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  • 2027 वर्ल्ड कप के लिए अभी से तैयारी में जुटी टीम इंडिया गंभीर ने बताया रोहित-विराट और हार्दिक-बुमराह का महत्व

    2027 वर्ल्ड कप के लिए अभी से तैयारी में जुटी टीम इंडिया गंभीर ने बताया रोहित-विराट और हार्दिक-बुमराह का महत्व


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम इस समय वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज की तैयारियों में जुटी है लेकिन टीम की नजरें सिर्फ मौजूदा मुकाबलों पर नहीं हैं। भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपनी रणनीति पर खुलकर बात की है। गंभीर के बयान के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रोहित शर्मा और विराट कोहली की भूमिका को लेकर हो रही है। दोनों दिग्गजों ने टेस्ट और टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन वनडे फॉर्मेट में अभी भी टीम का हिस्सा हैं।

    गौतम गंभीर ने कप्तान शुभमन गिल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वनडे क्रिकेट में गिल बेहद भाग्यशाली हैं क्योंकि उन्हें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का साथ मिल रहा है। गंभीर के मुताबिक रोहित और विराट सिर्फ मैदान पर ही नहीं बल्कि मैदान के बाहर भी गिल की मदद कर सकते हैं। ऐसे में युवा कप्तान को इन दोनों दिग्गजों के अनुभव से काफी कुछ सीखने का मौका मिल रहा है।

    गंभीर ने गिल के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कम उम्र में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद गिल ने मैदान पर शांत स्वभाव दिखाया है। वह टीम के हित में फैसले लेने से पीछे नहीं हटते और उनका रवैया निस्वार्थ रहा है। कोच के बयान से साफ है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट गिल की कप्तानी को भविष्य की बड़ी योजनाओं के लिहाज से देख रहा है।

    हालांकि 2027 वर्ल्ड कप को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि उस समय रोहित शर्मा और विराट कोहली टीम में होंगे या नहीं। गंभीर ने इस सवाल पर सीधे तौर पर कोई अंतिम फैसला नहीं बताया लेकिन वनडे टीम में दोनों की मौजूदगी और गिल को मिल रहे उनके अनुभव को अहम बताया है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल टीम मैनेजमेंट वनडे फॉर्मेट में उपलब्ध खिलाड़ियों के साथ आगे की तैयारी पर ध्यान दे रहा है।

    गंभीर ने 2027 वर्ल्ड कप की योजना में हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह को भी बेहद अहम बताया। उन्होंने हार्दिक को ऐसा ऑलराउंडर बताया जिसकी उपयोगिता किसी भी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। हार्दिक जरूरत पड़ने पर गेंद से पूरे दस ओवर का योगदान दे सकते हैं और नंबर छह या सात पर बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

    जसप्रीत बुमराह को लेकर भी टीम मैनेजमेंट की योजना महत्वपूर्ण दिखाई देती है। गंभीर ने संकेत दिया कि बड़े टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच खेलने की जरूरत है। वर्कलोड मैनेजमेंट जरूरी है लेकिन लगातार क्रिकेट से दूरी भी खिलाड़ियों की लय को प्रभावित कर सकती है। इसलिए वर्ल्ड कप से पहले सही मात्रा में गेम टाइम देना भारतीय टीम की योजना का अहम हिस्सा होगा।

    2027 वनडे वर्ल्ड कप अभी दूर है लेकिन भारतीय टीम ने इसकी तैयारी को लेकर अपनी दिशा तय करनी शुरू कर दी है। रोहित और विराट का अनुभव गिल की कप्तानी के लिए कितना महत्वपूर्ण रहेगा और आने वाले समय में दोनों दिग्गज वर्ल्ड कप तक टीम का हिस्सा बने रहेंगे या नहीं यह आने वाले मुकाबलों और चयन संबंधी फैसलों के साथ स्पष्ट होगा। फिलहाल गंभीर का बयान भारतीय क्रिकेट के भविष्य और 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों को लेकर चर्चा जरूर तेज कर चुका है।

  • एशियन गेम्स में भारत का रोमांचक दिन बैडमिंटन टीम बाहर लक्ष्य सेन की वापसी से जगी उम्मीद क्रिकेट में 216 रन

    एशियन गेम्स में भारत का रोमांचक दिन बैडमिंटन टीम बाहर लक्ष्य सेन की वापसी से जगी उम्मीद क्रिकेट में 216 रन


