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  • यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा ट्रेलर में घुसी वॉल्वो बस चार की मौत 27 घायल कंडक्टर चला रहा था बस

    यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा ट्रेलर में घुसी वॉल्वो बस चार की मौत 27 घायल कंडक्टर चला रहा था बस


    मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई जबकि 27 यात्री घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि तेज रफ्तार वॉल्वो बस का अगला हिस्सा ट्रेलर में करीब आठ फीट तक घुस गया। कई यात्री बस के अंदर फंस गए और उन्हें बाहर निकालने के लिए पुलिस और बचाव दल को गैस कटर की मदद लेनी पड़ी। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार और अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    यह दुर्घटना तड़के करीब साढ़े तीन बजे राया थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई। लखनऊ से दिल्ली जा रही गोला बस सर्विस की वॉल्वो बस में करीब 65 यात्री सवार थे। शुरुआती जांच के अनुसार गिट्टी से लदा ट्रेलर अपनी लेन में चल रहा था तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री सीटों के बीच फंस गए।

    मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे में बस चालक उपदेश यादव परिचालक क्लीनर और एक यात्री की मौत हुई है। मृतकों में तीन की पहचान अभी नहीं हो सकी है। वहीं 34 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी बसों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका उपचार जारी है।

    पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय नियमित चालक नहीं बल्कि बस का कंडक्टर वाहन चला रहा था। तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने के कारण बस सीधे ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी। इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि कंडक्टर को बस चलाने की अनुमति किस परिस्थिति में दी गई थी।

    हादसे के समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे इसलिए उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। कई लोग सीटों के बीच दब गए और कुछ यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बस के इमरजेंसी गेट और खिड़कियों के शीशे तोड़ने पड़े। पुलिस स्थानीय लोगों एसडीआरएफ फायर सर्विस और एंबुलेंस टीमों ने करीब दो घंटे तक लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया।

    घायल यात्रियों ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले बस एक ढाबे पर रुकी थी। इसके बाद बस काफी तेज रफ्तार से चल रही थी और कुछ यात्रियों को वाहन के डगमगाने का भी एहसास हुआ था। टक्कर इतनी तेज थी कि आगे की सीटों पर बैठे यात्रियों को सबसे ज्यादा चोटें आईं जबकि पीछे बैठे कई लोग बाल बाल बच गए।

    मथुरा जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों का इलाज जारी है। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए आगरा और दिल्ली रेफर किया गया है। तीन यात्रियों की जांघ की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई है जबकि अन्य की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

  • रायबरेली में बड़ा हादसा: चार्जर लगाते वक्त करंट की चपेट में आया हलवाई, अस्पताल में तोड़ा दम

    रायबरेली में बड़ा हादसा: चार्जर लगाते वक्त करंट की चपेट में आया हलवाई, अस्पताल में तोड़ा दम


    रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक दर्दनाक हादसे में मोबाइल चार्जर लगाते समय करंट लगने से रेस्टोरेंट में काम करने वाले एक हलवाई की मौत हो गई। घटना के बाद रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसे युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मोबाइल चार्ज करते समय हुआ हादसा

    घटना लालगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रताप पैलेस रेस्टोरेंट की है। जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट में पिछले कई वर्षों से भोजन बनाने का काम कर रहे अजय प्रजापति मोबाइल चार्ज करने के लिए बिजली के बोर्ड में चार्जर लगा रहे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

    मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें करंट से अलग किया और आनन-फानन में लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    आठ वर्षों से कर रहे थे काम

    मृतक अजय प्रजापति पिछले करीब आठ वर्षों से प्रताप पैलेस रेस्टोरेंट में हलवाई के रूप में कार्यरत थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों से पूछताछ कर हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

    प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ और कहीं बिजली व्यवस्था में कोई लापरवाही तो नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • अलीगंज अग्निकांड में बड़ा एक्शन, LDA के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से होगी पूछताछ

    अलीगंज अग्निकांड में बड़ा एक्शन, LDA के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से होगी पूछताछ


    लखनऊ। अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के 100 से अधिक वर्तमान और पूर्व अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है। वर्ष 2014 से 2026 तक इस भवन से जुड़े अधिकारियों का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है और सूची तैयार कर एसआईटी को सौंपी जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

    22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला कोचिंग कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे के बाद एलडीए ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को सौंप दी है।

    रिपोर्ट में सामने आईं कई गंभीर खामियां
    जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार भवन में निर्धारित मानकों से अधिक निर्माण किया गया था। इसके अलावा आने-जाने का रास्ता बेहद संकरा था, जबकि आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी और बचाव के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। प्रारंभिक जांच में इन्हीं कमियों को हादसे की प्रमुख वजह माना गया है।

    अब एसआईटी यह जांच करेगी कि भवन निर्माण की स्वीकृति, निरीक्षण और मानकों के पालन में किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही और कहीं प्रशासनिक लापरवाही तो नहीं हुई।

