सोमी अली और जेबा बख्तियार के बीच असली दोस्ती और सम्मान का रिश्ता रहा..


नई दिल्ली:90 के दशक का बॉलीवुड मीडिया और फैंस के लिए एक ऐसा दौर था, जब फिल्मी सितारों की जिंदगी के बारे में केवल मैगजीन और अखबार ही जानकारी देते थे। सोशल मीडिया के आज के दौर से बिल्कुल अलग उस समय, जो छपता वही सच माना जाता था और सितारों के रिश्तों को अक्सर अलग रंग देकर पेश किया जाता था। इसी समय की यादें साझा करते हुए अभिनेत्री सोमी अली ने हाल ही में एक थ्रोबैक पोस्ट के जरिए बताया कि कैसे उन्हें और जेबा बख्तियार को लेकर मीडिया ने झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश की थी।

सोमी अली ने बताया कि 1993 में उनकी पहली मुलाकात जेबा बख्तियार से हुई थी। दोनों ही पाकिस्तान में जन्मीं थीं, लेकिन सोमी का पालन-पोषण अमेरिका में हुआ। मीडिया ने इसी समानता को आधार बनाकर उनके बीच प्रतिस्पर्धा और टकराव की खबरें छापीं, लेकिन हकीकत इससे पूरी तरह अलग थी। असल जिंदगी में उनके बीच कभी कोई राइवलरी नहीं थी। बल्कि दोनों के बीच सम्मान और समझ का रिश्ता था। सोमी ने बताया कि वह उस पहली मुलाकात को आज भी सकारात्मक अनुभव के रूप में याद करती हैं और जेबा के लिए उनके मन में गहरी इज्जत है।

सोमी अली ने जेबा बख्तियार की खूब तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहद खूबसूरत और अच्छी इंसान हैं और हमेशा खुश रहें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मीडिया की बनाई कहानी कभी सफल नहीं हुई, क्योंकि असल जिंदगी में उनके बीच मित्रता और सहयोग का रिश्ता था। इस खुलासे ने 90 के दशक की फिल्मी दुनिया की मीडिया कल्चर और फैन्स तक पहुंचने वाली कहानियों की सच्चाई को उजागर किया।

जेबा बख्तियार की फिल्मी पहचान की बात करें तो उन्होंने 1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘हिना’ से लोकप्रियता हासिल की थी। इस फिल्म में उनके साथ ऋषि कपूर और अश्विनी भावे नजर आए थे और निर्देशन रणदीर कपूर ने किया था। भारत-पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर बनी इस प्रेम कहानी को दर्शकों ने काफी सराहा।

इस किस्से ने यह साबित किया कि सोशल मीडिया से पहले मीडिया की बनाई अफवाहें और टैब्लॉइड कहानियां कितनी प्रभावशाली और कभी-कभी भ्रामक हो सकती थीं। आज के दौर में फैंस सीधे अपने पसंदीदा सितारों से जुड़ सकते हैं, लेकिन उस समय सच्चाई जानने का कोई दूसरा साधन उपलब्ध नहीं था।