Tag: Uttar Pradesh News

  • उन्नाव में शिक्षिका का दर्दनाक कदम: VIDEO बनाकर बोलीं- ये सुसाइड नहीं, मेरा मर्डर है, फिर खा लिया जहर

    उन्नाव में शिक्षिका का दर्दनाक कदम: VIDEO बनाकर बोलीं- ये सुसाइड नहीं, मेरा मर्डर है, फिर खा लिया जहर


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उन्नाव से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्राथमिक विद्यालय में तैनात 40 वर्षीय शिक्षिका नाजिया सुल्ताना ने कथित मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। गंभीर हालत में उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

    आत्महत्या का प्रयास करने से पहले नाजिया सुल्ताना ने करीब एक मिनट का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह रोते हुए शिक्षामित्र पुष्कर वाजपेयी पर गंभीर आरोप लगाती नजर आ रही हैं। नाजिया ने कहा कि पिछले दो से ढाई साल से उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था और पिछले कई महीनों से उनकी जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई थी।

    वीडियो में नाजिया कहती हैं, “मैं आज खुदकुशी कर रही हूं और इसका जिम्मेदार शिक्षामित्र पुष्कर वाजपेयी है। इन्होंने मेरी जिंदगी दुश्वार कर दी है। अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता। ये सुसाइड नहीं, मेरा मर्डर है।” शिक्षिका की भावुक अपील ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

    यह मामला सिकंदरपुर कर्ण ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बदरका प्रथम का बताया जा रहा है, जहां नाजिया और शिक्षामित्र पुष्कर वाजपेयी दोनों तैनात हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। हालांकि विवाद की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    घटना की जानकारी मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश पांडेय अस्पताल पहुंचे और शिक्षिका का हालचाल लिया। उन्होंने कहा कि स्कूल में तैनात शिक्षिका और शिक्षामित्र के बीच मतभेद की बात सामने आई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।

    वहीं पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। अचलगंज थाने के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है।

    इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न और तनाव जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। सोशल मीडिया पर लोग शिक्षिका को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी लंबी अवधि तक विवाद चलने के बावजूद समाधान क्यों नहीं निकाला गया।

  • झांसी में रफ्तार का कहर: ट्रक ने चाचा-भतीजे को 100 मीटर तक घसीटा, सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े, घर में मचा कोहराम

    झांसी में रफ्तार का कहर: ट्रक ने चाचा-भतीजे को 100 मीटर तक घसीटा, सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े, घर में मचा कोहराम

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। झांसी-कानपुर हाईवे पर चिरगांव थाना क्षेत्र के बाईपास के पास तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि दोनों को ट्रक करीब 100 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। टक्कर और घसीटने की वजह से एक युवक का सिर धड़ से अलग हो गया, जबकि शव के कई टुकड़े सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

    जानकारी के अनुसार, दोनों रिश्तेदार बाजार से सब्जी खरीदकर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन रोकने के बजाय भागने की कोशिश करता रहा और बाइक समेत दोनों युवकों को काफी दूर तक घसीटता चला गया। सड़क पर खून और शव के टुकड़े बिखरने से वहां मौजूद लोग सहम गए।

    बताया जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले भतीजे की शादी दो दिन पहले ही तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियों और खुशियों का माहौल था, लेकिन एक पल में मातम छा गया। परिवार को जैसे ही हादसे की खबर मिली, घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

    हादसे के बाद बाइक ट्रक के नीचे फंस गई, जिससे चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से सड़क पर बिखरे शव के टुकड़ों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा। हादसे की भयावह तस्वीरें देखकर पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए।

    पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों ने हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होने वाले हादसे कई परिवारों की खुशियां छीन रहे हैं। झांसी की यह घटना भी उन दर्दनाक हादसों में शामिल हो गई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

  • लाइनमैन ने डॉग की बेरहमी से हत्या की, 8 सेकेंड में 8 लाठियां मारी; झांसी में सामने आया दिल दहला देने वाला मामला

