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  • पहले टी20 के लिए आकाश चोपड़ा की भविष्यवाणी, रिंकू सिंह को नहीं मिली जगह, हर्ष दुबे बने सरप्राइज पिक

    पहले टी20 के लिए आकाश चोपड़ा की भविष्यवाणी, रिंकू सिंह को नहीं मिली जगह, हर्ष दुबे बने सरप्राइज पिक


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला गुरुवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। इस मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर और क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने अपनी पसंदीदा भारतीय प्लेइंग इलेवन का चयन किया है। उनकी टीम में युवा खिलाड़ियों पर खास भरोसा दिखाई देता है। खास बात यह रही कि उन्होंने ऑलराउंडर हर्ष दुबे को अंतिम एकादश में शामिल किया, जबकि रिंकू सिंह और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों को जगह नहीं दी।

    आकाश चोपड़ा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए वीडियो में टीम का चयन करते हुए सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को सौंपी है। वैभव ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। हालांकि शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन आकाश का मानना है कि जिम्बाब्वे दौरा उनके लिए खुद को साबित करने का अच्छा अवसर हो सकता है।

    तीसरे नंबर पर उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को रखा है। इंग्लैंड के खिलाफ ईशान का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन आकाश को भरोसा है कि वह इस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी दी गई है। आकाश का मानना है कि अय्यर कप्तानी के साथ साथ बल्लेबाजी में भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।

    मध्यक्रम में उपकप्तान तिलक वर्मा को पांचवें स्थान पर रखा गया है। इसके बाद ऑलराउंडरों के रूप में शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे और हर्ष दुबे को मौका दिया गया है। हर्ष दुबे को टीम में शामिल करना आकाश चोपड़ा की सबसे बड़ी पसंद माना जा रहा है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें पहली बार इतनी अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई गई है।

    गेंदबाजी विभाग में आकाश ने तेज गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव पर भरोसा जताया है। दोनों अपनी रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी रवि बिश्नोई को सौंपी गई है, जिन्हें उन्होंने टीम का इकलौता विशेषज्ञ स्पिनर चुना है।

    आकाश चोपड़ा की इस संभावित प्लेइंग इलेवन में सबसे बड़ा फैसला रिंकू सिंह और प्रभसिमरन सिंह को बाहर रखना रहा। दोनों खिलाड़ी उनकी अंतिम एकादश में जगह नहीं बना सके। इससे साफ है कि उन्होंने इस मुकाबले के लिए संतुलित टीम संयोजन और ऑलराउंड विकल्पों को प्राथमिकता दी है।

    हालांकि यह केवल आकाश चोपड़ा की संभावित प्लेइंग इलेवन है। अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और कप्तान श्रेयस अय्यर मैच की परिस्थितियों और पिच को ध्यान में रखते हुए करेंगे। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि भारतीय टीम पहले मुकाबले में किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरती है।

    आकाश चोपड़ा की संभावित प्लेइंग इलेवन:
    अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे, मयंक यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई।

  • टी20 क्रिकेट में नया कीर्तिमान रचने की दहलीज पर अभिषेक शर्मा, 16 रन बनाते ही बनेंगे भारत के चौथे बल्लेबाज

    टी20 क्रिकेट में नया कीर्तिमान रचने की दहलीज पर अभिषेक शर्मा, 16 रन बनाते ही बनेंगे भारत के चौथे बल्लेबाज


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज गुरुवार से होने जा रहा है। इस मुकाबले में टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के पास अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करने का सुनहरा अवसर होगा। अगर वह पहले मुकाबले में सिर्फ 16 रन बना लेते हैं तो टी20 क्रिकेट में अपने छह हजार रन पूरे कर लेंगे और इस मुकाम तक पहुंचने वाले भारत के चौथे बल्लेबाज बन जाएंगे।

