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  • पूर्व डीएसपी की पुत्रवधु ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए, छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

    पूर्व डीएसपी की पुत्रवधु ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए, छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी में पूर्व ट्रैफिक डीएसपी हरिवंश कन्हौआ के परिवार से जुड़ा विवाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। उनकी पुत्रवधु प्रियांशु शर्मा ने ससुराल पक्ष के छह सदस्यों के खिलाफ शिकायत देकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, संपत्ति हड़पने की कोशिश तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। प्रियांशु ने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    प्रियांशु शर्मा ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी शादी जनवरी 2022 में आकाश कन्हौआ के साथ हुई थी। शिकायत के मुताबिक, 23 दिसंबर 2025 को आकाश 14 लाख रुपये की व्यवस्था करने के लिए घर से निकले थे। इसके अगले दिन प्रियांशु को जबलपुर में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की सूचना मिली। पति की मौत के हालात को लेकर शिकायत में चिंता जताई गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी मौत के कारणों और उससे संबंधित जांच के अंतिम निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।

    प्रियांशु का आरोप है कि पति की मौत के लगभग सवा महीने बाद भोपाल स्थित मकान से 23 लाख रुपये की चोरी के मामले में उन पर आरोप लगाया गया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पुलिस जांच और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला यानी एफएसएल की जांच में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। इस मामले में जांच से संबंधित दस्तावेजों और निष्कर्षों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

    शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सास-ससुर और जेठ की ओर से उन पर दूसरी शादी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, बेटी सान्वी को अपने पास से छोड़ने के लिए भी दबाव बनाया गया। प्रियांशु ने दावा किया कि पति के नाम पर मौजूद संपत्ति अपने नाम कराने के लिए भी उनसे लगातार दबावपूर्वक बातचीत की जाती रही। इन आरोपों के संबंध में दूसरे पक्ष का बयान उपलब्ध नहीं है।

    प्रियांशु ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उन्हें इंदौर में नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उनका आरोप है कि अक्टूबर 2026 में अपने पिता के साथ बातचीत के दौरान उनसे जबरन समझौते से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घर से निकालने की बात कही गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन परिस्थितियों के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा और अब उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता है।

    प्रियांशु शर्मा ने जिन छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, उनमें उनके ससुर हरिवंश कन्हौआ, सास सरोज कन्हौआ, जेठ विकास कन्हौआ, जेठानी भावना कन्हौआ, ननद ऋतु अवस्थी और नंदोई सौरभ अवस्थी के नाम शामिल हैं। उन्होंने पुलिस से शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने, संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

    मामले में अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। पति की संदिग्ध मौत, चोरी के आरोप, संपत्ति को लेकर विवाद और कथित प्रताड़ना से जुड़े पहलुओं की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • शिवपुरी में आशुतोष ओज के कहानी संग्रह ‘प्रेमपाश’ का विमोचन, वक्ताओं ने कहानियों को संस्कार और सामाजिक बदलाव का माध्यम बताया

    शिवपुरी में आशुतोष ओज के कहानी संग्रह ‘प्रेमपाश’ का विमोचन, वक्ताओं ने कहानियों को संस्कार और सामाजिक बदलाव का माध्यम बताया

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी शहर में 22 अक्टूबर 2026 को कहानीकार आशुतोष ओज के कहानी संग्रह ‘प्रेमपाश’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर साहित्य, सामाजिक जीवन और संस्कारों में कहानियों की भूमिका पर विचार रखे गए। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि कहानी केवल घटनाओं का वर्णन नहीं होती, बल्कि समाज को दिशा देने, जीवन मूल्यों को मजबूत करने और लोगों को अपने आसपास की समस्याओं के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम भी है।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ प्रचारक श्रीधर पराड़कर ने कहा कि कहानियों के माध्यम से समाज को दिशा और संस्कार मिलते हैं। हर व्यक्ति के जीवन की अपनी कहानी होती है और उसे शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत करने वाला कहानीकार कहलाता है। उन्होंने कहा कि गीता और रामचरितमानस में निहित जीवन मूल्यों को अलग-अलग समय में परिवार के बुजुर्गों ने कहानियों के जरिए बच्चों तक पहुंचाया। दादा-दादी और नाना-नानी द्वारा सुनाई जाने वाली कहानियां बचपन से ही संस्कार देने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं।

