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  • रोहित शर्मा को कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं अश्विन बोले विश्व कप खेलना पूरी तरह उनका फैसला

    रोहित शर्मा को कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं अश्विन बोले विश्व कप खेलना पूरी तरह उनका फैसला


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए निर्णायक वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा की शानदार 138 रन की पारी के बाद अश्विन ने कहा कि दोनों अनुभवी खिलाड़ियों को अपने करियर का फैसला खुद करने का पूरा अधिकार है और जब तक वे भारत के लिए खेलना चाहते हैं तब तक उन्हें टीम से बाहर करने का सवाल ही नहीं उठता।

    अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्षों तक अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। उनके रिकॉर्ड और योगदान को देखते हुए अब उन्हें किसी के सामने अपनी क्षमता साबित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों का मूल्य केवल आंकड़ों से नहीं बल्कि उनके अनुभव और बड़े मुकाबलों में निभाई गई भूमिका से भी तय होता है।

    रोहित शर्मा की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए अश्विन ने कहा कि लॉर्ड्स में उनकी पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह आज भी बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। शुरुआती समय में थोड़ा संभलकर खेलने के बाद रोहित पूरी तरह लय में आ गए थे और उनके शॉट्स में वही पुराना आत्मविश्वास दिखाई दे रहा था। अश्विन का मानना है कि यदि परिस्थितियां थोड़ा और साथ देतीं तो रोहित आसानी से 180 रन तक पहुंच सकते थे और भारत को जीत भी दिला सकते थे।

    पूर्व स्पिनर ने कहा कि रोहित अब ऐसे मुकाम पर हैं जहां उन्हें आलोचकों को जवाब देने या अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक अब केवल एक सवाल महत्वपूर्ण है कि क्या रोहित खुद अगले वनडे विश्व कप में खेलना चाहते हैं। यदि उनके भीतर देश के लिए खेलने की इच्छा और जुनून है तो उन्हें पूरा अवसर मिलना चाहिए।

    अश्विन ने विराट कोहली का भी समर्थन करते हुए कहा कि दोनों दिग्गज खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनके अनुभव का फायदा युवा खिलाड़ियों को भी मिलता है और बड़े टूर्नामेंट में उनकी मौजूदगी टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली होती है। ऐसे खिलाड़ियों पर जल्दबाजी में फैसला लेना भारतीय टीम के हित में नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि रोहित शर्मा के लगभग बारह हजार अंतरराष्ट्रीय रन उनके कद और योगदान को खुद साबित करते हैं। दुनिया भर में उनके करोड़ों प्रशंसक हैं और लोग उन्हें बल्लेबाजी करते देखने के लिए मैदान में आते हैं। ऐसे खिलाड़ी केवल आंकड़ों से नहीं बल्कि अपने प्रभाव से भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

    रोहित और विराट के भविष्य को लेकर लगातार हो रही चर्चाओं के बीच अश्विन का यह बयान भारतीय क्रिकेट में नई बहस को जन्म दे सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि टीम प्रबंधन आगामी सीरीज और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में इन दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका को किस तरह तय करता है।

  • केएल राहुल के साथ नाइंसाफी पर श्रीकांत का बड़ा हमला बोले बार बार प्रयोग से विश्व कप की तैयारी पर उठे सवाल

    केएल राहुल के साथ नाइंसाफी पर श्रीकांत का बड़ा हमला बोले बार बार प्रयोग से विश्व कप की तैयारी पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की रणनीति और टीम चयन पर बहस तेज हो गई है। पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर खुलकर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि मजबूत टीमों के खिलाफ लगातार निराशाजनक प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और केवल कमजोर टीमों पर जीत हासिल कर संतुष्ट होना भारतीय क्रिकेट के लिए सही संकेत नहीं है।

    श्रीकांत ने कहा कि भारतीय टीम को आयरलैंड टी20 सीरीज इंग्लैंड टी20 सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। ऐसे में टीम प्रबंधन को अपनी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भारत जिम्बाब्वे श्रीलंका या वेस्टइंडीज जैसी टीमों के खिलाफ जीत दर्ज करता है तो उसे बड़ी उपलब्धि नहीं माना जाना चाहिए। असली पैमाना यह होना चाहिए कि टीम ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड और अन्य मजबूत देशों के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करती है।

