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  • हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर से शिव उपासना अभियान की शुरुआत, सोमनाथ मंदिर हमले के बाद उठाया कदम

    हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर से शिव उपासना अभियान की शुरुआत, सोमनाथ मंदिर हमले के बाद उठाया कदम


    उज्जैन । आज सुबह बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शन कर एक विशेष अभियान की शुरुआत की। यह अभियान विशेष रूप से सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देशभर में भगवान शिव की उपासना के माध्यम से समाज में शांति समृद्धि और सौहार्द बनाए रखना है। इस अभियान को प्रधानमंत्री की ओर से पूरे देश में एकजुटता और सामूहिक शांति की भावना के तहत शुरू किया गया है।

    महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद खंडेलवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के खिलाफ पूरे देश में एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए और उनके आशीर्वाद से देश में शांति और समृद्धि की स्थापना हो सकती है। खंडेलवाल ने इस अभियान के तहत महाकाल मंदिर में पार्टी के विधायकों जिला अध्यक्ष और अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ पूजा अर्चना की और जयकारा लगाया।

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने अपील की कि देशभर के लोग शिव मंदिरों में जाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें और देश के हर कोने में शांति समृद्धि और सामाजिक सौहार्द की स्थापना के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल सभी के जीवन में शांति और समृद्धि प्रदान करें और हम सभी को मिलकर देश की सेवा करने की शक्ति दें।खंडेलवाल ने इस अभियान की शुरुआत महाकाल मंदिर से करने का कारण बताते हुए कहा कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह जगह पूरी दुनिया में श्रद्धा का केंद्र है।

    प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस अभियान के जरिए पार्टी का उद्देश्य केवल धार्मिक जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है। सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद देशभर में इस अभियान को लेकर आक्रोश है और इससे जुड़े लोग इसे एकता की शक्ति के रूप में देख रहे हैं।महाकाल मंदिर से अभियान की शुरुआत के साथ ही बीजेपी ने यह संदेश दिया कि हम सभी को देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। यह कदम न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी यह एक प्रेरणास्त्रोत साबित हो सकता है।

  • मुख्यमंत्री से कराया जनपद भवन का भूमिपूजन, भवन निर्माण के लिए जमीन की तलाश जारी, SDM ने किया विवाद खारिज

    मुख्यमंत्री से कराया जनपद भवन का भूमिपूजन, भवन निर्माण के लिए जमीन की तलाश जारी, SDM ने किया विवाद खारिज


    उज्जैन। उज्जैन के खाचरौद में नए बनने वाले जनपद भवन का भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 जनवरी 2026 को किया। इस दौरान अधिकारियों ने 5.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भवन का भूमि पूजन मुख्यमंत्री के हाथों करवा दिया। लेकिन इस महत्वपूर्ण खबर में एक चौंकाने वाली बात सामने आई कि भवन के लिए आवश्यक जमीन पूरी तरह से उपलब्ध नहीं थी, जिससे निर्माण प्रक्रिया और योजना को लेकर सवाल उठने लगे।

    जनपद अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह ने मामले की शिकायत कलेक्टर और कमिश्नर से की। अध्यक्ष का आरोप था कि नए भवन निर्माण के लिए 2 एकड़ भूमि की जरूरत है, लेकिन जिस जमीन (सर्वे क्रमांक 984) पर तहसील और एसडीएम कार्यालय बन रहे हैं, वहां पर्याप्त जगह नहीं बची।

    इसके कारण अब नए जनपद भवन के निर्माण के लिए पांच किलोमीटर दूर अतिरिक्त जमीन तलाशने की स्थिति बन गई।

    इस मुद्दे पर SDM खाचरौद, नेहा साहू ने बयान दिया कि अधिकारियों को पर्याप्त जमीन उपलब्ध है और विवादित जानकारी गलत तरीके से फैल रही है। उन्होंने जनपद अध्यक्ष को ऑनलाइन आवेदन कर सही भूमि निर्धारित करने का विकल्प भी दिया।

    जानकारी के मुताबिक, जनपद भवन और तहसील कार्यालय दोनों के निर्माण का उद्देश्य स्थानीय प्रशासनिक कार्यों को आधुनिक और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करना है।

