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  • MP: उज्जैन की महिदपुर उपजेल से भागे तीन कैदी, रेप और मर्डर के आरोप में पहुंचे थे जेल

    MP: उज्जैन की महिदपुर उपजेल से भागे तीन कैदी, रेप और मर्डर के आरोप में पहुंचे थे जेल


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की उज्जैन जिले (Ujjain district) की खाचरोद उपजेल से गुरुवार शाम 7 बजे तीन कैदी फरार (Prisoner Escaped) हो गए। फरार हुए कैदियों में 2 बलात्कार और 1 हत्या के मामले में जेल में बंद थे। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने तीनों फरार कैदियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी की हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि इन कैदियों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

    फरार कैदियों के नाम नारायण पिता भेरुलाल जाट (31), गोविंद पिता आत्माराम (35), गोपाल पिता बापुलाल (22) वर्ष बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, तीनों कैदी महिला सेल से फरार हुए हैं। फरारी की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने तत्काल सीनियर अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जेल परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू की गई।

    घटना के बाद से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में जेल की सुरक्षा, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका और महिला सेल से कैदियों के भागने के कारणों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    थाना प्रभारी धन सिंह ने बताया की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची थी।जांच पड़ताल के बाद तीन पुलिस टीम बनाई गई है। इसके साथ ही फरार हुए कैदियों की फुटेज जारी किए गए हैं। लोगों से सोशल मीडिया पर अपील की गई है कि उन्हें पकड़ने में मदद करें। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर रेड डालने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने उन्हें जल्द ही पकड़ लेने की बात कही है।

  • उज्जैन में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आटो चालक गिरफ्तार, हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति

    उज्जैन में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आटो चालक गिरफ्तार, हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति


    उज्जैन । उज्जैन के महिदपुर रोड पर बुधवार को एक बड़ी घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। यहां के एक आटो चालक द्वारा एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और आटो चालक के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लियालेकिन इसके बाद हुई हिंसा और तोड़फोड़ ने क्षेत्र में भारी तनाव पैदा कर दिया।

    आरोपित आटो चालक जुबेर मंसूरी को हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। संगठन ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद हिंसक भीड़ ने दुकानों में तोड़फोड़ की और कुछ दुकानों में आग लगा दी। इसके साथ ही संगठन ने मुस्लिम वाहन चालकों को स्कूलों से हटाने की भी मांग कीजिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।

    घटना का विवरण

    पुलिस के अनुसारजुबेर मंसूरी नामक आटो चालक नियमित रूप से नाबालिगों को कोचिंग सेंटर ले जाता था। बुधवार को उसने एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हिंदूवादी संगठन के लोग आरोपित को पकड़कर पुलिस के हवाले करने से पहले उसे जमकर पीट भी चुके थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और उसके मोबाइल की जांच की। मोबाइल में 20 से अधिक महिलाओं के अश्लील वीडियो मिलेजिनमें से 12 महिलाएं महिदपुर क्षेत्र की थीं और बाकी आठ आसपास के क्षेत्रों से थीं।

    हिंसा और प्रदर्शन
    घटना के बाद गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और महिदपुर रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित का जुलूस निकालने और उसके मकान को तोड़ने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम वाहन चालकों को स्कूलों से हटाने की भी मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गईजिससे इलाके में भारी नुकसान हुआ। पुलिस ने तत्काल स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस के कड़े प्रयासों के बाद ही आरोपित का जुलूस निकाला गया और भारी भीड़ के बीच पुलिस ने उसे बचा लिया।

    पुलिस का बयान और जांच

    उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। उन्होंने कहा“हमारी प्राथमिकता शांति बनाए रखना है। हमने आरोपित को एक दिन की रिमांड पर लिया है और उसके मोबाइल से बरामद वीडियो की जांच की जा रही है।” पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपित के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहालइलाके में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस सतर्कता बरत रही है।

    यह घटना न केवल नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के कारण चिंता का विषय हैबल्कि इसके बाद का हिंसा और तोड़फोड़ का सिलसिला भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस को इलाके में शांति बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा तैनात करनी पड़ीऔर मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह घटना यह दर्शाती है कि समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर विचार करने की आवश्यकता हैखासकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर।

  • MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर विस्तार को चुनौती वाली तकिया मस्जिद की याचिका SC ने की खारिज

    MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर विस्तार को चुनौती वाली तकिया मस्जिद की याचिका SC ने की खारिज


    उज्जैन।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उज्जैन (Ujjain) में महाकाल मंदिर परिसर (Mahakal Temple complex) के विस्तार (महाकाल लोक फेज-2) के लिए तकिया मस्जिद (Takiya Mosque) की जमीन अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका को गुरुवार को खारिज कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि याचिकाकर्ता जमीन का मालिक नहीं, बल्कि केवल एक उपासक (भक्त) है, इसलिए उसे अधिग्रहण को चुनौती देने का कानूनी अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला मोहम्मद तैय्यब बनाम शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग मामले में सुनाया।


    अदालत ने क्या कहा

    सुनवाई के दौरान पीठ ने पाया कि याचिका में अधिग्रहण की अधिसूचनाओं को सीधे तौर पर चुनौती नहीं दी गई है, बल्कि आपत्ति केवल मुआवजा तक सीमित है। ऐसे मामलों में कानून के तहत वैकल्पिक वैधानिक उपाय मौजूद हैं। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता हूज़ेफ़ा अहमदी, जो याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए, से कहा- “मूल प्रश्न वही है। अधिग्रहण को चुनौती नहीं दी गई है, केवल अवॉर्ड को।” अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि याचिकाकर्ता भूमि का स्वामी नहीं, केवल उपासक है, इसलिए अधिग्रहण की वैधता पर सवाल उठाने का उसे अधिकार नहीं है।


    याचिकाकर्ता की दलीलें

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत सामाजिक प्रभाव आकलन अनिवार्य है, जिसे नहीं कराया गया। इसके अलावा कहा गया कि हाई कोर्ट ने यह मानकर फैसला दिया कि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पुष्टि हो चुकी है, जबकि ऐसा नहीं था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट इस दलील से सहमत नहीं हुआ।


    पहले भी खारिज हो चुकी हैं याचिकाएं

    गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट तकिया मस्जिद के ध्वस्तीकरण को चुनौती देने वाली एक अन्य याचिका भी खारिज कर चुका है। उस मामले में अदालत ने राज्य सरकार के इस रुख को स्वीकार किया था कि जमीन अधिग्रहित हो चुकी है और मुआवजा भी दिया जा चुका है, जबकि किसी भी आपत्ति के लिए 2013 कानून के तहत वैधानिक रास्ते उपलब्ध हैं।

    हाई कोर्ट का फैसला
    इससे पहले 11 जनवरी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी महाकाल लोक फेज-2 परियोजना से जुड़ी जमीन के मुआवजे को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हाई कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ता न तो रिकॉर्डेड भू-स्वामी हैं और न ही टाइटल-होल्डर, इसलिए वे अधिग्रहण को नहीं, बल्कि केवल मुआवजे को लेकर धारा 64 के तहत संदर्भ मांग सकते हैं।


    याचिका में क्या कहा गया था

    याचिका में दावा किया गया था कि अधिग्रहित जमीन 1985 से मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दर्ज वक्फ संपत्ति है और 11 जनवरी 2025 को मस्जिद को गिरा दिया गया। साथ ही यह तर्क दिया गया कि महाकाल मंदिर परिसर के लिए पार्किंग और अन्य सुविधाओं के विस्तार हेतु भूमि लेना सार्वजनिक उद्देश्य की परिभाषा में नहीं आता और इससे संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 300-A का उल्लंघन होता है। इसके अलावा वक्फ अधिनियम की धारा 91 के उल्लंघन और आपात शक्तियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया था।

    अब आगे क्या?

    सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ महाकाल लोक फेज-2 परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को अंतिम कानूनी मंजूरी मिल गई है। यह परियोजना उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर और उससे जुड़े सार्वजनिक स्थलों के बड़े पुनर्विकास का हिस्सा है। याचिका अधिवक्ता वैभव चौधरी के माध्यम से दाखिल की गई थी।

  • लैंड पूलिंग का विरोध: BJP MLA अनिल जैन कालूहेड़ा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा; CM मोहन यादव को पत्र

    लैंड पूलिंग का विरोध: BJP MLA अनिल जैन कालूहेड़ा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा; CM मोहन यादव को पत्र


    उज्जैन।विधायक ने सरकार पर साधा निशाना उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र जिसका हिस्सा सिंहस्थ कुंभ क्षेत्र भी है के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने राज्य सरकार की लैंड पूलिंग योजना को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी ही पार्टी और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक आधिकारिक पत्र लिखा है।

    सीएम को लिखे पत्र की मुख्य बातें

    विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में एक पुरानी बैठक का हवाला दिया है। उन्होंने बताया कि17 नवंबर को भोपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और किसान संघ के साथ आपकी सीएम की मौजूदगी में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि लैंड पूलिंग एक्ट वापस लिया जाएगा। इस निर्णय के बाद किसान संघ ने उज्जैन में एक उत्सव रैली भी की थी जिसमें विधायक कालूहेड़ा स्वयं शामिल हुए थे।

    किसानों के समर्थन में आंदोलन की चेतावनी

    विधायक ने आगे आरोप लगाया कि बाद में उन्हें प्रशासन प्रेस और किसान संघ से पता चला कि पूर्व में लिए गए निर्णय के विपरीत लैंड पूलिंग योजना यथावत है। इस कारण किसान संघ ने योजना के विरोध में 26 दिसंबर को आंदोलन करने का निर्णय लिया है। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री को स्पष्ट करते हुए कहा है मैं भी किसानों के सम्मान में इस आंदोलन में शामिल रहूंगा। आप से आग्रह है कि किसानों के हित में उचित निर्णय करें।

    अन्य प्रमुख माँगे

    लैंड पूलिंग योजना को वापस लेने के साथ ही विधायक कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री से कुछ अन्य महत्वपूर्ण माँगे भी की हैं आवासीय लाभ सिंहस्थ की जमीन पर जो लोग अब तक बस चुके हैं उन्हें आवासीय प्रयोजन का लाभ दिया जाए। जमीन मुक्त कराना उक्त जमीन को सिंहस्थ प्रयोजन से मुक्त कराया जाए। सड़क चौड़ीकरण पिपलिनाका क्षेत्र की 3 सड़कों के चौड़ीकरण की योजना पर पुन विचार किया जाए। विधायक कालूहेड़ा का यह कदम दर्शाता है कि वह लैंड पूलिंग के मुद्दे पर अपने क्षेत्र के किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपनी ही सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने को भी तैयार हैं।

  • दिल दहला देने वाला अपराध उज्जैन में 9 साल की मासूम से रेप की कोशिश  बर्बर पिटाई के बाद मौत  पड़ोसी गिरफ्तार

    दिल दहला देने वाला अपराध उज्जैन में 9 साल की मासूम से रेप की कोशिश बर्बर पिटाई के बाद मौत पड़ोसी गिरफ्तार


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जहां एक 9 साल की मासूम बच्ची को पड़ोसी की हैवानियत का शिकार होना पड़ा। उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील के एक गांव में रविवार को यह जघन्य अपराध हुआ।

    छुट्टी पर नानी के घर आई थी बच्ची

    प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल की छुट्टी होने के कारण पीड़ित बच्ची अपनी दो बड़ी बहनों के साथ अपनी नानी के घर आई हुई थी। रविवार के दिन नानी और बड़ी बहनें छत पर बैठी थीं जबकि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो नानी ने उसकी बहन को उसे देखने भेजा लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद परिवार के लोग बच्ची को खोजने लगे।

