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  • एमपी के 50 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 2 जुलाई से नया सिस्टम होगा सक्रिय

    एमपी के 50 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 2 जुलाई से नया सिस्टम होगा सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, जिन 15 जिलों में मानसून पहुंच चुका है, उनमें से बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में चार इंच तक बारिश हो सकती है।

    2 जुलाई से और तेज होगा बारिश का दौर

    मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई से प्रदेश में एक नया मौसम तंत्र (वेदर सिस्टम) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

    इन 50 जिलों में बारिश की चेतावनी

    मौसम केंद्र, भोपाल ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित अन्य जिलों में बारिश की संभावना जताई है।

    इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    सोमवार को कई जिलों में हुई अच्छी बारिश

    सोमवार को इंदौर, गुना, बालाघाट, शिवपुरी, जबलपुर, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, सीधी, खंडवा, सीहोर और देवास समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बालाघाट में डेढ़ इंच से अधिक वर्षा हुई, जबकि शिवपुरी में करीब पौन इंच और जबलपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से कई जिलों में लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि कुछ इलाकों में तापमान अब भी ऊंचा बना हुआ है।

    कुछ शहरों में अब भी गर्मी का असर

    खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा नौगांव में 40.5 डिग्री और ग्वालियर में 40.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं भोपाल में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री, इंदौर में 33.2 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर खंडवा, सिवनी, बैतूल, खरगोन, पचमढ़ी, धार, छिंदवाड़ा और गुना में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा।

  • MP के 6 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, 40 जिलों में अब भी नहीं पहुंचा मानसून

    MP के 6 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, 40 जिलों में अब भी नहीं पहुंचा मानसून


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थमी हुई है। प्रदेश के केवल 15 जिलों तक ही मानसून पहुंच पाया है, जबकि 40 जिलों में अब भी इसकी दस्तक का इंतजार है। इसी बीच मौसम विभाग ने सोमवार को उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम केंद्र (IMD) ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, नीमच और मंदसौर में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि इन जिलों में अभी तक मानसून नहीं पहुंचा है।

    रविवार को कई जिलों में हुई बारिश
    रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। मंदसौर और रतलाम में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में आधा इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा गुना, श्योपुर, बड़वानी, शाजापुर, सीहोर, उज्जैन और छतरपुर सहित कई जिलों में भी बारिश हुई।

    मानसून की रफ्तार थमी, 40 जिले अब भी इंतजार में
    मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को मध्य प्रदेश में मानसून ने प्रवेश किया था। इसके बाद अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी सहित 15 जिलों में इसकी आधिकारिक दस्तक दर्ज की गई। इसके बाद मानसून आगे नहीं बढ़ सका और एक ही स्थान पर ठहर गया है। प्रदेश में जून महीने के दौरान अब तक सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    नौगांव सबसे गर्म, खंडवा सबसे ठंडा
    बारिश के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में उज्जैन का अधिकतम तापमान सबसे कम 33.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में 33.8 डिग्री, भोपाल में 34.6 डिग्री, जबलपुर में 38.3 डिग्री और ग्वालियर में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश में सबसे कम अधिकतम तापमान खंडवा में 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खरगोन में 30.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 32.1 डिग्री, पचमढ़ी में 32.6 डिग्री, रतलाम में 33.2 डिग्री, सिवनी में 33.4 डिग्री, रायसेन में 33.6 डिग्री, बैतूल में 34 डिग्री और धार में 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, नौगांव सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    गर्मी का असर अब भी बरकरार
    मानसून की धीमी रफ्तार के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में उमस और गर्मी बनी हुई है। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में दिन और रात दोनों समय तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज होने पर प्रदेश के शेष हिस्सों में भी इसकी प्रगति हो सकती है।

  • एमपी के 45 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 3-4 दिन में मानसून आगे बढ़ने के आसार

    एमपी के 45 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 3-4 दिन में मानसून आगे बढ़ने के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून 15 जिलों तक पहुंचने के बाद ठहर गया है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। रविवार को भोपाल समेत 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर में आंधी और बारिश की संभावना है।

    वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में हल्की बारिश के आसार हैं। इन जिलों में दिन के समय धूप रहने की संभावना है, लेकिन शाम के बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है।

    ग्वालियर-चंबल में अब भी गर्मी का असर

    ग्वालियर-चंबल संभाग सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून अभी तक नहीं पहुंचा है। इसके चलते यहां गर्मी का असर बना हुआ है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है।

    भोपाल समेत कई जिलों में बारिश का असर

    शनिवार रात राजधानी भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। उधर, शिवपुरी में मानसून की पहली तेज बारिश और आंधी ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। रतलाम में भारी बारिश से सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न हो गए, जबकि झाबुआ में भी कई इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। विदिशा में दिनभर की उमस और गर्मी के बाद शाम को गरज-चमक के साथ बारिश होने से लोगों को राहत मिली।

    सामान्य से अब भी 41 फीसदी कम बारिश

    प्रदेश में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में चार इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जिससे प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 107.3 मिमी (4.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 63.5 मिमी (2.5 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 41 प्रतिशत कम है।

    हालांकि, 24 जून तक बारिश की कमी 50 प्रतिशत थी, जिसमें अब 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में औसत से 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में वर्षा की कमी घटकर 16 प्रतिशत रह गई है।

  • एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत

    एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम के तेवर फिलहाल राहत देने वाले नहीं हैं। प्रदेश में 26 जून तक लू, उमस भरी गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। मानसून की एंट्री में देरी और प्री-मानसून गतिविधियों के कमजोर पड़ने से गर्मी का प्रभाव बढ़ गया है। पिछले दो दिनों से जबलपुर संभाग के कई इलाकों में हीटवेव का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों के लिए अगले चार दिनों तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन के समय गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि शाम के बाद कुछ क्षेत्रों में आंधी और बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भी गर्मी का असर बना रहने का अनुमान है।


    21 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश की संभावना

    हीटवेव और गर्मी के बीच प्रदेश के 21 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का दौर भी जारी रह सकता है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

    रायसेन में सबसे ज्यादा बारिश
    रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। रायसेन में 61 मिमी यानी करीब ढाई इंच बारिश हुई। भोपाल में दोपहर के समय जोरदार बारिश हुई, जबकि सतना में लगभग पौन इंच पानी गिरा। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव और सिवनी में भी बारिश का सिलसिला बना रहा।

    तापमान में आई गिरावट
    बारिश के असर से रविवार को अधिकतम तापमान में कुछ कमी दर्ज की गई। भोपाल में तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं सिवनी और शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री तथा सागर और टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दतिया प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    मानसून की दस्तक में अभी और इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून निर्धारित समय से करीब सात दिन देरी से चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून को प्रदेश में प्रवेश करने में अभी लगभग चार दिन और लग सकते हैं। अनुमान है कि 25 जून के बाद मानसून प्रदेश में दस्तक देगा। वहीं 23 जून तक इसके छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ने की संभावना है।

  • आज का मौसम: गर्मी के बीच राहत की उम्मीद, शाम को बदल सकता है मौसम का मिजाज

    आज का मौसम: गर्मी के बीच राहत की उम्मीद, शाम को बदल सकता है मौसम का मिजाज


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में आज मौसम मिला-जुला रहने का अनुमान है। सुबह से ही तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है, जबकि दोपहर के बाद मौसम करवट ले सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने लगी हैं, जिसके चलते कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    बीते दिनों भोपाल में हुई छिटपुट बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी थी। सोमवार को दिनभर गर्म और उमसभरा मौसम रहने के बाद शाम को हुई बारिश ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई। मौसम विभाग का मानना है कि ऐसी परिस्थितियां आज भी देखने को मिल सकती हैं।

    आज दिन का अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, लेकिन दोपहर बाद बादलों का असर बढ़ सकता है।

    प्री-मानसून गतिविधियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है, जिससे उमस महसूस होगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की प्रगति के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। फिलहाल लोगों को गर्मी और उमस के बीच राहत के लिए शाम के मौसम का इंतजार करना पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय तेज धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति में सतर्क रहें। गरज-चमक की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए।

