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  • गाले में भारत का दबदबा कायम श्रीलंका 206 रन पर ढेर सुथार ने दूसरी पारी में झटके 6 विकेट सीरीज में 1-0 की बढ़त

    गाले में भारत का दबदबा कायम श्रीलंका 206 रन पर ढेर सुथार ने दूसरी पारी में झटके 6 विकेट सीरीज में 1-0 की बढ़त


    नई दिल्ली। गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को पहले टेस्ट में 165 रन से हरा दिया। पांचवें दिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की दूसरी पारी को 206 रन पर समेट दिया और इसी के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली। भारत की इस बड़ी जीत के सबसे बड़े हीरो युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रहे जिन्होंने दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट चटकाए। सुथार ने पूरे मैच में 10 विकेट अपने नाम किए और अपनी गेंदबाजी से श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    श्रीलंका के सामने भारत ने जीत के लिए 372 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसके शीर्ष चार बल्लेबाज सिर्फ 47 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। इस शुरुआती झटके के बाद श्रीलंका की टीम लगातार दबाव में रही। हालांकि कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 59 रन की जुझारू पारी खेली जबकि पहली पारी में शतक लगाने वाले सोनल दिनुशा ने 84 रन बनाकर कुछ देर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। दोनों ने श्रीलंका की उम्मीदों को कुछ समय के लिए जिंदा रखा लेकिन भारत के गेंदबाजों के सामने यह साझेदारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी।

    सोनल दिनुशा और धनंजय डी सिल्वा के आउट होते ही श्रीलंका की जीत की बची खुची उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पूरी टीम 77.4 ओवर में 206 रन पर सिमट गई। मानव सुथार ने 23.4 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट लिए। उनके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 विकेट चटकाए जबकि मोहम्मद सिराज और रविंद्र जडेजा को एक एक सफलता मिली। सुथार की शानदार गेंदबाजी ने उन्हें मैच में 10 विकेट दिलाए और वह भारत की जीत के मुख्य सूत्रधार बनकर उभरे।

    इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 462 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार 167 रन की पारी खेलकर टीम को मजबूत आधार दिया। उनके अलावा केएल राहुल ने 82 रन बनाए जबकि ध्रुव जुरेल ने 51 रनों का अहम योगदान दिया। बारिश से प्रभावित मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने परिस्थितियों के अनुरूप धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। पडिक्कल की पारी को भारत की पहली पारी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना गया।

    भारत के 462 रन के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हुई। सोनल दिनुशा ने शानदार शतक लगाकर टीम को संभालने की कोशिश की जबकि निरोशन डिकवेला ने 80 रन बनाए। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज श्रीलंका को बड़ी साझेदारियां बनाने से रोकने में सफल रहे और भारत को पहली पारी में 178 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई।

    दूसरी पारी में भारत 193 रन पर ऑलआउट हो गया। ऋषभ पंत ने तेजतर्रार 66 रन की पारी खेलकर भारत की बढ़त को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। भारत की कुल बढ़त के आधार पर श्रीलंका को 372 रन का लक्ष्य मिला लेकिन मेजबान टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी।

    इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों की नजरें दूसरे टेस्ट पर होंगी जो 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। गाले में मिली इस जीत ने भारत के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अभियान को भी मजबूती दी है। वहीं मानव सुथार के 10 विकेट ने भारतीय क्रिकेट में एक नए स्पिन सितारे के उभरने के संकेत दे दिए हैं।

  • ODI वर्ल्ड कप 2027 की बदलेगी शुरुआत की तारीख? गांधी जयंती पर होगा पहला मुकाबला, जानें पूरा प्लान

    ODI वर्ल्ड कप 2027 की बदलेगी शुरुआत की तारीख? गांधी जयंती पर होगा पहला मुकाबला, जानें पूरा प्लान


    नई दिल्ली । वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की शुरुआत की तारीख में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC अब 2 अक्टूबर 2027 को टूर्नामेंट शुरू करने पर विचार कर रहा है। यह तारीख इसलिए खास है क्योंकि इसी दिन भारत में महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाती है। हालांकि अभी ICC की ओर से नई शुरुआत की तारीख का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।

    शुरुआती कार्यक्रम के मुताबिक 2027 वनडे वर्ल्ड कप की शुरुआत अक्टूबर के पहले सप्ताह के बाद होनी थी। पहले 8 अक्टूबर को मुख्य टूर्नामेंट शुरू करने की योजना सामने आई थी और उससे पहले वार्म अप मुकाबले खेले जाने थे। अब अगर ICC की नई योजना पर सहमति बनती है तो मुख्य टूर्नामेंट 2 अक्टूबर से शुरू हो सकता है। फाइनल फिलहाल 21 नवंबर को होने की उम्मीद है। इस स्थिति में प्रतियोगिता करीब 50 दिनों तक चल सकती है।

