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  • एशियाई खेल 2026 में गुजरात का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, पहली बार 9 खिलाड़ी करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

    एशियाई खेल 2026 में गुजरात का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, पहली बार 9 खिलाड़ी करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व


    नई दिल्ली । जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए गुजरात ने नया इतिहास रच दिया है। पहली बार राज्य से रिकॉर्ड 9 खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन हुआ है जबकि एक खिलाड़ी को हाई वैल्यू रिजर्व के रूप में जगह मिली है। यह उपलब्धि गुजरात में खेल संस्कृति के लगातार विस्तार और खिलाड़ियों को मिल रहे बेहतर प्रशिक्षण तथा आधुनिक खेल सुविधाओं का बड़ा परिणाम मानी जा रही है।

    गुजरात के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वर्ष 2014 में आयोजित 17वें एशियाई खेलों में राज्य से केवल तीन खिलाड़ी ही भारतीय टीम का हिस्सा थे। अब महज एक दशक में यह संख्या तीन गुना बढ़कर नौ पहुंच गई है जो राज्य के खेल विकास की नई तस्वीर पेश करती है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि गुजरात अब केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा बल्कि कई खेलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

    भारतीय टीम में चयनित खिलाड़ियों में शूटिंग की स्टार खिलाड़ी इलावेनिल वलारिवन प्रमुख नाम हैं। टेबल टेनिस में हरमीत देसाई मानव ठक्कर और मानुष शाह को जगह मिली है। सॉफ्ट टेनिस में अनिकेत पटेल भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे जबकि तैराकी में आर्यन नेहरा को मौका मिला है। टेनिस में अनुभवी खिलाड़ी अंकिता रैना और वैदेही चौधरी का चयन हुआ है। एथलेटिक्स में धाविका देवयानी झाला भी भारतीय दल का हिस्सा होंगी। वहीं टेनिस खिलाड़ी जील देसाई को रिजर्व खिलाड़ी के रूप में टीम में शामिल किया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात के खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन वर्षों से चल रही योजनाबद्ध तैयारी का परिणाम है। राज्य में खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से पहचानने आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने पर लगातार काम किया गया है। इसी वजह से अब गुजरात के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

    राज्य सरकार ने भी इसे गुजरात के लिए गर्व का क्षण बताया है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में विश्वस्तरीय खेल संस्कृति विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। खिलाड़ियों को केवल प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि बेहतर खेल सुविधाएं आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का पूरा वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे देश का नाम दुनिया भर में रोशन कर सकें।

    उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2030 में गुजरात राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसके लिए विश्वस्तरीय खेल परिसरों और आधुनिक सुविधाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य गुजरात को देश का प्रमुख खेल केंद्र बनाना है जहां से भविष्य में और अधिक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करें।

    पिछले एक दशक में गुजरात ने ओलंपिक कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में अपनी भागीदारी लगातार बढ़ाई है। अब एशियाई खेल 2026 में राज्य के इन खिलाड़ियों से देश को शानदार प्रदर्शन और पदकों की उम्मीद रहेगी।

  • टी20 में नंबर-1 बनी टीम इंडिया, जिम्बाब्वे का किया क्लीन स्वीप, तीसरा मुकाबला 35 रन से जीता

    टी20 में नंबर-1 बनी टीम इंडिया, जिम्बाब्वे का किया क्लीन स्वीप, तीसरा मुकाबला 35 रन से जीता


    हरारे।
    भारतीय क्रिकेट टीम ने तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 35 रन से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 3-0 से अपने नाम कर ली। हाल ही में आईसीसी टी20 रैंकिंग में दोबारा शीर्ष स्थान हासिल करने वाली टीम इंडिया ने इस जीत के साथ अपने शानदार फॉर्म को भी बरकरार रखा।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 192 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 157 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 35 रन से जीत लिया।

    भारत की जीत के नायक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 49 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनके सलामी जोड़ीदार अभिषेक शर्मा मात्र 02 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद ईशान किशन ने 29 रन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने 27 रन का योगदान दिया। अंतिम ओवरों में रिंकू सिंह ने 14 गेंदों पर 25 रनों की तेज पारी खेलकर टीम का स्कोर 192 तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पहले मैच की तरह इस बार भी पारी की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। मयंक ने अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से तीन विकेट झटके और विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

