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  • रोहित शर्मा की बड़ी भविष्यवाणी: भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में नया अध्याय लिखेंगे श्रेयस अय्यर

    रोहित शर्मा की बड़ी भविष्यवाणी: भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में नया अध्याय लिखेंगे श्रेयस अय्यर

     

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट(Indian cricket) में एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है।(Board of Control for Cricket) भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा श्रेयस अय्यर को टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम का नया कप्तान नियुक्त किए जाने के बाद क्रिकेट जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस बीच टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा(Rohit Sharma) ने श्रेयस अय्यर(Shreyas Iyer) को लेकर बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि वह भारतीय टीम की कप्तानी में सफल साबित होंगे और उनके पास इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए पर्याप्त अनुभव और नेतृत्व क्षमता मौजूद है।

    मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रोहित शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में आईपीएल में श्रेयस अय्यर ने जिस तरह अपनी टीमों का नेतृत्व किया है, वह उनके नेतृत्व कौशल का सबसे बड़ा प्रमाण है। रोहित के अनुसार, आईपीएल जैसी प्रतिस्पर्धी लीग में दबाव के बीच टीम को संभालना आसान नहीं होता और श्रेयस ने यह काम लगातार प्रभावशाली ढंग से किया है।

    श्रेयस अय्यर ने आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाया था, जबकि 2025 में पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचाकर अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने आगामी एशिया कप, 2028 ओलंपिक और टी20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए उन्हें टीम की कमान सौंपने का फैसला किया।

    रोहित शर्मा ने कहा कि कप्तानी केवल एक पद नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है, जिसे मेहनत और प्रदर्शन के दम पर हासिल करना पड़ता है। उन्होंने मुंबई क्रिकेट संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि यहां किसी खिलाड़ी को कुछ भी आसानी से नहीं मिलता। हर उपलब्धि के पीछे संघर्ष, अनुशासन और निरंतर प्रदर्शन होता है। रोहित का मानना है कि श्रेयस इस माहौल में पले-बढ़े हैं, इसलिए वे कप्तानी के महत्व और उससे जुड़ी चुनौतियों को अच्छी तरह समझते हैं।

    पूर्व भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि एक सफल कप्तान वही होता है जो अपने साथियों का सम्मान अर्जित करे और टीम को साथ लेकर चले। उनके मुताबिक श्रेयस में यह गुण मौजूद हैं और यही विशेषताएं उन्हें एक प्रभावशाली कप्तान बना सकती हैं।

    हालांकि कप्तानी में बदलाव के बीच रोहित शर्मा ने सूर्यकुमार यादव के योगदान को भी सराहा। उन्होंने कहा कि सूर्या का क्रिकेट सफर संघर्ष और धैर्य का बेहतरीन उदाहरण है। 30 वर्ष की उम्र के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और मिले हर अवसर का भरपूर लाभ उठाया। रोहित ने कहा कि सूर्यकुमार ने अपने प्रदर्शन और नेतृत्व से भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

    दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव ने भी बड़े दिल का परिचय देते हुए श्रेयस अय्यर को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद खुशी और गर्व की बात है कि मुंबई का एक और खिलाड़ी भारतीय टी20 टीम का कप्तान बना है। सूर्या ने कहा कि उन्होंने और श्रेयस ने वर्षों तक साथ क्रिकेट खेला है और उन्हें पूरा विश्वास है कि श्रेयस इस नई जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाएंगे।

    भारतीय क्रिकेट में यह बदलाव केवल कप्तान बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि श्रेयस अय्यर अपने नेतृत्व में भारतीय टी20 टीम को किस नई ऊंचाई तक पहुंचाते हैं।

  • आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद

    आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद


    नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट में आज एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज प्रस्तावित है, जिसमें भारत की टी20 टीम और नए कप्तान को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह चयन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ आगामी एशियन गेम्स को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, टीम इंडिया के टी20 कप्तान पद में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह अब श्रेयस अय्यर का नाम सबसे आगे चल रहा है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने उनकी IPL में सफल कप्तानी और रणनीतिक क्षमता को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए प्राथमिकता दी है। अय्यर ने अलग-अलग IPL टीमों को फाइनल तक पहुंचाकर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स को IPL 2024 की ट्रॉफी जिताना भी शामिल है।

    दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया मुकाबलों में उनका फॉर्म उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पिछली कई पारियों में वह बड़ी पारी खेलने में असफल रहे हैं। साथ ही फिटनेस और उम्र से जुड़ी चिंताओं ने भी चयनकर्ताओं के फैसले को प्रभावित किया है। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन भविष्य की रणनीति को देखते हुए बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

    टीम चयन में एक और बड़ा नाम चर्चा में है-तिलक वर्मा, जिन्हें उपकप्तान बनाए जाने की संभावना है। वहीं, युवा प्रतिभाओं को भी मौका मिलने के संकेत हैं। मात्र 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, जिन्हें पहली बार भारतीय टीम में जगह मिल सकती है। इसके अलावा प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे नए खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किए जाने की चर्चा है।

    तेज गेंदबाजी विभाग को लेकर भी चयनकर्ताओं के सामने एक अहम सवाल है कि क्या अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद दोबारा टीम इंडिया में जगह दी जाए या नहीं।

    BCCI की चयन समिति, जिसकी अगुवाई अजीत अगरकर कर रहे हैं, इस बार भविष्य की योजनाओं और तत्काल प्रदर्शन के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। 2028 ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम के नए ढांचे पर विचार किया जा रहा है।

    आज की यह बैठक भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके फैसले आने वाले वर्षों की टी20 रणनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

  • “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर

    “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली । भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत से उनका प्राकृतिक आक्रामक खेल बदलने की उम्मीद नहीं करता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियों को समझकर खेलना बेहद जरूरी है।

    गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को अपनी शैली पूरी तरह बदलनी होगी। उनके अनुसार, टेस्ट, वनडे या टी20—हर फॉर्मेट में लक्ष्य रन बनाना और टीम के लिए योगदान देना ही होता है, लेकिन यह कैसे करना है, यह मैच की स्थिति पर निर्भर करता है।

    उन्होंने साफ किया कि पंत को “गेम बदलने” या अलग तरीके से खेलने का निर्देश नहीं दिया गया है। बल्कि उनसे उम्मीद है कि वह अपने नैचुरल गेम के साथ-साथ हालात को पढ़कर समझदारी से बल्लेबाजी करें।

    ऋषभ पंत हाल के समय में फॉर्म को लेकर चर्चा में रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि, इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन चोट के कारण वह सीरीज बीच में छोड़कर बाहर हो गए थे।

    अब पंत के पास अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। यह मुकाबला उनके टेस्ट करियर का 50वां मैच भी हो सकता है, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट

    गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट


    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुदर्शन को भारतीय टेस्ट टीम में पर्याप्त मौके दिए जाएंगे और उन्हें जल्दबाजी में नहीं आंका जाएगा।

    गंभीर ने कहा कि साई सुदर्शन एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं और हाल ही में आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। सुदर्शन ने इस सीजन में 700 से अधिक रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गंभीर के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ कुछ पारियों के आधार पर जज नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खुद को स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में सभी खिलाड़ियों के साथ समान अवसर दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सुदर्शन को नंबर तीन पर लगातार मौका मिल सकता है, जिससे वह टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर सकें।

    साई सुदर्शन का अब तक का टेस्ट रिकॉर्ड भी संतुलित रहा है। उन्होंने भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों में 11 पारियों में 302 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, उनके प्रदर्शन को लेकर टीम प्रबंधन का मानना है कि उनमें लंबी रेस का घोड़ा बनने की क्षमता है।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए सुदर्शन ने 17 मैचों में 157 के स्ट्राइक रेट से 722 रन बनाए, जो उनके शानदार फॉर्म को दर्शाता है। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टेस्ट टीम में निरंतर मौके मिलने की संभावना बढ़ गई है।

    भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें साई सुदर्शन के खेलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

