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  • शिवपुरी में कारों पर हुड़दंग का वीडियो वायरल, थाने के सामने से भी निकलीं गाड़ियां, 6 वाहन मालिकों पर पुलिस ने कसा शिकंजा

    शिवपुरी में कारों पर हुड़दंग का वीडियो वायरल, थाने के सामने से भी निकलीं गाड़ियां, 6 वाहन मालिकों पर पुलिस ने कसा शिकंजा


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में गरबा कार्यक्रम के प्रचार के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने का मामला सामने आया है। यहां कारों की छत पर बैठकर प्रचार करती युवतियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यातायात पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने छह कारों के मालिकों पर पांच-पांच हजार रुपये के हिसाब से कुल 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों की पहचान की गई और उनके नंबर ट्रेस कर वाहन मालिकों को यातायात थाने बुलाया गया। पुलिस ने सभी को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी है।

    जानकारी के मुताबिक मामला गुरुवार शाम का है जब शहर में आयोजित होने वाले एक गरबा कार्यक्रम के प्रचार के लिए करीब 20 कारों का काफिला निकाला गया था। बताया गया है कि एक होटल में होने वाले कार्यक्रम के प्रचार के लिए बालिकाओं और युवतियों को कारों में बैठाकर कस्टम गेट से शहर के प्रमुख मार्गों तक घुमाया गया। इस दौरान कुछ युवतियां कारों की छत पर बैठी दिखाई दीं। काफिला शहर के व्यस्त रास्तों से गुजरा और कोतवाली थाने के सामने से भी निकला। इस तरह सड़क पर चलती कारों की छत पर बैठकर प्रचार करने का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया और बाद में सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।

    वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अभियान चलाए जाने के बावजूद इस तरह की लापरवाही सामने आने पर पुलिस ने संबंधित वाहनों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस और कोतवाली पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों के नंबरों के आधार पर उनके मालिकों तक पहुंच बनाई। इसके बाद छह वाहन मालिकों को यातायात थाने बुलाकर कार्रवाई की गई। पुलिस ने प्रत्येक वाहन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जिससे कुल चालान राशि 30 हजार रुपये हो गई।

    कार्रवाई के दौरान संबंधित वाहन मालिकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। उन्होंने भविष्य में इस तरह की गलती नहीं दोहराने की बात भी कही। यातायात पुलिस ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कार्यक्रम के प्रचार या उत्सव के दौरान सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।

    चलती कार की छत पर बैठना दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकता है। अचानक ब्रेक लगने या वाहन के मोड़ लेने पर व्यक्ति का संतुलन बिगड़ सकता है और गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सवों के प्रचार के दौरान भी सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। शिवपुरी में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने संकेत दिया है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। लोगों से अपील है कि उत्सव का माहौल बनाए रखते हुए अपनी और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

  • शिवपुरी में त्योहार से पहले ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, दुकानदारों को चेतावनी और पार्किंग सुधारने के निर्देश

    शिवपुरी में त्योहार से पहले ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, दुकानदारों को चेतावनी और पार्किंग सुधारने के निर्देश


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में दीपावली के त्योहार से पहले बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार रात कलेक्टर अर्पित वर्मा ने पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के साथ शहर की प्रमुख सड़कों और बाजार क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ माधवचौक से कोर्ट रोड और गांधी चौक क्षेत्र तक पैदल चलकर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सड़क किनारे दुकानों के बाहर रखे सामान और स्टॉल को हटवाया गया। दुकानदारों को साफ चेतावनी दी गई कि सड़क पर अतिक्रमण कर यातायात बाधित करने की कोशिश न करें।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रेम स्वीट्स सहित कई दुकानदारों को दुकानों के बाहर सड़क की जगह का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने सड़क पर रखे स्टॉल और अन्य सामान को हटवाया ताकि वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। प्रशासन का मुख्य फोकस दीपावली के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जाम की स्थिति को रोकना है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख मार्गों पर किसी भी स्थिति में यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।