    डेब्यू कर रहे अशोक शर्मा ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला विकेट हासिल किया। हालांकि, उनके स्पेल के दौरान एक आसान कैच छूट गया था, लेकिन बाद में उन्होंने तदिवानाशे मरुमानी को क्लीन बोल्ड कर अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज किया।

    हालांकि भारतीय टीम की फील्डिंग उम्मीद के अनुरूप नहीं रही और खिलाड़ियों ने कई आसान कैच छोड़े, फिर भी गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया।

    यह सीरीज जीत भारत के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि हाल ही में टीम ने आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर-1 टीम का स्थान हासिल किया है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हारने के बाद भारत शीर्ष स्थान से नीचे खिसक गया था, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार तीन जीत के दम पर उसने एक बार फिर शीर्ष स्थान पर कब्जा मजबूत कर लिया।

    इस शानदार जीत के साथ टीम इंडिया ने न केवल श्रृंखला में क्लीन स्वीप किया, बल्कि आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए भी अपना आत्मविश्वास और मनोबल मजबूत किया।

  • शतक छोड़ टीम को चुना, ईशान किशन बोले व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं भारत की जीत सबसे बड़ी प्राथमिकता

    शतक छोड़ टीम को चुना, ईशान किशन बोले व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं भारत की जीत सबसे बड़ी प्राथमिकता


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाजी करने वाले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपनी निस्वार्थ सोच से क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेलने वाले ईशान शतक से केवल 19 रन दूर रह गए थे लेकिन उन्होंने साफ कहा कि उनके दिमाग में व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि टीम के लिए अधिक से अधिक रन बनाने की सोच थी। उनका मानना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए टीम की जरूरत हमेशा व्यक्तिगत उपलब्धि से बड़ी होती है।

    हरारे में खेले गए मुकाबले में ईशान ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने अपनी पारी में 9 चौके और 2 छक्के लगाए और भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई और भारत ने 90 रन की बड़ी जीत दर्ज करते हुए तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।

    मैच के बाद ईशान किशन ने कहा कि उनके पास थोड़ा धीमा खेलकर अपना शतक पूरा करने का मौका था लेकिन उन्होंने ऐसा करने के बारे में कभी नहीं सोचा। उनका लक्ष्य हर गेंद पर सकारात्मक क्रिकेट खेलना और टीम के स्कोर को अधिकतम स्तर तक पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि टीम की सफलता सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अगर तेज बल्लेबाजी करते हुए विकेट भी गंवाना पड़े तो वह टीम के हित में स्वीकार्य है।

    ईशान ने अपनी शानदार पारी का श्रेय तिलक वर्मा को भी दिया जिन्होंने केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाकर भारत की रन गति को लगातार बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 94 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की जिसने मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। ईशान ने कहा कि तिलक ने क्रीज पर आते ही बिना समय गंवाए आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी जिससे उन्हें भी खुलकर खेलने का आत्मविश्वास मिला।

    उन्होंने यह भी बताया कि हरारे की पिच उतनी आसान नहीं थी जितनी स्कोरबोर्ड देखकर लग रही थी। गेंद कभी उछाल ले रही थी तो कभी नीचे रह रही थी। ऐसे में दोनों बल्लेबाज लगातार एक दूसरे से बातचीत करते रहे और परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बनाते रहे। यही समझदारी बड़ी साझेदारी और विशाल स्कोर की वजह बनी।

    ईशान किशन ने मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद भारतीय प्रशंसकों का भी विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे में भी भारतीय टीम को घरेलू मैदान जैसा समर्थन मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और यही वजह रही कि पूरी टीम ने मुकाबले का भरपूर आनंद लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्थकों के साथ तस्वीरें खिंचवाना और उनसे मिलना हमेशा खास अनुभव होता है।

    ईशान की यह पारी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रही बल्कि इसने यह भी दिखाया कि टीम की सफलता को व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर रखने वाला खिलाड़ी ही बड़े मंच पर असली मैच विजेता बनता है।

  • हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका

    हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 रन की बड़ी जीत दर्ज की और इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। हरारे में मिली इस जीत ने टीम इंडिया को आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर एक टीम बना दिया। भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया और यह साबित कर दिया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उसकी ताकत आज भी बरकरार है।

    कुछ समय पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में 0-4 की हार के बाद भारतीय टीम को नंबर एक की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। उस हार के बाद इंग्लैंड ने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया था लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत ने वापसी की और एक बार फिर विश्व रैंकिंग में सबसे ऊपर पहुंच गया। यह उपलब्धि टीम के लगातार बेहतर प्रदर्शन और खिलाड़ियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।

    दूसरे टी20 मुकाबले में भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी नौ गेंदों में 20 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में जरूर आई लेकिन इसके बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को शानदार ढंग से संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ईशान किशन पूरे मुकाबले में बेहतरीन लय में नजर आए। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इसके बाद तिलक वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। रिंकू सिंह ने भी 12 रन जोड़कर टीम का स्कोर 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए जबकि तदीवानाशे मारुमनी ने 24 रन का योगदान दिया लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। अभिषेक शर्मा ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित करते हुए 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। यश ठाकुर ने दो विकेट लिए जबकि प्रिंस यादव ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने भारत की जीत को और भी आसान बना दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर वापसी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय टीम विश्व क्रिकेट में लगातार अपनी श्रेष्ठता कायम रखने की क्षमता रखती है। अब टीम की नजर श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने और अपनी नंबर एक रैंकिंग को और मजबूत करने पर होगी।

  • अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास सलामी बल्लेबाज के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड भारत ने सीरीज पर किया कब्जा

    अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास सलामी बल्लेबाज के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड भारत ने सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को 90 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। इस जीत के कई नायक रहे लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा अभिषेक शर्मा की गेंदबाजी की रही। बल्लेबाज के रूप में टीम में शामिल अभिषेक ने इस मुकाबले में बल्ले से नहीं बल्कि गेंद से ऐसा कमाल दिखाया कि उनका नाम भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। उनकी बेहतरीन गेंदबाजी ने भारत की जीत को एकतरफा बना दिया और टीम को तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने केवल 2.5 ओवर की गेंदबाजी में 17 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए सलामी बल्लेबाज के रूप में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी स्पेल फेंकने वाले खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उनके करियर के लिए बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि वह मुख्य रूप से आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस मैच में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से भी टीम के लिए मैच जिताऊ भूमिका निभाई।

    भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अलग अलग प्रारूपों में सलामी बल्लेबाजों द्वारा गेंदबाजी के कई यादगार प्रदर्शन दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में यह रिकॉर्ड महान ऑलराउंडर वीनू मांकड़ के नाम है जिन्होंने वर्ष 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ 52 रन देकर आठ विकेट हासिल किए थे। वहीं एकदिवसीय क्रिकेट में रवि शास्त्री ने 1991 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 रन देकर पांच विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अभिषेक शर्मा ने अपने शानदार स्पेल के दम पर इस सूची में अपना नाम जोड़ लिया है।

    हालांकि बल्लेबाजी में अभिषेक लगातार दूसरे मुकाबले में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। पहले टी20 में एक रन पर आउट होने के बाद दूसरे मुकाबले में भी वह केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए। लेकिन गेंद से उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि बल्लेबाजी की कमी पूरी तरह छिप गई और वह मैच के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

    भारत की बल्लेबाजी की बात करें तो ईशान किशन ने विस्फोटक अंदाज में 44 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए लेकिन उन्हें किसी दूसरे बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। अभिषेक शर्मा के तीन विकेटों के अलावा यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने भी दो दो विकेट लेकर भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही अभिषेक शर्मा ने यह साबित कर दिया कि वह केवल विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी गेंदबाजी से भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

  • सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए

    सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है वह हैं महज 15 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत करने वाले इस युवा बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में केवल 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सभी को प्रभावित किया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया लेकिन भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी इस बात का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं कि इतनी कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके खेल पर असर न डाले।

    भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने दूसरे टी20 मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पूरी टीम की कोशिश है कि युवा बल्लेबाज का ध्यान सोशल मीडिया की चर्चाओं और बाहरी शोर से हटाकर केवल क्रिकेट पर केंद्रित रहे। ईशान के अनुसार कम उम्र में प्रसिद्धि मिलने के साथ कई तरह के आकर्षण और दबाव भी आते हैं लेकिन सही मार्गदर्शन मिलने पर खिलाड़ी लंबा और सफल करियर बना सकता है।

    ईशान किशन ने कहा कि वैभव काफी समझदार खिलाड़ी हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि मैदान पर कैसे खेलना है और मैदान के बाहर किस तरह व्यवहार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस माहौल और पृष्ठभूमि से वैभव आते हैं वहां कई बार दोस्त और सोशल मीडिया जैसी चीजें ध्यान भटका सकती हैं। ऐसे में टीम के सीनियर खिलाड़ी लगातार उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि केवल वह ही नहीं बल्कि अभिषेक शर्मा अक्षर पटेल और टीम के कई अन्य खिलाड़ी भी वैभव से लगातार बातचीत करते रहते हैं। सभी का उद्देश्य यही है कि युवा बल्लेबाज सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं या आलोचनाओं से प्रभावित न हो। अगर किसी मैच में रन नहीं बनते हैं तो भी उसका असर उनकी बॉडी लैंग्वेज या आत्मविश्वास पर नहीं पड़ना चाहिए। सीनियर खिलाड़ी चाहते हैं कि वैभव अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दें क्योंकि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी होगी।

    दूसरी ओर ईशान किशन ने भी दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। उनके साथ तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की बेहतरीन साझेदारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों का पूरा साथ दिया और जिम्बाब्वे की टीम को लक्ष्य तक पहुंचने का मौका नहीं दिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिला जो आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को सीनियर क्रिकेटरों का मार्गदर्शन मिलना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अगर वह इसी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखते हैं तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है।

  • घरेलू क्रिकेट के स्टार से भारत के नए तेज गेंदबाज बने यश ठाकुर जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू कर शुरू किया अंतरराष्ट्रीय सफर

    घरेलू क्रिकेट के स्टार से भारत के नए तेज गेंदबाज बने यश ठाकुर जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू कर शुरू किया अंतरराष्ट्रीय सफर


    नई दिल्ली। भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में एक नया तेज गेंदबाज मिला जब विदर्भ के यश ठाकुर ने भारतीय टीम के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। यह पल केवल एक खिलाड़ी के करियर की नई शुरुआत नहीं था बल्कि वर्षों की मेहनत संघर्ष और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन का परिणाम भी था। घरेलू क्रिकेट में अपनी तेज रफ्तार सटीक लाइन लेंथ और डेथ ओवरों में शानदार गेंदबाजी के दम पर पहचान बनाने वाले यश ठाकुर ने आखिरकार भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनने का सपना पूरा कर लिया।

    28 दिसंबर 1998 को कोलकाता में जन्मे यश ठाकुर ने घरेलू क्रिकेट में विदर्भ का प्रतिनिधित्व किया और वहीं से अपने क्रिकेट करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। शुरुआत से ही उन्होंने अपनी गेंदबाजी में अनुशासन बनाए रखा और हर टूर्नामेंट में लगातार विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। रणजी ट्रॉफी विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंटों में उनके प्रदर्शन ने उन्हें देश के उभरते तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल कर दिया।

    यश ठाकुर की सबसे बड़ी ताकत उनकी सटीक लाइन लेंथ धीमी गेंदों का प्रभावी इस्तेमाल और डेथ ओवरों में बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता है। यही वजह रही कि आईपीएल में भी उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स जैसी टीमों की ओर से खेलते हुए उन्होंने कई अहम मौकों पर विकेट हासिल किए और अपनी उपयोगिता साबित की। आईपीएल में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन ने उनके लिए भारतीय टीम के दरवाजे खोल दिए।

