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  • PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

    PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले


    नई दिल्ली।
    पांच देशों के दौरे से वापस आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) गुरुवार को कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके नतीजों तथा भविष्य की योजनाओं सहित अन्य विषयों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्रियों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच, यह इस वर्ष कैबिनेट की पहली पूर्ण बैठक होगी।

    सूत्रों ने बताया कि बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कामकाज, हाल के दिनों में लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके परिणामों, तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं, उन्हें अधिकतम सफलता के लिए कैसे लागू किया जाए और अन्य विषयों की भी समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।


    क्या होगा बैठक का एजेंडा?

    पीएम मोदी के पश्चिम एशिया में जारी संकट और उसके आर्थिक प्रभावों का जिक्र करने की संभावना है और वह मंत्रालयों तथा विभागों को निर्देश दे सकते हैं कि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए किस तरह से आगे बढ़ा जाए। सूत्रों ने बताया कि बैठक में ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।

    पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के कुछ ही समय बाद, मोदी ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया था कि वे नागरिकों और इससे प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाएं।


    आमजन को फायदा पहुंचाने पर होगी चर्चा

    बैठक में आम लोगों के फायदे के लिए सभी क्षेत्रों में सुधार लाने की सरकार की प्राथमिकता पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले अगले 10 वर्षों के लिए सुधार की प्राथमिकताओं की रूपरेखा पेश करते हुए कहा था कि उनकी सरकार की रिफॉर्म एक्सप्रेस ने व्यवस्थागत बदलाव लाए हैं और आम नागरिकों को काफी हद तक लाभ पहुंचाया है। यह बैठक प.बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जबर्दस्त जीत के बाद हो रही है।

  • देशभर में आज शनि जयंती की धूम… जानिए साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपाय

    देशभर में आज शनि जयंती की धूम… जानिए साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपाय


    नई दिल्ली।
    आज ज्येष्ठ मास (Jyeshtha month) की अमावस्या (Amavasya) है और आज के ही दिन शनि जयंती भी है। देशभर में आज शनि जयंती (Shani Jayanti 2026) धूमधाम से मनाई जा रही है। इस अवसर पर शनि मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही मंदिर परिसर में यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां डालीं। भक्तों ने न्याय के देवता शनि देव को सरसों का तेल और काले तिल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इसी के साथ, बट सावित्री पर्व भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है।

    हिंदू धर्म में शनि देव (Shani Dev) को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना जाता है. मान्यता है कि आज ही के दिन सूर्य पुत्र शनि देव का जन्म हुआ था. आज शनिवार का दिन होने के कारण इस जयंती का महत्व अनंत गुना बढ़ गया है, क्योंकि शनिवार स्वयं शनि देव को समर्पित है.


    1. आज का शुभ मुहूर्त (Shani Jayanti 2026 Muhurat)

    आज 16 मई को पूजा के लिए कई शुभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार अमावस्या तिथि का विवरण इस प्रकार है:
    – अमावस्या तिथि का आरंभ: 15 मई 2026 को दोपहर से.
    – अमावस्या तिथि का समापन: आज 16 मई 2026 को शाम 05:40 बजे तक.
    – अमृत काल (पूजा के लिए श्रेष्ठ): सुबह 09:15 से 10:45 तक.
    – संध्या काल पूजा: शाम 06:30 से रात 08:30 तक (शनि देव की पूजा सूर्यास्त के बाद विशेष फलदायी होती है.


    2. शनि जयंती पूजा विधि

    आज के दिन शनि देव की कृपा पाने के लिए भक्त इन चरणों का पालन करें.
    – ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: आज सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें.
    – संकल्प: हाथ में जल लेकर शनि देव के व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें.
    – मंदिर दर्शन: पास के शनि मंदिर जाएं. यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर के पश्चिम कोने में एक चौकी पर काला कपड़ा बिछाकर शनि देव की यंत्र या प्रतिमा स्थापित करें.
    – तैल अभिषेक: शनि देव की शिला या प्रतिमा पर सरसों का तेल अर्पित करें. ध्यान रहे कि तेल चढ़ाते समय उनकी आंखों में न देखें, बल्कि चरणों की ओर दृष्टि रखें.
    – नैवेद्य: उन्हें नीले फूल, काले तिल, अक्षत और भोग में इमरती या काली उड़द की खिचड़ी अर्पित करें.
    – मंत्र जाप: आज कम से कम 108 बार “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” इस मंत्र का जाप करें.