    कोर्ट रोड पर पिछले कुछ दिनों से हाथ ठेले लगाने पर रोक लगाई गई है। इसके बाद सड़क पहले की तुलना में ज्यादा खुली और व्यवस्थित नजर आ रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर कुछ व्यापारियों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कार्रवाई से जुड़े व्यापारियों ने कलेक्टर अर्पित वर्मा का फूल माला पहनाकर सम्मान किया। व्यापारियों की ओर से यह सम्मान शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए की जा रही कार्रवाई के समर्थन के तौर पर देखा गया।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सिर्फ अतिक्रमण हटाने पर ही जोर नहीं दिया बल्कि पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजार क्षेत्रों में वाहनों की पार्किंग व्यवस्थित तरीके से कराई जाए ताकि सड़क पर बेतरतीब वाहन खड़े न हों। दीपावली के दौरान खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचेंगे। ऐसे में यदि सड़क किनारे वाहन खड़े रहे और दुकानों के बाहर सामान फैला रहा तो यातायात व्यवस्था बिगड़ सकती है।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीपावली से पहले ही सभी प्रमुख बाजारों और मार्गों की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए। जहां भी सड़क पर अतिक्रमण दिखाई दे वहां कार्रवाई की जाए। साथ ही पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को बाजार तक पहुंचने और वापस लौटने में परेशानी न हो। प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार के दौरान शहर के मुख्य मार्ग खुले रहें और यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    दीपावली को लेकर बाजारों में अगले कुछ दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों और ठेला संचालकों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है। अब प्रशासन की नजर इस बात पर रहेगी कि कार्रवाई के बाद दोबारा सड़क पर अतिक्रमण न हो और त्योहार के दौरान शिवपुरी के बाजारों में लोगों को जाम की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • JCB के आगे लेट गए थे पेट्रोल पंप कर्मचारी, अब सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, जमीन विवाद में नया मोड़

    JCB के आगे लेट गए थे पेट्रोल पंप कर्मचारी, अब सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, जमीन विवाद में नया मोड़


    शिवपुरी । शिवपुरी के झांसी तिराहा स्थित गांधी पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद एक नए मोड़ पर आ गया है। मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई हुई जहां मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया गया। इस मामले में शिवपुरी नगर पालिका परिषद और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पक्ष बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार यह मामला 28 सितंबर को दर्ज हुआ था और मंगलवार को जस्टिस एमएम सुंदरेश तथा जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ के सामने सुनवाई हुई।

    दरअसल गांधी पेट्रोल पंप जिस जमीन पर संचालित हो रहा है उसे शिवपुरी नगर पालिका ने वर्ष 1960 में मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स को लीज पर दिया था। यह लीज 25 साल के लिए थी। इसके लिए 4472 रुपए प्रीमियम तय किया गया था जबकि सालाना किराया 279 रुपए 50 पैसे रखा गया था। इसी जमीन पर बाद में पेट्रोल पंप का संचालन शुरू हुआ। निर्धारित 25 साल की लीज अवधि पूरी होने के बाद जमीन की लीज का नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद नगर पालिका ने जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी और मामला कानूनी विवाद में बदल गया।

    जमीन खाली कराने को लेकर नगर पालिका और पेट्रोल पंप संचालक के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला नगर पालिका के पक्ष में आया था। इसके बाद नगर पालिका की ओर से जमीन खाली कराने के लिए नोटिस भी जारी किया गया। हालांकि इसके बावजूद जमीन को लेकर विवाद समाप्त नहीं हुआ और मामला आगे बढ़ते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।

    सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के एक दिन पहले ही शिवपुरी में इस जमीन को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला था। सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा जेसीबी और डंपर लेकर गांधी पेट्रोल पंप पहुंची थीं। उद्देश्य जमीन को खाली कराने की कार्रवाई शुरू करना था। जैसे ही जेसीबी से कार्रवाई शुरू करने की कोशिश हुई पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारी जेसीबी के सामने ही लेट गए जिसके बाद मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
    सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के एक दिन पहले ही शिवपुरी में इस जमीन को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला था। सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा जेसीबी और डंपर लेकर गांधी पेट्रोल पंप पहुंची थीं। उद्देश्य जमीन को खाली कराने की कार्रवाई शुरू करना था। जैसे ही जेसीबी से कार्रवाई शुरू करने की कोशिश हुई पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारी जेसीबी के सामने ही लेट गए जिसके बाद मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    विरोध के कारण नगर पालिका की कार्रवाई रोकनी पड़ी और करीब दो घंटे तक मौके पर हंगामे की स्थिति बनी रही। इस दौरान जमीन खाली कराने की कोशिश और कर्मचारियों के विरोध के चलते मामला काफी चर्चा में रहा। नगर पालिका की ओर से जमीन पर अपने अधिकार और लीज अवधि पूरी होने का हवाला दिया जा रहा है जबकि पेट्रोल पंप संचालक की ओर से मामले को लेकर कानूनी रास्ता अपनाया गया।