    गांधी जयंती को टूर्नामेंट के आगाज से जोड़ने के पीछे महात्मा गांधी और दक्षिण अफ्रीका के बीच गहरा ऐतिहासिक संबंध भी एक अहम वजह माना जा रहा है। गांधी ने अपने जीवन के करीब 21 वर्ष दक्षिण अफ्रीका में बिताए थे। वहीं उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांतों को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया था। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप की शुरुआत गांधी जयंती से करना एक प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

    2027 का वर्ल्ड कप कई मायनों में खास होने वाला है। इस बार प्रतियोगिता में 14 टीमें हिस्सा लेंगी और मुकाबले दक्षिण अफ्रीका जिम्बाब्वे तथा नामीबिया में खेले जाएंगे। ICC ने टूर्नामेंट के लिए 12 वेन्यू की जानकारी भी साझा की है। दक्षिण अफ्रीका के आठ शहरों में मुकाबले होंगे जबकि जिम्बाब्वे के तीन और नामीबिया के एक वेन्यू को शामिल किया गया है।

    टूर्नामेंट के फॉर्मेट में भी बड़ा बदलाव किया गया है। ICC ने 2027 वर्ल्ड कप को 14 टीमों का करने के साथ क्वालिफिकेशन चरण में नई सुपर सीरीज व्यवस्था जोड़ी है। सबसे निचली रैंक वाली तीन क्वालिफाइड टीमों को सुपर सीरीज में आपस में मुकाबले करने होंगे और इस चरण से एक टीम मुख्य प्रतियोगिता के लिए आगे बढ़ेगी। इसके बाद मुख्य टूर्नामेंट में 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटकर मुकाबले कराए जाएंगे। ग्रुप चरण के बाद सुपर सिक्स चरण और फिर सेमीफाइनल तथा फाइनल का रास्ता होगा।

    वर्ल्ड कप के लिए भारत समेत कई बड़ी टीमों ने अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड पाकिस्तान इंग्लैंड श्रीलंका बांग्लादेश अफगानिस्तान और मेजबान दक्षिण अफ्रीका तथा जिम्बाब्वे भी क्वालिफाई कर चुके हैं। वहीं नामीबिया समेत बाकी टीमों की स्थिति क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से तय होगी।

    फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा गांधी जयंती के दिन वर्ल्ड कप शुरू होने को लेकर है। अगर ICC इस प्रस्ताव पर मुहर लगाता है तो 2027 वनडे वर्ल्ड कप का आगाज सिर्फ क्रिकेट के लिहाज से ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदेश के लिहाज से भी बेहद खास बन जाएगा। हालांकि अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि ICC के आधिकारिक ऐलान के बाद ही होगी।

  • श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज आज से… टीम इंडिया बनेगी 600 टेस्ट खेलने वाली तीसरी टीम

    श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज आज से… टीम इंडिया बनेगी 600 टेस्ट खेलने वाली तीसरी टीम


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस श्रीलंका (India vs Sri Lanka) दो मैच की टेस्ट सीरीज (Test series) का आगाज आज यानी शनिवार, 15 अगस्त से होने जा रहा है। सीरीज का पहला मैच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम (Indian team) के लिए यह टेस्ट मैच काफी खास रहने वाला है क्योंकि यह टीम इंडिया (Team India) के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का 600वां मैच होगा। भारत इस मुकाम तक पहुंचने वाला मात्र तीसरा देश बनेगा। टीम इंडिया से ज्यादा अभी तक सिर्फ दो ही देशों ने मैच खेले हैं, इस लिस्ट में क्रिकेट के इतिहास की दो सबसे पुरानी टीम इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का नाम दर्ज है। इंग्लैंड के नाम तो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने का भी वर्ल्ड रिकॉर्ड है।


    इंग्लैंड के नाम 1000 से अधिक टेस्ट खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड

    क्रिकेट का जनक इंग्लैंड को कहा जाता है। उनके नाम इस खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट में सबसे ज्यादा मैच खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। क्रिकेट इतिहास में इंग्लैंड एकमात्र टीम है जिसने 1000 से अधिक टेस्ट मैच खेले हैं। जी हां, इंग्लैंड की टीम अभी तक रेड बॉल क्रिकेट में 1097 मैच खेल चुके हैं, जिसमें 405 में उन्हें जीत मिली 336 में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 356 मैच ड्रॉ रहे।


