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  • Weather: मानसून फिर हुआ सक्रिय…. दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट

    Weather: मानसून फिर हुआ सक्रिय…. दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मौसम विभाग (IMD) ने 14 अगस्त को उत्तर-पश्चिम (North-west), मध्य, पूर्व, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत (South India) के कई इलाकों (Rain) में बारिश का अनुमान जताया है. इस दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rain) हो सकती है. वहीं, कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की आशंका है।

    तटीय पश्चिम बंगाल (Coastal West Bengal) के ऊपर बना डिप्रेशन अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर जा सकता है. इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है. मॉनसून ट्रफ भी सक्रिय है और अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।


    दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में बारिश

    दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 14 अगस्त को ज्यादातर इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुककर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. आने वाले दिनों में भी इन इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है.


    यूपी में 14 से 18 अगस्त तक होगी बारिश

    उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहेगा. पूर्वी यूपी में 14 से 18 अगस्त तक ज्यादातर इलाकों में बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी यूपी में 15 और 16 अगस्त को कई जगहों पर बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. पश्चिमी यूपी में 14 से 18 अगस्त के बीच भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा.


    हिमाचल और उत्तराखंड के लिए भी अलर्ट

    हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 19 अगस्त तक कई से ज्यादातर इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. 14 अगस्त को दोनों राज्यों में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश की भी आशंका है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी मौसम गीला रहने की संभावना है. 14 अगस्त को यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में छिटपुट बारिश हो सकती है.


    मध्य भारत में भी भारी बारिश का दौर

    छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में मॉनसून का असर तेज रहेगा. 14 अगस्त को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर बारिश हो सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई इलाकों में बारिश का अनुमान है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. छत्तीसगढ़ में स्थिति ज्यादा गंभीर रह सकती है. यहां भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है. लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।


    बंगाल, झारखंड और ओडिशा में बारिश

    पूर्वी भारत में गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा 14 अगस्त को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रह सकते हैं. इन राज्यों में कई से ज्यादातर स्थानों पर बारिश होने और कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड को प्रभावित कर सकता है. इन इलाकों में बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज झोंके वाली हवाएं चल सकती हैं. गंगीय पश्चिम बंगाल में थंडरस्क्वॉल की स्थिति भी बन सकती है, जहां हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.


    पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत में भी बारिश

    पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई से ज्यादातर इलाकों में बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश हो सकती है. कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा रहेगा. पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में कई इलाकों में बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र में भी ज्यादातर स्थानों पर बारिश का अनुमान है और कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में छिटपुट से कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है।


    दक्षिण भारत में भी खूब बरसेगा मॉनसून

    दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक और केरल में कई से ज्यादातर इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की आशंका है. आईएमडी के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।

    बंगाल की खाड़ी में समुद्र में रहेगा हलचल
    बंगाल की खाड़ी में भी मौसम खराब रहने की संभावना है. 14 अगस्त की सुबह तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और इससे लगे ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों पर 45-55 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा के झोंकों की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इन क्षेत्रों के आसपास समुद्र के उग्र रहने की आशंका को देखते हुए आईएमडी ने मछुआरों को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल, ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास या समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।

  • MP के पूर्वी हिस्से में आज तेज बारिश के आसार, जबलपुर-रीवा, शहडोल-सागर संभाग में अलर्ट

    MP के पूर्वी हिस्से में आज तेज बारिश के आसार, जबलपुर-रीवा, शहडोल-सागर संभाग में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है।

    वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम, MP में बढ़ी बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दबाव क्षेत्र बना था। यह 13 अगस्त की सुबह डिप्रेशन में बदल गया। फिलहाल यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है।

    इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ सक्रिय रहेगी। इससे मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

    MP में अब तक 20.7 इंच बारिश
    मौसम केंद्र के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 524.8 मिमी यानी 20.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह सामान्य बारिश 23.5 इंच यानी 597 मिमी से 2.8 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में अब तक कुल मिलाकर 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 20% और पश्चिमी हिस्से में 5% कम बारिश दर्ज की गई है।

    पूर्वी MP के कई जिलों में 53% तक कम बारिश
    जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 53% तक कम पानी गिरा है।

    वहीं पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 3% से 47% तक कम बारिश हुई है।

    इन 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 12 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन शामिल हैं।

  • अब MP के पूर्वी हिस्से में बरसेंगे बदरा, जबलपुर-रीवा-शहडोल में कल से 3 दिन भारी बारिश, आज शिवपुरी-श्योपुर में अलर्ट

