Tag: Uttar Pradesh News

  • 25 हजार आबादी के भरोसे सिर्फ एक फार्मासिस्ट! महोबा के ग्योंडी गांव में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

    25 हजार आबादी के भरोसे सिर्फ एक फार्मासिस्ट! महोबा के ग्योंडी गांव में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा


    महोबा  महोबा जिले के कबरई विकासखंड के सबसे बड़े गांव ग्योंडी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली अब ग्रामीणों के सब्र की सीमा पार कर चुकी है। करीब 25 हजार की आबादी वाले इस गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वर्षों से डॉक्टरों और जरूरी स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी केवल एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही है। इलाज के लिए आने वाले मरीजों को न तो नियमित चिकित्सक मिलते हैं और न ही स्टाफ नर्स लैब टेक्नीशियन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।

    स्वास्थ्य सुविधाओं की इसी बदहाली के विरोध में बुंदेलखंड नव निर्माण सेना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि ग्योंडी गांव ही नहीं बल्कि आसपास के कई गांवों के लोग भी इसी सरकारी अस्पताल पर निर्भर हैं लेकिन पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था नहीं होने से लोगों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है जबकि गंभीर मरीजों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं और प्रशासन इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चौबीस घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है। आवश्यक दवाइयों की कमी जांच सुविधाओं का अभाव और साफ सफाई बिजली तथा पेयजल जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल होने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित उपचार नहीं मिल पा रहा है।

    बुंदेलखंड नव निर्माण सेना ने प्रशासन के सामने पांच सूत्रीय मांगें रखीं। संगठन ने अस्पताल के सभी रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां करने नियमित डॉक्टरों और स्टाफ नर्स की तैनाती सुनिश्चित करने चौबीस घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवा शुरू करने आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने तथा अस्पताल में साफ सफाई बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है।

    संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जिले में चक्का जाम और बड़े स्तर पर प्रदर्शन भी किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा से लोगों को वंचित रखना गंभीर लापरवाही है और इसे अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनकी जायज मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर अस्पताल में आवश्यक संसाधनों और स्टाफ की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं क्योंकि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान का इंतजार हजारों लोगों को है।

  • मंदिर में संत की हत्या से भड़का गुस्सा महोबा में नामदेव समाज ने दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग

    मंदिर में संत की हत्या से भड़का गुस्सा महोबा में नामदेव समाज ने दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मंदिर के पुजारी और संत सच्चिदानंद महाराज की हत्या के बाद नामदेव समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के विरोध में अखंड भारतीय नामदेव महासभा के कार्यकर्ताओं ने महोबा में विरोध प्रदर्शन करते हुए अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ त्वरित तथा कठोर कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि इस जघन्य वारदात ने पूरे समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

    बताया गया कि बांदा जिले के तिंदवारा गांव स्थित त्रिदेव शनि मंदिर में रहने वाले 68 वर्षीय संत बाल ब्रह्मचारी सच्चिदानंद महाराज मंदिर की छत पर विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान देर रात कुछ अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और लाठी डंडों तथा धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल संत को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया।

    घटना ऐसे समय हुई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुंदेलखंड के दौरे पर थे। ऐसे में कानून व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। नामदेव समाज के लोगों का कहना है कि प्रदेश में संत और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है।

    महोबा में अखंड भारतीय नामदेव महासभा के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अखिलेन्द्र नामदेव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्र हुए। उन्होंने राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।

    संगठन ने यह भी मांग उठाई कि यदि आरोपी दोषी पाए जाते हैं तो उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि घटना के कई दिन बाद भी पुलिस हत्या के पीछे की असली वजह का खुलासा नहीं कर सकी है और अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना जांच की धीमी रफ्तार को दर्शाता है।

    प्रदर्शन के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिर जैसे पवित्र स्थल में एक संत की हत्या केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि समाज की आस्था पर भी चोट है। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष और तेज जांच कर दोषियों को जल्द सजा दिलाने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

