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  • शिवपुरी के मनियर में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच-बचाव करने आए परिजन भी घायल, पुलिस जांच में जुटी

    शिवपुरी के मनियर में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच-बचाव करने आए परिजन भी घायल, पुलिस जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के मनियर क्षेत्र में घर के बाहर लोडिंग वाहन खड़ा करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। बुधवार 14 अक्टूबर की देर शाम शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना में महिलाओं और युवकों समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों और घटना के दौरान हुए घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।

    जानकारी के अनुसार मनियर निवासी पांचो बाई कुशवाह ने अपनी शिकायत में बताया कि 14 अक्टूबर की शाम वह अपनी सास भग्गो बाई के साथ घर के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान लच्छी राठौर अमन राठौर अंजू राठौर और परमा राठौर वहां पहुंचे। पांचो बाई का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते इन लोगों ने उनके साथ विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और कथित तौर पर उनके बेटे विकास तथा सास भग्गो बाई के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान परिवार के सदस्यों को चोटें आईं।

    आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने की कोशिश की। पांचो बाई के अनुसार विवाद के बाद जब परिवार के सदस्य शिकायत करने के लिए जा रहे थे तभी दूसरे पक्ष के कुछ परिजन भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि इस दौरान राकेश कुशवाह पंकज रचना और रजनी के साथ मारपीट की गई। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि किस व्यक्ति को कितनी चोट आई और मारपीट के दौरान घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बताया जा रहा है कि विवाद की वजह घर के बाहर लोडिंग वाहन खड़ा करने को लेकर हुई कहासुनी थी। वहीं शिकायत में पुरानी रंजिश का आरोप भी लगाया गया है। ऐसे में पुलिस को यह जांचना होगा कि घटना वाहन खड़ा करने को लेकर तत्काल हुए विवाद का नतीजा थी या इसके पीछे पहले से चला आ रहा कोई विवाद भी शामिल था। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। क्रॉस एफआईआर का मतलब है कि एक ही घटना के संबंध में दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इससे पुलिस को दोनों पक्षों के आरोपों की जांच करने और घटना की परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलेगा। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

    मनियर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर विवाद को लेकर चर्चा है। घर के बाहर वाहन खड़ा करने जैसे मुद्दे पर शुरू हुई कहासुनी के मारपीट तक पहुंचने से कई लोग घायल हुए। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

  • शिवपुरी में पति-पत्नी के विवाद ने लिया खतरनाक मोड़, पत्नी कुएं में कूदी, आधे घंटे तक ग्रामीणों की अटकी रहीं सांसें

    शिवपुरी में पति-पत्नी के विवाद ने लिया खतरनाक मोड़, पत्नी कुएं में कूदी, आधे घंटे तक ग्रामीणों की अटकी रहीं सांसें


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के सहरिया गांव में पति-पत्नी के बीच विवाद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बुधवार दोपहर हुई कहासुनी के बाद एक महिला स्कूल के पास बने गहरे कुएं में कूद गई। महिला को कुएं में उतरता देख पति ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की और रस्सी डाली लेकिन वह बाहर आने के लिए तैयार नहीं हुई। बताया गया कि महिला इस बात से नाराज थी कि उसका पति घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा देता था। करीब आधे घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। आखिरकार पति ने सबके सामने हाथ जोड़कर और कान पकड़कर माफी मांगी जिसके बाद महिला कुएं से बाहर आने को तैयार हुई।

    जानकारी के मुताबिक सहरिया गांव में रहने वाले जितेंद्र वंशकार खेती-किसानी करते हैं। परिवार में उनके वृद्ध माता-पिता के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा है। ग्रामीणों के अनुसार पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। आरोप है कि जितेंद्र अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था और इसी वजह से कई बार घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा देता था। इस व्यवहार से महिला नाराज थी। बुधवार दोपहर भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने के बाद महिला घर से निकलकर स्कूल के पास स्थित गहरे कुएं में कूद गई।

    महिला के कुएं में उतरने की जानकारी मिलते ही पति ने उसे बचाने का प्रयास किया। उसने कुएं में रस्सी डाली और पत्नी से बाहर आने को कहा लेकिन महिला ने इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक उसने शर्त रखी कि जब तक पति ग्रामीणों के सामने हाथ जोड़कर माफी नहीं मांगेगा तब तक वह कुएं से बाहर नहीं आएगी। इस बीच मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। महिला को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रस्सी और चारपाई भी अंदर डाले जाने की जानकारी सामने आई है। कुएं में महिला के करीब आधे घंटे तक रहने से मौके पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई।

