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  • पीएम मोदी के जन्मदिन पर योगी ने दी बधाई, बोले- 145 करोड़ भारतीयों के जीवन में सुख-समृद्धि का नवप्रभात ला रहे

    पीएम मोदी के जन्मदिन पर योगी ने दी बधाई, बोले- 145 करोड़ भारतीयों के जीवन में सुख-समृद्धि का नवप्रभात ला रहे

    लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन की कामना की। वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए स्वस्थ, सक्रिय और सार्थक जीवन की शुभकामनाएं दीं।

    योगी ने मोदी को बताया ‘नए भारत का शिल्पी’
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के स्वप्नद्रष्टा और ‘नए भारत के शिल्पी’ के रूप में संबोधित किया। उन्होंने लिखा कि 145 करोड़ भारतीयों के जीवन में सुख, समृद्धि, सुरक्षा और स्वाभिमान का नवप्रभात लाने के लिए प्रधानमंत्री निरंतर राष्ट्रसेवा में जुटे हैं। योगी ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की हार्दिक बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घ एवं यशस्वी जीवन की कामना की।

    ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प का किया उल्लेख
    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प, कर्मनिष्ठा और लोक-कल्याण के प्रति प्रधानमंत्री का समर्पित जीवन ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रेरणा देता है। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, सुशासन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। योगी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम से प्रधानमंत्री को उत्तम स्वास्थ्य तथा सुदीर्घ और यशस्वी जीवन प्रदान करने की प्रार्थना भी की।

    अखिलेश यादव ने भी दी जन्मदिन की शुभकामना
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर भाजपा की ओर से देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भाजपा ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की घोषणा की है। यह अभियान प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के अवसर से भी जोड़ा गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, सक्रिय और सार्थक जीवन की कामना की।

    अयोध्या में सफाई अभियान से हुई सेवा संकल्प की शुरुआत
    प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर अयोध्या के लता मंगेशकर चौक पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। इसका आयोजन अयोध्या नगर निगम की ओर से किया गया।

    अयोध्या की जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन उनके 25 वर्षों के सेवा-कार्य से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मेयर के नेतृत्व में सफाई अभियान को सम्मान के रूप में चुना गया है। उन्होंने भगवान राम से प्रधानमंत्री के लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की, ताकि वे देश को ‘विश्व गुरु’ बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करते रहें।

    अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत लता मंगेशकर चौक पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से शहर की सफाई के साथ प्रधानमंत्री के लिए प्रार्थना भी की जा रही है, ताकि वे ‘मां भारती’ की सेवा के लिए समर्पित रहते हुए देश को ‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे ले जाएं।

    लखनऊ में 17 अक्टूबर तक चलेंगे विभिन्न कार्यक्रम
    प्रधानमंत्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में लखनऊ नगर निगम 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘स्वच्छता ही सेवा एवं सेवा संकल्प अभियान-2026’ चलाएगा। इसके तहत शहर में सफाई, श्रमदान और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बुधवार को महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियान की रूपरेखा तय की गई।

    अभियान की शुरुआत नगर निगम क्षेत्र की नालियों और सीवर लाइनों की सफाई से होगी। प्रत्येक वार्ड में एक नोडल अधिकारी निगरानी करेगा। सभी आठ जोनों में विशेष स्वच्छता और श्रमदान कार्यक्रम भी होंगे। ‘संकल्प फॉर वे ऑफ लाइफ’ के तहत आरडब्ल्यूए और एनजीओ सदस्यों की ओर से दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।

    25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक 200 घंटे का वृहद सफाई अभियान चलेगा। जलकल विभाग पानी की टंकियों की सफाई करेगा। 27 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलेगा। विश्व पर्यटन दिवस पर शहर के पर्यटन स्थलों पर विशेष सफाई अभियान होगा। 17 अक्टूबर तक हर जोन में सफाई मित्रों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। स्कूलों में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं भी होंगी।

    राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर जलेंगे तीन लाख दीप
    एलडीए की ओर से राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर तीन लाख दीप जलाने का कार्यक्रम रखा गया है। बुधवार शाम सात बजे होने वाले इस आयोजन की तैयारियों का एलडीए उपाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। उप मुख्यमंत्री और कई मंत्री भी दीप प्रज्वलन में शामिल होंगे।

    आयोजन की तैयारियों में एलडीए की टीम जुटी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम के चलते राष्ट्र प्रेरणा स्थल को तीन दिन के लिए आम लोगों के लिए बंद किया गया है।

    भाजपा कार्यकर्ता अस्पतालों में करेंगे सेवा
    भाजपा महानगर इकाई की ओर से ‘सेवा और समर्पण के 25 वर्ष-सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अस्पतालों में फल वितरण और रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सिविल अस्पताल में मरीजों को फल वितरित करेंगे। महानगर के अन्य अस्पतालों में भी जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता सेवा कार्यों में शामिल होंगे।

    अभियान के तहत सभी बूथों पर 200 लाभार्थियों के घर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का कार्यक्रम भी है। झूलेलाल वाटिका में संगठन महामंत्री धर्मपाल दीप प्रज्वलित करेंगे, जबकि सेंट्रल पार्क, समर विहार में महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी मौजूद रहेंगे। विश्वविद्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी शामिल होंगे। इसके अलावा शहर के दस प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

  • अखिलेश ने एक्सप्रेसवे का वीडियो दिखाकर भाजपा पर साधा निशाना, बोले- निर्माण पूरा होने से पहले ही टूटने लगते हैं

    अखिलेश ने एक्सप्रेसवे का वीडियो दिखाकर भाजपा पर साधा निशाना, बोले- निर्माण पूरा होने से पहले ही टूटने लगते हैं


    लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार में बने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं। सपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का वीडियो दिखाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में किसी प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा बाद में होता है, जबकि उसके टूटने की शुरुआत पहले ही हो जाती है। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था और इसका मेंटीनेंस अभी भी जारी है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में उद्घाटन के कुछ समय बाद क्षति की खबरें भी सामने आई हैं।

    रिवरफ्रंट और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता का किया जिक्र
    अखिलेश यादव ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर वीडियो दिखाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली और लखनऊ वालों के बीच इस बात को लेकर मुकाबला चल रहा है कि किसके पास ज्यादा मुनाफा होगा। उन्होंने सपा सरकार के दौरान बने रिवरफ्रंट और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को बेहतर बताया।

    उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया और कहा कि उसका डिजाइन सबसे अच्छा है, लेकिन भाजपा के लोग अब उसे खराब कर रहे हैं। उन्होंने रिवरफ्रंट पर लगे फव्वारों और सपा सरकार के दौरान बच्चों को दिए गए लैपटॉप का उल्लेख करते हुए कहा कि ये अभी भी वैसे ही हैं।

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर इससे पहले भी गुणवत्ता के सवाल उठते रहे हैं। अगस्त में सड़क के हिस्सों को लेकर मरम्मत और पंखों से सुखाने का वीडियो सामने आने के बाद भी अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा था।

    यूपीआई भुगतान पर टैक्स को लेकर भी हमला
    अखिलेश यादव ने यूपीआई से भुगतान करने पर व्यापारियों पर लगाए गए टैक्स को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने यूपीआई को “रुपये ऐंठने वाली योजना” बताते हुए कहा कि चुंगीजीवी लोगों को रुपये ऐंठने वाली योजना बंद कर देनी चाहिए। उनका आरोप था कि ऐसी योजनाएं उद्योगपतियों की जेबें भरने के लिए बनाई जा रही हैं। इस मुद्दे को लेकर उनके बयान की हालिया रिपोर्टिंग भी सामने आई है।

    https://x.com/yadavakhilesh/status/2100210386243084303

    200 करोड़ पौधे लगाने के दावे पर सवाल
    सपा प्रमुख ने प्रदेश में 200 करोड़ पेड़ लगाए जाने के सरकारी दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान एक हजार एकड़ जमीन पर एक लाख 34 हजार पेड़ लगवाए गए थे। अखिलेश ने सवाल किया कि यदि सरकार ने 200 करोड़ पौधे लगाए हैं तो वह यह भी बताए कि इतनी बड़ी संख्या में पौधे लगाने के लिए जमीन कहां है। यह दावा और उनका सवाल हालिया रिपोर्टिंग में भी दर्ज है।