    अब MP के पूर्वी हिस्से में बरसेंगे बदरा, जबलपुर-रीवा-शहडोल में कल से 3 दिन भारी बारिश, आज शिवपुरी-श्योपुर में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में अच्छी बारिश के बाद अब मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय होने जा रहा है। शुक्रवार से जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट है। इससे पहले गुरुवार को शिवपुरी और श्योपुर में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दोनों जिलों में अगले 24 घंटे में 4 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है।

    वहीं प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    खरगोन में 8.1 इंच बारिश
    पिछले 24 घंटे में खरगोन में प्रदेश में सबसे ज्यादा 8.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। खंडवा में 5.5 इंच और गुना में 4.6 इंच पानी गिरा। भोपाल में 70.6 मिमी यानी 2.8 इंच बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा धार, राजगढ़, शिवपुरी, दतिया, उज्जैन, सीधी और इंदौर समेत प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में तेज बारिश हुई।

    लो प्रेशर और मानसून ट्रफ एक्टिव
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से भी एक ट्रफ गुजर रही है। इसके प्रभाव से पिछले 48 घंटे से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और गुरुवार को भी इसका असर बना रहेगा। आने वाले दिनों में एक और लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर खासतौर पर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिलेगा।

    पूर्वी MP में 19% तक कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 52% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के भी कई जिले पीछे
    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 4% से 46% तक कम बारिश हुई है।

    सिर्फ 12 जिलों में औसत से ज्यादा पानी
    IMD के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के सिर्फ 12 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन शामिल हैं।

  • MP में भारी बारिश का दौर, 4 जिलों में स्कूल बंद, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    MP में भारी बारिश का दौर, 4 जिलों में स्कूल बंद, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है। मानसून सीजन का अब तक का सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम बुधवार को भी एक्टिव रहेगा। इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर संभाग में देखने को मिल सकता है। वहीं भोपाल और उज्जैन संभाग में कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और नदियां उफान पर हैं। बारिश को देखते हुए भोपाल, रायसेन, गुना और खंडवा में बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।

    मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर और उज्जैन संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इससे बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

    527 बाढ़ प्रभावितों का रेस्क्यू
    प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल समेत प्रदेश के आधे हिस्से में तेज बारिश हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति की समीक्षा की और प्रभावित लोगों से भी जानकारी ली। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।

    भोपाल में दो दिन में 8 इंच बारिश
    भोपाल में पिछले दो दिनों में करीब 8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सोमवार और मंगलवार को स्कूल बंद रखे गए थे। लगातार बारिश के कारण करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई रास्तों पर घंटों आवाजाही बाधित रही। कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स तक पानी पहुंच गया। सुरक्षा को देखते हुए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बंद करनी पड़ी।

    राजगढ़ में 9 इंच तक पानी गिरा
    पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले के ब्यावरा में सबसे ज्यादा 9 इंच बारिश दर्ज की गई। खिलचीपुर में 8 इंच, जीरापुर में 7.7 इंच, राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर में 3.7 इंच, पचोर में 3.7 इंच और सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश हुई।

    आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच और आगर शहर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच और शाजापुर शहर में 3.4 इंच, गुना के कुंभराज में 3.7 इंच, मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच तथा उज्जैन के महिदपुर और माकड़ोन में ढाई-ढाई इंच बारिश हुई।

    इंदौर क्षेत्र में लो प्रेशर और मानसून ट्रफ एक्टिव
    मौसम विभाग के अनुसार इंदौर क्षेत्र में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से से भी एक ट्रफ गुजर रही है। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 72 घंटे से बारिश हो रही है और बुधवार को भी इसका असर बना रहेगा।

    12 अगस्त के आसपास फिर बन सकता है लो प्रेशर
    मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवातीय सिस्टम सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए अगले चार दिन महत्वपूर्ण रहेंगे।

    खंडवा में रातभर बारिश, स्कूल बंद
    खंडवा में रातभर हुई मूसलधार बारिश के बाद प्रशासन ने बुधवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया। प्रदेश के अन्य प्रभावित जिलों में भी प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

  • एमपी में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का असर लगातार देखने को मिल रहा है। मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से पिछले दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। राजधानी भोपाल में 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई कॉलोनियों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। नदियों और नालों के उफान पर आने से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा।

    भारी बारिश का असर सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला और राजगढ़ जिलों में भी देखने को मिला। राजगढ़ के ब्यावरा क्षेत्र में रेलवे अंडरपास में पानी भरने से करीब 25 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। विदिशा में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं राजगढ़ में नाले में एक ईको वैन बह जाने से तीन बच्चों और दो महिलाओं सहित नौ लोगों की मौत हो गई।

    सीहोर जिले में भीलाखेड़ी नदी के पास एक मकान में एक ही परिवार के 10 लोग पानी से घिर गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना है।