    आखिरकार पति ने ग्रामीणों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कान पकड़कर अपनी गलती स्वीकार करने का प्रयास किया। इसके बाद महिला शांत हुई और कुएं से बाहर निकल आई। घटना के दौरान किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रही। हालांकि महिला के बाहर आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। यह स्पष्ट नहीं है कि दंपती के बीच पहले हुए विवादों को लेकर कभी पुलिस या किसी अन्य स्तर पर शिकायत की गई थी या नहीं।

    दिनारा थाना प्रभारी रवींद्र कुशवाहा के मुताबिक फिलहाल महिला या उसके परिवार की ओर से पुलिस थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने बताया कि यदि महिला या उसका परिवार शिकायत लेकर आता है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस के पास औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है इसलिए घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

    यह घटना घरेलू विवाद के दौरान पैदा हुई गंभीर स्थिति को सामने लाती है। कुएं जैसे खतरनाक स्थान पर पहुंचना महिला की जान के लिए जोखिम भरा हो सकता था। ऐसे मामलों में विवाद बढ़ने पर सुरक्षित तरीके से मदद लेना और जरूरत पड़ने पर पुलिस या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करना जरूरी है। फिलहाल महिला के कुएं से सुरक्षित बाहर आने के बाद आगे की स्थिति पर नजर है और पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।

  • सड़क पर हंसिया लेकर मचाया हंगामा, दो भाइयों से गाली-गलौज और हमले की कोशिश, साथी बाइक लेकर फरार

    सड़क पर हंसिया लेकर मचाया हंगामा, दो भाइयों से गाली-गलौज और हमले की कोशिश, साथी बाइक लेकर फरार


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के कोर्ट रोड स्थित दुर्गा टॉकीज के पास बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाथ में हंसिया लेकर पहुंचे एक युवक ने दो भाइयों के साथ गाली-गलौज करते हुए हमला करने का प्रयास किया। आरोप है कि युवक नशे की हालत में सड़क पर हंसिया लहराते हुए दोनों भाइयों की ओर बढ़ा। अपनी सुरक्षा के लिए दोनों भाइयों ने उसे पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे बाइक सवार दो युवक दुर्गा टॉकीज के पास पहुंचे थे। इनमें से एक युवक के हाथ में हंसिया था। आरोप है कि उसने नशे की हालत में सड़क पर हंसिया लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े नीरज शर्मा तथा उनके भाई के पास पहुंचकर गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि युवक ने दोनों भाइयों पर हंसिया से हमला करने की कोशिश भी की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जमा हो गई।

    बताया गया कि अपनी सुरक्षा के लिए नीरज शर्मा और उनके भाई ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए गए। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने युवक के बंधे हुए पैर खोले और उसे अपने वाहन से थाने ले गई। मौके पर हुई इस कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ लगी रही। हालांकि घटनास्थल पर युवक को पकड़ने के दौरान क्या-क्या हुआ इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    हंगामा करने वाले युवक की पहचान दीपक नामदेव निवासी कृष्णपुरम कॉलोनी के रूप में बताई गई है। वह बाइक पर एक अन्य युवक के साथ वहां पहुंचा था। घटना के दौरान उसके साथ मौजूद दूसरा युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसके साथी के बारे में जानकारी जुटा सकती है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर सकती है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दीपक नामदेव ने नीरज शर्मा और उनके भाई पर हमला करने का प्रयास क्यों किया। जानकारी के अनुसार नीरज शर्मा ने भी आरोपी को पहचानने से इनकार किया है। ऐसे में विवाद की वजह सामने आना बाकी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दोनों भाइयों के बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    दुर्गा टॉकीज के पास रात के समय हुई इस घटना ने कुछ देर के लिए इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक के साथ मौके पर मौजूद दूसरे व्यक्ति की भूमिका भी स्पष्ट होना बाकी है।

  • डेयरी के बैनर पर मार्कर फेरने से भड़का विवाद, संचालक ने भाई और मां के साथ की मारपीट, चार लोगों पर केस

    डेयरी के बैनर पर मार्कर फेरने से भड़का विवाद, संचालक ने भाई और मां के साथ की मारपीट, चार लोगों पर केस


