Tag: Test cricket

  • विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।

    विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।


    नई दिल्ली:भारतीय क्रिकेट में अगर किसी खिलाड़ी ने पिछले डेढ़ दशक में सबसे ज्यादा जुनून, जुनूनी फैंस और जज्बे की पहचान बनाई है, तो वह नाम विराट कोहली का है। मैदान पर उतरते ही कोहली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं रहते, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं की धड़कन बन जाते हैं। उनके हर शॉट, हर रिएक्शन और हर जश्न में फैंस खुद को देख लेते हैं।

    हालांकि अब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम दौर की ओर बढ़ रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट के कुछ फॉर्मेट्स को अलविदा कह दिया है। टी20 क्रिकेट से पहले ही दूरी बना चुके कोहली ने इसी साल टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेकर फैंस को भावुक कर दिया। फिलहाल 37 वर्षीय कोहली केवल वनडे क्रिकेट में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।फैंस भले ही विराट को टी20 में पसंद करते रहे हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी मौजूदगी कुछ अलग ही रोमांच पैदा करती थी। उनकी आक्रामक कप्तानी, तेज गेंदबाजों को उकसाने वाला अंदाज और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता टेस्ट क्रिकेट को खास बना देती थी। यही वजह है कि आज भी फैंस को टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की सबसे ज्यादा कमी खलती है।

    इसी भावनात्मक जुड़ाव को शब्दों में पिरोया है भारत के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने। हाल ही में सिद्धू ने सोशल मीडिया पर विराट कोहली को लेकर एक पोस्ट साझा की जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इस पोस्ट को फैंस कोहली पगलूपोस्ट कहकर शेयर कर रहे हैं और जमकर भावनाएं जता रहे हैं।नवजोत सिंह सिद्धू ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि अगर भगवान उन्हें सिर्फ एक इच्छा मांगने का मौका दें, तो वह विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट वापस लेने की मांग करेंगे। सिद्धू के इस बयान ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को जैसे आवाज दे दी हो।

    अपनी पोस्ट में सिद्धू ने लिखा,

    अगर भगवान मुझे एक विश देते तो मैं उनसे कहता कि विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट की रिटायरमेंट से वापस लाओ। 1.5 अरब लोगों के देश को इससे बड़ी खुशी और आनंद किसी और चीज से नहीं मिल सकता। उनकी फिटनेस आज भी 20 साल के लड़के जैसी है। विराट खुद 24 कैरेट सोने जैसे खरे इंसान हैं।सिद्धू का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विराट कोहली ने इसी साल इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि कोहली की फिटनेस और फॉर्म अभी भी बेहतरीन मानी जा रही थी।

    विराट कोहली ने 12 मई 2025 को आधिकारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 46.85 की शानदार औसत से 9,230 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। आंकड़ों से कहीं ज्यादा, कोहली का योगदान भारतीय टेस्ट टीम की मानसिकता बदलने में रहा।आज भले ही विराट टेस्ट क्रिकेट से दूर हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और विरासत हर टेस्ट मैच में महसूस की जाती है। नवजोत सिंह सिद्धू का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि विराट कोहली सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक युग हैं जिसकी कमी आने वाले सालों तक महसूस की जाती रहेगी।

  • ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नया इतिहास! एलेक्स कैरी ने कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन बनाने वाले विकेटकीपर का बड़ा रिकॉर्ड बनाया

    ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नया इतिहास! एलेक्स कैरी ने कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन बनाने वाले विकेटकीपर का बड़ा रिकॉर्ड बनाया


    नई दिल्ली।ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने शनिवार को ब्रिसबेन में खेले जा रहे एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच के दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। कैरी अब एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाजों में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। यह रिकॉर्ड पहले एडम गिलक्रिस्ट के नाम था, जिन्होंने पांच बार यह कारनामा कर इतिहास रचा था।

    हालांकि चौथे टेस्ट के दौरान कैरी का प्रदर्शन थोड़ी निराशा वाला रहा। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में वह जल्दी ही सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने गिलक्रिस्ट के खास क्लब में अपनी जगह पक्की कर ली।एलेक्स कैरी ने 2025 में ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल 767 रन बनाए, जिससे वह साल 2005 के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपर बन गए। एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बात करें तो उन्होंने 2001 में 870, 2004 में 837, 2005 में 836, 2002 में 792 और 2003 में 714 रन बनाए थे।

    कैरी ने साल 2025 में श्रीलंका, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका WTC फाइनलऔर इंग्लैंड के खिलाफ कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। उनके इस प्रदर्शन के चलते वह आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो चुके हैं।ब्रिसबेन में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच का पहला दिन बेहद रोमांचक रहा। पहले दिन ही 20 विकेट गिर गए, और दोनों टीमों की पहली पारी पूरी हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के चार रन बना लिए थे, जिससे उन्हें 46 रन की बढ़त मिली।

    दूसरे दिन भी विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। लंच ब्रेक तक ऑस्ट्रेलिया ने 25 ओवर में 6 विकेट खोकर 98 रन बनाए। पहले सेशन में टीम ने 94 रन जोड़े और 6 विकेट गंवाए। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने कुल मिलाकर 140 रन की बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड के जोश टंग ने 45 रन देकर पांच विकेट लिए। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड ने मेजबान टीम को 152 रन पर ऑलआउट कर दिया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 29.5 ओवर में 110 रन पर ऑलआउट हो गई।इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने पहले तीन टेस्ट मैच जीतकर 11 दिन के भीतर सीरीज अपने नाम कर ली थी। इस जीत के साथ ही टीम के लिए कैरी का प्रदर्शन और भी खास बन गया है, क्योंकि उन्होंने टीम को मजबूत बल्लेबाजी का सहारा दिया और गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड को चुनौती दी।

