Tag: Uttar Pradesh News

  • UP विधानसभा सत्र: विपक्ष पर बरसे CM योगी, बोले- इनका आचरण शर्मनाक, ये लोकतंत्र विरोधी हैं

    UP विधानसभा सत्र: विपक्ष पर बरसे CM योगी, बोले- इनका आचरण शर्मनाक, ये लोकतंत्र विरोधी हैं


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान लगातार दूसरे दिन हुए हंगामे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है और उसका आचरण बेहद शर्मनाक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर विपक्ष ने प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के हितों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि सरकार 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आई थी, जिसमें जनकल्याण और विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल थीं, लेकिन हंगामे के कारण इन विषयों पर सार्थक चर्चा नहीं हो सकी।

    जनकल्याण योजनाओं पर चर्चा नहीं हो सकी
    सीएम योगी ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों समेत विभिन्न वर्गों के मानदेय में वृद्धि और महिला, दिव्यांग तथा वृद्धावस्था पेंशन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा करना चाहती थी। उनका कहना था कि विपक्ष के विरोध के कारण इन मुद्दों पर सदन में विचार-विमर्श नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा ने अनुपूरक बजट को पारित कर दिया है और इससे जुड़ी योजनाओं पर जल्द अमल शुरू किया जाएगा।

    राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी साधा निशाना
    मुख्यमंत्री ने मंगलवार को दिए अपने बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की एसआईटी जांच में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता सामने नहीं आई है। इसके बावजूद विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर अयोध्या, सनातन परंपरा और राम मंदिर की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें छह आरोपी चढ़ावे की धनराशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े पाए गए हैं।

    विपक्ष पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में अध्यक्ष पीठ का भी अनादर किया गया और प्लेकार्ड लहराकर कार्यवाही बाधित करने की कोशिश की गई। उनके अनुसार विपक्ष का उद्देश्य केवल भ्रम फैलाना और उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने विपक्ष के इस रवैये को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया।

  • सावन में एटा के स्कूलों में हर शनिवार-सोमवार रहेगा अवकाश, कांवड़ यात्रा के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू

    सावन में एटा के स्कूलों में हर शनिवार-सोमवार रहेगा अवकाश, कांवड़ यात्रा के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू


    एटा। सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एटा प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। इसी के तहत जिले में 12वीं तक के विद्यालयों को प्रत्येक शनिवार और सोमवार बंद रखने का फैसला किया गया है। साथ ही शुक्रवार रात से शहर में व्यापक रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है।

    सोरों और कछला घाट से गंगाजल लेने आने वाले कांवड़ियों की भारी संख्या को देखते हुए शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। रोडवेज बसों का संचालन भी वैकल्पिक मार्गों से कराया जाएगा। यह व्यवस्था सोमवार शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी।

    प्रशासन के अनुसार, यही ट्रैफिक व्यवस्था 7 से 11 अगस्त, 14 से 17 अगस्त और 21 से 24 अगस्त तक भी प्रत्येक शुक्रवार से सोमवार शाम तक लागू रहेगी। इस दौरान अलीगढ़, पिलुआ, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कासगंज, बदायूं, बरेली, शिकोहाबाद और टूंडला की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा और उन्हें निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। इसके अलावा एटा-कासगंज मार्ग को कांवड़ यात्रा के दौरान वन-वे घोषित किया गया है।

