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  • IND vs AFG : दूसरा T-20 आज…. संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका

    IND vs AFG : दूसरा T-20 आज…. संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका


    नई दिल्ली।
    भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan) के बीच टी20 सीरीज (T20 Series) का दूसरा मुकाबला 15 सितंबर (मंगलवार) को खेला जाएगा. पहले मैच में टीम इंडिया (Team India) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को 7 विकेट से मात दी और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. अब दूसरे मुकाबले से पहले सबसे ज्यादा चर्चा प्लेइंग-11 को लेकर है।

    पहले टी20 में संजू सैमसन (Sanju Samson) को ओपनिंग का मौका मिला था, लेकिन वह 8 गेंदों पर सिर्फ 10 रन बना सके. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या टीम मैनेजमेंट युवा वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को मौका देने के लिए संजू को बाहर बैठा सकता है।

    वैभव पहले टी20 में प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं थे और संजू को प्राथमिकता दी गई थी. इस फैसले को लेकर पहले ही काफी चर्चा हुई थी. हालांकि, टीम मैनेजमेंट संजू सैमसन को दूसरे टी20 में एक और मौका जरूर देना चाहेगा.


    वैभव को मिलेगा मौका?

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने पिछले कुछ समय में अपनी बल्लेबाजी से खूब सुर्खियां बटोरी हैं. ऐसे में दूसरे टी20 में उन्हें मौका देने का फैसला टीम इंडिया के लिए एक बड़ा चयन फैसला होगा. अगर वैभव को शामिल किया जाता है तो वह अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते नजर आ सकते हैं. वहीं विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ईशान किशन को दी जा सकती है. इससे पहले वैभव को जिम्बाब्वे दौरे पर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब मिला था. वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे दौरे पर तीन पारियों में कुल 151 रन बनाए थे.।


    एक जीत और भारत के नाम सीरीज

    पहले टी20 में भारत ने 157 रनों के लक्ष्य को महज 13.4 ओवर में हासिल कर लिया था. अभिषेक शर्मा ने 32 गेंदों पर 82 रनों की तूफानी पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 42 रन बनाए। दूसरे टी20 में टीम मैनेजमेंट नीतीश कुमार रेड्डी की जगह वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है. नीतीश कुमार रेड्डी ने पहले टी20 मुकाबले में 2 ओवर गेंदबाजी करके 30 रन दिए थे. वहीं चोटिल वरुण चक्रवर्ती की जगह रवि बिश्नोई को मौका मिलने की संभावना है।

    अब भारत की नजर दूसरे मैच में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होगी. वहीं क्रिकेट फैन्स की नजर इस बात पर टिकी है कि संजू को एक और मौका मिलेगा या फिर वैभव सूर्यवंशी की टीम इंडिया में वापसी होगी.


    भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और रवि बिश्नोई.


    अफगानिस्तान की संभावित प्लेइंग-11:
    इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदिन नईब, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका सहवाग को पीछे छोड़ने के लिए चाहिए तीन छक्के

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका सहवाग को पीछे छोड़ने के लिए चाहिए तीन छक्के


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज 13 सितंबर से होने जा रहा है। सीरीज का पहला मुकाबला नई दिल्ली में खेला जाएगा और इस मैच में सबसे ज्यादा नजर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर रहने वाली है। 15 साल के वैभव के पास अपने घरेलू मैदान पर पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में उतरने का मौका है। अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है तो वह बल्ले से धमाल मचाने के साथ ही पूर्व भारतीय विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का एक खास रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ सकते हैं।

    वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से अलग पहचान बनाई है। भारत के लिए अब तक खेले छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 193 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 32 से ज्यादा है जबकि स्ट्राइक रेट 189 के करीब रहा है। इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले हैं। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने केवल छह अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में 14 छक्के जड़ दिए हैं।

    अब उनके सामने वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड है। सहवाग ने भारत के लिए 19 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे और इस दौरान उनके बल्ले से 394 रन निकले थे। उनका स्ट्राइक रेट 145 से ज्यादा रहा था। सहवाग ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 16 छक्के लगाए थे। ऐसे में वैभव अगर अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मुकाबले में तीन छक्के लगाने में सफल रहते हैं तो वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए छक्कों के मामले में सहवाग से आगे निकल जाएंगे।