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए उतार चढ़ाव भरा रहा। भारत की नजरें अलग अलग खेलों में पदक की दावेदारी मजबूत करने पर थीं लेकिन कई मुकाबलों में टीम को निराशा भी हाथ लगी। महिला बैडमिंटन टीम को जापान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा और इसके साथ ही उसका पदक अभियान समाप्त हो गया। वहीं पुरुष टेबल टेनिस टीम भी दक्षिण कोरिया के खिलाफ प्री क्वार्टर फाइनल में 0-3 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई। दूसरी ओर पुरुष बैडमिंटन में लक्ष्य सेन ने शुरुआती झटके के बाद शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

    महिला बैडमिंटन क्वार्टर फाइनल में भारत और जापान के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पीवी सिंधू ने अकाने यामागुची के खिलाफ पहला गेम 23-21 से जीतकर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन जापानी खिलाड़ी ने अगले दोनों गेम 21-18 और 21-11 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसके बाद उन्नति हुड्डा को भी तोमोका मियाजाकी के खिलाफ 16-21 और 18-21 से हार मिली। त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो की जोड़ी को 21-17 और 21-16 से हराकर भारत की उम्मीदें बनाए रखीं लेकिन अगले मुकाबले में तन्वी शर्मा को नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ 21-12 और 21-10 से हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे के साथ जापान ने 3-1 से जीत दर्ज कर भारतीय टीम को बाहर कर दिया।

    पुरुष बैडमिंटन में भारत और जापान के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबले में लक्ष्य सेन के सामने कोडाई नाराओका की चुनौती थी। पहले गेम में लक्ष्य को 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। शुरुआत में जापानी खिलाड़ी ने फ्रंट कोर्ट पर लगातार प्रभावी शॉट खेले और लक्ष्य को दबाव में रखा। हालांकि दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने जोरदार वापसी की और नाराओका को केवल पांच अंक लेने दिए। लक्ष्य ने दूसरा गेम 21-5 से जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम में पहुंचा दिया।

    टेबल टेनिस में भी भारतीय टीम को मुश्किल का सामना करना पड़ा। पुरुष टीम दक्षिण कोरिया के खिलाफ 0-3 से हार गई। हरमीत देसाई को जंग वूजिन ने 3-1 से हराया जबकि मानुष शाह को ओ जुनसुंग के खिलाफ पांच गेम तक चले मुकाबले में 2-3 से हार मिली। तीसरे मुकाबले में मानव ठक्कर को आन जेह्युन ने 3-1 से मात दी। इस हार के साथ भारतीय टीम का अभियान समाप्त हो गया।

    फेंसिंग में भी भारत को मिश्रित परिणाम मिले। पुरुष फॉयल के व्यक्तिगत मुकाबले में सचिन और सांसम हेमाश सिंह का सफर आगे नहीं बढ़ सका। दोनों को कजाकिस्तान के खिलाड़ियों के खिलाफ हार मिली। वहीं महिला एपी में तनिक्षा खत्री ने थाईलैंड की संग्गियो नत्पापत को 15-10 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। इससे इस स्पर्धा में भारत की उम्मीदें बनी हुई हैं।

    महिला क्रिकेट में भारत ने श्रीलंका के खिलाफ स्वर्ण पदक मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में तीन विकेट पर 216 रन बनाए। स्मृति मंधाना ने 79 रन की पारी खेलकर मजबूत आधार तैयार किया जबकि शेफाली वर्मा ने 48 रन बनाए। इसके बाद ऋचा घोष ने सिर्फ 22 गेंदों में 49 रन बनाकर भारतीय स्कोर को 216 तक पहुंचा दिया। श्रीलंका के सामने स्वर्ण पदक जीतने के लिए 217 रन का लक्ष्य रखा गया है।

    एशियन गेम्स में भारत का अभियान अभी जारी है और कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक की दावेदारी मजबूत करने का मौका है। मंगलवार के मुकाबलों में जहां कुछ टीमों का सफर समाप्त हुआ वहीं क्रिकेट और फेंसिंग जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने उम्मीदें कायम रखी हैं।

  • एक महीने में छह बड़े मुकाबले और टीम इंडिया में कई बदलाव, जडेजा से नमन धीर तक किसे मिली नई जिम्मेदारी