    नदियां उफान पर, कई पुल डूबे
    रायसेन जिले में लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। सांची रोड स्थित पगनेश्वर क्षेत्र और भोपाल रोड पर जाखा बेतवा नदी के छोटे पुल पानी में डूब गए। कई इलाकों में पानी खेतों तक पहुंच गया। मंगलवार सुबह तक जिले में रुक-रुककर बारिश जारी रही।

    बारिश की स्थिति को देखते हुए भोपाल और आगर-मालवा जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।

  • MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बूंदाबांदी की संभावना

    MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बूंदाबांदी की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊपर से मानसून ट्रफ गुजर रही है, जिसके चलते रविवार को प्रदेश के तीन जिलों दतिया, रीवा और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

    मौसम केंद्र के अनुसार, 8 अगस्त से पश्चिमी बंगाल और आसपास के राज्यों में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से लो प्रेशर एरिया बन गया है। इसके आने वाले दिनों में और मजबूत होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    शनिवार को नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा बारिश
    शनिवार को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हुई। नरसिंहपुर में 3 इंच, श्योपुर में 2.8 इंच और रीवा में 2.2 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा शिवपुरी, सीधी, नर्मदापुरम, बालाघाट, छतरपुर, सागर, गुना, रायसेन, मंडला, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़, उमरिया, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सतना और शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश हुई।

    शिवपुरी में उफान पर नदी-नाले, कई गांवों में घुसा पानी
    शिवपुरी जिले में शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए। पिछोर क्षेत्र में रात 1 से 3 बजे के बीच हुई भारी बारिश से महुअर नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते खोड़-पिछोर मार्ग बंद हो गया और गुरुकुदवाया समेत कई गांवों में पानी घुस गया। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

    रविवार को इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश की संभावना है। इनके अलावा दतिया, रीवा और सीधी में ही रविवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    MP में अब तक 20% कम बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 17.2 इंच बारिश हुई है, जबकि औसत बारिश 21.5 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक 4.3 इंच यानी 20% कम बारिश दर्ज की गई है। क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 23% और पश्चिमी हिस्से में 18% कम बारिश हुई है।

    50 जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कई जिलों में 5% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया शामिल हैं।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में भी औसत से कम बारिश हुई है।

    सिर्फ 5 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में ही अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

  • MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार

    MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की बेरुखी के बीच शनिवार को पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन तीनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के 52 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है।

    IMD के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 16.8 इंच (426.6 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 21 इंच (533.6 मिमी) पानी गिरना चाहिए था। इस तरह प्रदेश में 4.2 इंच यानी 20% बारिश कम हुई है। सीजन में अब तक हुई बारिश सामान्य कोटे की आधी भी नहीं है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है।

    दतिया में 24 घंटे में 3.5 इंच बारिश
    शुक्रवार को दतिया में बारिश ने जोरदार दस्तक दी। यहां सुबह महज 4 घंटे में करीब 1.57 इंच (40 मिमी) बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि 24 घंटे में कुल 3.5 इंच पानी बरसा। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिसके बाद स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी।

    भांडेर और सेवढ़ा ब्लॉक में कक्षा 8वीं से ऊपर के स्कूलों को लेकर फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संस्था प्रमुखों पर छोड़ दिया गया है। रायसेन में भी शुक्रवार सुबह करीब 15 मिनट तेज बारिश हुई। इसके बाद रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया।

    सीधी में सोन नदी के पुल पर पानी, 40 गांवों का संपर्क प्रभावित
    सीधी जिले के भंवरसेन घाट पर शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद सोन नदी के पुल पर पानी भर गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुल को बंद कर दिया गया, जिससे करीब 40 गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया।

    भंवरसेन पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर भी खिसककर सड़क पर आ रहे हैं। इससे मार्ग पर हादसे का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा खरगोन, सतना, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और रायसेन समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    पूर्वी MP में 23% कम बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में अब तक 23% कम बारिश हुई है। इन संभागों का कोई भी जिला औसत से आगे नहीं है।

    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 48% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा माइनस में
    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग वाले पश्चिमी हिस्से में भी औसत से 17% कम बारिश हुई है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन 6 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिस्से के सिर्फ ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश हुई है। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।

  • MP के 48 जिलों में सूखे जैसे हालात, 46% तक कम बारिश, जबलपुर में धान के खेतों में पड़ी दरारें

    MP के 48 जिलों में सूखे जैसे हालात, 46% तक कम बारिश, जबलपुर में धान के खेतों में पड़ी दरारें


