Tag: Uttar Pradesh News

  • गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी

    गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी


    मध्य प्रदेश । सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर स्थित गाजीपुर माता मंदिर में बुधवार रात बड़ी वारदात हुई। अज्ञात चोर मंदिर परिसर में घुसे और वहां स्थापित चांदी का भारी सिंहासन उखाड़कर ले गए। इस चोरी की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है।

     पुलिस मौके पर पहुंची, जांच तेज
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। नागौद एसडीओपी रघु केसरी और सिंहपुर थाना प्रभारी पंकज शुक्ला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मंदिर परिसर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि चोरों की पहचान की जा सके।

     तकनीकी जांच और सुराग तलाश
    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमें गठित की हैं। आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

     ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
    मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी है। लोगों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

     प्रशासन का आश्वासन
    पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस चोरी का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

  • कानपुर सेंट्रल पर 24 घंटे ‘नो ट्रेन डे’, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में 6 की मौत; यूपी में बड़े घटनाक्रमों से हलचल

    कानपुर सेंट्रल पर 24 घंटे ‘नो ट्रेन डे’, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में 6 की मौत; यूपी में बड़े घटनाक्रमों से हलचल



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 21 जून को रेलवे और सड़क दोनों से जुड़ी बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 21 जून का दिन पूरी तरह ‘नो ट्रेन डे’ रहेगा, यानी 24 घंटे तक स्टेशन से कोई भी ट्रेन नहीं गुजरेगी। रेलवे की इंटरलॉकिंग व्यवस्था के चलते राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति, पुरुषोत्तम और दुरंतो जैसी प्रमुख ट्रेनों का रूट बदला गया है। ये सभी ट्रेनें अब चंदारी मार्ग से होकर गोविंदपुरी स्टेशन पर रुकेंगी। इससे पहले कोविड काल में ऐसा दृश्य देखने को मिला था, जब लंबे समय तक स्टेशन से ट्रेन संचालन बंद रहा था।

    इसी बीच उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां बस पलटने से 6 लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।

    वहीं प्रदेश में बिजली संकट और लापरवाही के मामलों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए जेई, एसडीओ और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों पर गाज गिराई है। उपभोक्ताओं की शिकायतों और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

    राजनीतिक मोर्चे पर भी हलचल देखने को मिली। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग महंगी गाड़ियों से आकर छोटी चीजें भी उठा लेते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं बकरीद और नमाज व्यवस्था को लेकर भाजपा सांसद राजकुमार चाहर के बयान ने भी राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में व्यवस्था और परंपराओं पर चर्चा जरूरी है, साथ ही बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतों पर भी सरकार का रुख सामने रखा।

    कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी व्यवस्थाएं बदली जा रही हैं, वहीं हादसे और राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।

  • आला हजरत दरगाह की ईद-उल-अजहा पर अपील: प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचें, कानून और स्वच्छता का पालन करें

    आला हजरत दरगाह की ईद-उल-अजहा पर अपील: प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचें, कानून और स्वच्छता का पालन करें



    बरेली । बरेली की प्रसिद्ध आला हजरत दरगाह ने ईद-उल-अजहा के मौके पर मुस्लिम समुदाय से महत्वपूर्ण अपील की है। दरगाह से जुड़े संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा ने कहा है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह के प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न दी जाए और सभी लोग कानून का पालन करते हुए ही धार्मिक परंपराओं को निभाएं। साथ ही खुले स्थानों पर कुर्बानी न करने और स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की गई है।

    धार्मिक और सामाजिक संतुलन पर जोर
    दरगाह की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि ईद-उल-अजहा एक पवित्र त्योहार है, जिसे शांतिपूर्ण और नियमों के अनुसार मनाना सभी की जिम्मेदारी है। संगठन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे जानवरों की कुर्बानी न करें, जो कानूनन प्रतिबंधित हैं, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या विवाद की स्थिति न बने।

    इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि त्योहार के दौरान सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।