    हालांकि दोनों खिलाड़ियों के रिकॉर्ड की तुलना करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि सहवाग का अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर काफी छोटा रहा था। वहीं वैभव अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं। इसके बावजूद केवल छह मैचों में 14 छक्के लगाना उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा देता है। वैभव जिस अंदाज में बड़े शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं उसे देखते हुए तीन छक्कों का यह आंकड़ा उनके लिए मुश्किल लक्ष्य नहीं माना जा सकता।

    वैभव का टी20 क्रिकेट में ओवरऑल रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली है। वह अब तक 40 टी20 मुकाबले खेल चुके हैं और उनके नाम 148 छक्के दर्ज हैं। आईपीएल 2026 में भी उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया था। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए थे। उनका स्ट्राइक रेट 237 से ज्यादा रहा था। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए। पूरे सीजन में उनके बल्ले से 72 छक्के निकले और वह आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बने।

    भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में फिलहाल रोहित शर्मा सबसे आगे हैं। उनके नाम 205 छक्के हैं। सूर्यकुमार यादव 179 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं जबकि हार्दिक पांड्या 126 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। विराट कोहली 124 छक्कों के साथ चौथे और अभिषेक शर्मा 104 छक्कों के साथ पांचवें नंबर पर हैं।

    अब सबकी नजर वैभव पर होगी कि क्या वह अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में मैदान पर उतरते हैं और क्या तीन छक्के लगाकर सहवाग को पीछे छोड़ने में सफल रहते हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच सीरीज के मुकाबले 13 15 और 17 सितंबर को नई दिल्ली में खेले जाएंगे। ऐसे में युवा वैभव के पास अपने घरेलू मैदान पर एक और यादगार प्रदर्शन करने का शानदार मौका होगा।

  • वैभव सूर्यवंशी फिर मचाएंगे धमाल संजू की होगी वापसी नीतीश या शिवम में एक बाहर जानिए कैसी हो सकती है भारत की Playing 11

    वैभव सूर्यवंशी फिर मचाएंगे धमाल संजू की होगी वापसी नीतीश या शिवम में एक बाहर जानिए कैसी हो सकती है भारत की Playing 11


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का आगाज 13 सितंबर से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने जा रहा है। सीरीज के तीनों मुकाबले इसी मैदान पर खेले जाएंगे और पहले मैच से पहले टीम इंडिया की प्लेइंग 11 को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने कई अहम फैसले होंगे। खास तौर पर विकेटकीपिंग ओपनिंग और ऑलराउंडर के स्लॉट को लेकर टीम मैनेजमेंट को संतुलन बनाना होगा। संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई है जबकि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने हालिया प्रदर्शन से अपनी जगह काफी मजबूत कर ली है।

    संजू सैमसन के लिए यह सीरीज वापसी का बड़ा मौका है। वह जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं थे लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ उन्हें स्क्वॉड में शामिल किया गया है। 2026 में उनका टी20 इंटरनेशनल प्रदर्शन भी प्रभावशाली रहा है। ऐसे में उनके पहले मुकाबले में प्लेइंग 11 में शामिल होने की पूरी संभावना है। हालांकि असली सवाल यह है कि टीम में उनके साथ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी किसे मिलेगी। ईशान किशन भी टीम के मजबूत विकल्प हैं और हाल में घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उन्हें टीम मैनेजमेंट की नजरों में मजबूत बनाता है।

    दूसरी ओर वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठाना आसान नहीं होगा। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में दो अर्धशतक लगाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। ऐसे प्रदर्शन के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ उन्हें प्लेइंग 11 में मौका मिलने की संभावना काफी मजबूत है।

    ओपनिंग में वैभव के साथ अभिषेक शर्मा को उतारा जा सकता है। हालांकि जिम्बाब्वे सीरीज में अभिषेक का बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला था। ऐसे में उनके प्रदर्शन पर नजर रहेगी। टीम के पास संजू को ऊपर भेजने का विकल्प भी मौजूद है। अगर मैनेजमेंट संजू को ओपनिंग में उतारता है तो बल्लेबाजी क्रम में बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल वैभव और अभिषेक की जोड़ी को मौका मिलने की संभावना अधिक दिखाई दे रही है।

    मिडिल ऑर्डर में कप्तान श्रेयस अय्यर और उपकप्तान तिलक वर्मा की जगह मजबूत नजर आती है। दोनों टीम के बल्लेबाजी क्रम को स्थिरता देने के साथ तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं। ईशान किशन को भी मध्यक्रम में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे भारत एक साथ संजू और ईशान दोनों को प्लेइंग 11 में शामिल कर सकता है।