    अभिषेक शर्मा ने अब तक टी20 क्रिकेट की 199 पारियों में 5984 रन बनाए हैं। उन्हें छह हजार रन का आंकड़ा छूने के लिए केवल 16 रन की जरूरत है। यह उपलब्धि हासिल करते ही वह विराट कोहली, केएल राहुल और शुभमन गिल जैसे दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो जाएंगे। भारतीय क्रिकेट के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि अभिषेक ने बेहद कम समय में खुद को टी20 प्रारूप के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल किया है।

    भारत की ओर से टी20 क्रिकेट में सबसे तेज छह हजार रन बनाने का रिकॉर्ड केएल राहुल के नाम है। उन्होंने यह उपलब्धि 166 पारियों में हासिल की थी। विराट कोहली ने 184 पारियों में यह मुकाम छुआ, जबकि शुभमन गिल ने 185 पारियों में छह हजार रन पूरे किए। अब अभिषेक शर्मा भी इस खास क्लब में शामिल होने से महज एक छोटी पारी दूर हैं।

    अभिषेक के पास इस सीरीज में एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका है। यदि वह तीन मैचों की इस श्रृंखला में 142 रन बनाने में सफल रहते हैं तो भारत की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शिखर धवन को पीछे छोड़ देंगे। फिलहाल अभिषेक के नाम 53 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1618 रन दर्ज हैं, जबकि शिखर धवन ने 68 मुकाबलों में 1759 रन बनाए थे।

    इतना ही नहीं, जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 मुकाबलों में भी अभिषेक इतिहास रचने के बेहद करीब हैं। उन्होंने इस टीम के खिलाफ अब तक छह मैचों में 179 रन बनाए हैं और वह इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। शीर्ष पर जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा हैं, जिन्होंने 11 मैचों में 194 रन बनाए हैं। ऐसे में अभिषेक यदि पहले मुकाबले में 16 रन बना लेते हैं तो वह भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 मुकाबलों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।

    हालांकि हालिया इंग्लैंड दौरे पर खेले गए आखिरी तीन टी20 मुकाबलों में अभिषेक का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। ऐसे में जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए शानदार वापसी का अवसर भी मानी जा रही है। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ उनका रिकॉर्ड भी शानदार रहा है और टीम इंडिया को उनसे एक बार फिर आक्रामक शुरुआत की उम्मीद होगी।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें पहले टी20 मुकाबले पर टिकी हैं, जहां अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकले सिर्फ 16 रन उन्हें भारतीय टी20 क्रिकेट के एक खास रिकॉर्ड क्लब में जगह दिला सकते हैं।

  • अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, यह मुकाम हासिल करने वाले बने पहले भारतीय स्पिनर

    अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, यह मुकाम हासिल करने वाले बने पहले भारतीय स्पिनर


    नई दिल्ली।  भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अक्षर पटेल का प्रदर्शन गेंद से इस मुकाबले में शानदार रहा। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर अक्षर ने बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली है।

    अक्षर टी20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से 100 विकेट लेने वाले पहले स्पिनर बन गए हैं। उन्होंने यह मुकाम इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को आउट करने के साथ हासिल किया। अक्षर भारत की तरफ से खेले 98 मुकाबलों में 100 विकेट निकाल चुके हैं। इस दौरान उनका इकोनॉमी 7.37 का रहा है। अक्षर के बाद इस लिस्ट में युजवेंद्र चहल दूसरे नंबर पर काबिज हैं। चहल 80 मैचों में 96 विकेट हासिल कर चुके हैं। वहीं, कुलदीप यादव 54 मुकाबलों में 95 विकेट अपने नाम कर चुके हैं और वह सूची में तीसरे नंबर पर मौजूद हैं। हालांकि, बल्लेबाजी में अक्षर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और सिर्फ 2 रन बनाकर रनआउट हुए।

    इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारत को 4 विकेट से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाए। टीम की ओर से अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 8 चौके और एक छक्के की मदद से 43 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों में 49 रनों की अहम पारी खेली। वहीं, कप्तान श्रेयस अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रनों का योगदान दिया। तिलक वर्मा ने अंत के ओवरों में 11 गेंदों में एक चौके और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 24 रन बनाए।

    हालांकि, इंग्लैंड ने 191 रनों के लक्ष्य को 19 ओवर में 6 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। इंग्लिश टीम की तरफ से जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में 76 रनों की नाबाद पारी खेली। अपनी इस पारी में बेथेल ने 5 चौके और 5 छक्के लगाए। वहीं, हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों में 39 रनों की दमदार पारी खेली, जबकि टॉम बैंटन ने भी 39 रनों का योगदान दिया।

  • ईटीपीएल ड्राफ्ट में अलग रणनीति स्टीव वॉ ने बताया क्यों ऑलराउंडर्स को दी सबसे ज्यादा प्राथमिकता

    ईटीपीएल ड्राफ्ट में अलग रणनीति स्टीव वॉ ने बताया क्यों ऑलराउंडर्स को दी सबसे ज्यादा प्राथमिकता


    नई दिल्ली । यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग 2026 के पहले प्लेयर ड्राफ्ट के बाद एम्स्टर्डम फ्लेम्स के को ओनर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने टीम की चयन रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी का मुख्य फोकस ऐसे खिलाड़ियों को चुनना था जो एक से अधिक भूमिकाएं निभाने की क्षमता रखते हों। इसी सोच के तहत विशेषज्ञ बल्लेबाजों की तुलना में ऑलराउंडर्स को अधिक प्राथमिकता दी गई।

    एम्स्टर्डम फ्लेम्स ने ड्राफ्ट में पहले से ही मजबूत कोर टीम के साथ प्रवेश किया था। टीम में ऑस्ट्रेलिया के टी20 कप्तान मिचेल मार्श अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड और नीदरलैंड के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स जैसे खिलाड़ी पहले से शामिल थे। ऐसे में टीम प्रबंधन का ध्यान शेष टीम को संतुलित बनाने और हर परिस्थिति के लिए तैयार करने पर रहा।

    ड्राफ्ट के दौरान फ्रेंचाइजी ने अपने छह में से चार चयन ऑलराउंडर्स पर किए। इनमें आयरलैंड के कर्टिस कैंपर सबसे प्रमुख नाम रहे। इसके अलावा काइल क्लेन टिम प्रिंगल आर्यन दत्त जॉर्डन नील और मैक्स ओ डॉड को भी टीम में शामिल किया गया।

    ड्राफ्ट के बाद मीडिया से बातचीत में स्टीव वॉ ने कहा कि यह रणनीति मुख्य कोच रयान कुक के साथ मिलकर तैयार की गई थी। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों का महत्व अधिक है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकें और जरूरत पड़ने पर अपनी भूमिका बदल सकें। इससे टीम को हर परिस्थिति में बेहतर संतुलन मिलता है।

    वॉ ने कहा कि टीम के पास पहले से ही मिचेल मार्श स्टीव स्मिथ और टिम डेविड जैसे विश्वस्तरीय बल्लेबाज मौजूद हैं। ऐसे में अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाजों की बजाय उन खिलाड़ियों को चुनना अधिक उपयोगी था जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। उनके अनुसार आधुनिक टी20 क्रिकेट में बहु-प्रतिभाशाली खिलाड़ी किसी भी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनते जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग एक नया टूर्नामेंट है और पूरे यूरोप में अलग अलग परिस्थितियों में मुकाबले खेले जाएंगे। ऐसे में बहुमुखी खिलाड़ी टीम को परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलने में मदद करेंगे। स्टीव वॉ ने नेपाल के दीपेंद्र सिंह ऐरी और कनाडा के युवराज समरा की भी सराहना करते हुए उनके प्रदर्शन और क्षमता की प्रशंसा की।