    इमामों से संपर्क कर दिया गया संदेश
    जमात रजा-ए-मुस्तफा ने एक विशेष जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत संगठन के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार की नमाज के दौरान विभिन्न जिलों की मस्जिदों के इमामों से संपर्क किया और उनसे अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें।

    इमामों से कहा गया है कि वे नमाज के दौरान और धार्मिक प्रवचनों में लोगों को यह संदेश दें कि कुर्बानी केवल निर्धारित नियमों और स्थानों पर ही की जाए। साथ ही किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और दरगाह प्रबंधन को सूचना दी जाए।

    मोहल्लों में निगरानी टीम तैनात
    संगठन के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान ने बताया कि इस बार नियमों के पालन पर विशेष नजर रखने के लिए मोहल्लों में निगरानी टीमों की तैनाती की गई है। ये टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि कहीं भी सार्वजनिक स्थानों, सड़कों या खुले इलाकों में कुर्बानी न की जाए।

    उन्होंने कहा कि स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और पशुओं के अवशेषों का सही तरीके से निपटान किया जाए, ताकि पर्यावरण और समाज दोनों पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

    गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
    इस मौके पर जमात रजा-ए-मुस्तफा की ओर से एक और महत्वपूर्ण मांग भी सामने आई है। महासचिव फरमान हसन खान ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।उनका कहना है कि ऐसा करने से अवैध वध पर रोक लगेगी और इससे जुड़े अपराधों में कमी आएगी। साथ ही यह कदम सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करेगा।

    आला हजरत दरगाह की यह अपील न केवल धार्मिक भावना से जुड़ी है, बल्कि इसमें कानून, स्वच्छता और सामाजिक एकता का संदेश भी शामिल है। ईद-उल-अजहा जैसे पवित्र पर्व को शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ मनाने पर जोर देकर संगठन ने समाज में सद्भाव और अनुशासन बनाए रखने की कोशिश की है।

  • झांसी में एंबुलेंस संचालकों की मनमानी: 30 किमी शव ले जाने के लिए मांगे 6000 रुपए, परिजनों ने DM से लगाई गुहार

    झांसी में एंबुलेंस संचालकों की मनमानी: 30 किमी शव ले जाने के लिए मांगे 6000 रुपए, परिजनों ने DM से लगाई गुहार



    झांसी। मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एंबुलेंस संचालकों की मनमानी का गंभीर मामला सामने आया है। एक गरीब परिवार से मात्र 30 किलोमीटर दूर शव ले जाने के लिए 6000 रुपए की मांग की गई, जबकि दूसरी एंबुलेंस 1200 से 1500 रुपए में जाने को तैयार थी।

    परिजनों ने 4000 रुपए देने की बात कही, लेकिन एंबुलेंस चालक 6000 रुपए पर अड़ा रहा। अंततः परिजनों ने डीएम ऑफिस में फोन कर अपनी पीड़ा बताई, जिसके बाद मामला 4000 रुपए में तय हुआ और शव को रवाना किया गया।

    ट्रेन के बाथरूम में मिला शव
    मृतक महेंद्र सिंह (47), बबीना क्षेत्र के ठकरास मोहल्ले के रहने वाले थे और अहमदाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। वे अहमदाबाद से साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन से घर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान ट्रेन के बाथरूम में उनकी तबीयत बिगड़ गई और वहीं उनकी मौत हो गई।ट्रेन जब झांसी स्टेशन पहुंची तो जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।

    बबीना ले जाने को लेकर विवाद
    पोस्टमार्टम के बाद शव को बबीना ले जाने को लेकर एंबुलेंस संचालकों में मनमानी वसूली का आरोप लगा। परिजनों का कहना है कि बाहर खड़ी एंबुलेंस 1200–1500 रुपए में जाने को तैयार थी, लेकिन अंदर मौजूद संचालक अधिक पैसे की मांग पर अड़े रहे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
    मृतक के परिवार में पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी हैं। सभी अभी अविवाहित हैं। पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर बताई जा रही है।