    टॉप-2 में ऑस्ट्रेलिया भी

    इंग्लैंड के बाद अगर किसी टीम ने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं तो वह है ऑस्ट्रेलिया की टीम। कंगारू टीम बांग्लादेश के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में अपना 883वां मुकाबला खेल रही है। उनका जीत का रिकॉर्ड इंग्लैंड से काफी बेहतर रहा है। उन्होंने अभी तक रेड बॉल क्रिकेट में 426 मैच जीता है, 235 हारे हैं जबकि 219 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।

    भारत 600 टेस्ट खेलने वाला बनेगा तीसरा देश
    इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 600 टेस्ट मैच खेलने वाला तीसरा देश बनेगा। टीम इंडिया ने अभी तक इस फॉर्मेट में खेले 599 मुकाबलों में से 186 जीते, 188 हारे और 224 ड्रॉ रहे।


    वेस्टइंडीज बेहद नजदीक

    वेस्टइंडीज की टीम भी 600 टेस्ट मैच के रिकॉर्ड के बेहद नजदीक है। उन्होंने भी इस फॉर्मेट में अभी तक 596 मैच खेल लिए हैं। जबकि अन्य टीम अभी काफी पीछे हैं। न्यूजीलैं, पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका जैसी टीमों ने अभी तक 450 से अधिक टेस्ट मैच खेले हैं। वहीं श्रीलंका ने अभी तक 350 टेस्ट मैच भी नहीं खेले हैं।

  • एक सीरीज में मचाया तहलका फिर टीम इंडिया से हुए दूर, जानिए विजय भारद्वाज का पूरा क्रिकेट सफर

    एक सीरीज में मचाया तहलका फिर टीम इंडिया से हुए दूर, जानिए विजय भारद्वाज का पूरा क्रिकेट सफर


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिनका अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद छोटा रहा लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनकी उपलब्धियां किसी बड़े सितारे से कम नहीं रहीं। विजय भारद्वाज भी इसी सूची में शामिल हैं। 15 अगस्त 1975 को बेंगलुरु में जन्मे इस ऑलराउंडर ने भारतीय टीम में धमाकेदार अंदाज में दस्तक दी थी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 1999-2000 के एलजी कप में उनके प्रदर्शन ने उन्हें रातोंरात चर्चा में ला दिया था। गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ने वाले भारद्वाज को उस टूर्नामेंट में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था।

    एलजी कप में विजय भारद्वाज ने अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी से शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 विकेट हासिल किए थे। निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 89 रन भी बनाए थे। इस प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय क्रिकेट के भविष्य के अहम खिलाड़ियों में गिना जाने लगा। उनकी उपयोगिता यह थी कि वह जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी और फील्डिंग में भी योगदान दे सकते थे। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उस शुरुआती सफलता को वह लंबे समय तक बरकरार नहीं रख सके।

    विजय भारद्वाज ने सितंबर 1999 में भारत के लिए वनडे डेब्यू किया और इसके बाद टेस्ट क्रिकेट में भी मौका मिला। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर कुल तीन टेस्ट और 10 वनडे तक ही सीमित रहा। तीन टेस्ट की तीन पारियों में उन्होंने 28 रन बनाए और एक विकेट लिया। वहीं 10 वनडे में उन्होंने 136 रन बनाने के साथ 16 विकेट अपने नाम किए। उनका आखिरी वनडे मुकाबला 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ रहा। इसके बाद उनकी भारतीय टीम में वापसी नहीं हो सकी।

    लेकिन अगर विजय भारद्वाज के पूरे क्रिकेट करियर को केवल भारत के लिए खेले 13 मुकाबलों के आधार पर देखा जाए तो उनकी कहानी अधूरी रह जाएगी। कर्नाटक के लिए उनका घरेलू क्रिकेट करियर बेहद प्रभावशाली रहा। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 96 मैचों की 149 पारियों में 5553 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 14 शतक और 26 अर्धशतक निकले। गेंदबाजी में भी उन्होंने 59 विकेट हासिल किए। लिस्ट ए क्रिकेट में उनके नाम 1707 रन और 46 विकेट दर्ज हैं।

    कर्नाटक के मजबूत दौर में भारद्वाज टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। वह 1990 के दशक में कर्नाटक की तीन रणजी ट्रॉफी खिताबी जीत का हिस्सा रहे। 2000 से 2002 तक उन्होंने कर्नाटक की कप्तानी भी की। घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार प्रदर्शन ने साबित किया कि वह सिर्फ एक सीरीज के खिलाड़ी नहीं थे बल्कि लंबे समय तक उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते थे। उनके करियर पर चोटों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी असर पड़ा और यही वजह रही कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनका सफर अपेक्षा के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका।

