Tag: Team India

  • Asian Games 2026 में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल: फिर भी BCCI संतुष्ट नागोया में क्यों बदली ठहरने की रणनीति जानिए पूरी वजह

    Asian Games 2026 में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल: फिर भी BCCI संतुष्ट नागोया में क्यों बदली ठहरने की रणनीति जानिए पूरी वजह


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट टीम की होटल व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब लगभग खत्म हो गया है। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों को इस बार विदेश दौरों की तरह पांच सितारा होटल की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने आयोजकों की ओर से की गई व्यवस्था पर संतोष जताया है। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि दोनों भारतीय टीमें एशियन गेम्स के आयोजकों की ओर से तय किए गए आवास में ही रहेंगी। बोर्ड की प्राथमिकता खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल सुनिश्चित करना है और मौजूदा व्यवस्था को इसी नजरिए से स्वीकार किया गया है।

    दरअसल भारतीय क्रिकेटरों को आमतौर पर विदेशी दौरों पर बेहतर सुविधाओं वाले पांच सितारा होटलों में ठहराया जाता है। ऐसे में जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए जब पांच सितारा होटल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई तो सवाल उठने लगे थे कि क्या बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था करेगा। नागोया में शीर्ष श्रेणी के होटलों की उपलब्धता सीमित होने को इस पूरे मामले की बड़ी वजह बताया गया। आयोजकों के सामने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने की चुनौती भी है।

    शुरुआत में यह चर्चा भी थी कि अगर भारतीय टीम को निर्धारित होटल पसंद नहीं आया तो खिलाड़ियों के लिए टोक्यो या ओसाका जैसे शहरों में वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन यह विकल्प व्यावहारिक नहीं माना गया क्योंकि मैच और अभ्यास स्थल से लंबी दूरी खिलाड़ियों के लिए परेशानी पैदा कर सकती थी। ऐसे में बीसीसीआई ने आयोजकों के साथ समन्वय करते हुए उसी व्यवस्था को स्वीकार करने का फैसला किया जो एशियन गेम्स के लिए तैयार की गई है।

    बीसीसीआई की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ होटल की स्टार रेटिंग नहीं बल्कि खिलाड़ियों की सुविधा और गोपनीयता को लेकर थी। रिपोर्टों के अनुसार खिलाड़ियों को अलग अलग कमरे उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। यानी पांच सितारा होटल नहीं होने के बावजूद टीम के खिलाड़ियों को अलग कमरे मिलेंगे ताकि आराम और तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो। बीसीसीआई ने होटल की तस्वीरों और वीडियो के जरिए भी व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी।

    होटल के अलावा बीसीसीआई की चिंता खेल सुविधाओं को लेकर भी थी। खास तौर पर मैदान की गुणवत्ता पिच और ड्रेसिंग रूम जैसी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। बाद में निरीक्षण और बातचीत के बाद इन व्यवस्थाओं को लेकर भी संतोषजनक स्थिति सामने आई। यानी बोर्ड ने साफ संकेत दिया है कि टीम के लिए पांच सितारा होटल से ज्यादा जरूरी सुरक्षित ठहराव अच्छी खेल सुविधाएं और मैच स्थल तक आसान पहुंच है।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची नागोया क्षेत्र में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होना है। क्रिकेट प्रतियोगिता भी इस बड़े खेल आयोजन का हिस्सा होगी और भारत ने पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों में मजबूत टीमें उतारी हैं। पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे जबकि भारतीय दल से पदक की बड़ी उम्मीदें हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है कि बीसीसीआई ने इस बार पांच सितारा होटल की सुविधा को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाने के बजाय खिलाड़ियों की तैयारी और प्रतियोगिता से जुड़ी व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता दी है। आयोजकों की तय व्यवस्था में रहकर टीम इंडिया अब अपना पूरा ध्यान मैदान पर प्रदर्शन और एशियन गेम्स में पदक जीतने पर लगाएगी।

  • महिला एशिया कप 2026: पाकिस्तान को धूल चटाकर सेमीफाइनल में टीम इंडिया, बने कई रिकॉर्ड

    महिला एशिया कप 2026: पाकिस्तान को धूल चटाकर सेमीफाइनल में टीम इंडिया, बने कई रिकॉर्ड


    दुबई।
    महिला एशिया कप 2026 (Women’s Asia Cup 2026) में भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women’s Cricket team) का जलवा बरकरार है. दुबई के मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारत (India ने पाकिस्तान टीम (Pakistan team) को चारों खाने चित करते हुए टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की. इस धमाकेदार जीत के साथ ही हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

    पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम भारतीय स्पिनरों की घातक गेंदबाजी के आगे पस्त हो गई. पाकिस्तान की टीम 18.1 ओवर में महज 55 रनों पर ढेर हो गई. यह टी20 अंतरराष्ट्रीय में पाकिस्तान का अब तक का सबसे कम स्कोर रहा.