    प्रशासन पर उठे सवाल
    यह कोई पहला मामला नहीं है जब पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एंबुलेंस संचालकों पर मनमानी वसूली के आरोप लगे हों। दूर-दराज से आने वाले परिजनों से कई गुना अधिक किराया वसूलने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन व्यवस्था सुधारने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • यूपी के मदरसों में ‘वंदे मातरम’ लागू करने की तैयारी, ओपी राजभर के बयान से सियासत गरमाई

    यूपी के मदरसों में ‘वंदे मातरम’ लागू करने की तैयारी, ओपी राजभर के बयान से सियासत गरमाई



    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने संकेत दिए हैं कि यूपी के मदरसों में भी ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य करने की दिशा में तैयारी की जा रही है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है।

    राजभर ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि जिस तरह अन्य शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान कराया जाता है, उसी तरह मदरसों में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि विभाग उनके पास है और इस तरह की व्यवस्था लागू करने में कोई बुराई नहीं है।

    शिक्षा और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने की बात
    मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मदरसा संस्थानों के छात्रों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर देना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अमन, चैन और भाईचारे के साथ आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।उनके अनुसार, “राष्ट्रगीत का सम्मान किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति सम्मान का प्रतीक है।”

    विपक्ष पर तीखा हमला
    ओपी राजभर ने अपने बयान में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे केवल राजनीति के लिए समाज में नफरत फैलाने की बात करते हैं।

    उन्होंने कहा कि मुसलमानों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया है और उन्हें शिक्षा एवं विकास से दूर रखा गया है। राजभर ने दावा किया कि उनकी सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रही है।

    विवाद की पृष्ठभूमि
    यह मुद्दा ऐसे समय पर सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में भी कुछ मदरसों में ‘वंदे मातरम’ को लेकर बहस चल रही है। वहां कई मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध किया है, जबकि कुछ राजनीतिक दलों ने इसे समर्थन दिया है।अब उत्तर प्रदेश में भी इस तरह का प्रस्ताव सामने आने के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। विपक्षी दलों के साथ-साथ धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

    सियासी माहौल गर्म
    उत्तर प्रदेश में पहले से ही 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हैं। ऐसे में ओपी राजभर का यह बयान राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। इसे सरकार की शिक्षा नीति और सामाजिक संतुलन की दिशा में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    मदरसा शिक्षा प्रणाली में ‘वंदे मातरम’ लागू करने की चर्चा ने राज्य में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां सरकार इसे राष्ट्रभक्ति और एकता से जोड़कर देख रही है, वहीं विरोधी इसे संवेदनशील मुद्दा मान रहे हैं। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।

  • पति से बदला लेने के लिए ‘लव जिहाद’ का आरोप! एटा पुलिस जांच में खुली महिला की साजिश

    पति से बदला लेने के लिए ‘लव जिहाद’ का आरोप! एटा पुलिस जांच में खुली महिला की साजिश



    एटा । उत्तर प्रदेश के एटा जिले में ‘लव जिहाद’ के नाम पर झूठी शिकायत का मामला सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई। दिल्ली निवासी एक महिला शनिवार को एटा के अवागढ़ थाने पहुंची और खुद को ‘लव जिहाद’ का शिकार बताते हुए दिल्ली के मयूर विहार निवासी आरिफ नाम के युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग करने लगी। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन पूछताछ में कहानी पूरी तरह बदलती नजर आई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि महिला मूल रूप से आगरा की रहने वाली है और उसकी मुलाकात दिल्ली में एक कंपनी में काम करने के दौरान आरिफ से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। इसके बाद दोनों ने हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों से शादी की थी। मंदिर में विवाह करने के साथ-साथ मौलाना की मौजूदगी में निकाह भी पढ़ा गया था। यानी महिला को शुरुआत से ही युवक के धर्म और पहचान की पूरी जानकारी थी।

    जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध रहने के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ने लगे थे। बाद में वर्ष 2025 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। तलाक के बाद मामला और बिगड़ गया। आरिफ ने दिल्ली के मयूर विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पूर्व पत्नी अपनी डेढ़ साल की बच्ची, घर में रखी नकदी, सोने-चांदी के जेवर और जरूरी सामान लेकर घर से चली गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, विवाद के दौरान महिला ने आरिफ और उसके परिवार को ‘लव जिहाद’ के केस में फंसाने की धमकी भी दी थी। पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि महिला की पहले एक हिंदू युवक से शादी हो चुकी थी, लेकिन उसने यह बात आरिफ से छिपाई थी। जब दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा तो मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया।

