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  • 16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 16 मई को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के करीब 15 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी देखने को मिल सकती है। वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे किसानों को फसलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली में 16 मई की शाम बादल छाने और हल्की आंधी चलने की संभावना है, जबकि तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 60–65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जहां 80–85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

    झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बढ़ सकता है। वहीं पंजाब और राजस्थान में भी गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का असर देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में जहां एक ओर तेज गर्मी और लू जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं कुछ जिलों में तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

    दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण भी मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण का भी असर देश के मौसम पैटर्न पर पड़ रहा है।

    कुल मिलाकर 16 मई को देश के बड़े हिस्से में मौसम काफी अस्थिर रहने वाला है। तेज बारिश, आंधी और तूफानी हवाओं को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

  • झांसी में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, अगले हफ्ते 47°C तक पहुंचने की आशंका

    झांसी में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, अगले हफ्ते 47°C तक पहुंचने की आशंका



    नई दिल्ली। झांसी में एक बार फिर भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में तापमान लगातार बढ़ते हुए 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। शुक्रवार से लू चलने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं अगले सप्ताह स्थिति और गंभीर हो सकती है, जब अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

    कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह के अनुसार, दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर और बढ़ेगा। दोपहर 1 से 3 बजे के बीच सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी जा रही है, क्योंकि तेज धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

    बृहस्पतिवार को झांसी में अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी 27.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं और आने वाले दिनों में लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।

  • ग्वालियर मौसम बदला-बदला: रात में ठंडक, सुबह निकलते ही धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी

    ग्वालियर मौसम बदला-बदला: रात में ठंडक, सुबह निकलते ही धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी

    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के Gwalior में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। कभी तेज बारिश और आंधी तो कभी चिलचिलाती धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते कुछ दिनों से शहर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

    मंगलवार शाम अचानक आई आंधी और बारिश के बाद रात के समय लोगों को हल्की राहत जरूर मिली, जब तापमान में गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री से घटकर 25.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी।
    बुधवार सुबह होते ही तेज धूप ने फिर से शहर को गर्मी की चपेट में ले लिया। हवा में लगभग 60 प्रतिशत नमी के कारण उमस और बढ़ गई, जिससे लोगों को भारी असहजता महसूस हुई। मौसम में इस बदलाव के चलते दिनभर बेचैनी का माहौल बना रहा।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सुबह के कुछ ही घंटों में तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 25.6 डिग्री था, वहीं 8:30 बजे तक यह बढ़कर 31.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह लगभग 5.8 डिग्री का उछाल दर्शाता है, जो मौसम में अस्थिरता का संकेत है।
    दिन के समय बढ़ती गर्मी का असर शहर की रफ्तार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर होते ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। लोग तेज धूप से बचने के लिए छाते, गमछे और पानी की बोतलों का सहारा ले रहे हैं। चिकित्सकों ने भी सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रह सकता है और तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही लू जैसे हालात बनने की आशंका भी जताई गई है, जिससे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
    फिलहाल मौसम का यह बदलता मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आ रहा है, जहां रात की ठंडक के बाद दिन की गर्मी चुनौती बनती जा रही है।
  • झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल

    झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल



    नई दिल्ली। झांसी में मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर गर्मी का तीखा रूप दिखाया, जहां सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। शहर में सुबह 11 बजे तक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन की शुरुआत ही झुलसाने वाली गर्मी के साथ हुई। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, सड़कों पर गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया गया और दोपहर होते-होते लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई।

    भीषण गर्मी के कारण बाजारों और चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम नजर आई। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज धूप और लू से बचने के लिए कई लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर या सिर ढककर बाहर निकलते दिखे। सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क पर काम करने वाले लोगों पर पड़ा, जो छांव और पेड़ों के नीचे राहत तलाशते नजर आए।

    गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में ठंडे पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ गई है। शिकंजी, जूस और ठंडे पेय की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है, क्योंकि लोग गर्मी से राहत पाने के लिए इनका सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिन के आगे बढ़ने के साथ तापमान में और वृद्धि हो सकती है और दोपहर बाद पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

    हालांकि मौसम विभाग ने थोड़ी राहत की संभावना भी जताई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दोपहर बाद आसमान में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश भी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल पूरे दिन तेज गर्मी और उमस बने रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पीते रहें और गर्मी से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

  • एमपी में आज 8 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ेगी गर्मी

    एमपी में आज 8 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ेगी गर्मी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। प्रदेश में दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने की वजह से सोमवार को कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिलेगा। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग के कई इलाकों में तेज गर्मी लोगों को परेशान करेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है।