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में एक डेयरी के बैनर पर काले मार्कर से निशान बनाए जाने को लेकर दो डेयरी संचालकों के बीच विवाद हो गया। बुधवार रात शुरू हुआ यह विवाद मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि एक डेयरी संचालक अपने तीन साथियों के साथ दूसरे संचालक के घर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर संचालक और उसके भाई के साथ लात-घूंसों तथा लाठियों से मारपीट की गई। बीच-बचाव करने आई उनकी मां को भी नहीं बख्शा गया। घटना में गगन धाकड़ घायल हो गया जिसे उपचार के लिए कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार कोलारस में गगन धाकड़ और रवि धाकड़ डेयरी का संचालन करते हैं। गगन धाकड़ के मुताबिक पड़ोसी रवि धाकड़ की डेयरी के बैनर पर किसी ने काले मार्कर से निशान बना दिए थे। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि रवि धाकड़ अपने साथियों वीरू धाकड़ रामकृष्ण धाकड़ और सनी देवल जाटव के साथ गगन के घर पहुंच गया। वहां पहुंचकर उन्होंने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। बैनर पर निशान किसने बनाए थे और इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई विवाद था या नहीं इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    गगन धाकड़ के अनुसार जब उसके भाई राज धाकड़ ने गाली देने से मना किया तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि चारों लोगों ने गगन और राज के साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों पर लात-घूंसे चलाए गए और लाठियों से भी हमला किया गया। घर में मौजूद मां राजकुमारी धाकड़ जब बेटों को बचाने के लिए बीच में आईं तो उनके साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। मारपीट में गगन धाकड़ घायल हुआ जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    घटना की सूचना मिलने पर कोलारस पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले जाकर मामले की जानकारी ली। इसके बाद राज धाकड़ की शिकायत पर रवि धाकड़ वीरू धाकड़ रामकृष्ण धाकड़ और सनी देवल जाटव के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। घटना के पीछे बैनर पर मार्कर से निशान बनाने का विवाद बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस जांच में दोनों पक्षों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पुष्टि की जाएगी।

    स्थानीय स्तर पर एक बैनर पर निशान बनाए जाने जैसी बात से शुरू हुआ विवाद परिवार के सदस्यों के साथ कथित मारपीट तक पहुंच गया। मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच के नतीजों पर नजर रहेगी। फिलहाल चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है और मामले की आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर की जाएगी।

  • शिवपुरी में दर्दनाक हादसा, खेत के तालाब में डूबा 14 वर्षीय देव, लापता होने की सूचना पर तलाश में जुटी पुलिस को मिला शव

    शिवपुरी में दर्दनाक हादसा, खेत के तालाब में डूबा 14 वर्षीय देव, लापता होने की सूचना पर तलाश में जुटी पुलिस को मिला शव


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक दर्दनाक हादसे में 14 वर्षीय बालक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना सिरसौद थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव की है जहां बालक गांव के एक खेत में बने तालाब में नहाने के लिए गया था। नहाते समय वह तालाब के गहरे हिस्से में चला गया और पानी में डूब गया। काफी देर तक बालक के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार के लोग सिरसौद थाने पहुंचे और पुलिस को उसके लापता होने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की और तालाब के पास से बालक का शव बरामद हुआ।
    जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान देव नामदेव के रूप में हुई है। वह सिरसौद गांव निवासी प्रकाश नामदेव का बेटा था। मंगलवार को देव गांव के ही एक खेत में बने तालाब में नहाने पहुंचा था। बताया गया है कि नहाते समय वह धीरे-धीरे तालाब के गहरे हिस्से में चला गया। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वह डूब गया। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी और बालक की जान चली गई।
    दूसरी ओर जब देव काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो परिजन चिंतित हो गए। उन्होंने पहले आसपास के इलाकों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की। लेकिन बालक का कहीं पता नहीं चलने पर परिवार के लोग सिरसौद पुलिस थाने पहुंचे। वहां उन्होंने देव के लापता होने की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बालक की तलाश शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने गांव में पूछताछ की और संभावित स्थानों पर खोजबीन की।
    तलाश के दौरान पुलिस खेत में बने तालाब के पास पहुंची। वहां किनारे पर देव के कपड़े मिले। कपड़े मिलने के बाद पुलिस को तालाब में उसके डूबने की आशंका हुई। इसके बाद पानी में तलाश की गई तो बालक का शव तालाब में उतराता हुआ मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन भी मौके पर पहुंचे। बालक का शव देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में शोक का माहौल बन गया।
    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कम उम्र में देव की मौत से परिजन सदमे में हैं। गांव के लोग भी इस हादसे से दुखी हैं।
    तालाब और अन्य जलस्रोतों में नहाने के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खासकर खेतों में बने तालाबों में पानी की वास्तविक गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे स्थानों पर नहाने से डूबने का खतरा बढ़ जाता है। शिवपुरी की यह घटना एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बन गई है और ग्रामीण इलाकों में जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत भी सामने लाती है।
  • शिवपुरी के जंगलों में मां बलारी का रहस्यमयी दरबार, सुबह बालिका तो दोपहर में युवा रूप की मान्यता, नवरात्र में बढ़ी भक्तों की भीड़