    एटा के एसएसपी डॉ. इलामारन जी ने बताया कि महिला की ओर से एक प्रार्थना पत्र जरूर मिला है, लेकिन शुरुआती जांच में मामला एटा क्षेत्राधिकार का नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि घटना दिल्ली से जुड़ी है और आरोपी परिवार करीब 20 साल पहले एटा छोड़ चुका है। इसके बावजूद पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

    इस मामले ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि गंभीर कानूनों का गलत इस्तेमाल न सिर्फ निर्दोष लोगों के लिए परेशानी खड़ी करता है, बल्कि असली पीड़ितों के मामलों की गंभीरता भी कम कर देता है।

  • झांसी दौरे पर कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का बयान: नमाज और पूजा के लिए स्थान निर्धारित, जेल सुधार पर दिया जोर

    झांसी दौरे पर कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का बयान: नमाज और पूजा के लिए स्थान निर्धारित, जेल सुधार पर दिया जोर


    झांसी । झांसी में प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नमाज हो या पूजा, सभी धार्मिक कार्यों के लिए स्थान निर्धारित हैं और इन्हें केवल तय स्थानों पर ही किया जाना चाहिए।

    मंत्री दारा सिंह चौहान सर्किट हाउस करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे। उन्होंने देरी का कारण बताते हुए कहा कि वे कानपुर देहात में एक स्कूल बस हादसे में राहत और बचाव कार्य में शामिल थे, जिसकी वजह से उनका कार्यक्रम प्रभावित हुआ। झांसी पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जहां जेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

    मीडिया से बातचीत के दौरान कारागार मंत्री ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जेल प्रशासन को सिर्फ बंदियों को रखने तक सीमित नहीं मानती, बल्कि उनका नैतिक और सामाजिक सुधार भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि जेलों में बंदियों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि वे रिहाई के बाद समाज में सम्मानपूर्वक जीवन शुरू कर सकें।

    प्रदेश की जेलों में ओवरक्राउडिंग के सवाल पर दारा सिंह चौहान ने कहा कि यह समस्या पहले की तुलना में काफी कम हुई है और सरकार लगातार नई जेलों के निर्माण पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में भी पूजा और नमाज के लिए निश्चित स्थानों का उल्लेख है, इसलिए इसे लेकर जो कहा गया है वह सही है। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई।

  • उन्नाव में शिक्षिका का दर्दनाक कदम: VIDEO बनाकर बोलीं- ये सुसाइड नहीं, मेरा मर्डर है, फिर खा लिया जहर

    उन्नाव में शिक्षिका का दर्दनाक कदम: VIDEO बनाकर बोलीं- ये सुसाइड नहीं, मेरा मर्डर है, फिर खा लिया जहर


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उन्नाव से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्राथमिक विद्यालय में तैनात 40 वर्षीय शिक्षिका नाजिया सुल्ताना ने कथित मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। गंभीर हालत में उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

    आत्महत्या का प्रयास करने से पहले नाजिया सुल्ताना ने करीब एक मिनट का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह रोते हुए शिक्षामित्र पुष्कर वाजपेयी पर गंभीर आरोप लगाती नजर आ रही हैं। नाजिया ने कहा कि पिछले दो से ढाई साल से उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था और पिछले कई महीनों से उनकी जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई थी।

    वीडियो में नाजिया कहती हैं, “मैं आज खुदकुशी कर रही हूं और इसका जिम्मेदार शिक्षामित्र पुष्कर वाजपेयी है। इन्होंने मेरी जिंदगी दुश्वार कर दी है। अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता। ये सुसाइड नहीं, मेरा मर्डर है।” शिक्षिका की भावुक अपील ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