  • राम मंदिर चढ़ावा मामले पर अयोध्या में घमासान कांग्रेस का विरोध और प्रशासन की सख्त कार्रवाई

    राम मंदिर चढ़ावा मामले पर अयोध्या में घमासान कांग्रेस का विरोध और प्रशासन की सख्त कार्रवाई


    अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध दर्ज कराया है और प्रदेश नेतृत्व के साथ कई सांसद और वरिष्ठ नेता अयोध्या पहुंचने की कोशिश में जुटे रहे। इसी बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को देर रात एक होटल में नजरबंद कर दिया और बाद में उन्हें कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में स्थानांतरित किया गया। इसके साथ ही कई अन्य कांग्रेस नेताओं को भी उनके आवास या ठहरने के स्थान पर ही रोक दिया गया जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।

    कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राम जन्मभूमि मंदिर जाकर कथित चढ़ावा प्रबंधन और चोरी के आरोपों की जांच और विरोध दर्ज कराना चाहता था। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। टेढ़ी बाजार क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कुछ नेताओं को बस में बैठाकर हटाया गया जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई।

    कांग्रेस सांसदों और नेताओं का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार का लिखित आदेश नहीं दिया गया है और बिना आधिकारिक सूचना के इस तरह हाउस अरेस्ट करना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और धार्मिक मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए यह कदम आवश्यक था।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से पूछताछ भी हुई है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने का दावा कर रही हैं।

    उधर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाल रही है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत करने की कोशिश की जा रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह केवल पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है और इसमें कोई राजनीतिक मंशा नहीं है।
    उधर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाल रही है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत करने की कोशिश की जा रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह केवल पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है और इसमें कोई राजनीतिक मंशा नहीं है।

    अयोध्या में बढ़ते तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    इस पूरे मामले ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है।

    शॉर्ट डिस्क्रिप्शन
    अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर कांग्रेस नेताओं का विरोध प्रदर्शन तेज हुआ, कई नेता हाउस अरेस्ट किए गए, पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ा

    English Tags
    Ayodhya Protest, Ram Mandir Issue, Congress Politics, Uttar Pradesh News, SIT Investigation

  • यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा ट्रेलर में घुसी वॉल्वो बस चार की मौत 27 घायल कंडक्टर चला रहा था बस

    यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा ट्रेलर में घुसी वॉल्वो बस चार की मौत 27 घायल कंडक्टर चला रहा था बस


    मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई जबकि 27 यात्री घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि तेज रफ्तार वॉल्वो बस का अगला हिस्सा ट्रेलर में करीब आठ फीट तक घुस गया। कई यात्री बस के अंदर फंस गए और उन्हें बाहर निकालने के लिए पुलिस और बचाव दल को गैस कटर की मदद लेनी पड़ी। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार और अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    यह दुर्घटना तड़के करीब साढ़े तीन बजे राया थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई। लखनऊ से दिल्ली जा रही गोला बस सर्विस की वॉल्वो बस में करीब 65 यात्री सवार थे। शुरुआती जांच के अनुसार गिट्टी से लदा ट्रेलर अपनी लेन में चल रहा था तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री सीटों के बीच फंस गए।

    मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे में बस चालक उपदेश यादव परिचालक क्लीनर और एक यात्री की मौत हुई है। मृतकों में तीन की पहचान अभी नहीं हो सकी है। वहीं 34 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी बसों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका उपचार जारी है।

    पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय नियमित चालक नहीं बल्कि बस का कंडक्टर वाहन चला रहा था। तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने के कारण बस सीधे ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी। इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि कंडक्टर को बस चलाने की अनुमति किस परिस्थिति में दी गई थी।

    हादसे के समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे इसलिए उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। कई लोग सीटों के बीच दब गए और कुछ यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बस के इमरजेंसी गेट और खिड़कियों के शीशे तोड़ने पड़े। पुलिस स्थानीय लोगों एसडीआरएफ फायर सर्विस और एंबुलेंस टीमों ने करीब दो घंटे तक लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया।