    स्कूलों ने भी घोषित किया अवकाश
    कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए शहर के कई प्रमुख विद्यालयों ने भी छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार और सोमवार को अवकाश घोषित किया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि भीड़भाड़ और जाम की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    इन मार्गों से संचालित होंगे वाहन
    – अलीगढ़ और पिलुआ से मैनपुरी जाने वाले भारी वाहन एटा बाईपास से डायवर्ट किए जाएंगे।
    – अलीगढ़-पिलुआ से फिरोजाबाद जाने वाले वाहन मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद होकर गुजरेंगे।
    – एटा से बदायूं और बरेली जाने वाले भारी वाहनों को ओन घाट चौकी, सिढ़पुरा, गंजडुंडवारा और कादरगंज मार्ग से भेजा जाएगा।
    – मैनपुरी से आने वाले भारी वाहन एटा बाईपास होते हुए अलीगढ़ की ओर जाएंगे।
    – कासगंज से फिरोजाबाद जाने वाले वाहन अमांपुर, एटा बाईपास, मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद मार्ग से संचालित होंगे।
    – शिकोहाबाद से एटा आने वाले सभी भारी, हल्के और आवश्यक वस्तुओं के वाहन घिरोर-मैनपुरी मार्ग से भेजे जाएंगे।
    – टूंडला से आने वाले वाहन फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, घिरोर, कुरावली, मलावन, एटा बाईपास, सिढ़पुरा और गंजडुंडवारा होकर बदायूं-बरेली की ओर जाएंगे।
    – एटा-कासगंज मार्ग कांवड़ यात्रा के दौरान वन-वे रहेगा।

  • 8 अगस्त को प्रयागराज में छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर होगी चर्चा

    8 अगस्त को प्रयागराज में छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर होगी चर्चा

    प्रयागराज। प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान तेज करने जा रही है। इसी क्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करेंगे।

    यह अभियान कोटा से 17 जून को शुरू हुआ था, जबकि दूसरा चरण 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित किया गया। तीसरे चरण के तहत अब 8 अगस्त को प्रयागराज में कार्यक्रम होगा। पहले 9 अगस्त को दिल्ली में विशाल छात्र रैली प्रस्तावित थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण छात्र संवाद कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
    यह अभियान कोटा से 17 जून को शुरू हुआ था, जबकि दूसरा चरण 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित किया गया। तीसरे चरण के तहत अब 8 अगस्त को प्रयागराज में कार्यक्रम होगा। पहले 9 अगस्त को दिल्ली में विशाल छात्र रैली प्रस्तावित थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण छात्र संवाद कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

    कांग्रेस के प्रवक्ता हसीब अहमद ने बताया कि कार्यक्रम में रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं, पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत, छात्रवृत्ति, विश्वविद्यालयों का माहौल और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

    उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली, भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी समेत आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र भाग लेंगे।

    तैयारियों में जुटी कांग्रेस
    कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, शहर और जिला इकाइयों के पदाधिकारियों तथा स्थानीय नेताओं की बैठक होगी।

    प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी ने बताया कि छात्र संवाद में प्रदेशभर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की भागीदारी रहेगी। वहीं कार्यक्रम के समन्वयक विवेकानंद पाठक के अनुसार, अब तक इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए डेढ़ लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष फुजैल हाशमी ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।

  • झांसी में महिला प्रधान के बेटे की हत्‍या मामले में खुलासा, पिस्टल से हुई थी हत्या, सिर में फंसी मिली गोली

    झांसी में महिला प्रधान के बेटे की हत्‍या मामले में खुलासा, पिस्टल से हुई थी हत्या, सिर में फंसी मिली गोली

    झांसी। झांसी में महिला प्रधान के बेटे और एलएलबी छात्र संजय सिंह उर्फ संजू (33) की हत्या पिस्टल से किए जाने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। शुक्रवार शाम डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम के दौरान संजय के सिर के भीतर फंसी गोली बरामद की। गोली सिर के पिछले हिस्से में मारी गई थी, जिससे गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई। अब तक पुलिस देशी तमंचे से हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट हो गया कि हमलावर ने पिस्टल का इस्तेमाल किया था।

    रेस्टोरेंट में दोस्तों के साथ खाना खाते समय मारी गोली
    गुरुवार रात संजय अपने चार दोस्तों के साथ इलाइट चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में भोजन करने गया था। इसी दौरान एक युवक अंदर पहुंचा और संजय के सिर पर सटाकर गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मामले में मृतक के भाई सर्वेश सिंह की शिकायत पर नवाबाद थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