    लाइनमैन ने डॉग की बेरहमी से हत्या की, 8 सेकेंड में 8 लाठियां मारी; झांसी में सामने आया दिल दहला देने वाला मामला



    नई दिल्ली। झांसी के मोठ कस्बे के महावीरनपुरा मोहल्ले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बिजली विभाग में कार्यरत एक लाइनमैन पर एक कुत्ते को बेरहमी से पीट-पीटकर मारने का आरोप लगा है। घटना 13 मई की बताई जा रही है, जिसका वीडियो अब सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी लाइनमैन पुष्पेंद्र पर आरोप है कि वह अक्सर गली के कुत्ते के भौंकने से नाराज रहता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि 13 मई की शाम जब वह काम से लौट रहा था, तभी कुत्ते ने उसे दौड़ा लिया, जिसके बाद वह गुस्से में आ गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब 8 बजे आरोपी ने पहले कुत्ते पर नजर रखी और फिर मौका देखकर लाठी से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने महज 8 सेकेंड में एक के बाद एक 8 वार किए, जिससे कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना यहीं नहीं रुकी, आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने कुत्ते को टांग से पकड़कर घसीटा और बाइक पर बांधकर हाइवे किनारे फेंक दिया। इस दौरान जब स्थानीय लोग उसे रोकने पहुंचे तो उसने उन्हें भी धमकी दी।

    पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

    इस मामले पर मोठ के सीओ अजय श्रोत्रीय ने बताया कि वीडियो की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

    कुल मिलाकर यह घटना न सिर्फ अमानवीयता को उजागर करती है, बल्कि समाज में पशुओं के प्रति बढ़ती हिंसा पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।

  • यूपी सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी दफ्तरों में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम, AC और यात्रा नियमों में भी बदलाव

    यूपी सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी दफ्तरों में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम, AC और यात्रा नियमों में भी बदलाव

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा बचत, खर्चों में कटौती और डिजिटल कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई व्यवस्थाएं लागू करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुई पहली बैठक में इन फैसलों पर सहमति बनी।

    नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बिजली की अनावश्यक खपत कम होगी और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सचिवालय और निदेशालय स्तर से इसकी शुरुआत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लिफ्ट और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल केवल जरूरत पड़ने पर करने को कहा गया है।

    सरकार ने कार्यसंस्कृति में बदलाव लाते हुए 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया है। इसके साथ ही प्रशासनिक बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और समिति बैठकों को हाइब्रिड या डिजिटल मोड में आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों से सार्वजनिक परिवहन को अपनाने की अपील की है। उन्होंने सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग या साइकिल जैसे साधनों के उपयोग का सुझाव दिया। उनका कहना है कि जब मंत्री और अधिकारी खुद उदाहरण पेश करेंगे, तभी जनता तक सकारात्मक संदेश पहुंचेगा। इसके अलावा मंत्रियों को अपनी वाहन फ्लीट 50 प्रतिशत तक कम करने की सलाह भी दी गई है।

    बैठक में विदेश यात्राओं को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीनों तक अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी विदेश यात्राओं से बचें। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में ऊर्जा और ईंधन बचाना केवल आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।

    सरकार ने राज्य में सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में भी नई योजनाओं पर जोर दिया है। सरकारी भवनों, रिहायशी कॉलोनियों, स्कूलों और कॉलेजों में सौर ऊर्जा के अधिक उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई नीति तैयार करने की बात भी कही गई है।

    मुख्यमंत्री ने सामाजिक आयोजनों में सादगी और मितव्ययिता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में स्थानीय स्थलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे स्थानीय कारोबार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए मंत्रियों को केवल उत्तर प्रदेश में निर्मित उत्पादों को उपहार के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