    हादसे का घटनाक्रम
    22 जून को दोपहर करीब 2:15 बजे अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला इमारत में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलने लगी। दोपहर 2:30 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। करीब 3:10 बजे पहली दमकल मौके पर पहुंची और आग की गंभीरता को देखते हुए कुल 13 दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग 6:30 बजे आग पर काबू पाया गया। इस दर्दनाक हादसे में 15 युवाओं की मौत हो गई।

    कोचिंग संस्थानों पर भी कार्रवाई
    हादसे के बाद प्रशासन ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब काकादेव में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। जांच के दौरान भवन और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले अन्य संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।

    अब सभी की नजर एसआईटी जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

  • संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    मुगलसराय। कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर में शुक्रवार देर रात एक 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। युवती का शव घर के एक कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। मृतका की पहचान खुशी सिंह के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती थी।

    बताया गया कि खुशी के पिता ऑटो चालक हैं और परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह पांच बहनों में चौथे स्थान पर थी। घटना के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही मुगलसराय कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।

    प्रारंभिक जांच में मामला फंदे से लटककर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

    पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार क्यों करना चाहते थे। इसी वजह से मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि युवती कुछ समय पहले अपने दोस्तों के साथ बिना परिवार को बताए दार्जिलिंग घूमने गई थी। घर लौटने पर उसे इस बात को लेकर डांट भी पड़ी थी। हालांकि पुलिस ने इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जांच केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की हर संभावित दिशा में जांच कर रही है और सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।

  • संतकबीरनगर में दर्दनाक हादसा, खेत में करंट लगने से 22 वर्षीय युवक की मौत

    संतकबीरनगर में दर्दनाक हादसा, खेत में करंट लगने से 22 वर्षीय युवक की मौत


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 22 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के निखरकपार गांव की है। गांव निवासी विनोद ने पुलिस को दी सूचना में बताया कि उनका छोटा भाई मुकेश शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे घर से लगभग 300 मीटर दूर स्थित अपने खेत को देखने गया था।

    बताया जा रहा है कि खेत के पास लगे बिजली के पोल में किसी कारणवश करंट उतर आया था। जैसे ही मुकेश पोल के संपर्क में आया, वह तेज करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक युवक की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    प्रारंभिक जांच में बिजली के पोल में करंट उतरने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

  • राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने पद छोड़ा, जांच के बीच बढ़ी हलचल

    राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने पद छोड़ा, जांच के बीच बढ़ी हलचल


    अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया है। दोनों के इस्तीफों की पुष्टि समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों ने नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दिया है।

    चढ़ावे में कथित गबन के आरोप सामने आने के बाद से ट्रस्ट के दोनों पदाधिकारी लगातार चर्चा में थे। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पिछले दिनों चंपत राय और ट्रस्ट से जुड़े अन्य अधिकारियों से लंबी पूछताछ की थी। जांच के दौरान चढ़ावे की गिनती, नकदी की सुरक्षा व्यवस्था और पूरी प्रक्रिया से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल किए गए थे।

    जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि चढ़ावे की गिनती में शामिल कर्मचारियों की नियुक्ति किस प्रक्रिया से हुई और नकदी प्रबंधन में किसकी क्या भूमिका थी। जांच के दौरान कई दस्तावेज भी खंगाले गए और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की गई।

    इससे पहले चंपत राय के चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित कई लोगों से पूछताछ की गई थी। जांच के दौरान नकदी प्रबंधन और चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई। मामले में पहले ही कई शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं और एसआईटी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर भी सवाल उठे थे। अब चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को इस पूरे घटनाक्रम का अहम मोड़ माना जा रहा है। ट्रस्ट में दोनों पदों पर नई नियुक्तियों को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।

  • जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता, गोरखपुर में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 फरियादियों की शिकायतें

    जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता, गोरखपुर में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 फरियादियों की शिकायतें

    गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय गोरखपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका प्रभावी तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उसका ऐसा समाधान किया जाए जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए।

    मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनसेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लोगों को न्याय तथा राहत दिलाने में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।

    जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनिक समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

    जनता दर्शन में शामिल होने के लिए किसी विशेष पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी नागरिक सीधे कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी शिकायत मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकता है। हालांकि प्रशासन नागरिकों को सलाह देता है कि वे अपनी शिकायत पहले से ही जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करा दें, ताकि उसका रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और सुनवाई के दौरान प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा सके।

    सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि जनता दर्शन के समय और स्थान में प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार बदलाव संभव है। इसलिए नागरिकों को किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए राज्य सरकार के अधिकृत पोर्टल या जनसुनवाई पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

  • कौशांबी में बड़ा धमाका, टोल प्लाजा से टकराया गैस टैंकर, आग की लपटों में घिरे कर्मचारी, राहत कार्य जारी

    कौशांबी में बड़ा धमाका, टोल प्लाजा से टकराया गैस टैंकर, आग की लपटों में घिरे कर्मचारी, राहत कार्य जारी


    कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोखराज टोल प्लाजा के पास एलपीजी से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ और टैंकर में भीषण आग लग गई। कुछ ही पलों में आग की ऊंची लपटों और घने धुएं ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब छह बजे हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में कुल 10 लोग झुलस गए हैं, जिनमें पांच टोल कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। घायलों में पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    हादसे के दौरान टैंकर के चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई। दूसरी ओर आग की चपेट में आए कई कर्मचारी सड़क पर दर्द से तड़पते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।

    आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें और धुएं का गुबार करीब दो किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को खाली कराते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

    सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, जबकि राहत एवं बचाव अभियान भी जारी है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित कर दी है।

    पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि टैंकर के अनियंत्रित होने के कारण यह दुर्घटना हुई, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • बिजली के तार के सहारे बचाई जान, लखनऊ हादसे के जीवित बचे युवक की दर्दनाक आपबीती

    बिजली के तार के सहारे बचाई जान, लखनऊ हादसे के जीवित बचे युवक की दर्दनाक आपबीती


    नई दिल्ली । लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जान बचाने के लिए लोगों को बिजली के तारों के सहारे नीचे उतरना पड़ा। हादसे से जीवित बच निकले मोहम्मद आसिफ ने उस खौफनाक मंजर का वर्णन किया जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं।

    आसिफ ने बताया कि दोपहर के भोजन के बाद वे अपने साथियों के साथ काम पर लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी कुछ कर्मचारियों ने आकर बताया कि नीचे कहीं शॉर्ट सर्किट हुआ है और आग लग गई है। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में स्थिति इतनी भयावह हो जाएगी।

    उन्होंने बताया कि जब लोग बाहर निकलने के लिए स्टूडियो के मुख्य दरवाजे की ओर पहुंचे तो एक बड़ी समस्या सामने आ गई। प्रवेश और निकास के लिए लगाए गए बायोमेट्रिक सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था क्योंकि बिजली आपूर्ति बाधित हो चुकी थी। फिंगरप्रिंट मशीन काम नहीं कर रही थी और दरवाजा भी नहीं खुल रहा था। इससे कई लोग अंदर ही फंस गए।

    किसी तरह कुछ लोग दूसरे कमरे की ओर पहुंचे और वहां से बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन तब तक सीढ़ियों में घना धुआं भर चुका था। हालात लगातार बिगड़ रहे थे। लोगों ने तौलियों और कपड़ों से अपना चेहरा ढककर सांस लेने की कोशिश की, लेकिन धुएं के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।

    आसिफ के अनुसार जब उन्हें कोई सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो उन्होंने खिड़की के पास से गुजर रहे एक बिजली के तार को देखा। जान बचाने के लिए उन्होंने उसी तार का सहारा लिया और नीचे उतरने का जोखिम उठाया। उनके साथ चार से पांच अन्य लोग भी किसी तरह नीचे उतरने में सफल रहे। यह कदम बेहद खतरनाक था, लेकिन उस समय उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।

    उन्होंने बताया कि कई लोग दम घुटने से बचने के लिए वॉशरूम में छिप गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि वहां धुआं कम होगा, लेकिन दुर्भाग्यवश वे बाहर नहीं निकल सके। हादसे में कई लोगों की मौत का कारण धुएं से दम घुटना बताया जा रहा है।

    आसिफ ने अपने साथी जयंत गुप्ता का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने कांच तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। हालांकि नीचे कूदते समय वे लोहे की रेलिंग पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका कूल्हा टूट गया और वे लंबे समय तक सड़क पर मदद का इंतजार करते रहे।

    घटना की प्रत्यक्षदर्शी माला निगम ने भी हादसे की भयावहता को याद करते हुए बताया कि आग इतनी तेज थी कि किसी के लिए भी अंदर जाकर लोगों को बचाना लगभग असंभव हो गया था। उन्होंने कहा कि ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद पालतू जानवरों की दुकान से लोगों ने जानवरों को बचाने की कोशिश की, लेकिन ऊपर फंसे कई लोगों तक मदद नहीं पहुंच सकी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छत का रास्ता भी बंद था, जिससे कई लोग सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंच पाए। घबराए बच्चे अपने परिजनों को फोन कर मदद मांग रहे थे, लेकिन आग और धुएं ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।

    यह हादसा एक बार फिर भवन सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता और आपातकालीन निकास व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए भवनों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी है।

  • धान रोपाई के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आकर दो किसानों की दर्दनाक मौत

    धान रोपाई के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आकर दो किसानों की दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है जहां खेत में करंट फैलने से दो किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के हरपालपुर गांव की है जहां धान की रोपाई का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि खेत के पास लगे एक विद्युत पोल से अचानक केबल टूटकर पानी से भरे खेत में गिर गई जिससे पूरे खेत में करंट फैल गया।

    इसी दौरान किसान हीरालाल प्रजापति उम्र 52 वर्ष और रामबोध यादव उम्र 55 वर्ष काम कर रहे थे। करंट लगने से हीरालाल मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए जबकि उन्हें बचाने पहुंचे रामबोध यादव भी करंट की चपेट में आ गए और दोनों बुरी तरह घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर अमेठी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बिजली के तार की मरम्मत या रखरखाव में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।  प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने ग्रामीण क्षेत्र में बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।