    पेशेवर शूटर होने का शक
    पुलिस का मानना है कि वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे पेशेवर शूटर की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार आरोपी सीधे संजय की टेबल तक पहुंचा, बेहद करीब से एक गोली चलाई और पिस्टल लहराते हुए बाहर निकल गया। पार्किंग में मौजूद गार्ड ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह धक्का देकर बाहर खड़ी बिना नंबर की बाइक पर साथी के साथ फरार हो गया।

    महज छह मिनट में दिया वारदात को अंजाम
    सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक आरोपी रात 9:23 बजे रेस्टोरेंट में दाखिल हुआ और 9:29 बजे हत्या कर बाहर निकल गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी बिहारी तिराहा होते हुए रक्सा टोल की दिशा में भागे। एसओजी और सर्विलांस टीम ने घटनास्थल से लेकर रक्सा टोल तक लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है और कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं।

    छह साल से झांसी में रह रहा था संजय
    संजय सिंह मूल रूप से गरौठा क्षेत्र के हैवतपुरा गांव का रहने वाला था। उसकी मां रामदेवी गांव की प्रधान हैं। परिवार में बड़ा भाई सर्वेश और बहन रचना हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। संजय अविवाहित था और पिछले छह वर्षों से झांसी में रिश्तेदार के यहां रहकर अधिवक्ता दशरथ सिंह के पास मुंशी का काम करता था।

    दतिया से लौटने के बाद पहुंचे थे रेस्टोरेंट
    संजय के दोस्त शिवम ने बताया कि गुरुवार शाम वह अधिवक्ता दशरथ सिंह और अन्य साथियों के साथ दतिया स्थित पीतांबरा पीठ के दर्शन कर लौटे थे। वापस आने के बाद सभी लोग द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे, जहां संजय ने अपने मित्र धर्मेंद्र को भी बुला लिया। भोजन समाप्त होने के तुरंत बाद एक युवक आया और संजय को गोली मारकर फरार हो गया।

    परिजनों ने रंजिश से किया इनकार, तीन पहलुओं पर जांच
    मृतक के भाई सर्वेश सिंह ने पुलिस को बताया कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और प्रधानी को लेकर भी कोई विवाद नहीं था। हालांकि उन्होंने बताया कि संजय जमीन के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था।

    फिलहाल पुलिस जमीन विवाद, लव एंगल और पुरानी रंजिश समेत तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संजय गांव कम क्यों जाता था और क्या उसके पीछे कोई पुराना विवाद था।

  • झांसी में बड़ा सड़क हादसा, महिला को बचाने के प्रयास में ट्रक पेड़ और खंभे से टकराया

    झांसी में बड़ा सड़क हादसा, महिला को बचाने के प्रयास में ट्रक पेड़ और खंभे से टकराया

    झांसी। झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित रेलवे कॉलोनी में शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पहले पेड़ और फिर बिजली के खंभे से टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया।

    घायल चालक की पहचान राजस्थान के धौलपुर निवासी पवन के रूप में हुई है। वह ट्रक (RJ 11 GD 5122) से आगरा से रेलवे कोच नवीनीकरण फैक्ट्री (आरसीएफ) में माल लेकर आया था। शुक्रवार सुबह माल उतारने के बाद रात में नो-एंट्री हटने पर वह हेल्पर के साथ आगरा लौट रहा था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय नंबर-3 से सीपरी बाजार जाने वाले मार्ग पर जीआरपी रिजर्व लाइन के पास अचानक एक स्कूटी सवार महिला ट्रक के सामने आ गई। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रक मोड़ा, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे लगे पेड़ तथा बिजली के खंभे से जा टकराया।

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक पवन स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया। उसका बायां पैर केबिन और बोनट के बीच दब गया, जिससे पैर में कई जगह फ्रैक्चर हो गए। राहगीरों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

    सूचना मिलने पर प्रेमनगर थाना पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पहले एम्बुलेंस की रस्सी से ट्रक को खींचने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके बाद ट्रैक्टर मंगवाकर ट्रक के अगले हिस्से को खींचा गया, जिससे केबिन में पर्याप्त जगह बनी और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    रेस्क्यू के दौरान चालक दर्द से तड़पता रहा और लगातार मदद की गुहार लगाता रहा। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से उसे बाहर निकालकर तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।

