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  • सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती

    सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहला मैच जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे की कोशिश वापसी करते हुए सीरीज को निर्णायक मुकाबले तक ले जाने की होगी।

    पहले टी20 में भारतीय टीम ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया था। तेज गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे को महज 125 रन पर समेट दिया। युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 18 रन देकर दो विकेट झटके। प्रिंस यादव ने भी दो सफलताएं हासिल कीं, जबकि अशोक शर्मा ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    स्पिन विभाग में रवि बिश्नोई ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरा। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके। भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने मेजबान टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया।

    बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की रही। युवा बल्लेबाज ने केवल 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेलकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। ईशान किशन ने भी 35 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 28 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत तक पहुंचाया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पहले मुकाबले में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। वेस्ली मधेवेरे ने 39 रन और रयान बर्ल ने 26 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी ने दो विकेट लेकर प्रभावित किया, लेकिन अन्य गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पहले मुकाबले में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुई थी। हालांकि शुरुआती झटकों के बाद बल्लेबाजों ने भी यहां खुलकर रन बनाए। इस मैदान पर अब तक 84 टी20 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 45 और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने 37 मैच जीते हैं। पहली पारी का औसत स्कोर 155 रन, जबकि दूसरी पारी का औसत 133 रन रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार दूसरे टी20 के दौरान हरारे में मौसम साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम है। ऐसे में पूरे 20 ओवर का मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    भारतीय टीम की सबसे बड़ी उम्मीद एक बार फिर युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन और तेज गेंदबाज मयंक यादव पर रहेगी। यदि टीम इंडिया पहले मैच जैसी लय बरकरार रखती है तो उसके पास सीरीज अपने नाम करने का शानदार मौका होगा। वहीं जिम्बाब्वे को मुकाबले में बने रहने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • वैभव की विस्फोटक फिफ्टी और गेंदबाजों का कमाल, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर रचा नया रिकॉर्ड

    वैभव की विस्फोटक फिफ्टी और गेंदबाजों का कमाल, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर रचा नया रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की शुरुआत टीम इंडिया ने बेहद शानदार अंदाज में की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने मेजबान टीम को 7 विकेट से करारी शिकस्त देते हुए सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इस जीत की सबसे बड़ी खासियत 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी रही जिन्होंने अपनी तूफानी पारी से मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। भारत ने 126 रन के लक्ष्य को सिर्फ 13.2 ओवर में हासिल कर लिया और 40 गेंद शेष रहते मुकाबला समाप्त कर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 120 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गेंदों के लिहाज से अपनी चौथी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

    इस मुकाबले में पहले गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद भी विकेटों का पतन लगातार जारी रहा और 32 रन तक जिम्बाब्वे अपने चार प्रमुख बल्लेबाज गंवा चुका था। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक लाइन और लेंथ के साथ मेजबान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    मुश्किल परिस्थिति में रेयान बर्ल और वेस्ली मधेवेरे ने पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को कुछ हद तक संकट से बाहर निकाला। मधेवेरे ने बाद में तादिवानाशे मारुमानी के साथ भी उपयोगी रन जोड़े जिससे जिम्बाब्वे का स्कोर सम्मानजनक स्थिति तक पहुंच सका। मधेवेरे ने 39 रन बनाए जबकि मारुमानी 27 रन बनाकर नाबाद लौटे। रेयान बर्ल ने 26 रन का योगदान दिया और जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए।

    भारत की ओर से युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो-दो विकेट अपने नाम किए। शिवम दुबे और रवि बिश्नोई ने भी एक-एक विकेट लेकर जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को कभी खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अनुशासित गेंदबाजी के दम पर भारतीय टीम ने लक्ष्य को सीमित रखने में अहम भूमिका निभाई।

    126 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भले ही अभिषेक शर्मा के जल्दी आउट होने से हुई लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपने आक्रामक तेवर से मैच का रंग बदल दिया। उन्होंने ईशान किशन के साथ तेज साझेदारी करते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। वैभव ने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें चार चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। इस अर्धशतक के साथ उन्होंने इतिहास रचते हुए 15 साल 118 दिन की उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा पुरुष बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया।

