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  • चामुंडा मंदिर में गुप्त दानदाता ने दिए 3 किलो सोना और 6 क्विंटल चांदी, गर्भगृह का बदलेगा स्वरूप

    चामुंडा मंदिर में गुप्त दानदाता ने दिए 3 किलो सोना और 6 क्विंटल चांदी, गर्भगृह का बदलेगा स्वरूप


    नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री चामुंडा नंदकेश्वर धाम के नवीनीकरण का काम तेजी से चल रहा है। करीब 400 साल पुराने इस धार्मिक स्थल को नए स्वरूप में सजाने के लिए एक गुमनाम दानदाता ने बड़ी मात्रा में सोना और चांदी देने का निर्णय लिया है। पंजाब से जुड़े इस दानदाता की ओर से देवी चामुंडा के सिंहासन के लिए 3 किलो सोना और गर्भगृह की सजावट के लिए 6 क्विंटल चांदी देने की बात सामने आई है।

    मंदिर प्रशासन के मुताबिक, दानदाता ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया है। पहले से मंदिर में मौजूद करीब 2.85 क्विंटल चांदी को भी नए दान के साथ मिलाकर गर्भगृह की सजावट में इस्तेमाल किया जाएगा। इस तरह मंदिर के गर्भगृह को सजाने के लिए उपलब्ध चांदी की कुल मात्रा काफी अधिक हो जाएगी।

    श्री चामुंडा नंदकेश्वर धाम देवी चामुंडा को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी ने चंड और मुंड नाम के राक्षसों का वध किया था। इसी प्रसंग से देवी के चामुंडा स्वरूप का संबंध बताया जाता है। मंदिर परिसर में देवी के मुख्य मंदिर के साथ भगवान शिव का स्वयंभू शिवलिंग भी स्थित है। इसी वजह से यह स्थान चामुंडा नंदकेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है।

    नवीनीकरण के तहत गर्भगृह में विशेष मार्बल लगाया जा रहा है। इसके लिए वियतनाम से मार्बल मंगाया जा रहा है, जबकि मंदिर के अन्य हिस्सों में राजस्थान के मकराना का मार्बल इस्तेमाल किया जा रहा है। मंदिर में पत्थर और मार्बल से जुड़े काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उम्मीद है कि नवीनीकरण का यह चरण इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।

    मंदिर के नंदकेश्वर हिस्से को सुंदर बनाने का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। यहां एक स्वयंभू शिवलिंग स्थित है, जिसके ऊपर एक बड़ा पत्थर मौजूद है। इसके अलावा यज्ञशाला का काम भी पूरा हो चुका है। मंदिर परिसर में किए जा रहे कई अन्य कार्यों में भी दानदाताओं का सहयोग लिया जा रहा है। इनमें से कुछ दानदाताओं ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की इच्छा जताई है।

    चामुंडा धाम धार्मिक आस्था के साथ अपनी परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। विवाह के बाद नए शादीशुदा जोड़े यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पूरे वर्ष मंदिर में आते हैं। मंदिर बानेर नदी के किनारे स्थित है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    मंदिर से जुड़ी स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार, कई सदियों पहले एक स्थानीय राजा और पुजारी ने देवी से प्रार्थना की थी कि उनका पवित्र स्थान पहाड़ी की दुर्गम चोटी से हटाकर ऐसी जगह स्थापित किया जाए, जहां श्रद्धालुओं के लिए पहुंचना आसान हो। मान्यता है कि देवी ने पुजारी के सपने में आकर बानेर नदी के किनारे एक स्थान पर खुदाई करने को कहा था।

    कहा जाता है कि खुदाई के दौरान वहां पत्थर की एक प्राचीन मूर्ति मिली। शुरुआत में लोगों ने उसे सामान्य चट्टान समझा और कई लोगों ने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हुए। बाद में पुजारी ने स्नान कर श्रद्धापूर्वक वहां पहुंचकर मूर्ति को आसानी से उठा लिया और उसे वर्तमान स्थान पर स्थापित किया। इसी घटना को मंदिर की स्थापना से जुड़ी प्रमुख धार्मिक मान्यताओं में गिना जाता है।