    4 नवंबर 2006 को विजय भारद्वाज ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया। इसके बाद उन्होंने खेल से दूरी बनाने के बजाय कोचिंग और कमेंट्री को अपना नया रास्ता बनाया। वह नेशनल क्रिकेट एकेडमी से लेवल थ्री कोच के रूप में प्रमाणित हैं। आईपीएल के शुरुआती दौर में वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सहायक कोच भी रहे। इसके अलावा ओमान क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच के रूप में भी काम किया। बाद के वर्षों में उन्होंने कन्नड़ क्रिकेट कमेंट्री और विश्लेषण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।

    विजय भारद्वाज की कहानी यही बताती है कि किसी खिलाड़ी के करियर को केवल अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता। भारत के लिए उनका सफर भले ही छोटा रहा लेकिन कर्नाटक क्रिकेट में उनका योगदान और बाद में कोचिंग व कमेंट्री के जरिए खेल से जुड़ाव उनकी क्रिकेट विरासत को आज भी खास बनाता है।

  • श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा, 24 टेस्ट में 9 जीत; कोहली की कप्तानी में 2017 में किया था क्लीन स्वीप

    श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा, 24 टेस्ट में 9 जीत; कोहली की कप्तानी में 2017 में किया था क्लीन स्वीप


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का रोमांच 15 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया श्रीलंका की धरती पर अपने मजबूत रिकॉर्ड को बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी। भारतीय टीम के सामने न सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती होगी बल्कि पिछले कुछ वर्षों से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में चले आ रहे दबदबे को कायम रखने की जिम्मेदारी भी होगी।

    श्रीलंका की सरजमीं पर भारतीय टीम का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। भारत ने अब तक वहां कुल 24 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें टीम इंडिया ने 9 मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि 7 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। वहीं 8 टेस्ट मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि विदेशी परिस्थितियों में खेलने के बावजूद भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है।

    भारत ने आखिरी बार 2017 में श्रीलंका का दौरा किया था। उस दौरे पर विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंकाई टीम का सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। उस दौरे की जीत भारतीय टेस्ट क्रिकेट के यादगार अभियानों में शामिल रही। टीम इंडिया ने तीनों मुकाबलों में अपना दबदबा कायम रखा और श्रीलंका को किसी भी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया।

    अगर भारत और श्रीलंका के बीच ओवरऑल टेस्ट रिकॉर्ड की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक 46 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 22 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि श्रीलंका को सिर्फ 7 मुकाबलों में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच कई मुकाबले ड्रॉ भी रहे हैं। यह आंकड़ा साफ तौर पर बताता है कि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम का पलड़ा काफी भारी रहा है।

    भारत और श्रीलंका की आखिरी टेस्ट भिड़ंत 2022 में हुई थी। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने उस सीरीज में श्रीलंका को 2-0 से हराया था। ऐसे में भारतीय टीम के पास श्रीलंका के खिलाफ लगातार सीरीज जीतने का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका है। हालांकि इस बार कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल के कंधों पर है और उनके लिए यह सीरीज बतौर टेस्ट कप्तान एक महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है।

    सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वॉर्मअप मुकाबले में भी अपनी तैयारियों का मजबूत संकेत दिया। टीम इंडिया ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन को 6 विकेट से हराया। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी लय दिखाई। यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, रवींद्र जडेजा और कप्तान शुभमन गिल ने प्रभावशाली बल्लेबाजी की।

    देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार शतक लगाते हुए 142 रन की नाबाद पारी खेली। उनके प्रदर्शन से भारतीय टीम के मध्यक्रम को मजबूती मिली। वहीं अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी पारियां खेलकर सीरीज से पहले अपनी तैयारियों का संकेत दिया।

    अब सबकी नजरें 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज पर हैं। शुभमन गिल के लिए यह सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज नहीं होगी बल्कि बतौर कप्तान अपने नेतृत्व को मजबूत करने का भी बड़ा अवसर होगा। भारत के शानदार पुराने रिकॉर्ड, हालिया प्रदर्शन और खिलाड़ियों की अच्छी फॉर्म को देखते हुए टीम इंडिया को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन और मौसम जैसी चुनौतियां भारतीय टीम की परीक्षा ले सकती हैं। ऐसे में गिल की कप्तानी में टीम इंडिया अपने पुराने दबदबे को नए अंदाज में कायम कर पाती है या नहीं, इसका जवाब सीरीज के दौरान मिलेगा।