  • महोबा में एसडीएम और अधिवक्ता विवाद ने पकड़ा तूल कलेक्ट्रेट में वकीलों का प्रदर्शन कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट बहिष्कार की चेतावनी

    महोबा में एसडीएम और अधिवक्ता विवाद ने पकड़ा तूल कलेक्ट्रेट में वकीलों का प्रदर्शन कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट बहिष्कार की चेतावनी


    महोबा । उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सदर एसडीएम पर एक अधिवक्ता से फोन पर अभद्र व्यवहार करने तथा कथित रूप से उन्हें कोर्ट में न आने और वकालत का लाइसेंस रद्द कराने की धमकी देने के आरोपों के बाद जिला मुख्यालय का माहौल गरमा गया। मामले के विरोध में जिला अधिवक्ता समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में वकीलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई।

    विवाद की शुरुआत बीजानगर निवासी अधिवक्ता परशुराम कुशवाहा के रास्ते से जुड़े विवाद से हुई। अधिवक्ता का आरोप है कि समस्या का समाधान कराने के बजाय सदर एसडीएम ने उनसे फोन पर अनुचित भाषा का प्रयोग किया और कथित तौर पर गंभीर धमकियां दीं। उनका कहना है कि उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई थी जिसके बाद उनके साथ यह व्यवहार किया गया। अधिवक्ता ने दावा किया है कि बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है और इसी आधार पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

    घटना के बाद जिला अधिवक्ता समिति ने इसे अधिवक्ताओं के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि अधिवक्ताओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाएगा तो न्यायिक व्यवस्था की गरिमा प्रभावित होगी। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    अधिवक्ता समिति के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि पीड़ित अधिवक्ता की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ और आरोपों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे एसडीएम न्यायालय का पूर्ण बहिष्कार करने के साथ व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं को दबाव में लेने या डराने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला अधिकारी ने अधिवक्ताओं से मुलाकात कर उनका ज्ञापन प्राप्त किया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और तहसील स्तर पर लंबित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

    फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर जिले में प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच तनाव बना हुआ है। दोनों पक्ष अपने अपने रुख पर कायम हैं। एक ओर अधिवक्ता संगठन कार्रवाई की मांग पर अड़ा है तो दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं क्योंकि यही तय करेगी कि यह विवाद जल्द सुलझेगा या आगे और गहराएगा।

  • UP: रामपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, उत्तराखंड जा रहे आईटी कंपनी मालिक समेत 4 दोस्तों की मौत, 3 गंभीर

    UP: रामपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, उत्तराखंड जा रहे आईटी कंपनी मालिक समेत 4 दोस्तों की मौत, 3 गंभीर


    रामपुर।
    उत्तर प्रदेश के रामपुर में शनिवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में नोएडा की एक आईटी कंपनी के मालिक सहित चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी दोस्त और कर्मचारी उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे उनकी तेज रफ्तार ईको कार सड़क किनारे खड़ी डीसीएम में पीछे से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

    हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार में फंसा एक घायल युवक खून से लथपथ हालत में लोगों से मदद की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गैस कटर की मदद से कार को काटकर शवों व घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी को अस्पताल पहुंचाया गया।

    पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि चालक को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। मृतकों की पहचान दिल्ली निवासी अभिषेक अग्निहोत्री (30), नीरज (24), गुलबुद्दीन उर्फ सोनू (35) और बागपत निवासी कार्तिक (24) के रूप में हुई है। अभिषेक अग्निहोत्री नोएडा में ‘इंडियन शॉप’ नाम से आईटी कंपनी संचालित करते थे और अपने कर्मचारियों व दोस्तों के साथ वीकेंड ट्रिप पर निकले थे।