    पूर्व मंत्री राम आश्रय कुशवाहा सपा में लौटे
    इस दौरान पूर्व मंत्री राम आश्रय कुशवाहा भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। सपा की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव अपने बीच महसूस होते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री नहीं बना देते, तब तक वह घर नहीं बैठेंगे।

    राजनीतिक रूप से अखिलेश यादव के इस कार्यक्रम में सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधने के साथ पार्टी में पूर्व मंत्री की वापसी को भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा गया।

  • काम की तलाश में निकला था मजदूर जेब खाली थी और लगी थी तेज भूख अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचते ही सुरक्षा जांच में फंसा

    काम की तलाश में निकला था मजदूर जेब खाली थी और लगी थी तेज भूख अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचते ही सुरक्षा जांच में फंसा


    नई दिल्ली। वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के पास शनिवार को उस समय सुरक्षा व्यवस्था में हलचल मच गई जब अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्र के पास एक युवक को चाकू के साथ देखा गया। सुरक्षाकर्मियों को युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं जिसके बाद उसे रोककर पूछताछ शुरू की गई। मामला संवेदनशील क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण पुलिस को सूचना दी गई और कुछ ही देर में कई सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गईं। हालांकि घंटों चली पूछताछ और पड़ताल के बाद जो तस्वीर सामने आई उसने पूरे मामले को एक अलग ही दिशा दे दी।

    पुलिस के मुताबिक युवक की पहचान शाहिद जमाल के रूप में हुई है जो चंदौली के मुगलसराय क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। वह मजदूरी करता है और शादी समारोह तथा अन्य आयोजनों में सब्जी और नॉनवेज काटने का काम भी करता है। शनिवार सुबह वह अपने घर से काम की तलाश में पैदल निकला था। काफी देर तक इधर उधर घूमने के बावजूद उसे कोई काम नहीं मिला। जेब में पैसे नहीं थे और कई घंटे बीतने के बाद उसे तेज भूख लगने लगी।

    काम नहीं मिलने और भूख से परेशान युवक ने स्थानीय लोगों से रास्ता पूछा और अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्र तक पहुंच गया। उसे उम्मीद थी कि वहां जरूरतमंदों के लिए मिलने वाले निशुल्क भोजन से उसकी भूख मिट जाएगी। लेकिन अन्न क्षेत्र के पास सुरक्षाकर्मियों की नजर उसके पास मौजूद चाकू पर पड़ गई। मंदिर क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उसे रोक लिया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद युवक को दशाश्वमेध थाने ले जाया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने युवक से विस्तार से पूछताछ की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। उसके घर और स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई गई। उसके निवास क्षेत्र की पुलिस टीम ने परिजनों और गांव के प्रधान से भी पूछताछ की। इतना ही नहीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आईबी इंटेलिजेंस एलआईयू एटीएस और सीआरपीएफ की इंटेलिजेंस यूनिट ने भी युवक से पूछताछ की।

    जांच के दौरान युवक के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली गई। पुलिस ने सीसीटीएनएस और डीसीआरबी के रिकॉर्ड में उसका आपराधिक इतिहास तलाशा। इन सभी स्तरों पर जांच के बाद फिलहाल ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया जिससे युवक की गतिविधियों को किसी आपराधिक साजिश से जोड़ा जा सके। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं मिला है।