  • वैभव के बल्ले ने जीता विदेशी स्टार का दिल, लिविंगस्टन ने की जमकर तारीफ

    वैभव के बल्ले ने जीता विदेशी स्टार का दिल, लिविंगस्टन ने की जमकर तारीफ


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक्स को हिला देने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi की तारीफ में अब विदेशी क्रिकेटर भी कसीदे पढ़ रहे हैं। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर Liam Livingstone ने वैभव की बल्लेबाजी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने पूरे क्रिकेट करियर में ऐसी बल्लेबाजी पहले कभी नहीं देखी।

    लिविंगस्टन ने ‘स्टिक टू क्रिकेट’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि आईपीएल में यह उनका सातवां सीजन था और उन्होंने दुनिया के कई बेहतरीन बल्लेबाजों को करीब से देखा है, लेकिन वैभव की बल्लेबाजी कुछ अलग ही स्तर की थी। उन्होंने कहा, “मैंने इस तरह की बल्लेबाजी पहले कभी नहीं देखी। मैं कई महान खिलाड़ियों के साथ खेल चुका हूं, लेकिन वैभव जैसा प्रभाव किसी ने नहीं छोड़ा।”

    एलिमिनेटर में मचाया था तूफान
    वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए एलिमिनेटर मुकाबले में Sunrisers Hyderabad के खिलाफ सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 12 छक्के जड़कर विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। उनकी इस पारी ने कई रिकॉर्ड तोड़े और क्रिकेट विशेषज्ञों को हैरान कर दिया। यही मैच लिविंगस्टन के लिए भी सबसे यादगार अनुभवों में से एक बन गया।

    ‘मिस हिट नाम की चीज नहीं थी’
    लिविंगस्टन ने वैभव की तकनीक और शॉट चयन की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वैभव गेंद को इतनी सफाई से मारते हैं कि उनके शॉट्स में मिस हिट लगभग देखने को नहीं मिलती।

    उन्होंने बताया, “शुरुआत में हमने उन्हें बाउंसर पर आउट किया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने जिस तरह अपने खेल में सुधार किया, वह अविश्वसनीय था। जब हम बाउंसर डालते तो वह गेंद को थर्ड मैन की दिशा में भेज देते। फुल लेंथ गेंद डालते तो उसे भी बाउंड्री के पार पहुंचा देते। हमें समझ ही नहीं आता था कि आखिर उन्हें गेंद कहां फेंकी जाए।”

    आईपीएल 2026 में बनाया नया इतिहास
    वैभव के लिए आईपीएल 2026 सपनों जैसा रहा। उन्होंने 16 मुकाबलों में 776 रन बनाए और 237 के शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इस प्रदर्शन के दम पर वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। इतना ही नहीं, उन्होंने टी20 दिग्गज Chris Gayle का बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। पूरे सीजन में 72 छक्के लगाकर वैभव आईपीएल के एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

    महज 15 साल की उम्र में जिस तरह वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है, उसे देखते हुए क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सुपरस्टार मान रहे हैं।

  • 2027 वर्ल्ड कप में ओपनिंग को लेकर चर्चा तेज, संजू सैमसन को लेकर बढ़ी अटकलें; भारत की रणनीति पर सबकी नजर

    2027 वर्ल्ड कप में ओपनिंग को लेकर चर्चा तेज, संजू सैमसन को लेकर बढ़ी अटकलें; भारत की रणनीति पर सबकी नजर



    नई दिल्ली। भारत के 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अभी से चर्चाएं और संभावित प्लेइंग इलेवन पर बहस तेज हो गई है। यह टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा, जहां तेज और उछाल भरी पिचें टीमों की असली परीक्षा लेंगी।

    हालांकि अभी तक टीम इंडिया की फाइनल स्क्वॉड या ओपनिंग जोड़ी तय नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा प्रदर्शन और खिलाड़ियों की भूमिका के आधार पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि भारत की ओपनिंग जिम्मेदारी कौन संभालेगा और क्या किसी नए कॉम्बिनेशन को आजमाया जा सकता है।