    पूर्व सलामी बल्लेबाज ने 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि विश्व कप से पहले बहुत कम वनडे मुकाबले बचे हैं इसलिए लगातार प्रयोग करना टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि बार बार प्लेइंग इलेवन बदलने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित होता है और टीम का संतुलन भी बिगड़ता है। चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या भी टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

    श्रीकांत ने विशेष रूप से केएल राहुल के बल्लेबाजी क्रम पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि लक्ष्य का पीछा करते समय राहुल जैसे अनुभवी बल्लेबाज को निचले क्रम में भेजना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि राहुल कई बार दबाव की परिस्थितियों में भारत को जीत दिला चुके हैं और उन्हें विराट कोहली के साथ शुरुआती चरण में बल्लेबाजी के लिए भेजा जाना चाहिए था। जब रन गति पूरी तरह हाथ से निकल चुकी थी तब उन्हें बल्लेबाजी के लिए भेजना उनके साथ अन्याय जैसा था।

    उन्होंने यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट लगातार खिलाड़ियों की भूमिका बदल रहा है जिससे उनकी लय प्रभावित हो रही है। श्रीकांत के अनुसार राहुल की बॉडी लैंग्वेज भी मैच के दौरान आत्मविश्वास से भरी नजर नहीं आई। उनका मानना है कि यदि राहुल चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते तो वह विराट कोहली के साथ बड़ी साझेदारी बनाकर मैच को अंत तक ले जा सकते थे जैसा उन्होंने 2023 विश्व कप में कई मौकों पर किया था।

    पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि भारतीय टीम को विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए अब स्थिर संयोजन तैयार करना चाहिए। लगातार बदलाव और प्रयोग की नीति से टीम को दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है। उनका मानना है कि टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों की स्पष्ट भूमिकाएं तय करनी होंगी ताकि बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

    भारतीय टीम की हालिया हार के बाद श्रीकांत के ये बयान क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ सकते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाली सीरीज में टीम मैनेजमेंट अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।

  • इंग्लैंड को लॉर्ड्स में हराकर इतिहास रचने वाली भारतीय महिला टीम को सीएम मोहन यादव की बधाई, क्रांति गौड़ के शानदार प्रदर्शन को बताया जीत की सबसे बड़ी ताकत

    इंग्लैंड को लॉर्ड्स में हराकर इतिहास रचने वाली भारतीय महिला टीम को सीएम मोहन यादव की बधाई, क्रांति गौड़ के शानदार प्रदर्शन को बताया जीत की सबसे बड़ी ताकत


    मध्य प्रदेश।
    इंग्लैंड के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक टेस्ट जीत ने पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया है। इस यादगार उपलब्धि पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीम की सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि भारत की बेटियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है। उन्होंने इस जीत को भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिस आत्मविश्वास, अनुशासन और जुझारूपन के साथ इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को उसके घरेलू मैदान पर हराया है, वह देश के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा, समर्पण और कड़ी मेहनत के दम पर किसी भी चुनौती को सफलता में बदला जा सकता है। इस जीत ने भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत को भी दुनिया के सामने मजबूती से स्थापित किया है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मध्यप्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर मैच की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे मुकाबले में सात विकेट हासिल कर उन्होंने भारतीय टीम की जीत को मजबूत आधार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनका यह प्रदर्शन प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का विषय है।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खेल के क्षेत्र में महिलाओं की लगातार बढ़ती उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि यदि उन्हें अवसर और उचित मंच मिले तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहेगी और विश्व क्रिकेट में नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। उन्होंने खिलाड़ियों के समर्पण, टीम भावना और संघर्षशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही गुण किसी भी टीम को बड़ी सफलता तक पहुंचाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश लगातार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है और राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्रांति गौड़ जैसी खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगी। राज्य की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं और खेल जगत में भी उनका प्रदर्शन लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह जीत केवल एक मैच की सफलता नहीं, बल्कि महिला खेलों के बढ़ते आत्मविश्वास और भारत की मजबूत खेल संस्कृति का प्रतीक भी मानी जा रही है। लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर मिली इस उपलब्धि ने देशभर के खेल प्रेमियों में उत्साह का नया संचार किया है। मुख्यमंत्री ने टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि देश को अपनी बेटियों की इस उपलब्धि पर गर्व है और उनकी यह ऐतिहासिक जीत लंबे समय तक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

  • वनडे में इंग्लैंड पर भारत का दबदबा फिर दोहराने की तैयारी हेड टू हेड रिकॉर्ड दे रहे जीत का भरोसा