    वैभव के आउट होने के बाद ईशान किशन ने 35 रन की उपयोगी पारी खेली जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 28 रन बनाकर जीत की औपचारिकता पूरी की। अंत में तिलक वर्मा ने भी नाबाद रहकर टीम को आसान जीत तक पहुंचाया। जिम्बाब्वे की ओर से ब्लेसिंग मुजरबानी ने दो विकेट लिए जबकि रिचर्ड नगारवा को एक सफलता मिली।

    यह मुकाबला कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी खास रहा क्योंकि बतौर कप्तान उन्हें लगातार निराशाओं के बाद पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत मिली। इससे पहले आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब भारत की नजरें शेष दो मुकाबलों में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होंगी। 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर खेले जाने वाले अगले दोनों मैचों में भारतीय टीम अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी जबकि जिम्बाब्वे वापसी की कोशिश करेगा।

  • वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया

    वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया


    हरारे।
    युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की शानदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने पहले टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में भारत ने 126 रन का लक्ष्य केवल 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    मैच के सबसे बड़े आकर्षण वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 15 वर्ष 118 दिन की उम्र में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अर्धशतक लगाकर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने जिब्राल्टर के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 16 वर्ष 56 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

    यह जीत श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम की पहली अंतरराष्ट्रीय जीत भी रही। इससे पहले उनकी कप्तानी में भारत को आयरलैंड के खिलाफ 2-0 और इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से हार का सामना करना पड़ा था।

    इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए। टीम की ओर से वेस्ली मधेवेरे ने सर्वाधिक 39 रन बनाए, जबकि तदिवानाशे मरुमानी ने नाबाद 27 रन की उपयोगी पारी खेली।

    भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया। मयंक यादव और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट झटके। मयंक यादव ने मैच की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई और बाद में डियोन मायर्स का विकेट भी अपने नाम किया। शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को एक-एक सफलता मिली, जबकि मधेवेरे रन आउट हुए।

    आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ पारी ने टीम की जीत सुनिश्चित करने के साथ भारतीय क्रिकेट को एक नया युवा सितारा भी दे दिया।

  • इंग्लैंड दौरे की हार भुलाकर नई चुनौती को तैयार टीम इंडिया, 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज अब

    इंग्लैंड दौरे की हार भुलाकर नई चुनौती को तैयार टीम इंडिया, 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज अब


    नई दिल्ली। इंग्लैंड दौरे पर टी20 और वनडे दोनों सीरीज गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पास ज्यादा आराम का समय नहीं है। टीम अब नई ऊर्जा और नए इरादों के साथ जिम्बाब्वे दौरे के लिए तैयार है जहां 23 जुलाई से तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज को भारतीय टीम के लिए सिर्फ वापसी का मौका ही नहीं बल्कि युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का बड़ा मंच भी माना जा रहा है। क्रिकेट प्रेमियों की सबसे ज्यादा नजर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी जिनसे विस्फोटक प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

    जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। इंग्लैंड दौरे का हिस्सा रहे खिलाड़ी सीधे वहीं से जिम्बाब्वे रवाना होंगे जबकि बाकी खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ पहले ही टीम के साथ जुड़ चुके हैं। अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण की देखरेख में टीम इस सीरीज में नई शुरुआत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

    भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। पहला मैच 23 जुलाई दूसरा मुकाबला 25 जुलाई और तीसरा तथा अंतिम टी20 26 जुलाई को खेला जाएगा। सभी मैच भारतीय समयानुसार शाम 4 बजकर 30 मिनट पर शुरू होंगे जबकि टॉस आधा घंटा पहले होगा। लगातार तीन मुकाबलों की इस छोटी सीरीज में टीम इंडिया के पास अपनी गलतियों को सुधारने और आत्मविश्वास वापस हासिल करने का शानदार अवसर होगा।

    भारतीय टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलित मिश्रण देखने को मिलेगा। कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ उपकप्तान तिलक वर्मा बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। ईशान किशन और प्रभसिमरन सिंह विकेटकीपर की भूमिका में रहेंगे जबकि अभिषेक शर्मा रिंकू सिंह शिवम दुबे और वैभव सूर्यवंशी जैसे आक्रामक बल्लेबाज टीम की ताकत बढ़ाएंगे। गेंदबाजी विभाग में वरुण चक्रवर्ती मयंक यादव यश ठाकुर प्रिंस यादव अशोक शर्मा और हर्ष दुबे जैसे युवा गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों को चुनौती देंगे।

    इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। पहले आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में हार मिली फिर इंग्लैंड ने टी20 और वनडे दोनों सीरीज अपने नाम कर ली। ऐसे में जिम्बाब्वे दौरा टीम इंडिया के लिए आत्मविश्वास लौटाने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है। खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जो आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में अपनी जगह मजबूत करना चाहते हैं।

    इस सीरीज का एक बड़ा आकर्षण युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी होंगे जिन्होंने घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपने आक्रामक अंदाज से सभी का ध्यान खींचा है। फैंस को उम्मीद है कि वह जिम्बाब्वे के खिलाफ अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाएंगे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ेंगे।

    भारतीय दर्शकों के लिए इस सीरीज की लाइव स्ट्रीमिंग फैनकोड के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि इंग्लैंड दौरे की निराशा पीछे छोड़कर टीम इंडिया जिम्बाब्वे में जीत के साथ नए अभियान की शुरुआत करेगी और युवा सितारे अपने प्रदर्शन से भविष्य के लिए मजबूत दावेदारी पेश करेंगे।

  • संजू सैमसन की वापसी पर अंबाती रायुडू का भरोसा, बोले- तीन मैच खराब होने से नहीं भूल सकते उनका योगदान

    संजू सैमसन की वापसी पर अंबाती रायुडू का भरोसा, बोले- तीन मैच खराब होने से नहीं भूल सकते उनका योगदान


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। उनके डेब्यू को लेकर पूरे देश में उत्साह देखने को मिला, लेकिन इस मुकाबले में संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा। इस फैसले के बाद भारत के पूर्व बल्लेबाज अंबाती रायुडू ने संजू के समर्थन में बयान देते हुए उनके हालिया योगदान को याद रखने की अपील की है।

    रायुडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण भारतीय क्रिकेट के लिए खुशी का पल है और इसका जश्न मनाया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि इस उत्साह के बीच यह नहीं भूलना चाहिए कि महज तीन टी20 मैच पहले संजू सैमसन टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे और भारत को खिताब दिलाने में उनकी बड़ी भूमिका थी।

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि संजू सैमसन एक बार फिर मजबूत वापसी करेंगे। साथ ही उन्होंने वैभव सूर्यवंशी के उज्ज्वल भविष्य की भी कामना करते हुए कहा कि युवा बल्लेबाज लंबा और रिकॉर्ड बनाने वाला करियर बनाए।

    दरअसल टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले संजू सैमसन का बल्ला पिछले कुछ मुकाबलों में खामोश रहा। आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी वह केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। लगातार तीन मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के कारण टीम प्रबंधन ने दूसरे टी20 में उनकी जगह आईपीएल 2026 के ऑरेंज कैप विजेता वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया।

    वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए और दो आकर्षक छक्के लगाए। हालांकि उनकी पारी छोटी रही, लेकिन उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक जरूर दिखाई। अब तीसरे टी20 मुकाबले में एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी पर सभी की नजरें रहेंगी।

    संजू सैमसन के करियर में टीम से बाहर होना और फिर दमदार वापसी करना नई बात नहीं है। इससे पहले भी वह कई बार वापसी कर अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन उन्हें फिर कब मौका देता है और वह उस अवसर को किस तरह भुनाते हैं।

  • वैभव सूर्यवंशी पर दबाव न बनाएं भारत के लिए करेगा कमाल श्रीलंका के दिग्गज चमिंडा वास का बड़ा बयान

    वैभव सूर्यवंशी पर दबाव न बनाएं भारत के लिए करेगा कमाल श्रीलंका के दिग्गज चमिंडा वास का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । श्रीलंका के महान तेज गेंदबाज चमिंडा वास ने भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भविष्य का बड़ा सितारा बताते हुए क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों से अपील की है कि उन पर अनावश्यक दबाव न बनाया जाए। वास का मानना है कि महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव ने जिस तरह की प्रतिभा और आत्मविश्वास दिखाया है वह उन्हें आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का अहम खिलाड़ी बना सकता है।

    तेलंगाना टी20 लीग के दौरान हैदराबाद में बातचीत करते हुए चमिंडा वास ने कहा कि भारत लगातार विश्व स्तर के युवा क्रिकेटर तैयार कर रहा है और वैभव सूर्यवंशी भी उसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी युवा खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने और खुद को साबित करने के लिए समय की जरूरत होती है। इसलिए वैभव को भी बिना किसी अतिरिक्त अपेक्षा के अपने खेल पर ध्यान देने का अवसर मिलना चाहिए।

