Tag: weather

  • देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट

    देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में मौसम (Weather) में अचानक बदलाव आया है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR.) समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में जहां बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश (Rain) के साथ बर्फबारी (Snowfall) भी दर्ज की गई है। इससे बढ़ते तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्से में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। अगले दो दिन मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं और मैदानी राज्यों में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।

    दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बादल छाए रहे और शाम होते-होते झमाझम बौछारें पड़ने लगीं। कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं और भारी बारिश दर्ज की गई। इससे बढ़ते तापमान और उमस भरे मौसम से काफी राहत मिली। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 20 मार्च तक गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने और 50 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के बाद पारा 4-6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।


    खराब मौसम से 22 उड़ानों का मार्ग बदला

    दिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम का असर यातायात पर पड़ा। शाम के वक्त बारिश होने से कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ानें प्रभावित हुईं। बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई 22 उड़ानों की लैंडिंग नहीं हो सकी और उन्हें दूसरे शहरों में भेजना पड़ा।

    अरुणाचल से तमिलनाडु तक भारी बारिश…अरुणाचल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि हुई। असम और मेघालय, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, मराठवाड़ा और अरुणाचल में छिटपुट स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हुई।विदर्भ, गुजरात, कोंकण, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में छिटपुट स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।


    हिमाचल-कश्मीर में चोटियों पर हिमपात

    हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंडाई वाले इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। हिमाचल में कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। हिमपात के चलते अटल टनल के लिए यातायात बंद कर दिया गया। जम्मू संभाग में हिमपात के चलते किश्तवाड़ से कश्मीर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सिंथन टॉप मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में बारिश हुई। गुलमर्ग समेत कश्मीर घाटी के अन्य ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई। खराब मौसम के कारण मां वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा दिनभर बंद रही। लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं।


    पंजाब-हरियाणा में भी बारिश

    पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे गिर गया। पंजाब के अमृतसर, पठानकोट, पटियाला, लुधियाना और हरियाणा के हिसार, नारनौल, भिवानी और चरखी दादरी में बारिश हुई। अमृतसर में अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री कम है। हरियाणा में अंबाला, हिसार, करनाल और नारनौल में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है।

    मौसम का पूर्वानुमान
    मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 19 और 20 मार्च को, पश्चिमी राजस्थान में 20 मार्च को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक छिटपुट गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में 20 मार्च तक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 20 और 21 मार्च को छिटपुट बारिश होने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

  • देश में फिर बदला मौसम…. कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से गिरा पारा, आज भी अलर्ट…

    देश में फिर बदला मौसम…. कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से गिरा पारा, आज भी अलर्ट…


    नई दिल्ली ।
    उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में मौसम ने एक बार फिर करवट की है। हिमालयी क्षेत्रों में ऊंची चोटियों पर हिमपात और घाटियों व आसपास के मैदानी इलाकों में गरज के साथ बारिश (Rain), तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने से तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे सटे आसपास के मैदानी इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय (Western Disturbance Active) हो रहा है, जिसके चलते 18 से 20 मार्च के दौरान इन इलाकों में बारिश और तूफानी हवाओं के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के सोमवार सुबह 8:30 बजे तक आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वोत्तर के राज्यों और झारखंड में छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि हुई।

    उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-20 सेमी) दर्ज की गई है। अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) हुई। बंगाल के कोलकाता और मालद में कुछ जगहों पर 50-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं।


    जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी में फंसे 235 लोग निकाले

    जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ के सिंथन टॉप पर रविवार रात भारी बर्फबारी में फंसे 235 लोगों और 38 गाड़ियों को सेना ने सुरक्षित निकाला लिया है। व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने लोगों को गर्म खाना, पीने का पानी और रहने की जगह भी दी। वहीं, डांगदुरु में भूस्खलन के बाद से लापता व्यक्ति का सुराग सोमवार को भी नहीं लग पाया है। बचाव कार्य जारी है।


    उत्तराखंड में ठंड ने फिर दी दस्तक

    उत्तराखंड के सीमांत जनपदों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। रविवार रात ऊंची चोटियों पर जहां भारी हिमपात हुआ वहीं निचले इलाकों में बादलों के गरजने के साथ हुई झमाझम बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। मुनस्यारी के खलिया टॉप, पंचाचूली, हंसलिंग, नाग्निधुरा और छिपलाकेदार की पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है।


