जनगणना में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: 289 कर्मचारियों को नोटिस, FIR तक की चेतावनी


नई दिल्ली।  इंदौर में जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निगम कमिश्नर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी क्षितिज सिंघल ने कुल 289 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
यह कार्रवाई उन कर्मचारियों के खिलाफ की गई है जो 1 मई से लगातार सूचना दिए जाने के बावजूद ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कहा है कि यह मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है।
 सख्त कार्रवाई की चेतावनी
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है। साथ ही जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी तत्काल ड्यूटी पर लौटें और अपना जवाब 4 मई शाम 5:30 बजे तक प्रस्तुत करें। तय समय सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का सख्त संदेश
अधिकारियों ने साफ किया है कि जनगणना कार्य जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह देश की नीतियों और योजनाओं के लिए बेहद जरूरी डेटा संग्रह प्रक्रिया है।

इंदौर प्रशासन की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी कार्यों में अनुशासन सर्वोपरि है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कर्मचारी समय पर जवाब देते हैं या उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होती है।