    कुल मिलाकर आज का दिन गर्मी और उमस के साथ शुरू होगा, लेकिन शाम होते-होते बादल और हल्की बारिश मौसम को सुहावना बना सकते हैं। ऐसे में किसानों से लेकर आम नागरिकों तक सभी की नजरें आसमान पर टिकी रहेंगी, क्योंकि मानसून की दस्तक अब ज्यादा दूर नहीं दिख रही है।

  • आसमान से बरस रही आग: कई राज्यों में भीषण गर्मी का प्रकोप, लू से बेहाल लोग, मानसून बनने लगा उम्मीद

    आसमान से बरस रही आग: कई राज्यों में भीषण गर्मी का प्रकोप, लू से बेहाल लोग, मानसून बनने लगा उम्मीद

    नई दिल्ली। देशभर में गर्मी का असर अब अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। उत्तर से लेकर मध्य भारत तक कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को भीषण गर्मी के साथ लू की मार झेलनी पड़ रही है। मई के अंतिम दिनों में मौसम की यह स्थिति आम जनजीवन पर गंभीर असर डाल रही है। कई शहरों की सड़कें दोपहर के समय सूनी नजर आने लगी हैं, जबकि तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों को घरों के भीतर रहने पर मजबूर कर दिया है।

    महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी इलाके ने इस बार गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कई अन्य राज्यों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच चुका है। गर्म हवाओं और तेज धूप ने हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है। दोपहर के समय लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    मध्य भारत के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र के कई इलाकों में लू की स्थिति अभी कुछ दिन और बनी रह सकती है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में भी तेज गर्म हवाएं चलने की आशंका बनी हुई है। कुछ स्थानों पर भीषण लू जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना भी जताई जा रही है। लगातार बढ़ती गर्मी ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

    पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी गर्मी लोगों की परीक्षा ले रही है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। वहीं तटीय इलाकों में गर्मी के साथ उमस लोगों की परेशानी को दोगुना कर सकती है। ऐसे हालात में लोगों को पर्याप्त पानी पीने और तेज धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।

    हालांकि इस भीषण गर्मी के बीच लोगों के लिए राहत की उम्मीद अब मानसून से जुड़ी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और इसके केरल पहुंचने की संभावना अगले कुछ दिनों में जताई जा रही है। यदि मानसून तय समय के आसपास सक्रिय होता है तो देश के कई हिस्सों को तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। इसके साथ ही दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बनने की संभावना भी बनी हुई है।

    फिलहाल देश के करोड़ों लोगों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हुई हैं। एक ओर जहां गर्मी अपने चरम पर है, वहीं दूसरी ओर मानसून की पहली बारिश राहत की सबसे बड़ी उम्मीद बनती जा रही है। आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

  • Weather: केरल में इस दिन दस्तक देगा मानसून, दक्षिण में भारी और उत्तर-मध्य में सामान्य से कम बारिश का अनुमान

    Weather: केरल में इस दिन दस्तक देगा मानसून, दक्षिण में भारी और उत्तर-मध्य में सामान्य से कम बारिश का अनुमान


    नई दिल्ली।
    इस मानसून सत्र (Monsoon Session) में देश के लगभग आधे हिस्से, उत्तर और मध्य भारत (North and Central India) में भीषण सूखा पड़ने की आशंका है। जून से सितंबर के बीच होने वाली मानसूनी बारिश (Monsoon Rains) के भी सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इसका प्रमुख कारण प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में बन रहा शक्तिशाली अल नीनो है। इसकी वजह से दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में भीषण बाढ़ का खतरा भी है। कृषि प्रधान भारत के लिए मानसून की यह स्थिति बहुत भयावह है, जो बहुत हद तक मानसूनी वर्षा पर निर्भर है।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अल नीनो तेजी से आकार ले रहा है। भारत के लिए अल नीनो हमेशा से ही खराब रहा है। इस बार मजबूत अल नीनो बन रहा है, जिसका भयावह परिणाम हो सकता है। मजबूत अल नीनो दक्षिण पश्चिम मानसून की हवाओं को कमजोर कर देता है। इसका नतीजा यह होता है कि देश के अधिकांश हिस्से में बारिश कम होती है और सूखे जैसे हालात पैदा हो जाता हैं। इस बार उत्तर और मध्य भारत में कुछ ऐसी ही स्थिति की आशंका है। दूसरी तरफ, तमिनलाडु, आंध्र प्रदेश जैसे तटीय राज्यों में तबाही वाली बढ़ आ सकती है। आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार सामान्य तिथि से करीब चार दिन पहले, यानी 26 मई के आसपास केरल तट पर दस्तक दे सकता है। शनिवार को यह दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान- निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ा है। इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।