    शिवपुरी के जंगलों में मां बलारी का रहस्यमयी दरबार, सुबह बालिका तो दोपहर में युवा रूप की मान्यता, नवरात्र में बढ़ी भक्तों की भीड़


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित माधव टाइगर रिजर्व अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। इसी रिजर्व की पूर्वी रेंज के घने जंगलों और खूबसूरत वादियों के बीच सदियों पुराना मां बलारी माता मंदिर स्थित है। यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ अपनी अनूठी लोक मान्यताओं के कारण भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व रखता है। शारदीय नवरात्र के दौरान यहां भक्तों की आवाजाही बढ़ गई है। दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु जंगल के रास्ते सफर कर मां के दरबार में पहुंच रहे हैं और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
    मां बलारी मंदिर की सबसे खास मान्यता देवी के बदलते स्वरूप से जुड़ी हुई है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित मान्यता के अनुसार मां का मुखमंडल 24 घंटे के भीतर तीन बार आंशिक रूप से बदलता है। कहा जाता है कि सुबह देवी बाल रूप में दर्शन देती हैं जबकि दोपहर में उनका स्वरूप युवा दिखाई देता है। वहीं रात के समय वृद्ध स्वरूप की मान्यता है। इसी अनूठी मान्यता के चलते मंदिर के प्रति लोगों की श्रद्धा और आकर्षण बना हुआ है। नवरात्र के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचकर माता के दर्शन करने को उत्सुक हैं।
    मंदिर तक पहुंचने का रास्ता भी श्रद्धालुओं के लिए एक अलग अनुभव लेकर आता है। शिवपुरी शहर से मंदिर की दूरी करीब 25 किलोमीटर बताई गई है। यहां पहुंचने के लिए यात्रियों को कुछ दूरी कच्चे रास्ते पर तय करनी पड़ती है। इसके बाद करीब 7.4 किलोमीटर का मार्ग माधव टाइगर रिजर्व के जंगल से होकर गुजरता है। घने पेड़ों और प्राकृतिक हरियाली के बीच से गुजरने वाला यह रास्ता जहां प्रकृति के करीब होने का अनुभव देता है वहीं वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण सावधानी बरतना भी जरूरी है।
    नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और वन क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। दी गई जानकारी के अनुसार इस अवधि में भक्तों को अपने वाहनों से मंदिर तक जाने की अनुमति दी गई है। हालांकि जंगल में प्रवेश के लिए चेकपोस्ट पर वाहनों की एंट्री अनिवार्य रखी गई है। इससे वन क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखी जा सके और श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे।
    जंगल के रास्ते पर सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। वन विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रास्ते में अनावश्यक रूप से न रुकें और समूह में आगे बढ़ें। इसके साथ ही डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। जंगल में तेज आवाज और लापरवाही वन्यजीवों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। ऐसे में श्रद्धालुओं से धार्मिक यात्रा के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपेक्षा की जा रही है।
    मां बलारी मंदिर धार्मिक आस्था और प्राकृतिक वातावरण का अनूठा संगम है। एक ओर यहां देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही है तो दूसरी ओर माधव टाइगर रिजर्व की हरियाली इस स्थान को विशेष बनाती है। नवरात्र में मंदिर आने वाले भक्तों के लिए जरूरी है कि वे आस्था के साथ वन विभाग के नियमों का भी पालन करें। इससे धार्मिक परंपरा के साथ जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
  • शिवपुरी में नवरात्रि पर ट्रैफिक प्लान लागू, रात 10 बजे तक फिजिकल रोड पर कार और भारी वाहनों की एंट्री बंद