    इसके अलावा एलपीजी की जगह पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, तिलहन उत्पादन बढ़ाने और वर्षा जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने सोने के अनावश्यक आयात को कम करने की आवश्यकता बताते हुए विदेशी मुद्रा पर दबाव घटाने की बात भी कही।

  • झांसी में बुंदेली लोक गायिका की बेरहमी से हत्या, शव जलाकर जंगल में फेंका; पुराने विवादों की भी जांच

    झांसी में बुंदेली लोक गायिका की बेरहमी से हत्या, शव जलाकर जंगल में फेंका; पुराने विवादों की भी जांच


    नई दिल्ली। झांसी में बुंदेली लोकगीत गायिका लाडकुंवर उर्फ लवली मौर्या की हत्या के बाद शव जलाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह उल्दन थाना क्षेत्र के पठाकरका इलाके में खेतों के पास अधजली महिला की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी, क्योंकि चेहरा और शरीर का बड़ा हिस्सा आग से बुरी तरह झुलस चुका था। बाद में करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद परिवार ने चप्पल, पायल, अंगूठी और कपड़ों के अवशेषों के आधार पर शव की पहचान 45 वर्षीय लोक गायिका लाडकुंवर मौर्या के रूप में की।

    पुलिस के मुताबिक, लाडकुंवर गुरुवार शाम घर से गेहूं खरीदने की बात कहकर निकली थीं, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटीं। परिवार वालों ने तलाश के बाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच शुक्रवार सुबह ग्रामीण खेतों की ओर गए तो उन्हें सुनसान इलाके में एक महिला का अधजला शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।

    घटनास्थल की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। शव के पास शराब की खाली बोतलें, बीयर के कैन, नमकीन के पैकेट, जला हुआ मोबाइल फोन और कपड़ों के अवशेष बरामद हुए हैं। इसके अलावा खेत की तारबंदी में लाल रंग के कपड़े का फटा टुकड़ा भी फंसा मिला है। पुलिस को शक है कि महिला को किसी वाहन से सुनसान इलाके में लाया गया और हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को आग लगा दी गई।

    ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात इलाके में एक संदिग्ध सफेद कार देखी गई थी। इसी आधार पर पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है और इसमें एक से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका है।

    मृतका के पति मोहनलाल कुशवाहा ने बताया कि उनकी पत्नी बुंदेली लोकगीतों की लोकप्रिय गायिका थीं और शादी-विवाह सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देती थीं। क्षेत्र में लोग उन्हें लवली मौर्या नाम से जानते थे। उन्होंने कहा कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, इसलिए पुलिस हर एंगल से निष्पक्ष जांच करे।

    जांच के दौरान पुलिस पुराने विवादों और आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2022 में बरुआसागर क्षेत्र के एक हत्या मामले में लाडकुंवर का नाम सामने आया था, जिसके चलते वह करीब दो साल तक जेल में भी रह चुकी थीं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या का संबंध किसी पुरानी रंजिश से तो नहीं है।

    झांसी की एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

    इस दर्दनाक वारदात के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। एक लोक कलाकार की इस तरह हत्या और शव जलाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब पुलिस जांच से सामने आने की उम्मीद है।

  • नोएडा में दर्दनाक मामला: जलती चिता से निकला मोनिका का शव, मौत पर उठे गंभीर सवाल

    नोएडा में दर्दनाक मामला: जलती चिता से निकला मोनिका का शव, मौत पर उठे गंभीर सवाल



    नई दिल्ली। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवती मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके शव को जलाने की कोशिश का आरोप लगा है। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    मृतका की मां रेनू नागर के अनुसार, घटना वाले दिन दोपहर करीब 2:50 बजे मोनिका ने उन्हें फोन किया था और रोते हुए कहा था कि उसके पति और ससुराल वाले उसे मार रहे हैं और प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बना रहे हैं। फोन कॉल के बाद कुछ ही घंटों में मोनिका की मौत की सूचना मिली।