    पूछताछ में चाकू रखने की वजह भी सामने आई। युवक ने बताया कि वह मजदूरी के साथ सब्जी और नॉनवेज काटने का काम करता है और इसी काम के सिलसिले में वह चाकू अपने साथ रखता था। शनिवार को भी वह इसी उम्मीद से घर से निकला था कि कहीं काम मिल जाएगा और कुछ कमाई हो सकेगी। लेकिन कई घंटे तक काम नहीं मिलने के बाद उसकी प्राथमिकता रोजगार से बदलकर भोजन की तलाश तक पहुंच गई।

    इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता दिखाई दी तो दूसरी तरफ जांच के बाद युवक की मजबूरी की तस्वीर भी सामने आई। जिस युवक को चाकू के कारण संदिग्ध मानकर रोका गया था वह पूछताछ में एक ऐसा मजदूर निकला जो काम की तलाश में घर से निकला था और भूख लगने पर अन्न क्षेत्र तक पहुंचा था। फिलहाल पुलिस ने मामले में सतर्कता बरकरार रखी है और स्थानीय स्तर पर निगरानी जारी है।

  • शादी के लिए बांदा में आशिक का हाईवोल्टेज ड्रामा केन नदी के रेलवे पुल पर चढ़कर दी कूदने की धमकी पुलिस ने ऐसे संभाला मामला

    शादी के लिए बांदा में आशिक का हाईवोल्टेज ड्रामा केन नदी के रेलवे पुल पर चढ़कर दी कूदने की धमकी पुलिस ने ऐसे संभाला मामला


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बांदा में शादी की जिद को लेकर एक युवक ने ऐसा कदम उठा लिया जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। मटौंध थाना क्षेत्र के भूरागढ़ इलाके में करीब 20 वर्षीय युवक केन नदी के रेलवे पुल की लगभग 30 फीट ऊंची रेलिंग पर चढ़ गया और नीचे कूदने की धमकी देने लगा। युवक लगातार अपनी कथित प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था। उसका कहना था कि अगर उसकी शादी लड़की से नहीं कराई गई तो वह पुल से छलांग लगा देगा। युवक के इस हाईवोल्टेज ड्रामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक उसे समझाने का प्रयास करती रही।

    बताया जा रहा है कि युवक लड़की से शादी करना चाहता था लेकिन लड़की इसके लिए तैयार नहीं थी। शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी बात से नाराज होकर युवक रेलवे पुल की रेलिंग पर जा चढ़ा। राहगीरों ने जब उसे इतनी ऊंचाई पर खतरनाक स्थिति में देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए बातचीत शुरू की।

    पुलिस ने युवक को काफी समझाया लेकिन वह नीचे आने को तैयार नहीं था। वह बार बार अपनी कथित प्रेमिका को बुलाने की मांग कर रहा था। युवक का कहना था कि लड़की को सामने लाया जाए और उससे शादी करा दी जाए। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसकी मांग पर लड़की को मौके पर बुलाया। लड़की के पहुंचने के बाद पुलिस ने युवक को समझाया और किसी तरह उसे रेलिंग से नीचे उतार लिया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली क्योंकि युवक काफी ऊंचाई पर खड़ा था और किसी भी तरह की जल्दबाजी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी।

    युवक के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद मामले में एक और अहम मोड़ सामने आया। पुलिस के मुताबिक युवक के खिलाफ पहले से ही एक मुकदमा दर्ज था और वह पुलिस की नजर में वांछित चल रहा था। बताया गया कि लड़की की शिकायत पर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस पहले से ही उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी। ऐसे में पुल से नीचे उतारने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

    अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि केन नदी के भूरागढ़ इलाके में रेलवे पुल के ऊपर एक व्यक्ति चढ़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और समझा बुझाकर युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। युवक की पहचान विकास के रूप में हुई। पुलिस अधिकारी के अनुसार उसके खिलाफ पहले से अभियोग दर्ज था और विवेचना के दौरान उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए थे। इसी आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई और उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की गई।