    एक महीने में छह बड़े मुकाबले और टीम इंडिया में कई बदलाव, जडेजा से नमन धीर तक किसे मिली नई जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम आने वाले एक महीने से ज्यादा समय तक लगातार क्रिकेट में व्यस्त रहने वाली है। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज से लेकर एशियन गेम्स ईरानी कप और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए के मुकाबलों तक अलग अलग स्तर पर भारतीय खिलाड़ी मैदान में नजर आएंगे। इन प्रतियोगिताओं के लिए घोषित टीमों को देखा जाए तो सिर्फ मौजूदा मुकाबलों की तैयारी ही नहीं बल्कि आने वाले समय की रणनीति के भी कई संकेत दिखाई देते हैं। खास तौर पर रविंद्र जडेजा की वनडे टीम में वापसी हार्दिक पांड्या के विकल्प के तौर पर नीतीश कुमार रेड्डी पर भरोसा नमन धीर और आकिब नबी जैसे नए चेहरों को मौका और मोहम्मद शमी तथा भुवनेश्वर कुमार की गैरमौजूदगी चर्चा में है।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए शुभमन गिल को कप्तान और केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है। इस टीम में रोहित शर्मा विराट कोहली रविंद्र जडेजा नीतीश कुमार रेड्डी कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज समेत कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। जडेजा की वापसी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय में बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडरों में अक्षर पटेल को उनसे आगे प्राथमिकता मिलती रही है। इस बार अक्षर एशियन गेम्स की टीम के साथ हैं और उनकी अनुपस्थिति में जडेजा को मौका मिला है। टीम ने उन्हें हर्ष दुबे से आगे चुना है। इससे यह संकेत मिलता है कि अनुभव के मामले में जडेजा अभी भी टीम की योजनाओं में बने हुए हैं।

    सबसे ज्यादा नजर हार्दिक पांड्या की जगह तैयार किए जा रहे विकल्प पर है। हार्दिक 2026 आईपीएल के बाद से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं। वह ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए की अनौपचारिक वनडे टीम में शामिल हैं लेकिन उनका खेलना मेडिकल मंजूरी पर निर्भर है। ऐसे में नीतीश कुमार रेड्डी को वनडे टीम में शामिल किया जाना अहम माना जा रहा है। उन्हें एशियन गेम्स की टीम से हटाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में जगह दी गई है। इससे साफ है कि भारतीय टीम आगामी विश्व कप को ध्यान में रखते हुए हार्दिक के विकल्प को तैयार रखने पर काम कर रही है।

    इसी बीच नमन धीर को पहली बार भारतीय अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। पंजाब की शेर ए पंजाब टी20 लीग में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उन्होंने नौ पारियों में 626 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 217 रहा। वहीं आकिब नबी और विप्रज निगम को भी अलग भूमिकाओं में मौका मिला है। नबी ने घरेलू क्रिकेट में गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दिया है जबकि निगम लेग स्पिन के साथ तेज रन बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे खिलाड़ियों को मौका देना भारतीय टीम में विकल्पों का दायरा बढ़ाने की दिशा में देखा जा सकता है।

    ईरानी कप में सरफराज खान को रेस्ट ऑफ इंडिया का उपकप्तान बनाया गया है जबकि ऋषभ पंत टीम की कप्तानी करेंगे। यह सरफराज के लिए भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और उन्हें घरेलू स्तर पर अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर मिलेगा। दूसरी ओर मोहम्मद शमी का वेस्टइंडीज वनडे टीम के साथ साथ ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए की टीम में भी नहीं होना ध्यान खींचता है। भुवनेश्वर कुमार की भी मौजूदा भारतीय टीमों में वापसी नहीं हुई है। हालांकि किसी खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय भविष्य पर अंतिम निष्कर्ष चयन के अगले दौर और प्रदर्शन के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

    कुल मिलाकर भारतीय टीम के इन अलग अलग स्क्वॉड से एक बात स्पष्ट होती है कि 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन स्थापित खिलाड़ियों के साथ नए विकल्प भी तैयार कर रहा है। आने वाले मुकाबले नीतीश रेड्डी नमन धीर आकिब नबी और विप्रज निगम जैसे खिलाड़ियों के लिए अपनी जगह मजबूत करने का मौका होंगे जबकि जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी अपनी उपयोगिता साबित करने की कोशिश करेंगे।

  • टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पर सस्पेंस बरकरार! 25 टेस्ट वाले पार्थिव पटेल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

    टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पर सस्पेंस बरकरार! 25 टेस्ट वाले पार्थिव पटेल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने अभी तक अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने या नया चीफ सेलेक्टर नियुक्त करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन इस बीच पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल का नाम संभावित उम्मीदवार के तौर पर सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले करीब छह महीनों से BCCI के भीतर पार्थिव पटेल के नाम पर चर्चा चल रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में चयन समिति के नेतृत्व को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

