94 वर्ष की आयु में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई का निधन, नोएडा स्थित आवास में अंतिम दर्शन।


नई दिल्ली। भारतीय राजनीति की वरिष्ठ और सम्मानित नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का आज सुबह 4 बजे निधन हो गया। 94 वर्ष की आयु में उनकी यह विदाई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण हुई। उन्हें 8 अप्रैल को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। उनका पार्थिव शरीर नोएडा स्थित उनके आवास में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जिसके बाद आज शाम 5 बजे उन्हें निजामुद्दीन स्थित शवदाह गृह में सुपर्द-ए-खाक किया जाएगा।

मोहसिना किदवई का जन्म 1 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हुआ था। उन्होंने कम उम्र में ही राजनीति में कदम रखा और राज्य स्तर से राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने कई बार लोकसभा सदस्य के रूप में उत्तर प्रदेश के मेरठ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और बाद में 2004 से 2016 तक छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की सदस्य रहीं। अपने राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई और नीति निर्माण में योगदान दिया।

मोहसिना किदवई ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में कई केंद्रीय मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। उनके मंत्रालयों में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, परिवहन और शहरी विकास शामिल थे। उनके नेतृत्व में इन क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों का कार्यान्वयन हुआ।

कांग्रेस पार्टी में उनका योगदान भी उल्लेखनीय रहा। वे कांग्रेस वर्किंग कमेटी की सदस्य रहीं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव के रूप में पार्टी संगठन और रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवा नेताओं को मार्गदर्शन दिया और पार्टी के निर्णयों एवं नीतियों के निर्माण में सक्रिय योगदान दिया।

मोहसिना किदवई की राजनीतिक यात्रा लंबी और प्रभावशाली रही। उन्होंने हमेशा महिला और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता दी। उनकी नीति और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें पार्टी और संसद में एक विशिष्ट स्थान दिलाया। उनकी अचानक विदाई से भारतीय राजनीति और कांग्रेस पार्टी एक सम्मानित नेता को खो चुकी है।