    अभिषेक के मित्र पदम धीमान ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 9 बजे दो कारों से सभी लोग जिम कॉर्बेट के लिए रवाना हुए थे। अभिषेक अपनी ईको कार में पांच कर्मचारियों और छोटे भाई विशाल के साथ थे, जबकि पदम अपने चार दोस्तों के साथ दूसरी कार में सफर कर रहे थे। रास्ते में ईको कार का टायर पंचर हो गया, जिसे ठीक कराने में समय लगने के कारण दोनों गाड़ियां अलग हो गईं। काफी देर तक संपर्क नहीं होने पर अभिषेक के मोबाइल पर कॉल किया गया, लेकिन बाद में किसी अन्य व्यक्ति ने फोन उठाकर हादसे की सूचना दी।

    पदम ने बताया कि मौके पर पहुंचने पर अभिषेक समेत चार लोगों की मौत हो चुकी थी। हादसे में जतिन, कमल और अभिषेक के भाई विशाल गंभीर रूप से घायल हुए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेरठ रेफर किया गया, लेकिन परिजन बाद में उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले गए।

    हादसे में जान गंवाने वाले कार्तिक राजपूत बागपत के निवासी थे। उन्होंने बीसीए की पढ़ाई करने के बाद नोएडा के सेक्टर-2 स्थित एक कंपनी में नौकरी शुरू की थी। उनके परिवार में पत्नी भारती और एक वर्ष की बेटी काशवी है। दो वर्ष पहले ही उनकी शादी हुई थी। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    वहीं, दिल्ली निवासी गुलबुद्दीन उर्फ सोनू अविवाहित थे और अभिषेक की कंपनी में कार्यरत थे। उनके बड़े भाई सद्दाम हुसैन के अनुसार, गुलबुद्दीन ने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की थी और परिवार में माता-पिता के साथ रहते थे।

    थाना प्रभारी संदीप मिश्रा ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। परिजन मौके पर पहुंच चुके हैं। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और चालक को आई झपकी को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • 25 हजार आबादी के भरोसे सिर्फ एक फार्मासिस्ट! महोबा के ग्योंडी गांव में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

    25 हजार आबादी के भरोसे सिर्फ एक फार्मासिस्ट! महोबा के ग्योंडी गांव में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा


    महोबा  महोबा जिले के कबरई विकासखंड के सबसे बड़े गांव ग्योंडी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली अब ग्रामीणों के सब्र की सीमा पार कर चुकी है। करीब 25 हजार की आबादी वाले इस गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वर्षों से डॉक्टरों और जरूरी स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी केवल एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही है। इलाज के लिए आने वाले मरीजों को न तो नियमित चिकित्सक मिलते हैं और न ही स्टाफ नर्स लैब टेक्नीशियन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।

    स्वास्थ्य सुविधाओं की इसी बदहाली के विरोध में बुंदेलखंड नव निर्माण सेना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि ग्योंडी गांव ही नहीं बल्कि आसपास के कई गांवों के लोग भी इसी सरकारी अस्पताल पर निर्भर हैं लेकिन पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था नहीं होने से लोगों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है जबकि गंभीर मरीजों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं और प्रशासन इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चौबीस घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है। आवश्यक दवाइयों की कमी जांच सुविधाओं का अभाव और साफ सफाई बिजली तथा पेयजल जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल होने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित उपचार नहीं मिल पा रहा है।

    बुंदेलखंड नव निर्माण सेना ने प्रशासन के सामने पांच सूत्रीय मांगें रखीं। संगठन ने अस्पताल के सभी रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां करने नियमित डॉक्टरों और स्टाफ नर्स की तैनाती सुनिश्चित करने चौबीस घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवा शुरू करने आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने तथा अस्पताल में साफ सफाई बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है।

    संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जिले में चक्का जाम और बड़े स्तर पर प्रदर्शन भी किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा से लोगों को वंचित रखना गंभीर लापरवाही है और इसे अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनकी जायज मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर अस्पताल में आवश्यक संसाधनों और स्टाफ की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं क्योंकि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान का इंतजार हजारों लोगों को है।