    अगरकर को एक्सटेंशन मिलने की संभावना फिलहाल पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालांकि भारतीय क्रिकेट से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार अगर BCCI और अगरकर के बीच नए कार्यकाल को लेकर सहमति नहीं बनती है तो पार्थिव पटेल को चयन समिति की कमान सौंपी जा सकती है। बोर्ड ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने वार्षिक आम बैठक के बाद इतना जरूर कहा कि इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए बोर्ड के पदाधिकारियों को अधिकृत किया गया है।

    अजीत अगरकर ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन किया था। इसके अलावा ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम भी उनके नेतृत्व वाली चयन समिति ने चुनी। रिपोर्ट के मुताबिक यह मौजूदा चयन समिति के चेयरमैन के तौर पर अगरकर की आखिरी सेलेक्शन मीटिंग हो सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    अगरकर की स्थिति को लेकर चर्चा उस समय भी बढ़ी थी जब वह भारतीय क्रिकेट की एक अहम रिव्यू मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे। इस बैठक में BCCI के शीर्ष अधिकारी हेड कोच गौतम गंभीर टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण समेत कई अहम लोग मौजूद थे। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने अगरकर की गैरमौजूदगी की वजह उनके शहर से बाहर होना बताया था।

    वहीं संभावित नए चीफ सेलेक्टर के रूप में पार्थिव पटेल का नाम इसलिए भी खास है क्योंकि उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव रहा है। 41 साल के पार्थिव ने भारत के लिए 25 टेस्ट 38 वनडे और 2 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं। अगर वह चयन समिति के चेयरमैन बनते हैं तो मौजूदा पैनल में टेस्ट मैचों के लिहाज से सबसे अनुभवी सदस्य होंगे। मौजूदा पैनल में शिवसुंदर दास ने 23 प्रज्ञान ओझा ने 24 आरपी सिंह ने 14 और अजय रात्रा ने 6 टेस्ट खेले हैं।

    संन्यास के बाद भी पार्थिव पटेल क्रिकेट से लगातार जुड़े हुए हैं। वह फिलहाल गुजरात टाइटन्स के असिस्टेंट और बैटिंग कोच की भूमिका में हैं और उपलब्धता के अनुसार कमेंट्री भी करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगले IPL सीजन में गुजरात टाइटन्स के साथ उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना थी लेकिन यदि BCCI उन्हें चयन समिति का चेयरमैन नियुक्त करता है तो फ्रेंचाइजी को अपने कोचिंग सेटअप में बदलाव करना पड़ सकता है।

    भारतीय टीम के लिए आने वाला समय भी बेहद अहम है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां चल रही हैं और वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 का चक्र भी जारी है। ऐसे में चयन समिति के नेतृत्व को लेकर BCCI का फैसला टीम इंडिया की आगे की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल अगरकर के भविष्य पर अंतिम फैसला बाकी है और पार्थिव पटेल का नाम संभावित विकल्प के रूप में चर्चा में बना हुआ है।

  • वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार! गौतम गंभीर ने साफ किया प्लान बोले मौका आएगा तो लंबे समय के लिए मिलेगा

    वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार! गौतम गंभीर ने साफ किया प्लान बोले मौका आएगा तो लंबे समय के लिए मिलेगा


    नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। महज कम उम्र में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज के नाम छह मुकाबलों में दो अर्धशतक भी दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल सकी। अब भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव की स्थिति को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। गंभीर के मुताबिक वैभव को फिलहाल अपनी बारी का इंतजार करना होगा।

    अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज में भारत ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी। दोनों बल्लेबाजों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। खासकर तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 37 गेंदों में शतक जड़ दिया। उनके इस प्रदर्शन के दम पर भारत ने अफगानिस्तान को 127 रन से हराया और तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

    सीरीज के बाद गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम मैनेजमेंट का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वैभव के साथ इस विषय पर बातचीत बिल्कुल साफ है। उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा। टीम मैनेजमेंट उनकी प्रतिभा से पूरी तरह वाकिफ है और जानता है कि वह क्या कर सकते हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव और लगातार प्रदर्शन की भी अपनी अहमियत होती है।

    गंभीर के मुताबिक जो खिलाड़ी पिछले दो तीन साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जिसने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है। ऐसे में फिलहाल अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को हटाकर वैभव को मौका देने की जल्दबाजी नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि टीम मैनेजमेंट वैभव को नजरअंदाज कर रहा है बल्कि उन्हें सही समय पर मौका देने की योजना है।

    गंभीर ने यह भी संकेत दिया कि जब वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी तो उन्हें सिर्फ एक या दो मैचों का मौका नहीं दिया जाएगा। टीम मैनेजमेंट उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर देगा। यानी युवा बल्लेबाज को एक लंबी अवधि के मौके के लिए तैयार रहना होगा।