    पड़ोसी ने रची झूठ की कहानी

    इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला रियाज खान नामक युवक अपने घर से बच्ची को बेहोशी की हालत में उठाकर लाया। उसने परिवार वालों को गुमराह करने की कोशिश करते हुए यह झूठी कहानी सुनाई कि बच्ची छत से गिर गई है। लेकिन जब परिवार ने बच्ची को देखा तो वे हतप्रभ रह गए। बच्ची का चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था और उसके सिर नाक व आंख पर गहरी चोटें थीं जिनसे खून बह रहा था। परिवार तुरंत बच्ची को खाचरोद अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रतलाम रेफर कर दिया। रतलाम के अस्पताल में सोमवार को इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।

    चिल्लाने पर बोरी में भरकर पीटा

    पुलिस द्वारा की गई जांच में आरोपी रियाज खान के अपराध की पूरी क्रूरता सामने आई। खाचरोद एसडीओपी आकांक्षा बिछोटे ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी तभी पड़ोसी रियाज उसे बहला-फुसलाकर अपने घर में ले गया। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की।

    जब बच्ची चीखने-चिल्लाने लगी और हाथ-पैर पटकने लगी तो गुस्से में आकर आरोपी ने उसे धक्का दे दिया जिससे वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गई। इसके बाद आरोपी की हैवानियत यहीं नहीं रुकी। उसने बच्ची को एक बोरी में बंद कर दिया और मोगरी से लगातार वार किए। आरोपी ने बच्ची को मरा समझकर उसे वहीं छोड़ दिया और घर से बाहर निकल गया।कुछ देर बाद जब वह लौटा तो उसने देखा कि बच्ची की सांसें चल रही हैं। इसके बाद उसने अपनी गलती छिपाने के लिए बच्ची को उसकी नानी के पास ले जाकर छत से गिरने का मनगढ़ंत किस्सा सुनाया।

    पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी

    डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि बच्ची को लगी चोटें छत से गिरने से नहीं हुई हैं बल्कि किसी भारी वस्तु से पीटने के कारण लगी हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को रियाज खान के घर भेजकर सबूत जुटाए। सबूतों और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने रियाज को संदिग्ध मानकर उससे पूछताछ शुरू की।
    पुलिस की सख्ती पर आरोपी टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी रियाज ने स्वीकार किया कि घर में कोई नहीं थाऔर बच्ची को अकेला पाकर उसने गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर उसने उसे धक्का दिया और बाद में बोरी में भरकर मोगरी से पीटा। पुलिस ने आरोपी रियाज खान को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है और लोग आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

  • MP: उज्जैन में 9 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म की कोशिश, बोरी में भरकर पीटा, मौत

    MP: उज्जैन में 9 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म की कोशिश, बोरी में भरकर पीटा, मौत

    उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले (Ujjain district) में 9 साल की मासूम (A 9-year-old Innocent Girl) के साथ दरिंदगी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। आरोपी एक पड़ोसी युवक है जिसने बच्ची क साथ दुष्कर्म की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसे बोरी में भरा और मोगरी से इतना पीटा की वह बेहोश हो गई। बच्ची के परिजन जब उसे तलाशने लगे तो आरोपी उसे लेकर पहुंचा और बोला कि वह छत से गिर गई है। बच्ची को गंभीर हालत में रतलाम के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील के एक गांव में रविवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण बच्ची अपनी दो बहनों के साथ नानी के घर आई थी। नानी और बड़ी बहनें छत पर बैठी थीं। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। वह काफी देर तक घर नहीं आई तो नानी ने उसकी बहन को उसे देखने भेजा लेकिन वह कहीं नहीं दिखी। इसके बाद परिवार के लोग बच्ची को खोजने लगे।

    इसी दौरान पड़ोस का रियाज खान अपने घर से बेहोश बच्ची को उठाकर लाया। उसने कहा कि बच्ची छत से गिर गई है। परिवार ने देखा कि बच्ची का मुंह सूजा था। बच्ची के सिर, नाक और आंख पर चोट लगी थी। घावों से खून निकल रहा था। परिजन उसे लेकर खाचरोद अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे रतलाम रेफर कर दिया। इसके बाद उसे रतलाम ले जाया गया जहां इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई।