    वनडे में इंग्लैंड पर भारत का दबदबा फिर दोहराने की तैयारी हेड टू हेड रिकॉर्ड दे रहे जीत का भरोसा


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज का आगाज 14 जुलाई से होने जा रहा है। पहला मुकाबला बर्मिंघम के ऐतिहासिक एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा जहां भारतीय टीम टी20 सीरीज में मिली निराशाजनक हार का हिसाब बराबर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। हालांकि हालिया टी20 प्रदर्शन भारत के पक्ष में नहीं रहा लेकिन वनडे क्रिकेट का इतिहास टीम इंडिया के आत्मविश्वास को मजबूत करता है। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों के आंकड़े साफ बताते हैं कि इस प्रारूप में भारत का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहा है।

    भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 110 वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें से 61 मैच भारत ने अपने नाम किए हैं जबकि इंग्लैंड केवल 44 मुकाबलों में जीत दर्ज कर सका है। दो मैच टाई रहे और तीन मुकाबलों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। यह रिकॉर्ड दिखाता है कि वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया ने लगातार इंग्लैंड पर अपना दबदबा बनाए रखा है और यही इतिहास एक बार फिर भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगा।

    हालांकि इंग्लैंड की धरती पर भारत का रिकॉर्ड अपेक्षाकृत संतुलित रहा है। इंग्लैंड में दोनों टीमों के बीच खेले गए 44 वनडे मुकाबलों में भारत ने 18 मैच जीते हैं जबकि इंग्लैंड ने 23 मुकाबलों में बाजी मारी है। एक मैच टाई रहा और दो मुकाबले बेनतीजा रहे। घरेलू परिस्थितियों का फायदा इंग्लैंड को जरूर मिलता रहा है लेकिन मौजूदा भारतीय टीम के पास अनुभव और संतुलन दोनों मौजूद हैं।

    टी20 सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी थी। शीर्ष क्रम से लेकर मध्यक्रम तक कोई भी बल्लेबाज लगातार प्रभाव नहीं छोड़ पाया। ऐसे में वनडे सीरीज में सभी की नजर रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी पर होगी। इन दोनों दिग्गजों की मौजूदगी से भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी और टीम का अनुभव भी बढ़ेगा। कप्तान शुभमन गिल पर एक बार फिर पारी की मजबूत शुरुआत कराने की जिम्मेदारी होगी जबकि मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर केएल राहुल ईशान किशन और अक्षर पटेल अहम भूमिका निभाएंगे।

    ऑलराउंडर विभाग में वॉशिंगटन सुंदर अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी टीम को संतुलन देंगे। तीनों खिलाड़ी बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर गेंदबाजी की अगुवाई तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह करेंगे जिनका अनुभव और सटीक लाइन लेंथ इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा अर्शदीप सिंह प्रिंस यादव और गुरनूर बरार तेज आक्रमण को मजबूती देंगे। चोट के कारण हर्षित इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं।

    स्पिन विभाग में कुलदीप यादव भारतीय टीम के सबसे बड़े हथियार होंगे। उनकी विविधता इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है। रवि बिश्नोई को भी टीम में जगह मिली है जबकि चोट के चलते वरुण चक्रवर्ती इस सीरीज में नहीं खेल पाएंगे।

    टी20 की निराशा को पीछे छोड़कर टीम इंडिया अब वनडे में नई शुरुआत करना चाहेगी। शानदार हेड टू हेड रिकॉर्ड मजबूत बल्लेबाजी और अनुभवी गेंदबाजी आक्रमण के दम पर भारतीय टीम के पास इंग्लैंड को उसी की धरती पर हराकर सीरीज जीतने का सुनहरा मौका होगा।

  • इंग्लैंड के खिलाफ विराट के बल्ले से बन सकते हैं इतिहास के नए रिकॉर्ड 15 हजार वनडे रन से सिर्फ 203 रन दूर

    इंग्लैंड के खिलाफ विराट के बल्ले से बन सकते हैं इतिहास के नए रिकॉर्ड 15 हजार वनडे रन से सिर्फ 203 रन दूर


    नई दिल्ली ।  भारत और इंग्लैंड के बीच मंगलवार से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद खास होने जा रही है। इस सीरीज के साथ टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली करीब छह महीने बाद एक बार फिर नीली जर्सी में मैदान पर उतरेंगे। उनकी वापसी सिर्फ भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती देने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इस सीरीज में उनके बल्ले से कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी टूट सकते हैं। क्रिकेट जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विराट इंग्लैंड के खिलाफ अपने शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखते हुए इतिहास के नए अध्याय लिख पाएंगे।

