महिला टी20 विश्व कप की सबसे अनुभवी सितारे: उम्र को मात देकर मैदान में चमकीं ये दिग्गज खिलाड़ी


नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत 12 जून से इंग्लैंड में होने जा रही है। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ियों पर टिकी हैं। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में जहां युवा प्रतिभाएं अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं, वहीं कई अनुभवी खिलाड़ियों ने भी वर्षों तक अपने प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता से महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। पिछले संस्करणों में कुछ ऐसी खिलाड़ी भी मैदान पर उतरीं जिन्होंने उम्र को महज एक संख्या साबित करते हुए शानदार खेल का प्रदर्शन किया।

इस सूची में सबसे ऊपर श्रीलंका की तेज गेंदबाज उदेशिका प्रबोधनी का नाम आता है। उन्होंने महिला टी20 विश्व कप 2024 में 40 वर्ष की आयु में हिस्सा लिया था। प्रबोधनी लंबे समय तक श्रीलंका की गेंदबाजी आक्रमण की अहम कड़ी रहीं और देश के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में योगदान दिया। अपने अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर में उन्होंने 100 से अधिक मैच खेलते हुए 84 विकेट हासिल किए। हालांकि, आगामी विश्व कप के लिए उन्हें श्रीलंकाई टीम में जगह नहीं मिली है।

श्रीलंका की ही अनुभवी स्पिन गेंदबाज इनोका रणवीरा इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। रणवीरा ने 2024 के विश्व कप में 38 वर्ष की उम्र में हिस्सा लिया था। उन्होंने अपने करियर में 90 से अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलते हुए लगभग 100 विकेट हासिल किए हैं। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और दबाव में गेंदबाजी करने की क्षमता ने श्रीलंका को कई महत्वपूर्ण मौकों पर सफलता दिलाई।

न्यूजीलैंड की स्टार बल्लेबाज सूजी बेट्स भी महिला क्रिकेट की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2024 के टी20 विश्व कप में उन्होंने 37 वर्ष की आयु में हिस्सा लिया और अपने शानदार प्रदर्शन से टीम को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बेट्स लंबे समय से न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट की पहचान रही हैं और उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि 2026 विश्व कप के बाद वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई ले सकती हैं।

वेस्टइंडीज की अनुभवी स्पिनर एफी फ्लेचर भी 37 वर्ष की उम्र में टी20 विश्व कप का हिस्सा रही थीं। फ्लेचर को उनकी प्रभावी स्पिन गेंदबाजी और मैच का रुख बदलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। कैरेबियाई टीम की सफलता में उनका योगदान लगातार महत्वपूर्ण रहा है और वह आज भी टीम की प्रमुख गेंदबाजों में गिनी जाती हैं।

भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने 2024 के विश्व कप में 35 वर्ष की आयु में भाग लिया था। हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक मानी जाती हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई यादगार जीत दर्ज की हैं। हालांकि, 2024 विश्व कप भारतीय टीम के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। इसी आयु वर्ग में न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन भी शामिल रही थीं।

ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर एलिसा पेरी ने 33 वर्ष की आयु में 2024 विश्व कप खेला था। महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार पेरी के नाम विश्व कप में सबसे अधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में ऑस्ट्रेलिया को कई बड़ी सफलताएं दिलाई हैं।

इन खिलाड़ियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि अनुभव, फिटनेस और समर्पण के दम पर खिलाड़ी लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन कर सकते हैं। महिला क्रिकेट के विकास में इन दिग्गज खिलाड़ियों का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।