  • WTC फाइनल की रेस में भारत की अग्निपरीक्षा, अब हर मैच जीतना जरूरी; एक गलती बिगाड़ देगी पूरा गणित

    WTC फाइनल की रेस में भारत की अग्निपरीक्षा, अब हर मैच जीतना जरूरी; एक गलती बिगाड़ देगी पूरा गणित


    नई दिल्ली। वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 में भारतीय क्रिकेट टीम की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। शुरुआती मुकाबलों के बाद टीम इंडिया अंक प्रतिशत के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गई है और अब उसके सामने फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बेहद कठिन चुनौती है। भारत ने अब तक 9 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उसे 4 मुकाबलों में जीत मिली है और उसका पॉइंट्स परसेंटेज यानी पीसीटी 48.15 है। मौजूदा स्थिति में भारत बांग्लादेश से भी पीछे है। ऐसे में अब टीम इंडिया के लिए WTC का हर मुकाबला लगभग करो या मरो जैसा हो गया है।

    भारतीय टीम के पास इस चक्र में अभी 9 टेस्ट मैच बाकी हैं। अगर टीम अपने सभी बचे हुए मुकाबले जीतने में सफल रहती है तो उसका पीसीटी करीब 74.07 तक पहुंच सकता है। यह आंकड़ा उसे फाइनल की दौड़ में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा सकता है। लेकिन समस्या यह है कि आने वाले सभी मुकाबले आसान नहीं होने वाले हैं। भारत को पहले श्रीलंका का दौरा करना है जहां दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है और गॉल की पिच पर भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा होना तय माना जा रहा है।

    श्रीलंका के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। वहां उसे दो टेस्ट मैच खेलने हैं। न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भी भारतीय टीम के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। तेज गेंदबाजी के अनुकूल परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजों को नई गेंद का सामना करना होगा। इसके बाद भारत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। ऑस्ट्रेलिया मौजूदा WTC चक्र में मजबूत टीमों में शामिल है और उसके खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज भारत के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है।

    भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा यह है कि अब एक भी हार उसके अंक प्रतिशत को काफी नीचे ला सकती है। अगर टीम अपने बचे हुए नौ मैचों में से एक मुकाबला हार जाती है तो उसका पीसीटी करीब 68.5 तक गिर सकता है। दो हार होने पर यह आंकड़ा करीब 62.9 और तीन हार की स्थिति में लगभग 57.41 तक पहुंच सकता है। ऐसे में सिर्फ एक मुकाबले का नतीजा भी फाइनल की रेस में भारत की स्थिति को काफी प्रभावित कर सकता है।

    मौजूदा अंक तालिका पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया 87.50 पीसीटी के साथ शीर्ष पर है। दक्षिण अफ्रीका 75 पीसीटी के साथ दूसरे जबकि न्यूजीलैंड 72.22 के साथ तीसरे स्थान पर है। बांग्लादेश 58.33 पीसीटी के साथ भारत से आगे है। इसका मतलब साफ है कि भारत को अपने बचे हुए मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने के साथ साथ दूसरी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। अगर शीर्ष टीमों में से कोई लगातार अंक गंवाती है तो भारत को उसका फायदा मिल सकता है।

    WTC में जीत के लिए 12 अंक मिलते हैं जबकि ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को 4-4 अंक दिए जाते हैं और हारने वाली टीम को कोई अंक नहीं मिलता। अंक प्रतिशत की यही व्यवस्था टीमों की अंतिम स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए भारत के लिए अब ड्रॉ भी उतना फायदेमंद नहीं होगा जितनी लगातार जीत होगी।

    शुभमन गिल की अगुआई वाली भारतीय टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जीत की लय कायम रखने की है। श्रीलंका में दो टेस्ट से लेकर न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मुकाबलों तक टीम को लगातार दबाव में खेलना होगा। भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा जबकि गेंदबाजों को भी हर मैच में निर्णायक प्रदर्शन करना होगा।

    कुल मिलाकर WTC 2025-27 में भारत के लिए तस्वीर बिल्कुल साफ है। फाइनल में पहुंचने का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है लेकिन गलती की गुंजाइश बेहद कम बची है। भारत अगर अपने बचे हुए नौ टेस्ट में लगातार जीत दर्ज करता है तो फाइनल की उम्मीद मजबूत रहेगी लेकिन हार की संख्या बढ़ते ही समीकरण मुश्किल होता जाएगा। अब टीम इंडिया के सामने हर टेस्ट सिर्फ एक मुकाबला नहीं बल्कि WTC फाइनल की ओर बढ़ने का एक बड़ा कदम होगा।