    पुलिस ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान बच्ची को पड़ोसी घर में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। इस दौरान बच्ची चीखने चिल्लाने और हाथ-पैर पटकने लगी। गुस्से में आकर आरोपी ने बच्ची को धक्का दे दिया। आरोपी ने चिल्लाने पर बच्ची को बोरी में बंद कर दिया। फिर मोगरी से लगातार वार किए। आरोपी बच्ची को मरा समझकर घर से बाहर निकल गया।

    बाद में वह लौटा तो देखा कि बच्ची की सांस चल रही है। फिर वह बच्ची को उसकी नानी के पास ले गया और छत से गिरने की झूठी कहानी सुनाई। खाचरोद एसडीओपी आकांक्षा बिछोटे ने कहा की डॉक्टर से बात करने पर पता चला कि बच्ची को चोट छत से गिरने से नहीं वरन किसी भारी वस्तु से पीटने से हुई है। पुलिस ने डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को भेजकर रियाज के घर से सबूत इकट्ठा किए।

    इसके बाद पुलिस ने आरोपी रियाज को संदिग्ध मानकर उसके साथ पूछताछ शुरू की। सख्ती पर वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल लिया। आरोपी रियाज ने बताया कि घर में कोई नहीं था। बच्ची को अकेला पाकर गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर उसने धक्का दे दिया। इससे वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गई। बाद में उसने बच्ची को बोरी में भरकर मोगरी से पीटा।

  • इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन में रतलाम जिला भी होगा शामिल सीएम डॉ. मोहन यादव की अहम बैठक

    इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन में रतलाम जिला भी होगा शामिल सीएम डॉ. मोहन यादव की अहम बैठक


    इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में एक अहम बैठक में इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन के विकास की योजनाओं पर चर्चा की। इस बैठक में इंदौर उज्जैन देवास धार और शाजापुर जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। सीएम ने इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट नई बस सेवा आईटी हब और नाइट लाइफ पॉलिसी जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार किया।

    इस बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है कि रतलाम जिले को भी इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन में शामिल किया जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और यह क्षेत्र और भी विकसित हो सकेगा। मेट्रो का विस्तार और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास से इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री की बैठक में शामिल मुद्दे

    बैठक में इंदौर के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई जैसे कि एबी रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर मास्टर प्लान की अधूरी सड़कों का निर्माण और यातायात की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में किए जाने वाले उपाय। सीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से इन समस्याओं का समाधान निकालने का आग्रह किया।

    बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम से कहा “अच्छा हुआ आपने हमें बता दिया कि आप इंदौर के प्रभारी मंत्री नहीं हैं। अधिकारी हमें चमकाते थे कि हम बैठक नहीं कर सकते अब हम इंदौर के विकास के लिए बैठक कर सकेंगे।” इस पर सीएम ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा जो बांटना था बांट दिया और जो नहीं बटा उसे अपने पास रख लिया।

    इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन में रतलाम जिले को शामिल करने की योजना के साथ-साथ इंदौर में मेट्रो बस सेवा और शहर के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बैठक में इंदौर की यातायात समस्याओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी चर्चा की गई। इस बैठक के माध्यम से इंदौर के विकास को और अधिक गति मिलने की संभावना है।

  • उज्जैन बनेगी देश की पहली सर्पमित्र नगरी सांपों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास जारी

    उज्जैन बनेगी देश की पहली सर्पमित्र नगरी सांपों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास जारी


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले को अब देश की पहली सर्पमित्र नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल का ऐलान किया है जिसका मुख्य उद्देश्य सांपों के संरक्षण के साथ-साथ समाज में इनके प्रति जागरूकता बढ़ाना है। महाकाल की नगरी उज्जैन को सांपों का संरक्षण करने वाली पहली नगरी के रूप में स्थापित किया जा रहा है जहां सांपों के जीवन को बचाने और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने के लिए व्यापक प्रयास किए जाएंगे ।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि सांप भगवान शिव के गले का हार हैं और इन्हें सुरक्षित करना महाकाल की नगरी का कर्तव्य बनता है। उनका मानना है कि सांपों को लेकर समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना बेहद जरूरी है ताकि न तो सांप किसी इंसान को नुकसान पहुंचाएं और न ही इंसान सांपों को नुकसान पहुंचाए। उनके इस दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कई कदम उठाने की योजना बनाई है।

    प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता फैलाना

    उज्जैन में इस पहल के तहत अब तक 100 से ज्यादा विद्यार्थियों को हायर सेकंडरी स्कूलों में सांपों से सुरक्षित और मित्रवत तरीके से व्यवहार करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में सांपों के प्रति डर को कम करना और उनके संरक्षण के महत्व को समझाना है। आगामी चरणों में इस अभियान का विस्तार किया जाएगा जिसमें डॉक्टरों हेल्थ वर्कर्स किसानों और पंचायत सचिवों को भी सांपों के सुरक्षित संरक्षण के तरीके सिखाए जाएंगे।

    यह पहल उज्जैन में सांपों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उनके संरक्षण के लिए जरूरी कदमों को लागू करेगी। सांपों के अलावा इस पहल में अन्य वन्य जीवों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप न सिर्फ सांपों को बचाया जाएगा बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन भी बना रहेगा।

    सांपों के संरक्षण के लिए तैयार की गई योजनाएं

    उज्जैन को सर्प संरक्षण के लिए नोडल जिला बनाने का निर्णय लिया गया है जिसका मतलब है कि इस जिले में सांपों के संरक्षण के लिए अलग-अलग योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इन योजनाओं में सांपों के प्राकृतिक आवासों को संरक्षित करना उनकी प्रजनन दर बढ़ाना और उन्हें उपयुक्त वातावरण प्रदान करना शामिल होगा। इसके अलावा किसानों को जागरूक किया जाएगा ताकि वे कृषि कार्यों के दौरान सांपों को नुकसान न पहुंचाएं और उनके प्राकृतिक आवासों में हस्तक्षेप न करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सांपों के संरक्षण के लिए उठाए गए कदम केवल उनके अस्तित्व को बचाने के लिए नहीं हैं बल्कि इस पहल से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। उनका मानना है कि सांपों और मनुष्यों के बीच मित्रवत संबंध स्थापित करके हम पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ कर सकते हैं जिससे समग्र पर्यावरण की रक्षा हो सकेगी।

    सांपों के संरक्षण से पर्यावरण संतुलन

    सांपों का पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण स्थान है। वे छोटे कीटों और अन्य जीवों का शिकार करते हैं जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन बना रहता है। सांपों की उपस्थिति से कीटों की संख्या नियंत्रित रहती है जिससे कृषि क्षेत्र में कीटों के हमले की संभावना कम होती है और कृषि उत्पादकता भी बढ़ती है। यदि सांपों का संरक्षण सही तरीके से किया जाए तो यह पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए लाभकारी साबित होगा।

    इसके साथ ही सांपों के संरक्षण से स्थानीय समुदायों में पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ेगी। लोग अब सांपों को एक खतरनाक प्राणी के रूप में नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के हिस्से के रूप में देखेंगे। इस तरह की जागरूकता से समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक नया दृष्टिकोण विकसित होगा।

    सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल का प्रभाव

    सीएम डॉ. मोहन यादव की यह पहल न केवल सांपों के संरक्षण के लिए है बल्कि यह पूरे राज्य और देश के पर्यावरण के लिए एक बड़ी क्रांतिकारी बदलाव का संकेत देती है। उनके इस कदम से उज्जैन की पहचान एक पर्यावरण मित्र नगरी के रूप में होगी जो सांपों और अन्य वन्य जीवों के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएगी। यह कदम उन लोगों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा जो पर्यावरणीय संरक्षण की दिशा में काम कर रहे हैं।

    यह पहल उज्जैन को एक मिसाल बना सकती है जहां समाज और वन्य जीवों के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंध स्थापित किया जा सकता है जिससे न केवल सांपों का संरक्षण होगा बल्कि पूरे पर्यावरण का संतुलन भी बनाए रखा जा सकेगा।

  • आयकर विभाग की कार्रवाई चुनावी चंदे और फर्जी रसीदों पर 150 से अधिक करदाताओं को समंस

    आयकर विभाग की कार्रवाई चुनावी चंदे और फर्जी रसीदों पर 150 से अधिक करदाताओं को समंस


    इंदौर। आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग ने चुनावी चंदे की रसीदों के जरिए अवैध तरीके से आयकर छूट लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने ऐसे करदाताओं को समंस भेजना शुरू कर दिया हैजिन पर बोगस चुनावी चंदेट्यूशन फीसऔर मेडिकल खर्च जैसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आयकर छूट लेने का आरोप है। इंदौर-उज्जैन परिक्षेत्र में अब तक सवा सौ से अधिक करदाताओं को समंस भेजे जा चुके हैंऔर उन्हें आयकर छूट को संदिग्ध मानते हुए बयान दर्ज करवाने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई जुलाई और अगस्त में किए गए आयकर विभाग के छापों के बाद की जा रही हैजिसे अगले दौर की जांच माना जा रहा है।

    छापों में खुलासा हुआ बड़ा रैकेट

    जुलाई और अगस्त में आयकर विभाग ने देशभर में लगभग 200 स्थानों पर छापेमारी की थी। इन छापों के दौरान आयकर विभाग को कुछ गंभीर तथ्य सामने आए थेजिनमें बोगस चुनावी चंदे के साथ-साथ ट्यूशन फीस और मेडिकल खर्च के लिए भी फर्जी रसीदें लगाने का खुलासा हुआ था। इन रसीदों के आधार पर कुछ करदाताओं ने गलत तरीके से आयकर छूट का फायदा उठाया और रिफंड प्राप्त किया। विभाग ने यह भी पाया कि इस रैकेट में कुछ टैक्स पेशेवरों की संलिप्तता थीजिन्होंने इन फर्जी रसीदों को तैयार किया और करदाताओं को फायदा पहुंचाया।

    फर्जी रिफंड दिलवाने का पूरा रैकेट

    विभाग के अनुसारयह पूरा रैकेट फर्जी रसीदों के माध्यम से करदाताओं को आयकर रिफंड दिलवाने के लिए काम कर रहा था। चुनावी चंदे के नाम पर फर्जी रसीदें जारी की जा रही थींजिनसे करदाताओं ने टैक्स छूट का लाभ उठाया। इसके अलावाट्यूशन फीस और मेडिकल खर्च की फर्जी रसीदों के जरिए भी रिफंड प्राप्त किए गए। इन रसीदों को पेश करने वाले करदाताओं को आयकर छूट का लाभ मिलाजबकि असल में ये खर्चे नहीं हुए थे। इस मामले में विभाग ने करदाताओं और टैक्स पेशेवरों से बयान लेने के लिए समंस जारी किए हैं। विभाग ने इन फर्जी रसीदों को लेकर जांच की गति तेज कर दी है और मामले में संलिप्त सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है।

    आयकर विभाग की कार्रवाई के परिणाम

    आयकर विभाग का कहना है कि वह चुनावी चंदे और अन्य फर्जी रसीदों से जुड़ी इस कार्रवाई में पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी करदाता के पास सही दस्तावेज नहीं हैंतो उनके खिलाफ कर चोरी की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ हीविभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि टैक्स पेशेवरों को भी इस प्रकार के रैकेट में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी सजा दी जाएगी। इस मामले में विभाग का उद्देश्य यह है कि करदाताओं के बीच टैक्स चोरी को रोकने के लिए चेतना फैलाना और करदाताओं को यह समझाना कि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचें।

    संदिग्ध करदाताओं को सख्त चेतावनी

    आयकर विभाग ने सभी संदिग्ध करदाताओं को चेतावनी दी है कि वे अपने दस्तावेजों की जांच कर लें और कोई भी फर्जी रसीद या गलत तरीके से प्राप्त आयकर छूट को साबित करने के प्रयास न करें। विभाग की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और सख्त हो सकती हैऔर यह करदाताओं और टैक्स पेशेवरों के लिए एक गंभीर संदेश है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि आयकर विभाग अब अवैध तरीके से कर छूट लेने वालों के खिलाफ पूरी तरह से सख्त है और उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगाजो टैक्स चोरी में शामिल हैं।