    शिवपुरी में नवरात्रि पर ट्रैफिक प्लान लागू, रात 10 बजे तक फिजिकल रोड पर कार और भारी वाहनों की एंट्री बंद


    शिवपुरी। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन माता की प्रतिमाएं लेने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शिवपुरी में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। शहर के फिजिकल क्षेत्र में रविवार को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक कुछ प्रमुख मार्गों पर कार टैक्सी और भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सड़क पर जाम की स्थिति से बचने के लिए यह व्यवस्था लागू की है। इस दौरान फिजिकल रोड पर केवल दोपहिया वाहन ही चल सकेंगे। वहीं नवरात्रि के दौरान इस मार्ग पर डीजे वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। ऐसे में माता की प्रतिमाएं लेने जाने वाले लोगों और इस क्षेत्र से गुजरने वाले वाहन चालकों को बदले हुए ट्रैफिक रूट का ध्यान रखना होगा।

    जानकारी के अनुसार शिवपुरी के फिजिकल रोड पर कई मूर्तिकार माता की प्रतिमाएं तैयार करते हैं। नवरात्रि शुरू होने से पहले और पहले दिन जिले के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां प्रतिमाएं लेने पहुंचते हैं। इसके कारण सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है और भीड़ के चलते यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस ने फिजिकल क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने का निर्णय लिया है ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और प्रतिमाएं लेने आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से अपना काम पूरा कर सकें।

    नई व्यवस्था के तहत पुराने बस स्टैंड से फिजिकल होते हुए आकाशवाणी और पीजी कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर कार टैक्सी और भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। इस सड़क पर केवल दोपहिया वाहन चालकों को जाने की अनुमति होगी। सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक लागू इस व्यवस्था के दौरान चार पहिया वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा। इससे फिजिकल रोड पर भीड़ को नियंत्रित करने और वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    यातायात पुलिस के मुताबिक धर्मवीर घाटी से फिजिकल रोड की ओर भी केवल दोपहिया वाहन ही जा सकेंगे। कार और अन्य चार पहिया वाहनों के साथ भारी वाहन चालकों को दो बत्ती होते हुए परशुराम तिराहे के रास्ते आगे जाना होगा। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे प्रतिबंधित मार्ग पर जाने की कोशिश न करें और अपनी यात्रा के दौरान वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। इससे अनावश्यक जाम से बचा जा सकेगा और दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी नहीं होगी।

    नवरात्रि के दौरान फिजिकल रोड पर डीजे वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। यातायात प्रभारी रणवीर यादव ने बताया कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखना और सड़क पर यातायात को सुरक्षित बनाए रखना है।

    नवरात्रि के पहले दिन माता की प्रतिमाएं लेने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण शिवपुरी के फिजिकल क्षेत्र में यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को घर से निकलने से पहले अपने मार्ग की जानकारी रखने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। खासतौर पर कार टैक्सी और भारी वाहन चालकों को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक लागू प्रतिबंधों का ध्यान रखना चाहिए। बदले हुए ट्रैफिक रूट का पालन करने से न केवल जाम की समस्या कम होगी बल्कि श्रद्धालुओं को भी माता की प्रतिमाएं लेने में सुविधा मिल सकेगी।

  • शिवपुरी में माता के पंडाल में डीजे बंद कराने पर बवाल, पुलिसकर्मियों पर लाठी चलाने का आरोप, देर रात थाने का घेराव

    शिवपुरी में माता के पंडाल में डीजे बंद कराने पर बवाल, पुलिसकर्मियों पर लाठी चलाने का आरोप, देर रात थाने का घेराव


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शारदीय नवरात्रि के दौरान माता के पंडाल में डीजे बंद कराने और सड़क से जाम हटवाने को लेकर विवाद हो गया। फिजिकल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात हुए इस घटनाक्रम के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों ने दो पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में लाठियां चलाने और मारपीट करने का आरोप लगाया। घटना से नाराज लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और घेराव कर दोनों पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग करने लगे। दूसरी ओर थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों के शराब पीने और मारपीट करने के आरोपों को निराधार बताया है। देर रात करीब डेढ़ बजे तक थाने पर हंगामा चलता रहा जिसके बाद स्थिति शांत हुई।