    संजू सैमसन को लेकर अक्सर यह चर्चा होती है कि वह आक्रामक बल्लेबाजी के कारण टॉप ऑर्डर में एक विकल्प हो सकते हैं, लेकिन अब तक भारतीय टीम में उनकी भूमिका मुख्य रूप से मिडिल ऑर्डर या विकेटकीपर बैट्समैन के रूप में रही है। वहीं मौजूदा समय में शुभमन गिल और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी टीम इंडिया के प्रमुख ओपनर के रूप में स्थापित हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम प्रबंधन आमतौर पर स्थिर और अनुभवी ओपनिंग जोड़ी को प्राथमिकता देता है, ताकि दबाव की स्थिति में शुरुआत मजबूत हो सके। ऐसे में किसी भी नए ओपनिंग प्रयोग का फैसला पूरी तरह फॉर्म, फिटनेस और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

    मिडिल ऑर्डर की बात करें तो विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और अन्य बल्लेबाज टीम की रीढ़ माने जाते हैं, जबकि हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडर संतुलन प्रदान करते हैं। गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ी अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की पिचों पर तेज गेंदबाजों और तकनीकी बल्लेबाजों की बड़ी परीक्षा होगी। ऐसे में टीम का चयन केवल संभावित ओपनिंग जोड़ी पर नहीं, बल्कि पूरे संतुलन और परिस्थितियों के अनुसार प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

    कुल मिलाकर, 2027 वर्ल्ड कप के लिए भारत के पास कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं, लेकिन अंतिम फैसला खिलाड़ियों के प्रदर्शन, निरंतरता और रणनीति के आधार पर ही लिया जाएगा।

  • थॉमस कप क्वार्टर-फाइनल: आज भारत की अग्निपरीक्षा, चीनी ताइपे से टक्कर

    थॉमस कप क्वार्टर-फाइनल: आज भारत की अग्निपरीक्षा, चीनी ताइपे से टक्कर


    नई दिल्ली। डेनमार्क में खेले जा रहे प्रतिष्ठित Thomas Cup के नॉकआउट चरण में आज भारत के सामने बड़ी चुनौती है। क्वार्टर-फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला मजबूत चीनी ताइपे से होने जा रहा है। चार साल पहले इतिहास रचते हुए खिताब जीतने वाली टीम इंडिया इस बार भी सेमीफाइनल में जगह बनाने के इरादे से कोर्ट पर उतरेगी।

    भारतीय टीम की अगुवाई कर रहे Lakshya Sen पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। पहले सिंगल्स मुकाबले में उनका सामना दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी Chou Tien-chen से होगा। यह मैच बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं और एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखते हैं।

    भारत ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा को 4-1 और ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराया था। हालांकि, डिफेंडिंग चैंपियन चीन के खिलाफ टीम को 2-3 से करीबी हार झेलनी पड़ी। वहीं, चीनी ताइपे ने भी उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बावजूद ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और डेनमार्क के खिलाफ शानदार वापसी कर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई।

    डबल्स में भारत की सबसे बड़ी ताकत स्टार जोड़ी Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty पर टिकी होगी, जो विश्व रैंकिंग में शीर्ष जोड़ों में शामिल हैं। उनका मुकाबला चिउ सियांग चीह और वांग ची-लिन की जोड़ी से होगा, जहां भारतीय जोड़ी से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।

    दूसरे सिंगल्स में आयुष शेट्टी के सामने कठिन चुनौती होगी, जहां उनका सामना लिन चुन-यी से होगा। वहीं तीसरे सिंगल्स में अनुभवी Kidambi Srikanth पर जिम्मेदारी होगी कि वे निर्णायक बढ़त दिला सकें। टीम प्रबंधन ने इस मुकाबले में अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, खासकर तब जब एचएस प्रणय जैसे खिलाड़ी को इस बार लाइन-अप में शामिल नहीं किया गया है।

    भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक पहलू यह है कि लक्ष्य सेन का सामना इस बार लिन चुन-यी से नहीं होगा, जिनके खिलाफ उनका रिकॉर्ड अब तक कमजोर रहा है। इसके अलावा, लक्ष्य सेन ने चाउ टिएन-चेन के खिलाफ हालिया मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है।

    यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे से पहले शुरू नहीं होगा और इसे लाइव JioHotstar और Star Sports पर देखा जा सकता है।

