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  • शिवपुरी में साइबर सेल की बड़ी सफलता, 30 लाख के 120 गुम और चोरी मोबाइल बरामद

    शिवपुरी में साइबर सेल की बड़ी सफलता, 30 लाख के 120 गुम और चोरी मोबाइल बरामद


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुम और चोरी हुए 120 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 30 लाख रुपए आंकी गई है। बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र सिंह जाट ने इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा।

    पुलिस के अनुसार, साइबर सेल टीम को प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगातार तकनीकी जांच और ट्रैकिंग की जा रही थी। आधुनिक तकनीक और डिजिटल सर्विलांस की मदद से इन मोबाइलों को मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे विभिन्न राज्यों से ट्रेस किया गया।

    मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और राहत की भावना व्यक्त की। अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइलों में एक लाख रुपए कीमत का एप्पल आईफोन भी शामिल है, जिसे शिकायत मिलने के मात्र 24 घंटे के भीतर ट्रेस कर लिया गया और उसके मालिक को सौंप दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल लगातार गुम और चोरी हुए मोबाइलों की रिकवरी के लिए काम कर रही है। इससे पहले वर्ष 2025 में भी टीम ने करीब 700 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस लौटाए थे।

    इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह जाट सहित टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि तकनीकी निगरानी और डेटा एनालिसिस के जरिए आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • शिवपुरी में खेत में मिला युवक का शव: शरीर पर चोट के निशान, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

    शिवपुरी में खेत में मिला युवक का शव: शरीर पर चोट के निशान, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के गौचोनी गांव में मंगलवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक का शव खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही हिम्मतपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान पवन लोधी पुत्र रामेश्वर लोधी, निवासी गौचोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

    रखवाली करने गया था युवक, सुबह मिला शव
    परिजनों के अनुसार, सोमवार को गांव में रामायण पाठ के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन था। कार्यक्रम के बाद पवन लोधी खेत की रखवाली करने गया था। मंगलवार सुबह उसके मौत की सूचना मिली, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

    परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
    मृतक के रिश्तेदार उमेश लोधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पवन के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। साथ ही उसका मोबाइल फोन शव से करीब 50 मीटर दूर टूटी हुई हालत में मिला, जिससे मामले को संदिग्ध माना जा रहा है। परिजनों का कहना है कि गांव में कुछ लोगों से पुरानी रंजिश चल रही थी, इसलिए उन्हें आशंका है कि यह हत्या का मामला हो सकता है।

    पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
    हिम्मतपुर चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

    गांव में तनाव, जांच पर टिकी नजर
    घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और लोग अलग-अलग तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • युवक की संदिग्ध मौत से हड़कंप, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

    युवक की संदिग्ध मौत से हड़कंप, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक 18 वर्षीय युवक की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। यह मामला Shivpuri जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के पीपरघार गांव का है।

    जानकारी के अनुसार, गांव निवासी गोविंद धाकड़ (18) ने सोमवार शाम अज्ञात कारणों से सल्फास की गोलियां खा लीं। जहरीला पदार्थ खाने के कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया।

    परिजन आनन-फानन में उसे शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया। पुलिस को भी आत्महत्या के पीछे के कारणों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

    मामले की सूचना मिलने पर मेडिकल चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब युवक के मोबाइल, बातचीत और आसपास के हालात की जांच कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

    यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव जैसे मुद्दों की ओर ध्यान खींचती है, हालांकि इस मामले में कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।

  • कोतवाली पुलिस का एक्शन: स्मैक के साथ आरोपी दबोचा, पुराना अपराधी भी निकला तस्कर

    कोतवाली पुलिस का एक्शन: स्मैक के साथ आरोपी दबोचा, पुराना अपराधी भी निकला तस्कर


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में स्मैक और एक स्विफ्ट कार जब्त की है, जिसकी कुल कीमत लाखों रुपये आंकी गई है।

    जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि मेडिकल कॉलेज शिवपुरी के सामने कच्चे रास्ते पर एक युवक स्मैक बेचने की फिराक में खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति बिना नंबर की स्विफ्ट कार के पास संदिग्ध हालत में खड़ा मिला। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।

    तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 33.87 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली, जिससे बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 14 लाख रुपये आंकी गई है।

    आरोपी की पहचान हफीज पुत्र रफीक मोहम्मद (38 वर्ष) निवासी हिम्मतगढ़, थाना पनिहार, जिला ग्वालियर के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वर्तमान में ग्वालियर के गोल पहाड़िया क्षेत्र में रह रहा था।

    कोतवाली थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायालय में पेश किया गया है।

    पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी पहले भी स्मैक तस्करी के मामलों में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। उसके खिलाफ मारपीट का भी एक मामला दर्ज है। इस वजह से पुलिस इसे आदतन अपराधी मानकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

    फिलहाल पुलिस आरोपी से उसके सप्लायर और पूरे नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ कर रही है, ताकि नशे के इस रैकेट की जड़ तक पहुंचा जा सके