    कई जिलों में बदला मौसम
    रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहा। इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के करीब 18 जिलों में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर और शाजापुर में तेज गर्मी पड़ने की संभावना जताई है।

    रतलाम सबसे गर्म
    रविवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मई महीने में पहली बार यहां पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा है। इसके अलावा शाजापुर में 44 डिग्री, धार में 42.4 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री और नर्मदापुरम में 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। रायसेन, नरसिंहपुर, सागर और गुना में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां 42.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में 40.4 डिग्री, इंदौर में 41.9 डिग्री, ग्वालियर में 38.4 डिग्री और जबलपुर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    12 मई से लू का असर
    मौसम विभाग ने 12 मई से प्रदेश में हीट वेव यानी लू चलने का अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में गर्म हवाएं चल सकती हैं। प्रदेश में 30 अप्रैल से लगातार मौसम में बदलाव बना हुआ है। 10 मई तक कई जिलों में बारिश और आंधी का दौर जारी रहा। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस तो कभी टर्फ और चक्रवाती सिस्टम के कारण मई के पहले सप्ताह में बारिश होती रही।

    लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
    गर्मी बढ़ने के साथ मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर की तेज धूप से बचने की अपील की गई है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी गई है।

  • रोग पंचक 2026: मौसम बदलते ही बढ़ी चिंता! 14 मई तक सेहत पर मंडरा सकता है खतरा, जानें क्या करें और क्या नहीं

    रोग पंचक 2026: मौसम बदलते ही बढ़ी चिंता! 14 मई तक सेहत पर मंडरा सकता है खतरा, जानें क्या करें और क्या नहीं


    नई दिल्ली। Rog Panchak 2026: मई की तेज गर्मी के बीच मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कहीं बारिश तो कहीं उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। इसी बीच 10 मई 2026 से रोग पंचक की शुरुआत ने धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं को मानने वाले लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। ज्योतिष शास्त्र में रोग पंचक को स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान संक्रमण, मौसमी बीमारियां और शारीरिक कमजोरी तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में बदलते मौसम और रोग पंचक का यह संयोग लोगों को विशेष सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है।

    ज्योतिष गणना के अनुसार रोग पंचक 10 मई 2026 को दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 14 मई 2026 की रात 10 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। पंचक तब बनता है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है। वहीं रविवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहा जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक काल को ऊर्जा परिवर्तन का समय माना गया है। इस दौरान शरीर और मन दोनों को संतुलित रखना बेहद जरूरी बताया गया है। मान्यता है कि इस समय लापरवाही करने पर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खासकर जब मौसम तेजी से बदल रहा हो, तब सर्दी, वायरल, बुखार, एलर्जी और संक्रमण जैसी समस्याएं लोगों को अधिक परेशान कर सकती हैं।

    मौसम विभाग की ओर से कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की गई है। दिन में तेज गर्मी और शाम को अचानक मौसम बदलने से लोगों की इम्यूनिटी पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि रोग पंचक के दौरान स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

    ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार रोग पंचक के समय बाहर का बासी और तला-भुना भोजन खाने से बचना चाहिए। नियमित रूप से हल्दी, तुलसी और गुनगुने पानी का सेवन लाभकारी माना गया है। साथ ही पूजा-पाठ, ध्यान और महामृत्युंजय मंत्र का जाप मानसिक तनाव कम करने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, सगाई, दक्षिण दिशा की यात्रा और घर निर्माण जैसे शुभ कार्यों से भी बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि ज्योतिष और धार्मिक मान्यताएं आस्था का विषय हैं, इसलिए किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना सबसे जरूरी माना जाता है।

  • मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: तेज गर्मी की दस्तक, 12 मई से लू चलने की चेतावनी जारी

    मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: तेज गर्मी की दस्तक, 12 मई से लू चलने की चेतावनी जारी


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला अब थमने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अब धीरे-धीरे मौसम साफ हो रहा है और इसके साथ ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार से ही प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और आने वाले दिनों में यह तेजी से ऊपर जाएगा।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 12 मई से प्रदेश में लू का असर शुरू हो सकता है। खासकर पश्चिमी मध्यप्रदेश के जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिलेगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में दिन का तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।

    शनिवार को हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की राहत देखने को मिली थी। एक ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को ठंडा बनाए रखा। लेकिन यह राहत अब खत्म होती नजर आ रही है।

    रतलाम में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में तेज गर्मी की शुरुआत का संकेत है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मई के पहले सप्ताह में लगातार पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के कारण बारिश का दौर बना रहा, जिससे तापमान सामान्य से नीचे रहा। लेकिन अब सिस्टम कमजोर पड़ चुका है और गर्म हवाएं प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार 10 मई से प्रदेश में मौसम साफ होने लगा है और 12-13 मई के बीच कई जिलों में लू चलने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि होगी और लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मई के मध्य से जून तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को हिदायत दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और पर्याप्त पानी का सेवन करें।