    कुल मिलाकर, यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद अहम है, जहां जीत उन्हें सेमीफाइनल के करीब ले जाएगी, जबकि हार टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। ऐसे में हर मैच, हर अंक और हर रैली निर्णायक साबित होने वाली है।

  • रजत पाटीदार ने 17 गेंदों में आईपीएल करियर का सबसे तेज कप्तानी अर्धशतक लगाकर एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बराबरी की।

    रजत पाटीदार ने 17 गेंदों में आईपीएल करियर का सबसे तेज कप्तानी अर्धशतक लगाकर एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बराबरी की।

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के क्षितिज पर एक ऐसा नाम उभरकर सामने आया है जिसने अपने बल्ले की धमक से चयनकर्ताओं के बंद दरवाजों पर जोरदार प्रहार किया है। रजत पाटीदार, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल के मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है, वर्तमान सीजन में जिस आक्रामक अंदाज में खेल रहे हैं, उसने उन्हें भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में पदार्पण का सबसे प्रबल दावेदार बना दिया है। मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की उनकी असाधारण क्षमता और दबाव के क्षणों में क्रीज पर अडिग रहने का उनका जज्बा उन्हें वर्तमान पीढ़ी के सबसे परिपक्व बल्लेबाजों की सूची में सबसे ऊपर रखता है।

    रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी और कप्तानी का नया चेहरा

    आईपीएल के इस सत्र में रजत पाटीदार ने रॉयल चेलेंजर बेंगलुरु के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालते हुए न केवल अपनी टीम को नई दिशा दी है बल्कि अपनी बल्लेबाजी को भी एक नए शिखर पर पहुंचाया है। उन्होंने हालिया मुकाबलों में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से कई दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को खतरे में डाल दिया है। विशेष रूप से मुंबई के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने मात्र 17 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया। यह पारी इसलिए भी खास थी क्योंकि उन्होंने आईपीएल के इतिहास में एक कप्तान के रूप में एडम गिलक्रिस्ट के सबसे तेज अर्धशतक के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी की। उनकी इस पारी ने साबित कर दिया कि नेतृत्व का बोझ उनकी नैसर्गिक बल्लेबाजी को कुचलने के बजाय और अधिक निखारने का काम कर रहा है।

    मध्य क्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी का पर्याय

    पाटीदार की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर दृष्टिकोण और तकनीकी कौशल है। वह स्पिनर्स के खिलाफ जितने सहज नजर आते हैं, तेज गेंदबाजों की गति का इस्तेमाल करने में भी उतने ही माहिर हैं। शुरुआती पांच मैचों में उनके आंकड़े किसी करिश्मे से कम नहीं हैं, जहां उन्होंने 213 से अधिक के स्ट्राइक रेट के साथ 222 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। टीम इंडिया को लंबे समय से एक ऐसे मध्य क्रम के बल्लेबाज की तलाश रही है जो मैच की स्थिति के अनुसार अपनी गति बदल सके। पाटीदार इस ढांचे में पूरी तरह फिट बैठते हैं। उनकी बल्लेबाजी में वह ‘एक्स फैक्टर’ मौजूद है जो खेल के किसी भी मोड़ पर मैच का पासा पलटने की क्षमता रखता है।

    घरेलू अनुभव और भविष्य की राह

    रजत पाटीदार की यह सफलता कोई रातों-रात मिली उपलब्धि नहीं है। इसके पीछे मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट में बिताए गए सालों का कड़ा परिश्रम है। रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में लगातार रन बनाने का अनुभव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके काम आ रहा है। 2025 में अपनी कप्तानी में बेंगलुरु को पहला आईपीएल खिताब दिलाने के बाद, उनकी मानसिक दृढ़ता और खेल की समझ में जबरदस्त परिपक्वता आई है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी वर्तमान फॉर्म को देखते हुए चयनकर्ता उन्हें आगामी टी20 सीरीज से बाहर रखने का जोखिम नहीं उठा सकते। वह न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हैं, बल्कि आधुनिक टी20 क्रिकेट की मांग के अनुरूप हर गेंद पर प्रहार करने का साहस भी रखते हैं।