    गंभीर ने उम्र को लेकर भी अपनी बात रखी। उनका कहना है कि क्रिकेट में इंतजार की स्थिति खिलाड़ी की उम्र देखकर नहीं बदलती। खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का उसे अगर अपनी बारी का इंतजार करना है तो करना होगा। टीम में प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा होना जरूरी है लेकिन हर खिलाड़ी को अपने मौके के लिए इंतजार करना पड़ता है।

    अभिषेक और संजू को लगातार मौका देने के पीछे एक और वजह भी है। गंभीर के मुताबिक टीम मैनेजमेंट अफगानिस्तान सीरीज में उस ओपनिंग कॉम्बिनेशन को दोबारा आजमाना चाहता था जिसने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। सिर्फ तीन चार मैचों के खराब प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं माना गया। दोनों बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के खिलाफ फिर साबित किया कि उन्हें लगातार मौके क्यों दिए जा रहे हैं।

    वैभव ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इसके बाद छह मुकाबलों में दो अर्धशतक लगाकर उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है। गंभीर के संदेश से इतना स्पष्ट है कि टीम मैनेजमेंट युवा बल्लेबाज की प्रतिभा पर भरोसा करता है। फिलहाल वैभव को इंतजार करना होगा और जब उनकी बारी आएगी तो उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाएंगे।

  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव 5 खिलाड़ियों की वापसी ध्रुव जुरेल को मौका पंत का इंतजार फिर बढ़ा

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव 5 खिलाड़ियों की वापसी ध्रुव जुरेल को मौका पंत का इंतजार फिर बढ़ा


    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है। चयन समिति ने दोनों फॉर्मेट के लिए टीम में कई अहम बदलाव किए हैं। वनडे टीम में पांच ऐसे खिलाड़ियों की वापसी हुई है जो इंग्लैंड के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं थे। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को एक बार फिर वनडे टीम में जगह नहीं मिली है। इस फैसले के बाद उनकी वनडे टीम में वापसी का इंतजार और बढ़ गया है।

    वनडे टीम में रवींद्र जडेजा मोहम्मद सिराज यशस्वी जायसवाल ऋतुराज गायकवाड़ और नीतीश कुमार रेड्डी की वापसी हुई है। इन खिलाड़ियों के आने से भारतीय टीम को बल्लेबाजी गेंदबाजी और ऑलराउंड विकल्पों में मजबूती मिलेगी। जडेजा के पास बाएं हाथ की स्पिन के साथ उपयोगी बल्लेबाजी का विकल्प रहेगा जबकि मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव देंगे। यशस्वी जायसवाल को रिजर्व ओपनर के तौर पर टीम में शामिल किया गया है।

    वनडे टीम में कुछ नए चेहरों को भी मौका मिला है। तेज गेंदबाज आकिब नबी विकेटकीपर ध्रुव जुरेल और बल्लेबाज नमन धीर पहली बार वनडे टीम में शामिल किए गए हैं। इन तीनों खिलाड़ियों को वेस्टइंडीज के खिलाफ मौका मिलने पर भारत के लिए वनडे डेब्यू करने का अवसर मिल सकता है। ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग के दूसरे विकल्प के तौर पर चुना गया है। इसके साथ ही केएल राहुल टीम में विकेटकीपर की भूमिका भी निभाएंगे।

    ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी इस चयन की सबसे चर्चित बातों में से एक है। पंत को इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में चुना गया था लेकिन चोट के कारण वह सीरीज से बाहर हो गए थे। इसके बाद वह वनडे टीम में वापसी नहीं कर पाए। अब ध्रुव जुरेल को उनसे आगे चुना गया है। पंत को अगले महीने होने वाले ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है।

    वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे जबकि केएल राहुल उपकप्तान बनाए गए हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी टीम में बरकरार रखा गया है। रोहित ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में शानदार शतक लगाया था। श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में ऋतुराज गायकवाड़ को मध्यक्रम में नंबर चार की भूमिका के लिए देखा जा रहा है।

    नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स की टीम से वापस बुलाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में शामिल किया गया है। वहीं चोटिल वरुण चक्रवर्ती एशियन गेम्स की टीम से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह विप्रज निगम को शामिल किया गया है। चयन के इस बदलाव से साफ है कि टीम मैनेजमेंट नीतीश को वनडे क्रिकेट में ज्यादा मैच समय देना चाहता है।

    टी20 टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। टीम में मयंक यादव और प्रिंस यादव की वापसी हुई है। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को भी टीम में बरकरार रखा गया है। उनके अलावा अभिषेक शर्मा ईशान किशन संजू सैमसन तिलक वर्मा शिवम दुबे अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई जैसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। अर्शदीप सिंह तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे।