    श्रीधर पराड़कर ने कहा कि आशुतोष ओज की कहानियां रोजमर्रा के जीवन में घटने वाली घटनाओं और अनुभवों से जुड़ी हैं। उनके अनुसार, भावनाओं को व्यक्त करने के लिए कहानी एक सशक्त माध्यम है। इसके जरिए सामान्य जीवन की परिस्थितियों और सामाजिक अनुभवों को प्रभावी ढंग से सामने रखा जा सकता है। उन्होंने कहानी लेखन की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह विधा जीवन और समाज को समझने में मदद करती है।

    विद्या भारती के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री और वरिष्ठ प्रचारक राम अरावकर ने संग्रह के विमोचन को व्यक्तिगत प्रसन्नता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि आशुतोष को बचपन से देखते आए हैं और अब उनका कहानी लेखन के क्षेत्र में प्रवेश करना खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि ‘प्रेमपाश’ में राष्ट्रीयता के भावों से जुड़ी कहानियां शामिल हैं। उनके अनुसार, कहानी केवल घटनाओं को दर्ज करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज में आदर्श स्थापित करने और लोगों को लोभ-लालच से दूर रहने की प्रेरणा देने का काम भी करती है।

    राम अरावकर ने परिवारों में कहानी सुनाने की पुरानी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले घरों में बुजुर्ग बच्चों को कहानियां सुनाकर जीवन मूल्यों और संस्कारों से परिचित कराते थे। समय के साथ परिवारों के बिखराव, कुटुंब व्यवस्था में बदलाव और तकनीक के बढ़ते प्रभाव ने इस परंपरा को प्रभावित किया है। ऐसे में साहित्य और कहानी लेखन के माध्यम से संस्कारों तथा सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

    कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के उप महानिरीक्षक राजीव लोचन शुक्ला ने कहा कि सामाजिक समस्याओं के बढ़ने का एक कारण लोगों का चुपचाप तमाशा देखते रहना भी है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं को समाज अपने आसपास देखता है, उनके बारे में मुखर होकर बोलना और लिखना समय की मांग है। प्रत्येक नागरिक को इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, ताकि समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सके।

    राजीव लोचन शुक्ला ने आशुतोष ओज के लेखन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने आसपास मौजूद समस्याओं को कहानी संग्रह के माध्यम से प्रस्तुत किया है। सरल भाषा में आम लोगों के जीवन से जुड़ी कहानियों को सामने लाना महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने इसके लिए कहानीकार को बधाई दी।

    इस अवसर पर सौम्या उपाध्याय और डॉ. आकांक्षा गौड़ ने कहानी संग्रह की समीक्षा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन हेमलता चौधरी ने किया। समारोह में विद्यापीठ के पूर्व छात्र और भोपाल के अपर सत्र न्यायाधीश संजय अग्रवाल का अभिनंदन भी किया गया। मंच पर डॉ. कुमार संजीव, पुरुषोत्तम गौतम और प्रमोद भार्गव सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में आशुतोष शर्मा ओज ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • शिवपुरी में 68 डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों का अटैचमेंट निरस्त, मूल अस्पतालों में लौटने के आदेश जारी

    शिवपुरी में 68 डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों का अटैचमेंट निरस्त, मूल अस्पतालों में लौटने के आदेश जारी

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त करने की कार्रवाई की है। जिला मुख्यालय और अन्य शहरी कार्यालयों में अटैच होकर काम कर रहे 68 डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और दूसरे कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना वाले अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में वापस भेजने के आदेश जारी किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने 19 से 21 अक्टूबर के बीच यह कार्रवाई की। इसके बाद जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

    इस कार्रवाई में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों के अटैचमेंट भी समाप्त किए गए हैं। करैरा के बीएमओ डॉ. प्रदीप शर्मा जिला कार्यालय में जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी (डीटीओ) का काम देख रहे थे। वहीं, कोलारस के बीएमओ डॉ. सुनील खण्डोलिया और खनियाधाना के बीएमओ डॉ. रोहित भदकारिया भी जिला मुख्यालय पर जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। अब इन अधिकारियों को उनके मूल ब्लॉक में वापस जाकर बीएमओ के रूप में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