    एम्स्टर्डम फ्लेम्स को उम्मीद है कि संतुलित टीम संयोजन और ऑलराउंडर्स पर आधारित रणनीति उन्हें ईटीपीएल के पहले ही सीजन में मजबूत दावेदार बनाएगी।

  • आयरलैंड से हार के बाद भी टीम इंडिया पर भरोसा, जडेजा के कोच बोले- मजबूत वापसी करेगी टीम

    आयरलैंड से हार के बाद भी टीम इंडिया पर भरोसा, जडेजा के कोच बोले- मजबूत वापसी करेगी टीम


    नई दिल्ली । आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मिली हार के बाद भारतीय टीम को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं लेकिन अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के कोच महेंद्र चौहान ने टीम का बचाव करते हुए इसे टी20 क्रिकेट का स्वाभाविक हिस्सा बताया है। उनका कहना है कि इस फॉर्मेट में किसी भी दिन कोई भी टीम बेहतर प्रदर्शन कर सकती है और ऐसे नतीजे क्रिकेट का हिस्सा हैं।

    महेंद्र चौहान ने कहा कि भारत जैसी मजबूत टीम को एक हार के आधार पर कमजोर नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट बेहद तेज और अनिश्चितताओं से भरा प्रारूप है जहां छोटी-सी गलती या विपक्षी टीम का शानदार प्रदर्शन मैच का परिणाम बदल सकता है। उनके अनुसार कभी-कभी अपेक्षाकृत नई या कमजोर मानी जाने वाली टीमें भी बड़े उलटफेर कर देती हैं।

    उन्होंने कहा कि पहले टी20 में मिली हार से यह निष्कर्ष निकालना गलत होगा कि भारतीय टीम अच्छी नहीं है। टीम इंडिया के पास विश्व स्तरीय बल्लेबाज गेंदबाज और फील्डर मौजूद हैं जो किसी भी परिस्थिति में मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय टीम अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जोरदार वापसी करेगी।

    जब महेंद्र चौहान से पूछा गया कि वह भारतीय खिलाड़ियों को कोई विशेष सलाह देना चाहेंगे तो उन्होंने विनम्रता से कहा कि राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने वाले खिलाड़ी अपने दम पर हर चुनौती पार करके वहां पहुंचे हैं। ऐसे खिलाड़ियों को सलाह देने की जरूरत नहीं होती क्योंकि वे खेल की बारीकियों और दबाव से अच्छी तरह परिचित हैं।

    पहले टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाए। टीम के लिए लॉर्कन टकर ने 36 गेंदों में शानदार 50 रन की पारी खेली जबकि गैरेथ डेलानी ने 39 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों की पारियों की बदौलत आयरलैंड ने भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।

    183 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से टीम कभी भी मैच में मजबूत स्थिति नहीं बना सकी। सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके जिससे रनचेज पूरी तरह बिखर गया।

    भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने सबसे अधिक 49 रन बनाए और संघर्ष जरूर किया लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। पूरी भारतीय टीम 148 रन पर सिमट गई और उसे 34 रन से हार का सामना करना पड़ा।

    यह जीत आयरलैंड के लिए ऐतिहासिक रही क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसने पहली बार भारत को हराने का कारनामा किया। हालांकि भारतीय टीम और उसके समर्थकों को उम्मीद होगी कि अगले मुकाबलों में टीम अपनी गलतियों से सबक लेकर बेहतर प्रदर्शन करेगी।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका! 29 गेंदों में 94 रन ठोककर इंटरनेशनल डेब्यू के दरवाजे पर पहुंचे युवा स्टार

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका! 29 गेंदों में 94 रन ठोककर इंटरनेशनल डेब्यू के दरवाजे पर पहुंचे युवा स्टार