    ब्लू जर्सी का बढ़ता इंतजार

    भारतीय टीम प्रबंधन वर्तमान में भविष्य की टीम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, और पाटीदार इस योजना का एक अनिवार्य हिस्सा नजर आते हैं। उनके गगनचुंबी छक्के और गैप ढूंढने की कला उन्हें एक पूर्ण टी20 खिलाड़ी बनाती है। जिस तरह से उन्होंने आईपीएल के दबाव भरे माहौल में निरंतरता दिखाई है, वह यह सुनिश्चित करता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब यह केवल समय की बात है कि कब यह धाकड़ बल्लेबाज टीम इंडिया की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेगा। उनकी यह अविश्वसनीय यात्रा भारतीय क्रिकेट के प्रति उनके अटूट समर्पण और संघर्ष की एक प्रेरक कहानी है।

  • उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे टीम इंडिया के स्टार तिलक वर्मा, बोले- वर्ल्ड कप जीत के बाद दर्शन का संकल्प था

    उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे टीम इंडिया के स्टार तिलक वर्मा, बोले- वर्ल्ड कप जीत के बाद दर्शन का संकल्प था


    नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज Tilak Varma सोमवार को Mahakaleshwar Temple में भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही।तिलक वर्मा दोपहर करीब 2 बजे मंदिर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ Parth Pawar समेत कुछ विधायक भी मौजूद थे। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

    चांदी द्वार से किया जलाभिषेक
    मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद तिलक वर्मा ने चांदी द्वार से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया और आशीर्वाद लिया।दर्शन के बाद तिलक वर्मा ने कहा कि उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की थी और संकल्प लिया था कि जीत के बाद उज्जैन आकर दर्शन करेंगे।

    श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
    महाकाल मंदिर में तिलक वर्मा के पहुंचने की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया और कई लोगों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।

    टी-20 वर्ल्ड कप जीत के बाद भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप जीतने की प्रार्थना पूरी होने के बाद भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने आए हैं।

  • T20 World Cup 2026: भारत बना चैंपियन, करोड़ों की इनामी बारिश; रनर-अप न्यूजीलैंड भी मालामाल

    T20 World Cup 2026: भारत बना चैंपियन, करोड़ों की इनामी बारिश; रनर-अप न्यूजीलैंड भी मालामाल


    नई दिल्ली। भारत ने T20 World Cup 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने घर में इतिहास रच दिया। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में 8 मार्च को खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा बार चैंपियन बनने वाली टीम बन गया।

    फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई।

    इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही टीम इंडिया पर करोड़ों रुपये की इनामी बारिश भी हुई। International Cricket Council (ICC) ने T20 World Cup 2026 के लिए कुल 13.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 123.77 करोड़ रुपये का प्राइज पूल रखा था, जो पिछले संस्करण की तुलना में करीब 20 प्रतिशत ज्यादा है।

    टूर्नामेंट की विजेता टीम होने के नाते भारत को 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 27.48 करोड़ रुपये की प्राइज मनी मिली। वहीं फाइनल में हारने वाली न्यूजीलैंड की टीम भी खाली हाथ नहीं लौटी। रनर-अप रहने पर कीवी टीम को 1.6 मिलियन डॉलर यानी लगभग 14.65 करोड़ रुपये की राशि दी गई।

    सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली लेकिन फाइनल में जगह नहीं बना सकने वाली टीमों को भी अच्छी खासी इनामी राशि मिली। दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड को सेमीफाइनलिस्ट के रूप में 790,000 डॉलर यानी करीब 7.24 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया गया।

    वहीं सुपर-8 चरण तक पहुंचने के बाद सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूकने वाली टीमों को भी ICC ने सम्मानजनक इनाम दिया। इस चरण में बाहर होने वाली टीमों को 380,000 डॉलर यानी करीब 3.48 करोड़ रुपये मिले। इनमें जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी टीमें शामिल रहीं।

    ग्रुप स्टेज में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को भी ICC की ओर से 250,000 डॉलर यानी करीब 2.29 करोड़ रुपये की गारंटीड प्राइज मनी दी गई।