    पाकिस्तान को सस्ते में समेटने में भारत की दो युवा स्पिनरों का सबसे बड़ा हाथ रहा. श्री चरणी ने कातिलाना गेंदबाजी करते हुए अपने 4 ओवर में सिर्फ 7 रन देकर 3 विकेट झटके, जिसमें एक ही ओवर में 2 झटके शामिल थे.

    वहीं लेग स्पिनर प्रेमा रावत ने भी अपनी फिरकी का कमाल दिखाते हुए 4 ओवर में केवल 9 रन दिए और 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. पाकिस्तान की तरफ से शावल जुल्फिकार (14) और मुनीबा अली (13) ही दहाई का आंकड़ा छू सकीं, जबकि कप्तान फातिमा सना समेत चार खिलाड़ी खाता भी नहीं खोल पाईं.


    शेफाली वर्मा ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

    56 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के शुरुआती तीन विकेट जल्दी गिर गए, लेकिन शेफाली वर्मा ने आउट होने से पहले 12 रनों की पारी खेल इतिहास रच दिया. शेफाली अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 3,000 रन बनाने वाली दुनिया की सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं.

    उन्होंने महज 22 साल और 220 दिन की उम्र में यह कारनामा कर आयरलैंड की गेबी लुईस का रिकॉर्ड तोड़ दिया. शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बाद 3,000 टी20I रन बनाने वाली तीसरी भारतीय महिला बल्लेबाज भी बन गई हैं.


    कप्तान हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के नाम भी इस मैच में बड़ी उपलब्धि जुड़ गई. वह 150 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गईं. इस मामले में उन्होंने श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू (120 मैच) और ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज मेग लैनिंग (100 मैच) को काफी पीछे छोड़ दिया है. शुरुआती झटकों के बाद कप्तान हरमनप्रीत (18 रन*) और दीप्ति शर्मा (12 रन*) ने बिना कोई और नुकसान पहुंचाए भारत को आसान जीत दिला दी.

  • संजू की वापसी से बदला टीम इंडिया का ओपनिंग प्लान! अब 15 साल के वैभव के साथ उतर सकते हैं सैमसन

    संजू की वापसी से बदला टीम इंडिया का ओपनिंग प्लान! अब 15 साल के वैभव के साथ उतर सकते हैं सैमसन


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में प्रयोग का दौर अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से पहले संजू सैमसन की वापसी ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ संजू सैमसन को पारी की शुरुआत करने का मौका दे सकता है। खास बात यह है कि भारत के लिए अभिषेक शर्मा के साथ संजू और वैभव दोनों ओपनिंग कर चुके हैं लेकिन संजू और वैभव की जोड़ी को अभी तक आजमाया नहीं गया है।

    टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम ने अपनी पारी की शुरुआत को लेकर कई प्रयोग किए हैं। आईपीएल में अपने तूफानी अंदाज से पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में मौका मिला और उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते देखा गया। दूसरी तरफ संजू सैमसन भी अभिषेक के साथ पारी की शुरुआत कर चुके हैं। ऐसे में अब टीम के सामने एक नया विकल्प मौजूद है जिसमें संजू का अनुभव और वैभव का बेखौफ अंदाज एक साथ दिखाई दे सकता है।

    इस संभावना को पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने भी दिलचस्प बताया है। उनका मानना है कि जब अभिषेक वैभव और अभिषेक संजू की जोड़ी को आजमाया जा चुका है तो संजू और वैभव को साथ भेजकर देखने में भी कोई नुकसान नहीं है। हालांकि यह सिर्फ एक संभावित प्रयोग है और अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर निर्भर करेगा।

    संजू और वैभव की जोड़ी इसलिए भी खास हो सकती है क्योंकि दोनों बल्लेबाज आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए जाने जाते हैं। संजू के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है जबकि वैभव बेहद कम उम्र में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज से सुर्खियां बटोर चुके हैं। अगर दोनों एक साथ पावरप्ले में उतरते हैं तो भारत शुरुआत के छह ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों पर जबरदस्त दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है।

    हालांकि इस प्रयोग के साथ एक बड़ा सवाल अभिषेक शर्मा की भूमिका को लेकर भी खड़ा होगा। अभिषेक खुद टी20 क्रिकेट में बेहद आक्रामक बल्लेबाज हैं और पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में अगर संजू और वैभव को ओपनिंग का मौका मिलता है तो अभिषेक को किस नंबर पर उतारा जाएगा यह भी देखने वाली बात होगी। टीम मैनेजमेंट के पास विकल्पों की कमी नहीं है लेकिन सही संतुलन बनाना चुनौती जरूर होगी।

    वैभव के लिए यह सीरीज खास महत्व रखती है। महज 15 साल की उम्र में सीनियर टीम का हिस्सा बनना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनके प्रदर्शन पर हर किसी की नजर है और टीम मैनेजमेंट भी उन्हें लंबे समय के लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में उन्हें अलग अलग बल्लेबाजी संयोजनों में मौका देना भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

    अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज 13 सितंबर से शुरू होगी। पहला मुकाबला 13 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को होगा। ऐसे में सीरीज शुरू होने से पहले सबसे ज्यादा उत्सुकता इसी बात को लेकर है कि टीम इंडिया पारी की शुरुआत के लिए किस संयोजन पर भरोसा करती है। अभिषेक संजू और वैभव तीनों विकल्प मौजूद हैं लेकिन अगर संजू और वैभव को साथ उतारा गया तो यह टीम इंडिया का एक नया और बेहद आक्रामक ओपनिंग प्रयोग होगा।

  • टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन पर BCCI का मंथन! कप्तान और कोच पहुंचे बैठक में लेकिन चीफ सेलेक्टर अगरकर नहीं आए

    टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन पर BCCI का मंथन! कप्तान और कोच पहुंचे बैठक में लेकिन चीफ सेलेक्टर अगरकर नहीं आए


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के हालिया विदेशी दौरों पर खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बड़ी रिव्यू मीटिंग की लेकिन इस अहम बैठक से चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए। मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में हुई इस बैठक में टीम इंडिया के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की समीक्षा की गई। भारतीय टीम को दोनों विदेशी दौरों पर लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली जिसके बाद बोर्ड ने प्रदर्शन से लेकर खिलाड़ियों की फिटनेस और लगातार सामने आ रही चोटों तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।

    बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा अजीत अगरकर के शामिल नहीं होने को लेकर रही। अगरकर का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट सितंबर के अंत में समाप्त होने वाला है और ऐसे में यह माना जा रहा था कि बोर्ड की इस बैठक में उनके भविष्य और कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन को लेकर भी कोई बड़ा फैसला हो सकता है। हालांकि BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने साफ कर दिया कि इस रिव्यू मीटिंग में अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट को आगे बढ़ाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।

    सैकिया ने चीफ सेलेक्टर की गैरमौजूदगी की वजह भी बताई। उनके मुताबिक बैठक काफी कम समय के नोटिस पर बुलाई गई थी और उस समय अजीत अगरकर मुंबई से बाहर थे। बताया गया कि वह ऐसी जगह मौजूद थे जहां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी बैठक में शामिल होना संभव नहीं हो सका। अगरकर की अनुपस्थिति इसलिए भी सुर्खियों में रही क्योंकि टीम के खराब प्रदर्शन की समीक्षा करने वाली बैठक में चयन समिति के प्रमुख का मौजूद न होना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया।

    दरअसल भारतीय टीम के लिए हाल के दोनों विदेशी दौरे निराशाजनक रहे। भारत ने आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की T20I सीरीज खेली जिसमें टीम को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पांच मैचों की T20I सीरीज में भारत को 1-4 से हार मिली जबकि तीन मैचों की ODI सीरीज में भी टीम को 1-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। लगातार विदेशी दौरों पर सीमित ओवरों के क्रिकेट में खराब नतीजों के बाद BCCI ने टीम के प्रदर्शन का गहराई से विश्लेषण करने का फैसला किया।

    मुंबई में हुई इस अहम बैठक में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम मौजूद रहे। टेस्ट और ODI कप्तान शुभमन गिल T20I कप्तान श्रेयस अय्यर हेड कोच गौतम गंभीर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रिकेट डायरेक्टर वीवीएस लक्ष्मण और BCCI के कई अधिकारी बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान सिर्फ टीम के प्रदर्शन पर ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस और लगातार हो रही चोटों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। आने वाले मुकाबलों को देखते हुए टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों को फिट रखने और बेहतर संयोजन तैयार करने की चुनौती भी अहम मानी जा रही है।

    अजीत अगरकर के कार्यकाल पर नजर डालें तो उनके नेतृत्व वाली चयन समिति के दौर में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत ने 2023 ODI वर्ल्ड कप का फाइनल खेला और इसके बाद 2024 तथा 2026 में लगातार दो T20 वर्ल्ड कप जीतने में सफलता हासिल की। हालांकि इसी दौर में भारतीय क्रिकेट में कई बड़े बदलाव भी देखने को मिले और विराट कोहली तथा रोहित शर्मा ने टेस्ट और T20I क्रिकेट से संन्यास लिया जबकि दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

    अब सबकी नजर सितंबर के अंत पर टिकी है जब अजीत अगरकर का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होगा। फिलहाल BCCI ने उनके एक्सटेंशन को लेकर किसी चर्चा से इनकार किया है लेकिन आने वाले दिनों में चयन समिति और भारतीय टीम के भविष्य को लेकर बोर्ड का फैसला क्रिकेट जगत के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

  • टीम इंडिया का व्यस्त शेड्यूल: 4 महीनों में 29 मैचों की चुनौती, चार देशों से होगी जोरदार टक्कर

    टीम इंडिया का व्यस्त शेड्यूल: 4 महीनों में 29 मैचों की चुनौती, चार देशों से होगी जोरदार टक्कर