    मौसम के इस बदलाव ने जहां एक ओर बारिश से राहत पाने वालों को झटका दिया है, वहीं अब लू और तपती धूप से जूझने की तैयारी शुरू हो गई है। आने वाले दिन मध्यप्रदेश के लिए गर्मी की बड़ी चुनौती लेकर आ रहे हैं।

  • आंधी-बारिश का कहर: यूपी-बिहार में 31 की मौत, दिल्ली में ओले; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

    आंधी-बारिश का कहर: यूपी-बिहार में 31 की मौत, दिल्ली में ओले; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज



    नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश और बिहार में आंधी, बारिश और बिजली गिरने से पिछले 24 घंटे में 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। वहीं दिल्ली में मंगलवार को ओलावृष्टि हुई, जिससे गर्मी से राहत मिली लेकिन जनजीवन प्रभावित हुआ।

    यूपी-बिहार में सबसे ज्यादा असर
    उत्तर प्रदेश में तेज आंधी-बारिश के चलते 8 लोगों की मौत हो गई। पीलीभीत में ईंट-भट्ठे की ऊंची चिमनी गिरने से बड़ा हादसा हुआ।
    वहीं बिहार में 22 जिलों में खराब मौसम का असर देखने को मिला, जहां बिजली गिरने से 7 बच्चों समेत 23 लोगों की जान चली गई।

    हरियाणा-राजस्थान में तबाही और राहत
    हरियाणा में तेज तूफान के कारण 15 हजार से ज्यादा पेड़ उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में यातायात बाधित हुआ।
    वहीं राजस्थान में तापमान में 8 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।

    पहाड़ों में ठंड बढ़ी
    हिमाचल प्रदेश के सोलन में तापमान गिरकर 4.8°C तक पहुंच गया, जो मई महीने के लिए असामान्य रूप से कम है।

    क्यों बदला मौसम?
    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने सिस्टम और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक बनी ट्रफ लाइन के कारण देश के बड़े हिस्से में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल रहा है।

    अगले 48 घंटे का अलर्ट
    मौसम विभाग ने कई राज्यों में चेतावनी जारी की है। 
    पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज आंधी-बारिश।
    बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने का खतरा।
    असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका।

    मध्य प्रदेश में भी असर
    मध्य प्रदेश में भी मौसम बदला हुआ है। भोपाल समेत 39 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे गर्मी के बीच राहत और चुनौती दोनों बनी हुई है।
    कुल मिलाकर, देशभर में मौसम का यह बदला रूप राहत और आफत दोनों लेकर आया है। जहां एक तरफ तापमान में गिरावट से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी-बिजली ने जनजीवन पर बड़ा असर डाला है।

  • MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर

    MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को 21 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। यह मौसम परिवर्तन 5 मई तक जारी रहने का अनुमान है।

    जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं।

    वहीं दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, रायसेन, धार, खंडवा, खरगोन, रतलाम, सागर, छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर दोपहर बाद मौसम बदल सकता है।

    बीते दिनों भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहा। जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई, जबकि खंडवा में तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। इसके चलते नमी बढ़ रही है और आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है।

    इस अचानक बदले मौसम का असर जनजीवन पर भी दिख रहा है। कई जगहों पर तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    भोपाल । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति बनी हुई है। बुधवार को राजधानी भोपाल में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा रहा। खास बात यह है कि इसने पिछले 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। हालांकि, अब मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अब तक सबसे गर्म रहे खजुराहो में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में लू से राहत मिलने की संभावना है। गुरुवार के लिए लू का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जबकि एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

    दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा।

    तापमान की बात करें तो बुधवार को सीधी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 43.6 डिग्री, नरसिंहपुर और खंडवा में 43 डिग्री, सतना में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़ में 42.6 डिग्री, नौगांव और रीवा में 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, दमोह और मंडला में तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल 43.7 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं इंदौर में 40.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.4 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    भोपाल में इस तापमान के साथ एक पुराना रिकॉर्ड भी दोहराया गया। अप्रैल महीने में 2016 से 2025 के बीच सिर्फ 30 अप्रैल 2019 को ही तापमान 43.7 डिग्री तक पहुंचा था। इससे पहले अप्रैल का सबसे अधिक तापमान 44.4 डिग्री 29 अप्रैल 1996 को दर्ज किया गया था।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है। फिलहाल, लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें, क्योंकि इसी समय लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल सहित कई शहरों में गर्मी का असर फिलहाल जारी रहने की संभावना है।