    अब सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद इस जमीन विवाद में नगर पालिका की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सोमवार को जेसीबी के सामने कर्मचारियों के विरोध के बाद कार्रवाई रुक गई थी लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के ताजा फैसले के बाद प्रशासनिक स्तर पर अगला कदम क्या होगा इस पर सभी की नजर बनी हुई है। गांधी पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर कई वर्षों से चल रहा यह विवाद अब निर्णायक कार्रवाई की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

  • मनपुरा PHC में डॉक्टर की मांग को लेकर आरपार, छठे दिन भी नहीं टूटा दिनेश सगर का अनशन, प्रशासन पर उठे सवाल

    मनपुरा PHC में डॉक्टर की मांग को लेकर आरपार, छठे दिन भी नहीं टूटा दिनेश सगर का अनशन, प्रशासन पर उठे सवाल


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के मनपुरा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 24 घंटे नियमित डॉक्टर की तैनाती की मांग को लेकर दिनेश सगर का अनशन छठे दिन भी जारी है। दिनेश सगर खुले आसमान के नीचे अन्न जल त्यागकर अनशन पर बैठे हैं। छह दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त सुविधाएं और नियमित डॉक्टर नहीं होने से क्षेत्र के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।

    दिनेश सगर का कहना है कि छह दिनों से जारी भूख हड़ताल के दौरान उनका वजन 5 किलो 400 ग्राम से ज्यादा कम हो चुका है। उन्होंने अपने शुगर लेवल के काफी नीचे पहुंचने की बात भी कही है। इसके बावजूद वह अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक मनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे डॉक्टर की नियमित व्यवस्था नहीं की जाती तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

    दिनेश के समर्थन में अब ग्रामीण भी अनशन स्थल पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मनपुरा और आसपास के लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महत्वपूर्ण है लेकिन नियमित डॉक्टर की व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार गंभीर स्थिति में मरीजों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि केवल डॉक्टर की तैनाती ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य केंद्र पर जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।

    दिनेश सगर इससे पहले भी अपने विरोध प्रदर्शन के कारण चर्चा में आ चुके हैं। 21 अगस्त को वह पिछोर में शिक्षा स्वास्थ्य और सामाजिक परिवर्तन यात्रा की अनुमति नहीं मिलने के विरोध में पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। वह रातभर पानी की टंकी पर रहे थे। बाद में प्रशासन की समझाइश के बाद वह नीचे उतरे थे। अब मनपुरा स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की मांग को लेकर उनका अनशन लगातार जारी है।

    वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मनपुरा स्वास्थ्य केंद्र में फिलहाल कोई डॉक्टर नियमित रूप से पदस्थ नहीं है लेकिन वहां चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं हैं। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर के मुताबिक खोड़ और पिछोर स्वास्थ्य केंद्र से दो डॉक्टरों की सेवाएं मनपुरा में लगाई गई हैं। ये डॉक्टर वहां जाकर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं।

    स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक इससे पहले मनपुरा में दो डॉक्टरों की पदस्थापना की गई थी लेकिन दोनों ने वहां ज्वाइन नहीं किया। इसके बाद नियमित डॉक्टर की पदस्थापना के लिए विभाग की ओर से पत्र लिखा गया है। विभाग का कहना है कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हो रही हैं।

    एक तरफ विभाग वैकल्पिक डॉक्टरों के जरिए सेवाएं जारी होने की बात कह रहा है तो दूसरी तरफ दिनेश सगर और ग्रामीण नियमित 24 घंटे डॉक्टर की मांग पर अड़े हुए हैं। छह दिन से चल रहे अनशन और दिनेश के वजन में कमी की बात के बीच अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर जल्द निर्णय होगा और मनपुरा स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी डॉक्टर की व्यवस्था की जाएगी।