    3. शनि दोष से मुक्ति के अचूक उपाय (Effective Remedies)

    अगर आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष है, तो आज 16 मई को ये उपाय जरूर करें.
    – पीपल के पेड़ की पूजा: आज शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें.
    – छाया दान: एक कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें अपना चेहरा देखें, फिर उस तेल को दान कर दें या मंदिर में रख आएं.
    – हनुमान जी की भक्ति: शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वह उनके भक्तों को परेशान नहीं करेंगे. इसलिए आज हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ अवश्य करें.


    4. क्या दान करें? (Donation Guide)

    आज के दिन दान का फल कई जन्मों तक मिलता है. इन वस्तुओं का दान करना शुभ है.
    – काले वस्त्र और छाता.
    – लोहे के बर्तन या जूते-चप्पल.
    – काली उड़द की दाल और काले तिल.
    – जरूरतमंदों और कुष्ठ रोगियों को भोजन कराना.


    5. राशि अनुसार विशेष लाभ (Zodiac Insights)

    आज का दिन विशेष रूप से कुंभ, मकर और मीन राशि (साढ़ेसाती के प्रभाव वाली), कर्क और वृश्चिक राशि (ढैय्या के प्रभाव वाली) के जातकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इन राशियों के जातकों को आज सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए ताकि शनि देव के प्रतिकूल प्रभाव कम हो सकें.

  • UP में आज होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार…. सरकार में शामिल होंगे 6 नए चेहरे

    UP में आज होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार…. सरकार में शामिल होंगे 6 नए चेहरे


    लखनऊ।
    यूपी (UP) में आज योगी सरकार (Yogi Government) का मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) होने जा रहा है। टीम योगी में छह नए चेहरे शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह रविवार को जनभवन में 3.30 से होगा। इससे पहले शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandiben Patel) से मुलाकात कर मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों की सूची दी। बता दें कि योगी कैबिनेट का यह दूसरा विस्तार है।

    टीम योगी के विस्तार में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत मनोज पांडेय, पूजा पाल, सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान और हंसराज विश्वकर्मा को मंत्रिमंडल में जगह मिलने जा रही है। देर रात तक जनभवन से सभी नए चेहरों को शपथ ग्रहण समारोह की सूचना भेज दी गई। योगी सरकार 2.0 का गठन 25 मार्च 2022 को हुआ था, तब मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कुल 52 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इनमें 18 कैबिनेट मंत्री, 14 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और 20 राज्य मंत्री शामिल थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले 5 मार्च 2024 को पहला विस्तार हुआ, जिसमें ओमप्रकाश राजभर, अनिल कुमार, सुनील शर्मा और दारा सिंह चौहान को कैबिनेट में शामिल किया गया। तब मंत्रियों की संख्या बढ़कर 56 हो गई थी। हालांकि, जितिन प्रसाद और अनूप प्रधान के सांसद चुने जाने के बाद यह संख्या घटकर 54 रह गई।


    मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना

    इस बार के विस्तार में कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है। भाजपा इस विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने के साथ विपक्ष के पीडीए फार्मूले का जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है। खास बात यह है कि संभावित नए मंत्रियों में मनोज पांडेय और पूजा पाल पहले समाजवादी पार्टी में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे।


    यूपी में अधिकतम 60 बन सकते हैं मंत्री

    यूपी में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अगले साल प्रस्तावित चुनावों से पहले भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश में जुटी है। पार्टी नए चेहरों को शामिल कर विभिन्न वर्गों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।

    महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अभियान को आगे बढ़ाते हुए भाजपा इस विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व पर भी जोर दे रही है। संभावित छह नए मंत्रियों में दो महिलाओं को मौका दिया जा रहा है, जिसे पार्टी महिला भागीदारी बढ़ाने के संदेश के तौर पर देख रही है। मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा कई राजनीतिक लक्ष्य साधने की तैयारी में है। इसी को लेकर रविवार को गोपन विभाग सक्रिय रहा, जबकि राज्य संपत्ति विभाग को नए मंत्रियों के लिए आधा दर्जन गाड़ियां तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

  • बंगाल का नया CM कौन…. आज MLAs संग अमित शाह की बैठक पर सभी की नजरें

    बंगाल का नया CM कौन…. आज MLAs संग अमित शाह की बैठक पर सभी की नजरें


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) के नतीजों के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य की कमान किसके हाथों में होगी। भारतीय जनता पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सस्पेंस बरकरार है। इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज कोलकाता में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ एक हाई-प्रोफाइल बैठक करने वाले हैं। बैठक के बाद जल्द ही राज्य के अगले सीएम के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा।


    अमित शाह और मोहन चरण माझी को अहम जिम्मेदारी

    पार्टी आलाकमान ने विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुख्य पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) की जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे।


    बैठक में कैसे तय होगा विधायक दल का नेता?