    अधिकारियों की योजना के अनुसार नई इमारत में जनपद स्तर की सभी सुविधाएं मौजूद होंगी, लेकिन जमीन की सही व्यवस्था को लेकर अभी स्पष्टता जरूरी है।

    यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जनपद के विकास और सरकारी सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए भवन निर्माण और भूमि का सही प्रबंधन अहम है। वहीं, अधिकारियों ने भी कहा है कि परियोजना की समीक्षा के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है और जल्द ही निर्माण कार्य सुचारू रूप से शुरू किया जाएगा।

    इस घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों के बीच जमीन आवंटन और योजना कार्यान्वयन में पारदर्शिता की
    आवश्यकता को उजागर किया है। जनता की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी और शीघ्र समाधान कैसे करेगा।

  • उज्जैन में टोल कर्मचारी पर चाकू से हमला, बिना टोल देने पर विवाद हुआ हिंसक

    उज्जैन में टोल कर्मचारी पर चाकू से हमला, बिना टोल देने पर विवाद हुआ हिंसक


    उज्जैन। नागदा रोड स्थित चकरावदा टोल प्लाजा पर 7 जनवरी 2025 की रात लगभग 2:10 बजे एक गंभीर घटना हुई, जिसमें टोल कर्मचारी अरुण पर चार युवकों ने चाकू से हमला किया। यह पूरी वारदात टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

    सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि उज्जैन की ओर जा रही टाटा टिगोर कार में सवार चार युवक पहले टोल कर्मचारियों से बहस करने लगे। कुछ देर बाद चालक सीट पर बैठे एक युवक ने कार से उतरकर अरुण पर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पीछे बैठे अन्य युवक भी उतरकर चाकू से हमला करने लगे और फिर अन्य कर्मचारियों पर भी हाथ साफ किया। हमलावर तुरंत अपनी कार में बैठकर फरार हो गए।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी टोल शुल्क दिए बिना आगे निकलना चाहते थे। जब कर्मचारियों ने उन्हें रोका तो युवक गुस्से में चिल्लाने लगे और विवाद बढ़ने पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में अरुण की पीठ, गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत उज्जैन के चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां सिर और गर्दन पर टांके लगाए गए।

    भैरवगढ़ थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।

  • नववर्ष के पहले रविवार को महाकाल मंदिर में भक्तों का उमड़ा सैलाबअद्भुत शृंगार में दर्शन

    नववर्ष के पहले रविवार को महाकाल मंदिर में भक्तों का उमड़ा सैलाबअद्भुत शृंगार में दर्शन


    उज्जैन । उज्जैन नववर्ष के पहले रविवार को उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के मंदिर में श्रद्धालुओं का जमावड़ा हुआ। साल के पहले रविवार पर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंचे। इस दिन को विशेष रूप से भस्म आरती और बाबा के अद्भुत शृंगार के लिए जाना जाता है।भक्तों का उत्साह सर्द मौसम में भी बरकरार रहा और देर रात से ही वे भस्म आरती में शामिल होने के लिए मंदिर परिसर में लाइनों में खड़े नजर आए। श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन से अभिभूत हो गएऔर हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा मंदिर गूंज उठा।

    महाकाल का अद्भुत शृंगार

    माघ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के रविवार को बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गयाजिसे देखकर भक्त भावविभोर हो उठे। इस शृंगार में बाबा के माथे पर बेलपत्र और चांदी का चांद चढ़ाया गयाजिससे उनके दिव्य स्वरूप की अनुभूति हुई। शृंगार के दौरान बाबा पर घीदूधदही और रस से जलाभिषेक किया गया। इसके बादभांग से बाबा का शृंगार किया गया। बाबा महाकाल का यह रूप भक्तों के लिए अत्यंत आकर्षक था और उन्हें आंतरिक शांति का अनुभव हुआ।

    भस्म आरती का महत्व

    शृंगार के बाद भस्म आरती का आयोजन हुआजिसमें बाबा महाकाल को भस्म से नहलाया गया। भस्म आरती के दौरान माना जाता है कि बाबा निराकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैंलेकिन शृंगार के बाद वे साकार रूप में अपने भक्तों के कष्ट हरने आते हैं। इस दौरान बाबा महाकाल ने कमल और मखाने की माला पहने हुएअपने भक्तों को आलोकिक रूप में दर्शन दिए। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत अभूतपूर्व थाऔर मंदिर में जय श्री महाकाल की गूंज सुनाई दी।