  • स्पिन की तैयारी करने पहुंची टीम इंडिया के सामने बिछी घास वाली पिच, श्रीलंका में अभ्यास मैच से पहले खड़ा हुआ विवाद

    स्पिन की तैयारी करने पहुंची टीम इंडिया के सामने बिछी घास वाली पिच, श्रीलंका में अभ्यास मैच से पहले खड़ा हुआ विवाद


    नई दिल्ली। श्रीलंका दौरे पर पहुंची भारतीय क्रिकेट टीम के लिए दो मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले ही एक नया विवाद सामने आ गया है। भारत को 7 अगस्त से कोलंबो के नॉनडिस्क्रिप्ट क्रिकेट क्लब यानी एनसीसी मैदान पर तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलना है लेकिन मुकाबले से पहले तैयार की गई पिच को देखकर भारतीय टीम मैनेजमेंट पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आया। टीम इंडिया को उम्मीद थी कि अभ्यास मैच के लिए ऐसी विकेट तैयार की जाएगी जो श्रीलंका की पारंपरिक स्पिन परिस्थितियों जैसी हो ताकि बल्लेबाजों और स्पिन गेंदबाजों को टेस्ट सीरीज से पहले बेहतर तैयारी का मौका मिल सके लेकिन मैदान पर घास वाली विकेट देखकर टीम की चिंता बढ़ गई। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक भारतीय टीम ने पिच पर मौजूद घास को लेकर सवाल उठाए हैं। एनसीसी से जुड़े अधिकारी ने भी बताया कि पिच पर घास रखने का फैसला श्रीलंका क्रिकेट के निर्देश के बाद किया गया है।

    दरअसल भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाना है। गॉल की परिस्थितियां आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं। ऐसे में भारतीय टीम चाहती थी कि अभ्यास मैच में भी उसे ऐसी ही परिस्थितियों का अनुभव मिले ताकि बल्लेबाज श्रीलंकाई स्पिनरों का सामना करने से पहले अपनी कमियों को सुधार सकें। खासतौर पर भारतीय बल्लेबाजों के स्पिन के खिलाफ प्रदर्शन को देखते हुए यह अभ्यास मैच टीम के लिए काफी अहम माना जा रहा है। लेकिन एनसीसी की पिच पर छोड़ी गई घास ने टीम इंडिया की योजना को कुछ हद तक बदल दिया है।

    घास वाली पिच का फायदा शुरुआती दौर में तेज गेंदबाजों को मिल सकता है। गेंद नई होने पर सतह से अतिरिक्त सीम और मूवमेंट मिलने की संभावना रहती है जिससे बल्लेबाजों के लिए शुरुआती समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दूसरी तरफ स्पिन गेंदबाजों को इस विकेट से तुरंत वैसी मदद मिलने की उम्मीद कम है जैसी भारतीय टीम चाहती थी। हालांकि एनसीसी प्रबंधन का कहना है कि मुकाबले के आगे बढ़ने के साथ पिच का मिजाज बदल सकता है और तीसरे दिन स्पिनरों को कुछ सहायता मिलने की संभावना है। क्लब का यह भी मानना है कि पिच पर बल्लेबाजों को रन बनाने का अच्छा मौका मिल सकता है।

    एनसीसी मैदान श्रीलंका के पुराने क्रिकेट क्लबों में शामिल है और भारतीय टीम यहां टेस्ट सीरीज से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने की कोशिश करेगी। पहले यह अभ्यास मुकाबला चार दिन का प्रस्तावित था लेकिन बाद में इसे घटाकर तीन दिन कर दिया गया। ऐसे में भारतीय टीम के पास परिस्थितियों को समझने और खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच अभ्यास देने के लिए सीमित समय है। यही वजह है कि अभ्यास मैच की पिच को लेकर उठे सवालों ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है।

    भारत के लिए यह टेस्ट सीरीज कई मायनों में महत्वपूर्ण है। टीम को श्रीलंका की परिस्थितियों में खुद को ढालने के साथ साथ स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ अपनी रणनीति को मजबूत करना होगा। वहीं श्रीलंका भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देने की कोशिश करेगा। अभ्यास मैच में कैसी पिच मिलती है और भारतीय खिलाड़ी उस पर किस तरह प्रदर्शन करते हैं इस पर सभी की नजरें रहेंगी।

    हालांकि पिच को लेकर उठे विवाद के बावजूद टीम इंडिया के पास परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने का मौका है। घास वाली विकेट भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए एक अलग तरह की परीक्षा साबित हो सकती है। अगर भारतीय खिलाड़ी इस चुनौती का फायदा उठाते हैं तो गॉल टेस्ट से पहले उन्हें जरूरी आत्मविश्वास मिल सकता है। अब देखना यही होगा कि अभ्यास मैच में घास वाली पिच टीम इंडिया के लिए परेशानी बनती है या टेस्ट सीरीज की तैयारी का एक उपयोगी हिस्सा साबित होती है।

  • टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा

    टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचने वाले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के बाद बटलर ने कहा कि भविष्य में यदि कोई खिलाड़ी उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है तो वह 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। बटलर का यह बयान युवा भारतीय खिलाड़ी की प्रतिभा और उसके उज्ज्वल भविष्य पर बड़ी मुहर माना जा रहा है।

    द हंड्रेड टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में बटलर ने कहा कि सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वाला खिलाड़ी कहलाना उनके लिए बेहद खास एहसास है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि एक दिन यह रिकॉर्ड कोई और खिलाड़ी तोड़ेगा और संभवतः वह खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी होंगे।

    बटलर ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सोचना बेहद रोमांचक है कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। उनके अनुसार वैभव सूर्यवंशी में इतनी क्षमता है कि वह भविष्य में इस उपलब्धि को अपने नाम कर सकते हैं। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज से मिली यह तारीफ युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं मानी जा रही।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक वर्ष में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को लगातार प्रभावित किया है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी विस्फोटक शैली से अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों में शामिल वैभव ने अपने शुरुआती मुकाबलों में ही शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास और क्षमता दोनों मौजूद हैं।

    हाल के मुकाबलों में वैभव ने तेज गति से रन बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 श्रृंखला में बेहद कम गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबका ध्यान खींचा था। इसके अलावा एक अन्य मुकाबले में उन्होंने दमदार पारी खेलते हुए शानदार स्कोर बनाया और टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों साफ दिखाई देते हैं।

    घरेलू टी20 लीग में भी वैभव का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और लंबे शॉट लगाने की कला ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है।

    दूसरी ओर जोस बटलर भी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। रिकॉर्ड बनाने वाले मुकाबले में उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की तूफानी पारी खेली जिसमें दो चौके और छह शानदार छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ उन्होंने टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का स्थान हासिल किया। बटलर के नाम अब 14833 टी20 रन दर्ज हैं जबकि कीरोन पोलार्ड 14803 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    बटलर की यह भविष्यवाणी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। यदि वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वह न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना सकते हैं।

  • टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार

    टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होने जा रहा है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और खिलाड़ियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में उतरने वाली भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ उसका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। पिछले 11 वर्षों में टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ एक भी टेस्ट मुकाबला नहीं गंवाया है और अब उसकी नजर इस शानदार सिलसिले को आगे बढ़ाने पर होगी।

    भारत और श्रीलंका के बीच अब तक कुल 46 टेस्ट मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें भारतीय टीम ने 22 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि श्रीलंका केवल 7 मुकाबले जीत सका है। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े साफ बताते हैं कि लंबे समय से इस प्रतिद्वंद्विता में भारत का पलड़ा भारी रहा है। खास बात यह है कि वर्ष 2015 के बाद से श्रीलंका भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल नहीं कर पाया है। पिछले 10 टेस्ट मुकाबलों में टीम इंडिया ने हार का स्वाद नहीं चखा और यही रिकॉर्ड उसे इस बार भी मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है।

    हालांकि सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका भी लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट नहीं हो सके और चोट के कारण इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। बुमराह की गैरमौजूदगी भारतीय तेज आक्रमण के लिए चुनौती जरूर है लेकिन टीम प्रबंधन ने उनकी जगह जम्मू कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका दिया है। आकिब घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और जम्मू कश्मीर से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास भी रच चुके हैं। अब सभी की नजर उनके प्रदर्शन पर रहेगी।

    टीम इंडिया के लिए एक राहत की खबर साई सुदर्शन की फिटनेस को लेकर भी सामने आई है। शुरुआती आशंकाओं के बावजूद उम्मीद जताई जा रही है कि वह पहले टेस्ट से पहले पूरी तरह फिट होकर टीम से जुड़ जाएंगे। यदि ऐसा होता है तो भारत की बल्लेबाजी और भी मजबूत नजर आएगी। शुभमन गिल के नेतृत्व में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन टीम को मजबूत बनाता है।

    सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। गाले की पिच पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रहती है इसलिए रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे स्पिनरों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा जहां भारत सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा।