    भारतीय चयनकर्ताओं ने पहले उन्हें इंडिया ए टीम में शामिल किया जहां श्रीलंका दौरे पर भी उन्होंने शानदार गेंदबाजी की। ट्राई सीरीज के तीन मुकाबलों में पांच विकेट लेने के साथ ही श्रीलंका ए के खिलाफ अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में भी पांच विकेट हासिल कर उन्होंने साबित कर दिया कि वह बड़े स्तर पर खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चयन के रूप में मिला और दूसरे टी20 मुकाबले में उन्हें डेब्यू कैप पहनने का अवसर प्राप्त हुआ।

    यश ठाकुर का सफर केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह संघर्ष और समर्पण की कहानी भी है। उनके पिता हमेशा चाहते थे कि उनका बेटा एक दिन भारत के लिए खेले और अब यश ने टीम इंडिया के लिए मैदान पर उतरकर उस सपने को साकार कर दिया। यह उपलब्धि उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना देखते हैं।

    अगर उनके क्रिकेट रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यश ठाकुर ने टी20 क्रिकेट के 74 मुकाबलों में 110 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया है। आईपीएल के 22 मैचों में उनके नाम 27 विकेट दर्ज हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 32 मैचों में 93 विकेट हासिल किए हैं जबकि लिस्ट ए क्रिकेट के 57 मुकाबलों में 90 विकेट लेकर अपनी निरंतरता साबित की है। यही आंकड़े बताते हैं कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए एक ऐसा तेज गेंदबाज मिला है जो आने वाले वर्षों में टीम की गेंदबाजी आक्रमण का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

  • टीम इंडिया की फिर बादशाहत, जिम्बाब्वे पर जीत के साथ ICC टी20 रैंकिंग में नंबर-1 पर कब्जा

    टीम इंडिया की फिर बादशाहत, जिम्बाब्वे पर जीत के साथ ICC टी20 रैंकिंग में नंबर-1 पर कब्जा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ सीरीज अपने नाम कर ली, बल्कि आईसीसी टी20 टीम रैंकिंग में भी एक बार फिर दुनिया की नंबर-1 टीम बनने का गौरव हासिल कर लिया। हरारे में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने मेजबान जिम्बाब्वे को 90 रन से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए टी20 रैंकिंग का शीर्ष स्थान भी वापस हासिल कर लिया।

    आईसीसी की 25 जुलाई को जारी ताजा टीम रैंकिंग के अनुसार भारत और इंग्लैंड दोनों के 268 रेटिंग अंक हैं, लेकिन बेहतर दशमलव रेटिंग के आधार पर भारत पहले स्थान पर पहुंच गया है। इंग्लैंड अब दूसरे नंबर पर खिसक गया है। भारत ने करीब दो सप्ताह पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवाने के बाद नंबर-1 की कुर्सी खो दी थी, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए उसने फिर से शीर्ष पर वापसी कर ली।

    टी20 रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया 260 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि न्यूजीलैंड 247 अंकों के साथ चौथे नंबर पर मौजूद है। दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं। जिम्बाब्वे 202 अंकों के साथ 12वें स्थान पर बना हुआ है। भारत यदि सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला भी जीत लेता है तो उसकी नंबर-1 स्थिति और मजबूत हो जाएगी।

    दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 81 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए। दूसरी ओर तिलक वर्मा ने केवल 20 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाकर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। उनकी विस्फोटक पारी में पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन का उपयोगी योगदान दिया, जबकि युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने 20 रन बनाए। निर्धारित 20 ओवर में भारत ने पांच विकेट के नुकसान पर 219 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी। पूरी टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई। ब्रायन बेनेट ने 32 रन और तादिवानाशे मारुमानी ने 24 रन बनाए, जबकि रेयान बर्ल ने 20 रन की पारी खेली। हालांकि कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका।

    भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटके। यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट लेकर जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। ईशान किशन को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

    टी20 प्रारूप में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही टीम इंडिया अब वनडे और टी20 दोनों प्रारूपों में दुनिया की नंबर-1 टीम बन चुकी है। वहीं टेस्ट रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर है और भारत चौथे स्थान पर मौजूद है। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर सीरीज के अंतिम मुकाबले पर होगी, जहां भारत क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती

    सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहला मैच जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे की कोशिश वापसी करते हुए सीरीज को निर्णायक मुकाबले तक ले जाने की होगी।

    पहले टी20 में भारतीय टीम ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया था। तेज गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे को महज 125 रन पर समेट दिया। युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 18 रन देकर दो विकेट झटके। प्रिंस यादव ने भी दो सफलताएं हासिल कीं, जबकि अशोक शर्मा ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    स्पिन विभाग में रवि बिश्नोई ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरा। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके। भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने मेजबान टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया।

    बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की रही। युवा बल्लेबाज ने केवल 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेलकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। ईशान किशन ने भी 35 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 28 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत तक पहुंचाया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पहले मुकाबले में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। वेस्ली मधेवेरे ने 39 रन और रयान बर्ल ने 26 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी ने दो विकेट लेकर प्रभावित किया, लेकिन अन्य गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पहले मुकाबले में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुई थी। हालांकि शुरुआती झटकों के बाद बल्लेबाजों ने भी यहां खुलकर रन बनाए। इस मैदान पर अब तक 84 टी20 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 45 और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने 37 मैच जीते हैं। पहली पारी का औसत स्कोर 155 रन, जबकि दूसरी पारी का औसत 133 रन रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार दूसरे टी20 के दौरान हरारे में मौसम साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम है। ऐसे में पूरे 20 ओवर का मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    भारतीय टीम की सबसे बड़ी उम्मीद एक बार फिर युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन और तेज गेंदबाज मयंक यादव पर रहेगी। यदि टीम इंडिया पहले मैच जैसी लय बरकरार रखती है तो उसके पास सीरीज अपने नाम करने का शानदार मौका होगा। वहीं जिम्बाब्वे को मुकाबले में बने रहने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पहला इंटरनेशनल अर्धशतक मां, परिवार और कोच को किया समर्पित

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पहला इंटरनेशनल अर्धशतक मां, परिवार और कोच को किया समर्पित


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ऐसी धमाकेदार पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने 19 गेंदों में 50 रन ठोककर न सिर्फ टीम इंडिया को शानदार शुरुआत दिलाई, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। मैच के बाद वैभव ने अपनी इस यादगार पारी को अपनी मां, परिवार, कोच और उन सभी लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने उनके कठिन समय में उनका साथ दिया।

    हरारे में खेले गए मुकाबले में वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 19 गेंदों की पारी में 4 चौके तथा 4 छक्के लगाए। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

    15 साल 118 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर वैभव ने इंग्लैंड के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में टी20 इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई थी। इतना ही नहीं, वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 2020 में 15 साल 340 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था।

    बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में वैभव ने कहा कि करियर की शुरुआत में ऐसी पारियां आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देती हैं। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान वह पूरी तरह अपनी लय में थे और अपनी स्वाभाविक खेल शैली पर भरोसा करते हुए शॉट्स लगाए। उन्होंने कहा कि यह अर्धशतक उनके परिवार, कोच और उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया।

    मैच के दौरान अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव ने दोनों हाथों से सिर के ऊपर ‘ए’ का निशान बनाया। इस खास सेलिब्रेशन के बारे में उन्होंने खुलासा किया कि यह उनकी मां आरती को समर्पित था। वहीं, ‘थंब्स अप’ का इशारा उन्होंने भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह के साथ हुई बातचीत से प्रेरित होकर किया।

    हरारे का मैदान वैभव के लिए लगातार यादगार साबित हो रहा है। इसी वर्ष उन्होंने आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों पर 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। इससे पहले सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 68 रन बनाकर भारत को रिकॉर्ड छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ पिछली टी20 सीरीज में उन्हें तीन मौकों पर बड़ी पारी खेलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही मैच में उन्होंने शानदार वापसी कर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया। वैभव ने कहा कि हरारे का माहौल उन्हें पसंद है, लेकिन वह इसे हल्के में नहीं लेते। उनका लक्ष्य हर मैच में टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करना और अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना है।

    15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक लगाकर वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक और बड़ा सितारा मिल चुका है।