    महाकाल के अलग-अलग रूप

    बाबा महाकाल का शृंगार हर दिन अलग तरीके से किया जाता है। प्रत्येक तिथि और शुभ दिन पर बाबा अपने भक्तों को नए रूप में दर्शन देते हैंयही कारण है कि भस्म आरती में हमेशा भक्तों की अधिकतम संख्या होती है। बाबा महाकाल की सेवा में सुबह से शाम तक छह अलग-अलग आरतियां होती हैंजो प्रत्येक में अपने आप में विशिष्ट होती हैं बाबा महाकाल के दर्शन और शृंगार से श्रद्धालुओं का मन श्रद्धा और भक्ति से अभिभूत हो जाता है। इस नववर्ष के पहले रविवार ने भक्तों को बाबा महाकाल के नए रूप से साक्षात्कार करने का अवसर दियाऔर उनके हर कष्ट को हरने की शक्ति को महसूस किया।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण


    उज्जैन । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा, कृषि, और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए कई योजनाओं का उद्घाटन किया।
    मुख्यमंत्री ने खाचरौद में 39 विकास कार्यों की शुरुआत की, जिनमें 16 पूर्ण और 23 नए कार्य शामिल हैं। इनमें 35.40 करोड़ रुपये की लागत से सांदीपनि विद्यालय भवन और 11.30 करोड़ रुपये की लागत से नई कृषि उपज मंडी प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा, जिससे छात्रों का भविष्य उज्जवल होगा।
    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में स्मार्ट क्लासेस, संयुक्त तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत भवन और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी परियोजनाओं का भी भूमिपूजन किया। कृषि उपज मंडी में विश्राम भवन, भोजनालय और पेयजल की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खाचरौद में फूड प्रोसेसिंग पार्क की घोषणा की, जो क्षेत्र के कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार प्रदान करेगा। इसके अलावा, उन्होंने नागदा से खाचरौद होते हुए उज्जैन और जावरा तक फोरलेन हाईवे बनाने की योजना की भी जानकारी दी, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र से सीधा लाभ मिलेगा।
    किसानों के हित में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया और बताया कि सरकार गेहूं खरीदी पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है। इसके साथ ही, अगले तीन वर्षों में 32 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।
    मुख्यमंत्री ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना और केन-बेतवा परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाई जाएगी, जिससे किसानों को  फायदेमंद होगा।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने इन विकास कार्यों को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया। इस मौके पर उज्जैन सांसद अनि फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य उमेशनाथ महाराज, खाचरौद विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।

  • उज्जैन में महाकाल महोत्सवशंकर महादेवन और सोना महापात्रा देंगे प्रस्तुति

    उज्जैन में महाकाल महोत्सवशंकर महादेवन और सोना महापात्रा देंगे प्रस्तुति


    उज्जैन । उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 14 से 18 जनवरी तक पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में देश-विदेश के प्रसिद्ध कलाकार शंकर महादेवन सोना महापात्रा और अन्य कई कलाकार अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। यह आयोजन महाकाल की महिमा को दर्शाने और लोक संस्कृति के रंगों को उजागर करने के लिए विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है।महोत्सव का उद्घाटन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को शाम 7 बजे महाकाल महालोक में करेंगे। इस मौके पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवालसंस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधीराज्यसभा सदस्य संत बालयोगी उमेशनाथसांसद अनिल फिरोजिया और निगम सभापति कलावती यादव भी मौजूद रहेंगे।

    कला और संस्कृति का संगम

    महोत्सव के दौरान शंकर महादेवन और सोना महापात्रा जैसे जानेमाने कलाकारों द्वारा संगीत और कला की शानदार प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावाभोपाल के भारत भवन में महाभारत का मंचन भी होगाजो दर्शकों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा।