    लाहौल से 10 हजार पर्यटक निकाले

    हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। मनाली-लेह मार्ग पर 1,500 वाहनों में फंसे 10 हजार सैलानी और स्थानीय लोग रोहतांग टनल होकर सुरक्षित निकाल लिए गए हैं। रविवार को रातभर कड़ाके की ठंड के बीच लोगों को गाड़ियों में ही रहना पड़ा।

  • मौसम ने फिर ने बदली करवट, दिल्ली में सुबह-सुबह झमाझम बारिश…. कई राज्यों में छाए बादल

    मौसम ने फिर ने बदली करवट, दिल्ली में सुबह-सुबह झमाझम बारिश…. कई राज्यों में छाए बादल

    rain 

    नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) और इसके आसपास के शहरों में आज सुबह बारिश (Rain) हुई है। इसके कारण लोगों को गर्मी से राहत (Heat Recovery) मिली है। एनसीआर के अलावा, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब सहित कई राज्यों में बादल छाए हुए हैं। इसकी वजह से गर्मी के महीने में बढ़ती गर्मी पर ब्रेक लगा है। तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। आपको बता दें कि इससे पहले आईएमडी (IMD) ने रविवार के लिए दिल्ली में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

    आईएमडी ने दिल्ली में सुबह हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने और गरज के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। इससे तापमान में और अधिक गिरावट आने की संभावना है।


    बिहार-बंगाल में भी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के 18 मार्च तक अलग-अलग जगहों पर बारिश के आसार है। इस दौरान आंधी और तेज हवाओं की भी संभावना है।इस दौरान कुछ स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा, ”पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण मध्य पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब तथा हरियाणा के ऊपर चक्रवाती गतिविधि विकसित हो गई है। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान बारिश होने की संभावना है। यह इस मौसम की पहली मानसून-पूर्व बारिश मानी जा रही है, जो सामान्य से लगभग 10 दिन पहले आ रही है।” पलावत ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ और पिछले कुछ दिन से शहर में अनुभव किए जा रहे अधिक तापमान के संयोजन से यह तूफान आगे बढ़ा है।


    राजस्थान में भी तेज गर्मी से लोगों को राहत

    पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में अगले सप्‍ताह अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने से लोगों के लिए तेज गर्मी से राहत की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान बाड़मेर में 39.0 डिग्री सेल्सियस, चित्तौड़गढ़ में 38.8 डिग्री, फलोदी में 38.4 डिग्री, जैसलमेर में 37.6 डिग्री, बीकानेर में 36.3 डिग्री व चुरू में 35.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम केंद्र (जयपुर) के अनुसार राज्य में एक नए पश्चिम विक्षोभ का असर शनिवार को शुरू हो गया। इसके असर से शनिवार शाम कई जगह हल्के बादल छा गए और हवा चली जिससे लोगों को राहत मिली। केंद्र के अनुसार 15 मार्च को जयपुर, भरतपुर, संभाग एवं शेखावाटी क्षेत्र के जिलों के उत्तरी भागों तथा गंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों एवं आसपास के क्षेत्र में कहीं-कहीं बादल गरजने तथा बूंदाबांदी होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं अचानक 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    केंद्र का कहना है कि एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 18-20 मार्च के दौरान सक्रिय होने तथा कहीं-कहीं 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने एवं बारिश होने की संभावना है। राज्य में आगामी एक सप्ताह अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे दर्ज होने से ‘लू’ से राहत बने रहने की संभावना है।

  • एमपी में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 39 डिग्री पार, 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना

    एमपी में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 39 डिग्री पार, 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना


    भोपाल । मध्य प्रदेश में इस साल मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि मौसम अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है और कई शहरों में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई गई है। गुरुवार को नर्मदापुरम में इस सीजन में पहली बार तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जिससे गर्मी का असर साफ नजर आया।
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी शुरू होती है, लेकिन इस बार मौसम का ट्रेंड बदल गया है। पिछले दस वर्षों में 15 मार्च के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि इस बार महीने की शुरुआत में ही पारे में उछाल आ गया है। प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के शहर फिलहाल सबसे ज्यादा गर्मी झेल रहे हैं। इन इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है।