    पुलिस के अनुसार युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो बनाने का काम भी करता था। उसके खिलाफ दर्ज मामले में जांच जारी थी। पुल पर युवक के चढ़ने और पुलिस द्वारा उसे नीचे उतारने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया। घटना ने एक बार फिर दिखाया कि निजी रिश्तों से जुड़े विवाद में भावनात्मक दबाव और खतरनाक कदम कितनी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • मुजफ्फरनगर में रोडवेज बस ने 2 बाइकों को मारी टक्कर, 3 की मौत, 2 गंभीर घायल

    मुजफ्फरनगर में रोडवेज बस ने 2 बाइकों को मारी टक्कर, 3 की मौत, 2 गंभीर घायल


    मुजफ्फरनगर।
    मुजफ्फरनगर में बुढ़ाना थाना क्षेत्र के भैसाना के पास बड़ौत मार्ग पर बुधवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार और अनियंत्रित रोडवेज बस ने आगे चल रही दो बाइकों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों बाइकों पर सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। दो घायलों का उपचार जारी है। इनमें एक बच्चा भी है, जिसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

    टक्कर के बाद पांचों बाइक सवार घायल
    हादसा भैसाना के पास बड़ौत मार्ग पर हुआ। बताया जा रहा है कि रोडवेज बस अनियंत्रित होकर आगे चल रही दो बाइकों से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइकों पर सवार पांचों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोग जुट गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां उपचार के दौरान तीन घायलों ने दम तोड़ दिया।

    बच्चे की हालत गंभीर
    हादसे में घायल दो लोगों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में मृतकों के कांधला क्षेत्र के निवासी होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस उनकी पहचान की पुष्टि करने में जुटी है। पहचान सुनिश्चित होने के बाद परिजनों को सूचना दी जाएगी।

    बस चालक और हादसे की परिस्थितियों की जांच
    पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। टीम रोडवेज बस चालक से पूछताछ करने के साथ दुर्घटना की वजह और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।

  • मुरादाबाद में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को हटाने का 15 दिन का अल्‍टीमेटम, नहीं हटाया तो चलेगा बुलडोजर!

    मुरादाबाद में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को हटाने का 15 दिन का अल्‍टीमेटम, नहीं हटाया तो चलेगा बुलडोजर!

    मुरादाबाद। सहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर स्थित पुरानी मस्जिद को लेकर विवाद के बीच मुरादाबाद में भी सरकारी जमीन पर धार्मिक निर्माण का मामला सामने आया है। दिल्ली रोड पर पाकबड़ा थाना क्षेत्र में करीब 300 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने अवैध निर्माण माना है। प्राधिकरण ने मस्जिद के मुतवल्ली को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए हैं।

    एमडीए के मुताबिक, तय समय सीमा में निर्माण नहीं हटाया गया तो प्राधिकरण की टीम नियमानुसार कार्रवाई करेगी। नोटिस में निर्माण के सरकारी जमीन पर होने का उल्लेख किया गया है। कार्रवाई का नोटिस जारी होने के बाद मस्जिद कमेटी में हलचल बढ़ गई है। कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि मस्जिद काफी पुरानी है।

    सड़क किनारे निर्माण से यातायात प्रभावित होने का भी हवाला
    एमडीए का कहना है कि जमीन सरकारी होने की स्थिति में वहां किए गए निर्माण को नियमों के तहत वैध नहीं माना जा सकता। प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि सड़क किनारे निर्माण होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। अब 15 दिन की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद एमडीए की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल प्राधिकरण की ओर से निर्माण स्वयं हटाने के लिए नोटिस दिया गया है।

    मुरादाबाद में पहले भी हटाए गए धार्मिक निर्माण
    सरकारी जमीन और सड़क किनारे धार्मिक निर्माण को लेकर मुरादाबाद में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। कांठ रोड पर सिद्ध अस्पताल के पास सड़क किनारे बने मस्जिदनुमा निर्माण को पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर से हटाया गया था। इसी तरह एमडीए की सेक्टर-10 योजना में पार्क की जमीन पर बनी मीनार को भी हटाकर जमीन खाली कराई गई थी।