    भारतीय टीम के स्क्वॉड में शुभमन गिल कप्तान जबकि केएल राहुल उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। यशस्वी जायसवाल ऋषभ पंत साई सुदर्शन ध्रुव जुरेल रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज प्रसिद्ध कृष्णा गुरनूर बरार देवदत्त पडिक्कल सारांश जैन मानव सुथार और आकिब नबी टीम का हिस्सा हैं। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों से सजी यह टीम श्रीलंका में एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर होगी कि क्या भारत अपना 11 साल का अजेय रिकॉर्ड कायम रखते हुए एक और टेस्ट सीरीज अपने नाम कर पाएगा।

  • रविचंद्रन अश्विन को पांचवें नंबर पर रखना पड़ा भारी, अर्शदीप सिंह बोले पर्सनली मैसेज कर मांगूंगा माफी

    रविचंद्रन अश्विन को पांचवें नंबर पर रखना पड़ा भारी, अर्शदीप सिंह बोले पर्सनली मैसेज कर मांगूंगा माफी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह एक बार फिर अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज की वजह से सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने पसंदीदा भारतीय गेंदबाजों की रैंकिंग तैयार की। इस सूची में रविचंद्रन अश्विन को पांचवें स्थान पर रखने के बाद उन्हें खुद ही एहसास हुआ कि भारत के दिग्गज स्पिनर के साथ शायद कुछ ज्यादा ही अन्याय हो गया है। इसके बाद उन्होंने हंसते हुए कहा कि वह अश्विन भाई से व्यक्तिगत रूप से मैसेज करके माफी मांगेंगे।

    एक यूट्यूब इंटरव्यू के दौरान अर्शदीप सिंह से उनके पसंदीदा पांच भारतीय गेंदबाजों का चयन करने और उन्हें क्रमवार रैंक देने के लिए कहा गया। उन्होंने बिना ज्यादा सोच विचार किए अपनी सूची तैयार की जिसमें पहले स्थान पर भुवनेश्वर कुमार को रखा। अर्शदीप ने कहा कि भुवनेश्वर उनके निजी पसंदीदा गेंदबाज हैं और उनके लिए वह हमेशा विशेष रहेंगे इसलिए इस मामले में वह थोड़े पक्षपाती भी हैं।

    दूसरे स्थान पर उन्होंने मोहम्मद शमी को चुना। अर्शदीप के मुताबिक शमी की सीम पोजिशन और किसी भी पिच पर गेंद को स्विंग कराने की क्षमता उन्हें दुनिया के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में शामिल करती है। तीसरे स्थान पर उन्होंने चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को रखा और कहा कि विकेट लेने की उनकी कला उन्हें बेहद खास बनाती है। चौथे नंबर पर युजवेंद्र चहल को जगह मिली जिनके साथ अर्शदीप आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेल चुके हैं। उन्होंने चहल के अनुभव और शानदार रिकॉर्ड की भी जमकर तारीफ की।

    जब सूची में आखिरी नाम रविचंद्रन अश्विन का आया तो अर्शदीप खुद असहज नजर आए। उन्होंने तुरंत कहा कि वह अश्विन को सबसे नीचे रखना नहीं चाहते थे लेकिन सूची में ऊपर कोई स्थान बचा ही नहीं था। इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि सॉरी अश्विन भाई मैं आपको पर्सनली मैसेज करके माफी मांग लूंगा। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और क्रिकेट प्रशंसकों को उनका अंदाज काफी पसंद आया।

    अर्शदीप ने यह भी याद दिलाया कि इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब टीम के लिए खेलते समय रविचंद्रन अश्विन उनके पहले कप्तान रहे थे। उन्होंने कहा कि अश्विन केवल महान स्पिनर ही नहीं बल्कि शानदार लीडर और सीनियर खिलाड़ी भी हैं जिनसे उन्होंने काफी कुछ सीखा है। यही वजह है कि उन्हें सूची में नीचे रखने पर उन्हें खुद भी अजीब महसूस हुआ।

    हाल के महीनों में अर्शदीप भारतीय टीम के सीमित ओवरों के अहम गेंदबाज बनकर उभरे हैं। इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने वनडे और टी20 सीरीज में टीम का हिस्सा रहते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्हें आराम दिया गया जबकि श्रीलंका दौरे की टेस्ट टीम में उन्हें शामिल नहीं किया गया है। हालांकि आगामी सीमित ओवरों की सीरीज में उनसे एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

    क्रिकेट के मैदान पर अपनी सटीक गेंदबाजी और मैदान के बाहर अपने हंसमुख स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले अर्शदीप सिंह का यह बयान एक बार फिर दिखाता है कि भारतीय टीम के खिलाड़ियों के बीच आपसी सम्मान और दोस्ताना माहौल कितना मजबूत है। यही कारण है कि उनका यह हल्का फुल्का मजाक भी फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया है।