    स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और इसी वजह से उन्हें दोनों टीमों में जगह नहीं मिली। हर्ष दुबे सूर्यांश शेडगे और हर्षित राणा भी चोट के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में होगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को मुल्लांपुर में मुकाबला खेला जाएगा। पांच मैचों की टी20 सीरीज 6 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके मुकाबले लखनऊ रांची इंदौर हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे। इस सीरीज में भारतीय टीम के कई युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।

  • एशियन गेम्स में बदली टीम इंडिया की स्क्वाड नीतीश रेड्डी को मिली नई जिम्मेदारी इस युवा खिलाड़ी की एंट्री

    एशियन गेम्स में बदली टीम इंडिया की स्क्वाड नीतीश रेड्डी को मिली नई जिम्मेदारी इस युवा खिलाड़ी की एंट्री


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की स्क्वाड में बड़ा बदलाव किया गया है। बीसीसीआई ने टीम में दो अहम परिवर्तन किए हैं। ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी अब एशियन गेम्स में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होंगे। उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल किया गया है। वहीं स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण एशियन गेम्स से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह युवा ऑलराउंडर विप्रज निगम को भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

    बीसीसीआई ने 16 सितंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इन बदलावों की जानकारी दी। बोर्ड के मुताबिक वरुण चक्रवर्ती साइड स्ट्रेन की समस्या से जूझ रहे हैं। इसी चोट के कारण वह जापान के खिलाफ 22 सितंबर को होने वाले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भी नहीं खेल पाएंगे। वरुण की जगह दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े युवा खिलाड़ी विप्रज निगम को टीम में शामिल किया गया है। अब विप्रज भारतीय दल के साथ जापान जाएंगे और एशियन गेम्स में टीम इंडिया की जर्सी में नजर आ सकते हैं।

    नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स की टीम से हटाने के पीछे बीसीसीआई की वनडे क्रिकेट को लेकर योजना अहम मानी जा रही है। बोर्ड चाहता है कि नीतीश को वनडे फॉर्मेट में ज्यादा मौके मिलें और वह इस प्रारूप में अपनी उपयोगिता साबित करें। इसी वजह से उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। इस सीरीज में मोहम्मद सिराज और रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है।

    नीतीश के हालिया प्रदर्शन ने भी चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में उन्होंने गेंद से प्रभावी प्रदर्शन किया था। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मैच में नीतीश ने तीन अफगानी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला था। इसके बाद उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया।

    नीतीश जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ दो वनडे मुकाबले भी खेल चुके हैं। इन दोनों मैचों में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था। हालांकि धर्मशाला में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में उन्होंने गेंदबाजी करते हुए दो विकेट हासिल किए थे। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में उनके सामने वनडे क्रिकेट में खुद को साबित करने का एक और अवसर होगा।

    दूसरी ओर वरुण चक्रवर्ती की चोट ने एशियन गेम्स की टीम का समीकरण बदल दिया है। अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में गेंदबाजी के दौरान उन्हें चोट लगी थी। इसके बाद वह सीरीज के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गए थे। अब साइड स्ट्रेन के कारण उन्हें जापान टी20 और एशियन गेम्स से भी बाहर होना पड़ा है।

    एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर के हाथों में है जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान बनाए गए हैं। टीम में अभिषेक शर्मा संजू सैमसन ईशान किशन शिवम दुबे अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर रवि बिश्नोई जसप्रीत बुमराह अर्शदीप सिंह वैभव सूर्यवंशी यश ठाकुर और विप्रज निगम शामिल हैं। स्क्वाड में हुए बदलाव के बाद अब खास नजर युवा विप्रज निगम और वनडे टीम में शामिल किए गए नीतीश कुमार रेड्डी पर रहेगी।

  • एशियन गेम्स में पदकों का महामुकाबला: एथलेटिक्स से शूटिंग तक इन 5 खेलों से भारत को बड़ी उम्मीदें

    एशियन गेम्स में पदकों का महामुकाबला: एथलेटिक्स से शूटिंग तक इन 5 खेलों से भारत को बड़ी उम्मीदें


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत 19 सितंबर से जापान के आइची नागोया में होने जा रही है। भारत ने इस बार अपने 503 खिलाड़ियों का दल तैयार किया है जो 35 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। पिछले एशियन गेम्स में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और इस बार भी कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों से पदक जीतने की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें एथलेटिक्स निशानेबाजी कुश्ती मुक्केबाजी और क्रिकेट प्रमुख हैं।