    इतिहास से जुड़ा महोत्सव

    यह महोत्सव सिर्फ संगीत और कला के लिए नहींबल्कि उज्जयिनी के इतिहास से भी जुड़ा हुआ है। करीब 2100 साल पहलेसम्राट विक्रमादित्य भी शिव महोत्सव का आयोजन करते थेजो आज भी लोगों की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है।यह महाकाल महोत्सव उज्जैन के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर हैजो न केवल स्थानीय बल्कि देश-विदेश से आए पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी आकर्षित करेगा।

  • मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    भोपाल ! मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन जिले के खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विभिन्‍न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसमें 48.51 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और 25.84 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 35.40 करोड़ की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण करेंगे। साथ ही खाचरौद में 9 करोड़ 10 लाख रूपये की लागत से बनने वाले संयुक्त तहसील कार्यालय भवन का भूमि-पूजन करेंगे।
  • नववर्ष 2026: मध्यप्रदेश के प्रमुख मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, नए साल का भव्य आगाज

    नववर्ष 2026: मध्यप्रदेश के प्रमुख मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, नए साल का भव्य आगाज


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में नववर्ष 2026 की पहली सुबह धार्मिक आस्था और सामाजिक उत्साह के बीच शुरू हुई। 1 जनवरी की सुबह होते ही प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में तड़के चार बजे से दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह नौ बजे तक लगभग 80 हजार श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके थे। प्रशासन के अनुसार दिनभर यह संख्या और बढ़ने की संभावना है।महाकाल मंदिर में नए साल के अवसर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई और श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध दर्शन की सुविधा सुनिश्चित की गई। इस दौरान महिला क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम की सदस्य भी मंदिर पहुंचीं और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंधन समिति ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।

    उज्जैन के अलावा नर्मदा तट पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी सुबह से भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर परिसर को फूलों और रोशनी से सजाया गया और मंगला आरती के बाद दर्शन खोले गए। इसके साथ ही ओरछा के रामराजा मंदिर, मैहर के शारदा देवी मंदिर, नलखेड़ा के मां बगलामुखी धाम और देवास के प्रमुख मंदिरों में भी हजारों भक्त नए साल की पहली सुबह दर्शन के लिए पहुंचे।सीहोर जिले के प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर में ठंड और कोहरे के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। दमोह जिले के बांदकपुर स्थित जागेश्वरनाथ धाम में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। गुना के हनुमान टेकरी मंदिर में सुबह की आरती के साथ ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, जहां प्रशासन ने अनुमान लगाया कि एक लाख से अधिक भक्त पहुंचे।

    धार्मिक गतिविधियों के साथ ही प्रदेश के शहरों और पर्यटन स्थलों पर नए साल का जश्न भी देर रात तक चलता रहा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में लोग सड़कों, होटलों और सार्वजनिक स्थलों पर एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दे रहे थे। मांडू और पचमढ़ी जैसे पर्यटन केंद्रों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और अलाव के माध्यम से नए साल का स्वागत किया गया।जबलपुर के भेड़ाघाट धुआंधार में साल के पहले सूर्योदय को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग पहुंचे। उगते सूर्य के साथ लोगों ने नए साल की शुरुआत को यादगार बनाया। इस प्रकार, मध्यप्रदेश में नववर्ष 2026 की सुबह धार्मिक आस्था और सामाजिक उत्सव दोनों के लिए विशेष रही।

  • MP: उज्जैन में दिखा कपिल देव का खास अंदाज… बच्चों संग गली में खेली क्रिकेट, लगाए शॉट्स

    MP: उज्जैन में दिखा कपिल देव का खास अंदाज… बच्चों संग गली में खेली क्रिकेट, लगाए शॉट्स


    उज्जैन।
    भारतीय क्रिकेट मशहूर शख्सियत (Indian Cricket Personality) और 1983 विश्व कप विजेता कप्तान (1983 World Cup winning captain) कपिल देव (Kapil Dev) अपने एक पुराने मित्र से मिलने उज्जैन (Ujjain) पहुंचे। इस दौरान कपिल देव (Kapil Dev) का एक बेहद खास अंदाज देखने को मिला। कपिल देव बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल के एक गली में बच्चों के साथ क्रिकेट खेली और तगड़े शॉट्स लगाए। बच्चों के साथ इस मौज-मस्ती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महान क्रिकेटर को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे उत्साहित नजर आए। यही नहीं वहां से गुजरने वाले लोग भी कपिल देव की इस सादगी को देखकर हैरान रह गए।