    परिजनों का आरोप है कि गुरुवार शाम दादरी थाना क्षेत्र के घोड़ी गांव में मोनिका की हत्या के बाद उसके शव को जलाने की कोशिश की गई। परिवार का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो ससुराल पक्ष के लोग शव को एक गाड़ी में ले जा रहे थे और पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।

    बताया गया कि आरोपियों ने शव को बोडाकी मेट्रो स्टेशन के पीछे ले जाकर चिता पर रखा और उसे जलाने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली और मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जलती चिता से शव को बाहर निकाला। हालांकि तब तक शव काफी हद तक जल चुका था।

    परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने एक फॉर्च्युनर गाड़ी का इस्तेमाल किया, जिस पर “धर्मपाल सिंह चौधरी” नाम लिखा हुआ था। परिवार का दावा है कि उन्होंने गाड़ी का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी टक्कर मारकर फरार हो गए।

    मोनिका की मां का आरोप है कि उनकी बेटी की शादी इसी साल 17 फरवरी को अनुज चौहान से हुई थी। शादी के बाद से ही उस पर 5 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी।

    पुलिस के अनुसार, शव इतना ज्यादा जल चुका था कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। फिलहाल इसे बर्न इंजरी के रूप में दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

    एसीपी दादरी प्रशाली गंगवार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। परिजन इसे सुनियोजित हत्या बताकर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    दो लाइन का सार:
    नोएडा में मोनिका की संदिग्ध मौत और जलती चिता से शव बरामद होने के मामले ने सनसनी फैला दी है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या और प्रॉपर्टी के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

    Tags: Noida Crime, Dowry Case, Murder Investigation, Breaking News, Uttar Pradesh News, Domestic Violence, Police Investigation, Crime News

  • नोएडा हिंसा में बड़ा खुलासा: साजिश के मिले संकेत, 300 लोग गिरफ्तार, 7 एफआईआर दर्ज

    नोएडा हिंसा में बड़ा खुलासा: साजिश के मिले संकेत, 300 लोग गिरफ्तार, 7 एफआईआर दर्ज

    नोएडा। दिल्ली से सटे नोएडा, फरीदाबाद और बुलंदशहर के औद्योगिक इलाकों में श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। कई जगह आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन घटनास्थलों पर जली गाड़ियां, टूटे कांच और बिखरे पत्थर हालात की गंभीरता बयां कर रहे हैं।

    300 लोग गिरफ्तार
    पुलिस जांच में इस पूरे घटनाक्रम के पीछे साजिश के संकेत मिले हैं। अब तक करीब 300 लोगों को प्रिवेंटिव कार्रवाई में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। वहीं 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं और साइबर टीम 7 व्हाट्सएप ग्रुप्स की जांच कर रही है, जिन पर माहौल भड़काने का शक है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार लोगों में कई बाहरी तत्व शामिल हैं, जो श्रमिकों के बीच घुसकर प्रदर्शन को उग्र बनाने की कोशिश कर रहे थे।

    नोएडा पुलिस कमिश्नर का बयान
    नोएडा पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक जानकारी ने भी हालात बिगाड़े। दो सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। एक फर्जी दावे में पुलिस फायरिंग में 14 लोगों की मौत की बात कही गई थी, जिसे पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया।

    अतिरिक्त बल तैनात
    स्थिति को देखते हुए नोएडा पुलिस के सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी है और लगातार फ्लैग मार्च व चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार 83 स्थानों पर करीब 42 हजार श्रमिकों ने प्रदर्शन किया, जबकि 78 स्थानों पर लोगों को समझाकर शांत कराया गया। श्रमिकों की पांच मांगों में से चार को मान लिया गया है और बाकी मुद्दों पर सरकार ने हाई लेवल कमेटी बनाई है।

    क्‍या बोले मुख्यमंत्री आदित्यनाथ?
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की और श्रमिकों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