    सबसे बड़ा चयन पेंच नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे को लेकर हो सकता है। दोनों को एक साथ खिलाने के बजाय टीम कॉम्बिनेशन के हिसाब से किसी एक को मौका मिल सकता है। अगर भारत को बल्लेबाजी में ज्यादा गहराई और पावर हिटिंग चाहिए तो शिवम दुबे उपयोगी साबित हो सकते हैं। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। इसलिए अंतिम फैसला पिच और टीम की रणनीति को देखकर लिया जा सकता है।

    गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह की वापसी सबसे बड़ा आकर्षण होगी। उनके साथ अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती को मौका मिल सकता है जबकि अक्षर पटेल टीम के ऑलराउंड संतुलन में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला टी20 13 सितंबर को शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

  • संजू की वापसी से बदला टीम इंडिया का ओपनिंग प्लान! अब 15 साल के वैभव के साथ उतर सकते हैं सैमसन

    संजू की वापसी से बदला टीम इंडिया का ओपनिंग प्लान! अब 15 साल के वैभव के साथ उतर सकते हैं सैमसन


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में प्रयोग का दौर अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से पहले संजू सैमसन की वापसी ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ संजू सैमसन को पारी की शुरुआत करने का मौका दे सकता है। खास बात यह है कि भारत के लिए अभिषेक शर्मा के साथ संजू और वैभव दोनों ओपनिंग कर चुके हैं लेकिन संजू और वैभव की जोड़ी को अभी तक आजमाया नहीं गया है।

    टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम ने अपनी पारी की शुरुआत को लेकर कई प्रयोग किए हैं। आईपीएल में अपने तूफानी अंदाज से पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में मौका मिला और उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते देखा गया। दूसरी तरफ संजू सैमसन भी अभिषेक के साथ पारी की शुरुआत कर चुके हैं। ऐसे में अब टीम के सामने एक नया विकल्प मौजूद है जिसमें संजू का अनुभव और वैभव का बेखौफ अंदाज एक साथ दिखाई दे सकता है।

    इस संभावना को पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने भी दिलचस्प बताया है। उनका मानना है कि जब अभिषेक वैभव और अभिषेक संजू की जोड़ी को आजमाया जा चुका है तो संजू और वैभव को साथ भेजकर देखने में भी कोई नुकसान नहीं है। हालांकि यह सिर्फ एक संभावित प्रयोग है और अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर निर्भर करेगा।

    संजू और वैभव की जोड़ी इसलिए भी खास हो सकती है क्योंकि दोनों बल्लेबाज आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए जाने जाते हैं। संजू के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है जबकि वैभव बेहद कम उम्र में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज से सुर्खियां बटोर चुके हैं। अगर दोनों एक साथ पावरप्ले में उतरते हैं तो भारत शुरुआत के छह ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों पर जबरदस्त दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है।

    हालांकि इस प्रयोग के साथ एक बड़ा सवाल अभिषेक शर्मा की भूमिका को लेकर भी खड़ा होगा। अभिषेक खुद टी20 क्रिकेट में बेहद आक्रामक बल्लेबाज हैं और पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में अगर संजू और वैभव को ओपनिंग का मौका मिलता है तो अभिषेक को किस नंबर पर उतारा जाएगा यह भी देखने वाली बात होगी। टीम मैनेजमेंट के पास विकल्पों की कमी नहीं है लेकिन सही संतुलन बनाना चुनौती जरूर होगी।

    वैभव के लिए यह सीरीज खास महत्व रखती है। महज 15 साल की उम्र में सीनियर टीम का हिस्सा बनना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनके प्रदर्शन पर हर किसी की नजर है और टीम मैनेजमेंट भी उन्हें लंबे समय के लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में उन्हें अलग अलग बल्लेबाजी संयोजनों में मौका देना भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

    अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज 13 सितंबर से शुरू होगी। पहला मुकाबला 13 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को होगा। ऐसे में सीरीज शुरू होने से पहले सबसे ज्यादा उत्सुकता इसी बात को लेकर है कि टीम इंडिया पारी की शुरुआत के लिए किस संयोजन पर भरोसा करती है। अभिषेक संजू और वैभव तीनों विकल्प मौजूद हैं लेकिन अगर संजू और वैभव को साथ उतारा गया तो यह टीम इंडिया का एक नया और बेहद आक्रामक ओपनिंग प्रयोग होगा।