    एथलेटिक्स एशियन गेम्स में भारत के लिए लंबे समय से पदक दिलाने वाले प्रमुख खेलों में शामिल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत ने एशियन गेम्स के 19 संस्करणों में एथलेटिक्स से कुल 283 पदक जीते हैं। इनमें 85 स्वर्ण 102 रजत और 96 कांस्य पदक शामिल हैं। इस बार नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय दल में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर नजर रहेगी। मुरली श्रीशंकर गुलवीर सिंह अविनाश साबले तजिंदरपाल सिंह पारुल चौधरी राजेश रमेश और रोहित यादव से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

    निशानेबाजी भी भारत के लिए अहम खेल रहेगा। एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय निशानेबाजों ने अब तक 80 पदक हासिल किए हैं जिनमें 16 स्वर्ण 30 रजत और 34 कांस्य पदक शामिल हैं। पिछले एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजों ने 22 पदक जीते थे। इस बार मनु भाकर के साथ ईशा सिंह ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर आशी चौकसे और सुरुचि जैसे खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी।

    कुश्ती में भी भारतीय पहलवान पदक के लिए जोर लगाएंगे। एशियन गेम्स में भारत ने इस खेल में अब तक 65 पदक जीते हैं। इनमें 11 स्वर्ण 15 रजत और 39 कांस्य पदक शामिल हैं। अमन सहरावत अंतिम पंघाल दीपक पूनिया मनीषा और सुजीत कलकल भारतीय चुनौती को मजबूत करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुश्ती को शामिल नहीं किए जाने के बाद भारतीय पहलवानों के लिए एशियन गेम्स एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच होगा।

    मुक्केबाजी में भी भारत की उम्मीदें मजबूत हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन के बाद एशियन गेम्स को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। महिला वर्ग में साक्षी चौधरी प्रीति पवार और लवलीना बोरगोहेन पर नजर होगी। पुरुष वर्ग में जादुमणि सिंह सचिन सिवाच अंकुश और नरेंद्र बेरवाल भारतीय चुनौती पेश करेंगे।

    इस बार क्रिकेट भी एशियन गेम्स का हिस्सा है और भारत की पुरुष तथा महिला टीमें इसमें हिस्सा लेंगी। पिछले एशियन गेम्स में दोनों भारतीय टीमों ने स्वर्ण पदक जीता था। महिला टीम 18 सितंबर को अपना पहला मैच खेलेगी जबकि पुरुष टीम 28 सितंबर से अभियान शुरू करेगी। ऐसे में एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन इन प्रमुख खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास तौर पर निर्भर रहेगा।

  • श्रेयस अय्यर की टीम के मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव अब इस वक्त होगा भारत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला

    श्रेयस अय्यर की टीम के मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव अब इस वक्त होगा भारत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम के मुकाबलों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता के कुछ अहम नॉकआउट मुकाबलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक दोपहर में खेले जाने वाले मुकाबले अब जापान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 2 बजे की जगह 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होंगे। इसका सीधा असर भारतीय टीम के क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर भी पड़ेगा। हालांकि महिला क्रिकेट के मुकाबलों की टाइमिंग में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

    भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को एशियन गेम्स में सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला 28 सितंबर को खेलेगी। यह मैच जापान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। जापान भारत से 3 घंटे 30 मिनट आगे है इसलिए भारतीय दर्शक इस मुकाबले को सुबह 10 बजे से देख सकेंगे। वहीं सुबह के स्लॉट में होने वाले मुकाबले पहले की तरह जापान में सुबह 9 बजे शुरू होंगे जिसका मतलब भारत में इनका प्रसारण सुबह 5 बजकर 30 मिनट से होगा।

    टाइमिंग में यह बदलाव केवल क्वार्टर फाइनल तक सीमित नहीं है। 1 अक्टूबर को होने वाला दूसरा सेमीफाइनल भी जापान के समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा। भारतीय टीम के इस चरण तक पहुंचने की पूरी संभावना मानी जा रही है। इसके बाद 3 अक्टूबर को होने वाला गोल्ड मेडल मुकाबला भी दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू किया जाएगा। ऐसे में अगर श्रेयस अय्यर की टीम फाइनल तक पहुंचती है तो भारत में क्रिकेट फैंस को गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला सुबह 10 बजे से देखने को मिलेगा। वहीं पहला क्वार्टर फाइनल जिसमें पाकिस्तान शामिल है पहला सेमीफाइनल और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला सुबह 9 बजे के जापानी समय से ही खेले जाएंगे।