  • NH-46 पर अचानक पलटा गुड़ से भरा मिनी ट्रक, 35 साल के हेल्पर की मौत, नींद का झोंका बना हादसे की वजह

    NH-46 पर अचानक पलटा गुड़ से भरा मिनी ट्रक, 35 साल के हेल्पर की मौत, नींद का झोंका बना हादसे की वजह


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में रविवार दोपहर नेशनल हाईवे 46 पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के कलोथरा गांव के पास गुड़ से भरा एक मिनी ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और पलट गया। हादसे में वाहन में सवार हेल्पर की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद मिनी ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार मिनी ट्रक क्रमांक MP 33 G 7642 गुड़ लेकर मुरैना से शिवपुरी की ओर आ रहा था। रविवार दोपहर कलोथरा गांव के पास अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया। इसके बाद मिनी ट्रक सड़क से नीचे उतरकर पलट गया। हादसा इतना जोरदार था कि वाहन का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठा हेल्पर अंदर फंस गया।

    दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में सुभाषपुरा थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त केबिन में फंसे हेल्पर को बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज शिवपुरी ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    मृतक की पहचान 35 वर्षीय पूरन जाटव के रूप में हुई है। वह करमाज कला गांव का रहने वाला था और मिनी ट्रक पर हेल्पर का काम करता था। बताया गया है कि यह वाहन इंद्रजीत चावला के नाम पर है। हादसे के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे की वजह चालक को नींद का झोंका आना हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी इसे अंतिम कारण नहीं माना है। दुर्घटना की वास्तविक वजह पता लगाने के लिए पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है। वाहन की स्थिति और सड़क से जुड़े पहलुओं को भी देखा जा रहा है।

    हादसे के बाद चालक के मौके से फरार होने के कारण पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना के समय वाहन की गति कितनी थी और चालक की लापरवाही या किसी अन्य वजह से वाहन अनियंत्रित हुआ था या नहीं। इसके साथ ही पुलिस आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।

    NH-46 पर लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में मिनी ट्रक के पलटने से कुछ समय के लिए मौके पर भी अफरा तफरी की स्थिति बन गई। राहत और बचाव के बाद पुलिस ने वाहन को सुरक्षित करवाया। फिलहाल सुभाषपुरा पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।

  • शिवपुरी में राशन विक्रेताओं का प्रदर्शन तेज, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर CM के नाम ज्ञापन, मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल

    शिवपुरी में राशन विक्रेताओं का प्रदर्शन तेज, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर CM के नाम ज्ञापन, मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल


    शिवपुरी । शिवपुरी में सोमवार को मध्यप्रदेश राशन विक्रेता संघ के बैनर तले जिलेभर के राशन विक्रेता कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां विक्रेताओं ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। राशन विक्रेताओं ने सरकार से अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कमीशन बढ़ाने और न्यूनतम मासिक आय की गारंटी देने की मांग की है। संघ ने साफ किया है कि अगर तय समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर राशन दुकानों की हड़ताल भी की जा सकती है।

    राशन विक्रेताओं का कहना है कि मध्यप्रदेश में करीब 28 हजार शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इस व्यवस्था में राशन दुकानदारों की महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन बढ़ती महंगाई और दुकान संचालन से जुड़े खर्च के मुकाबले उन्हें मिलने वाला कमीशन पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि कम आमदनी में दुकान का संचालन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

    संघ की सबसे प्रमुख मांग खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाले कमीशन को बढ़ाकर कम से कम 200 रुपये प्रति क्विंटल करना है। इसके साथ ही प्रत्येक राशन विक्रेता के लिए 40 हजार रुपये प्रतिमाह की न्यूनतम गारंटीड आय तय करने की मांग रखी गई है। विक्रेताओं का कहना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में इतनी आय के बिना राशन दुकान चलाना कठिन हो रहा है।

    राशन विक्रेताओं ने खाद्यान्न में होने वाली शॉर्टेज को लेकर भी राहत की मांग की है। संघ ने प्रति क्विंटल एक किलो तक की शॉर्टेज की क्षतिपूर्ति देने की मांग की है। इसके अलावा हर महीने मिलने वाले कमीशन का भुगतान अधिकतम महीने की पांच तारीख तक अनिवार्य रूप से किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। विक्रेताओं का कहना है कि कमीशन मिलने में देरी होने से रोजमर्रा के खर्च और दुकान संचालन की व्यवस्था प्रभावित होती है।