    नई दिल्ली । साल 2026 के करीब आठ महीने बीत चुके हैं लेकिन टीम इंडिया के लिए क्रिकेट का रोमांच अभी खत्म नहीं हुआ है। सितंबर से दिसंबर तक भारतीय क्रिकेट टीम बेहद व्यस्त रहने वाली है और इन चार महीनों के दौरान उसे कई बड़े और महत्वपूर्ण इंटरनेशनल मुकाबले खेलने हैं। टीम इंडिया अफगानिस्तान वेस्टइंडीज न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ अलग-अलग फॉर्मेट में कुल 29 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। इसके अलावा भारतीय टीम एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेगी जिससे साल के आखिरी महीनों में खिलाड़ियों के सामने लगातार क्रिकेट का चुनौतीपूर्ण शेड्यूल रहेगा।

    सितंबर में टीम इंडिया की शुरुआत अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 इंटरनेशनल मैचों से होगी। पहला मुकाबला 13 सितंबर को नई दिल्ली में खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को नई दिल्ली में ही होगा। इसके बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में उतरेगी। दोनों टीमों के बीच तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे जिनकी शुरुआत 27 सितंबर से होगी। यह सीरीज 3 अक्टूबर तक चलेगी।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद टीम इंडिया पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। यह मुकाबले 6 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक लखनऊ रांची इंदौर हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे। इस सीरीज के बाद भारतीय टीम सीधे न्यूजीलैंड दौरे के लिए रवाना होगी जहां उसे अक्टूबर और नवंबर में लंबा और बेहद चुनौतीपूर्ण दौरा करना है।

    न्यूजीलैंड में टीम इंडिया पहले पांच टी20 मुकाबले खेलेगी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज होगी। दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा दो टेस्ट मैचों की सीरीज होगी जो भारत के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अभियान के लिए भी अहम मानी जा रही है। न्यूजीलैंड दौरे पर टीम इंडिया कुल 12 इंटरनेशनल मैच खेलेगी और इस दौरान उसे विदेशी परिस्थितियों में अपनी ताकत साबित करनी होगी।

    साल के आखिरी महीने दिसंबर में भारतीय टीम अपने घर में श्रीलंका का सामना करेगी। दोनों देशों के बीच तीन वनडे और तीन टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जाएंगे। वनडे सीरीज की शुरुआत 13 दिसंबर से दिल्ली में होगी जबकि इसके बाद बेंगलुरु और अहमदाबाद में मुकाबले खेले जाएंगे। टी20 सीरीज 22 दिसंबर से शुरू होगी और राजकोट कटक तथा पुणे में मैच आयोजित किए जाएंगे।

    अगर पूरे शेड्यूल पर नजर डालें तो टीम इंडिया को अफगानिस्तान के खिलाफ 3 टी20 वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 वनडे और 5 टी20 न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 टी20 5 वनडे और 2 टेस्ट जबकि श्रीलंका के खिलाफ 3 वनडे और 3 टी20 मुकाबले खेलने हैं। इस तरह चार महीनों में कुल 29 इंटरनेशनल मैच टीम इंडिया के इंतजार में हैं। एशियन गेम्स के मुकाबलों को इसमें शामिल नहीं किया गया है और उनके जुड़ने से मैचों की संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में साल 2026 के आखिरी चार महीने भारतीय क्रिकेट टीम और क्रिकेट प्रशंसकों दोनों के लिए बेहद रोमांचक और व्यस्त रहने वाले हैं।

  • टीम इंडिया के सामने फिटनेस का बड़ा संकट! गंभीर-अगरकर संग BCCI की अहम बैठक में हार, न्यूजीलैंड दौरे और 2027 वर्ल्ड कप पर चर्चा

    टीम इंडिया के सामने फिटनेस का बड़ा संकट! गंभीर-अगरकर संग BCCI की अहम बैठक में हार, न्यूजीलैंड दौरे और 2027 वर्ल्ड कप पर चर्चा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए आने वाला समय बेहद अहम माना जा रहा है। हाल के दौरों में मिली हार, लगातार बढ़ती खिलाड़ियों की चोट की समस्या और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अब गंभीर मंथन करने जा रहा है। 3 सितंबर को मुंबई में होने वाली BCCI की अहम बैठक में टीम इंडिया के मौजूदा प्रदर्शन से लेकर भविष्य की रणनीति तक कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर, मुख्य कोच गौतम गंभीर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण समेत टीम प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।

    बैठक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया को मिली हार की समीक्षा होगा। बोर्ड यह जानने की कोशिश करेगा कि आखिर टीम के प्रदर्शन में कहां कमी रही और भविष्य के बड़े मुकाबलों से पहले किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर टीम की जरूरतों तथा आगे की योजनाओं को बोर्ड के सामने रख सकते हैं। इसके साथ ही आगामी न्यूजीलैंड दौरे को लेकर भी रणनीति बनाई जाएगी क्योंकि इस सीरीज को भविष्य की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    BCCI के सामने इस समय खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरी है। कई खिलाड़ी चोट से जूझ रहे हैं और उनकी रिकवरी में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुनी गई टीम में भी कुछ खिलाड़ियों की उपलब्धता फिटनेस टेस्ट पर निर्भर बताई गई है। ऐसे में चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों की मेडिकल स्थिति के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाले दौरे पर टीम प्रबंधन तेज गेंदबाजों का मजबूत समूह तैयार करना चाहता है। मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरुनूर बरार, जसप्रीत बुमराह और आकाशदीप जैसे तेज गेंदबाजों की फिटनेस, उपलब्धता और भूमिका पर विचार किया जा सकता है। लगातार क्रिकेट और खिलाड़ियों के कार्यभार को देखते हुए BCCI को यह तय करना होगा कि महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को कैसे फिट और फ्रेश रखा जाए।