    आज होने वाली इस बैठक में दोनों पर्यवेक्षक सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, शाह व्यक्तिगत स्तर पर और सामूहिक रूप से विधायकों से बात करेंगे ताकि मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति बनाई जा सके। विधायकों की राय जानने के बाद विधायक दल के नेता और अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। माना जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता शमिक भट्टाचार्य बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं, जिसके बाद इस फैसले को आधिकारिक रूप दिया जाएगा।


    9 मई को होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह

    नए मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। इस बीच राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मई को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी की मौजूदगी पश्चिम बंगाल की राजनीति में होने जा रहे इस बड़े बदलाव को और भी खास बनाएगी।


    रेस में और कौन?

    नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी जीत का परचम लहराने वाले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे शुभेंदु अधिकारी का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है। हालांकि बीजेपी अक्सर अपने फैसलों से चौंकाती रही है। शुभेंदु के अलावा कुछ अन्य नामों पर भी चर्चा गर्म है।

    सुकांत मजूमदार: प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनके शांत स्वभाव और आरएसएस (RSS) के साथ उनके गहरे जुड़ाव को देखते हुए उन्हें एक ‘डार्क हॉर्स’ माना जा रहा है।

    दिलीप घोष: पार्टी को जमीनी स्तर पर खड़ा करने वाले दिलीप घोष का नाम भी चर्चा से बाहर नहीं है। उनका आक्रामक अंदाज कार्यकर्ताओं में जोश भरता है।

    महिला कार्ड या नया चेहरा: महिला वोटरों को साधने के लिए बीजेपी किसी महिला विधायक या फिर केंद्र से किसी अनुभवी चेहरे को भी बंगाल की कमान सौंप सकती है।

    पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर लिया, जिससे राज्य में टीएमसी के लगातार 15 वर्षों के शासन का अंत हो गया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने 80 सीटों पर जीत दर्ज की।

  • पश्चिम बंगालः कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना आज …. CAPF की 200 कंपनियां तैनात

    पश्चिम बंगालः कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना आज …. CAPF की 200 कंपनियां तैनात


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) की मतगणना (Vote Counting) को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि काउंटिंग के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापक सुरक्षा इंतजामों के बीच मतगणना पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से कराई जाएगी। वोटों की गिनती से पहले हुई कई बैठकों में अग्रवाल ने साफ किया कि चुनाव आयोग ने कोई भी कसर नहीं छोड़ी है।

    पूरे राज्य में मतगणना केंद्रों (Counting centres) की सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 200 कंपनियों को मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य पुलिस, राज्य सशस्त्र पुलिस और CAPF मिलकर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। मतगणना केंद्रों के बाहर सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं।


    तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू

    मनोज अग्रवाल ने कहा, ‘सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। रिटर्निंग ऑफिसर (RO), असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO), मतगणना एजेंट और सुपरवाइजर पूरी तरह तैयार हैं और उन्हें कई बार प्रशिक्षण दिया जा चुका है। किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है, सब कुछ नियमों के अनुसार ही होगा।’ उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही या शरारत पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतगणना केंद्र के अंदर मौजूद कोई भी व्यक्ति अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी करता है, तो उसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, एजेंटों और आम जनता से अपील की कि वे शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें, ताकि मतगणना बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। अग्रवाल ने बताया कि चुनाव आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस महानिदेशक और अन्य सीनियर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें की हैं, ताकि किसी भी संभावित अशांति को पहले ही रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पहले और दूसरे चरण के मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए थे और उम्मीद है कि मतगणना भी उसी तरह शांतिपूर्ण होगी।

  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं…. 5 रुपये तक की बढ़ोतरी के आसार

    पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं…. 5 रुपये तक की बढ़ोतरी के आसार