    स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रही। संविदा डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी उनकी मूल पदस्थापना पर भेजा गया है। इनमें 14 संविदा डॉक्टरों के साथ नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट, सहायक नर्स मिडवाइफ यानी एएनएम और डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं। इन कर्मचारियों को शहरी कार्यालयों या अन्य स्थानों पर अटैच रखने के बजाय मूल कार्यस्थलों पर सेवाएं देने के लिए कहा गया है।

    इसके अतिरिक्त नेत्र सहायकों, मल्टीपर्पज वर्करों और सहायक ग्रेड-2 के 33 कर्मचारियों का अटैचमेंट भी समाप्त किया गया है। ये कर्मचारी जिला अस्पताल, कलेक्टर कार्यालय और कोल्ड चेन से संबंधित कामों में लगाए गए थे। आदेश के अनुसार, उन्हें वहां से हटाकर उनके मूल उप स्वास्थ्य केंद्रों में वापस भेजा गया है। विभाग ने पिछोर, करैरा और नरवर क्षेत्रों में डॉक्टरों को दिए गए दोहरे प्रभार भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए हैं।

    पोहरी ब्लॉक में भी प्रशासनिक बदलाव किया गया है। यहां संविदा चिकित्सक डॉ. द्वारिका प्रसाद वर्मा से ब्लॉक का प्रभार वापस ले लिया गया है। उनकी जगह नियमित चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत साहू को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव के जरिए ब्लॉक की स्वास्थ्य व्यवस्था में नियमित चिकित्सा अधिकारी की भूमिका बढ़ाई गई है।

    सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषीश्वर के अनुसार, शासन की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को उनके गांव और कस्बों के आसपास ही बेहतर इलाज मिल सके। इसके लिए जरूरी है कि डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी निर्धारित पदस्थापना पर मौजूद रहकर काम करें। विभाग का कहना है कि इसी उद्देश्य से अटैचमेंट समाप्त करने का फैसला लिया गया है।

    ग्रामीण अस्पतालों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों तथा कर्मचारियों की उपलब्धता स्थानीय मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है। यदि स्वीकृत पदों के अनुसार कर्मचारी अपने निर्धारित स्थानों पर सेवाएं देते हैं, तो मरीजों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय तक आने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, इस कार्रवाई का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित कर्मचारी मूल स्थानों पर नियमित रूप से काम करते हैं और वहां जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं या नहीं।

    सीएमएचओ ने बताया कि पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट भोपाल भेजी जा रही है। अब विभाग के सामने आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।

  • शिवपुरी में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला, पति ने नकदी और सोने के जेवर ले जाने का लगाया आरोप

    शिवपुरी में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला, पति ने नकदी और सोने के जेवर ले जाने का लगाया आरोप

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला सामने आया है। सुरवाया थाना क्षेत्र के ग्राम बिची मोहनगढ़ निवासी धर्मवीर गुर्जर ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी पूनम गुर्जर 30 सितंबर की रात घर में रखे दो लाख रुपये नकद और पांच तोला सोने के जेवर लेकर चली गई। धर्मवीर का दावा है कि उसकी पत्नी गौशाला क्षेत्र में रहने वाले जीतू गुर्जर के साथ गई है। मामले में शिकायत लेकर वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और कार्रवाई की मांग की।

    धर्मवीर के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2017 में समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में पूनम गुर्जर के साथ हुई थी। शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए। उसने बताया कि वह खेती करके परिवार का भरण-पोषण करता था और उसके पास करीब 40 बीघा कृषि भूमि है। बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसने शिवपुरी शहर के गौशाला-लुधावली क्षेत्र में एक मकान भी लिया था, ताकि बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें।

    धर्मवीर ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि इसी दौरान उसकी पत्नी की गौशाला क्षेत्र में रहने वाले जीतू गुर्जर से नजदीकियां बढ़ गईं। उसके मुताबिक, इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसने शिवपुरी स्थित मकान बेचने का निर्णय लिया। धर्मवीर का कहना है कि उसने मकान चार लाख रुपये में बेच दिया और इसके बाद पत्नी तथा बच्चों को लेकर अपने गांव बिची मोहनगढ़ लौट आया।