    जानकारी के मुताबिक फिजिकल थाने से कुछ ही दूरी पर माता की प्रतिमा स्थापित करने के लिए पंडाल तैयार किया जा रहा था। रविवार रात करीब 11 बजे सड़क पर डीजे लगाया गया था। पंडाल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और डीजे बजने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी। देखते ही देखते वहां जाम जैसी स्थिति बन गई। इसी बीच रात करीब 12:30 बजे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। वे डीजे बंद कराने और सड़क से जाम हटवाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद होने की बात सामने आई।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही लाठियां चलानी शुरू कर दीं और लोगों के साथ मारपीट की। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे। घटना के बाद दोनों पुलिसकर्मी अपना वाहन लेकर वहां से चले गए। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की।

    घटना से नाराज लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और वहां घेराव कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि माता के पंडाल में आए श्रद्धालुओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों को थाने से हटाने की मांग उठाई। थाने के बाहर लोगों की भीड़ जुटने और हंगामे की सूचना मिलने के बाद अन्य थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। देर रात तक पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच घटनाक्रम को लेकर तनाव बना रहा। करीब डेढ़ बजे तक चले हंगामे के बाद मामला शांत हुआ।

    इस पूरे मामले में फिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने अलग पक्ष रखा। उनके अनुसार पुलिसकर्मी रात करीब 12 बजे गश्त पर निकले थे। इस दौरान सड़क पर डीजे बजने और जाम लगने की स्थिति सामने आई। रात काफी हो जाने के कारण पुलिस ने डीजे बंद करने और रास्ता खाली कराने के लिए कहा था। थाना प्रभारी के मुताबिक इस कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी।

    थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि माता का पंडाल एक स्थान पर था जबकि डीजे दूसरी जगह लगाया गया था। उन्होंने पुलिसकर्मियों के शराब के नशे में होने और लोगों के साथ मारपीट करने के आरोपों को निराधार बताया। इस तरह मामले में स्थानीय लोगों के आरोप और पुलिस की ओर से दिया गया पक्ष अलग-अलग हैं।

    नवरात्रि के दौरान धार्मिक आयोजन और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होता है। वहीं ऐसे आयोजनों के दौरान पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद तथा संयम भी जरूरी है। शिवपुरी की इस घटना में विवाद की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार देर रात थाने पर हुआ हंगामा शांत हो गया लेकिन पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है।

  • शिवपुरी के सुनाज गांव में दर्दनाक हादसा, मिट्टी से लदी ट्रॉली पर पलटा ट्रैक्टर, ड्राइवर की हालत गंभीर

    शिवपुरी के सुनाज गांव में दर्दनाक हादसा, मिट्टी से लदी ट्रॉली पर पलटा ट्रैक्टर, ड्राइवर की हालत गंभीर


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मिट्टी से भरी ट्रॉली पर ट्रैक्टर पलटने से एक गंभीर हादसा हो गया। दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक ट्रॉली के नीचे दब गया और उसे गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए चालक को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे शिवपुरी जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर कर दिया गया। वहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
    जानकारी के मुताबिक हादसा शुक्रवार शाम शिवपुरी जिले के सुनाज गांव में हुआ। ढेंकुआ गांव का रहने वाला रामवीर यादव ट्रैक्टर के साथ मिट्टी से भरी ट्रॉली लेकर जा रहा था। इसी दौरान करमई सड़क पर मिट्टी भराव का काम चल रहा था। बताया गया है कि रामवीर ट्रैक्टर को ऊंचाई वाली सड़क पर चढ़ाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर का अगला हिस्सा अचानक ऊपर उठ गया और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते ट्रैक्टर मिट्टी से भरी ट्रॉली पर पलट गया। इस हादसे में चालक रामवीर उसके नीचे दब गया।
    दुर्घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने बिना देर किए चालक को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। काफी प्रयास के बाद रामवीर को ट्रैक्टर और ट्रॉली के नीचे से निकाला गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर मदद मिलने से उसे अस्पताल तक ले जाया जा सका।
    अस्पताल में डॉक्टरों ने घायल चालक का प्राथमिक उपचार किया। लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल भेजा गया। वहां भी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। फिलहाल रामवीर का ग्वालियर में इलाज जारी है। उसकी हालत को लेकर आगे की जानकारी उपचार के दौरान सामने आ सकती है।
    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर का अगला हिस्सा ऊंचाई पर चढ़ाते समय उठने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना की परिस्थितियों और वाहन के पलटने के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि सड़क पर मिट्टी भराव के काम के दौरान वाहन किस स्थिति में था और ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ने की वजह क्या रही।
    इस घटना ने एक बार फिर मिट्टी और निर्माण सामग्री से भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियों को ऊंचाई वाली सड़कों पर ले जाने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है। ऐसे वाहनों को चढ़ाई पर ले जाते समय संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। खासकर जब ट्रॉली में भारी मिट्टी भरी हो तो चालक के लिए वाहन पर नियंत्रण बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायल चालक का ग्वालियर में उपचार जारी है।
  • शिवपुरी में सफाई व्यवस्था की खुली पोल, नालियां जाम और सीवर चैंबर उफनाए, त्योहार से पहले बढ़ी लोगों की चिंता

