बांग्लादेश तुर्की से खरीदने जा रहा सिरिट लेजर मिसाइल

ढाका। भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई तल्खी के बीच ढाका अपनी सैन्य क्षमता को तेजी से मजबूत कर रहा है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के नेतृत्व में बांग्लादेश ने तुर्की का रुख किया है और सिरिट (Cirit) लेजर-गाइडेड मिसाइलों खरीदने का फैसला लिया है। ये ‘स्मार्ट’ मिसाइलें, जो पहले से बांग्लादेश के ड्रोनों और आने वाले हमलावर हेलीकॉप्टरों पर एकीकृत हैं, आधुनिक युद्ध में सटीक हमलों की क्षमता बढ़ाएंगी। दरअसल, शेख हसीना के कार्यकाल के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंध मजबूत हुए हैं। पाकिस्तान पहले से ही तुर्की से बड़े पैमाने पर हथियार खरीदता है।

गौरतलब है कि बांग्लादेश ने तुर्की से बायराकटार टीबी-2 ड्रोन पहले ही खरीद लिए हैं, जिनका उपयोग भारतीय सीमा की निगरानी में हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रक्षा मंत्रालय की निविदा प्रक्रिया के बावजूद तुर्की की सिरिट मिसाइल प्रणाली चुने जाने की संभावना मजबूत है। तुर्की की कंपनी रोकेत्सन द्वारा निर्मित यह मिसाइल सटीक और किफायती है, जिसे हमलावर हेलीकॉप्टरों पर भी लगाया जा सकता है। यह स्थिर और गतिशील दोनों लक्ष्यों को नष्ट कर सकती है, जिसमें बख्तरबंद और गैर-बख्तरबंद वाहन शामिल हैं।

अब सवाल है कि सिरिट मिसाइल का भारत पर क्या असर हो सकता है? दरअसल, यह मिसाइल छोटे रॉकेट और निर्देशित टैंक-रोधी मिसाइलों के बीच की कमी को पूरा करती है। निर्माता के अनुसार, इसे विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर आसानी से लगाया जा सकता है। बांग्लादेशी रक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह देश की सैन्य जरूरतों के लिए आदर्श है। ड्रोन और हमलावर हेलीकॉप्टरों पर इसका परीक्षण हो चुका है। इन मिसाइलों से बांग्लादेश वायु सेना भारत के निकट चटगांव पहाड़ी क्षेत्र में दुश्मन ठिकानों को निशाना बना सकती है।

इतना ही नहीं, बांग्लादेश तुर्की से छह टी-129 अटैक हमलावर हेलीकॉप्टर खरीदने की बातचीत कर रहा है। भविष्य में देश शक्तिशाली चौथी पीढ़ी के यूरोफाइटर जेट हासिल करना चाहता है।