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल गया है। महज 15 साल की उम्र में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले वैभव सूर्यवंशी अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में उन्होंने जिस तरह की बल्लेबाजी की उसने चयनकर्ताओं के साथ-साथ क्रिकेट विशेषज्ञों को भी प्रभावित कर दिया है। अब माना जा रहा है कि 26 जून को आयरलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले में उन्हें भारतीय टीम की ओर से खेलने का मौका मिल सकता है।

    बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने बेहद कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर खेल और दबाव भरे मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करना है। यही वजह है कि उन्हें अब नॉकआउट मुकाबलों का नया किंग कहा जाने लगा है। इस साल उन्होंने पांच करो या मरो मुकाबले खेले हैं जिनमें चार अर्धशतक और एक शतक लगाया है। खास बात यह है कि तीन बार वह 90 से अधिक रन बनाकर आउट हुए लेकिन कभी व्यक्तिगत उपलब्धि के लिए अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार धीमी नहीं की।

    श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में वैभव ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। भारतीय टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे इस युवा बल्लेबाज ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। यानी उन्होंने अपने 94 में से 88 रन केवल बाउंड्री से जुटाए। शतक से महज कुछ कदम दूर रह जाने के बावजूद उनकी इस पारी ने मैच का रुख बदल दिया और विरोधी टीम पर जबरदस्त दबाव बना दिया।

    वैभव की बल्लेबाजी का अंदाज उन्हें अपनी उम्र के खिलाड़ियों से अलग बनाता है। वह बड़े शॉट खेलने से नहीं घबराते और मैच की स्थिति के अनुसार तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है। उनके प्रदर्शन ने यह भी साबित किया है कि दबाव जितना बढ़ता है उनका खेल उतना ही निखरता है।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें भारत के आयरलैंड दौरे पर टिकी हैं। भारतीय टीम वहां दो टी20 मैच खेलेगी। पहला मुकाबला 26 जून और दूसरा 28 जून को बेलफास्ट में खेला जाएगा। यदि वैभव को पहले ही मैच में मौका मिलता है तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। इतना ही नहीं वे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के सबसे कम उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकते हैं।

    आयरलैंड दौरे के बाद भारत को इंग्लैंड के खिलाफ भी टी20 सीरीज खेलनी है। ऐसे में यदि वैभव को मौका मिलता है और वह अपनी फॉर्म बरकरार रखते हैं तो भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल सकता है। फिलहाल पूरे देश की नजरें 26 जून पर टिकी हैं जब यह युवा बल्लेबाज अपने सपनों की उड़ान भर सकता है।

  • ICC T20 रैंकिंग में भारत का दबदबा कायम, अभिषेक शर्मा टॉप पर, ईशान किशन दूसरे स्थान पर

    ICC T20 रैंकिंग में भारत का दबदबा कायम, अभिषेक शर्मा टॉप पर, ईशान किशन दूसरे स्थान पर

    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट की ताजा रैंकिंग ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय बल्लेबाज इस प्रारूप में लगातार अपना प्रभाव बनाए हुए हैं। बल्लेबाजों की सूची में Abhishek Sharma शीर्ष स्थान पर कायम हैं, जबकि Ishan Kishan दूसरे स्थान पर मजबूती से जमे हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले कम होने के बावजूद इन खिलाड़ियों की रैंकिंग में कोई गिरावट नहीं आई है।

    बल्लेबाजी क्रम में तीसरे स्थान पर पाकिस्तान के Sahibzada Farhan हैं। इसके बाद इंग्लैंड के Phil Salt और श्रीलंका के Pathum Nissanka क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज Tilak Varma और कप्तान Suryakumar Yadav भी शीर्ष दस में शामिल हैं, जो टीम की गहराई और निरंतरता को दर्शाता है।

    गेंदबाजी रैंकिंग में भी प्रतिस्पर्धा कड़ी बनी हुई है। अफगानिस्तान के Rashid Khan पहले स्थान पर बने हुए हैं, जबकि भारत के Varun Chakravarthy दूसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के Abrar Ahmed तीसरे और इंग्लैंड के Adil Rashid चौथे स्थान पर काबिज हैं। भारत के Jasprit Bumrah भी शीर्ष पांच गेंदबाजों में शामिल हैं, जो उनकी लगातार अच्छी गेंदबाजी का प्रमाण है।