  • एक हफ्ते में सोना 4 हजार और चांदी 10 हजार रुपये सस्ती, दिल्ली सर्राफा बाजार में फिर दिखी हलचल

    एक हफ्ते में सोना 4 हजार और चांदी 10 हजार रुपये सस्ती, दिल्ली सर्राफा बाजार में फिर दिखी हलचल


    नई दिल्ली ।
    दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में सप्ताहभर की बड़ी गिरावट के बाद कुछ बदलाव देखने को मिला। सोने के भाव में शुक्रवार को 200 रुपये की मामूली बढ़त दर्ज की गई और 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी सोने की गिरावट पर फिलहाल विराम लगा।

    इससे एक दिन पहले गुरुवार को सोना 1,52,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। शुक्रवार की बढ़त के बावजूद पूरे सप्ताह की तस्वीर देखें तो कीमती धातुओं की कीमतों में काफी दबाव रहा। एक सप्ताह के दौरान सोने के भाव में करीब 4,000 रुपये यानी लगभग 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, चांदी की कीमत में इससे भी बड़ी गिरावट देखने को मिली और यह एक सप्ताह में करीब 10,000 रुपये यानी लगभग 4 प्रतिशत सस्ती हो गई।

    स्थानीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। सप्ताह की शुरुआत में कीमती धातुओं की कीमतों में कमजोरी का असर लगातार कई कारोबारी सत्रों तक देखने को मिला। हालांकि, शुक्रवार को निचले स्तर पर खरीदारी बढ़ने से सोने के भाव को कुछ सहारा मिला और इसमें मामूली सुधार दर्ज किया गया।

    कीमती धातुओं की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार के घटनाक्रम का भी असर रहा। सप्ताह के दौरान अमेरिकी डॉलर में तेज मजबूती ने सोने पर दबाव बनाया। डॉलर की मजबूती आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में कारोबार करने वाली कीमती धातुओं के लिए चुनौती पैदा करती है। हालांकि, सप्ताह के अंत में डॉलर अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे आया, जिससे सोने और चांदी को कुछ राहत मिली।

    कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर भी बाजार के माहौल पर पड़ा। शुक्रवार को इन परिस्थितियों के बीच निवेशकों की धारणा में कुछ सुधार दिखाई दिया। इसके साथ ही बॉन्ड बाजार में स्थिरता आने से भी कीमती धातुओं की कीमतों को सीमित समर्थन मिला।

    विदेशी बाजार में भी शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया। हाजिर सोना 27.73 डॉलर यानी करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 4,301.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह हाजिर चांदी में करीब 1.4 प्रतिशत की तेजी आई और इसकी कीमत 64.72 डॉलर प्रति औंस रही।

    विदेशी बाजार में आई इस तेजी से सोने की कीमत एक बार फिर 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर पहुंच गई, जबकि चांदी भी 65 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंची। इससे पिछले दो कारोबारी सत्रों में आई गिरावट से कुछ हद तक उबरने में मदद मिली।

    फिलहाल भारतीय बाजार में सप्ताहभर की गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को मिला सुधार निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहा। हालांकि, पूरे सप्ताह के आंकड़ों में दोनों कीमती धातुओं की कीमतें अभी भी निचले स्तर पर रहीं। शनिवार और रविवार को सर्राफा बाजार बंद रहने के कारण अब अगले कारोबारी सत्र में कीमतों की दिशा पर बाजार की नजर रहेगी।

  • सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, चांदी भी फिसली; दिल्ली समेत प्रमुख शहरों में आज इतने हुए भाव

    सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, चांदी भी फिसली; दिल्ली समेत प्रमुख शहरों में आज इतने हुए भाव