    नई दिल्ली।
    आज एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price) में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है। 2022 से ही सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों की वजह से आने वाले दिनों में कीमतों में इजाफा हो सकता है। सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार पेट्रोल और डीजल के रेट (Petrol Diesel Price) को 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इस पर आने वाले कुछ दिनों में फैसला हो जाएगा।


    1 अप्रैल को इंडियन ऑयल ने बढ़ाया था प्रीमियम पेट्रोल का रेट

    इंडियन ऑयल ने 1 अप्रैल को प्रीमियम पेट्रोल का रेट 11 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिया था। जिसके बाद प्रीमियम पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, प्रीमियम डीजल का रेट 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

    आपके शहर में पेट्रोल का क्या है रेट? (Petrol Price in Your City)

    नई दिल्ली – 94.72 रुपये
    मुंबई – 104.21 रुपये
    कोलकाता – 103.94 रुपये
    चेन्नई – 100.75 रुपये
    अहमदाबाद – 94.49 रुपये
    बेंगलुरू – 102.92 रुपये
    हैदराबाद – 107.46 रुपये
    जयपुर – 104.72 रुपये
    लखनऊ – 94.69 रुपये
    पुणे – 104.04 रुपये
    चंडीगढ़ – 94.30 रुपये
    इंदौर – 106.48 रुपये
    पटना – 105.58 रुपये
    सूरत – 95 रुपये
    नासिक – 95.50 रुपये


    डीजल का रेट (Diesel Price in Your city)

    नई दिल्ली – 87.62 रुपये
    मुंबई – 92.15 रुपये
    कोलकाता – 90.76 रुपये
    चेन्नई – 92.34 रुपये
    अहमदाबाद – 90.17 रुपये
    बेंगलुरू – 95.70 रुपये
    जयपुर – 90.21 रुपये
    पुणे – 90.57 रुपये
    चंडीगढ़ – 82.45 रुपये
    इंदौर – 91.88 रुपये
    पटना – 93.80 रुपये
    सूरत – 89 रुपये
    नासिक – 89.50 रुपये


    प्राइवेट कंपनियों ने किया है पेट्रोल और डीजल के रेट में इजाफा

    1 अप्रैल को ही शेल इंडिया ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया था। तब कंपनी ने 7.41 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल और 25.01 रुपये प्रति लीटर डीजल का इजाफा किया था। इससे पहले मार्च के महीने में नायरा एनर्जी ने पेट्रोल का रेट 5 रुपये और डीजल का रेट 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया था। इन कंपनियों ने भी इसके बाद कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी।

    मौजूदा परिस्थितियों में कच्चे तेल का रेट सातवें आसमान पर है। यह लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा है। जिसकी वजह से कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

  • US-ईरान आज युद्धविराम को लेकर इस्लाबाद में होंगे आमने-सामने, ट्रंप बोले- अपने आप खुल जाएगा होर्मुज

    US-ईरान आज युद्धविराम को लेकर इस्लाबाद में होंगे आमने-सामने, ट्रंप बोले- अपने आप खुल जाएगा होर्मुज


    वाशिंगटन।
    दुनिया इस वक्त सांसें थामकर पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad.) की ओर देख रही है, जहां अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच युद्धविराम को एक स्थायी शांति समझौते (Ceasefire Permanent Peace Agreement) में बदलने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। हालांकि, बातचीत की मेज सजने से पहले ही बयानों की तल्खी और जमीन पर जारी हिंसा ने इस मिशन को ‘करो या मरो’ की स्थिति में ला खड़ा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने जहां विश्वास जताया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहुत जल्द अपने आप खुल जाएगा, वहीं ईरान ने अपनी पूर्व शर्तों पर अड़कर कूटनीतिक पेच फंसा दिया है।

    वाशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया कि उनके लिए एक अच्छा समझौता क्या होगा तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया, “कोई परमाणु हथियार नहीं। बस, 99% समझौता यही है।”

    ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा संकट की सबसे बड़ी वजह बने स्ट्रेट हॉर्मुज पर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अपने आप खुल जाएगा। हम इसे बहुत जल्द खोल देंगे।” ट्रंप का यह बयान उन वैश्विक बाजारों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया है जो तेल की आपूर्ति रुकने से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।


    इस्लामाबाद में आमने-सामने

    शुक्रवार को ईरानी संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच गया। दूसरी ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने के लिए पाकिस्तान के रास्ते में हैं।


