Tag: weather update

  • मध्य प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर, बालाघाट, डिंडौरी समेत 5 जिलों में आज अलर्ट

    मध्य प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर, बालाघाट, डिंडौरी समेत 5 जिलों में आज अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और दो ट्रफ के असर से एक बार फिर मौसम बदला है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को धूप खिली, लेकिन इसके बाद आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और सिवनी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    लो प्रेशर और ट्रफ का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में दो ट्रफ सक्रिय हैं। इन प्राकृतिक सिस्टम के प्रभाव से फरवरी में चौथी बार प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा।

    दिन में धूप, शाम को बदला मौसम

    सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम बदल गया। जबलपुर, रीवा और सीधी में बारिश हुई। रात में मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, खरगोन, सागर और दमोह में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई।

    फरवरी में बार-बार बारिश का असर
    फरवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में दो बार बारिश और ओले गिरे हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। प्रभावित क्षेत्रों में सरकार ने सर्वे भी कराया। तीसरी बार 18 फरवरी को प्रदेश भीगा, और 19-21 फरवरी को भी मौसम का असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी से बारिश का दौर शुरू हुआ है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव

    बारिश के कारण दिन का तापमान गिरा है, लेकिन रात में हल्की गर्मी बनी रही। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में न्यूनतम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर रहा।

  • अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित

    अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित



    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का मौसम जारी रहने वाला है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई। शनिवार को बादलों की छाया बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 23 और 24 फरवरी को एक नया सिस्टम प्रभावी होगा, जो खासकर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ज्यादा असर दिखाएगा।

    पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।

    तेज हवाओं और आंधी के चलते रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे दानों पर असर और किसानों की परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में 25 जिलों में फसल नुकसान हो सकता है। इसको देखते हुए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्व अमला मैदान में जाकर फसल नुकसान का आंकलन कर रहा है।

    अगले दो दिनों का मौसम का अंदाजा
    22 फरवरी: बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रह सकते हैं।
    23 फरवरी: दक्षिणी जिलों में नया सिस्टम सक्रिय होने से बारिश होने की संभावना।

    बारिश की संभावना वाले जिले
    मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश होने का अनुमान है। इनके आस-पास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने और बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    जबलपुर में भी मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार देर रात हल्के बादल छाए और वातावरण में नमी महसूस की गई। शनिवार सुबह करीब 6 बजे से शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिससे वातावरण सुहावना हो गया और ठंड का असर बढ़ गया। सुबह का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • भोपाल-उज्जैन समेत 25 जिलों में बारिश और तेज आंधी, श्योपुर में 1 इंच पानी गिरा, फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू

    भोपाल-उज्जैन समेत 25 जिलों में बारिश और तेज आंधी, श्योपुर में 1 इंच पानी गिरा, फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। फरवरी के महीने में सक्रिय हुए नए सिस्टम के कारण प्रदेश में तीसरी बार बारिश और ओलों का दौर शुरू हो गया। पिछले 24 घंटों में भोपाल, उज्जैन समेत 25 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, श्योपुर, शिवपुरी, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, खरगोन, मुरैना, सीहोर, दतिया, ग्वालियर, गुना, रतलाम, बड़वानी, मंदसौर, शाजापुर, देवास, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़ और निवाड़ी छतरपुर जिले शामिल हैं।

    श्योपुर के नालछा में सबसे ज्यादा 1 इंच पानी गिरा। वहीं तेज आंधी की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंची। भोपाल, सीहोर और आगर में 37 किलोमीटर, शाजापुर में 35 किलोमीटर, गुना में 31 किलोमीटर, राजगढ़ में 30 किलोमीटर और धार, नीमच, शिवपुरी में 28 किलोमीटर प्रति घंटे की गति दर्ज की गई।

    इस बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई हैं, जिससे दानों की गुणवत्ता और पैदावार पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से भी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रभावित फसलों का समय पर सर्वे और उचित मुआवजा किसानों की राहत के लिए जरूरी है।

    मौसम का हाल बताते हुए मौसम विभाग ने कहा कि प्रदेश में खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ 10.0°C और पचमढ़ी 10.2°C में भी कड़ाके की ठंड महसूस की गई।