    नई दिल्ली । भारतीय सर्राफा बाजार में 24 सितंबर 2026, गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। दोनों प्रमुख कीमती धातुओं के भाव में कमजोरी दर्ज की गई है। सोने की कीमत में 390 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई, जबकि चांदी का भाव करीब 1,460 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल गया।

    सोने की कीमतों में आई इस गिरावट के बाद 22 कैरेट गोल्ड का भाव अधिकांश प्रमुख शहरों में 1,39,060 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे पहुंच गया है। वहीं 24 कैरेट सोने की कीमत 1,51,750 रुपये प्रति 10 ग्राम से कम हो गई है। अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में मामूली अंतर दर्ज किया गया है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,51,700 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव 1,39,058 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। दिल्ली में दोनों कैरेट के भाव में गिरावट के बाद ये कीमतें सामने आई हैं।

    मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,51,550 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जबकि 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1,38,908 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना 1,51,600 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,38,958 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।

    कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,51,550 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का भाव 1,38,908 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,51,700 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,39,058 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।

    बेंगलुरु में 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,550 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट की कीमत 1,38,908 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। लखनऊ में 24 कैरेट सोना 1,51,700 रुपये और 22 कैरेट गोल्ड 1,39,058 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी सोने की कीमतें प्रमुख शहरों के करीब रहीं। यहां 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,600 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,38,958 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।

    सोने के साथ चांदी के भाव में भी आज कमजोरी आई है। पिछले दिन की तुलना में चांदी की कीमत में करीब 1,460 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद अधिकांश शहरों में चांदी का भाव 2,34,620 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया है।

    24 सितंबर को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में आई गिरावट से सर्राफा बाजार में दोनों धातुओं के भाव नीचे आए हैं। अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर है, जबकि चांदी का भाव अधिकांश शहरों में करीब 2,34,620 रुपये प्रति किलोग्राम बताया गया है।

    अगर आप सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर में लागू ताजा भाव की जानकारी लेना जरूरी है, क्योंकि शहर के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।

  • चांदी में तेजी का अनुमान, अगली दिवाली तक 4 लाख रुपये किलो तक पहुंचने की संभावना

    चांदी में तेजी का अनुमान, अगली दिवाली तक 4 लाख रुपये किलो तक पहुंचने की संभावना

    नई दिल्ली ।चांदी की कीमतों को लेकर आने वाले समय के लिए एक बड़ा अनुमान सामने आया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, औद्योगिक मांग में लगातार बढ़ोतरी और खदानों से सीमित आपूर्ति के कारण वैश्विक बाजार में चांदी की कीमतों में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है। अनुमान के अनुसार अगले छह महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत 85 से 90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है, जबकि दिवाली 2027 तक यह 120 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक जाने की संभावना जताई गई है।

    सितंबर 2026 में घरेलू बाजार में चांदी का बेंचमार्क भाव करीब 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बताया गया है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि रुपये-डॉलर की विनिमय दर, आयात शुल्क और प्रीमियम जैसे कारकों को ध्यान में रखते हुए घरेलू बाजार में चांदी की कीमत दिवाली 2027 तक करीब 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच सकती है। यह मौजूदा स्तर की तुलना में लगभग 71 फीसदी तक की संभावित बढ़ोतरी का संकेत देता है। हालांकि यह एक अनुमान है और वास्तविक कीमत बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।

    चांदी में संभावित तेजी के पीछे सबसे प्रमुख कारण औद्योगिक मांग को माना गया है। चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा, तकनीकी उपकरणों और कई औद्योगिक उत्पादों में होता है। तकनीकी क्षेत्र के विस्तार के साथ इसकी मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर, खदानों से चांदी की आपूर्ति उसी गति से बढ़ाना आसान नहीं है।