    एमडीए उपाध्यक्ष बोले- सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण स्वीकार नहीं
    एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित मामले में नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है। अब नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ेगा मानदेय, अब 12 हजार रुपए मिलेंगे, सहायिकाओं को 6 हजार

    यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ेगा मानदेय, अब 12 हजार रुपए मिलेंगे, सहायिकाओं को 6 हजार

    अयोध्या। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में इसका ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मौजूदा 8 हजार रुपए का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपए किया जाएगा। वहीं, सहायिकाओं को अब 4 हजार रुपए की जगह 6 हजार रुपए मानदेय मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अलावा अतिरिक्त साड़ी के लिए भी राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

    अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज में हुआ कार्यक्रम

    सीएम योगी ने अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति खराब थी और केंद्रों के लिए भेजे जाने वाले पैसे का दुरुपयोग होता था।

    उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उनकी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका और कामकाज को व्यवस्थित करने का प्रयास किया है। उनके मुताबिक, जिस तरह अयोध्या की तस्वीर बदली है, उसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की स्थिति में भी सुधार हुआ है।

    ‘पहले अयोध्या में सड़क-बिजली की स्थिति खराब थी’

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के शासन में अयोध्या के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, पहले शहर में बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब थी। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या सोलर सिटी बन चुकी है और विकास के नए काम हो रहे हैं।

    योगी ने कहा कि पहले अयोध्या में सिर्फ दो-तीन घंटे बिजली आती थी, जबकि अब शहर रोशन हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में अयोध्या में जिस तरह बदलाव आया है, उसी अवधि में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम और सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।
    योगी ने कहा कि पहले अयोध्या में सिर्फ दो-तीन घंटे बिजली आती थी, जबकि अब शहर रोशन हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में अयोध्या में जिस तरह बदलाव आया है, उसी अवधि में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम और सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।

    राम मंदिर और अयोध्या के विकास का मुद्दा उठाया

    सीएम योगी ने कांग्रेस और सपा पर राम मंदिर के निर्माण का विरोध करने और अयोध्या के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए इच्छाशक्ति जरूरी होती है और इसी इच्छाशक्ति के कारण अयोध्या में लगातार विकास हुआ।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश और दुनिया के लोग अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अयोध्या में हुए बदलाव ने शहर को नई पहचान दी है।

  • सड़क-लाइट के फंड पर कमीशन की मांग? भास्कर के स्टिंग में कैश लेनदेन और विधायक निधि की डील का दावा

    सड़क-लाइट के फंड पर कमीशन की मांग? भास्कर के स्टिंग में कैश लेनदेन और विधायक निधि की डील का दावा


    उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश में विधायक निधि से विकास कार्य कराने की व्यवस्था को लेकर दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सड़क नाली स्ट्रीट लाइट और दूसरे विकास कार्यों के लिए विधायक निधि जारी कराने के बदले कमीशन मांगने के आरोप सामने आए हैं। दैनिक भास्कर ने दो विधायकों पर स्टिंग ऑपरेशन के जरिए कमीशन की डील करने और कैश लेने के बाद अनुशंसा-पत्र जारी करने का दावा किया है। इन विधायकों में एक भाजपा और एक समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

    रिपोर्ट के मुताबिक भास्कर की टीम ने NGO मैनेजर बनकर पहले भाजपा विधायक जय मंगल कन्नौजिया से संपर्क किया। सोलर लाइट लगाने के लिए विधायक निधि से राशि स्वीकृत कराने की बात हुई। इसके बाद कई दौर की बातचीत के बाद कथित तौर पर 35 प्रतिशत कमीशन पर सहमति बनने का दावा किया गया। रिपोर्ट में बातचीत का हवाला देते हुए बताया गया कि 10.50 लाख रुपए के प्रस्ताव पर कमीशन की रकम को लेकर चर्चा हुई और बाद में कैश लेनदेन भी हुआ।