    विराट कोहली अब तक भारत के लिए 311 वनडे मुकाबले खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 299 पारियों में 58.71 की शानदार औसत से 14797 रन बनाए हैं। अब वह वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने से केवल 203 रन दूर हैं। यदि वह इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की इस सीरीज में यह आंकड़ा हासिल कर लेते हैं तो वनडे क्रिकेट में 15000 रन बनाने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। इस सूची में फिलहाल केवल महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का नाम शामिल है।

    इस उपलब्धि से भी बड़ी बात यह है कि विराट के पास सबसे तेज 15000 वनडे रन पूरे करने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करने का सुनहरा मौका है। सचिन तेंदुलकर ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 359 पारियां खेली थीं जबकि विराट फिलहाल केवल 299 पारियां खेल चुके हैं। यदि वह इस सीरीज में 203 रन बना लेते हैं तो वह सचिन का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे कम पारियों में 15000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। यह उपलब्धि उनके शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ देगी।

    वनडे क्रिकेट में विराट का रिकॉर्ड पहले से ही बेहद शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 54 शतक और 77 अर्धशतक लगाए हैं तथा दुनिया के सबसे सफल एकदिवसीय बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। रन बनाने की निरंतरता और बड़े मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन उनकी सबसे बड़ी पहचान रही है।

    इंग्लैंड के खिलाफ भी विराट का प्रदर्शन हमेशा प्रभावशाली रहा है। उन्होंने इंग्लैंड के विरुद्ध 38 वनडे पारियों में लगभग 41 की औसत से 1397 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से तीन शतक और 10 अर्धशतक निकले हैं। खास बात यह है कि इंग्लैंड की सरजमीं पर भी उनका रिकॉर्ड बेहद दमदार रहा है। वहां उन्होंने 33 पारियों में 51.88 की औसत से 1349 रन बनाए हैं जिनमें एक शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि इंग्लिश परिस्थितियां विराट के खेल के अनुकूल रही हैं और उन्होंने वहां हमेशा जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की है।

    भारतीय टीम भी चाहेगी कि विराट अपनी वापसी को यादगार बनाएं और बल्लेबाजी क्रम की अगुवाई करते हुए टीम को सीरीज में मजबूत शुरुआत दिलाएं। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम के लिए विराट का अनुभव और बड़े मैचों का दबाव झेलने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

    भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे 14 जुलाई को खेला जाएगा जबकि दूसरा मुकाबला 16 जुलाई और तीसरा एवं अंतिम वनडे 19 जुलाई को होगा। इन तीन मुकाबलों में सिर्फ सीरीज की जीत ही दांव पर नहीं होगी बल्कि करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की नजर विराट कोहली के बल्ले से बनने वाले उन रिकॉर्ड्स पर भी रहेगी जो उन्हें वनडे क्रिकेट के इतिहास में एक नई ऊंचाई पर पहुंचा सकते हैं।

  • टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में

    टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में


    नई दिल्ली । टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी।

    वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है।

    तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे।

    गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

    शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।
    टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी।

    वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है।

    तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे।

    गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

    शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।

  • टी20 की निराशा मिटाने मैदान में उतरेंगे रोहित और विराट वनडे सीरीज में इंग्लैंड को कड़ी चुनौती देने को तैयार भारत

    टी20 की निराशा मिटाने मैदान में उतरेंगे रोहित और विराट वनडे सीरीज में इंग्लैंड को कड़ी चुनौती देने को तैयार भारत


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली हार ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को जरूर निराश किया है लेकिन अब उम्मीदों का नया अध्याय वनडे सीरीज के साथ शुरू होने जा रहा है। तीन मैचों की इस अहम सीरीज में टीम इंडिया अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ मैदान में उतरेगी। दोनों दिग्गजों की वापसी ने भारतीय टीम के हौसले को नई ऊर्जा दी है और फैंस को भरोसा है कि भारत इस बार दमदार पलटवार करेगा।

    हाल के दिनों में भारतीय टीम का टी20 प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद इंग्लैंड ने भी भारतीय टीम को लगातार मुकाबलों में मात देकर सीरीज अपने नाम कर ली। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम दबाव के क्षणों में प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रही। ऐसे में अब वनडे प्रारूप में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन सीमित ओवरों के इस प्रारूप में उनका अनुभव और निरंतरता आज भी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन दोनों बल्लेबाजों का अनुभव टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