    घायल यात्रियों ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले बस एक ढाबे पर रुकी थी। इसके बाद बस काफी तेज रफ्तार से चल रही थी और कुछ यात्रियों को वाहन के डगमगाने का भी एहसास हुआ था। टक्कर इतनी तेज थी कि आगे की सीटों पर बैठे यात्रियों को सबसे ज्यादा चोटें आईं जबकि पीछे बैठे कई लोग बाल बाल बच गए।

    मथुरा जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों का इलाज जारी है। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए आगरा और दिल्ली रेफर किया गया है। तीन यात्रियों की जांघ की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई है जबकि अन्य की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

  • रायबरेली में बड़ा हादसा: चार्जर लगाते वक्त करंट की चपेट में आया हलवाई, अस्पताल में तोड़ा दम

    रायबरेली में बड़ा हादसा: चार्जर लगाते वक्त करंट की चपेट में आया हलवाई, अस्पताल में तोड़ा दम


    रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक दर्दनाक हादसे में मोबाइल चार्जर लगाते समय करंट लगने से रेस्टोरेंट में काम करने वाले एक हलवाई की मौत हो गई। घटना के बाद रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसे युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मोबाइल चार्ज करते समय हुआ हादसा

    घटना लालगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रताप पैलेस रेस्टोरेंट की है। जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट में पिछले कई वर्षों से भोजन बनाने का काम कर रहे अजय प्रजापति मोबाइल चार्ज करने के लिए बिजली के बोर्ड में चार्जर लगा रहे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

    मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें करंट से अलग किया और आनन-फानन में लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    आठ वर्षों से कर रहे थे काम

    मृतक अजय प्रजापति पिछले करीब आठ वर्षों से प्रताप पैलेस रेस्टोरेंट में हलवाई के रूप में कार्यरत थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों से पूछताछ कर हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

    प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ और कहीं बिजली व्यवस्था में कोई लापरवाही तो नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • अलीगंज अग्निकांड में बड़ा एक्शन, LDA के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से होगी पूछताछ

    अलीगंज अग्निकांड में बड़ा एक्शन, LDA के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से होगी पूछताछ


    लखनऊ। अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के 100 से अधिक वर्तमान और पूर्व अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है। वर्ष 2014 से 2026 तक इस भवन से जुड़े अधिकारियों का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है और सूची तैयार कर एसआईटी को सौंपी जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

    22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला कोचिंग कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे के बाद एलडीए ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को सौंप दी है।

    रिपोर्ट में सामने आईं कई गंभीर खामियां
    जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार भवन में निर्धारित मानकों से अधिक निर्माण किया गया था। इसके अलावा आने-जाने का रास्ता बेहद संकरा था, जबकि आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी और बचाव के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। प्रारंभिक जांच में इन्हीं कमियों को हादसे की प्रमुख वजह माना गया है।

    अब एसआईटी यह जांच करेगी कि भवन निर्माण की स्वीकृति, निरीक्षण और मानकों के पालन में किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही और कहीं प्रशासनिक लापरवाही तो नहीं हुई।

    हादसे का घटनाक्रम
    22 जून को दोपहर करीब 2:15 बजे अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला इमारत में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलने लगी। दोपहर 2:30 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। करीब 3:10 बजे पहली दमकल मौके पर पहुंची और आग की गंभीरता को देखते हुए कुल 13 दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग 6:30 बजे आग पर काबू पाया गया। इस दर्दनाक हादसे में 15 युवाओं की मौत हो गई।

    कोचिंग संस्थानों पर भी कार्रवाई
    हादसे के बाद प्रशासन ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब काकादेव में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। जांच के दौरान भवन और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले अन्य संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।