    इन्वेस्टिगेशन के अनुसार पहले 50 हजार रुपए दिए गए और इसके बाद बाकी रकम को लेकर बातचीत हुई। रिपोर्ट में दावा है कि बाद की मुलाकात में अतिरिक्त रकम भी दी गई। कुल मिलाकर 83 हजार 500 रुपए लिए जाने का दावा किया गया है। इसके अगले दिन विधायक की ओर से 10.50 लाख रुपए की सोलर लाइट के काम के लिए अनुशंसा-पत्र दिए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है। इस पूरे मामले ने विधायक निधि से जुड़े कामों में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इसके बाद भास्कर की टीम ने आजमगढ़ जिले की मेंहनगर सीट से सपा विधायक पूजा सरोज से जुड़े मामले की पड़ताल की। रिपोर्ट के मुताबिक सोलर लाइट और वाटर कूलर लगाने का प्रस्ताव लेकर विधायक से संपर्क किया गया। कई दौर की बातचीत के बाद कथित तौर पर कमीशन को लेकर चर्चा हुई। रिपोर्ट में विधायक के हवाले से 50 प्रतिशत कमीशन एडवांस लेने की मांग किए जाने का दावा किया गया है। प्रस्तावित कामों का कुल बजट करीब 31 लाख रुपए बताया गया और 35 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से रकम का हिसाब लगाया गया।

    रिपोर्ट के अनुसार विधायक की ओर से पहले करीब पांच लाख रुपए देने की मांग की गई। बातचीत के दौरान एक लाख रुपए दिए जाने का भी दावा किया गया है लेकिन कथित तौर पर पूरी रकम एक साथ देने की बात कहते हुए वह पैसा वापस कर दिया गया। बाद में विधायक के प्रतिनिधि की ओर से चार अनुशंसा-पत्र भेजे जाने का दावा किया गया। रिपोर्ट में इन पत्रों में कुल 81 लाख रुपए के कामों की विधायक निधि से स्वीकृति का उल्लेख किया गया है। हालांकि भास्कर टीम का दावा है कि स्टिंग के बाद इन अनुशंसा-पत्रों की हार्ड कॉपी लेने के लिए वह वापस नहीं गई।

    इन दोनों मामलों में सिर्फ विधायकों पर ही नहीं बल्कि उनके करीबी लोगों पर भी कथित रूप से पैसे लेने के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एक विधायक के प्रतिनिधि ने अलग-अलग मौकों पर रकम ली जबकि दूसरे मामले में विधायक के करीबी व्यक्ति पर भी पैसे लेने का आरोप है। इससे यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि अगर विधायक निधि के कामों में इस तरह का कथित कमीशन तंत्र मौजूद है तो विकास कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविक लागत पर इसका क्या असर पड़ सकता है।

    उत्तर प्रदेश में प्रत्येक विधायक को हर साल विधायक निधि के तौर पर पांच करोड़ रुपए उपलब्ध होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। इस राशि का इस्तेमाल सड़क नाली पेयजल स्ट्रीट लाइट सामुदायिक भवन और अन्य स्थानीय विकास कार्यों में किया जा सकता है। ऐसे में इस फंड से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता का असर सीधे जनता के विकास कार्यों पर पड़ता है।

    कानूनी जानकारों के मुताबिक सरकारी काम के बदले रिश्वत या कमीशन लेना गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई संभव है। अब इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि स्टिंग में सामने आए कथित लेनदेन की आधिकारिक जांच होती है या नहीं और संबंधित विधायकों पर क्या कार्रवाई की जाती है। दैनिक भास्कर ने इस इन्वेस्टिगेशन के अगले हिस्से में CDO कार्यालय में कथित कमीशन व्यवस्था से जुड़े और खुलासे करने की बात कही है। ऐसे में इस मामले की अगली कड़ी पर भी नजर रहेगी।

  • बुलंदशहर के शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

    बुलंदशहर के शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

    बुलंदशहर। शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का बुधवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और कैंसर का इलाज करा रहे थे। उनके निधन की खबर से बुलंदशहर जिले और शिकारपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अनिल शर्मा योगी सरकार में वन राज्य मंत्री भी रह चुके थे। इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

