Tag: Shivpuri News

  • शिवपुरी में ट्रैफिक का सख्त एक्शन: बिना नंबर प्लेट 25 वाहन जब्त

    शिवपुरी में ट्रैफिक का सख्त एक्शन: बिना नंबर प्लेट 25 वाहन जब्त

    शिवपुरी  शिवपुरी शहर में यातायात पुलिस ने नियम उल्लंघन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार देर शाम विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत बिना नंबर प्लेट वाले दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई की गई और कुल 25 बाइक व स्कूटी को जब्त कर यातायात थाने लाया गया।

    अभियान शहर के प्रमुख चौराहों पर चलाया गया, जहां पुलिस ने जांच के दौरान कई ऐसे वाहन पकड़े जो बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे थे। कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि इनमें से कई वाहन नाबालिग और स्कूली बच्चों द्वारा चलाए जा रहे थे, जो यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

    यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना नंबर प्लेट के वाहन दुर्घटना या किसी आपराधिक घटना की स्थिति में पहचान के लिए बड़ी समस्या पैदा करते हैं, इसलिए इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    पुलिस ने जब्त किए गए सभी वाहनों के चालकों को यातायात थाने बुलाकर नंबर प्लेट लगाने के निर्देश दिए और आवश्यक समझाइश देने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस कार्रवाई के बाद शहर में वाहन चालकों के बीच सतर्कता बढ़ गई है और यातायात नियमों के पालन को लेकर पुलिस की सख्ती का संदेश स्पष्ट रूप से गया है।

  • शिवपुरी में रेत खनन को लेकर टकराव, पुजारी और माफिया आमने-सामने

    शिवपुरी में रेत खनन को लेकर टकराव, पुजारी और माफिया आमने-सामने


    शिवपुरी शिवपुरी जिले के करेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुनारी चौकी इलाके में अवैध रेत खनन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। खाती बाबा मंदिर के पास बुधवार शाम उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब मंदिर के पुजारी ने रेत खनन का विरोध किया, जिसके बाद कथित रेत माफियाओं से उनका टकराव हो गया।

    जानकारी के अनुसार, दतिया जिले से जुड़े कुछ रेत कारोबारी पहले रौनेजा घाट से खनन कर रहे थे, लेकिन कार्रवाई और विरोध के बाद उन्होंने जरगंवा घाट की ओर रुख किया, जो खाती बाबा मंदिर के नजदीक बताया जा रहा है। इसी दौरान खनन गतिविधियों को लेकर विरोध शुरू हुआ और मामला बढ़ते-बढ़ते विवाद तक पहुंच गया।

    मंदिर के महंत ने आरोप लगाया कि अवैध खनन का विरोध करने पर माफियाओं द्वारा धमकी दी गई और यहां तक कि फायरिंग जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस जांच में की जा रही है।

    सूचना मिलते ही सुनारी चौकी पुलिस और करेरा तहसीलदार मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई करते हुए एक एलएनटी पोकलेन मशीन और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए।

    पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश जारी है। प्रशासन ने क्षेत्र में अवैध खनन पर सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं।

    फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता का माहौल बना हुआ है।

  • शिवपुरी में गंगा दशहरा पर विवाद: नपा अध्यक्ष ने लगाया अपमान का आरोप, प्रदेश नेतृत्व से शिकायत की बात कही

    शिवपुरी में गंगा दशहरा पर विवाद: नपा अध्यक्ष ने लगाया अपमान का आरोप, प्रदेश नेतृत्व से शिकायत की बात कही


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के गोरखनाथ मंदिर परिसर में गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ कार्यक्रम उस समय विवादों में आ गया, जब नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा मंच से नाराज होकर अचानक नीचे उतर गईं और कार्यक्रम स्थल से चली गईं। इस घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

    कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत और माल्यार्पण किया जा रहा था। इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा असंतुष्ट नजर आईं और कुछ ही देर बाद उन्होंने मंच छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मंच पर उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर वे काफी नाराज थीं।