    वास ने विश्वास जताया कि वैभव सूर्यवंशी भविष्य में भारतीय टीम के लिए जरूर खेलेंगे और अपनी प्रतिभा से देश को कई यादगार जीत दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस युवा बल्लेबाज में सफल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने के सभी गुण मौजूद हैं। जरूरत सिर्फ धैर्य और सही मार्गदर्शन की है।

    वैभव सूर्यवंशी पिछले दो वर्षों में भारतीय क्रिकेट का सबसे चर्चित युवा चेहरा बनकर उभरे हैं। आईपीएल 2025 में धमाकेदार शतक लगाने के बाद उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद इंडिया ए और भारत की अंडर 19 टीम के लिए भी उन्होंने अलग अलग प्रारूपों में बेहतरीन बल्लेबाजी की। उनके प्रदर्शन का सिलसिला आईपीएल 2026 में भी जारी रहा जहां राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में भी जगह मिली।

    चमिंडा वास ने तेलंगाना टी20 लीग की भी सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के घरेलू टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच देते हैं। उनके अनुसार राज्य स्तर पर नियमित टी20 प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को निखारने के साथ उन्हें आईपीएल और राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का रास्ता भी तैयार करती हैं।

    उन्होंने कहा कि हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन की यह पहल सराहनीय है क्योंकि इससे कई युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला है। वास ने अपनी टीम पलामुरु स्ट्राइकर्स के युवा खिलाड़ियों की भी तारीफ करते हुए कहा कि टीम भले उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी लेकिन कई खिलाड़ियों ने अपनी बल्लेबाजी और खेल से प्रभावित किया है।

    भारतीय क्रिकेट व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए वास ने कहा कि देश के लगभग हर राज्य में टी20 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को लगातार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने का मौका मिलता है और यही अनुभव उन्हें बड़े मंच पर सफल बनने में मदद करता है। उनका मानना है कि भारत की मजबूत घरेलू क्रिकेट संरचना ही लगातार नई प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सबसे बड़ा कारण है।

  • आईपीएल में बरसाए रन फिर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा आखिर कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका

    आईपीएल में बरसाए रन फिर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा आखिर कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा बल्लेबाजों में शामिल वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय डेब्यू फिलहाल एक बार फिर टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले में भी टीम प्रबंधन ने उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं दी। चेस्टर ले स्ट्रीट में जैसे ही कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्लेइंग इलेवन का एलान किया वैसे ही करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदों को झटका लगा क्योंकि वैभव का नाम उसमें शामिल नहीं था। लगातार दूसरी श्रृंखला में मौका नहीं मिलने के बाद अब यह सवाल और तेज हो गया है कि आखिर इस युवा बल्लेबाज को भारतीय टीम के लिए पदार्पण करने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा।

    वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ महीनों से अपने प्रदर्शन के दम पर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 16 पारियों में 776 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। उनका स्ट्राइक रेट भी 237 से अधिक रहा जिसने क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया। इसके अलावा अंडर 19 विश्व कप में उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया जबकि हाल ही में भारत ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने श्रीलंका में त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में केवल 29 गेंदों पर 94 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का एक और शानदार उदाहरण पेश किया।

    इतने बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलना लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे पहले आयरलैंड दौरे पर भी उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में बाहर बैठना पड़ा था। उस श्रृंखला में भारतीय शीर्ष क्रम उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका और टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद माना जा रहा था कि इंग्लैंड दौरे पर वैभव को जरूर मौका मिलेगा लेकिन टीम प्रबंधन ने अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताना बेहतर समझा।

    क्रिकेट के कई पूर्व दिग्गज पहले ही संकेत दे चुके थे कि वैभव का डेब्यू तुरंत नहीं होगा। उनका मानना था कि टीम प्रबंधन युवा बल्लेबाज को सही समय पर मौका देना चाहता है ताकि उस पर अतिरिक्त दबाव न बने। हालांकि प्रशंसकों का तर्क है कि जब कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट आईपीएल और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा हो तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर भी मिलना चाहिए।