    प्रदेश में फिलहाल किसी बड़े मौसमीय सिस्टम का प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। हालांकि पूर्वी हिस्से से एक टर्फ लाइन गुजर रही है और साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है, लेकिन इसका मध्य प्रदेश के मौसम पर खास असर नहीं पड़ रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आसमान साफ रहने के कारण सूरज की तेज किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं, जिससे दिन में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है।

    गुरुवार को प्रदेश के पांच बड़े शहरों में से चार इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर—में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि भोपाल में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा छतरपुर के खजुराहो में 36.8 डिग्री, धार में 36.6 डिग्री, दमोह, सागर और श्योपुर में 36.4 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री तथा गुना और टीकमगढ़ में 36 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। शाजापुर, मंडला और सतना में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा। वहीं रात के समय भी तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार अप्रैल और मई के दौरान प्रदेश में 15 से 20 दिनों तक लू चल सकती है। इन दो महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा।

  • MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

    MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम फिर करवट लेने वाला है। बुधवार को प्रदेश के 22 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। इसमें इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कई जिले शामिल हैं। मंगलवार रात रतलाम के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे राज्य में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा।

    बुधवार को बारिश की संभावना वाले जिले

    इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रहेंगे। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम प्रभावित होगा। बुधवार को ज्यादा जिलों में असर दिखेगा और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    गुरुवार को भी असर

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। इसके बाद सिस्टम कमजोर हो जाएगा और बारिश का अलर्ट समाप्त हो जाएगा। फरवरी के शुरुआत में प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा था, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया गया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश और आंधी देखने को मिलेगी।

    रात और सुबह ठंड
    वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी जारी है। रात और सुबह ठंड का असर रहेगा। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा। 18 फरवरी को 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट। कुछ जगहों पर आंधी भी चल सकती है। 19 फरवरी को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में सिस्टम का असर दिखेगा। सिस्टम के असर से पहले प्रदेश में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। सोमवार-मंगलवार की रात में कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा (8 डिग्री)। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में रात का तापमान

    भोपाल: 14 डिग्री
    इंदौर: 16.8 डिग्री
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन: 16.2 डिग्री
    जबलपुर: 13.1 डिग्री
    दिन के समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा, जिससे मौसम में गर्माहट का असर भी हुआ।
  • देश में आज फिर करवट लेगा मौसम… इन राज्यों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ

    देश में आज फिर करवट लेगा मौसम… इन राज्यों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ


    नई दिल्ली।
    देश में एक बार फिर मौसम करवट (Weather change) लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज उत्तर भारत (North India) में तीन पश्चिमी विक्षोभों (Western disturbances) का प्रभाव रहेगा। इसके चलते 31 जनवरी और 1 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश (Rain) होगी। बर्फबारी होने की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में छिटपुट से भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 1-2 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की-मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    सुबह के समय पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में घना कोहरा बना रहेगा, जो दृश्यता प्रभावित करेगा। न्यूनतम तापमान में अगले कुछ दिनों में 3-5 डिग्री की वृद्धि संभव है, लेकिन ठंड बनी रहेगी। 2 से 3 फरवरी तक मौसम की गतिविधि थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन उत्तर-पश्चिमी राज्यों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी कम होगी, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम साफ होने लगेगा। पूर्वी और दक्षिणी भारत (जैसे बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल) में मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहेगा, केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश संभव है।


    इन राज्यों में बारिश होने के आसार

    गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 2 फरवरी तक हल्की बारिश हो सकती है। कोहरा अब कम होगा और तापमान में स्थिरता आएगी। 4 फरवरी को मौसम सामान्य रहेगा। अधिकांश राज्यों में आसमान साफ होगा और बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की ठंड बनी रहेगी। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में मौसम सामान्य रहेगा, कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। 5 फरवरी से तीसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे 5 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और पंजाब-हरियाणा में फिर से हल्की-मध्यम बारिश/बर्फबारी शुरू हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में छिटपुट बारिश संभव है।

  • मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगामालवा में ठंड ने तोड़ा 67 साल का रिकॉर्ड

    मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगामालवा में ठंड ने तोड़ा 67 साल का रिकॉर्ड

    भोपाल । मध्यप्रदेश में इस साल सर्दी ने अपने तेवर कुछ अलग ही दिखाए हैं। हवाओं के दिशा परिवर्तन और असामान्य मौसम परिस्थितियों के कारण मालवा अंचल में कड़ाके की ठंड पड़ीजिसने बीते 67 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 18 दिसंबर को इंदौर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गयाजो अब तक का 10वां सबसे कम तापमान रहा।

    मौसम विज्ञानियों के अनुसारइसका मुख्य कारण कश्मीर से सीधे पहुंची उत्तरी ठंडी हवाएं हैं। ये हवाएं प्रतिचक्रवातजेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से और भी तीव्र हो गईं। कश्मीर से आई इन ठंडी हवाओं ने मालवा और आसपास के क्षेत्रों में सर्दी की झोंक को और बढ़ा दियाजिससे इस बार की सर्दी असामान्य रूप से कड़ी हो गई।

    कश्मीर की हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

    मालवासीहोरराजगढ़ और शाजापुर की पट्टी में आमतौर पर पश्चिमी हवाओं का प्रभाव रहता हैजिससे ठंड अधिक तीव्र नहीं होती। लेकिन इस बार पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने प्रतिचक्रवात ने हवाओं की दिशा बदल दी। मौसम विज्ञानी बीएस यादव के अनुसारप्रतिचक्रवात के कारण कश्मीर से आ रही उत्तरी हवाएं मालवा तक पहुंच गईंजिससे तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। इसने इलाके में कड़ी ठंड का माहौल बना दिया।

    जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का असर

    मध्य भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम में अटलांटिक महासागर की ठंडी हवाओं का मिश्रण हो गया। तेज गति से बहने वाली इस जेट स्ट्रीम ने ठंडी हवाओं को जमीन की सतह तक दबायाजिससे ठंड और बढ़ गई। इसके साथ ही कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने भी उत्तरी भारत से ठंडी हवाएं भेजने में भूमिका निभाई। इन सभी घटनाओं ने मिलकर ठंड को तीव्र कर दियाजिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कड़ाके की सर्दी महसूस की गई।

    मावठा और बारिश की संभावना कम

    भोपाल के मौसम विज्ञानी डॉ. अरुण शर्मा के अनुसारफिलहाल प्रदेश में किसी सशक्त पश्चिमी विक्षोभ के आसार नहीं हैं। इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहेगा और मावठा या बारिश की संभावना बहुत कम है। हालांकिउत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक कोहरा छा सकता हैलेकिन इसके बाद मौसम सामान्य होने लगेगा।

    ठंड की समय पर विदाईगर्मी का लंबा दौर

    सेवानिवृत्त मौसम विज्ञानी डॉ. डीपी दुबे का कहना है कि 27 दिसंबर को आने वाला पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहेगा। ऐसे में ठंड सामान्य समय यानी फरवरी मध्य तक विदा हो जाएगी। ठंड की समय पर विदाई का मतलब यह भी है कि गर्मी का मौसम लंबा और ज्यादा तीखा हो सकता है।

    आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार26 दिसंबर से तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगीक्योंकि मालवा की ओर बने प्रतिचक्रवात उत्तरी हवाओं को रोक देगा। 29 दिसंबर को तापमान में फिर हल्की गिरावट हो सकती हैलेकिन 30 दिसंबर के बाद तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होने की संभावना है। जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगा और उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश को छोड़कर बाकी हिस्सों में ठंड सामान्य रहेगी।

    जलवायु परिवर्तन का असर

    भोपाल मौसम केंद्र के वैज्ञानिक एचएस पांडे अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा के दिन घटे हैं और गर्मी के दिन बढ़े हैं। इसी बदलाव के चलते इस बार कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान में असामान्य गिरावट देखने को मिली हैजो कि भविष्य में और अधिक देखने को मिल सकती है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के उतार-चढ़ाव और असामान्य बदलावों में वृद्धि हो रही हैजो किसानों और नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।