    नगर पालिका अध्यक्ष ने इस पूरे मामले के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ईशांक धाकड़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गायत्री शर्मा का कहना है कि यह कार्यक्रम नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित किया गया था, लेकिन सीएमओ द्वारा उनके लिए मंच पर कुर्सी तक की व्यवस्था नहीं की गई, जिसे उन्होंने अपमानजनक बताया।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सम्मान समारोह चल रहा था, तब उनका नाम मंच से नहीं पुकारा गया, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस हुआ। इस घटना के बाद वे नाराज होकर मंच से उतर गईं।

    गायत्री शर्मा ने इसे महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर महिला जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार चिंता का विषय है।

    उन्होंने यह भी कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व तक करेंगी। उनके अनुसार, वे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश के प्रभारी मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं से इस घटना की शिकायत करेंगी।

    वहीं दूसरी ओर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी ईशांक धाकड़ ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष मंच पर मौजूद थीं और कार्यक्रम के दौरान उनका नाम भी सम्मानपूर्वक लिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वे अचानक मंच छोड़कर क्यों चली गईं।

    इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मंच पर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव, कलेक्टर अर्पित वर्मा और एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया भी मौजूद थे। घटना के बाद कार्यक्रम की चर्चा अब प्रशासनिक समन्वय और राजनीतिक विवाद के रूप में की जा रही है।

    फिलहाल मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे इसकी शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

  • सूखाराजापुर में आग का कहर, ग्रामीणों की कोशिश के बावजूद नहीं बच सकीं भैंसें

    सूखाराजापुर में आग का कहर, ग्रामीणों की कोशिश के बावजूद नहीं बच सकीं भैंसें


    मध्य प्रदेश । Shivpuri जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सूखाराजापुर में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक पशुशाला (खड़ेरा) में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना ने पूरे गांव को दहला दिया और पशुपालक परिवार को भारी नुकसान झेलना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच पुष्पेन्द्र सिंह लोधी अपने घर पर मौजूद थे, तभी उन्हें पशुशाला से तेज धुआं उठता दिखाई दिया। जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि आग तेजी से फैल चुकी थी और अंदर बंधे पशु जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

    घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों को बुलाया गया और सभी ने मिलकर आग बुझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दो भैंसों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं चार गायें गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

    Shivpuri में इस हादसे के बाद पशुपालक परिवार को करीब 2 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है, क्योंकि पशु ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं।

    फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले में आगजनी का प्रकरण दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। सहायक उप निरीक्षक को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग किसी तकनीकी कारण से लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

    ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था की जरूरत को उजागर कर दिया है।

  • 10 फीट गड्ढे में फंसा सांड, नगर परिषद की टीम ने ऐसे निकाला बाहर

    10 फीट गड्ढे में फंसा सांड, नगर परिषद की टीम ने ऐसे निकाला बाहर


    मध्यप्रदेश। शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में उस समय राहत भरी खबर सामने आई जब दो दिनों से 10 फीट गहरे गड्ढे में फंसे एक सांड को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह सांड नवीन सब्जी मंडी क्षेत्र स्थित आईटीआई कॉलेज के पास बनी पानी की टंकी के गड्ढे में गिर गया था, जिससे वह बाहर नहीं निकल पा रहा था।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, सांड करीब दो दिनों से उसी गड्ढे में फंसा हुआ था। लगातार कोशिशों के बावजूद वह बाहर नहीं निकल सका, जिसके बाद मामले की सूचना नगर परिषद और संबंधित संगठनों को दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू टीम सक्रिय हुई।

    सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। पहले सांड को सुरक्षित तरीके से शांत करने का प्रयास किया गया, ताकि उसे बिना किसी चोट के बाहर निकाला जा सके।

    इसके बाद जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से गड्ढे के आसपास की स्थिति को नियंत्रित किया गया। काफी मशक्कत और सावधानीपूर्वक प्रयासों के बाद आखिरकार सांड को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिल गई। पूरे ऑपरेशन के दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर मौजूद रही और राहत की सांस ली गई।

    यह रेस्क्यू अभियान लगभग दो दिनों तक चला, जिसमें सभी टीमों ने मिलकर धैर्य और सूझबूझ के साथ काम किया। सफल रेस्क्यू के बाद सांड को सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।