    वैश्विक बाजार में 2026 के दौरान चांदी की मांग और आपूर्ति के बीच करीब 4.63 करोड़ औंस का अंतर रहने का अनुमान लगाया गया है। यह लगातार छठा वर्ष हो सकता है जब चांदी की वैश्विक आपूर्ति मांग से कम रहेगी। मांग और आपूर्ति के इस अंतर को कीमतों पर दबाव बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल किया जा रहा है।

    चांदी के उत्पादन की संरचना भी इसकी आपूर्ति को प्रभावित करती है। अनुमान के अनुसार 2026 में वैश्विक चांदी उत्पादन करीब 84.41 करोड़ औंस रह सकता है। खास बात यह है कि कुल चांदी उत्पादन का केवल लगभग एक चौथाई हिस्सा प्राथमिक चांदी की खदानों से आता है। चांदी की बड़ी मात्रा तांबा, जस्ता और सीसा जैसी दूसरी धातुओं के खनन के दौरान उप-उत्पाद के रूप में प्राप्त होती है।

    इस वजह से चांदी की कीमत बढ़ने के बावजूद इसका उत्पादन उसी अनुपात में बढ़ाना चुनौतीपूर्ण रहता है। यदि औद्योगिक मांग आगे भी मजबूत बनी रहती है और खनन से मिलने वाली आपूर्ति सीमित रहती है, तो बाजार में मांग और उपलब्धता के बीच अंतर बढ़ सकता है।

    रिपोर्ट में अगले छह महीनों के लिए अंतरराष्ट्रीय चांदी की कीमत 85 से 90 डॉलर प्रति औंस और दिवाली 2027 तक 120 डॉलर प्रति औंस का अनुमान दिया गया है। घरेलू बाजार के लिए करीब 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का संभावित स्तर बताया गया है। हालांकि चांदी की कीमतों पर वैश्विक बाजार, मुद्रा विनिमय दर, आयात शुल्क, औद्योगिक मांग, निवेश मांग और उपलब्ध आपूर्ति जैसे कई कारकों का असर पड़ता है। इसलिए ये आंकड़े बाजार का अनुमान हैं, निश्चित कीमत नहीं।

  • सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल, निवेशकों की नजर अमेरिकी फेड के ब्याज दर संबंधी फैसले पर टिकी

    सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल, निवेशकों की नजर अमेरिकी फेड के ब्याज दर संबंधी फैसले पर टिकी

    नई दिल्ली ।सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेजी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में बढ़त दर्ज की गई। सोने की कीमत में करीब 0.85 प्रतिशत तक की तेजी रही, जबकि चांदी का भाव शुरुआती कारोबार में 1.57 प्रतिशत तक चढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। इस बीच निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर होने वाली बैठक के फैसले पर टिकी है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 अक्टूबर 2026 का सोना वायदा अनुबंध बुधवार को 1,50,809 रुपये प्रति 10 ग्राम के पिछले बंद भाव की तुलना में 1,291 रुपये यानी 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,52,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। दोपहर 12 बजे तक सोना 953 रुपये यानी 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,51,762 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

    दिन के कारोबार में अब तक सोने ने 1,51,450 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,52,100 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ। इससे संकेत मिलता है कि शुरुआती बढ़त के बाद सोने की कीमत सीमित दायरे में कारोबार करती रही।

    चांदी में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 का चांदी वायदा अनुबंध पिछले बंद भाव 2,32,118 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में 3,667 रुपये यानी 1.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,35,785 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। दोपहर 12 बजे चांदी 3,250 रुपये यानी 1.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,35,988 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

    कारोबार के दौरान चांदी ने अब तक 2,34,540 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम स्तर और 2,35,988 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ। इस तरह घरेलू वायदा बाजार में सोने के साथ चांदी में भी तेजी का रुख बना रहा।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना 0.77 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,366 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी की कीमत 1.96 प्रतिशत बढ़कर 65 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

    बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक के फैसले पर है। ब्याज दरों को लेकर बैठक के फैसलों की घोषणा बुधवार देर शाम की जाएगी। निवेशक इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि ब्याज दरों से जुड़ी जानकारी का असर सोने और चांदी समेत वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है।

    यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब मध्य पूर्व में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत करीब चार महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसी अवधि में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी 5 प्रतिशत से ऊपर जा चुकी है। इन परिस्थितियों के बीच फेड के फैसले पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

  • अमेरिका में महंगाई बढ़ने से फेड की ब्याज दर बढ़ाने की आशंका, सोने और चांदी की कीमतों पर बढ़ा दबाव

    अमेरिका में महंगाई बढ़ने से फेड की ब्याज दर बढ़ाने की आशंका, सोने और चांदी की कीमतों पर बढ़ा दबाव

    नई दिल्ली ।अमेरिका में उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़े सामने आने के बाद वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। बाजार में यह धारणा मजबूत हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। ब्याज दर बढ़ने की आशंका के बीच निवेशकों ने बिना ब्याज देने वाली कीमती धातुओं में बिकवाली बढ़ाई है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,340 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। दिन के दौरान इसमें लगभग 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले पिछले सप्ताह सोने की कीमत में कुल 1.8 प्रतिशत की कमजोरी आई थी। चांदी भी करीब 0.8 प्रतिशत गिरकर 64 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी नरमी देखी गई।

    घरेलू बाजार में सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर एमसीएक्स के सोना और चांदी वायदा कारोबार का सुबह का सत्र बंद रहा। एमसीएक्स पर कारोबार शाम 5 बजे से रात 11:30 बजे तक होने की जानकारी दी गई है। अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना वायदा करीब 1,52,655 रुपये प्रति 10 ग्राम और सितंबर डिलीवरी वाली चांदी करीब 2,34,886 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर रही।

    अमेरिका में शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को हटाकर मापी जाने वाली कोर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई अगस्त में मासिक आधार पर 0.3 प्रतिशत बढ़ी। यह बाजार की उम्मीदों से अधिक रही। आंकड़ों से संकेत मिला कि महंगाई पर अभी पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका है।

    महंगाई के इन आंकड़ों के बाद बाजार में फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना मजबूत हुई है। कारोबारी सितंबर की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की करीब 88 प्रतिशत संभावना देख रहे हैं। ऊंची ब्याज दरें आम तौर पर सोने जैसी ऐसी परिसंपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, जिनसे ब्याज आय नहीं होती।

    इस बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री आपूर्ति मार्गों पर जोखिम के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल देखा गया है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिमों ने ऊर्जा महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।

    यमन में हौथी बलों के महत्वपूर्ण बंदरगाहों पर कब्जे की बात भी सामने आई है। ये बंदरगाह उस महत्वपूर्ण तटीय क्षेत्र के पास हैं, जो वैश्विक समुद्री तेल व्यापार के एक बड़े हिस्से से जुड़ा है। रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में ड्रोन हमलों और एक व्यापारिक पोत पर हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई और तीन लोग घायल हुए।

    विश्लेषकों के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें वैश्विक महंगाई को बढ़ा सकती हैं। इससे केंद्रीय बैंकों पर सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने का दबाव बढ़ सकता है। इसी वजह से निवेशकों ने फिलहाल सोने और चांदी में नई खरीदारी से दूरी बनाई है।

    अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठक और ब्याज दर संबंधी फैसले पर है। यदि फेड दरें बढ़ाता है और आगे भी सख्त रुख के संकेत देता है, तो कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर कुछ समर्थन दे सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा फेड के फैसले तथा कच्चे तेल की कीमतों से प्रभावित होने की संभावना है।

  • सोने और चांदी में गिरावट, डॉलर की मजबूती के बीच अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर निवेशकों की नजर, जानें बाजार का हाल