    इस बार की रैंकिंग में बांग्लादेश के खिलाड़ियों की प्रगति खास चर्चा में रही है। हाल ही में खेले गए मुकाबलों में अच्छे प्रदर्शन के चलते उनके कई खिलाड़ियों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है। बल्लेबाजी में Towhid Hridoy ने उल्लेखनीय छलांग लगाई है, जबकि गेंदबाजी में Mehidy Hasan Miraz और Shoriful Islam ने भी अपनी रैंकिंग को बेहतर किया है।

    न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने भी इस सूची में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। Ben Sears ने रैंकिंग में सुधार किया है, वहीं Ish Sodhi ने भी अपने प्रदर्शन के दम पर ऊपर की ओर बढ़त बनाई है। खास बात यह रही कि सोढ़ी ने टी20 क्रिकेट में अपने देश के लिए सबसे अधिक विकेट लेने का नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया है, जो उनकी लंबे समय से बनी निरंतरता को दर्शाता है।

    वर्तमान समय में विभिन्न घरेलू टी20 लीगों का आयोजन जारी है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय मैच सीमित हैं। इसके बावजूद खिलाड़ियों के पिछले प्रदर्शन और हालिया सीरीज के आधार पर रैंकिंग में बदलाव देखने को मिल रहा है।

    यह ताजा रैंकिंग स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय टीम के खिलाड़ी इस प्रारूप में लगातार मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं, जबकि अन्य देशों के खिलाड़ी भी अपनी स्थिति सुधारने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की संख्या बढ़ने के साथ इन रैंकिंग में और अधिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प होने की संभावना है।

  • आईपीएल 2026 में अहम भिड़ंत, कमजोर फॉर्म वाली एलएसजी के सामने मजबूत आरसीबी की चुनौती

    आईपीएल 2026 में अहम भिड़ंत, कमजोर फॉर्म वाली एलएसजी के सामने मजबूत आरसीबी की चुनौती


    नई दिल्ली।

    आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबलों के बीच गुरुवार को लखनऊ सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच एक अहम टक्कर देखने को मिलेगी। यह मुकाबला ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों टीमों की स्थिति बिल्कुल अलग है। लखनऊ की टीम जहां अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर संघर्ष कर रही है, वहीं बेंगलुरु की टीम प्लेऑफ की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है।

    लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण बन गया है, क्योंकि टीम लगातार हार के दौर से गुजर रही है। अब तक खेले गए मैचों में उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण टीम का आत्मविश्वास प्रभावित हुआ है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में अस्थिरता देखने को मिली है, जिसके चलते टीम को लगातार हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में इस मैच में अच्छा प्रदर्शन करना लखनऊ के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।

    दूसरी तरफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस मुकाबले में मजबूत स्थिति के साथ उतरेगी। टीम ने इस सीजन में संतुलित खेल का प्रदर्शन किया है और अधिकतर मुकाबलों में जीत हासिल कर अंक तालिका में ऊंचा स्थान बनाए रखा है। हालांकि पिछले मैच में टीम को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उसके बावजूद टीम का मनोबल ऊंचा है और वह इस मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

    दोनों टीमों के बीच पिछले मुकाबलों के आंकड़े भी बेंगलुरु के पक्ष में नजर आते हैं। आमने-सामने के रिकॉर्ड में बेंगलुरु का पलड़ा भारी रहा है, जिससे टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सकती है। वहीं लखनऊ के लिए यह एक अवसर होगा कि वह इस रिकॉर्ड को बदलते हुए नई शुरुआत करे।