    पीड़ित के आरोप के मुताबिक, 30 सितंबर की रात पूनम घर में रखे दो लाख रुपये नकद और पांच तोला सोने के जेवर लेकर चली गई। धर्मवीर ने दावा किया कि इस मामले में जीतू गुर्जर के मौसा इंदर गुर्जर और उसके दोस्त नरेंद्र लोधी ने भी सहयोग किया। उसने नरेंद्र पर जान से मारकर फेंक देने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों का बयान भी सामने नहीं आया है।

    धर्मवीर का कहना है कि उसने इस घटना के संबंध में सुरवाया थाना पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह अपनी फरियाद लेकर शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उसने पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उसने अपनी शिकायत पर कार्रवाई कराने की मांग दोहराई।

    धर्मवीर ने अपनी शिकायत में परिवार की स्थिति का भी जिक्र किया है। उसका कहना है कि तीनों बच्चे अपनी मां को याद करते हैं और उसके घर लौटने की उम्मीद में रोते हैं। वह बच्चों को यह कहकर समझाता है कि उनकी मां वापस आ जाएगी। इस स्थिति से परिवार पर पड़ रहे असर को बताते हुए उसने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।

    पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाए और पत्नी को ले जाने, नकदी तथा जेवर साथ ले जाने और धमकी देने से जुड़े उसके आरोपों की पड़ताल की जाए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह मामला पति की शिकायत और उसके लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई या जांच की स्थिति के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

  • शिवपुरी में 27 वर्षीय विवाहिता ससुराल में फंदे पर लटकी मिली, हाथ के निशान को लेकर कही थी परेशान करने वाली बात

    शिवपुरी में 27 वर्षीय विवाहिता ससुराल में फंदे पर लटकी मिली, हाथ के निशान को लेकर कही थी परेशान करने वाली बात

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र के गौशाला इलाके में 27 वर्षीय विवाहिता राधा अपनी ससुराल में फंदे पर लटकी मिली। घटना गुरुवार दोपहर की बताई गई है। घटना के समय वह घर में अकेली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल विवाहिता की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, गौशाला क्षेत्र में रहने वाले सुखवीर धाकड़ एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी शादी राधा से करीब एक साल पहले हुई थी। गुरुवार को वह रोज की तरह स्कूल में पढ़ाने के लिए गए थे। दोपहर करीब तीन बजे उन्हें सूचना मिली कि उनकी पत्नी ने फंदे पर लटककर जान दे दी है। सूचना मिलने के बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।

    बताया गया कि घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था और राधा अकेली थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। शुरुआती जानकारी में पति ने राधा के हाथ पर मौजूद एक निशान का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, राधा अक्सर अपने हाथ के उस निशान को देखकर कहती थी कि वह ज्यादा दिनों तक उनके साथ नहीं रह पाएगी। हालांकि, इस बात का घटना से क्या संबंध था, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

    मामले में पुलिस सभी संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है। केवल हाथ पर निशान होने या उससे जुड़ी किसी बात के आधार पर मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार के सदस्यों के बयान से घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि घटना से पहले विवाहिता की स्थिति कैसी थी और क्या किसी तरह की परेशानी सामने आई थी।

    देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान मिलने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस की ओर से मौत को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की गई है।

    घटना के बाद क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विवाहिता की शादी को करीब एक वर्ष ही हुआ था, इसलिए पुलिस उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राधा की मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने और आवश्यक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

  • शिवपुरी कोतवाली में कथित शराबखोरी और फायरिंग के मामले में टीआई रोहित दुबे लाइन अटैच, सात पुलिसकर्मी निलंबित

    शिवपुरी कोतवाली में कथित शराबखोरी और फायरिंग के मामले में टीआई रोहित दुबे लाइन अटैच, सात पुलिसकर्मी निलंबित