    यह मामला सिकंदरपुर कर्ण ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बदरका प्रथम का बताया जा रहा है, जहां नाजिया और शिक्षामित्र पुष्कर वाजपेयी दोनों तैनात हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। हालांकि विवाद की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    घटना की जानकारी मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश पांडेय अस्पताल पहुंचे और शिक्षिका का हालचाल लिया। उन्होंने कहा कि स्कूल में तैनात शिक्षिका और शिक्षामित्र के बीच मतभेद की बात सामने आई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।

    वहीं पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। अचलगंज थाने के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है।

    इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न और तनाव जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। सोशल मीडिया पर लोग शिक्षिका को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी लंबी अवधि तक विवाद चलने के बावजूद समाधान क्यों नहीं निकाला गया।

  • झांसी में रफ्तार का कहर: ट्रक ने चाचा-भतीजे को 100 मीटर तक घसीटा, सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े, घर में मचा कोहराम

    झांसी में रफ्तार का कहर: ट्रक ने चाचा-भतीजे को 100 मीटर तक घसीटा, सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े, घर में मचा कोहराम

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। झांसी-कानपुर हाईवे पर चिरगांव थाना क्षेत्र के बाईपास के पास तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि दोनों को ट्रक करीब 100 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। टक्कर और घसीटने की वजह से एक युवक का सिर धड़ से अलग हो गया, जबकि शव के कई टुकड़े सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

    जानकारी के अनुसार, दोनों रिश्तेदार बाजार से सब्जी खरीदकर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन रोकने के बजाय भागने की कोशिश करता रहा और बाइक समेत दोनों युवकों को काफी दूर तक घसीटता चला गया। सड़क पर खून और शव के टुकड़े बिखरने से वहां मौजूद लोग सहम गए।

    बताया जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले भतीजे की शादी दो दिन पहले ही तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियों और खुशियों का माहौल था, लेकिन एक पल में मातम छा गया। परिवार को जैसे ही हादसे की खबर मिली, घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

    हादसे के बाद बाइक ट्रक के नीचे फंस गई, जिससे चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से सड़क पर बिखरे शव के टुकड़ों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा। हादसे की भयावह तस्वीरें देखकर पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए।

    पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों ने हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होने वाले हादसे कई परिवारों की खुशियां छीन रहे हैं। झांसी की यह घटना भी उन दर्दनाक हादसों में शामिल हो गई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

  • लाइनमैन ने डॉग की बेरहमी से हत्या की, 8 सेकेंड में 8 लाठियां मारी; झांसी में सामने आया दिल दहला देने वाला मामला

    लाइनमैन ने डॉग की बेरहमी से हत्या की, 8 सेकेंड में 8 लाठियां मारी; झांसी में सामने आया दिल दहला देने वाला मामला



    नई दिल्ली। झांसी के मोठ कस्बे के महावीरनपुरा मोहल्ले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बिजली विभाग में कार्यरत एक लाइनमैन पर एक कुत्ते को बेरहमी से पीट-पीटकर मारने का आरोप लगा है। घटना 13 मई की बताई जा रही है, जिसका वीडियो अब सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी लाइनमैन पुष्पेंद्र पर आरोप है कि वह अक्सर गली के कुत्ते के भौंकने से नाराज रहता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि 13 मई की शाम जब वह काम से लौट रहा था, तभी कुत्ते ने उसे दौड़ा लिया, जिसके बाद वह गुस्से में आ गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब 8 बजे आरोपी ने पहले कुत्ते पर नजर रखी और फिर मौका देखकर लाठी से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने महज 8 सेकेंड में एक के बाद एक 8 वार किए, जिससे कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना यहीं नहीं रुकी, आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने कुत्ते को टांग से पकड़कर घसीटा और बाइक पर बांधकर हाइवे किनारे फेंक दिया। इस दौरान जब स्थानीय लोग उसे रोकने पहुंचे तो उसने उन्हें भी धमकी दी।

    पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

    इस मामले पर मोठ के सीओ अजय श्रोत्रीय ने बताया कि वीडियो की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

    कुल मिलाकर यह घटना न सिर्फ अमानवीयता को उजागर करती है, बल्कि समाज में पशुओं के प्रति बढ़ती हिंसा पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।