    मैचों की टाइमिंग में बदलाव की वजह भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक जिस स्थान पर एशियन गेम्स के क्रिकेट मुकाबले आयोजित किए जाएंगे वहां फ्लडलाइट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जापान में शाम जल्दी होने के कारण आयोजकों को लंबे चलने वाले पुरुष मुकाबलों को समय से पहले समाप्त कराने की जरूरत महसूस हुई। इसी वजह से दोपहर वाले मैचों को आधा घंटा पहले शुरू करने का फैसला लिया गया है। हालांकि इस बदलाव की जानकारी सभी संबंधित पक्षों तक पूरी तरह नहीं पहुंची थी। भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारियों ने भी इस संबंध में अनभिज्ञता जताई थी जबकि आधिकारिक कार्यक्रम में संशोधित समय अपडेट कर दिया गया है।

    एशियन गेम्स में भारत की टीम को बेहद मजबूत माना जा रहा है। पिछली बार ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने गोल्ड मेडल जीता था। इस बार टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है और टीम में अभिषेक शर्मा संजू सैमसन ईशान किशन शिवम दुबे तिलक वर्मा नीतीश कुमार रेड्डी अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर वरुण चक्रवर्ती रवि बिश्नोई जसप्रीत बुमराह अर्शदीप सिंह वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची और नागोया में होना है। भारत और जापान के बीच 22 सितंबर को होने वाला टी20 मुकाबला एशियन गेम्स क्रिकेट प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। यह मुकाबला अलग कार्यक्रम के तहत सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम की मजबूत स्क्वॉड को देखते हुए इस बार भी गोल्ड मेडल की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

  • Women Asia Cup 2026 : बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में पहुंची टीम इंडिया

    Women Asia Cup 2026 : बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में पहुंची टीम इंडिया


    दुबई।
    महिला एशिया कप 2026 (Women Asia Cup 2026) के सेमीफाइनल (Semifinal) में बांग्लादेश (Bangladesh) को रौंदकर भारतीय महिला टीम (Indian Women’s Team) ने फाइनल का टिकट कटवा लिया है. दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में शेफाली वर्मा की 64 रनों की तूफानी पारी के दम पर भारत ने 149 रनों का स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में बांग्लादेश की महिला टीम (Bangladesh women’s team) 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 109 रन ही बना सकी. हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम ने 40 रनों से मुकाबला जीत लिया।

    शुक्रवार (11 सितंबर) को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच दूसरा सेमीफाइनल खेला जाएगा. ये मैच जीतने वाली टीम 13 सितंबर को भारत के खिलाफ फाइनल खेलेगी. बता दें कि अब तक हुए महिला एशिया कप के हर संस्करण में भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया है. 10 में से 7 बार भारतीय महिला टीम एशिया कप की चैंपियन बनी है।

    बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में मिली शानदार जीत में आक्रामक बल्लेबाज शेफाली वर्मा का अहम योगदान रहा. उन्हें तीन जीवनदान मिले और उन्होंने इसका भरपूर फायदा उठाते हुए 40 गेंदों पर 64 रन बना दिए. इस दौरान शेफाली ने 7 चौके और 3 छक्के जड़े. उनकी इस पारी के दम पर भारत ने 149 रनों का स्कोर खड़ा किया।


    गेंदबाजी में चमकी दीप्ति शर्मा

    बल्ले से शेफाली वर्मा ने कोहराम मचाया तो गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा का जलवा देखने को मिला. स्टार ऑलराउंडर ने 4 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट चटकाए. वहीं, नंदिनी शर्मा ने 10 रन देकर 2 विकेट चटकाए. बांग्लादेश की तरफ से शोर्ना अख्तर ने सबसे ज्यादा 22 रन बनाए और वो अंत तक नाबाद रहीं. 40 गेंदों पर 64 रनों की धमाकेदार पारी खेलने वाली स्टार बल्लेबाज शेफाली वर्मा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. एशिया कप 2026 में भारतीय महिला टीम की ये लगातार चौथी जीत है. इससे पहले ग्रुप स्टेज में भारत ने थाईलैंड, हांगकांग और पाकिस्तान को बुरी तरह रौंदा था।

    8वीं बार चैंपियन बनना चाहेगी टीम इंडिया
    एशिया कप में भारतीय महिला टीम का दबदबा रहा है. 2004 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में 10 संस्करण हुए हैं और हर बार भारत ने फाइनल तक का सफर तय किया है. इसमें से 7 बार टीम इंडिया चैंपियन भी बनी है. अब हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी की नजर 8वें खिताब पर होगी।