गुरुवार के उपाय: विष्णु और गुरु बृहस्पति की पूजा से बढ़ाएं सुख-समृद्धि..


नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गुरुवार को भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की उपासना का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन ज्ञान, करियर, विवाह, धन और सामाजिक सम्मान से जुड़ा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, जिन जातकों की कुंडली में गुरु कमजोर होता है, उनके लिए गुरुवार के उपाय विशेष रूप से लाभकारी माने जाते हैं गुरु बृहस्पति को धर्म, नीति, शिक्षा और सदाचार का कारक ग्रह माना गया है। यही कारण है कि गुरुवार को किए गए दान, पूजा और मंत्र जाप से सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

गुरुवार के प्रमुख उपाय
धार्मिक परंपरा के अनुसार गुरुवार की शुरुआत स्नान से करनी चाहिए। स्नान के जल में हल्दी मिलाकर स्नान करना शुभ माना गया है। इसके बाद पीले वस्त्र पहनने की परंपरा है। पूजा में भगवान विष्णु को पीले फूल, हल्दी और पीले फल अर्पित किए जाते हैं।केले के वृक्ष की पूजा भी विशेष फलदायी मानी जाती है। श्रद्धालु केले के पेड़ की जड़ में जल, हल्दी, चने की दाल और गुड़ अर्पित कर दीपक जलाते हैं। ऐसा करने से गुरु दोष शांत होता है और आर्थिक अड़चनें दूर होती हैं।

मंत्र जाप और दान
गुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने के लिए मंत्र जाप अत्यंत प्रभावकारी है। 108 बार
ॐ बृं बृहस्पतये नमः या ॐ ऐं श्रीं बृहस्पतये नमः का जाप करना शुभ माना जाता है। दान की दृष्टि से गुरुवार को हल्दी, पीले वस्त्र, चने की दाल, गुड़ या केसर जरूरतमंदों को देना लाभकारी होता है। गाय को चने की दाल और गुड़ खिलाने से भी गुरु ग्रह मजबूत होता है।

विशेष सावधानियां
कुछ परंपराओं के अनुसार, गुरुवार की सुबह हल्दी और गंगाजल मिलाकर घर के मुख्य द्वार पर छिड़काव करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। वहीं इस दिन बाल कटवाने, दाढ़ी बनवाने, कपड़े धोने या हल्दी और पैसे उधार देने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से गुरु की स्थिति कमजोर हो सकती है।धार्मिक विशेषज्ञ मानते हैं कि नियमित श्रद्धा और संयम के साथ किए गए ये उपाय मानसिक शांति और जीवन में संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं।