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  • मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल

    मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मध्य प्रदेश में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी का कार्यक्रम जल्द शुरू होने जा रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से होगी जबकि शेष संभागों में यह 7 अप्रैल से शुरू होगी। खरीदी शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष गेहूँ खरीदी पर किसानों को 40 रुपये अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा। इसके साथ प्रदेश में गेहूँ की दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है।

    इस रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु कुल 19,04,651 किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष 15,44,000 से अधिक है। जिलेवार पंजीयन की बात करें तो इंदौर में 71,713 उज्जैन में 1,23,281 भोपाल में 37,129 और नर्मदापुर में 71,831 किसानों ने पंजीयन कराया है। अन्य जिलों में भी हजारों किसानों ने अपना पंजीयन कराया है जिससे इस वर्ष खरीदी की तैयारी मजबूत दिखाई दे रही है।

    मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय और केंद्रों पर पहुंचकर अपने गेहूँ का पंजीयन और विक्रय सुनिश्चित करें। राज्य सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। इस कार्यक्रम से मध्यप्रदेश में गेहूँ उत्पादन करने वाले किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और खरीदी के साथ ही रबी विपणन वर्ष का संचालन सुचारू रूप से होगा।

  • उज्जैन में 27 साल की काली नंद गिरी बनी देश की सबसे कम उम्र की महामंडलेश्वर: श्मशान और कार में करतीं तंत्र साधना, सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स

    उज्जैन में 27 साल की काली नंद गिरी बनी देश की सबसे कम उम्र की महामंडलेश्वर: श्मशान और कार में करतीं तंत्र साधना, सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स


    नई दिल्ली। उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़े की दो दिवसीय बैठक के दौरान चार नए महामंडलेश्वरों का पट्टाभिषेक हुआ। इनमें सबसे चर्चा में रही 27 साल की काली नंद गिरी दिगंबर अघोरी माता, जिन्हें देश की सबसे कम उम्र की महामंडलेश्वर बनने का गौरव प्राप्त हुआ। वे किन्नर अखाड़े की पहली अघोरी महामंडलेश्वर मानी जा रही हैं।

    काली नंद गिरी का जीवन बेहद अद्भुत और साधना से जुड़ा है। उन्होंने बचपन में ही माता-पिता को छोड़कर संन्यास का रास्ता अपनाया। 6 साल की उम्र में तंत्र साधना सीखना शुरू किया और 12 साल की उम्र में काशी चली गईं। बाद में असम के कामाख्या धाम में अपने गुरु से तंत्र साधना का प्रशिक्षण प्राप्त किया। अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़े की आचार्य डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के आशीर्वाद से उन्होंने अखाड़े से जुड़कर आध्यात्मिक साधना जारी रखी।

    महामंडलेश्वर बनने के बाद भी उनका जीवन बेहद अनोखा है। पिछले 18 सालों से वे देश-विदेश में भ्रमण करती आई हैं, उनका स्थायी आश्रम नहीं है और उनका निवास मुख्य रूप से श्मशान और अपनी कार में होता है। कार में मां काली का बड़ा चित्र, त्रिशूल और लगभग 70 सिद्ध नरमुंड रखे जाने का दावा किया जाता है।

    काली नंद गिरी 18 भाषाओं की जानकार हैं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़, गुजराती, उड़िया, पंजाबी, असमिया और मराठी शामिल हैं। देश-विदेश की यात्राओं के दौरान उन्होंने ये भाषाएँ सीखी।

    महामंडलेश्वर बनने के बाद उनका सोशल मीडिया पर भी खासी लोकप्रियता है। उनके दो अकाउंट हैं, जिनमें कुल 60 लाख फॉलोअर्स हैं। वे नियमित रूप से तंत्र साधना से जुड़े वीडियो और अन्य आध्यात्मिक सामग्री साझा करती हैं, जिनके लाखों व्यूज मिलते हैं।

    इस अनोखे जीवन और साधना के कारण काली नंद गिरी दिगंबर अघोरी माता ने न सिर्फ धार्मिक जगत में, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लाखों लोगों का ध्यान खींचा है। उनका कहना है कि महामंडलेश्वर बनने के बाद अब वे उज्जैन में अपना स्थायी आश्रम बनाएंगी, ताकि साधना और सेवा कार्य को और विस्तार दे सकें।

  • MP के युवक गुरकीरत सिंह की कनाडा में हत्या, परिवार ने इंसाफ और आर्थिक मदद की लगाई गुहार

    MP के युवक गुरकीरत सिंह की कनाडा में हत्या, परिवार ने इंसाफ और आर्थिक मदद की लगाई गुहार


    उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन निवासी गुरकीरत सिंह मनोचा का 14 मार्च 2026 को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन ब्रिटिश कोलंबिया में दुखद निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उनकी हत्या हुई है। गुरकीरत लगभग सवा वर्ष पूर्व उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे जहां वे नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट पोस्ट डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम कर रहे थे।

    परिवार के अनुसार 14 मार्च को कॉलेज में कुछ युवकों के बीच विवाद के दौरान गुरकीरत पर हमला किया गया जिससे उनकी मौत हो गई। कनाडा में उनके मित्र ने देर रात इस घटना की जानकारी उनके भाई प्रबकीरत सिंह मनोचा को फोन पर दी।

    गुरकीरत का परिवार उज्जैन में C 86 पार्श्वनाथ सिटी देवास रोड में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने मुख्यमंत्रीमोहन यादव  को भी जानकारी दी।

    कनाडा पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है। शव की वापसी में लगभग 40 50 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है जिसके लिए परिवार ने आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई है। परिजन चाहते हैं कि शव जल्द मिले या उन्हें वहां पहुंचने का कोई माध्यम उपलब्ध कराया जाए।

    परिवार के अनुसार हत्या का कारण कॉलेज में चुनावी गुटबाजी थी। मृतक सरल सौम्य और शांत स्वभाव का था। उनके भाई प्रबकीरत ने कहा कि गुरकीरत ने जीवन में कभी विवाद या अपशब्द का प्रयोग नहीं किया।

    उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया भी लगातार परिजनों से संपर्क में हैं और शव की वापसी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रयासरत हैं। परिवार ने प्रदेश और केंद्र सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द शव की वापसी कराई जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।

  • सिंहस्थ-2028 के लिए इंदौर में बनेंगे अस्थायी सैटेलाइट टाउन:उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर से पहले रोका जाएगा

    सिंहस्थ-2028 के लिए इंदौर में बनेंगे अस्थायी सैटेलाइट टाउन:उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर से पहले रोका जाएगा


    नई दिल्ली। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर पुलिस ने भीड़ प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस ने योजना बनाई है कि उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर में प्रवेश से पहले इंदौर में ही रोका जाएगा। इसके लिए शहर के बाहरी क्षेत्रों में अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन और पुलिस के बीच हुई संयुक्त बैठक में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण की रणनीति पर चर्चा की गई।

    इंदौर से सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा आवाजाही इंदौर मार्ग से होने की संभावना है। ऐसे में भीड़ का दबाव कम करने के लिए पहले से व्यवस्था तैयार की जा रही है।

    प्रस्तावित सैटेलाइट टाउन में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, भोजन, शौचालय और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थानों से श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से उज्जैन की ओर भेजा जाएगा।

    बाहरी क्षेत्रों में स्थानों का चयन

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर के बाहरी इलाकों में ऐसे कई स्थानों का चयन किया गया है, जहां अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। इससे उज्जैन में अचानक भीड़ का दबाव नहीं बढ़ेगा।

    ट्रैफिक प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण

    एडिशनल पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) आर.के. सिंह के अनुसार सिंहस्थ को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

    तीन नए ट्रैफिक थानों का प्रस्ताव

    शहर में फिलहाल एक ही ट्रैफिक थाना है। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए तीन नए ट्रैफिक थानों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है।

    इनमें चंदन नगर क्षेत्र में धार रोड, बाणगंगा में सुपर कॉरिडोर और लसूड़िया में महालक्ष्मी नगर में ट्रैफिक थाना बनाने की योजना है। धार रोड के लिए प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

    कई थानों में बल बढ़ाने का प्रस्ताव

    पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने तिलक नगर, राऊ और द्वारकापुरी थानों में अतिरिक्त बल बढ़ाने का प्रस्ताव भी पुलिस मुख्यालय को भेजा है। इसके अलावा ट्रैफिक थानों के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की जाएगी।

    सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए इंदौर पुलिस तैयारियों को लेकर योजना बना रही है।

  • MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर

    MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर



    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) संकट ने आम नागरिक और व्यवसाय दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू गैस की कमी ने लोगों को धूप में घंटों कतार में खड़ा कर दिया है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटलों और रेस्तरां के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद और बोगदा पुल इलाकों में स्थिति गंभीर है। स्थानीय निवासी शीबा खान के अनुसार, उनके पास 13 मार्च को डिलीवरी का मैसेज तो आया, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, जिससे उन्हें अब रिश्तेदारों के यहां खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं मोहम्मद रियाज ने तीन दिन गैस न मिलने के बाद नया इंडक्शन चूल्हा खरीदा, ताकि परिवार भूखा न रहे।

    कॉमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने प्रदेश के होटल और रेस्तरां उद्योग को भी प्रभावित किया है। पिछले छह दिनों में 50,000 से ज्यादा होटलों और छोटे रेस्टॉरेंट्स को सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल और इंदौर के कई होटलों ने मेन्यू छोटा कर दिया है, जबकि कई रेहड़ियां और स्ट्रीट फूड ठेले पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर दुकानदारों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है।

    हालांकि ग्वालियर और उज्जैन में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने दावा किया कि जिले में स्टॉक की कोई कमी नहीं है और खाद्य विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। उज्जैन में रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी खोलकर घरेलू गैस की सप्लाई जारी रखी गई। एजेंसी संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू सिलेंडर की निरंतर सप्लाई की जा रही है, हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए नए आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।

    इंदौर में स्थिति थोड़ी मिश्रित रही। प्रशासन के निर्देश पर रविवार को खुली एजेंसियों में उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराने में कोई परेशानी नहीं बताई, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी 7-8 दिन में मिलने का आश्वासन दिया गया। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने KYC प्रक्रिया और गैस पाइप (नली) खरीदने का दबाव भी अनुभव किया।

    इस संकट ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में LPG की आपूर्ति और वितरण में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक चुनौतियां हैं। घरों में खाना बनाने वाले आम नागरिक और व्यवसायिक स्तर पर रेस्तरां चलाने वाले दोनों ही इस संकट से प्रभावित हैं। ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में प्रशासन की सक्रियता के बावजूद राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जनता को गैस के लिए लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की मांग है कि राज्य सरकार और गैस एजेंसियां जल्द से जल्द सप्लाई और वितरण सुचारू करें ताकि रोजमर्रा के काम और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

  • उज्जैन में निगम कर्मचारियों पर हंगामा, तलवार और लाठी लेकर किया हमला; महिला हिरासत में

    उज्जैन में निगम कर्मचारियों पर हंगामा, तलवार और लाठी लेकर किया हमला; महिला हिरासत में


    उज्जैन। नगरकोट मोहल्ले में शनिवार सुबह नगर निगम कर्मचारियों से विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति ने तलवार और लाठी निकालकर हमला कर दिया। मारपीट के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने आरोपी के घर से एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी रोज की तरह सुबह करीब 7:30 बजे मोहल्ले में पहुंची। गाड़ी के ड्राइवर का नाम कलीम और कचरा कर्मचारी का नाम जावेद बताया गया है। इस दौरान गीला और सूखा कचरा अलग न करने को लेकर विवाद शुरू हुआ। कर्मचारी ने समझाया, लेकिन आरोपी की बहस जल्द हिंसक रूप ले गई।

    मौके पर मौजूद दरोगा ने समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने हंगामा और धमकी बढ़ा दी। नगर निगम के कर्मचारी, अधिकारी और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी पहले ही फरार हो चुका था।

    पुलिस ने आरोपी के घर से एक महिला को हिरासत में लिया और उसे 112 की गाड़ी से चिमनगंज थाना ले जाया गया। महिला से पूछताछ जारी है। नगर निगम के नोडल अधिकारी ताराचंद मालवीय ने कहा कि कर्मचारियों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है और मामले की जांच की जा रही है।

    यह घटना उज्जैन में सार्वजनिक सुरक्षा और निगम कर्मचारियों की सुरक्षा के सवाल खड़े करती है। अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि निगम कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

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  • उज्जैन में लेडीज अंडरगारमेंट चोरी का VIDEO वायरल: एकतरफा प्यार में सीने पर टैटू बनवाने वाला युवक गिरफ्तार

    उज्जैन में लेडीज अंडरगारमेंट चोरी का VIDEO वायरल: एकतरफा प्यार में सीने पर टैटू बनवाने वाला युवक गिरफ्तार


    उज्जैन। उज्जैन के ढांचा भवन क्षेत्र में दिनदहाड़े एक सनकी युवक ने महिला के घर के बाहर सूख रहे अंडरगारमेंट्स चोरी कर लिए। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसके बाद चिमनगंज मंडी पुलिस ने आरोपी अमित मालवीय (25) को गिरफ्तार कर लिया।

    जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले महिला के घर के बाहर कपड़ों की रस्सी पर रखे अंडरगारमेंट्स गायब हो गए। परिवार वालों ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें युवक अमित मालवीय चोरी करते हुए स्पष्ट दिखाई दिया। आरोपी ने कपड़ों को रस्सी से उतारकर अपनी जेब में रखा।

    पुलिस पूछताछ में युवक ने कबूल किया कि वह महिला से एकतरफा प्यार करता है और इसी वजह से उसने महिला का नाम अपने सीने पर टैटू भी बनवाया है।

    चिमनगंज मंडी थाना प्रभारी गजेंद्र पचौरिया ने बताया कि युवक के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में घर के बाहर कपड़े सुखाने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना थाने को देनी चाहिए।

  • उज्जैन: चरक अस्पताल में कलेक्टर का आकस्मिक निरीक्षण, 4 डॉक्टरों का वेतन काटा, सिक्योरिटी एजेंसी पर जुर्माना

    उज्जैन: चरक अस्पताल में कलेक्टर का आकस्मिक निरीक्षण, 4 डॉक्टरों का वेतन काटा, सिक्योरिटी एजेंसी पर जुर्माना



    उज्जैन। जिले के सबसे बड़े चरक अस्पताल में गुरुवार दोपहर अचानक कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर कलेक्टर ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई।

    ड्यूटी रजिस्टर में साइन न करने वाले चार डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं, अस्पताल की सुरक्षा में चूक मिलने पर सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
    ड्यूटी रजिस्टर में साइन न करने वाले चार डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं, अस्पताल की सुरक्षा में चूक मिलने पर सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

    कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि निरीक्षण लगभग एक घंटे तक चला। उन्होंने देखा कि ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों के लिए अलग-अलग ड्यूटी रजिस्टर रखे गए थे, जिससे व्यवस्थाओं में गड़बड़ी सामने आई। उन्होंने निर्देश दिए कि रोस्टर और ड्यूटी चार्ट को सुधारकर बेहतर बनाया जाए।

    इस दौरान उन्होंने अस्पताल में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और इसे संतोषजनक पाया। उन्होंने कहा कि लिफ्ट का काम एक माह में पूरा किया जाएगा और दो नई लिफ्टें जल्द ही लगाई जाएंगी।

    कलेक्टर ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए। इससे गर्भवती महिलाओं और ऑर्थोपेडिक मरीजों को लंबे समय तक खड़ा रहने की समस्या नहीं होगी।

    सिक्योरिटी गार्ड की लापरवाही पाए जाने पर सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं, समय पर ओपीडी में न पहुंचने वाले चार डॉक्टरों को नोटिस जारी करने और उनके वेतन में कटौती करने के आदेश भी दिए गए।

    कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण सुशासन के निर्देश के तहत किया गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को आगाह किया कि सभी व्यवस्थाओं में सुधार और रोगियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

    इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, और जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • उज्जैन में प्रतिष्ठानों पर खाद्य विभाग का छापा:35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त, दो टीमों ने की कार्रवाई, प्रशासन हुआ सख्त

    उज्जैन में प्रतिष्ठानों पर खाद्य विभाग का छापा:35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त, दो टीमों ने की कार्रवाई, प्रशासन हुआ सख्त



    नई दिल्ली। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतों के बीच उज्जैन कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के कई रेस्टोरेंट और भोजनालयों पर गुरुवार को छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 35 से अधिक घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

    पिछले दो दिनों से शहर में गैस सिलेंडर की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने आठ अधिकारियों की दो टीमें बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की।पिछले दो दिनों से शहर में गैस सिलेंडर की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने आठ अधिकारियों की दो टीमें बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की।

    रेलिस फ्रायड अंडे वाले से 9 सिलेंडर जब्त

    पहली टीम में सहायक खाद्य नियंत्रक संतोष सिमोलिया, फूड इंस्पेक्टर अंकिता जोशी, नागेश दाहिमा और भूषण गुज्जर शामिल थे। टीम ने आरटीओ कार्यालय के पास रंगीला कैफे से एक घरेलू सिलेंडर, फ्रीगंज में रेलिस फ्रायड अंडे वाले से 9, महाकाल भोजनालय से 1, जैन कचोरी फ्रीगंज से 2, नवरतन फ्यूजन से 2, ऋषि नगर के एक रेस्टोरेंट से 1 और फ्रीगंज के फाफड़ा विक्रेता से 8 सिलेंडर जब्त किए।

    रश्मि खामबेटे शामिल थे। इस टीम ने हरी फाटक क्षेत्र में स्थित अन्नपूर्णा श्याम पवित्र भोजनालय सहित अन्य प्रतिष्ठानों से कुल 7 सिलेंडर जब्त किए।

    घरेलू सिलेंडर का उपयोग न करने की हिदायत

    खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए समझाइश दी कि वे व्यावसायिक कार्यों में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग न करें। इसके स्थान पर इलेक्ट्रिक इंडक्शन, पीएनजी या डीजल भट्टी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    ईरान अमेरिका युद्ध से देश भर में गैस सिलेंडर को लेकर मचे हाहाकार के बीच उज्जैन में काला बाजारी पर लगाम लगाने के लिए उज्जैन कलेक्टर के आदेश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के कई रेस्टोरेंट पर छापा मार कर 35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किये है। इनमे कई घरेलु और कमर्शियल सिलेंडर शामिल है।

    दो दिन से शहर में ग़ज़ल सिलेंडर को लेकर जामखोरी की मिल रही शिकायतों को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के 8 अधिकारियों की टीम ने दो अलग अलग टीम बनाकर छापा मारकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जिसमें संतोष सिमोलिया एसटीटेंट फ़ूड कंट्रोलर,अंकिता जोशी फ़ूड इंस्पेकटर,नागेश दाहिमा और भूषण गुज्जर की टीम ने आरटीओ कार्यालय के रंगीला कैफे से एक घरेलू टंकी,रेलिस फ्रायड अंडे वाले फ्रीगंज से 9,महाकाल भोजनालय से 1,जैन कचोरी फ्रीगंज से 2,नवरतन फ्यूजन से 2,ऋषि नगर रेस्टोरेंट से 1,फ्रीगंज में फाफड़े वाले से 8 सिलेंडर जब्त किये है। इसी तरह दूसरी टीम में शामिल चन्द्र शेखर बारोड़ एसिस्टेंट फ़ूड कंट्रोलर,

    समद खान फ़ूड इंस्पेकटर,रश्मि खामबेटे की टीम ने हरी फाटक क्षेत्र के रेस्टोरेंट अन्नपूर्णा श्याम पवित्र भोजनालय सहित एक अन्य से कुल 7 सिलेंडर जब्त किये है। टीम ने बताया कि सभी को हिदायत देकर समझाईश दी है कि घरेलु गैस सिलेंडर का उपयोग ना करे। वे इलेक्ट्रिक इंडेक्शन पीएनजी या डीजल भट्टी का भी उपयोग कर सकते है।

  • उज्जैन में रंग पंचमी के गेर में पटाखा फटने से 5 घायल, भगदड़ जैसी स्थिति

    उज्जैन में रंग पंचमी के गेर में पटाखा फटने से 5 घायल, भगदड़ जैसी स्थिति

    उज्जैन।  उज्जैन में रंग पंचमी के मौके पर आयोजित गेर के दौरान अचानक एक रंगीन पटाखा फट गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। धमाके के कारण कई लोग डर के मारे इधर-उधर भागे और कुछ महिलाएं जमीन पर गिर गईं, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, आसपास के लोगों और आयोजकों ने समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया।

    इस हादसे में पांच लोग घायल हुए, जिनमें कुछ लोग नीचे गिरने और पटाखे के धमाके के कारण चोटिल हुए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को सुरक्षित घर भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कोई गंभीर चोट या जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।

    स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने कहा कि गेर के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, लेकिन भीड़ और अचानक हुए धमाके के कारण यह छोटा हादसा हुआ। पुलिस ने आगे से पर्व और उत्सव के दौरान और अधिक सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।

    स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भीड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें, बच्चों और बुजुर्गों पर नजर रखें और आतिशबाजी या रंगीन पटाखों के दौरान नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा उपायों के कारण बड़े हादसे से बचाव संभव हो सका।

    गेर और रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में उत्सव का माहौल बना रहा, लेकिन यह घटना लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी भी दे गई। प्रशासन और आयोजकों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों में सुरक्षा और आपातकालीन इंतजाम और मजबूत करने का भरोसा दिया।