    कम उम्र में निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए थे
    अनिल शर्मा बुलंदशहर के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के सुरजावली गांव के रहने वाले थे। उन्होंने कम उम्र में ही राजनीति में कदम रखा और ग्राम सुरजावली के निर्विरोध प्रधान चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में आगे बढ़ते हुए विधानसभा चुनाव लड़ा।

    2002 में पहली बार बने विधायक
    अनिल शर्मा ने वर्ष 2002 में खुर्जा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2007 में भी उन्होंने खुर्जा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और लगातार दूसरी बार विधायक बने। वर्ष 2012 में उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।

    2017 में भाजपा के टिकट पर जीते, योगी सरकार में बने मंत्री
    भाजपा में शामिल होने के बाद अनिल शर्मा ने वर्ष 2017 में शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें प्रदेश की योगी सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2022 में भी उन्होंने भाजपा के टिकट पर शिकारपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस तरह वह शिकारपुर से भाजपा विधायक के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा कर रहे थे। अनिल शर्मा के निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर है।

  • छत और छज्जे की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा, शटरिंग गिरने से 3 की मौत; मजदूरों ने मांगा 50 लाख मुआवजा

    छत और छज्जे की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा, शटरिंग गिरने से 3 की मौत; मजदूरों ने मांगा 50 लाख मुआवजा


    मथुरा । मथुरा के वृंदावन में निर्माणाधीन मॉल में शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रुक्मणी विहार इलाके में निर्माणाधीन ओमेक्स मॉल में सुबह करीब सात बजे छत और छज्जे की ढलाई के दौरान अचानक शटरिंग और निर्माण सामग्री भरभराकर नीचे आ गिरी। हादसे के समय कुछ मजदूर नाइट शिफ्ट के बाद निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। अचानक हुए इस हादसे में कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल पुलिस तथा राहत दल को सूचना दी गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन फायर ब्रिगेड और बचाव दल मौके पर पहुंचा। मलबे को हटाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। शुरुआती कार्रवाई में एक मजदूर का शव मौके से बाहर निकाला गया जबकि तीन मजदूर घायल अवस्था में मिले। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया लेकिन इलाज के दौरान दो और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या तीन हो गई है। एक मजदूर का इलाज अभी जारी है और उसकी हालत को लेकर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

    पुलिस के मुताबिक मृतकों में एक मजदूर नेपाल का रहने वाला था जबकि दो मजदूर पश्चिम बंगाल से संबंधित थे। मृतक की पहचान नेपाल के कैलाली जिले के सिमरी निवासी करीब 40 वर्षीय शिवराम के रूप में हुई है। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान पश्चिम बंगाल के कूचबिहार निवासी रफीउल और आलम ने भी दम तोड़ दिया। पश्चिम बंगाल के ही एक अन्य मजदूर दिलबार का इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शटरिंग किस वजह से गिरी और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। निर्माण स्थल पर इस्तेमाल की जा रही सामग्री और ढांचे की मजबूती की भी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    मृतक शिवराम के परिवार की ओर से न्याय की मांग उठाई गई है। उनकी भतीजी मनीषा के मुताबिक शिवराम कुछ दिन पहले ही काम के लिए मथुरा आए थे। परिवार का कहना है कि निर्माण स्थल पर लंबे समय से काम चल रहा था लेकिन हादसे ने उनका सब कुछ छीन लिया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    वहीं निर्माण स्थल पर काम कर रहे अन्य मजदूरों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता तो इस तरह का हादसा शायद टाला जा सकता था। मजदूरों ने मृतकों के परिवारों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग भी रखी है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    मॉल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि हादसे के समय चार से पांच मजदूर ही मौके पर काम कर रहे थे। प्रबंधन के अनुसार छज्जे का निर्माण करते समय अचानक शटरिंग गिर गई और हादसा हो गया। हादसा किस तकनीकी कारण से हुआ इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम तथा अन्य कानूनी प्रक्रिया के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में मजदूरों की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।