    शिवपुरी: में सिटी कोतवाली से जुड़े एक कथित घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। थाना प्रभारी टीआई रोहित दुबे को लाइन अटैच कर दिया गया है, जबकि उपनिरीक्षक प्रवीण त्रिवेदी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। यह मामला मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात का बताया जा रहा है, जब शहर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चल रहा था। घटनाक्रम में थाने के भीतर कथित रूप से शराब पीने, ताश खेलने, पुलिसकर्मियों के बीच विवाद और गोली चलने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात करीब एक बजे सिटी कोतवाली परिसर में स्थित पुराने महिला थाने के कमरों में कुछ पुलिसकर्मियों के मौजूद होने की बात कही गई है। इनमें हवलदार विनय सिंह जाटव, कोतवाली के चालक शरद यादव और दो अन्य आरक्षकों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मी शराब के नशे में ताश खेल रहे थे। इसी बीच ताश खेलने के दौरान कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई।

    बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान शरद यादव के साथ मारपीट की गई। इसके बाद गुस्से में आकर उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली चला दी। हालांकि, गोली किसी व्यक्ति को नहीं लगी और किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई। घटना के बाद विनय सिंह जाटव समेत कुछ पुलिसकर्मियों के कोतवाली परिसर से चले जाने की बात कही गई है। यह भी दावा किया गया कि शरद यादव उन्हें तलाश करते हुए माधव चौक तक पहुंचे थे। इन विवरणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले को लेकर विनय सिंह जाटव से संपर्क किए जाने पर उन्होंने ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए इसे अफवाह बताया। इस विरोधाभास के कारण घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है। थाने के पुराने महिला थाना क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फुटेज की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित समय पर परिसर में क्या हुआ था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फुटेज और निलंबन आदेश सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।

    घटनाक्रम के दौरान टीआई रोहित दुबे की ड्यूटी माधव चौक पर बताई गई थी। आरोप है कि वह करीब दो घंटे तक निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद शिवपुरी की पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया सिटी कोतवाली पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद थाना प्रभारी को लाइन अटैच करने और सात पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की कार्रवाई की गई। विभागीय कार्रवाई का विस्तृत आधार और आरोपों की अंतिम स्थिति उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट नहीं है।

    निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक प्रवीण त्रिवेदी के अलावा गजेंद्र परिहार, देवेंद्र रावत, जितेंद्र रायपुरिया, विनय जाटव, शरद यादव और अवतार सिंह शामिल हैं। इस प्रकार कुल सात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी रोहित दुबे को लाइन अटैच करने के पीछे स्टाफ पर नियंत्रण रखने में कथित विफलता और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का मामला बताया गया है।

    रोहित दुबे का शिवपुरी में कोतवाली प्रभारी के रूप में यह दूसरा कार्यकाल बताया गया है। वह अशोकनगर से स्थानांतरित होकर शिवपुरी आए थे और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर के कार्यकाल में उन्हें सिटी कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले एक जन आंदोलन के दौरान विवाद में आने के बाद उन्हें इस थाने से हटाया गया था। बाद में उन्हें फिर से कोतवाली प्रभारी बनाया गया। अब ताजा घटनाक्रम के बाद उन्हें दोबारा लाइन अटैच किया गया है। मामले में आरोपों की पुष्टि और घटनाक्रम की पूरी स्थिति जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

  • शिवपुरी में सहायक प्राध्यापक की पत्नी ने लिव-इन संबंधों को लेकर किया हंगामा, दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

    शिवपुरी में सहायक प्राध्यापक की पत्नी ने लिव-इन संबंधों को लेकर किया हंगामा, दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी में एक कॉलेज के सहायक प्राध्यापक के कथित लिव-इन संबंधों को लेकर विवाद सामने आया है। प्रोफेसर कॉलोनी स्थित एक आवास पर पहुंची उनकी पत्नी ने पति के एक महिला सहकर्मी के साथ रहने पर आपत्ति जताई। इस दौरान करीब तीन घंटे तक दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाद में संबंधित लोगों को थाने ले गई। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

    यह मामला शिवपुरी के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्रीमंत माधवराव सिंधिया पीजी कॉलेज में पदस्थ सहायक प्राध्यापक चेतन्य राजपूत और उनकी महिला सहकर्मी राजवती किरार से जुड़ा है। ग्वालियर निवासी प्रीति राजपूत का आरोप है कि उनके पति चेतन्य राजपूत कॉलेज में पदस्थ अविवाहित सहायक प्राध्यापक राजवती किरार के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। इसी बात को लेकर वह प्रोफेसर कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचीं और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया।