  • मंदिर में संत की हत्या से भड़का गुस्सा महोबा में नामदेव समाज ने दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग

    मंदिर में संत की हत्या से भड़का गुस्सा महोबा में नामदेव समाज ने दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मंदिर के पुजारी और संत सच्चिदानंद महाराज की हत्या के बाद नामदेव समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के विरोध में अखंड भारतीय नामदेव महासभा के कार्यकर्ताओं ने महोबा में विरोध प्रदर्शन करते हुए अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ त्वरित तथा कठोर कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि इस जघन्य वारदात ने पूरे समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

    बताया गया कि बांदा जिले के तिंदवारा गांव स्थित त्रिदेव शनि मंदिर में रहने वाले 68 वर्षीय संत बाल ब्रह्मचारी सच्चिदानंद महाराज मंदिर की छत पर विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान देर रात कुछ अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और लाठी डंडों तथा धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल संत को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया।

    घटना ऐसे समय हुई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुंदेलखंड के दौरे पर थे। ऐसे में कानून व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। नामदेव समाज के लोगों का कहना है कि प्रदेश में संत और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है।

    महोबा में अखंड भारतीय नामदेव महासभा के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अखिलेन्द्र नामदेव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्र हुए। उन्होंने राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।

    संगठन ने यह भी मांग उठाई कि यदि आरोपी दोषी पाए जाते हैं तो उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि घटना के कई दिन बाद भी पुलिस हत्या के पीछे की असली वजह का खुलासा नहीं कर सकी है और अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना जांच की धीमी रफ्तार को दर्शाता है।

    प्रदर्शन के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिर जैसे पवित्र स्थल में एक संत की हत्या केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि समाज की आस्था पर भी चोट है। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष और तेज जांच कर दोषियों को जल्द सजा दिलाने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

  • राम मंदिर चढ़ावा मामले पर अयोध्या में घमासान कांग्रेस का विरोध और प्रशासन की सख्त कार्रवाई

    राम मंदिर चढ़ावा मामले पर अयोध्या में घमासान कांग्रेस का विरोध और प्रशासन की सख्त कार्रवाई


    अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध दर्ज कराया है और प्रदेश नेतृत्व के साथ कई सांसद और वरिष्ठ नेता अयोध्या पहुंचने की कोशिश में जुटे रहे। इसी बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को देर रात एक होटल में नजरबंद कर दिया और बाद में उन्हें कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में स्थानांतरित किया गया। इसके साथ ही कई अन्य कांग्रेस नेताओं को भी उनके आवास या ठहरने के स्थान पर ही रोक दिया गया जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।

    कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राम जन्मभूमि मंदिर जाकर कथित चढ़ावा प्रबंधन और चोरी के आरोपों की जांच और विरोध दर्ज कराना चाहता था। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। टेढ़ी बाजार क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कुछ नेताओं को बस में बैठाकर हटाया गया जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई।

    कांग्रेस सांसदों और नेताओं का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार का लिखित आदेश नहीं दिया गया है और बिना आधिकारिक सूचना के इस तरह हाउस अरेस्ट करना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और धार्मिक मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए यह कदम आवश्यक था।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से पूछताछ भी हुई है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने का दावा कर रही हैं।

    उधर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाल रही है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत करने की कोशिश की जा रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह केवल पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है और इसमें कोई राजनीतिक मंशा नहीं है।
    उधर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाल रही है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत करने की कोशिश की जा रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह केवल पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है और इसमें कोई राजनीतिक मंशा नहीं है।

    अयोध्या में बढ़ते तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    इस पूरे मामले ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है।

    शॉर्ट डिस्क्रिप्शन
    अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर कांग्रेस नेताओं का विरोध प्रदर्शन तेज हुआ, कई नेता हाउस अरेस्ट किए गए, पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ा

    English Tags
    Ayodhya Protest, Ram Mandir Issue, Congress Politics, Uttar Pradesh News, SIT Investigation