    संघ ने सेवा सहकारी समितियों और वन समितियों के अधीन काम करने वाले राशन विक्रेताओं के कमीशन भुगतान को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है। विक्रेताओं का कहना है कि अलग-अलग स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया होने के कारण कई बार कमीशन समय पर नहीं मिल पाता। ऐसे में शासन को भुगतान व्यवस्था को लेकर स्पष्ट और समयबद्ध व्यवस्था बनानी चाहिए।

    राशन विक्रेताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में दूसरे राज्यों का उदाहरण भी दिया। संघ के सुनील कुमार मिश्रा के अनुसार बिहार में 258 रुपये प्रति क्विंटल केरल में 270 रुपये हरियाणा और दिल्ली में 200 रुपये तथा महाराष्ट्र में 170 रुपये तक कमीशन दिए जाने की बात कही गई है। संघ का कहना है कि मध्यप्रदेश में मिलने वाला कमीशन इन राज्यों की तुलना में कम है। ऐसे में यहां भी कमीशन को बढ़ाकर दुकानदारों को आर्थिक राहत दी जानी चाहिए।

    संघ ने शासन को सात दिवसीय आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन की ओर से एक अक्टूबर 2026 से आंदोलन और हड़ताल की सूचना दी गई है। हालांकि राशन विक्रेताओं को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री खाद्य विभाग और प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समय रहते समाधान निकालेंगे। विक्रेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अपनी सेवाएं दे रहे हैं इसलिए उनकी आर्थिक मांगों पर सरकार को सकारात्मक फैसला लेना चाहिए। अब सभी की नजर शासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है।

  • राशन कार्ड में नाम जुड़वाने गई महिला, सरकारी रिकॉर्ड में निकली मृत, पति लगा रहा दफ्तरों के चक्कर

    राशन कार्ड में नाम जुड़वाने गई महिला, सरकारी रिकॉर्ड में निकली मृत, पति लगा रहा दफ्तरों के चक्कर


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले की बैराड़ तहसील के जरियाकला गांव में सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ी एक ऐसी गलती सामने आई है जिसने एक परिवार की परेशानी बढ़ा दी है। यहां जीवित महिला शुक्रवती जाटव को पंचायत के रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया। मामला तब सामने आया जब उसके पति भारत जाटव ने पत्नी का नाम अपने परिवार के राशन कार्ड में जुड़वाने की प्रक्रिया शुरू की। दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में शुक्रवती को मृत घोषित किया जा चुका है। इसके बाद पति पत्नी अपनी पहचान और दस्तावेजों को दुरुस्त कराने के लिए अलग अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

    भारत जाटव जरियाकला गांव के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि करीब पांच साल पहले उनकी शादी दुल्हारा गांव की रहने वाली शुक्रवती जाटव से हुई थी। शादी के बाद कुछ समय तक शुक्रवती का नाम मायके के राशन कार्ड में दर्ज रहा और इसी आधार पर उन्हें खाद्यान्न मिलता रहा। शादी के बाद जब भारत ने पत्नी का नाम अपने परिवार के राशन कार्ड में शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू की तो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी ने पूरे परिवार को हैरान कर दिया।

    दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि शुक्रवती का नाम रिकॉर्ड में मृत व्यक्ति के तौर पर दर्ज है। भारत के मुताबिक समग्र आईडी और खाद्यान्न पर्ची को जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान उनकी पत्नी का नाम रिकॉर्ड से हटाया गया था। इसी प्रक्रिया में गलती से उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया। इसके बाद समग्र आईडी और आधार से संबंधित रिकॉर्ड में भी दिक्कत सामने आने लगी।

    भारत का कहना है कि पत्नी पूरी तरह जीवित है और उसके साथ रह रही है लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के कारण राशन कार्ड में उसका नाम नहीं जुड़ पा रहा है। परिवार को सरकारी योजनाओं और दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या ठीक कराने के लिए भारत बैराड़ तहसील जनपद पंचायत और थाने तक के चक्कर लगा चुके हैं। इसके बावजूद वह स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