    जांच में हुआ ये खुलासा
    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ संदिग्ध संगठनों और बाहरी तत्वों ने प्रदर्शन को हाईजैक कर हिंसा को बढ़ावा दिया। करीब 150 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस बीच सेक्टर-63 और अन्य इलाकों में फिर से माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर स्थिति संभाल ली। कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। घटना के दौरान एक आईटी कंपनी में तोड़फोड़ और कर्मचारियों के साथ अभद्रता का मामला भी सामने आया, जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वहीं एक स्कूल बस भी पथराव की चपेट में आ गई, जिसके बाद बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

    उद्योग जगत की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। मदरसन ग्रुप ने बयान जारी कर कहा कि यह विवाद वेतन से जुड़ी गलत सूचनाओं के कारण उत्पन्न हुआ है और कंपनी का संचालन सामान्य है। बुलंदशहर और गाजियाबाद में भी मजदूरों ने वेतन वृद्धि, PF-ESI और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर सड़क जाम से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि हिंसा फैलाने, अफवाह फैलाने और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • लखनऊ के KGMU में अवैध मजार हटाने की तैयारी, प्रशासन ने 15 दिन में कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम

    लखनऊ के KGMU में अवैध मजार हटाने की तैयारी, प्रशासन ने 15 दिन में कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी परिसर में अवैध मजारों को हटाने की कार्रवाई को तेज कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा है कि संबंधित अधिकारियों को 15 दिन के भीतर सभी अवैध मजार हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

    सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी

    केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन और पुलिस को पूरी जानकारी भेज दी गई है। अवैध मजार हटाने की योजना में सुरक्षा, लॉजिस्टिक और प्रशासनिक सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। प्रशासन ने कहा कि अभियान सख्ती से लागू किया जाएगा और विश्वविद्यालय के सभी संबंधित विभागों को इसके लिए निर्देश दे दिए गए हैं। विभागों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय कर ली गई है।

    अवैध मजारों पर नोटिस और प्रतिक्रिया

    मजारों को हटाने के लिए पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अतिरिक्त समय भी दिया गया, ताकि मजार प्रबंधक वैध दस्तावेज पेश कर सकें। हालांकि, अब तक केवल एक प्रबंधक ने जवाब दिया है, लेकिन उसने कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।

    सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम
    प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर सभी अवैध मजार हटाए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति कार्रवाई में बाधा डालता है या विरोध करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। प्रो. केके सिंह ने कहा कि यह कदम विश्वविद्यालय परिसर को व्यवस्थित और नियमों के अनुसार बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभियान पूरी निगरानी में चलाया जाएगा। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी सख्त कर दिया गया है।

  • विपक्ष ने देश को गहरी चोट पहुंचाई, लेकिन मोदी सरकार ने भारत को मजबूत बनाया: केशव प्रसाद मौर्य

    विपक्ष ने देश को गहरी चोट पहुंचाई, लेकिन मोदी सरकार ने भारत को मजबूत बनाया: केशव प्रसाद मौर्य

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्रीकेशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने देश को गहरी चोट पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मुद्दों पर विपक्ष को देश के साथ खड़ा होना चाहिए वहां वह लगातार सरकार पर आरोप लगाने और भ्रम फैलाने का काम करता रहा है।

    वाराणसी के सर्किट हाउस में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मौर्य ने कहा कि देश ने कई चुनौतियों का सामना किया है लेकिन विपक्ष ने हमेशा सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय सरकार को घेरने की राजनीति की है। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा भारत की जमीन पर कब्जा करने और कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तान के नियंत्रण जैसे गंभीर मुद्दों के बावजूद विपक्ष सरकार पर आरोप लगाने से बाज नहीं आता।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देशहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीति करने से बचना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य से विपक्षी दलों ने इन मुद्दों को भी राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इससे देश की छवि और एकता को नुकसान पहुंचता है।