    सोने और चांदी में गिरावट, डॉलर की मजबूती के बीच अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर निवेशकों की नजर, जानें बाजार का हाल

    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई। दोनों कीमती धातुओं में करीब 1.10 प्रतिशत तक की कमजोरी देखने को मिली। घरेलू बाजार में कीमतों में आई इस गिरावट के बीच निवेशकों की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर बनी हुई है, जो आने वाले समय में कीमती धातुओं की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 की डिलीवरी वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,52,341 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,571 रुपये या 1.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,50,770 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। हालांकि, शुरुआती कारोबार में इसमें कुछ सुधार दिखाई दिया।

    सुबह 9:48 बजे सोना 867 रुपये यानी 0.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,51,474 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,50,695 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,51,483 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर छुआ।

    चांदी की कीमतों में भी शुक्रवार को दबाव देखा गया। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 की डिलीवरी वाला चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,34,099 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,530 रुपये यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,31,569 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला।

    कारोबार के दौरान चांदी ने 2,30,270 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम स्तर और 2,32,096 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर दर्ज किया। इस तरह घरेलू वायदा बाजार में सोने के साथ चांदी पर भी बिकवाली का दबाव बना रहा।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,350 डॉलर प्रति औंस पर थी। वहीं, चांदी 1.99 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 63.63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

    जानकारों के मुताबिक, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच डॉलर की मजबूती सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाल रही है। दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स एक सप्ताह के उच्चतम स्तर 99.12 पर पहुंच गया है।

    बाजार में अब अमेरिका के महंगाई आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है। ये आंकड़े देर शाम जारी होने हैं और इनके बाद सोने तथा चांदी की कीमतों की दिशा को लेकर बाजार की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।

    महंगाई के आंकड़ों को लेकर निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है। ऐसे में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों पर आने वाले आंकड़ों और डॉलर की चाल का असर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • चांदी में ₹1,487 की बड़ी गिरावट, सोना चढ़ा, जानें 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का भाव

    चांदी में ₹1,487 की बड़ी गिरावट, सोना चढ़ा, जानें 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का भाव


    नई दिल्ली। सोने-चांदी की कीमतों में गुरुवार को वायदा बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार खुलते ही चांदी की कीमत करीब 1,500 रुपये प्रति किलो टूट गई। दूसरी ओर सोने में तेजी रही और 24 कैरेट गोल्ड का भाव 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।

    MCX पर ₹1,487 सस्ती हुई चांदी
    4 दिसंबर एक्सपायरी वाली चांदी बुधवार को 2,44,213 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। गुरुवार को कारोबार शुरू होते ही भाव गिरकर 2,42,726 रुपये प्रति किलो पर आ गया। इस तरह शुरुआती कारोबार में चांदी 1,487 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।

    ऑल टाइम हाई से ₹1.77 लाख नीचे भाव
    चांदी में ताजा गिरावट के बाद MCX पर इसका भाव जनवरी 2026 में बने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ गया है। जनवरी के आखिरी सप्ताह में चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार कर गई थी और बढ़ते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक हाई पर पहुंची थी। इसके बाद चांदी में तेज गिरावट आई। मौजूदा भाव से तुलना करें तो वायदा बाजार में चांदी अपने ऑल टाइम हाई से करीब 1,77,322 रुपये प्रति किलो नीचे कारोबार कर रही है।

    सोना करीब ₹200 महंगा
    चांदी में गिरावट के बीच सोने के भाव में तेजी देखने को मिली। MCX पर 5 अक्टूबर एक्सपायरी वाला सोना करीब 200 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,53,963 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, कारोबार की शुरुआत में सोने में भी कुछ गिरावट देखने को मिली थी।

    अगस्त के आखिरी भाव से सोना करीब ₹500 ऊपर
    सितंबर में अब तक सोने की चाल पर नजर डालें तो 31 अगस्त को MCX पर वायदा कारोबार खत्म होने के समय 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,54,460 रुपये पर बंद हुआ था। गुरुवार के बताए गए भाव से तुलना करने पर सोना करीब 500 रुपये महंगा है।