    शिवपुरी में सफाई व्यवस्था की खुली पोल, नालियां जाम और सीवर चैंबर उफनाए, त्योहार से पहले बढ़ी लोगों की चिंता


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में नवरात्र से पहले सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शहर के कई इलाकों में नालियां जाम होने और सीवर चैंबर से गंदगी बाहर आने की शिकायतें सामने आई हैं। दुर्गा पंडालों और धार्मिक आयोजनों की तैयारियों के बीच साफ सफाई की स्थिति लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका में शिकायत करने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में वार्ड 30 के लोगों को खुद ही सफाई की जिम्मेदारी उठानी पड़ी। शनिवार को कॉलोनीवासियों ने झाड़ू उठाकर नालियों से कचरा निकालना शुरू कर दिया। इस घटना ने शहर की सफाई व्यवस्था और त्योहारों से पहले की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    जानकारी के मुताबिक कोलियों के मंदिर के पीछे स्थित नरिया क्षेत्र में लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई थी। नालियों में जमा कचरे और कीचड़ के कारण आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर नगर पालिका में शिकायत भी की थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार परेशानी झेलने के बाद लोगों ने इंतजार करने के बजाय खुद ही सफाई शुरू कर दी। कॉलोनीवासियों ने नालियों से कचरा निकाला और आसपास के क्षेत्र को साफ करने का प्रयास किया। नवरात्र जैसे धार्मिक पर्व से पहले लोगों को इस तरह सफाई करनी पड़ना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
    शहर के माधव चौक के पास स्थित मां वैष्णो दरबार की झांकी के आसपास भी गंदगी की समस्या सामने आई है। यहां सीवर चैंबर से गंदगी बाहर आने के कारण स्थानीय लोगों और आयोजन समिति के सदस्यों की परेशानी बढ़ गई है। धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में सीवर की गंदगी और आसपास फैला कचरा लोगों के लिए असुविधा पैदा कर सकता है। समिति के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर नगर पालिका और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग यानी पीएचई से कई बार शिकायत की है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका।
    आयोजन समिति के सदस्यों के मुताबिक उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर भी अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। वे अपर कलेक्टर से भी मिले थे ताकि सीवर चैंबर की समस्या का जल्द समाधान हो सके। हालांकि उनके अनुसार अब तक राहत नहीं मिली है। समिति के सदस्यों का कहना है कि सीवर चैंबर की सफाई सामान्य झाड़ू या घरेलू उपकरणों से करना संभव नहीं है। इसके लिए संबंधित विभाग की टीम और जरूरी संसाधनों की आवश्यकता होती है। ऐसे में वे चाहते हैं कि जिम्मेदार विभाग समय रहते मौके पर पहुंचकर सफाई कराए।
    यह स्थिति तब सामने आई है जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने त्योहारों से पहले सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शहर के कुछ इलाकों में नालियों और सीवर चैंबर की समस्या बने रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों की मांग है कि नगर पालिका और संबंधित विभाग केवल शिकायत मिलने के बाद ही नहीं बल्कि नियमित रूप से भी सफाई व्यवस्था की निगरानी करें।
    नवरात्र के दौरान दुर्गा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में साफ सफाई और सीवर व्यवस्था दुरुस्त रखना जरूरी है। शिवपुरी के लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई कर जाम नालियों और सीवर चैंबर की समस्या दूर करेगा ताकि धार्मिक आयोजन स्वच्छ वातावरण में हो सकें। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग शिकायतों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं और त्योहार से पहले लोगों को राहत मिल पाती है या नहीं।