    मैच का आयोजन इकाना स्टेडियम में होने जा रहा है, जहां की पिच अक्सर गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। ऐसे में बल्लेबाजों को संयम और समझदारी के साथ खेलना होगा। दोनों टीमों के गेंदबाज इस परिस्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे, जिससे मुकाबला और भी रोचक बन सकता है।

    लखनऊ की टीम में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है। वहीं बेंगलुरु के खिलाड़ी इस समय अच्छे फॉर्म में नजर आ रहे हैं और टीम का संतुलन भी मजबूत दिखाई देता है।

    यह मुकाबला सिर्फ अंक तालिका के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि दोनों टीमों के लिए अलग-अलग मायने भी रखता है। जहां एक ओर बेंगलुरु अपनी जीत की लय को बरकरार रखते हुए प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करना चाहेगी, वहीं लखनऊ इस मुकाबले को जीतकर अपने खराब दौर को पीछे छोड़ने की कोशिश करेगी।

    क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला खास होने वाला है, क्योंकि इसमें संघर्ष, रणनीति और प्रदर्शन का अनोखा मिश्रण देखने को मिल सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन कर जीत हासिल करती है।

  • हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया में सामने आया निर्णायक क्षण का विश्लेषण, एक अच्छा थ्रो और सटीक फील्डिंग से बदल सकता था आईपीएल मुकाबले का परिणाम

    हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया में सामने आया निर्णायक क्षण का विश्लेषण, एक अच्छा थ्रो और सटीक फील्डिंग से बदल सकता था आईपीएल मुकाबले का परिणाम


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला गया मुकाबला एक बार फिर इस बात का उदाहरण बन गया कि टी20 क्रिकेट में छोटे क्षण भी पूरे मैच की दिशा तय कर सकते हैं। हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 242 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें अभिषेक शर्मा की नाबाद 135 रन की पारी सबसे बड़ा अंतर साबित हुई। उनकी बल्लेबाजी ने न केवल टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजी आक्रमण को भी लगातार दबाव में रखा।

    अभिषेक शर्मा की यह पारी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रही बल्कि इसमें मैच की दिशा तय करने वाले कई महत्वपूर्ण मोड़ भी शामिल थे। शुरुआती चरण में जब वह 49 रन पर खेल रहे थे, उस समय एक रन आउट का स्पष्ट अवसर दिल्ली कैपिटल्स के पास था। वह एक रन लेने के प्रयास में क्रीज से काफी बाहर थे, लेकिन विकेटकीपर तक गेंद सही तरीके से नहीं पहुंच सकी और यह मौका चूक गया। यही क्षण मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ क्योंकि इसके बाद अभिषेक शर्मा ने पूरी तरह आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाते रहे।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने इस घटना को लेकर कहा कि यह मुकाबले का सबसे अहम क्षण था और यदि उस समय अभिषेक शर्मा आउट हो जाते तो खेल का परिणाम काफी अलग हो सकता था। उनके अनुसार उच्च स्कोरिंग मुकाबलों में ऐसे छोटे अवसर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और एक सटीक थ्रो या बेहतर फील्डिंग पूरे खेल की दिशा बदल सकती है। उनका मानना था कि यह वही क्षण था जिसने दिल्ली कैपिटल्स को बड़े नुकसान की ओर धकेल दिया।

    मैच के नौवें ओवर में हुआ यह रन आउट का अवसर उस समय आया जब अभिषेक शर्मा तेजी से रन लेने के प्रयास में क्रीज से बाहर थे। विकेटकीपर की ओर से आया थ्रो सही नियंत्रण में नहीं आ सका और गेंद पकड़ने में हुई देरी ने उन्हें बचा लिया। यह चूक दिल्ली कैपिटल्स के लिए भारी साबित हुई क्योंकि इसके बाद अभिषेक ने अपनी पारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया और बड़े शॉट्स की झड़ी लगा दी। उन्होंने 68 गेंदों पर 10 छक्कों और 10 चौकों की मदद से नाबाद 135 रन बनाए।