    मौर्य ने विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस भाषा और शैली में वे सरकार की आलोचना करते हैं वह किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक दल को शोभा नहीं देती। उनका कहना था कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है लेकिन आलोचना तथ्यों और मर्यादा के साथ होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने सुरक्षा विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में भारत आज पहले से अधिक मजबूत और सुरक्षित हुआ है।

    मौर्य ने कहा कि मोदी सरकार ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया गया है। साथ ही सरकार ने विकास को भी समान महत्व देते हुए बुनियादी ढांचे रोजगार निवेश और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से देश को आगे बढ़ाने का काम किया है।

    उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। दुनिया के कई देश भारत के साथ साझेदारी बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं और यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और नीतियों का परिणाम है। उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी देश इसी तरह तेजी से प्रगति करेगा और भारत दुनिया की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा।

  • अलीगढ़ में रिश्तों का अजब मोड़, बेटी की शादी से पहले मां दामाद संग फरार, फिर जीजा के साथ जाने का आरोप

    अलीगढ़ में रिश्तों का अजब मोड़, बेटी की शादी से पहले मां दामाद संग फरार, फिर जीजा के साथ जाने का आरोप


    नई दिल्ली। अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के मडराक क्षेत्र से सामने आया एक पारिवारिक घटनाक्रम रिश्तों की परिभाषा पर सवाल खड़े कर रहा है। जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं वहां अचानक ऐसा मोड़ आया जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। शादी की तारीख 16 अप्रैल 2025 तय थी। घर में जेवर नकदी और रिश्तेदारों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। उत्साह और खुशियों के माहौल के बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि 12 दिन पहले सब कुछ बदल जाएगा।

    परिजनों के अनुसार लड़की की मां अनीता उर्फ अपना देवी की होने वाले दामाद राहुल से नजदीकियां बढ़ने लगीं। दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत होती रही और धीरे धीरे यह संपर्क कथित रूप से प्रेम संबंध में बदल गया। जब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो आपत्ति जताई गई लेकिन बातचीत बंद नहीं हुई।

    आरोप है कि अप्रैल की शुरुआत में अनीता घर से नकदी और जेवर लेकर राहुल के साथ चली गई। परिवार ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को बरामद कर थाने लाया। चूंकि दोनों बालिग थे इसलिए अनीता ने अपनी मर्जी से राहुल के साथ जाने की बात कही। कानूनी स्थिति को देखते हुए पुलिस ने ज्यादा हस्तक्षेप नहीं किया और दोनों साथ रहने लगे।

    बताया जाता है कि वे बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक गांव में जाकर रहने लगे जहां राहुल फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करने लगा। कुछ समय तक मामला शांत नजर आया और परिवार ने भी स्थिति को किसी तरह स्वीकार कर लिया।

    हालांकि घटनाक्रम ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया जब राहुल हाल ही में अलीगढ़ पहुंचा और पुलिस को शिकायत दी कि अनीता अब उसे छोड़कर अपने जीजा देवेंद्र के साथ चली गई है। राहुल का दावा है कि वह लगभग दो लाख रुपये नकद और जेवरात भी साथ ले गई।

    पुलिस का कहना है कि जिस स्थान से महिला के जाने की बात कही जा रही है वह क्षेत्र बिहार में आता है इसलिए वहां की स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाएगी। फिलहाल अलीगढ़ पुलिस ने मामले की जानकारी दर्ज कर ली है और तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।

    पूरे घटनाक्रम में कई परतें हैं। पहले बेटी की शादी से पहले मां का होने वाले दामाद के साथ जाना फिर उसके साथ रहना और अब जीजा के साथ जाने का आरोप लगना इस मामले को जटिल बना रहा है। नकदी और जेवर ले जाने के दावे भी जांच के दायरे में हैं।

    फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान और परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अलीगढ़ से शुरू हुई यह कहानी अब कई राज्यों तक फैल चुकी है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। शादी का घर जो खुशियों से भरा था वह अचानक विवाद और कानूनी उलझनों में घिर गया है। आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर सभी की नजर टिकी है।