    एक कैलेंडर ईयर में ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा टेस्ट रन:

    870 – एडम गिलक्रिस्ट, 2001

    837 – एडम गिलक्रिस्ट, 2004

    836 – एडम गिलक्रिस्ट, 2005

    792 – एडम गिलक्रिस्ट, 2002

    767 – एलेक्स कैरी, 2025

    714 – एडम गिलक्रिस्ट, 2003

    इस उपलब्धि से यह साफ हो गया है कि एलेक्स कैरी ने न सिर्फ खुद को टीम का अहम हिस्सा बनाया है, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके इस प्रदर्शन से युवा खिलाड़ियों में भी प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में ऑस्ट्रेलिया के लिए कई रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद बढ़ जाएगी।

  • शाकिब अल हसन ने किया चौंकाने वाला यू-टर्न: तीनों फॉर्मेट में खेलकर लेना चाहते फेयरवेल सीरीज

    शाकिब अल हसन ने किया चौंकाने वाला यू-टर्न: तीनों फॉर्मेट में खेलकर लेना चाहते फेयरवेल सीरीज


    नई दिल्ली। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास पर अपने पहले के फैसले को पलटते हुए तीनों फॉर्मेट-ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल-में खेलने की इच्छा जताई है। शाकिब चाहते हैं कि वे अपने करियर की अंतिम सीरीज बांग्लादेश में घरेलू दर्शकों के सामने खेलकर विदाई लें।

    रिटायरमेंट से वापसी का कारण

    शाकिब ने पिछले साल अक्टूबर में भारत के खिलाफ कानपुर टेस्ट खेला था। इसके बाद उन्होंने टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की थी, जबकि वनडे इंटरनेशनल खेलते रहने की इच्छा जताई थी। बाद में विवाद और कानूनी मुद्दों के कारण वह टीम में वापसी नहीं कर पाए।

    हाल ही में बियर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट में मोईन अली से बातचीत के दौरान शाकिब ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तीनों फॉर्मेट से आधिकारिक रूप से संन्यास नहीं लिया है। उन्होंने कहा:

    “मेरी इच्छा है कि मैं बांग्लादेश लौटकर ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल की पूरी सीरीज खेलूं और इसके बाद संन्यास लूँ। मैं इसे किसी भी क्रम में खेल सकता हूँ, लेकिन पूरी सीरीज खेलकर ही विदाई लेना चाहता हूँ।”

    बांग्लादेश लौटने की चुनौती

    शाकिब के लिए बांग्लादेश लौटना आसान नहीं है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने पहले ही स्पष्ट किया है कि वे किसी भी तरह की सुरक्षा गारंटी नहीं दे सकते। पिछले साल शाकिब घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ फेयरवेल टेस्ट खेलना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और गिरफ्तारी के डर के कारण उन्होंने जोखिम नहीं लिया।

    साथ ही शाकिब ने कहा कि वे फिट रहकर चयन के लिए उपलब्ध रहना चाहते हैं और घरेलू दर्शकों के सामने ही अपने करियर को सम्मानजनक रूप से समाप्त करना चाहते हैं।

    शाकिब का करियर: शानदार ऑलराउंड रिकॉर्ड

    38 वर्षीय शाकिब अल हसन ने बांग्लादेश के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया है:

    टेस्ट: 71 मैच, 4609 रन (औसत 37.78), 246 विकेट

    वनडे: 247 मैच, 7570 रन, 317 विकेट

    टी20 इंटरनेशनल: 129 मैच, 2551 रन, 149 विकेट

    आईपीएल: 71 मैच, 793 रन, 63 विकेट

    उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की क्षमताओं ने उन्हें बांग्लादेश के सबसे बड़े ऑलराउंडरों में शामिल किया है।

    शाकिब की यह वापसी और अंतिम सीरीज की योजना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खासा रोमांचक बन सकती है, लेकिन सुरक्षा और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उनके देश लौटने में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

  • जो रूट का कमाल: ऑस्ट्रेलिया में पहली बार लगाया शतक, 160वें टेस्ट में रचा इतिहास

    जो रूट का कमाल: ऑस्ट्रेलिया में पहली बार लगाया शतक, 160वें टेस्ट में रचा इतिहास


    नई दिल्‍ली । इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शतक लगाया। जो रूट का ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर पहला टेस्ट शतक है। जो रूट ने ब्रिसबेन में खेले जा रहे पिंक बॉल टेस्ट में 181 गेंदों का सामना करते हुए 100 रन पूरे किए। रूट अपनी पारी में 11 चौके लगा चुके हैं। जो रूट ने 160वें टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने का कारनामा किया। रूट का टेस्ट में ये 40वां शतक है।

    ब्रिसबेन में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला है। इंग्लैंड ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए हैं। हालांकि जो रूट एक छोर पर डटे हुए हैं। जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया में 30वीं पारी में अपना पहला शतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा पारी खेलने के बाद शतक लगाने का रिकॉर्ड इयान हीली के नाम है। उन्होंने 41 पारी ली थी। बॉब सिम्पसन ने 36, गोर्डन और स्टीव वॉ ने 32 पारियों में ये कमाल किया था।