    प्रीति राजपूत का दावा है कि उनके पति और महिला सहकर्मी का एक बच्चा भी है। उन्होंने अपने नौ वर्षीय बेटे का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उनके पति ने उन्हें और बच्चे को छोड़ दिया है। प्रीति का कहना था कि उनका पति संबंधित आवास के अंदर मौजूद है, लेकिन बाहर नहीं आ रहा है। इसी बात को लेकर मौके पर विवाद की स्थिति बनी रही। हालांकि, बच्चे के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

    हंगामे की सूचना मिलने के बाद डायल-112 और महिला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में भी काफी देर तक गतिरोध बना रहा। करीब तीन घंटे बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, जहां उनके बीच हुए विवाद से संबंधित शिकायतें सामने आईं। इस दौरान मामला केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

    प्रीति राजपूत ने अपने पति चेतन्य राजपूत और महिला सहायक प्राध्यापक राजवती किरार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने लिव-इन संबंधों और कथित धोखाधड़ी को लेकर जांच की मांग की। साथ ही, उन्होंने संबंधित बच्चे का डीएनए परीक्षण कराने की मांग भी उठाई है। यह मांग उनकी शिकायत का हिस्सा है। फिलहाल डीएनए परीक्षण कराए जाने या बच्चे की जैविक पहचान के संबंध में किसी निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।

    दूसरी ओर, सहायक प्राध्यापक राजवती किरार ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रीति राजपूत उनके घर में जबरन घुसीं और उनके साथ बदतमीजी की। इस तरह दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस के सामने आरोपों की जांच करने और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है।

    कॉलेज के प्राचार्य पवन श्रीवास्तव ने चेतन्य राजपूत और राजवती किरार के साथ रहने की बात की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने बताया कि घटना के समय वह बाहर थे और उन्हें प्रोफेसर कॉलोनी में हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी। वहीं, फिजिकल थाना प्रभारी अविनाश राठौड़ के अनुसार, दोनों पक्षों से प्राप्त शिकायतों की जांच की जा रही है।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है। शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और विवाद से जुड़े अन्य तथ्यों का स्पष्ट होना जांच के बाद ही संभव होगा।

  • शिवपुरी पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, पुनीत वाजपेयी बने सिटी कोतवाली प्रभारी, 19 अधिकारियों के तबादले

    शिवपुरी पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, पुनीत वाजपेयी बने सिटी कोतवाली प्रभारी, 19 अधिकारियों के तबादले


    शिवपुरी जिले में पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 19 निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने 21 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल में कई थानों के प्रभारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है।

    तबादला सूची में सबसे प्रमुख बदलाव शिवपुरी सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी पद पर हुआ है। निरीक्षक पुनीत वाजपेयी, जो इससे पहले कोलारस थाने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें अब कोतवाली का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, कोतवाली के मौजूदा थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित दुबे को उनके पद से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। इस बदलाव के बाद कोतवाली की जिम्मेदारी पुनीत वाजपेयी संभालेंगे।

    कोलारस थाने में भी नए प्रभारी की नियुक्ति की गई है। निरीक्षक जितेंद्र चंदेलिया को पुलिस लाइन से स्थानांतरित कर कोलारस थाना प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले वह पुलिस लाइन में पदस्थ थे। अब उन्हें थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नियुक्ति के साथ कोलारस में थाना प्रभारी का दायित्व बदल गया है।

    पोहरी थाने की कमान निरीक्षक मनीष कुमार धाकड़ को सौंपी गई है। वह भी पुलिस लाइन से स्थानांतरित होकर पोहरी पहुंचेंगे। वहीं, पोहरी के मौजूदा थाना प्रभारी निरीक्षक रवि चौहान को बैराड़ थाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह पोहरी और बैराड़ थानों में भी प्रभारियों की अदला-बदली की गई है।

    उप निरीक्षक स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। अरविंद छारी को कोतवाली से स्थानांतरित कर दिनारा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं, दिनारा में पदस्थ उप निरीक्षक रविंद्र कुशवाह को कोतवाली भेजा गया है। इन नियुक्तियों के जरिए दोनों अधिकारियों की नई पदस्थापना तय की गई है।