  • शिवपुरी में ट्रैफिक का सख्त एक्शन: बिना नंबर प्लेट 25 वाहन जब्त

    शिवपुरी में ट्रैफिक का सख्त एक्शन: बिना नंबर प्लेट 25 वाहन जब्त

    शिवपुरी  शिवपुरी शहर में यातायात पुलिस ने नियम उल्लंघन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार देर शाम विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत बिना नंबर प्लेट वाले दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई की गई और कुल 25 बाइक व स्कूटी को जब्त कर यातायात थाने लाया गया।

    अभियान शहर के प्रमुख चौराहों पर चलाया गया, जहां पुलिस ने जांच के दौरान कई ऐसे वाहन पकड़े जो बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे थे। कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि इनमें से कई वाहन नाबालिग और स्कूली बच्चों द्वारा चलाए जा रहे थे, जो यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

    यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना नंबर प्लेट के वाहन दुर्घटना या किसी आपराधिक घटना की स्थिति में पहचान के लिए बड़ी समस्या पैदा करते हैं, इसलिए इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    पुलिस ने जब्त किए गए सभी वाहनों के चालकों को यातायात थाने बुलाकर नंबर प्लेट लगाने के निर्देश दिए और आवश्यक समझाइश देने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस कार्रवाई के बाद शहर में वाहन चालकों के बीच सतर्कता बढ़ गई है और यातायात नियमों के पालन को लेकर पुलिस की सख्ती का संदेश स्पष्ट रूप से गया है।

  • शिवपुरी में रेत खनन को लेकर टकराव, पुजारी और माफिया आमने-सामने

    शिवपुरी में रेत खनन को लेकर टकराव, पुजारी और माफिया आमने-सामने


    शिवपुरी शिवपुरी जिले के करेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुनारी चौकी इलाके में अवैध रेत खनन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। खाती बाबा मंदिर के पास बुधवार शाम उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब मंदिर के पुजारी ने रेत खनन का विरोध किया, जिसके बाद कथित रेत माफियाओं से उनका टकराव हो गया।

    जानकारी के अनुसार, दतिया जिले से जुड़े कुछ रेत कारोबारी पहले रौनेजा घाट से खनन कर रहे थे, लेकिन कार्रवाई और विरोध के बाद उन्होंने जरगंवा घाट की ओर रुख किया, जो खाती बाबा मंदिर के नजदीक बताया जा रहा है। इसी दौरान खनन गतिविधियों को लेकर विरोध शुरू हुआ और मामला बढ़ते-बढ़ते विवाद तक पहुंच गया।

    मंदिर के महंत ने आरोप लगाया कि अवैध खनन का विरोध करने पर माफियाओं द्वारा धमकी दी गई और यहां तक कि फायरिंग जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस जांच में की जा रही है।

    सूचना मिलते ही सुनारी चौकी पुलिस और करेरा तहसीलदार मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई करते हुए एक एलएनटी पोकलेन मशीन और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए।

    पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश जारी है। प्रशासन ने क्षेत्र में अवैध खनन पर सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं।

    फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता का माहौल बना हुआ है।

  • शिवपुरी में गंगा दशहरा पर विवाद: नपा अध्यक्ष ने लगाया अपमान का आरोप, प्रदेश नेतृत्व से शिकायत की बात कही

    शिवपुरी में गंगा दशहरा पर विवाद: नपा अध्यक्ष ने लगाया अपमान का आरोप, प्रदेश नेतृत्व से शिकायत की बात कही


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के गोरखनाथ मंदिर परिसर में गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ कार्यक्रम उस समय विवादों में आ गया, जब नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा मंच से नाराज होकर अचानक नीचे उतर गईं और कार्यक्रम स्थल से चली गईं। इस घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

    कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत और माल्यार्पण किया जा रहा था। इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा असंतुष्ट नजर आईं और कुछ ही देर बाद उन्होंने मंच छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मंच पर उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर वे काफी नाराज थीं।

    नगर पालिका अध्यक्ष ने इस पूरे मामले के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ईशांक धाकड़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गायत्री शर्मा का कहना है कि यह कार्यक्रम नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित किया गया था, लेकिन सीएमओ द्वारा उनके लिए मंच पर कुर्सी तक की व्यवस्था नहीं की गई, जिसे उन्होंने अपमानजनक बताया।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सम्मान समारोह चल रहा था, तब उनका नाम मंच से नहीं पुकारा गया, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस हुआ। इस घटना के बाद वे नाराज होकर मंच से उतर गईं।

    गायत्री शर्मा ने इसे महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर महिला जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार चिंता का विषय है।

    उन्होंने यह भी कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व तक करेंगी। उनके अनुसार, वे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश के प्रभारी मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं से इस घटना की शिकायत करेंगी।

    वहीं दूसरी ओर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी ईशांक धाकड़ ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष मंच पर मौजूद थीं और कार्यक्रम के दौरान उनका नाम भी सम्मानपूर्वक लिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वे अचानक मंच छोड़कर क्यों चली गईं।

    इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मंच पर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव, कलेक्टर अर्पित वर्मा और एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया भी मौजूद थे। घटना के बाद कार्यक्रम की चर्चा अब प्रशासनिक समन्वय और राजनीतिक विवाद के रूप में की जा रही है।

    फिलहाल मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे इसकी शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

  • सूखाराजापुर में आग का कहर, ग्रामीणों की कोशिश के बावजूद नहीं बच सकीं भैंसें

    सूखाराजापुर में आग का कहर, ग्रामीणों की कोशिश के बावजूद नहीं बच सकीं भैंसें


    मध्य प्रदेश । Shivpuri जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सूखाराजापुर में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक पशुशाला (खड़ेरा) में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना ने पूरे गांव को दहला दिया और पशुपालक परिवार को भारी नुकसान झेलना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच पुष्पेन्द्र सिंह लोधी अपने घर पर मौजूद थे, तभी उन्हें पशुशाला से तेज धुआं उठता दिखाई दिया। जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि आग तेजी से फैल चुकी थी और अंदर बंधे पशु जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

    घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों को बुलाया गया और सभी ने मिलकर आग बुझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दो भैंसों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं चार गायें गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

    Shivpuri में इस हादसे के बाद पशुपालक परिवार को करीब 2 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है, क्योंकि पशु ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं।

    फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले में आगजनी का प्रकरण दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। सहायक उप निरीक्षक को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग किसी तकनीकी कारण से लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

    ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था की जरूरत को उजागर कर दिया है।

  • 10 फीट गड्ढे में फंसा सांड, नगर परिषद की टीम ने ऐसे निकाला बाहर

    10 फीट गड्ढे में फंसा सांड, नगर परिषद की टीम ने ऐसे निकाला बाहर


    मध्यप्रदेश। शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में उस समय राहत भरी खबर सामने आई जब दो दिनों से 10 फीट गहरे गड्ढे में फंसे एक सांड को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह सांड नवीन सब्जी मंडी क्षेत्र स्थित आईटीआई कॉलेज के पास बनी पानी की टंकी के गड्ढे में गिर गया था, जिससे वह बाहर नहीं निकल पा रहा था।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, सांड करीब दो दिनों से उसी गड्ढे में फंसा हुआ था। लगातार कोशिशों के बावजूद वह बाहर नहीं निकल सका, जिसके बाद मामले की सूचना नगर परिषद और संबंधित संगठनों को दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू टीम सक्रिय हुई।

    सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। पहले सांड को सुरक्षित तरीके से शांत करने का प्रयास किया गया, ताकि उसे बिना किसी चोट के बाहर निकाला जा सके।

    इसके बाद जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से गड्ढे के आसपास की स्थिति को नियंत्रित किया गया। काफी मशक्कत और सावधानीपूर्वक प्रयासों के बाद आखिरकार सांड को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिल गई। पूरे ऑपरेशन के दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर मौजूद रही और राहत की सांस ली गई।

    यह रेस्क्यू अभियान लगभग दो दिनों तक चला, जिसमें सभी टीमों ने मिलकर धैर्य और सूझबूझ के साथ काम किया। सफल रेस्क्यू के बाद सांड को सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।

    इस घटना ने स्थानीय स्तर पर राहत का माहौल बनाया और यह भी दिखाया कि आपसी सहयोग से मुश्किल से मुश्किल स्थिति को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

  • शिवपुरी में पुरानी रंजिश पर खूनी संघर्ष, कई लोग घायल

    शिवपुरी में पुरानी रंजिश पर खूनी संघर्ष, कई लोग घायल


    शिवपुरी  मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के खद्द गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गड़ासी, लाठी-डंडों और बंदूक तक का इस्तेमाल किया गया। घटना में दोनों पक्षों के 6 से 7 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच पिछले करीब आठ महीने से विवाद चला आ रहा था। बताया जा रहा है कि पहले एक पक्ष का युवक दूसरे पक्ष की बहू को अपने साथ ले गया था। बाद में पुलिस ने महिला को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था। तभी से दोनों परिवारों के बीच तनाव बना हुआ था और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही थी।

    शनिवार सुबह यह रंजिश फिर हिंसक झड़प में बदल गई। खद्द गांव निवासी बृजमोहन यादव अपने भाई सियाराम यादव के साथ खेत पर पानी की मोटर चालू करने पहुंचे थे। इसी दौरान गांव के ऐवरन यादव, वीरू यादव, सिंधिया यादव और मेघसिंह यादव वहां आ गए। आरोप है कि ऐवरन यादव बंदूक लेकर पहुंचा था और आते ही पुरानी दुश्मनी को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी।

    विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान गड़ासी और लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। हमले में सियाराम यादव के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि सेवा यादव के हाथ, रामहेत यादव के माथे और हाथ, लोकेन्द्र यादव के कंधे और पैर तथा राजेन्द्र यादव के सिर में चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचे बृजमोहन यादव भी घायल हो गए।

    घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की निगरानी में सभी का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बैराड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।

    पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और हमला करने के आरोप लगाए हैं। इसी आधार पर क्रॉस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान बंदूक का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।

    गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।