    प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने किसानों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि बारिश और ओलों से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए अधिकारियों को तुरंत सर्वे का निर्देश दे दिया गया है। प्रभावित खेतों का दौरा कर वास्तविक नुकसान का आंकड़ा तैयार किया जाएगा, ताकि किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जा सके।

    कृषि मंत्री ने कहा, “जहां-जहां भी ओलावृष्टि और तेज बारिश की वजह से फसलें आड़ी हुई हैं या दाने खराब हुए हैं, वहां समय पर मुआवजा प्रदान किया जाएगा।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे का काम पूरी पारदर्शिता और तेजी के साथ पूरा किया जाए, ताकि किसानों को राहत राशि में किसी भी तरह की देरी न हो।

    प्रदेश में मौसम विभाग ने भविष्य के 48 घंटों में भी अनियमित वर्षा और आंधी की संभावना जताई है, जिससे किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। इस बीच प्रशासन और कृषि विभाग सतत निगरानी रखकर किसानों की मदद करने के लिए सक्रिय हैं।

  • MP में सर्दी का असर बढ़ा, कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे, 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे

    MP में सर्दी का असर बढ़ा, कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे, 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड ने फिर दस्तक दी है। लगभग 15 दिन बाद रात का तापमान 4 डिग्री से नीचे चला गया है। राज्य के कटनी, शहडोल और उमरिया जिले इस समय सबसे ठंडे क्षेत्र बने हुए हैं। खासकर कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा राज्य के 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे गिर गया है।

    पिछली तीन रातों से ठंड बढ़ रही है। शुक्रवार और शनिवार की रात को भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में तापमान 11 डिग्री, जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री रहा।

    न्यूनतम तापमान के आंकड़े इस प्रकार हैं:
    करौंदी (कटनी): 3.5 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल): 4.9 डिग्री, उमरिया: 7 डिग्री, रीवा-खजुराहो: 7.4 डिग्री, मंडला: 7.9 डिग्री, नौगांव: 8.8 डिग्री, सतना: 8.9 डिग्री, राजगढ़-शिवपुरी: 9 डिग्री, पचमढ़ी: 9.4 डिग्री, दमोह और मलाजखंड: 9.8 डिग्री

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो दिन राज्य में तेज सर्दी का असर रहेगा। इसके बाद तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। फिलहाल ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में ठंड सबसे अधिक महसूस की जा रही है। पांच बड़े शहर – भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर – में पारा 13 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। ठंड का यह असर 8 और 9 फरवरी को भी जारी रहने की संभावना है।

    रविवार सुबह ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्का कोहरा देखा गया। मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल बारिश या कोहरे की संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप रहेगी, लेकिन भोपाल, सीहोर, गुना, ग्वालियर, भिंड और मुरैना में सर्द हवाओं का असर महसूस होगा। देर रात और सुबह के समय ठंड अधिक रहेगी।

  • एमपी में ठंड का असर तेज, तापमान 10 डिग्री से नीचे, 8 फरवरी से बदलेगा मौसम

    एमपी में ठंड का असर तेज, तापमान 10 डिग्री से नीचे, 8 फरवरी से बदलेगा मौसम

    भोपाल । वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर कम होने के कारण मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से दिन में ठिठुरन अधिक हो गई है और रात का तापमान कई शहरों में 10 डिग्री से नीचे चला गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, एक सप्ताह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से जारी था, जो गुरुवार को थम गया। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत आठ शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं 30 से अधिक जिलों में कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा देखा गया।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहा। इसके अलावा रीवा 7.2, खजुराहो 8.2, दतिया 8.4, दमोह और सतना 9.6 और पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में भोपाल और उज्जैन का तापमान 13 डिग्री, इंदौर 13.2 और जबलपुर 13.5 डिग्री था। ग्वालियर में पारा 9 डिग्री दर्ज किया गया। कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के समय में बदलाव आया, विशेषकर मालवा, सचखंड और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर असर पड़ा।

    आज सुबह हल्का कोहरा

    मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा रहा। ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में इसका असर देखा गया।