    हार्दिक पांड्या की फिटनेस भी टीम प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। वनडे विश्व कप की योजनाओं में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है लेकिन लगातार फिटनेस से जुड़ी चिंताओं के कारण टीम संयोजन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में बोर्ड, चयनकर्ता और टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों की चोट, वर्कलोड और मैचों की प्राथमिकता पर एक स्पष्ट नीति बनानी होगी।

    कुल मिलाकर 3 सितंबर की यह बैठक केवल पिछली हार का रिव्यू भर नहीं होगी बल्कि टीम इंडिया के भविष्य की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण चर्चा भी साबित हो सकती है। इंग्लैंड और आयरलैंड में मिली निराशा से सबक लेने के साथ BCCI की नजर न्यूजीलैंड दौरे और 2027 विश्व कप पर होगी। आने वाले वर्षों में भारतीय टीम किस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी, इसका संकेत इस अहम बैठक से मिल सकता है।

  • टीम इंडिया को मिला हार्दिक का विकल्प 2027 वर्ल्ड कप से पहले नितीश रेड्डी या वॉशिंगटन सुंदर पर दांव लगाएंगे चयनकर्ता

    टीम इंडिया को मिला हार्दिक का विकल्प 2027 वर्ल्ड कप से पहले नितीश रेड्डी या वॉशिंगटन सुंदर पर दांव लगाएंगे चयनकर्ता


    नई दिल्ली । साल 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में मिली हार के बाद टीम इंडिया अब 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुट चुकी है और इस बड़े टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट के सामने कई अहम सवाल हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सवाल हार्दिक पंड्या के विकल्प को लेकर है। हार्दिक लंबे समय से भारतीय टीम के सबसे अहम ऑलराउंडरों में शामिल रहे हैं क्योंकि वह बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। हालांकि उनकी फिटनेस और चोटों का रिकॉर्ड टीम के लिए चिंता का विषय रहा है। ऐसे में चयनकर्ताओं को 2027 वर्ल्ड कप से पहले एक ऐसा खिलाड़ी तैयार करना होगा जो जरूरत पड़ने पर हार्दिक की भूमिका निभा सके।

    हार्दिक पंड्या की करीब पांच महीने बाद टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद जताई जा रही है। उनकी वापसी भारतीय टीम के लिए निश्चित रूप से बड़ी राहत होगी क्योंकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका अनुभव और मैच जिताने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार हार्दिक अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं और टीम में वापसी के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। हालांकि फिटनेस से जुड़ी ताजा चुनौतियों के कारण उनकी वापसी को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।

    लेकिन टीम इंडिया केवल हार्दिक पर निर्भर रहने का जोखिम नहीं उठा सकती। 2027 वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है और वहां की परिस्थितियों को देखते हुए टीम को ऐसे ऑलराउंडर की जरूरत होगी जो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी प्रभाव छोड़ सके। इस रेस में नितीश कुमार रेड्डी का नाम सबसे आगे नजर आता है। नितीश की सबसे बड़ी ताकत उनकी मध्यम तेज गेंदबाजी है। वह निचले और मध्यक्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता भी रखते हैं। उन्हें हार्दिक के संभावित बैकअप के रूप में तैयार करने की चर्चा पहले से होती रही है और पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना भी टीम इंडिया के लिए एक भरोसेमंद बैकअप तैयार करने की जरूरत पर जोर दे चुके हैं।

    दूसरी ओर वॉशिंगटन सुंदर भी टीम इंडिया के लिए एक मजबूत विकल्प हैं। वह ऑफ स्पिन के साथ बल्लेबाजी में गहराई देते हैं और परिस्थितियों के अनुसार टीम को अलग संतुलन प्रदान कर सकते हैं। हालांकि वॉशिंगटन की भूमिका हार्दिक से अलग है क्योंकि वह तेज गेंदबाज नहीं हैं। इसलिए यदि टीम को हार्दिक जैसी सीम बॉलिंग क्षमता वाले ऑलराउंडर की जरूरत होगी तो नितीश कुमार रेड्डी का दावा अधिक मजबूत माना जा सकता है।

    वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया के पास अभी पर्याप्त समय है और आने वाले मुकाबले यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि हार्दिक पंड्या के बाद टीम का सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर कौन बनेगा। नितीश कुमार रेड्डी की फिटनेस और लगातार प्रदर्शन उन्हें मजबूत दावेदार बनाते हैं जबकि वॉशिंगटन सुंदर अपनी बहुआयामी क्षमता से चयनकर्ताओं का ध्यान खींच सकते हैं। हालिया रिपोर्टों में दोनों खिलाड़ियों की फिटनेस और आगामी मुकाबलों के लिए उपलब्धता को टीम के लिए सकारात्मक संकेत माना गया है।