  • शतक से चूके लेकिन गेंदबाजों को खूब धोया: वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में जड़ा 92 रन का तूफान, ईस्ट जोन को मिली शानदार शुरुआत

    शतक से चूके लेकिन गेंदबाजों को खूब धोया: वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में जड़ा 92 रन का तूफान, ईस्ट जोन को मिली शानदार शुरुआत


    नई दिल्ली। दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपने बल्ले की चमक दिखाई। सेंट्रल जोन की टीम को पहली पारी में 266 रनों पर समेटने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन को वैभव ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर शानदार शुरुआत दिलाई। वैभव ने महज 81 गेंदों में 92 रनों की तूफानी पारी खेलकर सेंट्रल जोन के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। हालांकि वह शतक पूरा करने से सिर्फ 8 रन दूर रह गए लेकिन उनकी पारी ने मुकाबले में ईस्ट जोन की स्थिति मजबूत कर दी।

    मुकाबले के दूसरे दिन ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की। दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पहले विकेट के लिए 153 गेंदों में 162 रनों की शानदार साझेदारी की। वैभव शुरुआत से ही बेहद आक्रामक नजर आए और उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए। 81 गेंदों की अपनी पारी में उन्होंने 7 चौके और 7 छक्के जमाए। उनकी बल्लेबाजी में तेजी के साथ आत्मविश्वास भी साफ नजर आया और उन्होंने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों को लगातार बैकफुट पर रखा।

    वैभव सूर्यवंशी की पारी का अंत हर्ष दुबे ने किया। बाउंड्री लगाने की कोशिश में वैभव अरशद खान के हाथों कैच आउट हो गए। शतक से चूकने के बावजूद उनकी 92 रनों की पारी ईस्ट जोन के लिए बेहद अहम साबित हुई। वैभव के आउट होने के बाद ईस्ट जोन को एक और झटका लगा जब कुमार कुशाग्र पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद अभिमन्यु ईश्वरन ने मोर्चा संभाले रखा और अपना अर्धशतक पूरा कर क्रीज पर डटे रहे। उनके साथ सुदीय कुमार पारी को आगे बढ़ाने में जुटे रहे।

    लंच ब्रेक तक ईस्ट जोन ने पहली पारी में 2 विकेट गंवाकर 183 रन बना लिए थे। इस तरह टीम ने सेंट्रल जोन के पहली पारी के स्कोर की ओर मजबूती से कदम बढ़ा दिए। ईस्ट जोन की शुरुआत में वैभव की विस्फोटक पारी की बड़ी भूमिका रही जिसने टीम को तेज रन गति के साथ मजबूत आधार दिया।

    इससे पहले ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी घातक गेंदबाजी के सामने सेंट्रल जोन की पूरी टीम पहली पारी में 266 रन पर सिमट गई। सेंट्रल जोन की ओर से रिंकू सिंह ने संघर्ष करते हुए 88 गेंदों पर 60 रन बनाए और अर्धशतक पूरा किया। उनके अलावा आर्यन जुयाल ने 46 रनों का योगदान दिया। हालांकि रिंकू को दूसरे छोर से लगातार मजबूत साझेदारी नहीं मिल सकी और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल नहीं हो पाई।

    ईस्ट जोन की गेंदबाजी में मुकेश कुमार और अभिजीत सरकार सबसे प्रभावी रहे। दोनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट अपने नाम किए। वहीं मोहम्मद शमी और मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने 2-2 विकेट लेकर सेंट्रल जोन की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। अब मुकाबले में ईस्ट जोन की नजर बड़ी बढ़त हासिल करने पर है और वैभव सूर्यवंशी की 92 रनों की आतिशी पारी ने सेमीफाइनल मुकाबले में रोमांच बढ़ा दिया है।

  • महज 15 साल की उम्र में कप्तानी का मौका ईशान किशन के चोटिल होते ही वैभव सूर्यवंशी बने ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान

    महज 15 साल की उम्र में कप्तानी का मौका ईशान किशन के चोटिल होते ही वैभव सूर्यवंशी बने ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान


    नई दिल्ली। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए रविवार का दिन बेहद खास रहा। ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में सूर्यवंशी को पहली बार सीनियर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला। ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन चोटिल होने के कारण मैदान से बाहर चले गए जिसके बाद टीम के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने कुछ समय के लिए कार्यवाहक कप्तान की भूमिका निभाई। इतनी कम उम्र में सीनियर क्रिकेट में कप्तानी की जिम्मेदारी मिलना सूर्यवंशी के लगातार बढ़ते कद को दर्शाता है।

    दरअसल सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी के दौरान विकेटकीपिंग कर रहे ईशान किशन के दाहिने अंगूठे में चोट लग गई। चोट के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी कुमार कुशाग्र ने संभाली जबकि ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी को टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई। यह सूर्यवंशी का सीनियर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कप्तानी का पहला अनुभव रहा। इससे पहले वह अपनी बल्लेबाजी और कभी कभी गेंदबाजी को लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं।

    दलीप ट्रॉफी में सूर्यवंशी का प्रदर्शन पहले से ही चर्चा में रहा है। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उनके बल्ले से केवल आठ रन निकले थे लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने शानदार योगदान दिया। उन्होंने महज 11 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। इस प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि सूर्यवंशी केवल बल्लेबाजी तक सीमित नहीं हैं बल्कि जरूरत पड़ने पर गेंद से भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

    सूर्यवंशी ने खुद अपनी गेंदबाजी को लेकर दिलचस्प बात साझा की थी। उनका कहना था कि बल्लेबाजों को अक्सर गेंदबाजी करने में मजा आता है और गेंदबाजों को बल्लेबाजी करने में। ईस्ट जोन के पिछले मुकाबले में जब विरोधी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे तब उन्हें दो तीन ओवर गेंदबाजी करने के लिए कहा गया था। सूर्यवंशी ने खुद को विकेट लेने वाला खिलाड़ी बताते हुए मजाकिया अंदाज में कहा था कि ईशान किशन को शायद पता नहीं था कि वह विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं।

    ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के सेमीफाइनल में टॉस जीतकर ईस्ट जोन ने रजत पाटीदार की कप्तानी वाली सेंट्रल जोन टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। सेंट्रल जोन की टीम में सारांश जैन की भी वापसी हुई है। सारांश ने इसी महीने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था।

    पहले दिन के शुरुआती सत्र में ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन पर दबाव बनाए रखा। 32 ओवर के बाद सेंट्रल जोन का स्कोर 81 रन पर तीन विकेट था। अभिजीत के सरकार और मुकेश कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए विकेट हासिल किए। अभिजीत ने पहले घंटे में अमन मोखाडे और कुणाल चंदेला को पवेलियन भेजा जबकि भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने दूसरे घंटे के अंत में कप्तान रजत पाटीदार को 12 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर दिया।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह बेहद कम उम्र में लगातार बड़े मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चर्चा में आए सूर्यवंशी अब कप्तानी और गेंदबाजी जैसे पहलुओं में भी अनुभव हासिल कर रहे हैं। ईशान किशन की चोट से पैदा हुई स्थिति ने उन्हें अचानक नेतृत्व की भूमिका में ला खड़ा किया लेकिन यह मौका उनके क्रिकेटिंग सफर में एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है। आने वाले समय में उनके खेल के साथ नेतृत्व क्षमता पर भी सभी की नजर रहेगी।

  • टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा

    टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचने वाले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के बाद बटलर ने कहा कि भविष्य में यदि कोई खिलाड़ी उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है तो वह 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। बटलर का यह बयान युवा भारतीय खिलाड़ी की प्रतिभा और उसके उज्ज्वल भविष्य पर बड़ी मुहर माना जा रहा है।

    द हंड्रेड टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में बटलर ने कहा कि सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वाला खिलाड़ी कहलाना उनके लिए बेहद खास एहसास है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि एक दिन यह रिकॉर्ड कोई और खिलाड़ी तोड़ेगा और संभवतः वह खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी होंगे।

    बटलर ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सोचना बेहद रोमांचक है कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। उनके अनुसार वैभव सूर्यवंशी में इतनी क्षमता है कि वह भविष्य में इस उपलब्धि को अपने नाम कर सकते हैं। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज से मिली यह तारीफ युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं मानी जा रही।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक वर्ष में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को लगातार प्रभावित किया है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी विस्फोटक शैली से अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों में शामिल वैभव ने अपने शुरुआती मुकाबलों में ही शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास और क्षमता दोनों मौजूद हैं।