    नहीं लिया वीआईपी सुरक्षा का तामझाम

    बताया जाता है कि कपिल देव अपने पुराने पारिवारिक मित्र मोहनलाल सोनी और सरला सोनी से मिलने उनके निवास पर आए थे। इस अल्प प्रवास के दौरान उन्होंने किसी भी प्रकार का सुरक्षा प्रोटोकॉल या वीआईपी तामझाम नहीं लिया और बेहद सहजता के साथ समय बिताया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमें वे फ्रीगंज की गलियों में बच्चों के साथ प्लास्टिक के बल्ले से क्रिकेट खेलते नजर आ रहे हैं।


    बच्चों संग फोटो भी खिंचाई

    महान क्रिकेटर को अचानक अपने बीच गली में बल्लेबाजी करते देख बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्थानीय लोग भी कपिल देव की सादगी देखकर अभूभूत हुए। कपिल देव ने न केवल बच्चों के साथ क्रिकेट का आनंद लिया वरन उनके साथ फोटो भी खिंचाई और काफी वक्त बिताया। उन्होंने उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा से भी शिष्टाचार मुलाकात की। अपनी बातचीत के दौरान कपिल देव ने उज्जैन की शांति और सुंदरता की तारीफ की।


    उज्जैन की तारीफ की

    कपिलदेव ने कहा कि उज्जैन का माहौल इतना सुखद है कि यहीं बस जाने का मन करता है। हालांकि इन दिनों महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और लोगों को असुविधा ना हो, इस वजह से वह मंदिर नहीं गए। कपिल देव के उज्जैन में होने की खबर जैसे फैली प्रशंसकों की भीड़ उनके मित्र के घर पहुंचने लगी लेकिन तब तक वह वापस लौट चुके थे। उनकी सादगी की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है।

  • उज्जैन में चाइना डोर से बाइक सवार की नाक कटी एक महीने में चार लोग हुए घायल

    उज्जैन में चाइना डोर से बाइक सवार की नाक कटी एक महीने में चार लोग हुए घायल


    उज्जैन । उज्जैन में प्रतिबंध के बावजूद चाइना डोर से होने वाली दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को एक और बाइक सवार की नाक चाइना डोर से कट गई जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। तुलसीराम राठौर उम्र 52 वर्ष निवासी गायत्री नगर बाइक से इंदिरा नगर से गुजर रहे थे जब अचानक उनके चेहरे पर चाइना डोर आ गई। राठौर जैसे ही डोर को हटाने की कोशिश करते उसकी नाक कट गई जिससे काफी खून बहने लगा। गनीमत रही कि उनकी आंखें बच गईं हालांकि हाथ में भी गंभीर चोटें आईं।स्थानीय लोगों ने तत्काल राठौर को उपचार के लिए चरक अस्पताल भेजा जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    एक महीने में चार लोग घायल

    चाइना डोर के कारण हुए हादसों की यह कोई पहली घटना नहीं है। एक महीने के भीतर चार लोग इस खतरनाक डोर की चपेट में आ चुके हैं। 20 दिसंबर को एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर के छात्र योगेश आंजना उम्र 20 वर्ष अपने गांव पिपलियाधूमा झारड़ा से उज्जैन परीक्षा देने आया था। परीक्षा के बाद वह बाइक से घर लौट रहा था जब उसे भी चाइना डोर से गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा पहले भी इस प्रकार की घटनाएं उज्जैन में हो चुकी हैं जिनमें लोग चाइना डोर से घायल हो चुके हैं।

    गंभीर चिंता का विषय

    चाइना डोर की इन घटनाओं ने शहरवासियों को गंभीर चिंता में डाल दिया है। हालाँकि प्रशासन ने इसके उपयोग पर रोक लगाने के लिए कई प्रयास किए हैं लेकिन इस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। यह जानलेवा डोर न केवल सड़कों पर चलने वाले लोगों के लिए खतरा बन गई है बल्कि इसका इस्तेमाल करने वाले लोग भी इसके खतरों से अनजान रहते हैं।
    शहरवासियों और प्रशासन से अपील की जा रही है कि चाइना डोर के खतरों को लेकर जागरूकता फैलाई जाए और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि और किसी की जान को खतरा न हो।