    ईरान की शर्तें, अमेरिका की चेतावनी

    ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ता तभी आगे बढ़ेगी जब अमेरिका लेबनान में इजराइली हमलों को रुकवाएगा और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को बहाल करेगा। जेडी वेंस ने इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ही तेहरान को चेतावनी दी है कि वह वाशिंगटन के साथ खेलने की कोशिश न करे।

    पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कहा, “अस्थायी युद्धविराम तो हो गया, लेकिन अब असली चुनौती इसे स्थायी शांति में बदलने की है। यह बातचीत का वह चरण है जिसे ‘मेक ऑर ब्रेक’ कहा जाता है।”


    शांति वार्ता के बीच 357 मौतें

    एक तरफ इस्लामाबाद में शांति की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ लेबनान में इजराइली हवाई हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार को दक्षिणी शहर नबातीह में एक हमले में लेबनान के 13 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बुधवार से जारी बड़े हमलों में मरने वालों की संख्या 357 तक पहुंच गई है, जबकि 1,223 लोग घायल हुए हैं। हिंसा का यह दौर ईरान के लिए वार्ता की मेज पर सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है।


    क्या ईरान वाकई खत्म हो चुका है?

    ट्रंप प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि हफ्तों तक चले युद्ध में ईरानी सैन्य क्षमता पूरी तरह तबाह हो चुकी है। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के 13,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें उसकी वायु सेना और हथियार फैक्ट्रियां शामिल हैं। हालांकि, स्वतंत्र डेटा और जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

    अमेरिकी ग्रुप ACLED के आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से बुधवार तक ईरानी हमलों की रफ्तार में कोई बड़ी कमी नहीं आई है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही ईरान को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन वह अब भी जवाबी हमला करने या अपना बचाव करने की क्षमता रखता है।

  • PM मोदी आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक

    PM मोदी आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों (Chief Ministers) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing.) के जरिये आज शाम बातचीत करेंगे। खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष (West Asia crisis) शुरू होने के बाद पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बार बैठक होगी। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग-अलग बैठक करेगा।

    केंद्र सरकार के सूत्रों ने बताया, प्रधानमंत्री शुक्रवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों से जुड़ेंगे और इस दौरान संकट से निपटने में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा भी होगी। इस पहल का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना से प्रेरित होकर सरकार के प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है।

    प्रधानमंत्री मोदी ईरान संघर्ष से उत्पन्न संकट पर लगातार सक्रिय हैं। सोमवार को उन्होंने लोकसभा सांसदों को इस बारे में सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी जबकि मंगलवार को राज्यसभा को इस बारे में संबोधित किया। बुधवार को सर्वदलीय बैठक में उनके वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्ष के सभी दलों के सवालों के जवाब दिए। चूंकि तेल-गैस की आपूर्ति से निपटने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिए इस बारे में अब मोदी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।

    पीएम मोदी लगातार यह कहते रहे हैं कि ईरान संघर्ष से पैदा संकट लंबा खिंच सकता है। उन्होंने यह आशंका भी जताई है कि संकट की स्थिति में कुछ तत्व इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं और इससे निपटने में राज्यों को सख्त कदम उठाने होंगे। लोकसभा में अपने संबोधन में भी उन्होंने इस बात पर जोर दिया था।


    भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार

    इससे पहले सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

  • Nepal के सबसे युवा प्रधानमंत्री होगे बालेंद्र शाह, आज ग्रहण करेंगे पदभार

    Nepal के सबसे युवा प्रधानमंत्री होगे बालेंद्र शाह, आज ग्रहण करेंगे पदभार


    काठमांडू।
    राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) (Rashtriya Swatantra Party – RSP)) नेता बालेंद्र शाह (Balendra Shah) शुक्रवार को नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री (Prime Minister) पद की शपथ लेंगे। वह देश के सबसे युवा पीएम होंगे। इससे पहले संसद के अस्थायी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नेपाल की प्रतिनिधि सभा के नए सांसदों ने बृहस्पतिवार को शपथ ली।

    प्रतिनिधि सभा के वरिष्ठ सदस्य अर्जुन नरसिंह केसी ने सांसदों को शपथ दिलाई। 63 सांसदों ने नेपाली के अलावा अपनी मातृभाषा में शपथ ली। उधर, संघीय संसद सचिवालय ने दलों की सीट संख्या के आधार पर बैठने की व्यवस्था तय की। इसके तहत नेपाली कांग्रेस, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी(एमाले) और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के सांसदों को एक ही पंक्ति में बैठाया गया, जहां उन्होंने शपथ ग्रहण किया। सांसद विभिन्न पारंपरिक वेशभूषा में शपथ लेने के लिए सिंहदरबार पहुंचे।