    2027 वर्ल्ड कप में सफलता के लिए टीम इंडिया को केवल हार्दिक पंड्या की वापसी नहीं बल्कि उनका एक मजबूत विकल्प भी तैयार करना होगा। आने वाले महीनों में यही फैसला तय करेगा कि भारतीय टीम का असली ब्रह्मास्त्र कौन बनकर उभरता है।

  • Women's Asia Cup: टीम इंडिया की विजयी शुरुआत…..थाईलैंड को 94 रनों से हराया

    Women's Asia Cup: टीम इंडिया की विजयी शुरुआत…..थाईलैंड को 94 रनों से हराया


    दुबई।
    भारतीय महिला टीम (Indian Women’s Team) ने एशिया कप (Women’s Asia Cup 2026) के अपने पहले मैच में थाईलैंड (Thailand) को हराकर विजयी शुरुआत की है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में नौ विकेट पर 159 रन बनाए। जवाब में थाईलैंड की टीम 16.1 ओवर में 65 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने ये मुकाबला 94 रनों से अपने नाम किया। भारत के लिए इस मैच में शेफाली वर्मा ने जहां बल्लेबाजी में कमाल किया तो वहीं, नंदिनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने गेंद से दम दिखाया। दीप्ति ने बिना एक भी रन खर्च किए तीन विकेट झटके।


    भारतीय गेंदबाजों के आगे बिखरी थाईलैंड की बल्लेबाजी

    लक्ष्य का पीछा करते हुए थाईलैंड की बल्लेबाजी अच्छी नहीं रही और उसे शुरुआत से ही झटके पर झटके लगे। थाईलैंड की ओर से सिर्फ नानापट कोंचारोएनकाई ही दहाई अंक तक नहीं पहुंच सकीं। कोंचारोएनकाई के अलावा थाईलैंड का अन्य कोई बल्लेबाज छह रन से भी अधिक नहीं बना सका। कोंचारोएनकाई ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 41 रन बनाए। भारत की गेंदबाजी बेहद शानदार रही। दीप्ति और नंदिनी ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि श्री चरणी को दो और क्रांति गौड़ को एक विकेट मिला।


    मंधाना ने सूजी बेट्स को पीछे छोड़ा

    इससे पहले, थाईलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारत के लिए स्मृति मंधाना और शेफाली ने पारी की शुरुआत की। भारत को मंधाना के रूप में पहला झटका लगा जो रन आउट होकर पवेलियन लौट गईं। मंधाना ने 10 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 19 रन बनाए। मंधाना इस मैच में भले ही सस्ते में आउट हुईं, लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा कीर्तिमान बना लिया। मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली दूसरी बल्लेबाज बन गई हैं। मंधाना ने इस मामले में सूजी बेट्स को पीछे छोड़ दिया है। बेट्स ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10740 रन बनाए हैं। अब मंधाना उनसे आगे निकल गई हैं। मंधाना से आगे अब भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर में 10868 रन बनाए हैं।


    शेफाली का अर्धशतक

    थाईलैंड के खिलाफ भारतीय महिला टीम ने अच्छी शुरुआत की। शेफाली वर्मा ने शुरुआत से दी दबाव बनाया। मंधाना के रूप में हालांकि, भारत को पहला झटका लगा। लेकिन शेफाली ने रन गति कम नहीं होने दी और लगातार बड़े शॉट्स लगाती रहीं। भारत ने इस तरह पावरप्ले में एक विकेट के नुकसान पर 65 रन बनाए। महिला टी20 एशिया कप में पावरप्ले का यह सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले भी ये रिकॉर्ड भारत के ही नाम था। भारतीय टीम ने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 59 रन बनाए थे। शेफाली ने इसके बाद भी दमदार बल्लेबाजी जारी रखी और 26 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया।


    भारत की पारी लड़खड़ाई

    भारत की बल्लेबाज अच्छी चल रही थी, लेकिन 13वें ओवर में उस समय टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई जब सुलीपोर्न लाओमी ने भारत को लगातार दो झटके दिए। लाओमी ने पहले शेफाली को आउट किया और फिर अगली ही गेंद पर ऋचा घोष को खाता खोले बिना पवेलियन भेजा। इससे पहले, थिपात्चा फुथावोंग ने कप्तान हरमनप्रीत को आउट कर भारत को तीसरा झटका दिया था। हरमनप्रीत पांच रन बनाकर आउट हुईं। शेफाली ने दमदार बल्लेबाजी की और 36 गेंदों पर आठ चौकों और तीन छक्कों की मदद से 64 रन बनाकर आउट हुईं। शेफाली के आउट होते ही भारत की पारी लड़खड़ा गई। भारत ने 137 रन पर नौ विकेट गंवा दिए। अंत में श्री चरणी और क्रांति गौड़ ने 22 रनों की साझेदारी की, जिससे टीम इंडिया का स्कोर 160 के करीब पहुंचा। भारत के लिए क्रांति आठ गेंदों पर 15 और श्री चरणी छह रन बनाकर नाबाद रहीं। थाईलैंड की ओर से सुलीपोर्न ने तीन विकेट लिए, जबकि सुनिदा चातुरोंग्राटाना को दो विकेट मिले। वहीं, थिपात्चा और चानिदा को एक-एक विकेट मिला।