    इस घटना ने स्थानीय स्तर पर राहत का माहौल बनाया और यह भी दिखाया कि आपसी सहयोग से मुश्किल से मुश्किल स्थिति को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

  • शिवपुरी में पुरानी रंजिश पर खूनी संघर्ष, कई लोग घायल

    शिवपुरी में पुरानी रंजिश पर खूनी संघर्ष, कई लोग घायल


    शिवपुरी  मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के खद्द गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गड़ासी, लाठी-डंडों और बंदूक तक का इस्तेमाल किया गया। घटना में दोनों पक्षों के 6 से 7 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच पिछले करीब आठ महीने से विवाद चला आ रहा था। बताया जा रहा है कि पहले एक पक्ष का युवक दूसरे पक्ष की बहू को अपने साथ ले गया था। बाद में पुलिस ने महिला को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था। तभी से दोनों परिवारों के बीच तनाव बना हुआ था और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही थी।

    शनिवार सुबह यह रंजिश फिर हिंसक झड़प में बदल गई। खद्द गांव निवासी बृजमोहन यादव अपने भाई सियाराम यादव के साथ खेत पर पानी की मोटर चालू करने पहुंचे थे। इसी दौरान गांव के ऐवरन यादव, वीरू यादव, सिंधिया यादव और मेघसिंह यादव वहां आ गए। आरोप है कि ऐवरन यादव बंदूक लेकर पहुंचा था और आते ही पुरानी दुश्मनी को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी।

    विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान गड़ासी और लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। हमले में सियाराम यादव के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि सेवा यादव के हाथ, रामहेत यादव के माथे और हाथ, लोकेन्द्र यादव के कंधे और पैर तथा राजेन्द्र यादव के सिर में चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचे बृजमोहन यादव भी घायल हो गए।

    घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की निगरानी में सभी का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बैराड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।

    पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और हमला करने के आरोप लगाए हैं। इसी आधार पर क्रॉस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान बंदूक का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।

    गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

  • कीमती सामान नहीं मिला तो जूते चुराकर भागे चोर, CCTV में कैद

    कीमती सामान नहीं मिला तो जूते चुराकर भागे चोर, CCTV में कैद


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र के खतौरा गांव में चोरी की एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां शनिवार देर रात 7 से 8 बदमाश चोरी की नीयत से एक घर में घुसे, लेकिन जब उन्हें कोई कीमती सामान नहीं मिला तो वे घर से दो जोड़ी जूते चुराकर फरार हो गए। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है।

    जानकारी के अनुसार, खतौरा गांव निवासी मोहर सिंह कुशवाह के घर में शनिवार रात करीब 3:38 बजे बदमाश बाउंड्री फांदकर अंदर दाखिल हुए। सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध घर के आसपास घूमते और छत पर चढ़ने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बदमाश करीब 10 मिनट तक घर के अंदर और बाहर मंडराते रहे। कुछ आरोपियों के पास हथियार होने की भी आशंका जताई गई है।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह करीब 4 बजे मोहर सिंह कुशवाह की नींद खुली। उन्होंने घर में लगे एलसीडी स्क्रीन पर देखा कि कुछ सीसीटीवी कैमरों के एंगल बदले हुए हैं। शक होने पर जब रिकॉर्डिंग चेक की गई तो घर में कई बदमाश घूमते नजर आए।

    परिवार के अनुसार, चोरों ने घर में काफी तलाश की, लेकिन उन्हें कोई नकदी या कीमती सामान हाथ नहीं लगा। आखिर में बदमाश किरायेदारों के दो जोड़ी जूते उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय संदिग्ध गतिविधियां बढ़ रही हैं और पुलिस गश्त को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। यह घटना भले ही सुनने में अजीब लगे, लेकिन इससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि अगर बदमाश हथियार लेकर घरों में घुस रहे हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