    रोहित शर्मा से उम्मीद होगी कि वह शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी कर टीम को मजबूत आधार दें। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले रोहित किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर विराट कोहली कठिन परिस्थितियों में पारी संभालने और लक्ष्य का पीछा करने की अपनी शानदार क्षमता के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। उनका अनुभव युवा बल्लेबाजों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

    भारतीय टीम को एक और बड़ी मजबूती जसप्रीत बुमराह की वापसी से मिली है। तेज गेंदबाजी आक्रमण में उनकी मौजूदगी विरोधी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी। कप्तान शुभमन गिल उपकप्तान श्रेयस अय्यर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल पर भी बड़ी जिम्मेदारी रहेगी कि वे बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दें और टीम को संतुलित प्रदर्शन दिलाएं।

    भारत के लिए यह वनडे सीरीज सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने का मौका नहीं बल्कि आत्मविश्वास और लय हासिल करने की भी परीक्षा है। लगातार मिली हार के बाद टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर भी इस सीरीज पर रहेगी। यदि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन सही बैठा तो भारत एक बार फिर जीत की राह पर लौट सकता है।

    भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे 14 जुलाई को बर्मिंघम में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ में जबकि तीसरा और अंतिम मैच 19 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होगा। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली अपनी शानदार बल्लेबाजी से टीम इंडिया को जीत दिलाकर टी20 की निराशा भुला पाएंगे।

  • टीम इंडिया फिर बल्लेबाजी में फ्लॉप, इंग्लैंड ने 9 विकेट से रौंदकर सीरीज पर किया कब्जा

    टीम इंडिया फिर बल्लेबाजी में फ्लॉप, इंग्लैंड ने 9 विकेट से रौंदकर सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली । ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से करारी शिकस्त देकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने इतिहास रचते हुए पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों वाली टी20 द्विपक्षीय सीरीज अपने नाम कर ली।

    इससे पहले दोनों देशों के बीच खेली गई छह टी20 द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने पांच जीती थीं, जबकि एक सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई थी। वहीं टीम इंडिया को आयरलैंड के बाद लगातार दूसरी टी20 सीरीज में हार झेलनी पड़ी। इससे पहले 2019 में भारत लगातार दो टी20 सीरीज न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से हारा था।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 158 रन ही बना सकी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 80 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

    युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी 15 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि अभिषेक शर्मा 16 रन ही बना सके। ईशान किशन का खराब फॉर्म जारी रहा और वह केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शिवम दुबे ने 22 रन, तिलक वर्मा ने 11 रन, वॉशिंगटन सुंदर ने 5 रन और अक्षर पटेल ने सिर्फ 1 रन का योगदान दिया। भारतीय बल्लेबाजी एक बार फिर बड़े स्कोर तक पहुंचने में नाकाम रही।

    159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। फिल साल्ट ने नाबाद 59 रन बनाए, जबकि कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ 35 गेंदों में 79 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया। ब्रूक ने अपनी पारी में 8 चौके और 4 छक्के लगाए। हालांकि जोस बटलर केवल 8 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने कोई और विकेट नहीं गंवाया।

    इंग्लैंड ने सिर्फ 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर भारत को 9 विकेट से हराया और सीरीज पर कब्जा जमा लिया। अब दोनों टीमों के बीच पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 11 जुलाई को साउथेम्प्टन में खेला जाएगा, जहां भारत सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • ब्रिस्टल में टीम इंडिया का बुरा हाल, हैरी ब्रूक की तूफानी पारी से इंग्लैंड ने सीरीज पर किया कब्जा

    ब्रिस्टल में टीम इंडिया का बुरा हाल, हैरी ब्रूक की तूफानी पारी से इंग्लैंड ने सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली । ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने 2019 के बाद पहली बार लगातार दो टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज गंवाई हैं। इससे पहले भारत आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज 0-2 से हार चुका था।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन ही बना सकी। बल्लेबाज एक बार फिर बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे और टीम चुनौतीपूर्ण स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। जवाब में इंग्लैंड ने सिर्फ 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर 159 रन बनाते हुए मुकाबला 37 गेंद शेष रहते अपने नाम कर लिया।

    गेंदों के लिहाज से यह भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीसरी सबसे बड़ी हार रही। वहीं 150 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने विकेटों के लिहाज से अपनी संयुक्त रूप से दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