    अब सभी की नजर एसआईटी जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

  • संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    मुगलसराय। कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर में शुक्रवार देर रात एक 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। युवती का शव घर के एक कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। मृतका की पहचान खुशी सिंह के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती थी।

    बताया गया कि खुशी के पिता ऑटो चालक हैं और परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह पांच बहनों में चौथे स्थान पर थी। घटना के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही मुगलसराय कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।

    प्रारंभिक जांच में मामला फंदे से लटककर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

    पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार क्यों करना चाहते थे। इसी वजह से मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि युवती कुछ समय पहले अपने दोस्तों के साथ बिना परिवार को बताए दार्जिलिंग घूमने गई थी। घर लौटने पर उसे इस बात को लेकर डांट भी पड़ी थी। हालांकि पुलिस ने इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जांच केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की हर संभावित दिशा में जांच कर रही है और सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।

  • संतकबीरनगर में दर्दनाक हादसा, खेत में करंट लगने से 22 वर्षीय युवक की मौत

    संतकबीरनगर में दर्दनाक हादसा, खेत में करंट लगने से 22 वर्षीय युवक की मौत


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 22 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के निखरकपार गांव की है। गांव निवासी विनोद ने पुलिस को दी सूचना में बताया कि उनका छोटा भाई मुकेश शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे घर से लगभग 300 मीटर दूर स्थित अपने खेत को देखने गया था।

    बताया जा रहा है कि खेत के पास लगे बिजली के पोल में किसी कारणवश करंट उतर आया था। जैसे ही मुकेश पोल के संपर्क में आया, वह तेज करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक युवक की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    प्रारंभिक जांच में बिजली के पोल में करंट उतरने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

  • राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने पद छोड़ा, जांच के बीच बढ़ी हलचल

    राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने पद छोड़ा, जांच के बीच बढ़ी हलचल


    अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया है। दोनों के इस्तीफों की पुष्टि समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों ने नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दिया है।

    चढ़ावे में कथित गबन के आरोप सामने आने के बाद से ट्रस्ट के दोनों पदाधिकारी लगातार चर्चा में थे। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पिछले दिनों चंपत राय और ट्रस्ट से जुड़े अन्य अधिकारियों से लंबी पूछताछ की थी। जांच के दौरान चढ़ावे की गिनती, नकदी की सुरक्षा व्यवस्था और पूरी प्रक्रिया से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल किए गए थे।

    जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि चढ़ावे की गिनती में शामिल कर्मचारियों की नियुक्ति किस प्रक्रिया से हुई और नकदी प्रबंधन में किसकी क्या भूमिका थी। जांच के दौरान कई दस्तावेज भी खंगाले गए और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की गई।

    इससे पहले चंपत राय के चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित कई लोगों से पूछताछ की गई थी। जांच के दौरान नकदी प्रबंधन और चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई। मामले में पहले ही कई शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं और एसआईटी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर भी सवाल उठे थे। अब चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को इस पूरे घटनाक्रम का अहम मोड़ माना जा रहा है। ट्रस्ट में दोनों पदों पर नई नियुक्तियों को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।

  • जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता, गोरखपुर में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 फरियादियों की शिकायतें

    जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता, गोरखपुर में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 फरियादियों की शिकायतें

    गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय गोरखपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका प्रभावी तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उसका ऐसा समाधान किया जाए जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए।

    मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनसेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लोगों को न्याय तथा राहत दिलाने में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।

    जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनिक समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

    जनता दर्शन में शामिल होने के लिए किसी विशेष पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी नागरिक सीधे कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी शिकायत मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकता है। हालांकि प्रशासन नागरिकों को सलाह देता है कि वे अपनी शिकायत पहले से ही जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करा दें, ताकि उसका रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और सुनवाई के दौरान प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा सके।

    सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि जनता दर्शन के समय और स्थान में प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार बदलाव संभव है। इसलिए नागरिकों को किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए राज्य सरकार के अधिकृत पोर्टल या जनसुनवाई पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।