    दिल्ली कैपिटल्स की बल्लेबाजी जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। बड़े लक्ष्य के सामने नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से रन गति पर लगातार असर पड़ा। मध्य क्रम के बल्लेबाज भी उस स्थिरता को नहीं ला सके जिसकी आवश्यकता थी। सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया और अंततः उन्हें 195 रनों पर रोक दिया गया।

    यह मुकाबला इस बात को रेखांकित करता है कि टी20 क्रिकेट में एक गलती या एक अवसर का उपयोग न कर पाना पूरे परिणाम को प्रभावित कर सकता है। अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और दिल्ली कैपिटल्स की फील्डिंग चूक ने मिलकर इस मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया, जबकि हरभजन सिंह की टिप्पणी ने इस निर्णायक क्षण के महत्व को और स्पष्ट कर दिया।

  • लखनऊ सुपर जायंट्स के सामने संतुलित और आत्मविश्वास से भरी टीम को रोकने की कठिन चुनौती, हर विभाग में सुधार जरूरी

    लखनऊ सुपर जायंट्स के सामने संतुलित और आत्मविश्वास से भरी टीम को रोकने की कठिन चुनौती, हर विभाग में सुधार जरूरी

    नई दिल्ली /आईपीएल 2026 के 29वें मुकाबले में पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच चंडीगढ़ के पीसीए न्यू क्रिकेट स्टेडियम में मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में पंजाब किंग्स जहां अपनी शानदार लय को जारी रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मुकाबला वापसी का अहम मौका साबित हो सकता है। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए पंजाब किंग्स इस समय लीग की सबसे संतुलित और प्रभावशाली टीमों में से एक नजर आ रही है।

    पंजाब किंग्स ने इस सीजन में अब तक बेहतरीन प्रदर्शन किया है। टीम ने पांच में से चार मुकाबलों में जीत हासिल की है, जबकि एक मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका। कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम ने खासकर लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। बल्लेबाजों ने दबाव की स्थिति में भी संयम बनाए रखते हुए टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

    टीम की बल्लेबाजी इकाई ने लगातार प्रभावी प्रदर्शन किया है। प्रभसिमरन सिंह, शशांक सिंह और मार्कस स्टोइनिस जैसे खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर जिम्मेदारी निभाई है। मध्यक्रम की स्थिरता और निचले क्रम की उपयोगी पारियों ने टीम को हर स्थिति में प्रतिस्पर्धी बनाए रखा है। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल ने विपक्षी टीमों पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे टीम को लगातार बढ़त मिलती रही है।

    दूसरी ओर लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन इस सीजन में अस्थिर रहा है। टीम ने पांच मैचों में दो जीत दर्ज की हैं, लेकिन लगातार हार ने उसकी लय को प्रभावित किया है। कप्तान ऋषभ पंत के नेतृत्व में टीम को अब हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन की जरूरत है। बल्लेबाजी में निकोलस पूरन, मिशेल मार्श और एडेन मार्करम पर बड़ी जिम्मेदारी होगी, जबकि गेंदबाजी में मोहम्मद शमी और आवेश खान को अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभानी होगी।

    दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों का रिकॉर्ड भी बराबरी का रहा है। छह मैचों में दोनों टीमों ने तीन-तीन जीत दर्ज की हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुकाबला संतुलित हो सकता है। हालांकि मौजूदा फॉर्म और आत्मविश्वास के आधार पर पंजाब किंग्स को बढ़त मिलती हुई दिखाई देती है।

    इस मुकाबले में जीत और हार का अंतर काफी हद तक दबाव में प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। पंजाब किंग्स जहां अपनी लय को बनाए रखने के आत्मविश्वास के साथ उतरेगी, वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह जरूरी होगा कि वह अपनी कमजोरियों को दूर करते हुए एक संतुलित प्रदर्शन करे। मुकाबले में रणनीति, संयम और मौके का सही उपयोग ही निर्णायक साबित हो सकता है।