखा है और अन्य भाइयों को उनका हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार रात विवाद बढ़ गया। अतर सिंह के मुताबिक वह मजदूरी कर घर लौटे थे और उन्होंने अपने भाई से संपत्ति के बंटवारे के संबंध में चर्चा की। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई।

    घायल युवक का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर नेपाल जाटव ने उनके साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान उनके दूसरे भाई विनोद जाटव भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि दोनों भाइयों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। अतर सिंह का कहना है कि उन पर लाठी से हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान चप्पलों से भी उन्हें पीटा गया।

    घटना के बाद अतर सिंह घायल अवस्था में घर के आंगन में पड़े रहे। उनकी पत्नी अनिता जाटव ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी उनकी बेटी ने दी थी। जब वह मौके पर पहुंचीं तो उनके पति अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

    घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीण क्षेत्रों में पैतृक संपत्ति और जमीन के बंटवारे को लेकर होने वाले विवाद अक्सर पारिवारिक रिश्तों में तनाव पैदा कर देते हैं। कई बार ऐसे मामले हिंसक झगड़ों में बदल जाते हैं, जिससे परिवारों में लंबे समय तक कटुता बनी रहती है। रातोर गांव की यह घटना भी इसी प्रकार के विवाद का उदाहरण बनकर सामने आई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं घायल युवक का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है।

  • शिवपुरी में धरना दे रहे कांग्रेसियों पर हमला, नामजद शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप

    शिवपुरी में धरना दे रहे कांग्रेसियों पर हमला, नामजद शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में कांग्रेस के धरने के दौरान हिंसा का मामला सामने आया है। 27 मई को नवीन नगर परिषद भवन के पास चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच अचानक हालात बिगड़ गए, जब करीब 10 से 12 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 25 से 30 लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों के हाथों में लाठी-डंडे और प्लास्टिक पाइप थे। धरना स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे।

    वीडियो वायरल, हमले की पुष्टि का दावा
    घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ नकाबपोश युवक बाइक से आते और फिर अचानक मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में भगदड़ और हंगामे जैसी स्थिति भी देखी जा सकती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह वीडियो हमले की पुष्टि करता है और इसी आधार पर आरोपियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

    कांग्रेस का आरोप: सुनियोजित हमला, कार्रवाई में देरी
    ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल गुप्ता के अनुसार इस हमले में कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनमें अतुल पाराशर, राजवीर सिंह परमार, रामस्वरूप कुशवाह और चंद्रशेखर गौतम सहित अन्य शामिल हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और विपक्षी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने भी आरोप लगाया कि नामजद शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

    नामजद शिकायत और पुलिस की स्थिति
    कांग्रेस द्वारा दी गई शिकायत में मंगल लोधी, सुनील लोधी, आजाद लोधी, सौरव लोधी, जीवन लोधी, असवेन्द्र लोधी, कपूर लोधी और आकाश लोधी सहित कई लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि, पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार का कहना है कि कुछ नामजद आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जांच में घटना स्थल पर मौजूदगी साबित नहीं हुई है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज में कई लोग चेहरा ढके हुए नजर आए हैं, जिससे पहचान में कठिनाई हो रही है।

    पुलिस के अनुसार पहले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता नामजद एफआईआर पर अड़े रहे। फिलहाल मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जांच जारी, तनाव बरकरार
    घटना के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और कांग्रेस लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है। वहीं पुलिस जांच और साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

  • जन्मदिन पार्टी में खाने के ऑर्डर को लेकर मारपीट: शिवपुरी के होटल में दो गुट भिड़े, मैनेजर घायल

    जन्मदिन पार्टी में खाने के ऑर्डर को लेकर मारपीट: शिवपुरी के होटल में दो गुट भिड़े, मैनेजर घायल


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित होटल ग्रीन व्यू में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जन्मदिन की पार्टी के दौरान खाने के ऑर्डर को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस घटना में दोनों गुटों के कई लोग घायल हुए, जबकि बीच-बचाव करने आए होटल मैनेजर को भी चोटें आईं।

    जानकारी के अनुसार, शक्तिपुरम खुड़ा निवासी फैजल खान अपने साथियों के साथ ट्रैक्टर एजेंसी संचालक सतीश धाकड़ का जन्मदिन मनाने होटल पहुंचे थे। इसी दौरान होटल संचालक अनुज अग्रवाल के बेटे कार्तिक अग्रवाल भी अपने दोस्तों के साथ अलग जन्मदिन पार्टी मना रहे थे। दोनों समूहों की मौजूदगी के बीच खाने के ऑर्डर को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही तीखी बहस और फिर हिंसक झड़प में बदल गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चले और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। झगड़े के दौरान होटल स्टाफ ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन होटल मैनेजर जाहिद खान भी इस मारपीट की चपेट में आ गए और उन्हें चोट लगी।

    घटना के दौरान होटल परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी बीच चर्चा यह भी रही कि एक बैग में करीब 2 लाख 20 हजार रुपए नकद रखे थे, हालांकि बाद में यह राशि सुरक्षित रूप से उसके मालिक सतीश धाकड़ को लौटा दी गई।

    सूचना मिलने पर मामला कोतवाली थाने पहुंचा, जहां दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। पुलिस की मौजूदगी में हुई बातचीत के बाद दोनों गुटों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर लिया और किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई। होटल संचालक ने भी नुकसान को लेकर कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी। फिलहाल पुलिस ने मामले को राजीनामे के आधार पर निपटा दिया है, लेकिन घटना ने होटल में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।