    प्रतिका रावल का डेब्यू

    प्रतिका रावल ने थाईलैंड के खिलाफ मैच से टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू किया। टॉस से पहले प्रतिका को कैप पहनाई गई। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने प्रतिका को कैप दी। प्रतिका के चयन को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन वह आज आखिरकार भारत के लिए टी20 डेब्यू करने में सफल रहीं।

    दोनों टीमों की प्लेइंग-11:
    भारत: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, एन श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदिनी शर्मा।
    थाईलैंड: अपिसारा सुवानचोंराठी, नाटाकन चांतम, फानिता माया, नानापट कोंचारोएनकाई (विकेटकीपर), चानिदा सुथिरुआंग, नाओमी हेमिल्टन, सुलीपोर्न लाओमी, नानाफट चाएहान, सुनिदा चातुरोंग्राटाना, थिपात्चा फुथावोंग (कप्तान), ओनिचा काम्चोंफू।

  • IND vs SL: ऋषभ पंत की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, कंधे पर लगी गेंद के बाद नहीं कर सके विकेटकीपिंग; चौथे दिन वापसी की उम्मीद

    IND vs SL: ऋषभ पंत की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, कंधे पर लगी गेंद के बाद नहीं कर सके विकेटकीपिंग; चौथे दिन वापसी की उम्मीद


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के बीच टीम इंडिया की चिंता ऋषभ पंत की चोट को लेकर बढ़ गई है। मैच के तीसरे दिन पंत विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर नहीं उतर सके। उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेट के पीछे जिम्मेदारी संभाली। पंत को दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान कंधे पर गेंद लगी थी जिसके बाद उनके शरीर पर चोट का असर दिखाई दिया और मूवमेंट भी सामान्य नहीं रही। टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने पंत की स्थिति को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि टीम उनकी चोट पर लगातार नजर रख रही है और उम्मीद है कि वह चौथे दिन विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर लौट सकते हैं।

    मोर्केल के मुताबिक पंत के कंधे पर गेंद लगने के बाद रात में भी उनकी चोट को लेकर चर्चा हुई थी। अगले दिन जब वह वार्मअप के लिए मैदान पर आए तो उनकी मूवमेंट सीमित नजर आई। यही वजह रही कि टीम प्रबंधन ने उन्हें विकेटकीपिंग से दूर रखने का फैसला किया। पंत तीसरे दिन ड्रेसिंग रूम में हाथ पर पट्टी बांधे भी नजर आए। हालांकि फिलहाल उनकी चोट को लेकर कोई गंभीर आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आया है और टीम रातभर उनकी स्थिति पर नजर रखेगी।

    पंत का विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर होना टीम इंडिया के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोर्केल ने कहा कि पंत जिस तरह से खेल को पढ़ते हैं और मैदान की परिस्थितियों को समझते हैं वह टीम के लिए काफी उपयोगी है। ऐसे में भारतीय टीम चाहेगी कि पंत जल्द से जल्द पूरी तरह फिट होकर विकेट के पीछे लौटें। चौथे दिन उनकी उपलब्धता को लेकर फैसला उनकी फिटनेस और सुबह की स्थिति देखने के बाद लिया जा सकता है।

    पंत की चोट के बीच ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। जुरेल पहले ही इस टेस्ट में बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और शतक लगाकर अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। ऐसे में अगर पंत चौथे दिन भी विकेटकीपिंग नहीं कर पाते हैं तो जुरेल पर एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी होगी। हालांकि टीम की पहली प्राथमिकता पंत को पूरी तरह फिट रखना होगी ताकि चोट आगे गंभीर रूप न ले।

    इसी बीच गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने कुलदीप यादव को लेकर भी अहम बात कही। कुलदीप वायरल फीवर की वजह से कोलंबो टेस्ट के लिए चयन की दौड़ से बाहर रहे। मोर्केल ने कहा कि अंतिम चयन का फैसला उनके हाथ में नहीं है लेकिन अगर कुलदीप पूरी तरह उपलब्ध होते तो उनका नाम निश्चित तौर पर चयन की चर्चा में शामिल होता। टीम प्रबंधन के मुताबिक कुलदीप गॉल से ही वायरल फीवर से जूझ रहे थे और इसी कारण उन्हें दूसरे टेस्ट में नहीं चुना गया।

    अब भारतीय टीम की नजर टेस्ट के चौथे दिन श्रीलंका की पारी को जल्द समेटने पर होगी। भारत ने बोर्ड पर 500 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया है और श्रीलंका के अभी दो विकेट बाकी हैं। मोर्केल ने कहा कि भारत को शुरुआत में एक सफलता हासिल करने पर ध्यान देना होगा और इसके बाद गेंदबाजों को लगातार सही लाइन और लेंथ के साथ दबाव बनाए रखना होगा।