    घरेलू बाजार में सोना-चांदी कितने पर?
    घरेलू बाजार में इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट पर अपडेट रेट के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,53,486 रुपये और 1 किलो चांदी 2,35,249 रुपये पर है।

    हालांकि, ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहकों को सोने-चांदी के बेस रेट के अलावा लागू GST और मेकिंग चार्ज भी देना होता है। इसलिए दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत इससे अधिक हो सकती है।

    निवेश संबंधी सावधानी: सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ETF में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय/मार्केट सलाहकार से सलाह जरूर लें।

  • सोने के भाव में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट, 2150 रुपये टूटा रेट, चांदी 600 रुपये महंगी

    सोने के भाव में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट, 2150 रुपये टूटा रेट, चांदी 600 रुपये महंगी

    नई दिल्ली । सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने के भाव में 2,150 रुपये की बड़ी कमी दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक रुख के बीच 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना घटकर 1,58,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दूसरी ओर, दो कारोबारी सत्र तक स्थिर रहने के बाद चांदी के भाव में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। चांदी 600 रुपये महंगी होकर 2,41,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

    सोने की कीमत में आई इस गिरावट के बाद 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 2,150 रुपये घट गया। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना अब 1,58,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। इससे पिछले कारोबारी सत्र में 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। इस तरह लगातार दूसरे कारोबारी दिन सोने के दाम में गिरावट दर्ज की गई है।

    वहीं, चांदी की कीमतों ने सोने के मुकाबले अलग रुख दिखाया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में चांदी का भाव स्थिर रहने के बाद मंगलवार को इसमें 600 रुपये की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही चांदी की कीमत बढ़कर 2,41,100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस तरह एक तरफ सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन नीचे आई, तो दूसरी तरफ चांदी ने दो सत्र की स्थिरता के बाद फिर तेजी दर्ज की।

    सोने और चांदी की कीमतों में हुए इस बदलाव के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख को प्रमुख वजह बताया गया है। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख का असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल का प्रभाव घरेलू बाजार में भी दिखाई देता है। इसी के चलते मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने के भाव में तेज गिरावट देखने को मिली।

    हालांकि, चांदी ने इस दौरान अलग दिशा में कारोबार किया। दो कारोबारी सत्र तक कीमत स्थिर रहने के बाद मंगलवार को चांदी के भाव में 600 रुपये की तेजी आई। इससे इसकी कीमत 2,41,100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। यानी मंगलवार के कारोबार में सोने और चांदी के दाम में विपरीत रुख देखने को मिला।

    अगर आज सोना और चांदी खरीदने की योजना है, तो सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन आई गिरावट खरीदारों के लिए राहत वाली खबर है। हालांकि, सोने का भाव अभी भी 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। ऐसे में शादी या तीज-त्योहार के लिए सोना खरीदने वाले लोग अपने बजट और मौजूदा रेट को ध्यान में रखते हुए खरीदारी का फैसला कर सकते हैं। दूसरी ओर, चांदी के भाव में 600 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे दोनों कीमती धातुओं के आज के रेट में अलग-अलग बदलाव देखने को मिला है।

  • सोना महंगा तो चांदी सस्ती क्यों दिख रही, गोल्ड-सिल्वर रेशियो और फेयर वैल्यू से समझिए दोनों धातुओं की कीमत का अंतर

    सोना महंगा तो चांदी सस्ती क्यों दिख रही, गोल्ड-सिल्वर रेशियो और फेयर वैल्यू से समझिए दोनों धातुओं की कीमत का अंतर