    यूपी, हरियाणा-पंजाब में सबसे ज्यादा असर

    शक्तिशाली अल नीनो का सबसे अधिक उत्तर और मध्य भारत पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। पश्चिम भारत के कुछ हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं। इनमें पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे कृषि प्रधान राज्यों पर बुरा असर पड़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर के लिए गर्मी और सूखे के दोहरे संकट का सामना करना पड़ सकता है।

    मानसूनी बारिश कम होने से प्रमुख फसलों को नुकसान हो सकता है। इससे खाद्य पदार्थों की कीमतों, बिजली आपूर्ति और ग्रामीण आय पर दबाव बढ़ सकता है। भारत की वार्षिक वर्षा का लगभग 70 फीसदी मानसून से आता है और लगभग आधी आबादी कृषि पर निर्भर है, ऐसे में कम बारिश वाला वर्ष भी व्यापक आर्थिक प्रभाव डाल सकता है।


    आईओडी कम कर सकता है असर

    इस भयावह आशंका के बीच इंडियन ओशन डिपोल’ (आईओडी) के रूप में एक उम्मीद की किरण भी नजर आ रही है। जलवायु मॉडल के अनुसार मानसून के आखिरी महीनों में आईओडी सकाकात्मक हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक कम कर सकता है। मानसूनी हवाओं को थोड़ी मजबूती मिल सकती है जिससे कुछ इलाकों में बारिश की वापसी संभव है।


    लू घोषित करने के मापदंडों में बदलाव करेगा आईएमडी

    आईएमडी अपने विशेषज्ञों के साथ मिलकर जल्द ही देश में लू की स्थिति घोषित करने के मानदंडों में संशोधन करेगा। मौजूदा मापदंड भारत की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हैं। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इस गर्मी के मौसम में लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा तथा पहली बार कर्नाटक-महाराष्ट्र तट के पास बने चक्रवाती तंत्र के आधार पर मौसम पूर्वानुमान जारी किए गए। इससे पहले कभी भी दक्षिण के इतने करीब कोई चक्रवाती तंत्र नहीं बना था और इस बार हमें इसी के आधार पर मौसम का पूर्वानुमान लगाना पड़ा।


    870 मिलीमीटर होनी चाहिए औसत बारिश

    आईएमडी के पूर्वानुमान एक अनुसार, इस साल मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत (एलपीए) के केवल 92 फीसदी होने की संभावना है। एलपीए का यह स्तर सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में आता है। साल 1971 से 2020 के डाटा के आधार पर भारत में औसत बारिश 870 मिलीमीटर होनी चाहिए, लेकिन इस बार इससे कम बारिश होने की आशंका है। आंकड़ों के मुताबिक इस बार सूखे की स्थिति बनने की संभावना 35% है। यह सामान्य वर्षों की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। जून या जुलाई में अल नीनो के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है।


    44.8 डिग्री पर तपा बांदा

    उत्तर प्रदेश में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। शनिवार को राज्य में अधिकतम स्थानों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही रहा। बांदा में सबसे अधिक तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, झांसी में 44.1 डिग्री, प्रयागराज में 44 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा। आगरा में 43 डिग्री सेल्सियस, गाजीपुर में 42 डिग्री सेल्सियस और वाराणसी हवाई अड्डे पर 41.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया।

  • मौसम 17 मई: 19 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 km/h तक हवाएं; IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट

    मौसम 17 मई: 19 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 km/h तक हवाएं; IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 17 मई के लिए देश के मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, अगले 12 से 24 घंटों में देश के 19 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    IMD ने बताया कि मध्य उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जबकि दक्षिणी राजस्थान के ऊपर भी एक और वायु परिसंचरण बना हुआ है। इन्हीं मौसमी सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में मौसम तेजी से बदल रहा है।


    इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
    मौसम विभाग के अनुसार बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी बारिश और तेज आंधी का अनुमान है।

    इन राज्यों में कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

    दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश का मौसम
    दिल्ली में 17 मई को मौसम शुष्क और गर्म रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। लू चलने की भी संभावना है।

    उत्तर प्रदेश में भी ज्यादातर जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर रहेगा। नोएडा, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और आसपास के इलाकों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं परेशान कर सकती हैं। लखनऊ में तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।

    बिहार और झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी
    बिहार में गया, पटना, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और अन्य जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। कई जगहों पर बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है।

    झारखंड में रांची, धनबाद, बोकारो, दुमका और अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।

    उत्तराखंड और हिमाचल में मौसम बदलेगा
    उत्तराखंड के नैनीताल, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चंपावत और अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। वहीं हिमाचल प्रदेश में बादल छाए रहने और तेज हवा चलने की संभावना है।

    पश्चिम और दक्षिण भारत का हाल
    राजस्थान और पंजाब में भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहेगा। कुछ जगहों पर धूल भरी आंधी चल सकती है। वहीं केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

    IMD के अनुसार देश का मौसम इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है—एक तरफ कई राज्यों में बारिश और आंधी का असर, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

  • मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट

    मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में भीषण गर्मी (Severe Heat) लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण के कई राज्यों में बारिश (Rain), आंधी (Storm ) और बिजली गिरने (Lightning.) की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों तक तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।


    पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज

    आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी भी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बना हुआ है, जबकि 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को फिर प्रभावित कर सकता है। राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की तेज गर्मी का संकेत माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में मौसम कुछ समय के लिए राहतभरा बना हुआ था, लेकिन अब राजधानी में फिर तेज गर्मी लौटने के संकेत हैं।


    अगले तीन दिनों के लिए मौसम विभाग का अनुमान

    मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। इसके कारण दिन के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।

    बिहार में आंधी-तूफान से सात की मौत
    बिहार में वज्रपात और भीषण आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग जिलों में सात लोगों की जान चली गई। हादसों की जानकारी के अनुसार, वज्रपात की घटनाओं में भोजपुर, पटना, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में एक-एक व्यक्ति की जान गई। वहीं आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने से पटना में दो और वैशाली में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह राशि तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

  • Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप

    Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले कई दिनों से जारी आंधी-बारिश (Storm and Rain) और ओलों (Hail) का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। मौसम का यह राहत भरा फेज अब तेजी से बदल रहा है और प्रदेश एक बार फिर झुलसाने वाली गर्मी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department.) के अनुसार, शुक्रवार से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।


    9 दिन बाद खत्म हुआ राहत वाला दौर

    अप्रैल की शुरुआत इस बार अलग रही। जहां आमतौर पर इस समय तक तेज गर्मी पड़ने लगती है, वहीं इस साल 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलों का असर बना रहा। लगातार एक्टिव रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस ने गर्मी पर ब्रेक लगा दिया था। गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई।


    अब 5 दिन नहीं होगी बारिश

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये सिस्टम कमजोर पड़ चुके हैं। शुक्रवार से मौसम साफ रहेगा और अगले पांच दिन तक प्रदेश में कहीं भी बारिश के आसार नहीं हैं। यानी पूरा प्रदेश ड्राई जोन में रहेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा।


    15 अप्रैल को नया सिस्टम, असर कम

    मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, लेकिन इसका असर मध्यप्रदेश में सीमित ही रहेगा। ऐसे में गर्मी से राहत की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।मौसम विभाग मानता है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई सबसे महत्वपूर्ण महीने हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बाद में मौसम बदलने से गर्मी की रफ्तार थम गई थी।


    बार-बार बदला मौसम, फसलों को नुकसान

    इस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुईं। मार्च के आखिरी और अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम अब अपने पुराने ट्रेंड पर लौट रहा है। बारिश का दौर थमते ही तेज धूप और गर्म हवाएं असर दिखाने लगेंगी। आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति भी बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।