    तीसरे दिन श्रीलंका के निचले क्रम ने भारतीय गेंदबाजों को कुछ समय तक जरूर परेशान किया। सोनल दिनुषा के साथ केशरा नुवंथा और लाहिरू कुमारा ने आखिरी दौर में संघर्ष किया। मोर्केल ने माना कि भारतीय टीम जल्द से जल्द श्रीलंका की पारी खत्म करना चाहती थी लेकिन टेस्ट क्रिकेट में निचले क्रम की साझेदारियां भी मुकाबले का रुख बदल सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कूकाबुरा गेंद के नरम पड़ने के बाद पिच से अतिरिक्त उछाल और तेजी हासिल करना गेंदबाजों के लिए मुश्किल हो सकता है।

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ऋषभ पंत चौथे दिन विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर उतरेंगे। टीम इंडिया को उम्मीद है कि उनकी चोट रातभर में बेहतर होगी और वह फिर से दस्ताने संभाल पाएंगे। हालांकि अंतिम फैसला उनकी फिटनेस जांच के बाद ही होगा। पंत की वापसी भारत के लिए इसलिए भी अहम होगी क्योंकि टीम मजबूत स्थिति में है और मैच को निर्णायक दिशा में ले जाने के लिए विकेटकीपिंग के साथ उनकी मैदान पर मौजूदगी बड़ा फर्क डाल सकती है।

  • टीम इंडिया को मिला नया शतकवीर, देवदत्त पडिक्कल ने विदेशी धरती पर लगातार दो टेस्ट में सेंचुरी लगाकर रचा इतिहास

    टीम इंडिया को मिला नया शतकवीर, देवदत्त पडिक्कल ने विदेशी धरती पर लगातार दो टेस्ट में सेंचुरी लगाकर रचा इतिहास


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने एक बार फिर अपने बल्ले का दम दिखाते हुए लगातार दूसरा शतक जड़ दिया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने शानदार धैर्य और बेहतरीन तकनीक का परिचय देते हुए 168 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इसके साथ ही पडिक्कल ने विदेशी धरती पर लगातार दो टेस्ट मैचों में शतक लगाने वाले चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया। इससे पहले गाले में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट में भी उन्होंने शानदार शतकीय पारी खेली थी और अब कोलंबो में भी अपने प्रदर्शन को दोहराकर टीम इंडिया के लिए बड़ी पारी खेली है।

    पडिक्कल ने कोलंबो टेस्ट में 193 गेंदों का सामना करते हुए 117 रन बनाए। उनकी पारी में 12 शानदार चौके शामिल रहे। उनकी बल्लेबाजी की खास बात यह रही कि उन्होंने शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और मुश्किल परिस्थितियों में भी अपना विकेट संभालकर रखा। इससे पहले गाले टेस्ट में पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी उस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने पहला टेस्ट 165 रन से अपने नाम किया था। अब दूसरे टेस्ट में भी शतक लगाकर पडिक्कल ने साबित कर दिया है कि उनका पिछला प्रदर्शन महज संयोग नहीं था।

    लगातार दो टेस्ट में शतक लगाने की उपलब्धि ने पडिक्कल को भारतीय क्रिकेट के एक खास क्लब में पहुंचा दिया है। साल 2018-19 के बाद विदेशी जमीन पर लगातार दो टेस्ट मैचों में शतक लगाने वाले वह पहले भारतीय बल्लेबाज हैं। उनसे पहले चेतेश्वर पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान यह उपलब्धि हासिल की थी। पुजारा ने मेलबर्न टेस्ट में 106 और सिडनी टेस्ट में 193 रन की शानदार पारियां खेली थीं। अब पडिक्कल ने भी लगातार दो विदेशी टेस्ट में शतक लगाकर इस खास रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

    कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम की शुरुआत हालांकि उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया को शुरुआती झटका केएल राहुल के रूप में लगा। राहुल केवल 18 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद यशस्वी जायसवाल और पडिक्कल ने पारी को संभालने की कोशिश की। जायसवाल ने 45 रन की उपयोगी पारी खेली लेकिन असिथा फर्नांडो की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए।

    इसके बाद पडिक्कल ने कप्तान शुभमन गिल के साथ मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 120 रन की शानदार साझेदारी हुई। गिल ने भी अर्धशतक जमाते हुए 50 रन बनाए लेकिन फर्नांडो की गेंद पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए। दूसरी तरफ पडिक्कल लगातार क्रीज पर डटे रहे और अपने शतक तक पहुंचकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    भारतीय टीम ने इस मुकाबले में कुलदीप यादव की जगह सारांश जैन को मौका दिया है। कुलदीप संक्रमण के कारण मुकाबले के लिए उपलब्ध नहीं थे। सारांश जैन इसी मुकाबले से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहे हैं। वहीं भारत की नजर अब दूसरे टेस्ट में बड़ी पहली पारी का स्कोर खड़ा करने और सीरीज पर कब्जा मजबूत करने पर है। इस बीच पडिक्कल की लगातार दूसरी शतकीय पारी टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर बनकर सामने आई है।