    इस मामले में दुल्हारा पंचायत के सचिव मलखान सिंह बघेल ने रिकॉर्ड में हुई गलती को स्वीकार किया है। उनका कहना है कि समग्र आईडी और खाद्यान्न पर्ची को जोड़ने के अभियान के दौरान गांव से बाहर रहने वाले लोगों मृत व्यक्तियों और शादी के बाद दूसरे स्थान पर चली गई महिलाओं के नाम हटाए जा रहे थे। इसी प्रक्रिया में शुक्रवती का नाम हटाते समय गलती से उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया।

    सचिव के मुताबिक करीब एक महीने पहले इस गलती की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद शुक्रवती की आईडी रिकवर कर ली गई है। अब जरियाकला पंचायत में उनके पति के परिवार के राशन कार्ड में नाम जोड़ने की प्रक्रिया बाकी है। परिवार को उम्मीद है कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी दस्तावेजों में हुई गलती पूरी तरह ठीक हो जाएगी और शुक्रवती को राशन कार्ड समेत अन्य जरूरी सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

  • कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता

    कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता


    शिवपुरी । शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी में कचरा फेंकने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। 29 वर्षीय मोनिका खटीक ने प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव पर मारपीट करने और थाने के अंदर धमकाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार 2 अक्टूबर को पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और आवेदन देकर आरोपियों से अपनी तथा परिवार की जान को खतरा बताया। महिला ने सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

    मोनिका खटीक संजय कॉलोनी के वार्ड क्रमांक 35 की निवासी है। उसने बताया कि गुरुवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने घर से कूड़ा-कचरा लेकर उसे डालने के लिए एकांत स्थान की ओर जा रही थी। इसी दौरान उसके घर से तीन-चार मकान दूर रहने वाले प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव ने उसे रास्ते में रोक लिया। मोनिका का आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

    महिला के मुताबिक जब उसने गाली देने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से मारपीट की। मोनिका के चिल्लाने पर उसकी नानी आशा खटीक और मामी मंजू खटीक मौके पर पहुंचीं। दोनों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।

    थाने में भी धमकाने का लगाया आरोप

    मोनिका के अनुसार वह अपने भाई के साथ देर रात फिजिकल थाने पहुंची थी जहां उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के दौरान आरोपी और उनके कुछ सहयोगी भी थाने पहुंच गए। पीड़िता का दावा है कि वहां उसे डराया धमकाया गया और जान से मारने के साथ झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

    पीड़िता ने इस घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। उसने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की बात भी कही है। उसका कहना है कि फुटेज से थाने के अंदर हुई घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। हालांकि थाने में धमकी देने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।

    मोनिका का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि उसे उसके भाई और परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार के लोग डरे हुए हैं और उन्हें किसी अप्रिय घटना की आशंका है।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए आवेदन में महिला ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उसने यह भी कहा कि भविष्य में उसके या परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ शिकायत की जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    फिलहाल मामला महिला की शिकायत और लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट और थाने में धमकी देने के आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पीड़िता ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और परिवार को सुरक्षा देने की अपील की है।

  • पैसों के विवाद में खूनी झड़प का आरोप बड़े भाई ने डंडे से मारा भतीजे ने कुल्हाड़ी से किया हमला

    पैसों के विवाद में खूनी झड़प का आरोप बड़े भाई ने डंडे से मारा भतीजे ने कुल्हाड़ी से किया हमला


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के बैराड़ में भेड़ों के करीब 3 लाख रुपए के लेनदेन को लेकर दो भाइयों के परिवारों के बीच विवाद हो गया। गुरुवार शाम शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। छोटे भाई रामे खटीक के परिवार ने बड़े भाई भूरा खटीक और उसके बेटे राहुल खटीक पर डंडे और कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप लगाया है। घटना में रामे के सिर में गंभीर चोट आई है। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीच बचाव करने पहुंची रामे की पत्नी ममता के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। बैराड़ पुलिस ने ममता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    ममता पत्नी रामे खटीक ने पुलिस को बताया कि वह बैराड़ के वार्ड क्रमांक 9 में यूको बैंक के पास रहती हैं। गुरुवार शाम करीब 8 बजे उनके घर के सामने उनके पति रामे और जेठ भूरा खटीक के बीच भेड़ों के पैसों के लेनदेन को लेकर बातचीत चल रही थी। दोनों के बीच बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। ममता के मुताबिक इसी दौरान भूरा और उसका बेटा राहुल रामे को गाली देने लगे।