    अगले दो दिन का मौसम

    7 फरवरी हल्का कोहरा, बारिश की संभावना नहीं, लेकिन ठंड का असर जारी। 8 फरवरी कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा, बारिश का अलर्ट नहीं।पश्चिमी हिमालय में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, जिसका असर फिर से प्रदेश में दिखेगा। 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है।

  • उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट, आने वाले दिनों में बढ़ेगा ठंड का असर, जानिए मौसम का हाल

    उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट, आने वाले दिनों में बढ़ेगा ठंड का असर, जानिए मौसम का हाल


    नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में फिलहाल मौसम का मिज़ाज आम लोगों के लिए राहत भरा नहीं लग रहा। अगले तीन दिनों तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और उनसे जुड़े मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवाओं की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी जा सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है।

    पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बादलों का डेरा

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले और मध्य वायुमंडल में तेज चक्रवात सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के निचले हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेताया है कि 5 से 7 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाके लगातार बर्फबारी का सामना कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश के साथ बादलों की गतिविधि बनी हुई है। यह मिज़ाज पूरे सप्ताह बने रहने की संभावना है।

    कश्मीर में फिर बढ़ी ठंड, तापमान में गिरावट

    कुछ दिनों की राहत के बाद कश्मीर घाटी में ठंड लौट आई है। रविवार सुबह श्रीनगर और आसपास के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात देखा गया। इस बदलाव के चलते दिन का तापमान करीब चार डिग्री तक गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार 2 और 3 फरवरी की रात को कुछ ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

    हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि
    पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में मौसम अचानक बदल गया। छह जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि करनाल, यमुनानगर और रोहतक में ओले गिरे। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 31 जनवरी की रात से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने रविवार सुबह बारिश करवायी। इसी सिस्टम के कारण पूर्वी राजस्थान और दक्षिणी हरियाणा में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका असर मंगलवार दोपहर तक महसूस होगा।

    हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान की चेतावनी

    हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, शिमला, सिरमौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा जिलों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ। शिमला, कुल्लू, लाहौल, कांगड़ा, चंबा, मंडी, ऊना और हमीरपुर में बारिश के कारण ठंड और बढ़ गई। सोलन जिले में बिजली गिरने की घटना में 54 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को राज्य के मध्य और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और हिमपात की संभावना जताई है। अगले 24 घंटों में आंधी-तूफान की चेतावनी भी जारी की गई है। लाहौल-स्पीति का ताबो इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    राजस्थान में फिलहाल राहत

    राजस्थान में तापमान में वृद्धि से ठंड का असर कम हुआ है। रविवार को अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। अलवर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां रात का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीते 24 घंटों में अजमेर में हल्की बारिश हुई, जहां 1.1 मिलीमीटर पानी गिरा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कम से कम एक दिन तक प्रदेश का मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना है।

  • कोहरे की चादर में दिल्ली: विजिबिलिटी हुई 'शून्य', प्रदूषण ने फिर डराया, राजधानी में GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू+

    कोहरे की चादर में दिल्ली: विजिबिलिटी हुई 'शून्य', प्रदूषण ने फिर डराया, राजधानी में GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू+


    नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली इस समय दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ जहां रविवार सुबह दिल्ली भीषण कोहरे की सफेद चादर में लिपटी नजर आई, वहीं दूसरी तरफ जानलेवा प्रदूषण के चलते प्रशासन को एक बार फिर सबसे सख्त पाबंदियां यानी GRAP-4 लागू करना पड़ा है। मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक के गंभीर श्रेणी में पहुँचने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कोहरे का कहर सफदरजंग में दृश्यता जीरो रविवार की सुबह दिल्ली के लिए बेहद धुंधली रही। शनिवार रात से शुरू हुआ कोहरा सुबह होते-होते इतना घना हो गया कि सफदरजंग जैसे इलाकों में विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई। पालम में दृश्यता 350 मीटर रही, जबकि अक्षरधाम, डीएनडी और बारापुला जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की दिशा बदलने और नमी के उच्च स्तर 100% के कारण यह स्थिति बनी है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने और केवल बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

