हम एक ठो गलती काम किए… बंगाल में पीएम मोदी को 10 रुपये की झालमुड़ी खिलाने वाले को किस बात का मलाल है?

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के झारग्राम शहर में झालमुड़ी की दुकान लगाने वाले विक्रम ने सपने भी नहीं सोचा था कि एक दिन देश के प्रधानमंत्री उसके पास 10 रुपये की झालमुड़ी खाने आएंगे. अब वह काफी खुश हैं. पीएम ने उनसे 10 मिनट तक बातचीत की. वीडियो टीवी चैनलों पर छाया हुआ है. सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है.
आम ग्राहकों की तरह दुकानदार विक्रम ने पीएम से यह भी पूछा कि आप प्याज तो खाते हैं न? हालांकि उसे अब एक बात का मलाल है.

पीएम के जाने के बाद मीडिया ने उसे घेर लिया. विक्रम ने बताया कि पीएम जब आए थे तब क्या-क्या बातचीत हुई. झालमुड़ी वाले ने बताया कि पीएम ने कहा झालमुड़ी बनाओ. मैं पैसे नहीं मांग रहा था, लेकिन वह बोले कि नहीं-नहीं कितना हुआ? फिर पैसा हम रख लिए. मेरी मम्मी और पापा का नाम पूछे. पूछे कि कहां के रहने वाले हैं. मैंने कहा कि मैं बिहार का हूं. बोले- बिहार में कहां? मैंने बताया कि गया का हूं. मैंने बताया कि गरीबी के कारण 9वीं तक ही पढ़ पाया. पीएम ने पूछा कि कितने का रोजगार कर लेते हो. दुकानदार विक्रम साव ने बताया हजार-1200 रुपये का.
झालमुड़ी वाले को मलाल किस बात का है?

हां, विक्रम ने बताया कि पीएम ने कुछ भी राजनीतिक बातचीत नहीं की.

आगे उन्होंने अफसोस या कहिए इस बात का मलाल जाहिर किया कि वह यही गलती कर गए कि कोई सिग्नेचर (पीएम का) नहीं लिए. विक्रम बोले, ‘हम एक ठो यही गलती काम किए. कोई सिग्नेचर-उग्नेचर नहीं लिए.’

आगे आप वीडियो में देखिए कि पीएम कैसे झालमुड़ी की दुकान पर आते हैं, ऑर्डर करते हैं, प्याज के लिए दुकानदार पूछता है, पीएम 10 रुपये देते हैं और बाद में दुकानदार की तारीफ करने के साथ ही महिलाओं के साथ झालमुड़ी बांटकर खाते हैं.

विक्रम के पिता का नाम उत्तम और माता का नाम सुनीता देवी है. उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री मेरी दुकान में आए, मसाला-मुड़ी खाए, यही बड़ी बात है.

हां, वीडियो के आखिर में देखिए. पीएम बगल में खड़ी एक महिला को झालमुड़ी खिलाने के लिए हाथ पर रखते हैं. वह प्रणाम की मुद्रा में झालमुड़ी लेती हैं और कहती हैं कि प्रसाद है सर. इसके बाद वह झालमुड़ी को अपने सिर पर चढ़ा लेती हैं. इसी तरह आसपास खड़ी महिलाएं पीएम के हाथों झालमुड़ी खाकर काफी खुश दिखीं.