    हाल के मुकाबलों में वैभव ने तेज गति से रन बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 श्रृंखला में बेहद कम गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबका ध्यान खींचा था। इसके अलावा एक अन्य मुकाबले में उन्होंने दमदार पारी खेलते हुए शानदार स्कोर बनाया और टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों साफ दिखाई देते हैं।

    घरेलू टी20 लीग में भी वैभव का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और लंबे शॉट लगाने की कला ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है।

    दूसरी ओर जोस बटलर भी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। रिकॉर्ड बनाने वाले मुकाबले में उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की तूफानी पारी खेली जिसमें दो चौके और छह शानदार छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ उन्होंने टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का स्थान हासिल किया। बटलर के नाम अब 14833 टी20 रन दर्ज हैं जबकि कीरोन पोलार्ड 14803 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    बटलर की यह भविष्यवाणी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। यदि वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वह न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना सकते हैं।

  • शुभमन गिल ने फिर हासिल किया वनडे का ताज, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचे

    शुभमन गिल ने फिर हासिल किया वनडे का ताज, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचे


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के लिए आईसीसी की ताजा रैंकिंग खुशखबरी लेकर आई है। कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर वनडे क्रिकेट में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज का स्थान हासिल कर लिया है, जबकि 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 230 पायदान की जबरदस्त छलांग लगाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारतीय क्रिकेट की मजबूत होती नई पीढ़ी की तस्वीर पेश करती हैं।

    आईसीसी द्वारा जारी नई वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। डेरिल मिचेल जनवरी से नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए थे, लेकिन हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नहीं खेलने के कारण उनकी रेटिंग प्रभावित हुई। इसका फायदा शुभमन गिल को मिला और उन्होंने एक बार फिर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाज का ताज अपने नाम कर लिया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। भारत ने यह सीरीज 3-0 से अपने नाम की और वैभव ने तीन मैचों में 50.33 की शानदार औसत से 151 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें आईसीसी रैंकिंग में मिला, जहां उन्होंने एक साथ 230 स्थान की छलांग लगाते हुए 536 रेटिंग अंकों के साथ अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 48वीं रैंक हासिल की। महज 15 वर्ष की उम्र में टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचना उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत माना जा रहा है।

    टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत के ईशान किशन अब भी दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए हैं। उनके खाते में 910 रेटिंग अंक हैं। वहीं तिलक वर्मा दो स्थान की छलांग लगाकर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि श्रेयस अय्यर सात स्थान की बढ़त के साथ 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। भारतीय बल्लेबाजों का यह शानदार प्रदर्शन टीम की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को दर्शाता है।

    गेंदबाजी रैंकिंग में भी भारत को फायदा हुआ है। लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने जिम्बाब्वे सीरीज में तीन विकेट हासिल किए, जिसके बाद उन्होंने 31 स्थान की लंबी छलांग लगाकर टी20 गेंदबाजों की रैंकिंग में 41वां स्थान हासिल कर लिया।

    जिम्बाब्वे की टीम सीरीज हार गई, लेकिन उसके कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी आईसीसी ने सराहा। बल्लेबाज रयान बर्ल छह स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 85वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजराबानी 10 स्थान की छलांग लगाकर 26वें नंबर पर पहुंच गए।

    वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में भी बदलाव देखने को मिला है। नामीबिया के बाएं हाथ के स्पिनर बर्नार्ड शोल्ट्ज ने नेपाल और नीदरलैंड के खिलाफ आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 ट्राई सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर टॉप-7 गेंदबाजों में जगह बना ली है।

    ताजा आईसीसी रैंकिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट केवल अनुभवी खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं के दम पर भी लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। शुभमन गिल की नंबर-1 रैंकिंग और वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक छलांग भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

  • सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए

    सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है वह हैं महज 15 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत करने वाले इस युवा बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में केवल 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सभी को प्रभावित किया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया लेकिन भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी इस बात का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं कि इतनी कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके खेल पर असर न डाले।

    भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने दूसरे टी20 मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पूरी टीम की कोशिश है कि युवा बल्लेबाज का ध्यान सोशल मीडिया की चर्चाओं और बाहरी शोर से हटाकर केवल क्रिकेट पर केंद्रित रहे। ईशान के अनुसार कम उम्र में प्रसिद्धि मिलने के साथ कई तरह के आकर्षण और दबाव भी आते हैं लेकिन सही मार्गदर्शन मिलने पर खिलाड़ी लंबा और सफल करियर बना सकता है।