    शाह को संसदीय दल के नेता का प्रस्ताव पारित

    राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की केंद्रीय समिति ने संसदीय दल गठन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। पार्टी के प्रवक्ता और सांसद मनिष झा ने जानकारी दी कि जारी केंद्रीय समिति बैठक ने बालेन्द्र शाह को संसदीय दल का नेता चुनने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है।


    बालेंद्र शाह ने जारी किया अपना नया गाना

    अपने शपथ ग्रहण समारोह की पूर्व संध्या पर बालेंद्र शाह बालेन ने बृहस्पतिवार को अपना नया गाना जय महाकाली जारी किया। इस नए वीडियो गीत में बालेन के चुनावी अभियान के दृश्य दिखाए गए हैं। इस गीत का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाना है। यूट्यूब पर जारी होने के महज दो घंटे में ही इस गाने को 1.50 लाख दर्शकों ने देखा।

    गौरतलब है कि 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में आरएसपी ने 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने चुनाव से पहले ही बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

  • Bank Holiday: आज कई जगह राम नवमी की छुट्टी… इन शहरों में बंद रहेंगे बैक

    Bank Holiday: आज कई जगह राम नवमी की छुट्टी… इन शहरों में बंद रहेंगे बैक


    नई दिल्ली।
    आज यानी 26 मार्च को देश के कई हिस्सों में बैंकों की छुट्टी (Bank Holiday) है। यह हॉलीडे रामनवमी (Ram Navami) के अवसर पर घोषित किया गया है। इस दिन मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में बैंक शाखाएं (Bank Branches) बंद रहेंगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, आज इन प्रमुख शहरों अहमदाबाद, आइजोल, बेलापुर, चंडीगढ़, देहरादून, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर और शिमला में बैंक बंद रहेंगे।

    ध्यान दें कि बैंक छुट्टियां राज्य और स्थानीय त्योहारों के अनुसार अलग-अलग होती हैं, इसलिए पूरे देश में एक साथ बैंक बंद नहीं रहते। बता दें उत्तर प्रदेश में राम नवमी के लिए सरकार ने दो दिन का अवकाश घोषित किया है।

    26 से 31 मार्च तक लंबी छुट्टियां, जानें पूरा शेड्यूल
    मार्च के आखिरी सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने वाला है। 26 मार्च से 31 मार्च के बीच लगातार छुट्टियों के कारण बैंक सिर्फ एक दिन ही खुलेंगे। ऐसे में ग्राहकों को अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लेने की सलाह दी जा रही है।

    दरअसल, 26 और 27 मार्च को रामनवमी के चलते कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 28 मार्च को महीने का चौथा शनिवार होने की वजह से देशभर में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी। 29 मार्च को रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इन लगातार छुट्टियों के बाद 30 मार्च (सोमवार) को ही बैंक खुलेंगे।

    हालांकि, राहत सिर्फ एक दिन की ही है, क्योंकि 31 मार्च को महावीर जयंती के अवसर पर फिर से बैंक बंद रहेंगे। यानी 26 से 31 मार्च के बीच पूरे 6 दिनों में बैंक सिर्फ 30 मार्च को ही खुलेंगे। इस दौरान ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन शाखाओं से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए चेक क्लियरेंस, कैश डिपॉजिट या अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए ग्राहकों को पहले से योजना बनाने की जरूरत है।

    इससे पहले भी मार्च की शुरुआत में होली के मौके पर यूपी में लगातार 4 दिन बैंक बंद रहे थे, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर लंबी छुट्टियों का असर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाला है।

    RBI कैलेंडर के मुताबिक मार्च में 18 छुट्टियां
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हर साल बैंक हॉलिडे कैलेंडर जारी करता है। इसके मुताबिक मार्च 2026 में कुल 18 बैंक छुट्टियां निर्धारित हैं, जिनमें त्योहारों के अलावा रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार भी शामिल हैं। इनमें से अधिकतर बित चुकी हैं।

    क्यों मनाई जाती है राम नवमी: राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, जो भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। यह दिन देशभर में पूजा, व्रत और भक्ति के साथ मनाया जाता है।