    ममता का कहना है कि रामे ने दोनों को गाली देने से मना किया तो बहस और बढ़ गई। आरोप है कि इसी दौरान भूरा ने डंडे से रामे के सिर पर वार कर दिया। सिर में चोट लगने के बाद भी विवाद नहीं रुका। शिकायत के अनुसार इसके बाद राहुल ने कुल्हाड़ी से रामे के सिर पर हमला किया। इससे उसके सिर में चोट आई और खून निकलने लगा।

    शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि दोनों ने इसके बाद रामे के साथ डंडों से मारपीट की। इस दौरान उसकी पीठ और दोनों पैरों में भी चोटें आईं। पति को घायल देखकर ममता बीच बचाव करने पहुंचीं तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना के बाद परिवार के लोगों ने घायल रामे को अस्पताल पहुंचाया जहां उसका उपचार किया जा रहा है।

    पुलिस ने ममता की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब विवाद की वजह और घटना के दौरान हुई मारपीट से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि भेड़ों के करीब 3 लाख रुपए के लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था या घटना के दौरान ही मामला बढ़ा।

    इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक लेनदेन को लेकर होने वाले विवाद के गंभीर रूप लेने की स्थिति सामने रखी है। मामूली बातचीत से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में मारपीट तक पहुंच गया और एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • पिछोर में शराब तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई 27 पेटी देशी प्लेन शराब के साथ 4.50 लाख की बलेनो जब्त

    पिछोर में शराब तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई 27 पेटी देशी प्लेन शराब के साथ 4.50 लाख की बलेनो जब्त


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पिछोर में पुलिस ने शराब के अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक बलेनो कार से 27 पेटी देशी प्लेन शराब बरामद की है। पुलिस के अनुसार जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 8 हजार रुपए है। कार्रवाई के दौरान कार चालक पुलिस को देखकर वाहन लेकर भागने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया तो वह कच्चे रास्ते की ओर चला गया। आगे रास्ता बंद मिलने के बाद चालक कार छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शराब और कार को कब्जे में लेकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार 1 अक्टूबर की रात पिछोर पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नीले रंग की मारुति सुजुकी बलेनो कार के जरिए देशी शराब को मायापुर की तरफ से पिछोर लाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने वाहन की पहचान और संभावित रास्ते पर नजर रखते हुए लभेड़ा तिराहे के पास चेकिंग शुरू कर दी।

    कुछ समय बाद मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए से मिलती जुलती बलेनो कार वहां से गुजरती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया लेकिन चालक ने रुकने के बजाय कार की रफ्तार बढ़ा दी और उसे लभेड़ा रोड की तरफ तेजी से ले जाने लगा। पुलिस टीम ने तत्काल वाहन का पीछा शुरू किया। पीछा किए जाने के दौरान चालक कार को मुख्य सड़क से हटाकर कच्चे रास्ते की ओर ले गया।

    पुलिस के मुताबिक कच्चे रास्ते पर आगे जाने के बाद चालक को रास्ता बंद मिला। इसके बाद उसने वाहन को वहीं छोड़ दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। पुलिस ने आसपास के इलाके में आरोपी की तलाश की लेकिन चालक तत्काल हाथ नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने लावारिस हालत में खड़ी बलेनो कार की तलाशी ली।

    तलाशी के दौरान कार के अंदर देशी प्लेन शराब की 27 पेटियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 8 हजार रुपए है। शराब के साथ पुलिस ने उस बलेनो कार को भी जब्त कर लिया जिसका इस्तेमाल परिवहन के लिए किया जा रहा था। जब्त वाहन की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है।

    पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अब पुलिस जब्त वाहन के आधार पर उसके मालिक और फरार चालक की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी मात्रा में शराब कहां से लाई जा रही थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

    पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शराब के अवैध परिवहन से जुड़े नेटवर्क को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। वाहन के दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मामले में आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान शराब के स्रोत और इसके परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आने की संभावना है।