    ईशान किशन ने कहा कि वैभव काफी समझदार खिलाड़ी हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि मैदान पर कैसे खेलना है और मैदान के बाहर किस तरह व्यवहार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस माहौल और पृष्ठभूमि से वैभव आते हैं वहां कई बार दोस्त और सोशल मीडिया जैसी चीजें ध्यान भटका सकती हैं। ऐसे में टीम के सीनियर खिलाड़ी लगातार उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि केवल वह ही नहीं बल्कि अभिषेक शर्मा अक्षर पटेल और टीम के कई अन्य खिलाड़ी भी वैभव से लगातार बातचीत करते रहते हैं। सभी का उद्देश्य यही है कि युवा बल्लेबाज सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं या आलोचनाओं से प्रभावित न हो। अगर किसी मैच में रन नहीं बनते हैं तो भी उसका असर उनकी बॉडी लैंग्वेज या आत्मविश्वास पर नहीं पड़ना चाहिए। सीनियर खिलाड़ी चाहते हैं कि वैभव अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दें क्योंकि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी होगी।

    दूसरी ओर ईशान किशन ने भी दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। उनके साथ तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की बेहतरीन साझेदारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों का पूरा साथ दिया और जिम्बाब्वे की टीम को लक्ष्य तक पहुंचने का मौका नहीं दिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिला जो आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को सीनियर क्रिकेटरों का मार्गदर्शन मिलना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अगर वह इसी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखते हैं तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है।

  • IND vs ZIM: दूसरे टी20 में इन 5 खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें, वैभव फिर मचा सकते हैं धमाल!

    IND vs ZIM: दूसरे टी20 में इन 5 खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें, वैभव फिर मचा सकते हैं धमाल!


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी और उसकी कोशिश होगी कि जीत हासिल कर सीरीज पर कब्जा जमा लिया जाए। दूसरी ओर जिम्बाब्वे के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा होगा। यदि मेजबान टीम को सीरीज में बने रहना है तो उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

    पहले मुकाबले में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। उन्होंने केवल 19 गेंदों में अर्धशतक जड़ते हुए साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर भी बेखौफ अंदाज में खेलने का माद्दा रखते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह बिगाड़ दी थी। दूसरे मुकाबले में भी उनसे इसी तरह की धमाकेदार शुरुआत की उम्मीद रहेगी। यदि उनका बल्ला फिर चला तो भारतीय टीम को बड़ी बढ़त मिल सकती है।

    विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन भी शानदार लय में दिखाई दे रहे हैं। पहले मैच में उन्होंने तेज गति से रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद ईशान अब लगातार बड़ी पारियां खेलकर अपनी जगह और मजबूत करना चाहेंगे। उनकी तेज शुरुआत विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    गेंदबाजी विभाग में सबसे बड़ी उम्मीद तेज गेंदबाज मयंक यादव से होगी। चोट से वापसी के बाद उन्होंने पहले ही मुकाबले में अपनी रफ्तार और सटीक लाइन लेंथ से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर दो विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यदि मयंक इसी लय में गेंदबाजी करते हैं तो जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं होगा।

    हालांकि भारतीय टीम को जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा से सतर्क रहना होगा। रजा बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। इस साल टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और घरेलू परिस्थितियों का उन्हें पूरा फायदा मिलता है। यदि वह लंबी पारी खेलने में सफल रहे तो भारत के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

    तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी भी जिम्बाब्वे के सबसे प्रभावी खिलाड़ियों में शामिल हैं। पहले मुकाबले में उन्होंने नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया था और दो अहम विकेट भी अपने नाम किए थे। उनकी अतिरिक्त उछाल और स्विंग भारतीय शीर्ष क्रम की परीक्षा ले सकती है।

    कुल मिलाकर दूसरे टी20 मुकाबले में भारत के पास सीरीज जीतने का शानदार मौका है, लेकिन जिम्बाब्वे भी वापसी के लिए पूरा दम लगाएगा। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, मयंक यादव, सिकंदर रजा और ब्लेसिंग मुजारबानी जैसे खिलाड़ी इस मुकाबले के सबसे बड़े गेमचेंजर साबित हो सकते हैं।