    तापमान का खेल: धूप की गर्मी और सुबह की ठिठुरन दिल्ली के मौसम में अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है। शनिवार को दिनभर खिली तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक यानी 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, रात और सुबह की गलन बरकरार है, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 17 से 20 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में थोड़ी वृद्धि होगी और हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन 23 से 26 जनवरी के बीच एक और शीतलहर दस्तक दे सकती है। प्रदूषण का ‘इमरजेंसी’ लेवल: फिर लागू हुआ GRAP-4 हवा की धीमी गति और पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली की आबोहवा फिर से जहरीली हो गई है। शनिवार रात दिल्ली का औसत AQI 428 तक पहुँच गया। स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग CAQM ने 24 दिन बाद फिर से GRAP-4 लागू करने का निर्णय लिया है।

    GRAP-4 के तहत क्या हैं नई पाबंदियां

    ट्रकों पर बैन: आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य सभी भारी वाहनों और ट्रकों के दिल्ली प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। निर्माण कार्य ठप: दिल्ली-एनसीआर में सभी तरह के निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। स्कूलों के लिए निर्देश: कक्षा 6वीं, 7वीं, 8वीं और 11वीं के लिए हाइब्रिड मोड ऑनलाइन ऑफलाइन में पढ़ाई के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक कोहरे और प्रदूषण का यह गठजोड़ दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ाए रखेगा। अधिकारियों ने बुजुर्गों और सांस के मरीजों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।

  • कड़ाके की ठंड ने मचाई परेशानी, ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिन और सर्दी का असर रहेगा

    कड़ाके की ठंड ने मचाई परेशानी, ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिन और सर्दी का असर रहेगा


    भोपाल । मध्य प्रदेश में इस समय कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है, और गुरुवार को कई इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति रही। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह सर्द और शीतल रहेगा। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में घना कोहरा और शीतल दिन बने रहने की संभावना है। इस ठंड का असर फसलों पर भी पड़ सकता है, जिससे पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
    गुरुवार को प्रदेश में खजुराहो में सबसे कम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, शहडोल में भी शीतलहर का प्रभाव देखा गया। ग्वालियर और दतिया में अति घना कोहरा था, जिससे तापमान में गिरावट आई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो उसके न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस से महज 3.3 डिग्री अधिक था, और यह अब तक का सबसे कम दिन का तापमान था। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी सर्दी का असर बना हुआ है। मुरैना, भिंड, श्यौपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर जैसे जिलों में शीतल दिन की स्थिति बनी रही।
    इन इलाकों में सुबह से ही घना कोहरा और सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन के तापमान में अधिक वृद्धि नहीं हो पा रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड के कारण अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही हाल रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, रीवा, और सागर जैसे इलाकों में घना कोहरा और शीतल दिन का असर बने रहने की संभावना है। इसके अलावा, शीतलहर के चलते किसानों के लिए चिंता बढ़ गई है। ठंड के कारण फसलों पर पाले का असर पड़ सकता है, जिससे उत्पादकों को नुकसान होने का खतरा है।
    इस दौरान गेहूं, सरसों और अन्य ठंडी फसलों पर पाले का प्रभाव हो सकता है। इस सर्दी के कारण जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में कैद हो गए हैं, और सड़कों पर भी कम लोग नजर आ रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय सर्दी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने की अपील की है और लोगों से घनी धुंध में गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।

  • इंदौर में सर्द हवाओं से ठिठुरन अगले हफ्ते तक कोहरे और कड़ाके की ठंड का सामना करेंगे शहरवासी

    इंदौर में सर्द हवाओं से ठिठुरन अगले हफ्ते तक कोहरे और कड़ाके की ठंड का सामना करेंगे शहरवासी


    इंदौर । इंदौर में इन दिनों सर्द हवाओं और घने कोहरे ने शहरवासियों को ठिठुरन का अहसास करा दिया है। रविवार की सुबह भी कोहरे ने इंदौर को अपनी चपेट में लिया और शनिवार को भी कोहरा छाया हुआ था जिसके कारण दृश्यता 100 मीटर तक सिमट गई थी। इस घने कोहरे के कारण इंदौर एयरपोर्ट से दो दर्जन उड़ानें प्रभावित हुईं।

    उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के कारण शहरवासियों को दिन और रात दोनों समय ठंडक का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में अगले एक हफ्ते तक कोहरे और शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। 4 से 6 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है।

    वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इंदौर में नमी आ रही है और उत्तरी हवाओं की वजह से ठंडक का असर दिन में भी महसूस हो रहा है। हालांकि तीन दिन बाद हवाओं का रुख पश्चिमी होने से तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। 10 जनवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में बनेगा जिसके प्रभाव से इंदौर का तापमान बढ़ सकता है।

    शुक्रवार रात तीन बजे से शनिवार सुबह 4.30 बजे तक घना कोहरा छाया रहा और इस दौरान दृश्यता 100 मीटर तक सिमट गई। दिन में धूप भी बहुत कम समय के लिए निकली और अधिकांश समय बादल छाए रहे। शनिवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री कम था जबकि न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक था।भोपाल स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों तक इंदौर में शीतलता बरकरार रहेगी। रविवार तक कोहरे का असर जारी रहेगा और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

  • घने कोहरे से उत्तर भारत में हाहाकार यूपी-राजस्थान में बड़े हादसे दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स लेट

    घने कोहरे से उत्तर भारत में हाहाकार यूपी-राजस्थान में बड़े हादसे दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स लेट


    नई दिल्ली । भारत में घने कोहरे के कारण रविवार को जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कोहरे ने न केवल दृश्यता को कम किया बल्कि कई सड़क हादसों को भी जन्म दिया जिनमें कई लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। उत्तर प्रदेश राजस्थान और पंजाब में बड़े सड़क हादसे हुए हैं और दिल्ली एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट्स में देरी की सूचना है।

    उत्तर प्रदेश में बड़े हादसे
    उत्तर प्रदेश में कोहरे के कारण कई बड़े सड़क हादसे हुए हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हमीरपुर के इचौली इलाके में रविवार सुबह करीब नौ बजे एक स्लीपर बस ने एक बोलेरो को टक्कर मार दी। इस हादसे में बोलेरो सवार दो भाइयों सहित चार लोगों की मौत हो गई। दोनों भाई अपनी मां की अस्थियां विसर्जित करने महोबा से प्रयागराज जा रहे थे। इस हादसे में अन्य दो लोग भी घायल हुए हैं जिनका इलाज जारी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 30 से ज्यादा वाहन आपस में टकरा गए जिससे कई लोग घायल हुए और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटनाओं के कारण राज्यभर में यातायात ठप हो गया और कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं।

    राजस्थान और पंजाब में भी हादसे

    राजस्थान और पंजाब में भी कोहरे के कारण बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हुईं। पंजाब में एक कार पुल से गिर गई जिससे उसमें सवार दंपती की मौत हो गई। हादसा सोमवार सुबह हुआ जब कोहरे के कारण वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा और कार पुल से गिर गई। इस हादसे में दंपती की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनका बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है।

    दिल्ली एयरपोर्ट पर देरी
    कोहरे के असर से दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स में देरी हो रही है। खराब दृश्यता के कारण कई उड़ानें लेट हो गई हैं जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार कोहरे के कारण विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ में देरी हो रही है और इस स्थिति में सुधार होने तक फ्लाइट्स की स्थिति अनिश्चित बनी रहेगी।

    मौसम की चेतावनी

    मौसम विभाग ने उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक घने कोहरे की संभावना जताई है। पंजाब उत्तर प्रदेश हरियाणा दिल्ली और राजस्थान में कोहरे के कारण आने वाली दोपहर तक दृश्यता में कमी रह सकती है। यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ड्राइवरों को सतर्क रहने और धीमी गति से गाड़ी चलाने की सलाह दी है।

    उत्तर भारत में घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा हादसों को जन्म दिया है। सड़क सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतना और मौसम की चेतावनियों का पालन करना अत्यंत जरूरी है खासकर इस समय में जब दृश्यता बहुत कम हो जाती है। वहीं दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स में देरी यात्रियों के लिए एक और चुनौती बन गई है। मौसम सुधारने तक यह स्थिति बनी रह सकती है।