    तबादला आदेश में कुछ अधिकारियों को वर्तमान जिम्मेदारियों से हटाकर पुलिस लाइन भेजने के निर्देश भी शामिल हैं। इनमें कोतवाली से रोहित दुबे, बम्हारी से सुनील राजपूत, बैराड़ से सुरेशचंद्र शर्मा और मायापुर से अनिल भारद्वाज के नाम शामिल हैं। इसके अलावा भटनावर चौकी से सीमा धाकड़ और सीहोर से जूली तोमर को भी उनके वर्तमान प्रभार से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है।

    जारी जानकारी के अनुसार, इस पूरी तबादला सूची में 11 निरीक्षकों और 8 उप निरीक्षकों के नाम शामिल हैं। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल के तहत जिले के कई थानों और पुलिस इकाइयों में जिम्मेदारियां बदली गई हैं। नई नियुक्तियों के बाद संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र का प्रभार संभालना होगा।

  • शिवपुरी में नवदुर्गा सांस्कृतिक समारोह मंडल का भव्य विसर्जन समारोह, आकर्षक झांकियों और बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल

    शिवपुरी में नवदुर्गा सांस्कृतिक समारोह मंडल का भव्य विसर्जन समारोह, आकर्षक झांकियों और बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल


    शिवपुरी: में श्री नवदुर्गा सांस्कृतिक समारोह मंडल की ओर से नवरात्रि के समापन पर देवी प्रतिमा विसर्जन समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। माधव चौक चौराहे पर सजाए गए मंच से विभिन्न स्थानों से आईं देवी प्रतिमाओं की झांकियों और आकर्षक विमानों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बच्चों की नृत्य प्रस्तुतियों, डांडिया, गरबा, योग प्रदर्शन और बाहर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। चल झांकियों का भी भव्य प्रदर्शन किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भाग लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लिया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आईटीबीपी शिवपुरी के डीआईजी राजीव लोचन शुक्ला उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता शिवपुरी के डीएफओ सुधांशु यादव ने की। समारोह की शुरुआत अतिथियों और समिति के सदस्यों द्वारा माता की आरती तथा भगवान श्रीगणेश की वंदना के साथ हुई। इसके बाद समिति अध्यक्ष तरुण अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया। आयोजन में पहुंचे अतिथियों का समिति के सदस्यों ने स्वागत किया।

    समारोह में महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम दास जी महाराज, प्रहलाद भारती, मंशापूर्णी माता मंदिर की महंत मंजू दीक्षित, सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद शुक्ल, राजू बाथम, डीपीसी दफेदार सिंह और महेंद्र सिंह वशिष्ठ विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। समिति के संरक्षकों रामविलास गुप्ता, अमन गोयल, राजेश कोचेटा और हरज्ञान प्रजापति सहित अन्य सदस्यों का भी स्वागत किया गया।

    आयोजन में सहयोग देने वाले प्रायोजकों को सम्मानित किया गया। इनमें सुमत गुप्ता, पुरुषोत्तम दास गर्ग, विनायक सेठ, उमा देवी शर्मा और सुषमा पांडेय शामिल रहे। हम फाउंडेशन की ओर से साधना गुप्ता, साधना शर्मा और अर्चना माहेश्वरी का भी सम्मान किया गया। विशेष सहयोगी के रूप में पटेल एंड संस के भूपेंद्र रावत का योगदान रहा।

    माधव चौक पर बनाए गए मंच से गुजरने वाले सभी विमान, झांकी मंडलों और समाजसेवी संस्थाओं का नवदुर्गा मंडल की ओर से शॉल, श्रीफल और माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। देवी के स्वागत के लिए विभिन्न समितियों ने शहर के अलग-अलग स्थानों पर निःशुल्क हलवा-चना, शरबत, खिचड़ी और सब्जी-पूड़ी का वितरण किया। इस दौरान शहरवासियों ने प्रसादी ग्रहण की और आयोजन में सहभागिता की।

    सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने मंच पर नृत्य और योग की प्रस्तुतियां दीं। डांडिया और गरबा कार्यक्रम में भी प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। नृत्य प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रियंका व्यास, नेत्रा जोशी, टीना गुप्ता और दीपा बंसल शामिल रहीं। बाहर से आए कलाकारों ने भी विशेष प्रस्तुतियां दीं। मंच पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से धार्मिक उत्सव का माहौल बना रहा।

    कार्यक्रम के संचालन में मणिका शर्मा, वरुण राजौरिया, शिखा मंगल और भोपाल की एंकर नम्रता शुक्ला की भूमिका रही। आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष तरुण अग्रवाल, संयोजक संदीप वशिष्ठ, स्वागत अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र गुप्ता, सह स्वागत अध्यक्ष बृजेश शर्मा, उपाध्यक्ष रामलखन मुढ़ौतिया और वरुण राजौरिया सहित समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने योगदान दिया। सचिव अरुण शर्मा, सह सचिव हर्षित मंगल, कोषाध्यक्ष हृदेश गोयल, सह कोषाध्यक्ष रवि पाराशर, मंच प्रभारी संकेत शुक्ला और सह मंच प्रभारी देवेंद्र जैन खतौरा सहित अन्य सदस्य भी आयोजन की व्यवस्थाओं में शामिल रहे।

    कार्यक्रम संयोजक संदीप वशिष्ठ ने जिला पुलिस प्रशासन, नगरपालिका, विद्युत विभाग और शहर की धर्मप्रेमी जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने शहरवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। आयोजन के अंत में माता की महाआरती की गई और भावपूर्ण विदाई के साथ विसर्जन समारोह संपन्न हुआ।

    मुख्य समारोह से पहले नवदुर्गा सांस्कृतिक समारोह मंडल ने क्षत्रिय समाज की बाइक रैली और दशहरा मिलन चल समारोह का स्वागत किया था। दोपहर में खटीक समाज की काली माता रैली तथा शाम को पंजाबी परिषद और श्री नरसिंह मंदिर उत्सव समिति की ओर से निकाली गई राम बारात का भी स्वागत किया गया।

  • शिवपुरी के अकाझिरी गांव में बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर भाई को पीटा, बाइक से घसीटने का आरोप

    शिवपुरी के अकाझिरी गांव में बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर भाई को पीटा, बाइक से घसीटने का आरोप

    शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के रन्नौद थाना क्षेत्र के अकाझिरी गांव में बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक युवक के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार युवकों ने पीड़ित के साथ गाली-गलौज की, लाठी-डंडों से हमला किया और उसे बाइक से घसीटते हुए बस स्टैंड तक ले गए। घटना में युवक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    घटना 20 अक्टूबर 2026 की रात करीब आठ बजे की बताई गई है। अकाझिरी गांव का रहने वाला युवक अपनी बड़ी बहन के साथ रामलीला देखने जा रहा था। इसी दौरान पानी की टंकी के पास गांव के ही राम गुप्ता, मोनू ओझा, कृष्णा ओझा और ज्योतिष ओझा मिल गए। शिकायत के अनुसार, चारों ने युवक की बहन के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ शुरू कर दी।

    बहन के साथ हो रही इस हरकत का युवक ने विरोध किया। आरोप है कि विरोध करने पर चारों युवक नाराज हो गए और उन्होंने पीड़ित के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की गई। घटना के दौरान युवक को गंभीर चोटें आईं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावर उसे राम गुप्ता की बाइक से घसीटते हुए बस स्टैंड तक ले गए, जिससे उसकी चोटें और बढ़ गईं।

    पीड़ित के मुताबिक, मारपीट के बाद आरोपियों ने उसे पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। मामले में बहन के साथ कथित छेड़छाड़ और भाई के साथ मारपीट, दोनों आरोपों को लेकर पुलिस कार्रवाई कर रही है।

    पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने राम गुप्ता, मोनू ओझा, कृष्णा ओझा और ज्योतिष ओझा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। घटना में शामिल लोगों की भूमिका, मारपीट की परिस्थितियों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    अकाझिरी गांव में हुई इस घटना के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में है। फिलहाल पुलिस की जांच शिकायत में दर्ज आरोपों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होना जांच की शुरुआती कार्रवाई है। मामले में आरोपों की पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।