  • 12 दिसंबर को हनुमान अष्टमी बजरंगबली की पूजा से ग्रहों के विपरीत प्रभाव से मिलेगी मुक्ति

    12 दिसंबर को हनुमान अष्टमी बजरंगबली की पूजा से ग्रहों के विपरीत प्रभाव से मिलेगी मुक्ति


    उज्जैन ।
    हनुमान अष्टमी 12 दिसंबर को मनाई जाएगी। यह दिन विशेष रूप से हनुमानजी के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण होता है। मान्यता है कि त्रेतायुग में हनुमानजी ने पाताल लोक में अहिरावण का वध करके भगवान राम और लक्ष्मण को मुक्त किया था। इस वजह से यह दिन विजय उत्सव के रूप में मनाया जाता है। हनुमानजी की पूजा से न केवल भक्तों को मानसिक शांति और शक्ति मिलती है बल्कि ग्रहों के विपरीत प्रभाव से मुक्ति भी मिलती है।

    हनुमानजी की पूजा का महत्व

    हनुमान अष्टमी के दिन देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा आरती और भंडारे आयोजित किए जाते हैं। हनुमानजी का अभिषेक पूजन सुबह होता है जबकि शाम को महाआरती होती है। इस दिन कई मंदिरों में चल समारोह भी निकलते हैं जिनमें श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। उज्जैन में हनुमान अष्टमी विशेष रूप से धूमधाम से मनाई जाती है क्योंकि यहाँ हनुमानजी ने पाताल लोक से लौटने के बाद विश्राम किया था। यह विश्राम पृथ्वी के नाभि केंद्र पर स्थित उज्जैन में हुआ था और यह संयोग था कि उस दिन पौष कृष्ण अष्टमी तिथि थी।

    हनुमानजी की पूजा से प्राप्त लाभ

    इस दिन हनुमानजी की पूजा करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से उन लोगों के लिए हनुमान अष्टमी का दिन बहुत शुभ होता है जिनकी जन्म पत्रिका में शनि मंगल या राहु की विपरीत स्थिति है। ऐसे व्यक्तियों को हनुमानजी की आराधना करने से नकारात्मक ग्रहों के प्रभाव से मुक्ति मिलती है। अगर किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़े साती या ढैया का प्रभाव हो तो वह इस दिन हनुमानजी को तेल और सिंदूर चढ़ाएं हनुमान चालीसा और हनुमान अष्टक का पाठ करें। यह उन्हें संकटों से मुक्त कर सकता है।

    शनि और मंगल की अनुकूलता के लिए विशेष उपाय

    ज्योतिषाचार्य पं. हरिहर पंड्या के अनुसार हनुमान अष्टमी का दिन शनि और मंगल के अनुकूल होने के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। यदि किसी की जन्म पत्रिका में इन ग्रहों की विपरीत स्थिति है तो हनुमानजी की पूजा से ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को हनुमानजी की पूजा करने और दीपक लगाने से भी व्यक्ति को जीवन में आ रही समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

    उज्जैन में हनुमान अष्टमी का विशेष महत्व

    उज्जैन में हनुमान अष्टमी का पर्व और भी अधिक महत्व रखता है क्योंकि यहाँ हनुमानजी ने पाताल लोक से लौटने के बाद विश्राम किया था। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। विशेष रूप से नानाखेड़ा चाणक्यपुरी स्थित श्री परशुराम मंदिर में हनुमानजी के दर्शन का विशेष महत्व है। यहाँ पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और विशेष पूजा करते हैं। इस बार भी हनुमान अष्टमी पर यहाँ विशेष उत्सव का आयोजन किया जाएगा।
    हनुमान अष्टमी का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह मानसिक और शारीरिक शांति सुख और समृद्धि की प्राप्ति का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन हनुमानजी की पूजा से न केवल व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है बल्कि वह ग्रहों के विपरीत प्रभाव से भी मुक्त होता है। तो इस हनुमान अष्टमी आप भी बजरंगबली की आराधना करें और अपनी जीवन यात्रा को और भी सफल बनाएं।