    इंग्लैंड की जीत के हीरो कप्तान हैरी ब्रूक रहे, जिन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में 79 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। दूसरी ओर फिल साल्ट ने 42 गेंदों में नाबाद 59 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 68 गेंदों में 146 रन की अविजित साझेदारी कर मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में कर दिया।

    यह जीत इंग्लैंड के लिए ऐतिहासिक भी रही। पहली बार उसने भारत को दो या उससे अधिक मैचों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज में हराया है। इससे पहले दोनों देशों के बीच खेली गई छह टी20 द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने पांच जीती थीं, जबकि एक सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई थी।

    अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 11 जुलाई को साउथेम्प्टन के द रोज बाउल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि इंग्लैंड की नजर क्लीन स्वीप पर होगी।

  • वियतनाम में गूंजेगा भारत का दम, पिकलबॉल वर्ल्ड कप के लिए मजबूत टीम का ऐलान, हर्ष मेहता बने कप्तान

    वियतनाम में गूंजेगा भारत का दम, पिकलबॉल वर्ल्ड कप के लिए मजबूत टीम का ऐलान, हर्ष मेहता बने कप्तान


    नई दिल्ली । भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन ने पिकलबॉल वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 30 अगस्त से 6 सितंबर तक वियतनाम के दा नांग शहर में खेला जाएगा, जहां दुनिया की शीर्ष टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी। कड़े ट्रायल और चयन प्रक्रिया के बाद चुनी गई भारतीय टीम इस बार विश्व मंच पर दमदार प्रदर्शन करने और खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी।

    भारतीय टीम की कमान अनुभवी खिलाड़ी हर्ष मेहता को सौंपी गई है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हर्ष से टीम को काफी उम्मीदें हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी दी है। वहीं युवा प्रतिभा अर्जुन सिंह को अंडर 18 वर्ग की टीम का कप्तान बनाया गया है। अर्जुन पिछले कुछ समय से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें भारतीय पिकलबॉल का भविष्य माना जा रहा है।

    पुरुष टीम में हर्ष मेहता के अलावा अर्जुन सिंह, अनीश फ्रोलियन और अमन पटेल को जगह मिली है। महिला वर्ग में मिहिका यादव, आलिया इब्राहिम, पर्ल अमलसदीवाला और नाओमी अमलसदीवाला भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। चयनकर्ताओं का मानना है कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का यह संतुलित मिश्रण टीम को विश्व कप में मजबूत दावेदार बनाएगा।

    कप्तान बनाए जाने के बाद हर्ष मेहता ने खुशी जताते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की व्यक्तिगत प्रतिभा मैच जिता सकती है, लेकिन चैंपियन वही टीम बनती है जो एकजुट होकर खेलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि पूरी टीम अपनी क्षमता के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी और भारत को विश्व कप में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। साथ ही उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपने के लिए भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन का आभार भी व्यक्त किया।

    महिला टीम की खिलाड़ियों पर्ल अमलसदीवाला और नाओमी अमलसदीवाला ने पिछले एक वर्ष में घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। दोनों खिलाड़ियों ने महिला डबल्स और मिक्स्ड डबल्स स्पर्धाओं में कई महत्वपूर्ण पदक अपने नाम किए हैं। खास बात यह है कि नाओमी अमलसदीवाला और अर्जुन सिंह की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स में भारत की सबसे मजबूत जोड़ियों में गिनी जाती है। हाल के महीनों में इस जोड़ी ने विश्व रैंकिंग की कई शीर्ष टीमों को हराकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया है।

    भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह भुल्लर ने टीम पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस बार भारत के पास संतुलित और बेहद मजबूत टीम है। उन्होंने कहा कि हर्ष मेहता के नेतृत्व में सभी खिलाड़ी केवल भागीदारी के लिए नहीं बल्कि विश्व खिताब जीतने के इरादे से वियतनाम जाएंगे। उनका विश्वास है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेंगे।

    पिछले पिकलबॉल वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। इस बार लक्ष्य उससे एक कदम आगे बढ़कर स्वर्ण पदक जीतने का है। इसी उद्देश्य से चयनित खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें तकनीकी कौशल, फिटनेस, मानसिक मजबूती और खेल पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारतीय टीम पूरी तैयारी के साथ विश्व कप में उतरकर एक बार फिर देश को गौरवान्वित करने की कोशिश करेगी।