  • शिवपुरी में लिव-इन रिश्ते को लेकर विवाद, महिला ने लगाया शोषण का आरोप

    शिवपुरी में लिव-इन रिश्ते को लेकर विवाद, महिला ने लगाया शोषण का आरोप


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में एक महिला के साथ कथित तौर पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण किए जाने का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र की गणेश कॉलोनी में रहने वाले एक सिनेमैटोग्राफर पर आरोप है कि उसने पहले महिला को प्रेमजाल में फंसाया, फिर उसके वैवाहिक जीवन को खत्म करवाया और बाद में शादी से इनकार कर उसे घर से निकाल दिया।

    पीड़िता ग्वालियर की रहने वाली 25 वर्षीय शादीशुदा महिला है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी मोक्ष सिकरवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शादी समारोह में हुई थी पहली मुलाका
    महिला के अनुसार करीब तीन साल पहले वह एक शादी समारोह में शामिल होने शिवपुरी आई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात फिल्म मेकिंग और सिनेमैटोग्राफी से जुड़े मोक्ष सिकरवार से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। महिला ने आरोपी को यह भी बताया था कि वह पहले से शादीशुदा है और उम्र में उससे बड़ी भी है। इसके बावजूद आरोपी लगातार संपर्क में बना रहा। करीब दो साल तक दोनों के बीच बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा।

    पति को पता चला तो बढ़ा विवाद
    महिला का कहना है कि जब उसके पति को इस रिश्ते की जानकारी मिली तो घर में विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान आरोपी ने उसे पति से तलाक लेने के लिए दबाव बनाया। बाद में दोनों का न्यायालय के माध्यम से तलाक हो गया। तलाक के बाद महिला शिवपुरी की गणेश कॉलोनी स्थित आरोपी के घर में रहने लगी। दोनों करीब एक साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे।

    शादी का वादा कर किया शोषण
    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया और इसी भरोसे पर वह उसके साथ रहती रही। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि करीब एक साल बाद आरोपी का व्यवहार बदलने लगा और जब उसने शादी की बात की तो उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उसे घर से निकाल दिया।

    “अब कहीं जाने की जगह नहीं बची”
    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अब वह न तो अपने मायके लौट सकती है और न ही अपने पूर्व पति के पास जा सकती है। खुद को असहाय महसूस करते हुए उसने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी में सड़क पर हंगामा, बदमाशों ने वाहन को बनाया निशाना

    शिवपुरी में सड़क पर हंगामा, बदमाशों ने वाहन को बनाया निशाना

    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में बीती रात कोतवाली थाना क्षेत्र के शंकर कॉलोनी में एक वाहन पर तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। अज्ञात बदमाशों ने विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष प्रकाश सोनी की थार रॉक्स कार को निशाना बनाया और उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

    पत्थर मारकर तोड़े शीशे, म्यूजिक सिस्टम भी क्षतिग्रस्त
    जानकारी के अनुसार, प्रकाश सोनी की कार मामा टावर के पास खड़ी थी, तभी देर रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर मारकर पीछे का शीशा पूरी तरह तोड़ दिया। इसके साथ ही आगे का शीशा और कार का म्यूजिक सिस्टम भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कार को हुए नुकसान से वाहन मालिक को काफी आर्थिक क्षति हुई है।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
    घटना की जानकारी मिलते ही प्रकाश सोनी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    शिवपुरी की यह घटना एक बार फिर रात में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों के पकड़े जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • शिवपुरी में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सख्ती: कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश, गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई

    शिवपुरी में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सख्ती: कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश, गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में गेहूं उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

    कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न की जानी चाहिए। इसी के तहत जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों पर नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने टोकन वितरण व्यवस्था, बारदाना उपलब्धता, गेहूं की गुणवत्ता और परिवहन व्यवस्था की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही किसानों को भुगतान समय पर हो रहा है या नहीं, इसकी भी समीक्षा की गई।

    डिप्टी कलेक्टर अजय शर्मा ने बैराड़ उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया, जबकि डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ ने मलावनी, कमालपुर और पिछोर स्थित उपार्जन केंद्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कुछ स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है।

    अधिकारियों ने केंद्रों पर किसानों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था की भी समीक्षा की। जहां कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

    प्रशासन का कहना है कि उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी केंद्रों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।