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसूनी सीजन में कम बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। प्रदेश के 55 में से 48 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। इन जिलों में सामान्य से 1 से 46 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की कमी का असर जलस्रोतों के साथ-साथ खरीफ फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। जबलपुर में धान के खेतों में दरारें पड़ गई हैं, जबकि उज्जैन संभाग में सोयाबीन की फसल पर इल्ली का असर देखा जा रहा है।

    हालांकि, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई है। इससे बारिश की कमी कुछ हद तक दूर होने की उम्मीद है।

    पूर्वी MP में 23% कम बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में बारिश की कमी 1 से 46 प्रतिशत तक है।

    वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में औसत से 16 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी बारिश सामान्य से कम रही है।

    सिर्फ 7 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    प्रदेश में केवल बड़वानी, ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 39 इंच तक मानी जाती है।

    धान और सोयाबीन की फसल पर असर
    कम बारिश वाले क्षेत्रों में खरीफ सीजन की प्रमुख फसल सोयाबीन, धान और मक्का है। सब्जियों की खेती भी होती है, लेकिन बारिश की कमी से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

    जबलपुर के पाटन क्षेत्र में धान के खेतों में नमी की कमी के कारण दरारें पड़ने लगी हैं। यहां अब तक करीब 16.3 इंच बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक 23.6 इंच बारिश होनी चाहिए थी।

    उज्जैन संभाग में भी सोयाबीन की फसल पर इल्ली का असर सामने आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कम बारिश के बीच फसल में कीट प्रकोप ने परेशानी और बढ़ा दी है।

    अगले 3 दिन बारिश की उम्मीद
    मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में प्रदेश के उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, टीकमगढ़, छतरपुर और सागर में भारी बारिश का अलर्ट है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश होने की संभावना है।

    अब तक 19% बारिश कम
    मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 16.3 इंच (419.5 मिमी) बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक 20.5 इंच (519.8 मिमी) पानी गिरना चाहिए था। इस लिहाज से प्रदेश में करीब 4.2 इंच यानी 19 प्रतिशत बारिश कम हुई है। बारिश की यह कमी अब जलस्रोतों के साथ खेती पर भी साफ दिखाई देने लगी है।

  • एमपी में बारिश का बड़ा संकट, 49 जिले औसत से पीछे, अगले 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में बारिश का बड़ा संकट, 49 जिले औसत से पीछे, अगले 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। सीजन में अब तक प्रदेश में औसतन 16.3 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम है। लगातार कम बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। 55 में से 49 जिले औसत वर्षा से पीछे हैं, जबकि केवल छह जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    राजधानी भोपाल सहित जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिले सामान्य वर्षा से नीचे हैं। वहीं इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के सिर्फ छह जिलों में औसत से अधिक बारिश हुई है।

    बड़े शहरों का हाल
    प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर ही ऐसा शहर है, जहां सामान्य से 7 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके विपरीत भोपाल में 7 प्रतिशत, इंदौर में 2 प्रतिशत, उज्जैन में 14 प्रतिशत और जबलपुर में 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।

    अगले तीन दिन भारी बारिश के आसार
    मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों में प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। यदि सक्रिय मौसम प्रणालियां मजबूत रहीं तो वर्षा के आंकड़ों में सुधार हो सकता है। गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

    पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी बारिश
    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे कई इलाकों में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद है।

    कोटे की आधी बारिश भी नहीं
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 413.3 मिमी (16.3 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 507.2 मिमी (20 इंच) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में करीब 19 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। लगातार कम बारिश के चलते खरीफ फसलों और जल स्रोतों पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

  • MP में बारिश 15% कम, 42 जिलों में औसत से कम गिरा पानी, 5 अगस्त से फिर बदलेगा मौसम

    MP में बारिश 15% कम, 42 जिलों में औसत से कम गिरा पानी, 5 अगस्त से फिर बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अभी भी सामान्य से पीछे चल रही है। प्रदेश में अब तक औसतन 15.8 इंच (401.9 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 18.5 इंच (470.5 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। राजधानी भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत 42 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 19 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। रविवार को केवल सीहोर जिले में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने से वर्षा के आंकड़ों में खास सुधार नहीं हुआ।

    42 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम
    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां औसत से अधिक वर्षा हो चुकी है।

    सिस्टम सक्रिय, लेकिन असर कमजोर
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ और दो अन्य मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, लेकिन उनकी तीव्रता कम होने के कारण पिछले दो दिनों से भारी बारिश का दौर थम गया है। अगले दो दिन भी अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि कहीं भी भारी वर्षा का अलर्ट नहीं है।

    5 अगस्त से फिर तेज बारिश के आसार
    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 4 अगस्त से नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 5 अगस्त से मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।