    बैटिंग कोच सितांशु कोटक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अंतिम फैसला मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति के अनुसार लिया जाएगा। ऐसे में यह साफ है कि वैभव को मौका कब मिलेगा इसका फैसला टीम प्रबंधन की योजनाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल भारतीय टीम ने पहले मुकाबले में संजू सैमसन अभिषेक शर्मा ईशान किशन श्रेयस अय्यर तिलक वर्मा शिवम दुबे अक्षर पटेल हर्षित राणा रवि बिश्नोई अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह इंतजार भले ही लंबा होता जा रहा हो लेकिन उनकी उम्र और प्रदर्शन दोनों यह संकेत देते हैं कि भविष्य पूरी तरह उनके पक्ष में है। यदि वह इसी तरह रन बनाते रहे और अपने खेल में निरंतरता बनाए रखी तो भारतीय टीम में उनका पदार्पण केवल समय की बात होगी। अब सभी की नजरें इंग्लैंड के खिलाफ अगले मुकाबलों पर रहेंगी जहां शायद भारतीय क्रिकेट को अपना नया युवा सितारा पहली बार नीली जर्सी में खेलते हुए देखने का मौका मिल जाए।

  • Ind vs Ire : दूसरा T-20 आज… प्लेइंग-11 में संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका

    Ind vs Ire : दूसरा T-20 आज… प्लेइंग-11 में संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका


    बेलफास्ट।
    आयरलैंड (Ireland) के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल (First T20 International) में मिली 34 रनों की हार के बाद भारतीय टीम (Indian team) आज (28 जून) दूसरे एवं आखिरी मुकाबले में सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगी. यह मुकाबला बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में भारतीय समयानुसार शाम 6 बजे से खेला जाएगा।

    यह पहली बार था, जब आयरलैंड ने किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम को हराया. अब कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली युवा भारतीय टीम के सामने सम्मान बचाने की चुनौती होगी. पहले मैच में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी. शीर्ष क्रम बड़ी साझेदारियां नहीं कर सका और टीम 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 148 रनों पर सिमट गई।

    ऐसे में दूसरे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. इस मैच से पहले सबसे बड़ी चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को लेकर है. पहले टी20 में उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला था, लेकिन हार के बाद टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकता है. वैभव को संजू सैमसन (Sanju Samson) के स्थान पर मौका मिल सकता है. संजू को इस मुकाबले में रेस्ट दिया जा सकता है. ऐसे में ईशान किशन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।


    इन दो खिलाड़ियों का भी हो सकता है डेब्यू

    दूसरी ओर, टीम मैनेजमेंट वॉशिंगटन सुंदर को दूसरे टी20 से बाहर रख सकता है. अगर ऐसा होता है तो भारत स्पिनर रवि बिश्नोई या ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे के साथ उतर सकता है. शेडगे ने अब तक अपना इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है. पहले टी20 मुकाबले में सुंदर गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में ही नाकाम रहे थे. गेंदबाजी में सुंदर ने एक ओवर में ही 19 रन दे दिए. वो बल्लेबाजी के दौरान भी महज 9 रन बनाकर आउट हो गए.

    इसके अलावा तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की प्लेइंग-11 से छुट्टी हो सकती है. प्रसिद्ध ने पहले मुकाबले में 57 रन लुटाए थे. कृष्णा की जगह प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है. प्रिंस ने अब तक अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है.

    कुल मिलाकर क्रिकेट फैन्स बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या इस मुकाबले में वैभव भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करेंगे? हालांकि, पूरी पिक्चर टॉस के बाद ही साफ होगी.

    भारत को गेंदबाजी में भी सुधार करना होगा. पहले मुकाबले में आयरलैंड के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में तेजी से रन बटोरे, जिससे मेजबान टीम मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रही. दूसरी ओर, आयरलैंड जीत की लय बरकरार रखते हुए पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतना चाहेगा.

    बेलफास्ट के मैदान पर होने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है. भारत के लिए यह सीरीज बचाने का मैच है, जबकि आयरलैंड के पास ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज करने का सुनहरा मौका होगा. अभी आयरलैंड 1-0 से सीरीज में बढ़त बनाया हुआ है.


    मुकाबले में भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई/सूर्यांश शेडगे, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव.


    मुकाबले में आयरलैंड की संभावित प्लेइंग-11: टिम टेक्टर,
    रॉस एडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (विकेटकीपर/कप्तान), बेंजामिन कैलिट्ज, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, लियाम मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज, जय मूंदरा और मैथ्यू हॉलार्ड.

  • वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल

    वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल


    नई दिल्ली । दांबुला के रंगिरी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में भारत ए ने बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत, जिन्होंने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। वैभव और प्रियांश आर्या ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रनों की तूफानी साझेदारी की। इस साझेदारी ने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को शुरुआती झटका दे दिया।

    Vaibhav Suryavanshi ने मात्र 29 गेंदों में 94 रनों की पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी इतनी आक्रामक रही कि उन्होंने 324 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 10 चौके और 8 छक्के लगाए। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया।

    दूसरे छोर से कप्तान Tilak Varma ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम को स्थिरता प्रदान की। उन्होंने 90 गेंदों पर 67 रन बनाए और तीसरे विकेट के लिए ऋतुराज गायकवाड़ के साथ 84 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत ए को शुरुआती झटकों के बाद मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ऋतुराज गायकवाड़ ने 51 गेंदों में 40 रन बनाए, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। वहीं कुमार कुशाग्र ने 36 रनों का योगदान दिया। मध्यक्रम में भले ही कुछ बल्लेबाज बड़े स्कोर नहीं कर सके, लेकिन रन गति लगातार तेज बनी रही।

    अंत के ओवरों में अनुकूल रॉय ने तेजी से रन जोड़ते हुए मात्र 15 गेंदों में 39 रनों की आतिशी पारी खेली। उनकी इस पारी में एक चौका और चार छक्के शामिल रहे, जिसने भारत ए को 370 के पार पहुंचा दिया। इसके अलावा यश ठाकुर नाबाद 2 रन पर रहे।

    श्रीलंका ए की ओर से गेंदबाजी में कुगाथास मथुलन, वानूजा साहन और रविंदु फर्नांडो ने दो-दो विकेट हासिल किए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता को रोक नहीं सके।

    कुल मिलाकर यह पारी भारत ए की बल्लेबाजी गहराई और युवा प्रतिभा का शानदार उदाहरण रही। खासकर वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत ने इस मुकाबले को एकतरफा मोड़ दे दिया।

  • तबाही का दूसरा नाम वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में ही तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड्स

    तबाही का दूसरा नाम वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में ही तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड्स


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में है—वैभव सूर्यवंशी। महज 15 साल की उम्र में इस युवा बल्लेबाज ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उनकी बल्लेबाजी शैली इतनी आक्रामक और प्रभावशाली है कि उन्हें “तबाही का दूसरा नाम” कहा जाने लगा है।

    हाल ही में श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज फाइनल में वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 12 गेंदों में था, जिसे उन्होंने आसानी से पीछे छोड़ दिया। इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वैभव भविष्य के नहीं, बल्कि वर्तमान के भी स्टार हैं।

    वैभव का सबसे बड़ा कारनामा केवल यही नहीं है। उन्होंने बेहद कम उम्र में लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाने का भी रिकॉर्ड बनाया है। मात्र 14 साल 272 दिन की उम्र में शतक जड़कर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की थी। उस मैच में उन्होंने 190 रनों की विशाल पारी खेलकर विपक्षी टीम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।

    इसके अलावा, वैभव सूर्यवंशी विश्व क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में सिर्फ 59 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी, जिसने एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

    लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की ओर से तीसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। उन्होंने मात्र 36 गेंदों में शतक पूरा कर यह कारनामा किया था। हालांकि भारत में उनसे तेज शतक ईशान किशन और अनमोलप्रीत ने लगाए हैं, लेकिन वैभव की उम्र को देखते हुए यह उपलब्धि बेहद खास मानी जाती है।

    यूथ क्रिकेट में भी वैभव का प्रदर्शन असाधारण रहा है। अंडर-19 टेस्ट में उन्होंने सिर्फ 58 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रचा था। यह अंडर-19 क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है और भारत की ओर से सबसे तेज भी माना जाता है।

    उनका करियर सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने बेहद कम उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू भी किया है। मात्र 12 साल 284 दिन की उम्र में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखकर खुद को भविष्य का सुपरस्टार साबित किया।

    आईपीएल में भी वैभव ने अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए गुजरात टाइटंस के खिलाफ शानदार शतक लगाया था और मात्र 38 गेंदों में 101 रन बनाकर इतिहास रच दिया था। इसी सीजन में उन्होंने 72 छक्के लगाकर क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

    इन सभी रिकॉर्ड्स को देखकर यह साफ है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की भी सबसे बड़ी खोज बन चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता उन्हें एक अलग ही श्रेणी में खड़ा करती है।