    नई दिल्ली ।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर मंगलवार, 8 सितंबर को सोने और चांदी के वायदा भाव में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर बनी उम्मीदों से कीमती धातुओं को समर्थन मिला। अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा और इसमें 0.14 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। दूसरी ओर दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स 2.38 लाख रुपये प्रति किलो पर रहा, जिसमें 0.08 प्रतिशत की गिरावट आई।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,434 डॉलर प्रति औंस और चांदी लगभग 66.95 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। दोनों धातुओं पर मौजूदा आर्थिक संकेतों का प्रभाव पड़ रहा है, लेकिन उनकी कीमत और वैल्यूएशन की स्थिति एक जैसी नहीं है।

    सोने की मॉडल्ड फेयर वैल्यू 3,248 से 4,595 डॉलर प्रति औंस के बीच बताई गई है। इसका मिडपॉइंट 3,922 डॉलर प्रति औंस है। अगस्त की शुरुआत में सोना करीब 4,242 डॉलर प्रति औंस पर था, जो अनुमानित मिडपॉइंट से करीब 8 प्रतिशत अधिक था। जनवरी में सोना 5,589 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंचा था, जो मॉडल्ड रेंज से काफी ऊपर था।

    इसके बाद जून में सोने की कीमत लगभग 3,985 डॉलर प्रति औंस तक आई, जो अनुमानित फेयर वैल्यू के करीब थी। बाद में सोने में फिर तेजी देखने को मिली। इसका मतलब यह है कि पहले की तेज सट्टेबाजी कुछ कम हुई है, लेकिन सोना अभी भी मॉडल्ड मिडपॉइंट से ऊपर कारोबार कर रहा है।

    चांदी के मामले में तस्वीर कुछ अलग है। इसकी वैल्यूएशन को गोल्ड-सिल्वर रेशियो के आधार पर देखा जा रहा है। 60:1 के सामान्य रेशियो के अनुसार चांदी की अनुमानित कीमत 54 से 77 डॉलर प्रति औंस के बीच बनती है, जिसका मिडपॉइंट 65 डॉलर है। विश्लेषण के अनुसार चांदी करीब 61.7 डॉलर प्रति औंस पर थी, यानी मिडपॉइंट से लगभग 6 प्रतिशत नीचे।

    गोल्ड-सिल्वर रेशियो भी चांदी की तुलनात्मक स्थिति को समझने में मदद करता है। जनवरी में यह अनुपात करीब 46 तक पहुंच गया था, जिसका मतलब था कि सोने की तुलना में चांदी महंगी हो गई थी। अब यह लगभग 69 पर पहुंच चुका है, जो 21वीं सदी के करीब 69:1 के औसत के आसपास है।

    चांदी को केवल निवेश मांग से ही समर्थन नहीं मिलता। इसका इस्तेमाल औद्योगिक कार्यों में भी होता है। इसलिए इसकी कीमत पर निवेश मांग के साथ औद्योगिक मांग का भी प्रभाव पड़ता है। रुपये की कमजोरी भी घरेलू MCX सिल्वर के लिए समर्थन देने वाला कारक मानी जा रही है।

    MCX सिल्वर के लिए 2.36 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर सपोर्ट और 2.42 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर रेजिस्टेंस बताया गया है। यदि चांदी रेजिस्टेंस के ऊपर टिकती है तो खरीदारी बढ़ने की संभावना बताई गई है।

    अब बाजार की नजर अमेरिका के आने वाले महंगाई आंकड़ों पर है। PPI और CPI जैसे आंकड़े फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं। सोने के लिए 4,300 से 4,500 डॉलर प्रति औंस और चांदी के लिए 65 से 67 डॉलर प्रति औंस के स्तर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

    भारतीय निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ रुपये की चाल भी अहम है। अंतरराष्ट्रीय कीमत बढ़ने के साथ रुपया कमजोर होने पर घरेलू सोने-चांदी की कीमतों में तेजी अधिक दिख सकती है। वहीं अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट की स्थिति में कमजोर रुपया घरेलू कीमतों में गिरावट को कुछ हद तक सीमित कर सकता है।